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Thursday, June 4, 2026

June 04, 2026

जन्मदिन पर डॉ. रमेश पांचाल का सराहनीय कदम, 10 टीबी मरीजों को लिया गोद

जन्मदिन पर डॉ. रमेश पांचाल का सराहनीय कदम, 10 टीबी मरीजों को लिया गोद
जींद : जींद के नागरिक अस्पताल में डिप्टी सिविल मेडिकल ऑफिसर डॉ. रमेश पांचाल ने सामाजिक सेवा और मानवीय संवेदना की एक अनूठी मिसाल पेश की है। अपने जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने 10 टीबी मरीजों को गोद लेने की घोषणा की है।
डॉ. रमेश पांचाल ने न केवल इन मरीजों को गोद लिया है, बल्कि उनके पूरे छह माह के उपचार के दौरान हर महीने राशन उपलब्ध कराने और उसका पूरा खर्च स्वयं वहन करने का संकल्प भी लिया है। उनके इस कदम की अस्पताल स्टाफ और आमजन द्वारा सराहना की जा रही है।
डॉ. पांचाल ने बताया कि टीबी के मरीजों को उपचार के दौरान पौष्टिक आहार की विशेष आवश्यकता होती है। आर्थिक रूप से कमजोर कई मरीज इलाज के साथ-साथ पर्याप्त भोजन नहीं जुटा पाते, जिसके कारण वे बीच में ही दवाइयां छोड़ देते हैं। इससे बीमारी और गंभीर हो जाती है तथा मरीजों में दवा प्रतिरोधक क्षमता (DR-TB) विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने 10 टीबी मरीजों को गोद लेने और उनके पोषण की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया है, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार के साथ पौष्टिक आहार भी मिल सके और वे जल्द स्वस्थ हो सकें।
डॉ. रमेश पांचाल की इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए लोगों ने इसे मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।

Wednesday, June 3, 2026

June 03, 2026

ख़ान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हमला, पुलिस ने क्या बताया

ख़ान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हमला, पुलिस ने क्या बताया
पटना : पटना में मंगलवार रात को शिक्षक और यूट्यूबर ख़ान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हमला हुआ है. पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, हमले में एक सुरक्षा गार्ड गंभीर रूप से घायल हुआ है.
बुधवार सुबह ख़ान सर की कोचिंग के बाहर छात्रों का भारी हुजूम इकट्ठा हो गया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
पटना एसपी सिटी ने कहा है कि इस घटना में शामिल 10 से 12 संदिग्धों की पहचान कर ली गई है.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, जिस समय यह हमला हुआ उस समय कोचिंग में क्लासेज़ ख़त्म हो चुकी थीं.

घटना की ख़बर मिलने के बाद पटना एसएसपी, डीएसपी समेत पुलिस की कई टीमें कोचिंग सेंटर पर पहुंच गईं.

एसपी कार्तिकेय शर्मा ने एएनआई से कहा, "इस हमले में गार्ड के घायल होने की ख़बर है. इस मामले में गार्ड और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज कर जांच की जा रही है. घायल व्यक्ति का इलाज हो रहा है."
*पुलिस ने क्या कहा*

एसपी सिटी दीक्षा ने बताया कि 10 से 12 लोगों की पहचान की जा चुकी है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "इसमें शामिल लोग सड़क के दूसरी ओर स्थित कोचिंग सेंटर से जुड़े हुए हो सकते हैं. फ़िलहाल सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है. औपचारिक शिकायतें दर्ज की जा रही हैं और आगे की प्रक्रिया जारी है."
उन्होंने बताया, "सभी वीडियो फ़ुटेज की गहन जांच की जा रही है और हर पहलू का सत्यापन किया जा रहा है. हमें सूचना मिली है कि एक व्यक्ति घायल हुआ है. उसका फ़िलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है. सीसीटीवी फ़ुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है. "

इससे पहले पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने कहा था, "जो भी इस मामले में शामिल पाया जाएगा, उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी."
*ख़ान सर ने क्या बताया*

ख़ान सर ने पत्रकारों से बातचीत में आशंका जताई कि 'हमलावरों का संबंध कोचिंग संस्थानों से हो सकता है.'

उन्होंने कहा, "क्लासें ख़त्म हो चुकी थीं. बिहार पुलिस भर्ती का परिणाम आया था. हज़ारों अभ्यर्थी सफल हुए थे. हम थके हुए थे. तभी कुछ असामाजिक तत्व आए, हमें धमकाने लगे और गार्डों के साथ मारपीट की."
उन्होंने दावा किया, "दस मिनट के अंदर कम से कम आठ-दस राउंड गोली चली और चारों ओर अफ़रा-तफ़री का माहौल पैदा हो गया. ऑफ़िस को पूरी तरह तोड़ दिया है."

उन्होंने कहा, "गार्ड को मार कर इतना लहूलुहान कर दिया है कि उन्हें पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है. देखिए यहां क्या हो रहा है. ये बिल्कुल असामाजिक तत्व हैं."
ख़ान सर ने संदिग्धों की पहचान का दावा करते हुए कहा, "लोगों को चिह्नित कर लिया गया है, गार्ड ने भी उनकी पहचान कर ली है. ऐसा लगता है कि उनका संबंध कोचिंग संस्थानों से है. वे कम फ़ीस से परेशान हैं. मेरा मानना है कि ग़रीबों को भी पढ़ने का अधिकार है."

मुसल्लहपुर हाट इलाक़ा बिहार की राजधानी पटना का एक प्रमुख शैक्षणिक हब है. यहीं ख़ान सर का कोचिंग संस्थान है.
इस इलाक़े में एक प्रमुख कोचिंग केंद्र है- 'ख़ान जीएस रिसर्च सेंटर', जिसे मशहूर ख़ान सर चलाते हैं. उनका पूरा नाम है फ़ैज़ल ख़ान.

उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश के देवरिया के एक स्कूल से की है. ख़ान सर ने बाद में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है.

ख़ान सर का दावा है कि उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद से स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की है. उनका कहना है कि उनके यूट्यूब चैनल को कोविड लॉकडाउन ने ज़्यादा लोगों तक पहुँचा दिया.
इसी दौर में ख़ान सर भी काफ़ी मशहूर हुए. ख़ासकर देसी अंदाज़ में पढ़ाने और समझाने के तरीक़ों की वजह से वो चर्चा में आए.

ख़ान सर मूल रूप से बिहार की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले हैं.

ख़ान सर स्टूडेंट्स में लोकप्रिय हैं और हज़ारों छात्र उनके संस्थान में पढ़ते हैं लेकिन अपनी टिप्पणियों से वो विवादों में भी रहे हैं.

वो छात्रों ही नहीं बल्कि आम लोगों के बीच भी एक चर्चित नाम हैं. उनके यूट्यूब चैनल 'ख़ान जीएस रिसर्च सेंटर' के 2.9 करोड़ से ज़्यादा सबस्क्राइबर हैं.
उन्होंने कहा, "मुझे सुरक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन यह प्रशासन पर निर्भर करता है. सीसीटीवी फ़ुटेज पुलिस को सौंप दिया गया है."

