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Wednesday, March 18, 2026

March 18, 2026

रेवाड़ी में कृषि भवन का निर्माण जल्द ही किया जाएगा : श्याम सिंह राणा

रेवाड़ी में कृषि भवन का निर्माण जल्द ही किया जाएगा : श्याम सिंह राणा 
चंडीगढ़- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि रेवाड़ी में कृषि भवन का निर्माण जल्द ही किया जाएगा।

 श्री राणा आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का ज़वाब दे रहे थे।

 श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने गत 15 जून 2025 को रेवाड़ी में कृषि भवन बनाने की घोषणा की थी। पहले इसके लिए जिस भूमि पर कृषि भवन का निर्माण प्रस्तावित था , उसका मालिकाना हक पुनर्वास विभाग के नाम पर था। अब इस भूमि का मालिकाना हक पुनर्वास विभाग से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया है।

 उन्होंने आगे बताया कि वास्तुकला विभाग से उक्त भवन के ड्राइंग और डिजाइन बनाने हेतु अनुरोध किया गया है , इनके तैयार होते ही जल्द से जल्द टेंडर लगा कर भवन निर्माण की आगे की कार्रवाई की जाएगी।
March 18, 2026

पॉलीक्लिनिक भवन, सैक्टर-2, फरीदाबाद के निर्माण का कार्य लगभग 80 प्रतिशत किया जा चुका है : कृष्ण बेदी

पॉलीक्लिनिक भवन, सैक्टर-2, फरीदाबाद के निर्माण का कार्य लगभग 80 प्रतिशत किया जा चुका है : कृष्ण बेदी 
चण्डीगढ - हरियाणा के अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्री कृष्ण बेदी ने बताया कि पॉलीक्लिनिक भवन, सैक्टर-2, फरीदाबाद के निर्माण का कार्य लगभग 80 प्रतिशत किया जा चुका है। शेष कार्य प्रगति पर है तथा इसे 30 जून, 2026 तक पूर्ण कर लिए जाने की संभावना है।

 श्री कृष्ण बेदी आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक श्री मूलचंद शर्मा द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

 उन्होंने सदन को इस बात से भी अवगत करवाया कि उपरोक्त भवन का निर्माण कार्य कार्यकारी अभियंता, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, मण्डल-1, फरीदाबाद द्वारा कार्यालय पत्र संख्या 4509अनुसार 28 जुलाई,2023 द्वारा आवंटित किया गया था।
March 18, 2026

सैकेण्डरी की 25 मार्च एवं सीनियर सैकेण्डरी की 30 व 31 मार्च को संचालित होगी रद्द हुए विषयों की पुन: परीक्षा -बोर्ड अध्यक्ष

सैकेण्डरी की 25 मार्च एवं सीनियर सैकेण्डरी की 30 व 31 मार्च को संचालित होगी रद्द हुए विषयों  की पुन: परीक्षा -बोर्ड अध्यक्ष
भिवानी : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित करवाई गई सैकेण्डरी व सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक) परीक्षा मार्च-2026 में कुछ परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा की पवित्रता भंग होने के कारण रद्द विषयों की पुन: परीक्षा सैकेण्डरी की 25 व सीनियर सैकेण्डरी की 30 व 31 मार्च को दोपहर 12:30 से सायं 03:30 बजे तक संचालित करवाई जाएगी।  इन परीक्षाओं में 968 परीक्षार्थी भाग लेंगे।
सैकेण्डरी परीक्षा के रद्द हुए विषयों की पुन: परीक्षा के लिए केंद्र परीक्षा की पवित्रता भंग होने के कारण सैकेण्डरी परीक्षा के रद्द किए गए विषयों की पुन: परीक्षा 25 मार्च, 2026 को करवाई जाएगी। विस्तृत जानकारी देते हुए बोर्ड अध्यक्ष डॉ० पवन कुमार ने बताया कि जिला चरखी-दादरी के परीक्षा केंद्र रा.क.व.मा.वि., रानीला-02 की गणित(आधार/मानक) विषय की 26 फरवरी की रद्द हुई परीक्षा अब रा.क.व.मा.वि., नजदीक काठ मंडी, चरखी-दादरी-02(बी-1) परीक्षा केंद्र पर तथा जिला-जीन्द के परीक्षा केन्द्र पीएसपीएम व.मा.वि.,झमोला परीक्षा केंद्र की हिन्दी विषय की 28 फरवरी की रद्द हुई परीक्षा अब रा.क.व.मा.वि., जुलाना-01(बी-1) परीक्षा केंद्र पर 25 मार्च, 2026 को दोपहर 12:30 से सायं 03:30 बजे तक संचालित करवाई जाएगी।
सीनियर सैकेण्डरी परीक्षा के रद्द हुए विषयों की पुन: परीक्षा के लिए केंद्र
  इस प्रकार सीनियर सैकेण्डरी परीक्षा के रद्द किए गए विषयों की पुन: परीक्षा 30 व 31 मार्च, 2026 को संचालित करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला-झज्जर के परीक्षा केन्द्र रा.व.मा.वि., लडरावन की इतिहास व जीव विज्ञान विषय की 06 मार्च की रद्द हुई परीक्षा अब परीक्षा केन्द्र रा.क.व.मा.वि., झज्जर-04 (बी-1) एवं जिला पलवल के परीक्षा केन्द्र रा.क.व.मा.वि., अलावलपुर-02(बी-1) की रसायन विज्ञान एवं लेखाकंन विषय की 09 मार्च की रद्द हुई परीक्षा अब परीक्षा केन्द्र डी.जी. खान हिन्दु व.मा.वि., रेलवे रोड, पलवल -04(बी-1)परीक्षा केंद्र पर तथा जिला-चरखी-दादरी के परीक्षा केन्द्र रा.क.व.मा.वि., बाढड़ा-03(बी-1) पर संचालित हुई रसायन विज्ञान की 09 मार्च की रद्द हुई परीक्षा 30 मार्च, 2026 को  एवं  इसी केन्द्र पर 11 मार्च संचालित हुई कंप्यूटर साईंस की रद्द हुई परीक्षा 31 मार्च, 2026 को  दोपहर 12:30 से सायं 03:30 बजे तक पुन: संचालित करवाई जाएगी।
उन्होंने  बताया कि इस संदर्भ में  संबंधित  विद्यालय मुखियाओं को ई-मेल व दूरभाष के माध्यम से भी सूचित कर दिया गया है। परीक्षाओं का समय दोपहर 12:30 बजे से सायं 03:30 बजे तक रहेगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा से 30 मिनट पूर्व अर्थात 12:00 बजे केन्द्र पर पहुँचना होगा। इसके पश्चात् परीक्षार्थियों का केन्द्र में प्रवेश वर्जित रहेगा। परीक्षार्थियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके आस-पास कोई आपत्तिजनक सामग्री तो नहीं है।
उन्होंने आगे बताया कि जिन परीक्षार्थियों की परीक्षाएं रद्द हुई हैं, ऐसे परीक्षार्थी शिक्षा बोर्ड द्वारा पूर्व में जारी किए गए अनुक्रमांक अनुसार ही निर्धारित तिथि व समय पर परीक्षा केन्द्र पर पंहुचना सुनिश्चित करें। सभी नियमित परीक्षार्थी विद्यालय वर्दी में व विद्यालय आई.डी. कार्ड/मूल आधार कार्ड सहित परीक्षा केन्द्र पर आयेगें। परीक्षार्थी अधिक जानकारी हेतु अपने संबंधित विद्यालय में समय रहते संपर्क करें।
March 18, 2026

2500 से अधिक ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों पर सर्वे का कार्य जारी, जल्द मिलेंगे पात्र लाभार्थियों को प्लॉट — कृष्ण लाल पंवार

गरीबों को प्लॉट देने की दिशा में हरियाणा सरकार का बड़ा कदम

2500 से अधिक ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों पर सर्वे का कार्य जारी, जल्द मिलेंगे पात्र लाभार्थियों को प्लॉट — कृष्ण लाल पंवार
चंडीगढ़— हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास लगभग 2500 से अधिक ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को प्लॉट आवंटित करने की मांग की गई है। इन प्रस्तावों के आधार पर सरकार द्वारा सर्वेक्षण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। सर्वे कार्य पूर्ण होते ही पात्र लाभार्थियों को शीघ्र ही प्लॉट आवंटित किए जाएंगे, जिससे गरीब परिवारों के अपने घर का सपना पूरा होगा।

श्री कृष्ण लाल पंवार बुधवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्री आदित्य देवीलाल द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हाउसिंग फॉर ऑल के विजन के अनुरूप गरीब व जरूरतमंदों को आवास उपलब्ध करवाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गांवों में 100 गज, महाग्रामों में 50 गज तथा शहरी क्षेत्रों में 30 गज के प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे।

श्री कृष्ण लाल पंवार ने सदन को बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अंतर्गत वर्ष 2015-16 से लेकर 31 जनवरी, 2026 तक राज्य में 78,257 लाभार्थियों को लाभ पहुँचाया गया है, जिनमें अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों के 24,590 लाभार्थी शामिल हैं। इस दौरान, इन अनुसूचित जाति/पिछड़े वर्गों के लाभार्थियों को लाभार्थी आधारित निर्माण और क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना घटकों के अंतर्गत 586.20 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की गई।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत, 2014-15 से जनवरी 2026 तक राज्य में 1,17,619 लाभार्थियों को लाभ पहुँचाया गया है। जिनमें अनुसूचित जातियों के 63,687 लाभार्थी शामिल हैं। इन लाभार्थियों को घर बनाने के लिए 369.05 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई।
March 18, 2026

नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को पढऩा होगा एक अतिरिक्त अनिवार्य विषय

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत त्रि-भाषाई सूत्र लागू

- नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को पढऩा होगा एक अतिरिक्त अनिवार्य विषय

