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Friday, September 4, 2026

September 04, 2026

35 साल बाद मिले दो बिछड़े भाई, फूट-फूट कर रोत हुए लगाया एक-दूसरे को गले, एसआईआर सत्यापन बना मिलन का माध्यम

35 साल बाद मिले दो बिछड़े भाई, फूट-फूट कर रोत हुए लगाया एक-दूसरे को गले
एसआईआर सत्यापन बना मिलन का माध्यम
जींद : एसआईआर के दौरान राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मनोहरपुर में एक ऐसा भावुक प्रसंग सामने आया। जिसने वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर दी। करीब 35 वर्षों से बिछड़े दो भाइयों का पुनर्मिलन एक सामान्य सत्यापन प्रक्रिया के दौरान हुआ। जानकारी के अनुसारए सीता राम अपने एसएलसी लेने के लिए विद्यालय पहुंचे थे। बातचीत के दौरान मौके पर मौजूद बीएलओ ने उनसे उनके गांव, पिता और भाई का नाम पूछा। भाई का नाम सामने आने पर बीएलओ ने सत्यापन के लिए फोन के माध्यम से संपर्क किया। फोन पर भाई ने सीता राम की पहचान करते हुए कहा कि हां, वह मेरा ही भाई है। मैं उसे पिछले 35 साल से ढूंढ रहा हूं। यह जानकारी मिलते ही उनका भाई तत्काल विद्यालय पहुंचा। दोनों भाइयों ने जैसे ही एक-दूसरे को देखा, वे भावुक होकर गले मिल गए और फूट-फूट रो पड़े। वर्षों का बिछोह कुछ ही पलों में खत्म हो गया और विद्यालय परिसर में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मौके पर मौजूद एडिशनल एईआरओ डा. रमेश कुमार ने इस भावुक मिलन को अपने लिए एक यादगार अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक प्रशासनिक सत्यापन तक सीमित नहीं रही बल्कि मानवीय रिश्तों को जोडऩे का माध्यम बन गई। उन्होंने कहा कि बीएलओ की सजगता और एक छोटे से सत्यापन ने वर्षों से बिछड़े दोनों भाइयों को फिर से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसआईआर के दौरान सामने आई यह घटना इस बात का प्रमाण है कि प्रशासनिक कार्यों के पीछे भी मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों से जुड़ी कई अनकही कहानियां छिपी होती हैं।
September 04, 2026

शाबाश....जींद की बेटी रेनू ...आपने कर दिखायाजींद की रेनू रेढू ने 6,593 मीटर ऊंची माउंट मनीरंग की फतह