ख़ान सर ने कहा, "हमारे सुरक्षा गार्ड ने भी हमलावरों की पहचान कर ली है. ये लोग पास के कोचिंग सेंटर से हैं. यह साफ़ है कि इस घटना के पीछे आसपास का कोचिंग संस्थान है. उन्होंने ऐसे बयान भी दिए हैं, जिनमें कहा गया है कि वे ख़ान सर के कोचिंग सेंटर को उड़ा देंगे."
June 03, 2026

शशि थरूर ने कहा, 'सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत और आख़िर में पूरा वंदे मातरम गाना ग़ैर-ज़रूरी'

शशि थरूर ने कहा, 'सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत और आख़िर में पूरा वंदे मातरम गाना ग़ैर-ज़रूरी'

शशि थरूरकांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत और आख़िर में 'वंदे मातरम के सभी छंदों को गाना वहां मौजूद लोगों के लिए ग़ैर-ज़रूरी' है.

नई दिल्ली: समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक दिन पहले वंदे मातरम विवाद पर प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने कहा, "सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत और अंत में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी छंदों को बजाने या गाने की अनिवार्यता वहां मौजूद ऑडियंस के लिए ग़ैर-ज़रूरी और बोझिल है."

उनके इस बयान पर बीजेपी की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है.

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पीटीआई से कहा है, "कांग्रेस पार्टी को वंदे मातरम से समस्या है, क्योंकि वह मुस्लिम लीग के प्रभाव में आ गई है."

उन्होंने कहा, "गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से कहते हैं कि वंदे मातरम गाना वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है. इस मुद्दे पर विवाद खड़ा करके राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी ने साफ़ कर दिया है कि उसकी नीतियां और मंशा देशभक्ति से नहीं, बल्कि देश के विरोध से प्रेरित हैं."

उधर, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वंदे मातरम से जुड़े विवाद को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया था और उम्मीद जताई कि इसका समाधान आपसी सहमति से हो जाएगा.

शशि थरूर ने कहा, "मैं समझ सकता हूं कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या प्रधानमंत्री से जुड़े औपचारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम को एक बार गाया जाए. लेकिन किसी छोटे कार्यक्रम में पूरा गीत दो बार गाना समझ से परे है. मुझे इसका कोई औचित्य नहीं दिखता, और यह ख़ास तौर पर प्रभावी भी नहीं है."

वह पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए कहते हैं कि पहले कार्यक्रम की शुरुआत में वंदे मातरम बजाया जाता था और अंत में राष्ट्रगान.

उन्होंने कहा, "मगर अब वे चाहते हैं कि इसके सभी छंदों को सभी कार्यक्रमों की शुरुआत और अंत में बजाया जाए. मेरे विचार में यह गैर-ज़रूरी रूप से थोपना है."

थरूर ने यह भी कहा, "वंदे मातरम हमारा राष्ट्रगीत है और हम सब इसे बजाए जाने पर सम्मान में खड़े होते हैं और इसका पहला अंतरा या शुरूआती कुछ अंतरे आम लोगों को कंठस्थ हैं."

बता दें कि गृह मंत्रालय के मुताबिक, वंदे मातरम के आधिकारिक संस्करण को गाने की पूरी अवधि 3 मिनट, 10 सेकंड है.

इसे सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में बजाया जाना अनिवार्य है. इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा. अब तक राष्ट्रगीत के पहले दो अंतरे गाए जाते थे.

थरूर ने यह भी कहा कि केरल सरकार का मानना था कि वंदे मातरम को पूरा गाना अनिवार्य नहीं है, जबकि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आलेकर की राय अलग है.

थरूर ने स्पष्ट किया कि उन्हें राष्ट्रीय गीत से कोई आपत्ति नहीं है. वे इसे ख़ुशी-ख़ुशी गा सकते हैं.

June 03, 2026

सीबीएसई के नए चेयरपर्सन का एलान, राहुल सिंह के तबादले के बाद इन्हें मिली कमान

सीबीएसई के नए चेयरपर्सन का एलान, राहुल सिंह के तबादले के बाद इन्हें मिली कमान

सीबीएसई

इमेज कैप्शन,सीबीएसई के नए चेयरपर्सन लोखंडे प्रशांत सीताराम 2001 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने आईएएस ऑफिसर लोखंडे प्रशांत सीताराम को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है. वरुण भारद्वाज को सचिव बनाया गया है.

यह फ़ैसला उस समय आया जब ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम को लेकर विवाद के बीच पुराने पदाधिकारियों को हटा दिया गया.

मंगलवार को ही सीबीएसई के चेयरपर्सन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफ़र कर दिया गया था.

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, नए चेयरपर्सन लोखंडे प्रशांत सीताराम 2001 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं. वह एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिज़ोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर से आते हैं, फ़िलहाल गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हैं.

वहीं, वरुण भारद्वाज साल 2008 बैच के भारतीय सूचना सेवा (आईआईएस) अधिकारी हैं. भारद्वाज वर्तमान में शिक्षा मंत्रालय में निदेशक के रूप में कार्यरत हैं.

June 03, 2026

जेईई की गर्ल्स टॉपर की कहानी, तैयारी के लिए जब पूरे परिवार ने शहर ही बदल दिया

जेईई की गर्ल्स टॉपर की कहानी, तैयारी के लिए जब पूरे परिवार ने शहर ही बदल दिया
नई दिल्ली : बीते 15 दिनों से ही आरोही देशपांडे के दिन देर से शुरू हो रहे हैं. उठने के बाद वह या तो लॉर्ड ऑफ़ द रिंग्स त्रयी (ट्राइलॉजी) पढ़ती हैं या फ़िल्में देखती हैं.

लगभग चार साल बाद उनकी ज़िंदगी में यह सुकून लौटा है. लेकिन सोमवार, 1 जून से यह शांति भी चली गई है. वजह है रिश्तेदारों और परिचितों के लगातार बधाई वाले फ़ोन.

इस साल आरोही देशपांडे ने जेईई एडवांस्ड में देशभर की लड़कियों में पहला स्थान हासिल किया है. उन्होंने 360 में से 280 अंक पाकर कुल रैंकिंग में 77वाँ स्थान पाया.
उनका शानदार प्रदर्शन सिर्फ़ एडवांस्ड तक सीमित नहीं रहा. जेईई मेन्स में उन्होंने 99.996 पर्सेंटाइल स्कोर किया. उन्होंने 12वीं में 97.8% और 10वीं में 96.7% अंक हासिल किए थे.

आरोही की यह यात्रा नौवीं कक्षा से शुरू हुई. पुणे के लोकसेवा ई-स्कूल में पढ़ते हुए उन्होंने तय किया कि उन्हें इंजीनियरिंग में करियर बनाना है. इस फ़ैसले पर उनके परिवार में मौजूद इंजीनियरों की बड़ी संख्या का असर था.

आरोही बताती हैं, "मुझे गणित अच्छा लगता था. इसके अलावा मेरे परिवार में कई इंजीनियर हैं. उन्हें देखकर मुझे लगा कि मुझे भी इंजीनियरिंग करनी चाहिए. इसके बाद मैंने तैयारी शुरू कर दी. उससे पहले तक मैंने अपने लिए कोई ख़ास, ठोस लक्ष्य तय नहीं किया था."

इसके बाद पूरा परिवार उनके इस लक्ष्य को पूरा करने में जुट गया. पहला क़दम था पुणे छोड़ने का.
एक प्रमुख न्यूज समाचार एजेंसी से बातचीत में उनके पिता प्रसाद देशपांडे ने कहा, "कोविड-19 महामारी के दौरान वह सातवीं और आठवीं में पढ़ रही थी. उस समय हमें कुछ ऑनलाइन लेक्चर मिले. इन्हें देखते हुए हमें पता चला कि ज़्यादातर प्रोफ़ेसर कोटा से हैं. इसलिए हमने कोटा और वहाँ की अकादमियों के बारे में जानकारी जुटाना शुरू किया."
इसके बाद पूरे परिवार ने कोटा शिफ़्ट होने का फ़ैसला किया. आरोही के पिता आईटी सेक्टर में काम करते हैं, जबकि उनकी माँ सिविल और एनवायरनमेंटल इंजीनियर हैं.