- बोर्ड प्रकाशित करवाने जा रहा है स्मार्ट पाठ्य पुस्तक, क्यूआर कोड को स्कैन करके विषय को विस्तार से समझ सकेंगे विद्यार्थी  
चंडीगढ़ - हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत त्रि-भाषाई सूत्र लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अनुसार कक्षा 9वीं व 10वीं के विद्यार्थियों को हिन्दी व अंग्रेजी के अलावा एक अन्य भाषा पढऩी होगी, जिसमें संस्कृत/उर्दू/पंजाबी में से किसी एक भाषा को अनिवार्य भाषा के रूप में चयन करना आवश्यक होगा।
इस आशय की विस्तृत जानकारी देते हुए बोर्ड अध्यक्ष डॉ० पवन कुमार ने बताया कि इस निर्णय से विद्यार्थियों के भाषाई कौशल में सुधार होगा और बहुभाषिक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत अब विद्यार्थियों को कुल सात विषयों का अध्ययन करना होगा, जिनमें छ: अनिवार्य एवं एक वैकल्पिक विषय होगा।  उन्होंने आगे कहा कि अगर हरियाणा के विद्यार्थी वैकल्पिक भाषा पढ़ेंगे तो इससे रोजगार के अवसर अन्य प्रदेशों में भी बढ़ेंगे, दूसरे प्रदेशों से अच्छा समन्वय भी स्थापित होगा और प्रदेश में शिक्षा का स्तर भी ऊंचा होगा।  
उन्होंने बताया कि त्रि-भाषाई सूत्र लागू  होने से विद्यार्थियों को कुल छ: अनिवार्य विषयों एवं एक वैकल्पिक विषय सहित कुल सात विषयों का अध्ययन करना होगा और छ: विषयों को पास करने की बाध्यता रहेगी। ऐसे में वर्तमान में प्रचलित बेस्ट फाइव फॉर्मूले के स्थान पर बेस्ट सिक्स फॉर्मूला लागू किया जाएगा। त्रि-भाषाई सूत्र हरियाणा मुक्त विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए भी लागू रहेगा।
उन्होंने आगे बताया कि शारीरिक रूप से अक्षम विद्यार्थियों को वर्तमान में विषय प्रणाली अनुसार अनिवार्य दो भाषाओं में से किसी एक भाषा के चयन में छूट रहेगी। अक्षम विद्यार्थियों के लिए स्थापित विशेष विद्यालयों में इंडियन साइन लैंग्वेज (ISL)पहले से ही काफी सहयोगी व उपयोगी रही है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड देश का पहला ऐसा बोर्ड होगा जो अक्षम विद्यार्थियों के लिए पठन-पाठन में सांकेतिक भाषा अलग से एक विषय के तौर पर लागू करने जा रहा है।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ० पवन कुमार ने आगे बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अब स्मार्ट पाठ्य पुस्तक प्रकाशित करवाने जा रहा है, जिसमें हर पाठ्य पुस्तक के साथ प्रकाशित क्यूआर कोड को स्कैन करके विद्यार्थी विषय को विस्तार से समझ सकेंगे। क्यूआर कोड को स्कैन करते ही विद्यार्थी के मोबाइल पर संबंधित पाठ का लैक्चर वीडियो चल जाएगा।
March 18, 2026

अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने प्राकृतिक खेती को समय की मांग बताया

हरियाणा विधानसभा में प्राकृतिक खेती पर विशेष व्याख्यान, जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किसानों तक पहुंचेगा संदेश

अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने प्राकृतिक खेती को समय की मांग बताया
चंडीगढ़ — हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण ने कहा कि विधानसभा के लिए यह एक विशेष अवसर है कि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व सदन में उपस्थित होकर प्राकृतिक खेती जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार साझा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आचार्य देवव्रत का प्राकृतिक खेती के प्रति न केवल गहरा जुड़ाव है, बल्कि इस दिशा में उनका योगदान भी अत्यंत उल्लेखनीय रहा है। वे वर्षों से देशभर में प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं और किसानों को प्रकृति के सिद्धांतों के अनुरूप खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
श्री हरविंदर कल्याण ने कहा कि हरियाणा एक कृषि प्रधान प्रदेश है, ऐसे में प्राकृतिक खेती का महत्व और भी बढ़ जाता है। राज्य के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है और धान-गेहूं आधारित खेती के कारण जल संसाधनों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय की मांग है कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से मिट्टी, जल, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की रक्षा करते हुए एक संतुलित कृषि प्रणाली विकसित की जाए।

उन्होंने अपने गुजरात प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी के साथ उनकी विस्तृत चर्चा हुई। आचार्य देवव्रत द्वारा प्रस्तुत प्राकृतिक खेती के मॉडल और डॉक्यूमेंट्री को देखकर इस विषय की उपयोगिता को करीब से समझने का अवसर मिला। इसी दौरान उन्होंने राज्यपाल को हरियाणा विधानसभा में आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।
श्री कल्याण ने कहा कि आज के व्याख्यान से सभी विधायकों को प्राकृतिक खेती के बारे में गहन जानकारी प्राप्त हुई है। कई सदस्यों ने रुचि के साथ अपने प्रश्न भी रखे, जिनका राज्यपाल महोदय ने विस्तार से उत्तर दिया।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से यह संदेश किसानों तक पहुंचेगा और वे समय की मांग के अनुरूप खेती में बदलाव लाते हुए प्राकृतिक खेती को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्राकृतिक खेती को एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि इसका संबंध केवल खान-पान से ही नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य से भी है। उन्होंने चिंता जताई कि रासायनिक खेती के कारण बीमारियां बढ़ रही हैं और अब समय है कि प्रकृति के करीब लौटते हुए प्राकृतिक खेती को अपनाया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि खेती लाभदायक बन सके और किसान इसे अपनाने के लिए प्रेरित हों।
March 18, 2026

डीआईजी वीरेंद्र विज, आईपीएस (RTC भोंडसी, गुरुग्राम) की अध्यक्षता में फतेहाबाद में उच्चस्तरीय अपराध गोष्ठी आयोजित

*डीआईजी  वीरेंद्र विज, आईपीएस (RTC भोंडसी, गुरुग्राम) की अध्यक्षता में फतेहाबाद में उच्चस्तरीय अपराध गोष्ठी आयोजित*

*– पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन, आईपीएस व एएसपी दिव्यांशी सिंगला, आईपीएस सहित सुपरवाइजरी अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था, नशा नियंत्रण व अपराध समीक्षा पर फोकस*
फतेहाबाद - जिला फतेहाबाद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा नशा तस्करी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीआईजी श्री वीरेंद्र विज, आईपीएस (RTC भोंडसी, गुरुग्राम) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह गोष्ठी एनजीओ मेस फतेहाबाद में आयोजित हुई, जिसमें पुलिस अधीक्षक  सिद्धांत जैन, आईपीएस, एएसपी दिव्यांशी सिंगला, आईपीएस सहित अन्य सुपरवाइजरी अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, आपराधिक गतिविधियों, लंबित मामलों तथा नशा तस्करी से जुड़े प्रकरणों की बारीकी से समीक्षा की गई।
     अपराध गोष्ठी के दौरान डीआईजी  वीरेंद्र विज, आईपीएस ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कानून व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखें तथा सक्रिय अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों व संगठित गिरोहों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करें। उन्होंने नशा तस्करी को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि इस पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के लिए इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई को और मजबूत किया जाए तथा नशा सप्लाई चेन को जड़ से समाप्त किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नशा तस्करों की संपत्ति की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि अपराधियों में सख्त संदेश जाए।
     इसके साथ ही चोरी, लूट, वाहन चोरी, साइबर अपराध व अन्य संगीन मामलों में त्वरित, प्रभावी एवं पेशेवर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लंबित मामलों के शीघ्र निपटान, वांछित आरोपियों की धरपकड़ तथा अपराधों की रोकथाम के लिए निरंतर विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
     बैठक में पुलिस अधीक्षक  सिद्धांत जैन, आईपीएस ने जिले में चल रहे नशा विरोधी अभियानों एवं अन्य पुलिस पहलों की प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आमजन के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करें और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान तेज करें। उन्होंने कहा कि पुलिस की सक्रियता, पारदर्शिता और टीम वर्क से ही अपराधों एवं नशे पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
    अंत में डीआईजी  वीरेंद्र विज, आईपीएस ने सभी अधिकारियों को निष्ठा, अनुशासन और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले में शांति, कानून व्यवस्था और जनविश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि नशा तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निरंतर सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
March 18, 2026

फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के मामले में हथियार सहित दो आरोपी गिरफ्तार

फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के मामले में हथियार सहित दो आरोपी गिरफ्तार ।*
 
जींद : पुलिस अधीक्षक जींद श्री कुलदीप सिंह भा.पु.से. के कुशल दिशा-निर्देशन में जिला जींद में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सिविल लाइन जींद पुलिस ने  गांव पाडू पिण्डारा में हुए फायरिंग व जानलेवा हमला करने  के मामले में  हथियार सहित  दो आरोपियों को काबू करने में सफलता हासिल कि है । 

थाना सिविल लाईन जींद कि प्रभारी पीएसआई पूजा ने जानकारी देते हुए बताया कि  दिनांक 15 मार्च 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि गांव पिण्डारा में दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया है, जिसमें फायरिंग भी हुई  है । सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची तो सामने आया कि आपसी रजिंश के कारण मनजीत व महेन्द्र वासियान पाण्डू पिण्डारा ने बलवान वासी पाण्डू पिण्डारा पर जानलेवा हमला कर दिया पुलिस ने मामले कि गभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाईन जींद में धारा 109,190,191(3),333,351(2) बीएनएस व 25/54/59 शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके दिनांक 17.03.2026 को आरोपी मनजीत व महेंद्र  वासियान पाण्डू पिण्डारा को नियमानुसार गिरफ्तार किया जाकर वारदात में प्रयोग किया गया पिस्तौल .32 बोर बरामद किया गया  तथा दोनो आरोपियों को माननीय अदालत में पेश करके एक दिन का पुलिस हिरासत रिमाण्ड हासिल करके  आगामी कार्यवाही नियमानुसार अमल में लाई जा रही है । 
जींद पुलिस  आमजन से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
March 18, 2026

ईआरएसएस-112 संचार अधिकारियों हेतु मानसिक स्वास्थ्य संकट प्रबंधन पर प्रशिक्षण आयोजित