शाबाश....जींद की बेटी रेनू ...आपने कर दिखाया
जींद की रेनू रेढू ने 6,593 मीटर ऊंची माउंट मनीरंग की फतह
जींद : जींद की मूल निवासी 38 वर्षीय रेनू रेढू ने हिमाचल प्रदेश की 6,593 मीटर ऊंची माउंट मनीरंग चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है। तीन सदस्यीय टीम के साथ की गई यह चढ़ाई अल्पाइन शैली में पूरी की गई। जींद में उनके पिता डा. राज सिंह रेढू ने बताया कि रेनू और उनकी टीम ने 29 अगस्त को सुबह सात बजे मनीरंग के शिखर पर पहुंच कर तिरंगा फहराया। टीम ने रात एक बजे समिट कैंप से अंतिम चढ़ाई शुरू की और करीब छह घंटे की कठिन चढ़ाई के बाद सुबह सात बजे शिखर पर पहुंची। माउंट मनीरंग हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण ऊंची चोटियों में शामिल है और यह किन्नौर और स्पीति के बीच स्थित है। चोटी ऐतिहासिक मनीरंग दर्रे के आसपास के क्षेत्र में स्थित हैए जो पारंपरिक रूप से किन्नौर और स्पीति को जोडऩे वाले मार्गों में से एक रहा है। 
मनीरंग की चढ़ाई केवल ऊंचाई के कारण चुनौतीपूर्ण नहीं है। इसके रास्ते में मोरेन, ढलानदार मलबा और चट्टानी भूभाग के साथ बर्फ व बर्फीली ढलानें और खुले, संकरे रिज जैसे हिस्से मिलते हैं। अलग-अलग मार्गों पर चढ़ाई की कठिनाई परिस्थितियों के अनुसार बदलती रहती है। ऊंचाई पर मौसम में अचानक बदलाव, कम तापमान, ऑक्सीजन की कमी, रास्ते की पहचान और बर्फ की स्थिति जैसी बातें चढ़ाई को चुनौतीपूर्ण बनाती हैं।
रेनू ने अपने दो साथियों के साथ इस चढ़ाई को छोटे दल के रूप में पूरा किया। अल्पाइन शैली में की जाने वाली पर्वतारोहण में बड़े अभियान दल और व्यापक सहायक ढांचे के बजाय छोटा दल अपने उपकरणों और आवश्यक सामान के साथ चढ़ाई करता है। ऐसे अभियानों में मौसम,  मार्ग, गति और सुरक्षा से जुड़े फैसले टीम को स्वयं लेने होते हैं। रेनू का पर्वतारोहण से जुड़ाव केवल व्यक्तिगत चढ़ाइयों तक सीमित नहीं है। उन्होंने एमएससी और एमबीए की पढ़ाई मुंबई के प्रतिष्ठित संस्थान से की है। इसके साथ ही उन्होंने बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स, एडवांस्ड माउंटेनियरिंग कोर्स, मेथड ऑफ  इंस्ट्रक्शन जैसे पर्वतारोहण प्रशिक्षण हासिल किए हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड अलाइड स्पोट्र्स और नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग जैसे संस्थानों में प्रशिक्षण लिया है। अपने रूष्ट प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु चुना गया था। फिलहाल रेनू हिमाचल प्रदेश के मनाली में रहती हैं और अपनी आउटडोर कंपनी पहाड़ी भेड़ू चलाती हैं। उनका काम पर्वतीय और आउटडोर गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। जिसके कारण वह पेशेवर रूप से भी हिमालयी क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। माउंट मनीरंग की पहली दर्ज चढ़ाई सितंबर 1952 में दक्षिण-पश्चिमी रिज से मनीरंग दर्रे की ओर से की गई थी। इसके बाद पर्वतारोहण दलों ने किन्नौर और स्पीति, दोनों ओर से अलग-अलग मार्गों के जरिये इस चोटी पर चढ़ाई की है। 
रेनू के लिए मनीरंग का यह अभियान किसी रिकॉर्ड की दौड़ से अधिक पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनके निरंतर अनुभव का हिस्सा है। जींद से निकल कर मनाली को अपना आधार बनाना और हिमालय की ऊंची चोटियों पर चढ़ाई के सा-.साथ आउटडोर क्षेत्र में काम करना उनके अब तक के सफर को दर्शाता है। जींद की धरती से हिमालय की 6,593 मीटर ऊंची चोटी तक पहुंचने वाली रेनू की यह यात्रा यह भी दिखाती है कि पर्वतारोहण में उपलब्धियां अक्सर एक दिन में नहीं बनती। इसके पीछे प्रशिक्षण, तैयारी, अनुभव और लगातार पहाड़ों में सीखने की प्रक्रिया होती है।

Thursday, September 3, 2026

September 03, 2026

घरेलू विवाद में बेटे ने मां की ह*त्या की, वारदात के बाद फरार

घरेलू विवाद में बेटे ने मां की ह*त्या की, वारदात के बाद फरार:

लखमीरवाला पाथरी में 65 वर्षीय रोशनी देवी की मौ*त, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
जींद : लखमीरवाला पाथरी गांव में बुधवार रात घरेलू विवाद के दौरान एक युवक द्वारा अपनी 65 वर्षीय मां की तेजधार हथियार से हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। वारदात के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को कराया जाएगा।
*कहासुनी के बाद मां पर किया हमला*