कोविड के बाद दोनों ने 'वर्क फ्रॉम होम' का विकल्प चुना. पूरा परिवार- आरोही, उनका छोटा भाई और माता-पिता कोटा में बस गए. वहां आरोही की पढ़ाई शुरू हो गई.

उन्होंने यह भी इंतज़ाम किया कि जब माता‑पिता को हर महीने अपनी कंपनियों में जाना पड़े, तो उसके लिए पहले से व्यवस्था हो.

चूंकि शहर में उनके कोई परिचित नहीं थे, इसलिए कोटा में उनके चार साल लगभग पूरी तरह परिवार तक ही सीमित रहे, सामाजिक मेल-जोल लगभग नहीं रहा. पिता की अपनी कंपनी की हैदराबाद और माँ की गुरुग्राम यात्रा भी आरोही के शेड्यूल को ध्यान में रखकर तय की जाती थी.

हालांकि पुणे छोड़ने का फ़ैसला दोनों के लिए आसान नहीं था. आरोही बताती हैं, "मेरी नानी पुणे में रहती थीं. मेरे दोस्त भी वहीं थे. मुझे बुरा लगा क्योंकि मुझे सबको पीछे छोड़ना पड़ा. कोटा आने के बाद भी मैं उन्हें याद करती थी. लेकिन आख़िरकार मैंने पढ़ाई पर ध्यान देने का फ़ैसला किया."

कोटा में उन्होंने क्लासेस जॉइन कीं और बोर्ड परीक्षाओं की पढ़ाई शुरू की. लेकिन असली ध्यान हमेशा जेईई पर रहा. आरोही कहती हैं कि उनकी पढ़ाई निश्चित घंटे पढ़ने की योजना पर आधारित नहीं थी.

वह बताती हैं, "मैंने बस यह तय किया था कि दिन का जो भी काम दिया जाएगा, उसे पूरा करना है. जितना समय लगे, उतना दूँगी. कभी छह घंटे लगते, कभी सात. जब तक काम पूरा न हो, मैं रुकती नहीं थी."

शुरुआती दौर में रविवार का दिन आराम के लिए मिलता था. माता-पिता बताते हैं कि समय बीतने के साथ उन्होंने आराम का वह समय भी कम कर दिया.

आरोही के पिता बताते हैं, "स्कूल के दिनों में आरोही को पेंटिंग और पढ़ने का शौक़ था. लेकिन आख़िरी कुछ महीनों में उन्होंने सब कुछ रोक दिया ताकि पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान लगाया जा सके."

कड़ी मेहनत के बावजूद उन्हें कुछ मॉक टेस्ट में असफलता का सामना करना पड़ा. लेकिन इससे उनका लक्ष्य नहीं डगमगाया. आरोही याद करती हैं, "कभी शिक्षक कठिन पेपर बना देते थे, कभी मैं ग़लतियाँ कर देती थी. जब भी ऐसा होता, मैं देखती कि कहाँ ग़लती हुई और उसी हिस्से पर ज़्यादा ध्यान देती."

उनके पिता प्रसाद देशपांडे कहते हैं कि इस दौरान माता-पिता का सहयोग बेहद अहम रहा.

वह कहते हैं, "अगर सब कुछ बच्चों पर छोड़ दिया जाए तो उन पर बहुत दबाव पड़ता है. इसलिए परिवार के तौर पर हमने तय किया कि जब भी उसे ज़रूरत हो, हम उसका साथ देंगे."

जेईई एडवांस्ड परीक्षा के दिन आरोही को अंदाज़ा भी नहीं था कि वह इतनी बड़ी सफलता हासिल करेंगी.

वह कहती हैं, "मैंने अपनी पूरी कोशिश की. लेकिन परीक्षा ख़त्म होने के बाद भी मुझे लगा कि मैं और बेहतर कर सकती थी." आंसर कीज़ देखने के बाद भी उन्हें अपने अंकों पर भरोसा नहीं था. हालाँकि उनके शिक्षक लगातार कहते रहे कि वह टॉप 100 में आएँगीं.

आरोही मानती हैं कि उनकी 77वीं रैंक और 280 अंक उनकी उम्मीद से कहीं ज़्यादा थे. वह साफ़ कहती हैं कि अपनी रैंक से खुश हैं, लेकिन अगर कोई और लड़की उनसे ऊपर आती तो उन्हें और भी अच्छा लगता. वह यह भी ज़ोर देकर कहती हैं कि इस साल कई लड़कियों ने जेईई में शानदार प्रदर्शन किया है.

अब उनका परिवार हैदराबाद में बस गया है. आरोही का सपना है कि वह आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग करें.

यूं तो यह महत्वपूर्ण मुकाम है, लेकिन उनके माता-पिता लगातार याद दिलाते हैं कि यह तो बस शुरुआत है. उनका छोटा भाई भी जेईई की तैयारी शुरू कर चुका है.

माता-पिता उन्हें यह भी समझा रहे हैं कि इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद देश के लिए योगदान देना उनका असली लक्ष्य होना चाहिए.

फ़िलहाल, आरोही रिश्तेदारों से मिलने, फ़िल्में देखने और किताबें पढ़ने में व्यस्त और खुश हैं.
June 03, 2026

केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होगी सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त डाॅ. वैशाली शर्मा

- केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होगी सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त डाॅ. वैशाली शर्मा

-जींद में नई उपायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने संभाला पदभार
जींद : भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी डॉ. वैशाली शर्मा ने मंगलवार को जींद जिले की उपायुक्त (डीसी) के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के उपरांत उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक कर जिले की प्रशासनिक व्यवस्थाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
उपायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने कार्यभार संभालने के उपरांत अधिकारियों के साथ जिले में चल रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी, जिसमें सभी विभागों के विभागाध्यक्षों का साथ और सहयोग होना बहुत महत्वपूर्ण और आवश्यक है। उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ जिले के विकास, जनसेवाओं की गुणवत्ता तथा प्रशासनिक कार्यों की प्रगति को लेकर भी चर्चा की और कहा कि जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बता दें कि वर्ष 2017 बैच की आईएएस अधिकारी डॉ. वैशाली शर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अपनी प्रशासनिक सेवाओं की शुरुआत पुन्हाना (मेवात) में उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) के रूप में की थी। इसके पश्चात उन्होंने नारायणगढ़ में एसडीएम, करनाल में एडीसी कुरुक्षेत्र में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) आदि महत्वपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। हाल ही में उनका स्थानांतरण करनाल नगर निगम आयुक्त से बतौर उपायुक्त जींद हुआ है।

Tuesday, June 2, 2026

June 02, 2026

हरियाणा ने एसजीएसटी) संग्रह की विकास दर के मामले में देश के सभी राज्यों में पहला स्थान हासिल किया

हरियाणा ने एसजीएसटी) संग्रह की विकास दर के मामले में देश के सभी राज्यों में पहला स्थान हासिल किया