ईआरएसएस-112 संचार अधिकारियों हेतु मानसिक स्वास्थ्य संकट प्रबंधन पर प्रशिक्षण आयोजित
चंडीगढ़ - ईआरएसएस-112 के संचार अधिकारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य संकट प्रबंधन पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण सत्र प्रतिष्ठित मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ब्रह्मदीप, डॉ. एम.पी. शर्मा तथा सिविल अस्पताल, पंचकूला की मनोवैज्ञानिक सामाजिक कार्यकर्ता अंकिता चौधरी ने मुख्य भूमिका निभाई।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य 112 संचार अधिकारियों की क्षमता को सुदृढ़ करना था, ताकि वे आत्महत्या, आत्म-क्षति, अवसाद एवं तनाव से जुड़े मामलों जैसे मानसिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों को प्रभावी ढंग से संभाल सकें। चूंकि ये अधिकारी संकट की स्थिति में प्रथम संपर्क बिंदु होते हैं, इसलिए उन्हें संवेदनशीलता, सहानुभूति और पेशेवर तरीके से प्रतिक्रिया देने हेतु व्यावहारिक कौशल प्रदान किए गए।

प्रशिक्षण के दौरान "कॉल के दौरान मौखिक संकेतों के माध्यम से आत्महत्या एवं आत्म-क्षति के चेतावनी संकेतों की पहचान करने" , सक्रिय सुनने (Active Listening) एवं डी-एस्केलेशन तकनीकों के माध्यम से तनावग्रस्त कॉलर्स का प्रबंधन करने , फोन पर त्वरित भावनात्मक सहयोग एवं आश्वासन प्रदान करने ,अवसाद, चिंता एवं तनाव जैसी सामान्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की समझ होने , आपातकालीन एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ समयबद्ध समन्वय एवं रेफरल सुनिश्चित करने जैसे प्रमुख बिंदुओं की समझ होने पर बल दिया गया। 

प्रशिक्षण में इंटरैक्टिव अभ्यासों एवं वास्तविक जीवन पर आधारित परिदृश्य (Simulation) शामिल किए गए, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ और उनका आत्मविश्वास बढ़ा।

डॉ. ब्रह्मदीप ने आत्महत्या रोकथाम में प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और संवेदनशील संवाद के महत्व को रेखांकित किया। वहीं अंकिता चौधरी ने मनोसामाजिक हस्तक्षेपों एवं प्रभावी टेलीफोनिक परामर्श तकनीकों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की पहलें आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के साथ-साथ सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
March 18, 2026

विद्यार्थी सकारात्मक सोच, संतुलित दिनचर्या और स्वस्थ संवाद अपनाएं : प्रो दीप्ति हुड्डा

विद्यार्थी सकारात्मक सोच, संतुलित दिनचर्या और स्वस्थ संवाद अपनाएं : प्रो दीप्ति हुड्डा

-एमडीयू के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग में युवाओं की सकारात्मक सोच पर व्याख्यान
रोहतक :  महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में युवाओं में सकारात्मक भावनाओं का निर्माण: प्रसन्नता का संवर्धन विषय पर एक विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया। मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर एवं प्रतिष्ठित मनोवैज्ञानिक प्रो दीप्ति हुड्डा ने बतौर मुख्य वक्ता यह व्याख्यान दिया।

अपने प्रभावशाली व्याख्यान में प्रो. दीप्ति हुड्डा ने युवाओं के जीवन में सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी और व्यस्त जीवन में युवाओं को अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सकारात्मक भावनाओं का विकास, आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रो. दीप्ति हुड्डा ने बताया कि प्रसन्नता, आशावाद, आत्म-स्वीकृति और कृतज्ञता जैसे सकारात्मक भाव युवाओं के व्यक्तित्व को सशक्त बनाते हैं। यदि विद्यार्थी अपने दैनिक जीवन में सकारात्मक सोच, संतुलित दिनचर्या और स्वस्थ संवाद को अपनाएं तो वे तनाव और नकारात्मकता से बेहतर तरीके से निपट सकते हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के साथ-साथ मानसिक प्रसन्नता और संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।

माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. पूजा सुनेजा ने प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने व्याख्यान को गहरी रुचि के साथ सुना और विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रश्न भी पूछे। वक्ता ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का संतोषजनक उत्तर देते हुए उन्हें सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विभाग के प्राध्यापक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
March 18, 2026

होडल निर्वाचन क्षेत्र के कुछ गांवों में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए गए हैं : श्रुति चौधरी

होडल निर्वाचन क्षेत्र के कुछ गांवों में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए गए हैं : श्रुति चौधरी 
चंडीगढ़- हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने बताया कि होडल निर्वाचन क्षेत्र के कुछ गांवों में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए गए हैं।

श्रीमती श्रुति चौधरी आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक श्री जगमोहन आनन्द द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में व्यापक स्तर पर कृषि भूमि के बंजर होने की बात सही नहीं है। केवल गढ़ी पट्टी एवं खच्ची खेड़ा गांवों की लगभग 350 एकड़ भूमि ही जलभराव से प्रभावित पाई गई है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में खेतों से बाढ़ के पानी की निकासी के लिए एक विशेष परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ 5 सम्पवेल स्थापित किए जाएंगे, जिससे जलभराव की समस्या का प्रभावी समाधान हो सकेगा। यह परियोजना 31 दिसंबर 2025 को स्वीकृत की गई है जिसकी कुल लागत ₹1.94 करोड़ निर्धारित की गई है। कार्य को 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

 उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को राहत प्रदान करना और उनकी कृषि भूमि को पुनः उपजाऊ बनाना है, ताकि वे बिना किसी बाधा के खेती कर सकें।
March 18, 2026

विद्यार्थी सकारात्मक सोच, संतुलित दिनचर्या और स्वस्थ संवाद अपनाएं : प्रो दीप्ति हुड्डा

विद्यार्थी सकारात्मक सोच, संतुलित दिनचर्या और स्वस्थ संवाद अपनाएं : प्रो दीप्ति हुड्डा

-एमडीयू के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग में युवाओं की सकारात्मक सोच पर व्याख्यान
रोहतक :  महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में युवाओं में सकारात्मक भावनाओं का निर्माण: प्रसन्नता का संवर्धन विषय पर एक विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया। मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर एवं प्रतिष्ठित मनोवैज्ञानिक प्रो दीप्ति हुड्डा ने बतौर मुख्य वक्ता यह व्याख्यान दिया।

अपने प्रभावशाली व्याख्यान में प्रो. दीप्ति हुड्डा ने युवाओं के जीवन में सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी और व्यस्त जीवन में युवाओं को अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सकारात्मक भावनाओं का विकास, आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रो. दीप्ति हुड्डा ने बताया कि प्रसन्नता, आशावाद, आत्म-स्वीकृति और कृतज्ञता जैसे सकारात्मक भाव युवाओं के व्यक्तित्व को सशक्त बनाते हैं। यदि विद्यार्थी अपने दैनिक जीवन में सकारात्मक सोच, संतुलित दिनचर्या और स्वस्थ संवाद को अपनाएं तो वे तनाव और नकारात्मकता से बेहतर तरीके से निपट सकते हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के साथ-साथ मानसिक प्रसन्नता और संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।

माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. पूजा सुनेजा ने प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने व्याख्यान को गहरी रुचि के साथ सुना और विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रश्न भी पूछे। वक्ता ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का संतोषजनक उत्तर देते हुए उन्हें सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विभाग के प्राध्यापक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
March 18, 2026

प्राकृतिक खेती मानव कल्याण का विषय, दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपनाने की आवश्यकता : आचार्य देवव्रत

प्राकृतिक खेती मानव कल्याण का विषय, दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपनाने की आवश्यकता : आचार्य देवव्रत

 किसानों की आय, स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए प्राकृतिक खेती जरूरी
चंडीगढ़— गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्राकृतिक खेती पर विशेष व्याख्यान देते हुए कहा कि यह विषय केवल कृषि तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी दलों के जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मानव कल्याण के दृष्टिकोण से सदन में उठाया गया।

उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्राकृतिक कृषि मिशन को आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि गुजरात में वर्तमान में लगभग 8 लाख किसान प्राकृतिक खेती अपना चुके हैं और इस दिशा में राज्य सरकार के साथ-साथ विपक्ष का भी सकारात्मक सहयोग मिल रहा है।

राज्यपाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र में प्रधानाचार्य रहते हुए उन्होंने स्वयं रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाया। एक घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कीटनाशक के संपर्क में आने से एक कर्मचारी के बेहोश हो जाने की घटना ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया कि रासायनिक खेती से उत्पन्न खाद्य पदार्थ मानव स्वास्थ्य के लिए कितने हानिकारक हो सकते हैं।

रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों पर चेतावनी, प्राकृतिक खेती को बताया समाधान

उन्होंने स्पष्ट किया कि जैविक (ऑर्गेनिक) और प्राकृतिक खेती में मूलभूत अंतर है। जैविक खेती में भारी मात्रा में गोबर की खाद की आवश्यकता होती है, जबकि प्राकृतिक खेती सूक्ष्म जीवाणुओं पर आधारित होती है और इसमें लागत बहुत कम आती है। उन्होंने कहा कि इस पद्धति में उत्पादन पूरी तरह संभव है और यह किसानों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी सिद्ध हो रही है।

राज्यपाल ने चेतावनी दी कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता लगातार घट रही है और देश की भूमि का ऑर्गेनिक कार्बन स्तर गंभीर रूप से कम हो गया है, जिससे भूमि बंजर होने की स्थिति में पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए न तो शुद्ध भोजन उपलब्ध रहेगा और न ही पीने योग्य पानी।

उन्होंने रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है, जल स्रोत दूषित हो रहे हैं और कैंसर, हृदय रोग तथा किडनी फेलियर जैसी बीमारियों में वृद्धि देखी जा रही है।

प्राकृतिक खेती को समाधान बताते हुए उन्होंने कहा कि यह देशी गाय आधारित, कम लागत वाली और पर्यावरण के अनुकूल पद्धति है। इसमें गोबर, गोमूत्र, गुड़ और बेसन जैसे साधारण तत्वों से सूक्ष्म जीवाणुओं की वृद्धि कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जाती है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से न केवल उत्पादन में सुधार संभव है, बल्कि किसान अपनी आय भी बढ़ा सकते हैं। गुजरात में कई किसान एक एकड़ भूमि से लाखों रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं।

राज्यपाल ने सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करें और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें। उन्होंने कहा कि बिना प्रशिक्षण के इस पद्धति को अपनाना कठिन है, इसलिए विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में ही इसे लागू किया जाना चाहिए।