पुलिस के अनुसार लखमीरवाला पाथरी निवासी बसाऊ का बुधवार रात अपनी मां रोशनी देवी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बताया जा रहा है कि कहासुनी बढ़ने के बाद बसाऊ ने कथित तौर पर तेजधार हथियार से अपनी मां पर हमला कर दिया। हमले में रोशनी देवी की मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी घर से फरार हो गया। पड़ोसियों को वारदात का पता वीरवार सुबह चला, जब उन्होंने घर में रोशनी देवी को मृत अवस्था में देखा। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
*नशे को लेकर अक्सर होता था विवाद*

परिजनों के अनुसार आरोपी बसाऊ नशे का आदी बताया जा रहा है। नशे की बात को लेकर उसका अपनी मां के साथ अक्सर विवाद होता था। बुधवार रात भी इसी कारण कहासुनी होने की बात सामने आई है। हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

बताया जा रहा है कि आरोपी शादीशुदा है और उसका एक बेटा है। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।
*आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस*

वारदात की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम शुक्रवार को कराया जाएगा।
सदर थाना पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी वारदात के बाद से फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
September 03, 2026

*कराटे में हार्दिक यादव की शानदार स्वर्णिम जीत से बढ़ा वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल का मान*

*कराटे में हार्दिक यादव की शानदार स्वर्णिम जीत से बढ़ा वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल का मान*
जींद : वुडस्टॉक पब्लिक स्कूल के प्रतिभाशाली छात्र *हार्दिक यादव* पुत्र श्री नवीन यादव, ने कराटे की *राज्य स्तरीय प्रतियोगिता* में शानदार प्रदर्शन करते हुए 82 किलोग्राम (U/19) वर्ग में *स्वर्ण पदक* जीतकर विद्यालय एवं अपने परिवार का नाम गौरवान्वित किया।
कराटे प्रतियोगिता में हार्दिक ने अपने शानदार खेल कौशल, आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिचय देते हुए प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।हार्दिक की इस शानदार कराटे उपलब्धि पर पूरे वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल में खुशी और गर्व का माहौल है। उनकी सफलता से विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी खेलों में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने की प्रेरणा मिली है।
विद्यालय के निदेशक *डॉ. नरेंद्र नाथ शर्मा* जी ने हार्दिक की कराटे में स्वर्णिम सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने हार्दिक के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। उपनिदेशक *श्री आशुतोष शर्मा* जी ने हार्दिक के शानदार कराटे प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प से विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने हार्दिक को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएँ दीं।
स्कूल प्रधानाचार्या श्रीमती *सुकीर्ति गौतम* जी ने भी हार्दिक को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय को अपने प्रतिभाशाली खिलाड़ी पर गर्व है। उन्होंने हार्दिक के निरंतर सफलता की कामना की। हार्दिक की यह स्वर्णिम सफलता विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है और यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और लगन से सफलता निश्चित रूप से हासिल की जा सकती है।
September 03, 2026

पंजाब की SIR वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा का नाम ‘शिफ्टेड’, बोले- ‘राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई’