- इस बार राज्य की विकास दर रही 22 प्रतिशत
चंडीगढ़ - हरियाणा ने मई 2026 के महीने में "राज्य माल और सेवा कर" (एसजीएसटी) संग्रह की विकास दर के मामले में देश के सभी राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। मई 2025 की तुलना में इस बार राज्य ने 22 प्रतिशत की शानदार विकास दर दर्ज की है, जबकि इस अवधि के दौरान एसजीएसटी संग्रह में राष्ट्रीय औसत विकास दर महज 6 प्रतिशत रही।

इस सूची में हरियाणा के बाद मेघालय 19 प्रतिशत के साथ दूसरे, कर्नाटक 17 प्रतिशत के साथ तीसरे और गुजरात 16 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर रहा।

आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मई के महीने में हरियाणा का शुद्ध राज्य जीएसटी (निपटान के बाद) संग्रह 4,456 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के इसी महीने के संग्रह (3,649 करोड़ रुपये) से 807 करोड़ रुपये अधिक है।

इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में भी हरियाणा सभी राज्यों के बीच एसजीएसटी राजस्व की संचयी विकास दर (क्युमुलेटिव ग्रोथ रेट) में शीर्ष पर है। राज्य ने पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 40 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष के पहले दो महीनों के दौरान राज्य जीएसटी राजस्व की औसत राष्ट्रीय वृद्धि 23 प्रतिशत रही।

यह पहली बार नहीं है जब राज्य ने ऐसा प्रदर्शन किया हो; हरियाणा लगातार एसजीएसटी राजस्व में उच्च विकास दर दर्ज कर रहा है। इससे पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी हरियाणा ने राष्ट्रीय औसत 6 प्रतिशत के मुकाबले 22 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ देश में सबसे अधिक ग्रोथ रेट दर्ज की थी।

राज्य के जीएसटी राजस्व में इस लगातार उच्च वृद्धि का श्रेय प्रदेश की बढ़ती अर्थव्यवस्था और कुशल कर-प्रशासन को दिया जा रहा है। विभाग द्वारा डेटा एनालिटिक्स पर आधारित प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट), फर्जी करदाताओं के खिलाफ गहन अभियान, अनुपालन (कम्प्लायंस) में सुधार और राजस्व रिसाव को रोकने के लिए लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

इसके साथ ही, कर-प्रशासन को अधिक व्यापार-अनुकूल बनाने और करदाताओं की सुविधा के लिए भी विभाग प्रयासरत है। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में की गई घोषणा के अनुपालन में, विभाग ने अब करदाताओं की सहूलियत के लिए पोर्टल पर उपलब्ध कराने के साथ-साथ कारण बताओ नोटिस (शो कॉज नोटिस) और संक्षिप्त आदेशों को पंजीकृत/स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी भेजना शुरू कर दिया है।
June 02, 2026

प्रधानमंत्री मोदी के न्याय विजन को हरियाणा में साकार कर रही सरकार : मुख्यमंत्री नायब सैनी

प्रधानमंत्री मोदी के न्याय विजन को हरियाणा में साकार कर रही सरकार : मुख्यमंत्री नायब सैनी

मुख्यमंत्री ने भारतीय न्याय संहिता के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक ली, दिए विशेष निर्देश

जांच में देरी पर सख्ती और वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग को लेकर भी दिए निर्देश

जांच अधिकारियों को मिलेगा अब अलर्ट,समय पर चार्जशीट सबमिट ना करने वालों पर होगी कार्रवाई
चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि न्याय केवल मिले ही नहीं, बल्कि समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम व्यवस्था के माध्यम से हर नागरिक तक पहुंचे। हरियाणा सरकार नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन द्वारा इस विज़न को धरातल पर उतारते हुए न्याय प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को नई मजबूती प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित तीनों नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने विशेष दिशा निर्देश भी दिए।

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि हरियाणा भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) को पूर्ण रूप से लागू करने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। पुलिस, जेल तथा अभियोजन विभागों के बीच बेहतर समन्वय, व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा तकनीकी आधुनिकीकरण के माध्यम से राज्य की आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में 10 वर्ष से कम सजा का प्रावधान है और जिनमें चार्जशीट दाखिल की जानी है, उन मामलों के जांच अधिकारियों (आईओ) को 45वें दिन से प्रतिदिन एसएमएस के तौर पर अलर्ट भेजे जाएं, ताकि वे निर्धारित 60 दिनों की समयसीमा के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सबमिट कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित थाना प्रभारी की भी जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त 55वें दिन संबंधित पुलिस अधीक्षक (एसपी) को भी स्वतः अलर्ट भेजा जाए।
उन्होंने कहा कि जिन गंभीर मामलों में 10 वर्ष से अधिक सजा का प्रावधान है, उनमें जांच के लिए 90 दिनों की समयसीमा निर्धारित है, लेकिन 60वें दिन से ही निगरानी एवं रिपोर्टिंग की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर देरी की संभावना न रहे। इसमें भी उसी प्रकार से अलर्ट भेजे जाएं, ताकि वो भी चार्जशीट सबमिट करने में देरी ना करे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी मामलों की दैनिक आधार पर समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नए कानूनों की भावना के अनुरूप समयबद्ध जांच और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

बैठक के दौरान ई-साक्ष्य (e-Sakshya) तथा एनएएफआईएस (NAFIS) प्रणाली की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध की वैज्ञानिक जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी जांच अधिकारी द्वारा फिंगर प्रिंट अथवा अन्य आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र नहीं किए जाते हैं तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने ऐसे मामलों में इंक्रीमेंट रोकने जैसे प्रावधानों पर भी गंभीरता से अमल करने के निर्देश दिए।

बैठक में न्याय श्रुति (Nyaya Shruti) परियोजना की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में 453 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कोर्ट्स के संचालन हेतु आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। अधिकांश जिलों में इनका उपयोग 90 से 92 प्रतिशत तक हो रहा है, जबकि 7 जिलों में यह दर लगभग 87 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने इन जिलों में भी उपयोगिता दर बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नए आपराधिक कानून न्याय प्रणाली में ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आए हैं। इनका उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, तकनीक-संचालित और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि अपराध की जांच आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हो तथा प्रत्येक नागरिक को समय पर न्याय मिले। उन्होंने अधिकारियों से नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए।

गृह सचिव श्री सुधीर राजपाल ने कहा कि हरियाणा नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि तकनीक के अधिकतम उपयोग, वैज्ञानिक जांच तथा समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा। इसके अलावा पुलिस महानिदेशक के साथ भी नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और उससे संबंधित रैकिंग प्वाइंट्स में और ज्यादा बेहतरी के लिए हर सप्ताह मंगलवार को रिव्यू बैठक करने का निर्णय भी लिया है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, गृह सचिव श्री सुधीर राजपाल, पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल, विशेष गृह सचिव (द्वितीय) सुश्री आमना तसनीम, पुलिस महानिदेशक (जेल) श्री आलोक मित्तल, श्रीमती कला रामचंद्रन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
June 02, 2026

हरियाणा के सरकारी डॉक्टरों के लिए पीजी बॉन्ड पॉलिसी में किया बदलाव -डॉ. सुमिता मिश्रा

हरियाणा के सरकारी डॉक्टरों के लिए पीजी बॉन्ड पॉलिसी में किया बदलाव -डॉ. सुमिता मिश्रा