सदन में चर्चा और विधायकों की सहभागिता

इस अवसर पर सदन में उपस्थित विभिन्न विधायकों ने प्राकृतिक खेती से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए, जिनका आचार्य देवव्रत ने विस्तार से उत्तर दिया। चर्चा के दौरान विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार किसान पारंपरिक खेती से धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। कई सदस्यों ने उत्पादन, लागत, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़े पहलुओं पर जिज्ञासा व्यक्त की, जिनका राज्यपाल ने अपने अनुभव और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर समाधान प्रस्तुत किया।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि सभी मिलकर इस दिशा में कार्य करें, तो प्राकृतिक खेती के माध्यम से देश न केवल स्वास्थ्य संकट से उबर सकता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी सशक्त बन सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है।
March 18, 2026

प्रदेश की जनता चाहती थी इनेलो को इस चुनाव से दूरी बनानी चाहिए, इसलिए हमने जनता के हित में लिया ये ऐतिहासिक फैसला: चौधरी अभय सिंह चौटाला

राज्यसभा चुनाव का नतीजा आने के बाद चौधरी अभय सिंह चौटाला की प्रतिक्रिया -

प्रदेश की जनता चाहती थी इनेलो को इस चुनाव से दूरी बनानी चाहिए, इसलिए हमने जनता के हित में लिया ये ऐतिहासिक फैसला: चौधरी अभय सिंह चौटाला

राहुल गांधी द्वारा उतारे गए उम्मीदवार कर्मबीर बौद्ध को हुड्डा पसंद नहीं करते थे क्योंकि हुड्डा को दलित पसंद नहीं हैं, अशोक तंवर के साथ हुई घटना और शैलजा प्रकरण इसके उदाहरण हैं

मुख्यमंत्री द्वारा इनेलो को कांग्रेस की बी टीम बताने वाले बयान पर कहा - मुख्यमंत्री को इनेलो को कांग्रेस की बी टीम कहने से पहले जनता से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि बीजेपी ने विधायक खरीदकर प्रजातंत्र का गला घोंटा है
चंडीगढ़ :  मंगलवार को राज्यसभा चुनाव का नतीजा आने के बाद इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप जड़ते हुए कहा कि हुड्डा ने इस बार राज्यसभा चुनाव में बड़ा खेल खेला है। जिन विधायकों को टिकट दिलवाने में हुड्डा की भूमिका रही, उन्हीं विधायकों ने बीजेपी के पक्ष में वोट किया। इससे एक बात प्रदेश की जनता के सामने साफ हो गई है कि यह बगावत खुद विधायकों की नहीं बल्कि भूपेंद्र हुड्डा की रणनीति का हिस्सा थी। इस बात का वे जल्द खुलासा करेंगे कि कांग्रेस के इन विधायकों को हुड्डा ने ही बागी करवाया है।
अभय सिंह चौटाला ने दीपेंद्र सिंह हुड्डा के राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस के पास 30 विधायक थे। उस वक्त भी भूपेंद्र हुड्डा ने बीजेपी से मिलीभगत कर दूसरा उम्मीदवार खड़ा नहीं होने दिया था। उसी राज्यसभा चुनाव में कुमारी शैलजा की टिकट काटी गई थी जिसके कारण उनके समर्थक विधायक नाराज हो गए थे। अगर उस समय बीजेपी उम्मीदवार उतारती तो सौ फीसदी दीपेंद्र हुड्डा चुनाव हारते।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा उतारे गए उम्मीदवार कर्मबीर बौद्ध को हुड्डा पसंद नहीं करते थे। उन्होंने हुड्डा पर दलित विरोधी होने का भी आरोप लगाया और कहा कि अशोक तंवर के साथ हुई घटना और शैलजा प्रकरण इसके उदाहरण हैं। बीजेपी पैसे के बल पर और हुड्डा विधायकों के बल पर दलित उम्मीदवार को हराना चाहते थे।
अभय चौटाला ने बताया कि हमने सभी 90 हलकों के लोगों से रायशुमारी करने के बाद सोच-समझकर यह फैसला लिया। प्रदेश की जनता चाहती थी कि हमें इस चुनाव से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। हिंदुस्तान के इतिहास में यह पहला ऐसा फैसला है, जो प्रदेश की जनता के हित में लिया गया है।
चुनाव नतीजे के बाद मुख्यमंत्री द्वारा इनेलो को कांग्रेस की बी टीम बताने वाले बयान पर पलटवार करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उन्हें इनेलो को कांग्रेस की बी टीम कहने से पहले जनता से माफी मांगनी चाहिए। क्योंकि बीजेपी ने विधायक खरीदकर प्रजातंत्र का गला घोंटा है।
March 18, 2026

एमएसएमई पोर्टल की कार्यप्रणाली पर सुधार के निर्देश, दो वर्ष की देरी पर 10 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश

एमएसएमई पोर्टल की कार्यप्रणाली पर सुधार के निर्देशदो वर्ष की देरी पर 10 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश

चंडीगढ़ — हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने एमएसएमई निदेशालय द्वारा संचालित ऑनलाइन पोर्टल की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता जताते हुए विभाग को सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए थेजिन पर निरंतर सुधार की अपेक्षा की गई थी।

आयोग ने अपने आदेश में कहा कि वर्ष 2025 में पारित आदेशों में भी यह उल्लेख किया गया था कि हरियाणा सरकार का एक प्रमुख विभाग उद्योगपतियोंविशेषकर सूक्ष्मलघु एवं मध्यम उद्योगों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए सही सॉफ्टवेयर तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। बताया गया कि निजी कंपनी के माध्यम से तैयार किए गए इस पोर्टल पर लाखों रुपये खर्च किए गएइसके बावजूद स्वीकृत मामलों की जानकारी संबंधित अधिकारियों के लॉगिन में दिखाई नहीं देतीजिससे भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होती है और आवेदकों को विभिन्न कार्यालयों और आयोग के पास जाना पड़ता है।

आयोग ने कहा कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। शिकायतकर्ता को सितंबर 2023 में पुनः खोले गए आवेदनों का लाभ अंततः वर्ष 2026 में प्राप्त हुआ। जबकि अधिसूचित सेवा के तहत इस प्रकार के मामलों का निपटारा 45 दिनों की निर्धारित समय-सीमा में किया जाना चाहिए। दो वर्ष से अधिक की देरी सेवा अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत है।

आयोग ने यह भी कहा कि पोर्टल की तकनीकी समस्याओंनए पोर्टल में माइग्रेशन तथा डैशबोर्ड पर मामलों के दिखाई न देने जैसी दलीलों को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया जा सकता। विभाग पर यह जिम्मेदारी है कि वह प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि किसी भी वास्तविक आवेदक को वर्षों तक प्रतीक्षा न करनी पड़े। ऐसी घटनाएं न केवल आवेदकों को कठिनाई में डालती हैंबल्कि सेवा वितरण प्रणाली और राज्य के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ वातावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।

 मामले में सेवा वितरण में हुई देरी को पूरी तरह अनुचित मानते हुए आयोग ने अधिनियम की धारा 17(1)(ह) के तहत महानिदेशकएमएसएमई को निर्देश दिए हैं कि शिकायतकर्ता को दोनों मामलों में 5,000-5,000 रुपयेकुल 10,000 रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि महानिदेशक इस राशि की वसूली उस अधिकारी या संबंधित इकाई से कर सकते हैं जिसे सेवा में देरी के लिए जिम्मेदार पाया जाए।

आयोग ने महानिदेशकएमएसएमई को निर्देश दिए हैं कि निजी कंपनी एम/एस वी-एक्सेल द्वारा विकसित पोर्टल की कार्यप्रणाली में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं तथा ऐसी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए जिससे किसी भी आवेदन के पोर्टल पर दिखाई न देने या तकनीकी कारणों से लंबित रहने की स्थिति उत्पन्न न हो। इस संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 15 अप्रैल 2026 तक आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

आयोग के इन आदेशों की प्रतिलिपि उद्योग एवं वाणिज्य विभागहरियाणा के आयुक्त एवं सचिव को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। आयोग ने आदेश के साथ ही इस शिकायत का निपटारा कर दिया है।


March 18, 2026

एमडीयू के सेंटर फॉर मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी में विशेषज्ञ व्याख्यान, तनाव की निरंतर निगरानी पर नई तकनीक पर चर्चा

एमडीयू के सेंटर फॉर मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी में विशेषज्ञ व्याख्यान, तनाव की निरंतर निगरानी पर नई तकनीक पर चर्चा
रोहतक : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी में फ्रॉम सिलेक्शन टू सेंसिंग: वन-स्टेप ऑप्टमेर सिलेक्शन एंड कंटीन्यूअस स्ट्रेस मॉनिटरिंग विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली के जैव चिकित्सा अभियांत्रिकी केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बतौर मुख्य वक्ता इस कार्यक्रम में शिरकत की।

अपने व्याख्यान में डॉ. नवीन कुमार सिंह ने एक चरणीय एप्टामर चयन की अभिनव विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह विधि पारंपरिक चयन पद्धतियों की सीमाओं को दूर करते हुए कम समय में अधिक सटीक और विशिष्ट जाँच अणुओं के विकास को संभव बनाती है। उन्होंने कहा कि इन एप्टामरों का उपयोग पहनने योग्य जैव संवेदक उपकरणों के माध्यम से कॉर्टिसोल जैसे जैव संकेतकों का त्वरित पता लगाकर व्यक्ति के तनाव स्तर की निरंतर निगरानी में किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि नैनो प्रौद्योगिकी और सूक्ष्म द्रविकी तकनीक के समन्वय से संवेदकों की संवेदनशीलता, सटीकता तथा त्वरित विश्लेषण क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। व्याख्यान में यह भी उल्लेख किया गया कि एप्टामर आधारित जैव संवेदक व्यक्तिगत उपचार पद्धति, मानसिक स्वास्थ्य निगरानी तथा बिना चीरा लगाए होने वाली जाँच प्रणालियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

सीएमबीटी निदेशक डॉ. हरि मोहन ने प्रारंभ में स्वागत भाषण देते हुए कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए आणविक जैव प्रौद्योगिकी तथा उन्नत संवेदन तकनीकों का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रयास भविष्य की स्वास्थ्य प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. अमिता एस. डंग, डॉ. अनिल कुमार तथा डॉ. रश्मि भारद्वाज का विशेष सहयोग रहा।
March 18, 2026