पंजाब की SIR वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा का नाम ‘शिफ्टेड’, बोले- ‘राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई’ 
Raghav Chadha voter list Update News: पंजाब की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा का नाम 'Permanently Shifted' दर्ज होने से सियासी विवाद बढ़ गया है। बीजेपी सांसद ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया, जबकि AAP ने आरोपों को खारिज किया है।
Punjab politics: पंजाब में वोटर लिस्ट को लेकर नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दावा किया है कि SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनके नाम के सामने 'Permanently Shifted' लिखा गया है। यानी रिकॉर्ड में उन्हें ऐसा व्यक्ति बताया गया है, जो वहां से स्थायी रूप से दूसरी जगह चला गया है। चड्ढा ने इसे लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए हैं।
राघव चड्ढा का कहना है कि उनका वोटर आईडी मोहाली में दर्ज है और वह पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। ऐसे में उनका नाम 'शिफ्टेड' दिखना उन्हें गलत लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिर्फ रिकॉर्ड में हुई गलती नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक बदले की भावना हो सकती है।
वोटर लिस्ट में नाम 'शिफ्टेड' कैसे हुआ?
हालांकि, चड्ढा ने यह भी कहा है कि अभी यह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है, अंतिम सूची नहीं। नाम को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। उनका कहना है कि वह भी इसी प्रक्रिया के जरिए अपने नाम से जुड़ी समस्या को ठीक कराने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।
चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी सवाल उठाया कि आखिर उनके नाम को 'शिफ्टेड' किसने किया और इसे किस अधिकारी ने जांचकर आगे बढ़ाया। उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में अलग-अलग स्तर पर पंजाब सरकार के अधिकारी काम कर रहे हैं। इसी को आधार बनाकर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारियों के जरिए उन पर राजनीतिक दबाव बनाया गया।
*AAP को घेरा, पार्टी ने आरोपों को किया खारिज*
बीजेपी सांसद ने SIR की गाइडलाइन का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि चुनाव आयोग के निर्देशों में सांसदों और विधायकों जैसे जनप्रतिनिधियों के नाम को लेकर खास प्रावधान है। चड्ढा का दावा है कि अगर उनके नाम को लेकर कोई सवाल था, तो भी उन्हें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल रखा जाना चाहिए था, ताकि दावे-आपत्तियों के दौरान जरूरी दस्तावेज जमा किए जा सकें।
इसी बात पर उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब की सरकार AAP चला रही है, लेकिन वोटर लिस्ट किसी पार्टी की निजी संपत्ति नहीं है।
वहीं, आम आदमी पार्टी ने चड्ढा के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी के प्रवक्ता का कहना है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़ी पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के तहत होती है। इसलिए राघव चड्ढा को अपने नाम से जुड़े मामले के लिए सीधे AAP या पंजाब सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए।
राघव चड्ढा पहले आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल थे और अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाते थे। इसी साल अप्रेल में वह बीजेपी में शामिल हो गए थे। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव कई मौकों पर देखने को मिला है।

फिलहाल अंतिम वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में जारी होनी है। ऐसे में दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि राघव चड्ढा का नाम 'शिफ्टेड' क्यों दर्ज किया गया और अंतिम सूची में उनका नाम किस स्थिति में रहता है।

Tuesday, September 1, 2026

September 01, 2026

उद्यमिता जागरूकता से युवाओं को मिलेगा आत्मनिर्भरता का मार्ग: डॉ. अंजू नरवाल

उद्यमिता जागरूकता सेमिनार में युवाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास एवं सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

उद्यमिता जागरूकता से युवाओं को मिलेगा आत्मनिर्भरता का मार्ग: डॉ. अंजू नरवाल
जींद : महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन, जींद द्वारा जिला रोजगार कार्यालय, जींद, हरियाणा के सहयोग से उद्यमिता पखवाड़ा के अंतर्गत उद्यमिता जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं युवाओं को उद्यमिता, स्वरोजगार, करियर अवसरों तथा सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला रोजगार अधिकारी डॉ. अंजू नरवाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बदलते दौर में युवाओं को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने कौशल और नए विचारों के माध्यम से स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।  विद्यार्थियों को अपने भीतर की प्रतिभा को पहचानकर नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी की तलाश करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाला बने। उन्होंने युवाओं को उपलब्ध सरकारी योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों तथा संबंधित विभागों द्वारा प्रदान की जा रही सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन के अध्यक्ष श्री राजकुमार भोला ने कहा कि युवाओं को जॉब सिकर के साथ-साथ जॉब क्रिएटर बनने की सोच विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करना है। भोला ने कहा आज के युवा के पास प्रतिभा और ऊर्जा दोनों हैं। आवश्यकता केवल सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने की है। हमारा प्रयास है कि युवा अपने विचारों को अवसर में और अवसरों को सफल उद्यम में बदल सकें।
कार्यक्रम में ईको सिस्टम एक्सपर्ट  मनदीप गुप्ता ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं, रोजगार योग्य कौशल तथा उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है। युवाओं को कम्यूनिकेशन स्किल , डिजिटल स्किल्स , प्रॉब्लम सॉल्विंग, इनोवेशन   एवं प्रैक्टिल स्किल्स पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को अपने रुचि क्षेत्र की पहचान करने, आवश्यक कौशल विकसित करने और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर से शुरू किया गया प्रयास भी सही रणनीति और निरंतर मेहनत के साथ बड़े व्यवसाय का रूप ले सकता है।
September 01, 2026

पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में हरियाणा का दबदबा! 26 साल पहले जींद के भूपेंद्र बूरा ने लहराया था परचम, अब उचाना के अंकित बिधान ने रचा इतिहास

पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में हरियाणा का दबदबा! 26 साल पहले जींद के भूपेंद्र बूरा ने लहराया था परचम, अब उचाना के अंकित बिधान ने रचा इतिहास
जींद : पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की छात्र राजनीति में हरियाणा के युवाओं ने एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। जींद निवासी अंकित बिधान के छात्र संघ अध्यक्ष चुने जाने के साथ ही पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में हरियाणा से अध्यक्ष बनने वाले विद्यार्थियों की संख्या 5 हो गई है। खास बात यह है कि इन पांच अध्यक्षों में से तीन का सीधा संबंध जींद जिले से है। ऐसे में पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में जींद का नाम लगातार मजबूती से उभरकर सामने आया है।

हरियाणा के लिए यह सफर करीब 26 वर्ष पहले शुरू हुआ था। वर्ष 2000-01 में जींद के भूपेंद्र बूरा 'भूप्पी' पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष बनने वाले हरियाणा के पहले विद्यार्थी बने थे। उस समय पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में पंजाब के छात्र संगठनों का मजबूत प्रभाव माना जाता था। ऐसे माहौल में हरियाणा के एक युवा का शीर्ष पद तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी।

भूपेंद्र बूरा ने दिखाई थी पहली राह

भूपेंद्र बूरा की जीत की खास बात यह रही कि उन्हें किसी राजनीतिक दल का प्रत्यक्ष समर्थन हासिल नहीं था। उन्होंने छात्र इकाइयों के समर्थन से चुनाव मैदान में उतरकर जीत दर्ज की और पंजाब यूनिवर्सिटी में हरियाणा का परचम लहराया।

उनकी जीत ने हरियाणा के विद्यार्थियों के बीच यह विश्वास पैदा किया कि ग्रामीण और छोटे शहरों से आने वाला युवा भी बड़े विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में अपनी पहचान बना सकता है। भूपेंद्र बूरा की सफलता केवल एक चुनावी जीत नहीं थी, बल्कि इसने हरियाणा के युवाओं के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में आगे बढ़ने का रास्ता खोल दिया।

26 साल में हरियाणा से 5 अध्यक्ष

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र परिषद की छात्र राजनीति में वर्ष 1997 से अब तक कुल 27 अध्यक्ष बने हैं। इनमें हरियाणा से 5 विद्यार्थी अध्यक्ष पद तक पहुंचे हैं।

2000-01 — भूपेंद्र बूरा 'भूप्पी' — जींद

2015-16 — दिव्यांशु बुद्धिराजा — NSUI

2022-23 — आयुष खटकड़ — आम आदमी पार्टी के समर्थन से

2024-25 — अनुराग दलाल

2026 — अंकित बिधान — ABVP


इस सूची में सबसे खास बात यह है कि भूपेंद्र बूरा, आयुष खटकड़ और अंकित बिधान का संबंध जींद जिले से है। यानी पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में हरियाणा की उपलब्धियों में जींद जिले की हिस्सेदारी बेहद महत्वपूर्ण रही है।