क्लिनिकल पीजी डॉक्टरों के लिए कोई मेडिकल एजुकेशन बॉन्ड नहीं

नॉन-क्लिनिकल, पैरा क्लिनिकल स्पेशलिस्ट तीन साल मेडिकल कॉलेजों में करेंगे काम
चंडीगढ़ - हरियाणा सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी को दूर करने और अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सर्विस के दौरान पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन कर रहे डॉक्टरों के लिए पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है।

यह जानकारी देते हुए हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग की ओर से जारी की गई बदली हुई पॉलिसी के तहत जो डॉक्टर सरकारी सर्विस में रहते हुए क्लिनिकल स्पेशलिटी में पोस्टग्रेजुएट डिग्री कर लेते हैैं। अब उन्हें मेडिकल एजुकेशन बॉन्ड भरने की ज़रूरत नहीं होगी, और वे अपने मूल विभाग में काम करते रहेंगे। इस निर्णय से पूरे हरियाणा में स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर सेवाएं मजबूत होने की उम्मीद है। हरियाणा के मेडिकल कॉलेजों में मौजूदा रिज़र्वेशन कोटे के तहत सेवा के दौरान पोस्टग्रेजुएट पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को बढ़ावा देने से जुड़ी सरकार की 2022 पॉलिसी के नियमों में बदलाव किया गया है।

नई पॉलिसी अनुसार नॉन-क्लिनिकल और पैरा-क्लिनिकल स्पेशलिस्ट के लिए तीन साल की टीचिंग सर्विस केे दौरान जो डॉक्टर राज्य के मेडिकल कॉलेजों में रिज़र्वेशन का फ़ायदा उठाकर प्री-क्लिनिकल और पैरा-क्लिनिकल विषय में पोस्टग्रेजुएट कोर्स पूरा कर लेते हैं, उन्हें मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च डिपार्टमेंट के तहत मेडिकल एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में तीन साल तक काम करना होगा।

इन डॉक्टरों को मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च डिपार्टमेंट में निर्धारित समय पूरा करने के बाद स्थाई तौर पर शामिल होने का ऑप्शन दिया जाएगा, जिससे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में टीचिंग फैकल्टी बढाने का स्पेशल रास्ता बनेगा।

हरियाणा ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ मेडिकल एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ी से बढ़ाया जा रहा है, जिससे एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी जैसे विषय में योग्य टीचरों की मांग बढ़ गई है। पॉलिसी की सबसे खास बात यह है कि क्लिनिकल में पोस्टग्रेजुएट पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को छूट दी गई है। ऐसे डॉक्टरों को हरियाणा सिविल डेंटल सर्विस मेडिकल एजुकेशन बॉन्ड भरने की ज़रूरत नहीं होगी और वे अपनी हायर स्टडी पूरी करने के बाद अपने मूल विभाग में सर्विस जारी रख सकेंगे।

इस निर्णय से यह सुनिष्चित होगा कि सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट मैनपावर बनाए रखने में मदद मिलेगी और पब्लिक हेल्थकेयर संस्थानों को योग्य डॉक्टरों की कमी का सामना नही करना पड़ेगा।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि बदली हुई पोलिसी में दो आवश्यक प्रबंधो के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है जिसमें मेडिकल कॉलेजों में क्वालिफाइड फैकल्टी की बढ़ती मांग को पूरा करना और अस्पतालों में स्पेशलिस्ट मेडिकल सर्विस को बनाए रखना है।

सरकार को उम्मीद है कि नॉन-क्लिनिकल पोस्टग्रेजुएट को टीचिंग संस्थानों की ओर भेजने और क्लिनिकल स्पेशलिस्ट को हेल्थकेयर सर्विस में बने रहने की इजाज़त देने से मेडिकल एजुकेशन और मरीज़ों की देखभाल दोनों एक साथ मज़बूत होंगी। 

पॉलिसी में यह बदलाव इसलिए किया गया है कि हरियाणा अपने मेडिकल एजुकेशन नेटवर्क बढ़ाने में बड़ा निवेष कर रहा है। हाल ही में कई नए सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाए गए हैं, जिससे नेशनल मेडिकल कमीशन के नियमों को पूरा करने और मेडिकल एजुकेशन की क्वालिटी में सुधार के लिए ट्रेंड फैकल्टी सदस्यों की तुरंत ज़रूरत हो गई है। नई पॉलिसी से जिला और तीसरे स्तर के हॉस्पिटल में स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर सर्विस पर बिना असर डाले एकेडमिक प्रोफेशनल्स का एक स्थाई पूल बनाने में मदद मिल सकती है।

यह नोटिफिकेशन डिपार्टमेंट ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च ने अथॉरिटी की मंज़ूरी से जारी किया गया है। इससे उम्मीद है कि सर्विस के दौरान पोस्टग्रेजुएट क्वालिफिकेशन कर रहे डॉक्टरों को करियर में आगे बढ़ने और सर्विस की ज़िम्मेदारियों के बारे में ज़्यादा स्पष्टता आएगी।
June 02, 2026

शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष ने किया अटल बहुउद्देशीय सभागार व विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण

शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष ने किया अटल बहुउद्देशीय सभागार व विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण
भिवानी : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़  ने आज बोर्ड परिसर में निर्माणाधीन अटल बहुउद्देशीय सभागार का निरीक्षण किया तथा बोर्ड की विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली और लंबित फाईलों की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान श्री शंकर लाल धूपड़ ने सबसे पहले बोर्ड परिसर में निर्माणाधीन अटल बहुउद्देशीय सभागार का निरीक्षण किया और इसे तय समय सीमा पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण स्थल पर इधर-उधर पड़ी अव्यवस्थित निर्माण सामग्री पर असंतोष व्यक्त किया तथा संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने कार्यालय में विभिन्न शाखाओं में जाकर कर्मचारियों की उपस्थिति और लंबित मामलों का जायजा लिया तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बोर्ड के कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लंबित मामलों का शीघ्र निपटान करने बारे भी आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक बार का निरीक्षण नहीं है, आगे भी विभागीय कार्यों की समीक्षा करने के लिए इसी तरह औचक निरीक्षण किए जाएंगे।
बोर्ड अध्यक्ष ने बोर्ड कार्यालय में आए विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से भी संवाद किया। उन्होंने लोगों से बोर्ड के कार्यों और सुविधाओं के बारे में उनकी राय जानी। लोगों ने बोर्ड अध्यक्ष से अपने अनुभव साझा किए, जिनमें से कई ने बोर्ड की कार्यप्रणाली की सराहना की, वहीं कुछ ने सुधार संबंधी सुझाव भी दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और जनता से संवाद के दौरान विनम्र एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार बनाए रखें। उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रदेशभर के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के हित में पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
June 02, 2026

8 व 9 जून को एचटेट परीक्षा-2024 हेतु अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का दिया गया अन्तिम अवसर- बोर्ड अध्यक्ष