राज्य में घरेलू गैस की कोई किल्लत नहीं, नागरिक आश्वस्त रहें : राजेश नागर

राज्य में घरेलू गैस की कोई किल्लत नहींनागरिक आश्वस्त रहें : राजेश नागर

 सरकार का ध्येय: उपभोक्ताओं को निर्विघ्न रूप से प्राप्त हो गैस सिलेंडर सप्लाई 

चंडीगढ़ - हरियाणा के खाद्यनागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा है कि राज्य में पेट्रोलडीजल एवं घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है।

 

श्री नागर ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य भर में आयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा पिछले पांच दिनों में  14.2 किलो के कुल 226162 घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई की गई है। इस समय राज्य भर में बॉटलिंग प्लांट्स पर एलपीजी गैस सिलेंडर की कुल भंडार संख्या 1139787 है। 

 

उन्होंने बताया कि राज्य भर में पिछले तीस दिनों में 19 किलो के कुल 1422 कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई की गई है। इस समय राज्य भर में बॉटलिंग प्लांट्स पर कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कुल भंडार संख्या 190088 है।       

 

राज्यमंत्री श्री नागर ने कहा कि भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालयनई दिल्ली द्वारा 9 मार्च2026 को जारी एक महत्वपूर्ण पत्र में प्राथमिक क्षेत्रों के लिए घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्तिउसके समुचित एवं समान वितरण तथा उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इन दिशा-निर्देशों के अनुपालन में हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।

 

वर्तमान में हरियाणा राज्य में पेट्रोलडीजल एवं घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है। प्रमुख तेल कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल)भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) एवं हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

 

प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति शिक्षण संस्थानोंअस्पतालों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को सुनिश्चित की जा रही है। शेष वितरण को सामान्य करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया हैऔर शीघ्र ही स्थिति पूरी तरह नियंत्रित हो जाएगी।

 राज्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्राथमिक उद्देश्य हर घर में रसोई गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाना और सुनिश्चित करना है कि वाहनों के इंजन सुचारू रूप से चलते रहें। केंद्र सरकार के सहयोग से हमने राज्य स्तर पर मजबूत वितरण नेटवर्क विकसित किया हैजिसमें 5,000 से अधिक वितरक शामिल हैं। इनके माध्यम से प्रतिदिन लाखों सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।

March 18, 2026

हरियाणा के विकास को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा

March 18, 2026

लोकतंत्र का गला घोंटने का काम स्वयं कांग्रेस पार्टी कर रही — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

लोकतंत्र का गला घोंटने का काम स्वयं कांग्रेस पार्टी कर रही — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

कांग्रेस द्वारा लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाना उनकी कुंठा का परिचायकजबकि लोकतंत्र की हत्या कांग्रेस के बयानों से हुईइसके लिए माफी मांगनी चाहिए

चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटने का काम स्वयं कांग्रेस पार्टी कर रही है। कांग्रेस द्वारा लोकतंत्र की हत्या के आरोप लगाना उनकी कुंठा का परिचायक हैजबकि वास्तविकता यह है कि लोकतंत्र की हत्या उनके बयानों से हुई है और कांग्रेस को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में राज्यसभा चुनाव के संबंध में बोल रहे थे।

श्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि यह विषय सदन की चर्चा का हिस्सा नहीं हैलेकिन डॉ रघुबीर सिंह कादियानजो सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं और वे विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैंउन्होंने ये कहा कि तीसरे उम्मीदवार की क्या आवश्यकता थी। विधायक श्रीमती गीता भुक्कल ने मीडिया में यह बयान दिया कि सरकार के मंत्रियों ने हमारे विधायकों को खरीदा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरा उम्मीदवार हमारा नहीं थावो तो आजाद उम्मीदवार थे और निर्दलीय सदस्यों द्वारा उन्हें चुनाव में खड़ा किया गया था। लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का अधिकार सभी को है। तीसरे आजाद उम्मीदवार हमारे पास वोट मांगने आएवो तो कांग्रेस के पास भी गए वोट मांगने। जिनकी अंतरआत्मा जाग गईउन्होंने उन्हें वोट किया। फिर इसमें किसी को क्या दिक्कत है।

March 18, 2026

किसी व्यापारी या दुकानदार को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है, दिक्कत किसी को है तो वो कांग्रेस को है — नायब सिंह सैनी

डिजिटल भुगतान से छोटे व्यापारियों को मिल रही नई मजबूती — मुख्यमंत्री

किसी व्यापारी या दुकानदार को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हैदिक्कत किसी को है तो वो कांग्रेस को है — नायब सिंह सैनी

 प्रश्नकाल से गायब विपक्ष पर मुख्यमंत्री का कटाक्ष — अपने ही प्रश्नों के उत्तर सुनने सदन में नहीं आते विधायक

चंडीगढ़,— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष द्वारा ऑनलाइन खरीदारी की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण राज्य के छोटे दुकानदारों के व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के सवालों पर जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत विश्व में वह शक्ति बनकर उभरा हैजहां रेहड़ी—फड़ी वाले भी यूपीआई डिजिटल पेमेंट का उपयोग कर रहे हैं। किसी व्यापारी या दुकानदार को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। यदि दिक्कत किसी को है तो वो कांग्रेस को है।

 

मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्री बलवान सिंह दौलतपुरिया द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

 

विधायक द्वारा छोटे खुदरा व्यापारियों को समर्थन देने के लिए ऑनलाइन खरीदारी पर भारी कर लगाने के प्रस्ताव के सवाल पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष को तथ्यों की जानकारी ही नहीं है और वे जानकारी के अभाव में ऐसी बाते करते हैं।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कोरोना काल में भी किसी रेहड़ी—फड़ी वालों को किसी प्रकार की परेशानी न होइसके लिए केंद्र सरकार ने रेहड़ी—फड़ी वालों को बिना ब्याज के 10 हजार रुपये तक का लोन दिया था। व्यापारियों को कहीं किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो रही हैदिक्कत केवल कांग्रेस को हो रही है कि पैसा ऑनलाइन क्यों जा रहा हैसीधा आना चाहिए था।

 

प्रश्नकाल से गायब विपक्ष पर मुख्यमंत्री का कटाक्ष — अपने ही प्रश्नों के उत्तर सुनने सदन में नहीं आते विधायक

 

कांग्रेस के अधिकतर विधायकों द्वारा प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में उपस्थित न होने पर मुख्यमंत्री ने निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष इतना हताश और निराश हो गया है कि वे प्रश्न काल के दौरान अपने प्रश्न का जवाब सुनने के लिए भी सदन में नहीं आए हैंतो वे प्रदेश की जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन में कैसे उठा पाएंगे।




March 18, 2026

दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की सांस्कृतिक संध्या में हरियाणवी नृत्य और कवि सम्मेलन ने खूब बांधा समां

दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की सांस्कृतिक संध्या में हरियाणवी नृत्य और कवि सम्मेलन ने खूब बांधा समां

- निरमयम क्लब की संगीतमय योग प्रस्तुति में दिखी अदभुत संतुलन की मनमोहक बानगी

- नटराजन क्लब ने 'मत छेड़ बलम मेरे चूंदड़ नै..' पर हरियाणवी लोकनृत्य प्रस्तुत किया

- कवि सम्मेलन में वीर-प्रेम-हास्य-व्यंग्य रस से भरपूर कविताओं ने गुदगुदाया

- कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार और कुलसचिव प्रो.अजय रंगा ने सभी कवियों को किया सम्मानित
फरीदाबाद :  जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा ‘डिजिटल युग में मीडिया, समाज और सार्वजनिक विमर्श’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के अंतर्गत सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें संगीतमय योग प्रस्तुति, हरियाणवी लोकनृत्य और कवि सम्मेलन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विवेकानंद सभागार में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का विधिवत शुभारंभ मीडिया विद्यार्थी एकलव्य मलिक द्वारा गणेश वंदना की भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति से हुआ। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो.राजीव कुमार और कुलसचिव प्रो.अजय रंगा की गरिमामयी उपस्थिति रही। विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में पहुंचे कवि विनीत त्रिपाठी, युवा कवि राजपाल और युवा कवि अभिप्राय त्रिपाठी 'नीरव' को स्मृति चिन्ह एवं पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।
श्री गणेश वंदना के उपरांत निरमयम क्लब द्वारा अदभुत संतुलन की मनमोहक बानगी से भरपूर संगीतमय योग प्रस्तुति देख सभी आश्चर्यचकित हुए। उसके बाद नटराजन क्लब द्वारा "मत छेड़ बलम मेरे चूंदड़ नै.." गीत पर की हरियाणवी लोकनृत्य की मनभावन प्रस्तुति दी। इसके उपरांत आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों के काव्य पाठ में वीर-प्रेम-हास्य-व्यंग्य रस से भरपूर चुटकलों ने वातावरण को तनाव मुक्त बना दिया।
कवि विनीत पांडे ने आम जनमानस की दिनचर्या के घटनाक्रम को हास्य-व्यंग्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए खूब हंसाया। उन्होंने पति-पत्नी पर सुनाया... "वो खुद को अमेरिका मुझे ईरान समझती है"; युवाओं की स्थिति को बयां करते हुए  कहा... "वोटर भी जो अभी ना बने है वो प्रेम के आस में हैं रोगी"। युवा कवि अभिप्राय त्रिपाठी नीरव' ने 'जेन-ज़ी' के लिए सुनाया ... "हिम्मत न हारिये -हिम्मत न हारिये, मेहनत संवारिये; बेचैनियां बहुत हैं बेचैनियां बहुत हैं, मन को बुहारिये" युवा कवि राजपाल ने वीर रस की कविता ..."भारत मां का हित हो जिसमें मान जरूरी होता है; माटी की खातिर दिल में सम्मान जरूरी होता है। आए संकट कोई मातृभूमि पर बात ध्यान में रख लेना, किंतु परंतु से बलिदान जरूरी होता है।" उसके बाद उन्होंने प्रेम रस से सराबोर अपनी शेरो-शायरी "जो मिला उसे संभालो, कद्र करो उसकी ये टूट कर चाहने वाला दोबारा नहीं मिलता" से उपस्थित श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।