गांव पेगा से पंजाब यूनिवर्सिटी के शीर्ष पद तक पहुंचे अंकित

अब इस विजय सफर को आगे बढ़ाने का काम उचाना क्षेत्र के गांव पेगा निवासी अंकित बिधान ने किया है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर पंजाब यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की छात्र राजनीति के सर्वोच्च पद तक पहुंचना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि मानी जा रही है।

अंकित बिधान ने ABVP के उम्मीदवार के तौर पर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर हरियाणा से अध्यक्ष बनने वाले विद्यार्थियों की सूची में अपना नाम शामिल किया है। उनकी जीत के साथ ही एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई है कि पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में हरियाणा के युवा लगातार अपनी जगह मजबूत कर रहे हैं।

जींद का कनेक्शन बना सबसे खास

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र परिषद के अध्यक्ष पद के इतिहास पर नजर डालें तो हरियाणा से जुड़े पांच अध्यक्षों में तीन का संबंध जींद जिले से होना अपने आप में उल्लेखनीय है। वर्ष 2000 में भूपेंद्र बूरा से शुरू हुआ यह सफर अब 2026 में अंकित बिधान तक पहुंच गया है।

जींद के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले युवाओं ने राज्य की सीमाओं से बाहर जाकर राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में छात्र नेतृत्व की पहचान बनाई है।

ग्रामीण युवाओं के लिए बना प्रेरणा का संदेश

अंकित बिधान की जीत ने उचाना और जींद जिले के युवाओं के बीच खास उत्साह पैदा किया है। गांव पेगा जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर चंडीगढ़ की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में शीर्ष पद हासिल करना यह संदेश देता है कि नेतृत्व क्षमता और मेहनत के दम पर ग्रामीण पृष्ठभूमि का युवा भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकता है।

भूपेंद्र बूरा ने 26 साल पहले जिस सफर की नींव रखी थी, आज उसी सफर में अंकित बिधान ने एक नया अध्याय जोड़ दिया है। हरियाणा के पांच अध्यक्षों में तीन का जींद से होना इस पूरे इतिहास में जिले की मजबूत भूमिका को दर्शाता है।
September 01, 2026

मंगलवार काम पर लौटेंगे पटवारी एवं कानूनगो 20 अगस्त से चला आ रहा धरना समाप्त, आमजन को मिलेगी राहत