8 व 9 जून को एचटेट परीक्षा-2024 हेतु अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का दिया गया अन्तिम अवसर- बोर्ड अध्यक्ष
चंडीगढ़ -  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने  बताया कि हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2024 (एचटेट) का जो आयोजन 30 व 31 जुलाई, 2025 को करवाया गया था। परीक्षा का परिणाम 10 नवंबर, 2025 को घोषित किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु प्रथम अवसर 12 से 14 नवंबर एवं 19 से 21 नवंबर, 2025 तक दूसरा अवसर दिया गया था। जो अभ्यर्थी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण नहीं कर पाए व जिनका परीक्षा परिणाम RLV( Result late due to verification)  दर्शाया गया है, ऐसे अभ्यर्थियों को बोर्ड द्वारा तीसरा व अन्तिम अवसर प्रदान किया गया है। अभ्यर्थी 8 व 9 जून, 2026 को बोर्ड मुख्यालय भिवानी  पंहुचकर अपनी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि ऐसे अभ्यर्थियों जो अपनी RLV की स्थिति (Status) में सुधार चाहते हैं, वे अभ्यर्थी पर्याप्त प्रमाण सहित (मूल प्रवेश पत्र (Admit Card), फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र, RLV परीक्षा परिणाम का प्रमाण लेकर पंहुचना सुनिश्चित करें।
उन्होंने आगे बताया कि ऐेसे सभी अभ्यर्थियों को उनके द्वारा ऑनलाइन आवेदन करते समय उपलब्ध करवाए गए पंजीकृत मोबाइल नंबर /ई-मेल पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया बारे संदेश भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जो अभ्यर्थी इन तिथियों में यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं करते हैं, उनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।
June 02, 2026

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने तेलंगाना स्थापना दिवस पर दी शुभकामनाएं'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की प्राप्ति में तेलंगाना और हरियाणा की महत्वपूर्ण भूमिका - राज्यपाल

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने तेलंगाना स्थापना दिवस पर दी शुभकामनाएं
'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की प्राप्ति में तेलंगाना और हरियाणा की महत्वपूर्ण भूमिका - राज्यपाल
चंडीगढ़- हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने तेलंगाना राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेलंगाना और हरियाणा दोनों राज्य महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

राज्यपाल आज यहां हरियाणा लोक भवन में तेलंगाना स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों एवं तेलंगाना समुदाय के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों सहित हरियाणा में निवास कर रहे तेलंगाना समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।

प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि 2 जून, 2014 को तेलंगाना राज्य का गठन लाखों लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं की पूर्ति का ऐतिहासिक क्षण था। स्थापना के बाद से तेलंगाना देश के सबसे गतिशील और प्रगतिशील राज्यों में से एक के रूप में उभरा है तथा कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना के लोगों की मेहनत, नवाचार और दृढ़ संकल्प ने राज्य को देश की आर्थिक प्रगति और तकनीकी विकास में अग्रणी योगदानकर्ताओं में शामिल कर दिया है। तेलंगाना की विकास यात्रा न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक एवं संघीय व्यवस्था की मजबूती को भी दर्शाती है।

हरियाणा और तेलंगाना के बीच मजबूत संबंधों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भौगोलिक दूरी के बावजूद दोनों राज्य समावेशी विकास, किसानों और युवाओं के कल्याण तथा प्रत्येक नागरिक की उन्नति एवं प्रगति के साझा उद्देश्य से जुड़े  हैं।

प्रो. असीम कुमार घोष ने विश्वास व्यक्त किया कि तेलंगाना के लोग भविष्य में भी नई उपलब्धियां हासिल करते रहेंगे और राष्ट्र की प्रगति, समृद्धि तथा गौरव में अपना अमूल्य योगदान देते रहेंगे।

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्य सूचना आयुक्त श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंद्रू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मानवाधिकार एवं वाद-विवाद) डॉ. सी.एस. राव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, डॉ. एम. रवि किरण, राज्यपाल के सचिव श्री विजयकुमार भाविकट्टी, राज्यपाल के एडीसी श्री धीरज सेतिया  व  श्री पी. भरत, अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा हरियाणा में निवास कर रहे तेलंगाना समुदाय के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
June 02, 2026

मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी को दी मंजूरी

गांव उमरी में 14 एकड़ भूमि की हुई पहचान

राजस्व अधिकारियों, पटवारियों और फील्ड कर्मचारियों के लिए समर्पित ट्रेनिंग

हब बनाने हेतु 100 करोड़ रुपये की परियोजना
चंडीगढ़-- हरियाणा के राजस्व प्रशासन को आधुनिक बनाने और संस्थागत क्षमता निर्माण को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र जिले के गांव उमरी में 'हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी' की स्थापना को मंजूरी दे दी है। लगभग 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 14 एकड़ भूमि पर इस परियोजना को विकसित किया जाएगा। यह अकादमी राज्य के राजस्व अधिकारियों और फील्ड स्तर के कर्मचारियों के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करेगी।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह अकादमी राजस्व अधिकारियों की पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाने और उन्हें भूमि प्रशासन, आपदा प्रबंधन तथा सार्वजनिक सेवा वितरण की बदलती चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 यह निर्णय राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा अकादमी के लिए एक उपयुक्त स्थान की पहचान करने हेतु की गई विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है, जिसकी घोषणा हरियाणा बजट 2026-27 में की गई थी। कुरुक्षेत्र जिले से प्राप्त कई प्रस्तावों का मूल्यांकन करने के बाद सरकार ने इस परियोजना के लिए ग्राम पंचायत उमरी को सबसे उपयुक्त स्थान के रूप में चुना है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि उमरी में प्रस्तावित स्थल के कई राजनीतिक और प्रशासनिक लाभ हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर स्थित होने के कारण, यह भूमि हरियाणा के सभी हिस्सों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करती है। यह स्थल मिनी सचिवालय और तहसील परिसर से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर है, जिससे प्रमुख प्रशासनिक कार्यालयों और सरकारी विभागों तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।

अकादमी का यह स्थल कुरुक्षेत्र शहर के भी करीब है और आयुष विश्वविद्यालय से लगभग एक किलोमीटर दूर है, जिससे यह तेजी से विकसित हो रहे शैक्षणिक और संस्थागत कॉरिडोर के भीतर आता है।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी को एक अत्याधुनिक संस्थान के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो राजस्व अधिकारियों, पटवारियों, कानूनगो और अन्य फील्ड-स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए समर्पित होगा। अकादमी आधुनिक भूमि शासन प्रथाओं, भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, राजस्व कानूनों, विवाद समाधान तंत्र, भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं, आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक प्रशासन में उभरती चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

उम्मीद है कि यह संस्थान पेशेवर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए एक 'उत्कृष्टता केंद्र' (Centre of Excellence) के रूप में उभरेगा, जिससे पूरे हरियाणा में राजस्व प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार करने में मदद मिलेगी।

राज्य की प्रशासनिक मशीनरी की रीढ़ के रूप में, राजस्व विभाग भूमि शासन, राजस्व प्रशासन, आपदा प्रबंधन और नागरिक सेवाओं के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पिछले कुछ वर्षों में, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड, ऑनलाइन सेवा वितरण प्लेटफॉर्म और तकनीक-सक्षम शासन प्रणालियों की शुरुआत के साथ इसकी जिम्मेदारियों का दायरा और जटिलता काफी बढ़ गई है। इन बदलावों के बावजूद, एक समर्पित प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र की कमी एक बड़ी कमी बनी हुई थी। हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी विश्व स्तरीय क्षमता निर्माण केंद्र बनकर इस कमी को पूरा करेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि राजस्व अधिकारी डिजिटल युग में कुशल, पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन के लिए आवश्यक आधुनिक ज्ञान, डिजिटल क्षमताओं और व्यावहारिक कौशल से लैस हों।
June 02, 2026

मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु नई तकनीकों को अपनाएं बिजली निगम - केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल

मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु नई तकनीकों को अपनाएं बिजली निगम - केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल

हरियाणा में 16,552 मेगावाट से अधिक बिजली उपलब्ध, उपभोक्ताओं को मिलेगी निर्बाध आपूर्ति - ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज

 ’सौर ऊर्जा को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, हरियाणा में 2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य’
चंडीगढ़-- केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि देश और राज्यों में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के साथ-साथ बिजली क्षेत्र में होने वाले घाटे को कम करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए बिजली निगमों को नई तकनीकों को अपनाते हुए लक्ष्य आधारित योजनाओं एवं परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि बिजली एक महत्वपूर्ण सेवा होने के साथ-साथ एक आर्थिक संसाधन भी है, जिसके उत्पादन और वितरण में भारी लागत आती है। इसलिए वितरण व्यवस्था को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाना आवश्यक है।

केंद्रीय मंत्री गत देर सायं चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में हरियाणा के बिजली निगमों तथा केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान श्री मनोहर लाल ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी, राजस्व वृद्धि तथा वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा बिजली क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है और राज्य को बिजली घाटे को शून्य करने की दिशा में और अधिक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के बीच के अंतर को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में हरियाणा के बिजली निगमों का कुल लाइन लॉस लगभग 34 प्रतिशत था, जिसमें अब उल्लेखनीय कमी आई है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए सुधार की गति को और तेज करने के निर्देश दिए।

 ’प्रीपेड और स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश’

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने राज्य में प्रीपेड मीटरिंग प्रणाली के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रथम चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के परिसरों में इसे लागू किया जाए। इसके पश्चात 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं तथा अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को इस प्रणाली से जोड़ा जाए।

स्मार्ट मीटरिंग योजना की समीक्षा के दौरान श्री मनोहर लाल ने कहा कि स्मार्ट मीटरों का शीघ्र विस्तार बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ बिजली हानियों को कम करने में सहायक होगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि भविष्य में प्रदेश के सभी नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक से युक्त हैं तथा सौर ऊर्जा प्रणालियों के साथ एकीकृत होने की क्षमता रखते हैं।

 ’‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना बनी सफलता की मिसाल’

बैठक में केंद्रीय मंत्री ने ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना हरियाणा में ग्रामीण बिजली आपूर्ति सुधारने की दिशा में अत्यंत सफल साबित हुई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 6,117 गांवों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में केवल सीमित संख्या में गांवों को ही चौबीस घंटे बिजली मिलती थी, जबकि आज हरियाणा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उपलब्धता के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है।

’हरियाणा के पास वर्तमान मांग से अधिक बिजली उपलब्ध’

बैठक में राज्य की वर्तमान एवं भविष्य की बिजली मांग और उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा के पास वर्तमान में 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है। इसमें लगभग 9,929.92 मेगावाट क्षमता तापीय, परमाणु और गैस आधारित स्रोतों से तथा 6,622.58 मेगावाट क्षमता जलविद्युत, सौर, पवन, बायोमास और अन्य नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हो रही है।

बैठक में यह भी बताया गया कि चालू वर्ष में हरियाणा में अधिकतम बिजली मांग लगभग 16,454 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि राज्य के पास इससे अधिक बिजली उपलब्ध है। वहीं वर्ष 2029-30 तक प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग बढ़कर लगभग 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जिसके मद्देनजर दीर्घकालिक ऊर्जा योजना पर कार्य किया जा रहा है।

’प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सौर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा’

बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में चालू वर्ष के दौरान 2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक लगभग 86 हजार सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि इस योजना के तहत छोटे और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को विशेष प्राथमिकता दी जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ सकें और बिजली खर्च में कमी ला सकें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना समय की मांग है और इसके लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में हरियाणा ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक बिक्रम सिंह, हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की निदेशक संगीता तेतरवाल तथा केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय व राज्य बिजली निगमों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
June 02, 2026

चरखी दादरी जिले में निर्माणाधीन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर होगा

सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पीपीपी मोड पर करवाया जाएगा : आरती सिंह राव 

- चरखी दादरी जिले में निर्माणाधीन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर होगा 

-कहा ,महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा
चंडीगढ़ - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य फ़ोकस राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने पर है।  

आज चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में प्रबंधन को बेहतर करने के लिए साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर सौंपा जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में महिला मरीजों, नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की सुरक्षा को बेहद मजबूत करना है।

 स्वास्थ्य मंत्री ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसी कड़ी में उन्होंने कुरुक्षेत्र के लोक नायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले का जिक्र करते हुए बताया कि आरोपी कंसलटेंट के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

 आरती सिंह राव ने जानकारी दी कि चरखी दादरी जिले में निर्माणाधीन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम देश के महान स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर रखा जाएगा। इस नामकरण के लिए उन्होंने केंद्र सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह इस नामकरण के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसे प्रयासों से हमारी युवा पीढ़ी को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान और संघर्षों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। यह मेडिकल कॉलेज न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा, बल्कि युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत भी बनेगा, जिससे वे देश सेवा के प्रति प्रेरित होंगे।

राज्य के नागरिकों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता सभी जिलों में गायनेकोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया और पीडियाट्रिशन (बाल रोग विशेषज्ञ) की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उनका मुख्य फोकस सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं और बच्चों को उनके घर के नजदीक ही इलाज की सुविधाएं प्रदान करना है। 

उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने करीब 104.16 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए हैं। इसके साथ ही 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य में 766 नए स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसमें ग्रामीण और कस्बा स्तर पर स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने के लिए 597 उप-स्वास्थ्य केंद्र, 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और 111 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर शामिल हैं।

मरीजों को आधुनिक सुविधाएं और सस्ती दवाएं देने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हृदय रोगियों की सहूलियत के लिए राज्य के 600 स्वास्थ्य संस्थानों में टेली-ईसीजी सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा आम जनता को सस्ती एवं उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 23 जिला अस्पतालों में 'अमृत फार्मेसी' स्थापित की गई हैं। इन फार्मेसियों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं भी समय-समय पर औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रही हैं।

 पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक को स्वास्थ्य क्षेत्र से जोड़ते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में ग्रीन एनर्जी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में अब सरकारी अस्पतालों में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है, और हरियाणा सरकार भी इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कदम आगे बढ़ा रही है।
June 02, 2026

रैपर बादशाह से जुड़े SAGO Club पर बड़ी कार्रवाई, चंडीगढ़ प्रशासन ने किया सील

रैपर बादशाह से जुड़े SAGO Club पर बड़ी कार्रवाई, चंडीगढ़ प्रशासन ने किया सील
चंडीगढ़ : शहर के सेक्टर-26 स्थित शोरूम नंबर 17 में चल रहे क्लब को सील किया गया है। मशहूर रैपर बादशाह से जुड़े चर्चित सागो क्लब पर मंगलवार सुबह प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया।
यूटी एस्टेट ऑफिस की बिल्डिंग ब्रांच और प्रवर्तन शाखा की टीम ने भवन नियमों के उल्लंघन के मामले में यह कार्रवाई की। क्लब संचालकों को कई बार नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अनुपालन न होने पर प्रशासन ने सीलिंग का फैसला लिया।
प्रशासन के अनुसार क्लब परिसर में स्वीकृत भवन नक्शे और निर्माण नियमों से जुड़े कई उल्लंघन पाए गए थे। नोटिसों के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मंगलवार सुबह अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और क्लब को सील कर दिया। मालूम हो कि इस क्लब में सबसे ज्यादा युवा आते हैं और वीकेंड पर यहां पर खूब परियां होती हैं क्लब बंद होने से युवाओं को भी निराशा हुई है।
यह वही क्लब है जो पहले भी एक बड़े विवाद के चलते सुर्खियों में रहा था। क्लब के बाहर हुए धमाकों की जिम्मेदारी इंटरनेट मीडिया के माध्यम से गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा द्वारा लिए जाने का दावा सामने आया था।
इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी की मांग पूरी न होने पर धमाके कराने की बात कही गई थी। हालांकि उस मामले की जांच सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस द्वारा की गई थी।