Tuesday, March 17, 2026

March 17, 2026

असंध के किसानों को बड़ी राहत! 10 नहरों का होगा पुनर्निर्माण, विश्व बैंक से फंडिंग की तैयारी : श्रुति चौधरी

असंध के किसानों को बड़ी राहत! 10 नहरों का होगा पुनर्निर्माण, विश्व बैंक से फंडिंग की तैयारी : श्रुति चौधरी 
चंडीगढ़- सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने सदन में बताया कि असंध विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बनाई है। असंध विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जयसिंह पुरा, मलिकपुर, दुपेड़ी, फफड़ाना, सालवन, कुडलन, उपलाना, गंगाटेहड़ी, पोपड़ा, दनोली और अरड़ाना के आसपास स्थित उक्त नहरों/रजवाहों के पुनर्निर्माण करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है।

श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि परियोजना के लिए विश्व बैंक से वित्तीय वर्ष 2026–27 में फंड मिलने की संभावना है। इसके बाद 10 नहरों के पुनर्निर्माण व मरम्मत का काम शुरू होगा। यह काम अगले 3 वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ किसानों की जल संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगा।
March 17, 2026

यदि किसी ग्राम पंचायत की जनसंख्या 10,000 से अधिक हो जाती है, तो उसे ‘महाग्राम’ घोषित किया जा सकता है : कृष्ण लाल पंवार

यदि किसी ग्राम पंचायत की जनसंख्या 10,000 से अधिक हो जाती है, तो उसे ‘महाग्राम’ घोषित किया जा सकता है : कृष्ण लाल पंवार 
चंडीगढ़– हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया  कि रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत अकेड़ा और घातल महनियावास में लिक्विड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट प्लांट के निर्माण के मुद्दे पर विचार करने और समाधान तलाशने के लिए एक अंतर-विभागीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद रेवाड़ी कर रहे हैं।

हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने यह जानकारी आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी।

उन्होंने बताया कि गांव अकेड़ा की जनसंख्या 5,814 तथा गांव घातल महनियावास की जनसंख्या 4,629 है। दोनों गांव आपस में सटे हुए हैं और विकास कार्यों के लिए आसपास पर्याप्त ग्राम पंचायत भूमि उपलब्ध नहीं है। नियमों के अनुसार यदि किसी ग्राम पंचायत की जनसंख्या 10,000 से अधिक हो जाती है, तो उसे ‘महाग्राम’ घोषित किया जा सकता है, जिससे वहां सीवरेज प्रणाली स्थापित करने की पात्रता मिलती है। इसी के मद्देनजर दोनों गांवों को मिलाकर महाग्राम श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने आगे बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद रेवाड़ी की अध्यक्षता में गठित समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति की बैठक सोमवार को आयोजित की गई, जिसमें उपायुक्त (डीसी) को भी समिति में शामिल करने की सिफारिश की गई।

पाइपलाइन से संबंधित मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
March 17, 2026

विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च एवं गरिमामयी मंच: रणबीर गंगवा

विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च एवं गरिमामयी मंच: रणबीर गंगवा

बरवाला विधानसभा क्षेत्र से आए पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बजट सत्र की कार्यवाही को देखा

विधानसभा भवन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसकी वास्तुकला और निर्माण से जुड़े पहलुओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की
चंडीगढ  - हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च एवं गरिमामयी मंच है, जहां प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता, अनुशासन और मर्यादा के साथ विस्तृत चर्चा की जाती है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी सत्र में प्रदेश की आर्थिक दिशा, विकास योजनाएं और नीतिगत फैसले तय किए जाते हैं, जो आमजन के जीवन पर सीधा प्रभाव डालते हैं।

श्री गंगवा मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर बरवाला विधानसभा क्षेत्र से आए पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मंत्री रणबीर गंगवा स्वयं भी बरवाला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इस अवसर पर पत्रकारों ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को नजदीक से देखा। उन्होंने प्रश्नकाल, शून्यकाल तथा विभिन्न विभागों से जुड़े विषयों पर होने वाली चर्चाओं का अवलोकन किया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझा। इसके साथ ही पत्रकारों ने चंडीगढ़ स्थित विधानसभा भवन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसकी वास्तुकला और निर्माण से जुड़े पहलुओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जाना कि यह भवन न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि देश की आधुनिक वास्तुकला और लोकतांत्रिक परंपराओं का भी प्रतीक है।

पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विधानसभा की कार्यवाही को करीब से देखना उनके लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा। इससे उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि किस प्रकार जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को सदन में उठाते हैं और उनके समाधान के लिए नीतियां बनाई जाती हैं।

बाद में पत्रकारों ने मंत्री रणबीर गंगवा से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की, जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया तथा जलपान की व्यवस्था की गई। इस दौरान क्षेत्र के विकास कार्यों, चल रही परियोजनाओं एवं विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति (सेंशन) को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने आश्वस्त किया कि बरवाला विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और आवश्यक परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुलाकात के दौरान पत्रकारों को मंत्री रणबीर गंगवा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ।

इस मौके पर पूर्व चेयरमैन श्री सतबीर वर्मा, पूर्व आईजी श्री दलबीर भारती, श्री संजीव गंगवा, मार्केटिंग कमेटी के पूर्व चेयरमैन श्री  रणधीर सिंह धीरू सहित कई गणमान्य तथा पत्रकार मौजूद थे।
March 17, 2026

जिन किसानों के बाजरा की एमएसपी पर बिक्री नहीं हुई, ऐसे 1,57,455 किसानों को उनकी निर्धारित राशि वितरित कर दी गई है : श्याम सिंह राणा

जिन किसानों के बाजरा की एमएसपी पर बिक्री नहीं हुई, ऐसे 1,57,455 किसानों को उनकी निर्धारित राशि वितरित कर दी गई है : श्याम सिंह राणा 
चंडीगढ़ - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि जिन किसानों के बाजरा की एमएसपी पर बिक्री नहीं हुई, ऐसे 1,57,455 किसानों को उनकी निर्धारित राशि वितरित कर दी गई है।

श्री राणा आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने बताया कि राज्य के जिन किसानों को बाजरा की बिक्री में एमएसपी से कम बाजार मूल्य मिला है ऐसे किसानों को भरपाई के तौर पर इनको 575 रुपये प्रति क्विंटल की दर से राशि का भुगतान किया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि किसानों द्वारा पंजीकरण के समय गलत बैंक खाता विवरण प्रस्तुत किए जाने के कारण अभी तक 601 किसानों की राशि का भुगतान लंबित है। किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपने बैंक खाता विवरण सही करने के लिए लगातार संदेश भेजे जा रहे हैं। बैंक खाता विवरण सही होने पर बकाया किसानों को भी भुगतान जारी कर दिया जाएगा।

श्री राणा ने आगे जानकारी दी कि बाजरा खरीद के लिए 1,58,056 किसानों के 2,24,354 जे-फॉर्म भरे गए।
March 17, 2026

विपक्ष के आरोप तथ्यहीन, हरियाणा की वित्तीय स्थिति मजबूत: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

विपक्ष के आरोप तथ्यहीन, हरियाणा की वित्तीय स्थिति मजबूत: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

कर्ज और बजट वृद्धि पर मुख्यमंत्री का जवाब, विपक्ष के आंकड़ों को बताया भ्रामक

हरियाणा सरकार ने 2014 के बाद कोई नया कर नहीं लगाया
चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बजट 2026-27 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास कार्यों को गति दे रही है।

कर्ज को लेकर श्वेत पत्र की जरूरत नहीं, सभी आंकड़े सार्वजनिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के कुछ विधायकों द्वारा यह कहा गया कि प्रदेश कर्ज में डूबा हुआ है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय वर्ष 2014-15 में राज्य पर 96 हजार 875 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो उस समय की 4 लाख 37 हजार 145 करोड़ रुपये की जीएसडीपी का 22.16 प्रतिशत था। उस समय वित्त आयोग द्वारा ऋण लेने की अधिकतम सीमा 22.9 प्रतिशत निर्धारित की गई थी, जबकि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस सीमा से ऊपर कर्ज ले रखा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ कांग्रेस विधायकों ने राज्य की ऋण देनदारी को लेकर भ्रामक आंकड़े प्रस्तुत किए हैं और कर्ज को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के सभी ऋण संबंधी आंकड़े सीएजी और आरबीआई की रिपोर्ट तथा राज्य के वार्षिक बजट दस्तावेजों में उपलब्ध हैं, जो सार्वजनिक रूप से देखे जा सकते हैं। इसलिए कर्ज को लेकर अलग से श्वेत पत्र जारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

बजट में वास्तविक वृद्धि 8 से 9.24 प्रतिशत

श्री नायब सिंह सैनी ने बजट में वृद्धि को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यह कहना कि महंगाई दर को हटाने के बाद बजट में केवल 4 प्रतिशत वृद्धि हुई है, सही नहीं है। यदि वर्ष 2022-23 की कीमतों के आधार पर तुलना की जाए तो वर्ष 2025-26 का बजट अनुमान 1 लाख 93 हजार 294 करोड़ रुपये और संशोधित बजट 1 लाख 91 हजार 156 करोड़ रुपये बनता है। इसी प्रकार वर्ष 2026-27 का बजट अनुमान 2 लाख 8 हजार 831 करोड़ रुपये है। इस प्रकार वास्तविक रूप से वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान में वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान की तुलना में 8 प्रतिशत तथा संशोधित बजट की तुलना में 9.24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के कुछ विधायकों ने आय बढ़ाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं और आबकारी से संबंधित वसूली पर भी टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा आबकारी नीति के तहत खुदरा जोनों का आवंटन ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है, जिससे निविदा प्रक्रिया में भाग लेने वाले लाइसेंस धारकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-27 की आबकारी नीति के तहत 1 हजार 194 खुदरा जोनों के लिए 1 हजार 957 ई-बिड प्राप्त हुईं और 25 जुलाई 2025 को निर्धारित समय सीमा के भीतर बोली प्रक्रिया पूरी हो गई। इस प्रक्रिया के माध्यम से सरकार को खुदरा लाइसेंस शुल्क के रूप में 14 हजार 342 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.25 प्रतिशत अधिक है।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि 21 महीनों की अवधि वाली आबकारी नीति 2025-27 के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 14 हजार 64 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2026-27 में 13 हजार 152 करोड़ रुपये का राजस्व अनुमानित है। इस नीति अवधि में कुल राजस्व का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा लाइसेंस शुल्क से प्राप्त होता है। इसमें से लगभग 56 प्रतिशत राशि वित्त वर्ष 2025-26 में प्राप्त हो चुकी है तथा शेष 44 प्रतिशत राशि वित्त वर्ष 2026-27 में प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वर्ष 2014-15 से अब तक राज्य सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि सरकार ने कोई नया कर लगाया और उसकी वसूली नहीं हुई, तो वे स्वयं सदन के अगले सत्र में इस विषय पर आधे दिन की विशेष चर्चा कराने का अनुरोध करेंगे।
March 17, 2026

