चंडीगढ़ : हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शामिल जिलों को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं और अटकलों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूरी तरह विराम लगा दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश का कोई भी जिला NCR क्षेत्र से बाहर नहीं किया जाएगा और वर्तमान व्यवस्था को यथावत रखा जाएगा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की उच्च स्तरीय बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। राज्य के जो जिले वर्तमान में NCR क्षेत्र का हिस्सा हैं, वे आगे भी इसी दायरे में बने रहेंगे। सरकार फिलहाल NCR की सीमाओं में किसी प्रकार का बदलाव करने के पक्ष में नहीं है।
दरअसल, पिछले कुछ समय से यह चर्चा तेज थी कि दिल्ली से अधिक दूरी पर स्थित हरियाणा के कुछ जिलों को NCR क्षेत्र से बाहर किया जा सकता है। इस संभावना ने स्थानीय लोगों, उद्योग जगत और जनप्रतिनिधियों के बीच चिंता पैदा कर दी थी। NCR क्षेत्र में शामिल होने से संबंधित जिलों को आधारभूत ढांचे के विकास, बेहतर परिवहन नेटवर्क, औद्योगिक निवेश, रोजगार के अवसर और शहरी सुविधाओं का विशेष लाभ मिलता है।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश के NCR जिलों को पूर्व की भांति विकास योजनाओं और क्षेत्रीय सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और संबंधित जिलों में विकास की गति को भी बल मिलेगा।
NCR क्षेत्र देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और शहरी विकास क्षेत्रों में से एक माना जाता है। ऐसे में इसकी सीमाओं में किसी भी बदलाव का सीधा प्रभाव लाखों लोगों, उद्योगों और विकास परियोजनाओं पर पड़ सकता है। यही कारण है कि NCR से जुड़े मुद्दे हमेशा संवेदनशील माने जाते हैं।
मुख्यमंत्री नायब सैनी के इस स्पष्ट संदेश के बाद अब उन तमाम अटकलों का अंत हो गया है, जिनमें हरियाणा के कुछ जिलों को NCR से बाहर किए जाने की बात कही जा रही थी। साथ ही प्रदेश के लोगों, उद्योगों और निवेशकों को स्थिरता और विश्वास का संदेश भी मिला है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार NCR क्षेत्र में विकास परियोजनाओं, कनेक्टिविटी और निवेश को बढ़ावा देने के लिए आगे कौन-कौन से नए कदम उठाती है।
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