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Friday, May 22, 2026

’स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ के उत्पादों को बाजार देने के लिए हर महीने लगेंगे विशेष मेले - रजनी कांथन’

’स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ के उत्पादों को बाजार देने के लिए हर महीने लगेंगे विशेष मेले - रजनी कांथन’

’वित्त विभाग के आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की समीक्षा बैठक’
चण्डीगढ- हरियाणा के वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा नाबार्ड के निदेशक मंडल के सदस्य सी.जी. रजनी कांथन ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर किसी उपयुक्त स्थान पर राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक द्वारा समर्थित स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों के उत्पादों की सीधी बिक्री के लिए हर महीने विशेष वन-डे स्पेशल सेल ड्राइव और मेलों का आयोजन किया जाएगा। 

आयुक्त एवं सचिव सी.जी. रजनी कांथन वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से  आयोजित बैठक में इस कार्य योजना की समीक्षा कर रहे थे। जिले में इन योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक तैयारियों का पूरा खाका प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप ग्रामीण समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण और विशेषकर महिलाओं की आजीविका को एक स्थायी और सुदृढ़ मॉडल में बदलने के लिए यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने बताया कि नाबार्ड पिछले चार दशकों से हरियाणा के विकास में एक मजबूत भागीदार रहा है, जिसने ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत बीते पांच वर्षों में ही राज्य को करीब 7,840 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास, विपणन, प्रदर्शनियों और भौगोलिक संकेतक (जीआई) सपोर्ट के लिए 14.64 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान सहायता दी गई है।

उन्होंने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ के सदस्यों के सामने आने वाली सबसे चुनौतियों को दूर करना है। जिला प्रशासन इस जनहितैषी योजना को धरातल पर लागू करने के लिए मुस्तैदी से पूरी तैयारी करे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर ऐसे उपयुक्त एवं मुख्य स्थानों का चयन किया जाए, जहां आम जनता की आवाजाही सबसे अधिक हो, ताकि इन मेलों में आने वाले ग्रामीण कारीगरों और किसानों को अधिकतम ग्राहक मिल सकें।

 उन्होंने कहा कि इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक को प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया है, जो हर आयोजन के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर सभी लॉजिस्टिकल व्यवस्थाएं संभालेंगे। नागरिक इन मासिक मेलों में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद कर और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगें।

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