*विपक्ष कर्ज के गलत आंकड़े देकर जनता को कर रहा गुमराह — मुख्यमंत्री*

*विपक्ष कर्ज के गलत आंकड़े देकर जनता को कर रहा गुमराह — मुख्यमंत्री*

हरियाणा की वित्तीय स्थिति पंजाब से अधिक मजबूत और संतुलित: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष ने आशंका व्यक्त की है कि यदि कर्ज बढ़ता रहा तो हरियाणा भी पंजाब की तरह आर्थिक संकट में फंस सकता है और आने वाली पीढ़ियों को इसका 'डिफर्ड बर्डन' झेलना पड़ेगा। विपक्ष की यह आशंका वास्तविकता से बहुत परे है। विपक्ष कर्ज के गलत आंकड़े देकर जनता को केवल गुमराह करने का काम कर रहा है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति का आकलन केवल भावनात्मक टिप्पणियों से नहीं, बल्कि ठोस तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर किया जाना चाहिए। हरियाणा की वित्तीय स्थिति को यदि पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ तुलनात्मक रूप से देखा जाए, तो यह साफ दिखाई देता है कि हरियाणा आज भी आर्थिक प्रबंधन और विकास के मामले में कहीं अधिक संतुलित और मजबूत स्थिति में है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में बजट पर चर्चा के उपरांत जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2004-05 में जब हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार थीं, उस समय हरियाणा का कुल बजट 15 हजार 526 करोड़ रुपये था। जबकि, पंजाब का बजट 25 हजार 627 करोड़ रुपये था अर्थात उस समय पंजाब का बजट हरियाणा की तुलना में अधिक था। यदि उस समय के सरकारी ऋण की बात करें तो हरियाणा का कुल ऋण 17 हजार 347 करोड़ रुपये था, जो बजट का लगभग 112 प्रतिशत था। जबकि, पंजाब का कुल ऋण 37 हजार 796 करोड़ रुपये था, जो उनके बजट का लगभग 147 प्रतिशत था। इसका अर्थ यह है कि उस समय भी पंजाब की वित्तीय स्थिति हरियाणा की तुलना में अधिक दबाव में थी। वर्ष 2005-06 और 2006-07 में भी यही स्थिति बनी रही, जब हरियाणा में कांग्रेस सरकार का बजट पंजाब की कांग्रेस सरकार से कम था परंतु पंजाब के बजट का ऋण प्रतिशत हरियाणा से ज्यादा था।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यदि हम हाल के वर्षों की स्थिति देखें तो वर्ष 2021-22 में जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी और हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी, उस समय हरियाणा का बजट 1 लाख 35 हजार 910 करोड़ रुपये था और कुल ऋण बजट का लगभग 167 प्रतिशत था। वहीं, पंजाब का बजट हरियाणा से कम होकर 1 लाख 25 हजार 501 करोड़ रुपये था, लेकिन उसका कुल ऋण बजट का लगभग 186 प्रतिशत था अर्थात उस समय भी पंजाब पर कर्ज का बोझ हरियाणा की तुलना में अधिक था जबकि हरियाणा का बजट पंजाब से ज्यादा हो गया था।

उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान स्थिति देखें तो यह अंतर और स्पष्ट दिखाई देता है। वर्ष 2026-27 के बजट में हरियाणा का कुल बजट 2 लाख 23 हजार 658 करोड़ रुपये है और कुल ऋण बजट का लगभग 175 प्रतिशत है। वहीं, दूसरी ओर पंजाब का कुल बजट केवल 1 लाख 80 हजार 437 करोड़ रुपये है। लेकिन, उसका कुल ऋण उसके बजट का लगभग 248 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास की गति को भी तेज किया है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और कृषि जैसे सभी क्षेत्रों में लगातार निवेश किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक परिणाम प्रदेश की तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था में दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने हरियाणा प्रदेश पर भी कर्ज के बारे में अलग—अलग आंकड़े देकर सदन और प्रदेश की जनता को गुमराह किया है। उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा कि वर्ष 2014-15 का लोन 96 हजार 875 करोड़ (70,925+25,950), जो 2014-15 की जी.एस.डी.पी. 4 लाख 37 हजार 145 करोड रुपये का 22.16 प्रतिशत बनता है। उस समय वित्त आयोग की ऋण लेने की सीमा थी 22.9 प्रतिशत।

*इंडस्ट्रियल सेक्टर का कर्ज*

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री बतरा ने उद्योगों के बारे में सवाल उठाया है कि हरियाणा में बड़ी-बड़ी इंडस्ट्रीज हैं जैसे ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि। इन उद्योगों पर भी लगभग 1 लाख 85 हजार 767 करोड़ रुपये का कर्ज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के सदस्य बताएं कि क्या बड़े-बड़े उद्योगों का कर्ज सरकार ने चुकाना होता है? क्या इनके पास किसी बैंक अथवा वाणिज्यिक संस्थान का अनुरोध आया है कि उनके द्वारा किसी उद्योग को दिया गया कर्ज सरकार से दिलवाया जाए ? अब की बात तो छोड़ो, ये अपने कार्यकाल का भी कोई उदाहरण बताएं, जिसमें उद्योगों का कर्ज सरकार द्वारा चुकाये जाने की बात हुई हो।
March 17, 2026

तीन दशक पुराने हरियाणा टेलीकॉम लिमिटेड से संबंधित विषय का कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया समाधान — मुख्यमंत्री

तीन दशक पुराने हरियाणा टेलीकॉम लिमिटेड से संबंधित विषय का कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया समाधान — मुख्यमंत्री
चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में बजट 2026-27 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा उठाया गया हरियाणा टेलीकॉम लिमिटेड से संबंधित विषय लगभग तीन दशकों से लंबित एक औद्योगिक इकाई और उससे जुड़े वित्तीय दायित्वों का मामला है। सरकार ने इस पूरे प्रकरण में पारदर्शिता, कानूनी प्रक्रिया और राज्य के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वर्तमान राज्य सरकार ने किसी भी स्तर पर न तो नियमों से समझौता किया है और न ही राज्य के हितों की अनदेखी की है। लगभग तीन दशक पुराने इस विवाद को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया गया और राज्य के हित में वर्ष 2000 से बकाया चली आ रही राशि को राज्य कोष में जमा करवाया।

श्री नायब सिंह सैनी ने सदन को बताया कि वर्ष 1994 और 1995 के दौरान रोहतक स्थित मैसर्स हरियाणा टेलिकॉम लिमिटेड को राज्य के उद्योग विभाग द्वारा 18 करोड़ 68 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया था। इस ऋण को औद्योगिक इकाई द्वारा पांच वर्ष की अवधि के बाद वापस करना था। कंपनी द्वारा केवल 39 लाख रुपये की राशि वापस की गई थी। शेष 18 करोड़ 29 लाख रुपये की राशि वर्ष 2000 में वापस की जानी थी। लेकिन जून, 1999 में यह कंपनी दिवालिया घोषित हो गई और इसके बाद इसने सरकार को एक रुपये का ऋण भी वापिस नहीं किया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में दिवालिया हुई कंपनी का एक और वित्तीय दायित्व जुड़ा हुआ था। मैसर्स परिवर्तन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी नामक एक अन्य कंपनी को भी मैसर्स हरियाणा टेलिकॉम लिमिटेड से 7 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि वसूल करनी थी। वर्ष 1998 में मैसर्स हरियाणा टेलिकॉम लिमिटेड ने अपनी 136 कनाल 8 मरला भूमि के संबंध में उद्योग विभाग, हरियाणा के साथ मॉर्गेज डीड निष्पादित की थी। इस मॉर्गेज में पहला चार्ज मैसर्स परिवर्तन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी के पास था। जबकि, दूसरा चार्ज हरियाणा के उद्योग विभाग के पास था। जमीन गिरवी रखी प्राइवेट कंपनी को, सरकार ने दिया 18 करोड़ 68 लाख रुपये का ब्याज मुक्त लोन, पांच साल में सरकार को वापिस दिए सिर्फ 39 लाख रुपये। 1994 में तब कांग्रेस की सरकार थी। अपने 7 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि की वसूली के लिए मैसर्स परिवर्तन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी ने फरवरी 2020 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), चंडीगढ़ बेंच का दरवाजा खटखटाया। कोविड के दौरान एन.सी.एल.टी. चंडीगढ़ बेंच द्वारा समाधान आवेदकों से बोलियां आमंत्रित की गई। अप्रैल 2023 में श्री अभिमन्यु मेहलावत नामक बोलीदाता की 25 करोड़ 14 लाख रुपये की सर्वोच्च बोली को NCLT, चंडीगढ़ बेंच द्वारा स्वीकृत किया गया। हरियाणा के उद्योग विभाग ने भी इस प्रक्रिया में लगभग 77 करोड़ रुपये का दावा NCLT के समक्ष रखा गया था। इसमें 18 करोड़ 29 लाख रुपये मूलधन तथा 58 करोड़ 71 लाख रुपये पीनल इंटरेस्ट शामिल था।