#haryanabulletinnews #Badshah

Monday, June 1, 2026

June 01, 2026

पेट्रोलियम और गैस सिलेंडर के लगातार बढ़ाए जा रहे दाम के विरोध में इनेलो सभी जिलों में उतरी सडक़ों पर, किया जोरदार प्रदर्शन, प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्तों को सौंपे ज्ञापन

पेट्रोलियम और गैस सिलेंडर के लगातार बढ़ाए जा रहे दाम के विरोध में इनेलो सभी जिलों में उतरी सडक़ों पर, किया जोरदार प्रदर्शन, प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्तों को सौंपे ज्ञापन

पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय संरक्षक संपत सिंह, प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा, पूर्व मंत्री एवं पार्लियामेंट्री बोर्ड के चेयरमैन वासुदेव शर्मा, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव प्रकाश भारती, विधायक अदित्य देवीलाल और विधायक अर्जुन चौटाला समेत सभी वरिष्ठ नेताओं ने अपने अपने जिलों में संभाली प्रदर्शन की कमान

भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण लगातार बढ़ रही महंगाई की मार ने जनता में हाहाकार मचा दिया है: चौधरी अभय सिंह चौटाला
चंडीगढ़ : इनेलो पार्टी ने सोमवार को सभी जिलों में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लगातार बढ़ाए जा रहे पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और रसोई गैस के दामों के कारण बेतहाशा बढ़ रही महंगाई के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किए और प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपे। इनेलो के राष्ट्रीय संयोजक संपत सिंह ने हिसार, प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने कैथल, पूर्व मंत्री एवं इनेलो के पार्लियामेंट्री बोर्ड के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने भिवानी, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव प्रकाश भारती और पूर्व विधायक दिलबाग सिंह ने यमुनानगर, इनेलो के राष्ट्रीय संगठन सचिव उमेद लोहान ने हांसी, इनेलो विधायक अदित्य देवीलाल ने पलवल, इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने रोहतक और इनेलो की महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला ने फतेहाबाद जिला में प्रदर्शन की अगुवाई की।
इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण लगातार बढ़ रही महंगाई की मार ने जनता में हाहाकार मचा दिया है। आज फिर से केंद्र सरकार ने कमर्शियल गैस और छोटे सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पेट्रोलियम और गैस के दामों के विरोध में इनेलो पार्टी का एक एक कार्यकर्ता आज पूरे हरियाणा में सडक़ों पर उतरा, जिसमें भारी संख्या में महिलाएं शामिल हुई। गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल जो रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें हैं। सरकार लगातार इनके दाम बढ़ा रही है। आज भाजपा सरकार द्वारा जो महंगाई की मार जनता पर मारी जा रही है उससे पूरे प्रदेश और देश की जनता बेहद परेशान है। आम जन मानस का जीना दूभर हो गया है। प्रदेश की जनता के पास अब केवल मात्र एक ही विकल्प बचा है कि भाजपा भगाओ और प्रदेश और देश को बचाओ। अभय सिंह चौटाला ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल होने के बावजूद जनता की कोई आवाज नहीं उठा रही है। कांग्रेस का कल्चर ही वातानुकूलित कमरों में बैठ कर राजनीति करने का है। बीजेपी की तरह ही कांग्रेस को भी जनता की परेशानियों से कोई लेना देना नहीं है।#INLD
अभय सिंह चौटाला ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पेट्रोलियम और रसोई गैस के दाम नहीं घटाए तो इनेलो जनहित में बड़ा फैसला लेगी।

Abhay Singh Chautala Indian National Lok Dal - INLD
June 01, 2026

*महिला थाना हिसार की बड़ी सफलता* *दुष्कर्म व पोक्सो अधिनियम के मामले में आरोपी सोनू गिरफ्तार*

*महिला थाना हिसार की बड़ी सफलता*
*दुष्कर्म व पोक्सो अधिनियम के मामले में आरोपी सोनू गिरफ्तार*
हिसार : महिला थाना हिसार पुलिस ने दुष्कर्म एवं पोक्सो अधिनियम के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सोनू पुत्र सुरेन्द्र सिंह निवासी कुम्हार धर्मशाला, नलवा को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। 
महिला थाना प्रभारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 23 मई 2026 को पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म व पोक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तुरंत जांच शुरू की गई तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास किए गए।
पुलिस जांच के दौरान आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी भूपेन्द्र को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
महिला थाना हिसार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। हिसार पुलिस महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है तथा अपराधियों पर लगातार कड़ी नजर।

Sunday, May 31, 2026

May 31, 2026

BPL परिवारों के बुजुर्गों के लिए खुशखबरी! सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन करवाएगी स्पेशल ट्रेन, 6 जून तक करें आवेदन

BPL परिवारों के बुजुर्गों के लिए खुशखबरी! सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन करवाएगी स्पेशल ट्रेन, 6 जून तक करें आवेदन
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने गरीबी रेखा (BPL) से नीचे जीवन यापन करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार प्रदेश सरकार गरीब परिवारों के बुजुर्गों को निशुल्क श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करवाएगी। इसके लिए 8 जून को कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन से एक स्पेशल ट्रेन रवाना होगी, जिसे मुख्यमंत्री स्वयं हरी झंडी दिखाएंगे।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, इस यात्रा का लाभ लेने के इच्छुक श्रद्धालु 6 जून तक सरल पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। यात्रा “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर उपलब्ध होगी। यह विशेष ट्रेन कुरुक्षेत्र से करनाल, पानीपत, सोनीपत और दिल्ली होते हुए श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग तक पहुंचेगी। यह पहल भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्ष की शौर्य एवं धैर्यगाथा, अटूट आस्था” कार्यक्रम के तहत की जा रही है। सरकार का उद्देश्य गरीब परिवारों के बुजुर्गों के तीर्थ दर्शन के सपने को साकार करना है।
प्रवक्ता ने बताया कि यात्रा के लिए पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। श्रद्धालुओं को मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी देनी होगी और अधिकृत चिकित्सक द्वारा प्रमाणित मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र लगाना जरूरी रहेगा। यात्रा के दौरान रहने, खाने और स्थानीय परिवहन की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी।
स्पेशल ट्रेन में किसी भी प्रकार का नशा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पंजीकरण के बाद ही यात्रियों को ट्रेन में बैठने की अनुमति मिलेगी और जिला स्तर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे।
*यात्रा के लिए पात्रता क्या है?*

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हरियाणा का स्थायी निवासी होना, परिवार पहचान पत्र (PPP) होना और वैध फोटो पहचान पत्र जमा करना आवश्यक है। आवेदक की आयु 60 वर्ष से अधिक तथा वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक होनी चाहिए। साथ ही, पिछले तीन वर्षों में तीर्थ यात्रा योजना का लाभ नहीं लेने का स्वयं घोषणा पत्र देना होगा। वरिष्ठ नागरिक अपने जीवनसाथी को भी इस निशुल्क यात्रा में साथ ले जा सकेंगे।