उन्होंने कहा कि अप्रैल 2023 में पारित अपने आदेश में NCLT, चंडीगढ़ बेंच ने हरियाणा के उद्योग विभाग को वित्तीय लेनदार के रूप में स्वीकार नहीं किया। इसी कारण, विभाग द्वारा मांगे गए पीनल इंटरेस्ट को स्वीकार नहीं किया। परिणामस्वरूप, स्वीकृत बोली राशि 25 करोड़ 14 लाख में से उद्योग विभाग, हरियाणा को 18 करोड़ 56 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। हमने इस आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, जिसे अप्रैल 2025 में सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। इससे अधिक वर्तमान सरकार क्या कर सकती थी। कांग्रेस सरकार द्वारा पैदा की गई इस समस्या से जूझने के लिए। इसके बाद हमने कानूनी प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हुए आगे की कार्रवाई की। इसके पश्चात सितंबर 2025 में हरियाणा के एडवोकेट जनरल से कानूनी राय प्राप्त की गई।  विभाग को 18 करोड़ 56 लाख रुपये की डिमांड ड्राफ्ट राशि स्वीकार करनी चाहिए और सफल बोलीदाता के पक्ष में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी कर देना चाहिए। इस कानूनी सलाह के आधार पर वित्त विभाग, हरियाणा तथा राज्य सरकार की स्वीकृति प्राप्त करने के बाद 18 करोड़ 56 लाख रुपये की राशि राज्य कोष में जमा कर दी गई। इस प्रकार लंबे समय से लंबित इस प्रकरण का समाधान किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 में सफल बोलीदाता के पक्ष में नो डयूज सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया ताकि, इस मामले को विधिवत रूप से समाप्त किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट है कि वर्तमान राज्य सरकार ने किसी भी स्तर पर न तो नियमों से समझौता किया है और न ही राज्य के हितों की अनदेखी की है। लगभग तीन दशक पुराने इस विवाद को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया गया और राज्य के हित में वर्ष 2000 से बकाया चली आ रही राशि को राज्य कोष में जमा करवाया।
March 17, 2026

राज्य सरकार ने बजट 2026—27 के प्रस्तावों में एस.वाई.एल. नहर के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है : नायब सिंह सैनी

राज्य सरकार ने बजट 2026—27 के प्रस्तावों में एस.वाई.एल. नहर के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है : नायब सिंह सैनी 
चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट 2026—27 के प्रस्तावों में एस.वाई.एल. नहर के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, इसलिए विपक्ष का यह आरोप कि बजट में एस.वाई.एल. नहर का कहीं जिक्र नहीं है, पूरी तरह से निराधार है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बजट अनुमान 2026—27 पर चर्चा के उपरांत जवाब दे रहे थे।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के साथियों ने यह कहा कि वे तीन दिन से बजट भाषण पढ़ रहे हैं और उसमें एस.वाई.एल. नहर का कहीं जिक्र नहीं है। इन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के गठन के लगभग 60 वर्षों के इतिहास में ऐसा कोई बजट नहीं रहा, जिसमें एस.वाई.एल. का उल्लेख न किया गया हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बजट 2026-27 के दस्तावेज खण्ड-III, जो कि पूंजीगत व्ययों का ब्यौरेवार अनुमान प्रस्तुत करता है, उसके पृष्ठ संख्या 204 पर स्पष्ट रूप से एस.वाई.एल. नहर का निर्माण के सब—हेड में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वर्ष 2005 से 2014 तक के दस वर्षों के कार्यकाल के बजट भाषणों के रिकॉर्ड के अनुसार केवल दो वर्षों 2005-06 और 2006-07 के बजट भाषण में ही एस.वाई.एल. नहर का उल्लेख किया था। बाकी 8 बजट भाषणों में एस.वाई.एल. शब्द का कहीं भी प्रयोग नहीं हुआ था। इतना ही नहीं, 10 में से केवल 2 वर्षों अर्थात् 2013-14 और 2014-15 के बजट में एस.वाई.एल. के निर्माण के लिए मात्र 10 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया था। बाकी आठ वर्षों में एक रुपये का भी प्रावधान इस सब—हेड के लिए नहीं किया था।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने तो वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक हर साल 100 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है। राज्यपाल द्वारा 20 फरवरी, 2026 को दिए गए अभिभाषण के पैरा नंबर-36 में भी एस.वाई.एल. के बारे में कहा गया है कि "मेरी सरकार के लिए हरियाणा के जल के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्रतिबद्धता है। हम सतलुज-यमुना लिंक नहर बनाने के लिए पूर्णतः वचनबद्ध हैं।
March 17, 2026

सदन से कांग्रेस के वॉकआउट पर मुख्यमंत्री का तंज, बोले— विपक्ष गैर जिम्मेदार

सदन से कांग्रेस के वॉकआउट पर मुख्यमंत्री का तंज, बोले— विपक्ष गैर जिम्मेदार

कांग्रेस की यही फितरत कि आरोप लगाओ और भाग जाओ

विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं, रचनात्मक सुझाव देने की बजाय वॉकआउट की राजनीति कर रही कांग्रेस        
चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज प्रदेश की जनता देख रही है जिस प्रकार कांग्रेस के विधायक सदन में झूठ बोलकर सदन से वॉक आउट कर जाते हैं। कांग्रेस की फितरत रही है कि आरोप लगाओ और भाग जाओ। उन्होंने शायराना अंदाज में कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो अपने आप को नहीं संभाल सकते वो घर को क्या संभालेंगे। हम पर झूठे आरोप लगाकर वह भाग जाते हैं। विपक्ष का यह रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बजट अनुमान 2026—27 पर चर्चा के उपरांत जवाब दे रहे थे।

कांग्रेस विधायकों द्वारा सदन से वॉकआउट करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी सदस्य पता नहीं किस चश्मे से बजट को देख रहे हैं। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। केवल अखबारों की सुर्खियों में बने रहने के लिए बजट पर निराधार टिप्पणियां कर रहे हैं। विपक्ष ने बजट को गंभीरता से नहीं पढ़ा उन्हें यही नहीं पता कि बजट में विकास के लिए क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं तो वे प्रदेश की समस्याओं पर कैसे चर्चा कर सकते थे। जो सड़क पर आरोप लगाते हैं, उन्हीं आरोपों को सदन में बोल देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के 2 करोड़ 80 लाख लोग इस महान सदन की तरफ आशा भरी नजर से देखते हैं, परंतु विपक्ष का यह गैरजिम्मेदाराना रवैया हरियाणा प्रदेश के लोग देख रहे हैं। विपक्ष को रचनात्मक सुझाव नहीं देने है, बल्कि झूठ बोलकर के सदन से भाग जाना है, यही विपक्ष की सोच है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कांग्रेस की भूमिका चिंताजनक है। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, केवल हाजिरी लगवानी है, विरोध करना है और झूठ फैलाना है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि— जो खुद चल नहीं पाते रास्तों पर, अक्सर वही मंजिलों पर सवाल करते हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष की मजबूरी है, क्योंकि विपक्ष को खुद सरकार के खिलाफ खड़ा हुआ दिखाई देना पड़ता है। पर काश, वे जनहित में कोई रचनात्मक सुझाव भी देते, कम से कम उनके हलके के लोग तो उन्हें हल्के में न लेते।

5 हजार सुझावों से बना जनहितकारी बजट, विपक्ष कर रहा निराधार आलोचना

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रघुबीर कादियान को बजट भाषण बहुत लंबा लगा, इन्होंने कहा कि बजट स्पीच 3 घंटे 9 मिनट की थी, यह विधानसभा का एक रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रघुबीर कादियान सबसे सीनियर सदस्य हैं। इस सदन के अध्यक्ष भी रहे हैं। वे बताएं कि क्या बजट अभिभाषण को समय सीमा तय करने के लिए कोई फार्मूला है या क्या कांग्रेस के कार्यकाल में इसकी कोई समय सीमा तय की गई थी। इसे घंटों व मिनटों में तोलकर ऐसे अपमानित न करें। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मेरा यह दूसरा बजट प्रदेश के सभी हितधारकों के सुझावों को मिलाकर बनाया गया था।

राज्यसभा चुनाव पर मुख्यमंत्री ने कहा — निर्दलीय उम्मीदवार ने हमसे समर्थन मांगा तो विपक्ष को इसमें क्या आपत्ति?

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायकों द्वारा राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने के संबंध में कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने एक प्रत्याशी श्री संजय भाटिया को जीता कर दिल्ली भेजने का काम किया है। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है। हमने निर्दलीय उम्मीदवार को स्पोर्ट किया। विपक्ष भी अपना उम्मीदवार खड़ा कर लेते, क्यों नहीं खड़ा किया। निर्दलीय उम्मीदवार हमारे पास वोट मांगने के लिए आया तो हमने उसे स्पोर्ट किया, इसमें विपक्ष को आपत्ति क्या है। डॉ रघुबीर कादियान ने आज भी चुनाव जीत कर भी चुनावी प्रक्रिया को कांड बताया, वोट चोरी की बात की। जबकि सच्चाई यह है कि न वोट चोरी होती है, न ईवीएम में मोरी होती है, लोकतंत्र की यही तो खूबी है जनाब, जगा देती है अंतरआत्मा, अगर वो सो रही होती है। इस प्रकार के आरोप लगाना यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

प्री-बजट बैठकों में किसानों की भागीदारी पर विपक्ष के आरोप गलत, किसान से लेकर उद्योग तक हर वर्ग की भागीदारी से तैयार हुआ बजट

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रघुबीर कादियान द्वारा आरोप लगाया गया कि प्री-बजट परामर्श बैठक केवल बड़े उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ ही कीं। जबकि किसानों और किसान संगठनों से कोई संवाद नहीं किया गया। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह आरोप सरासर गलत है। गत 15 जनवरी को हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में प्री-बजट परामर्श बैठक मैंने की थी। इसमें 362 किसान, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों, एफपीओ, प्रगतिशील किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि शोधकर्ताओं ने भाग लेकर अपने सुझाव दिए। इसके अतिरिक्त, गत 22 जनवरी को कुरुक्षेत्र में आयोजित प्री-बजट परामर्श बैठक में भी भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और किसानों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इसलिए यह कहना कि सरकार केवल उद्योगपतियों से मिलकर बजट बना रही है, न केवल तथ्यहीन है बल्कि उन हजारों किसानों, किसान संगठनों और विशेषज्ञों के योगदान का भी अपमान है, जिन्होंने अपनी मेहनत और अनुभव से बहुमूल्य सुझाव दिए। यह बजट किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि किसान, मजदूर, युवा, महिला, उद्योग और समाज के हर वर्ग की भागीदारी से तैयार किया गया है।