मंगलवार काम पर लौटेंगे पटवारी एवं कानूनगो
20 अगस्त से चला आ रहा धरना समाप्त, आमजन को मिलेगी राहत
जींद: राजस्व विभाग के नए पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं व डिजिटल फसल सर्वेक्षण की खामियों के विरोध में 20 अगस्त से चल रहा धरना सोमवार को देर शाम समाप्त हो चुका है। मंगलवार से पटवारी व कानूनगो काम पर लौटेंगे। द पटवार भवन कानूनगो एसोसिएशन के राज्य कोषाध्यक्ष सन्नी पटवारी ने कहा कि एसोसिएशन की राज्य कार्यकारिणी की बैठक सरकार के साथ हुई है। सरकार ने पटवारियों व कानूनगो की मांगों को समाधान व जल्द नोटिफिकेशन जारी करने का आश्वासन दिया है। इसके चलते पटवारियों व कानूनगो ने धरना समाप्त करते हुए मंगलवार से काम पर लौटने का निर्णय लिया है। 12 दिन चले धरने के कारण जिले में इंतकाल पेंडिंग की संख्या 10 हजार से ऊपर जा चुकी है। आनलाइन पोर्टल में खामियों के कारण पिछले 12 दिन से इंतकाल नहीं किए गए। इसके अलावा आठ हजार से अधिक डोमिसाइल पेंडिंग हैं। उन्होंने कहा डीसीएस के अलावा ई गिरदावरी भी नहीं की जाएगी। केवल डाटा मिसमैज से संबंधित काम किया जाएगा। वहीं राजस्व पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन का सोमवार को धरना जारी था। जिला प्रधान सर्वेश पटवारी ने कहा कि सरकार आटोमोटेशन के नाम पर एक नया साफ्टवेयर लेकर आई है। इसमें इंतकाल अपने आप दर्ज हो जाता है। उन्होंने कहा कि इंतकाल साफ्टेवयर के जरिए अपने आप दर्ज तो हो जाता हैए लेकिन उसमें बहुत खामियां हैं। साफ्टेवयर में तो मालिक व जमीन का रकबा सही दर्शाता हैए लेकिन जब उसकी हार्ड कापी निकाली जाती हैए उसमें रकबा घट या ज्यादा हो जाता है। इसके अलावा पुत्र की जगह पुत्री, पुत्री की जगह पुत्र, किसी को विधवा, रिश्ते गलत व नाम भी गलत आता है। इंतकाल में नाम दर्ज कुछ और किया जाता हैए जबकि प्रिंट में नाम किसी और का आ जाता है। सर्वेश ने कहा कि जब हार्ड कापी निकालने से पहले प्रिव्यू में नाम व पता दिखाई देता है तो प्रिंट भी उसी के आधार पर निकलना चाहिएए लेकिन ऐसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि पटवारी पिछले 12 दिनों से पोर्टल पर आ रही तकनीकी खामियों का समाधान  करने,  डीसीएस को प्राइवेट एजेंसी से करवाए जाने, रोवर मशीन के लिए सभी कानूनगो को पूर्ण प्रशिक्षण दिए जाने, कानूनगो को तकनीकी सक्षम आपरेटर दिए जानेए रोवर मशीन को लोन व ले जाने के लिए गाड़ी व मशीन का इंश्योरेंश करवाए जाने, नए पटवारियों का नोटिफिकेशन व एक जनवरी 2025 से बकाया वेतन का एरियर जल्द जारी किए जाने को लेकर हड़ताल पर हैं। एसोसिएशन की मांगों में नए पोर्टल की सभी समस्याओं का समाधान करनाए आटो म्यूटेशन में गलत इंतकाल दर्ज होने पर आइटी विभाग की कानूनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करना, तहसीलों में आनलाइन कार्य के लिए कंप्यूटर सिस्टम व सर्वेक्षण के लिए टैब उपलब्ध कराना, डिजिटल फसल सर्वेक्षण को निजी एजेंसी से कराना शामिल थे।

Saturday, August 29, 2026

August 29, 2026

इंडस्ट्री से जुड़ेंगे युवा, रोजगार और स्टार्टअप के बढ़ेंगे अवसर : राजकुमार भोला

महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन और ट्रिपल डैश इन्फोटेक के बीच हुआ एमओयू

इंडस्ट्री से जुड़ेंगे युवा, रोजगार और स्टार्टअप के बढ़ेंगे अवसर : राजकुमार भोला
जींद : हरियाणा की अग्रणी सामाजिक संस्था महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन, जींद एवं ट्रिपल डैश इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के बीच शिक्षा, कौशल विकास, इंडस्ट्री ट्रेनिंग एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। महात्मा5 गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन के अध्यक्ष राजकुमार भोला एवं ट्रिपल डैश इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर मनदीप गुप्ता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए तथा एक-दूसरे को एमओयू की प्रति प्रदान कर इस नई साझेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर पर प्रमुख रूप से आईटी हेड अंकिता खटकड़, सार्थक सिंगला आदि उपस्थित रहे।
संस्था अध्यक्ष राजकुमार भोला ने कहा कि संगठन अब युवाओं को सीधे इंडस्ट्री से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके तहत विभिन्न इंडस्ट्रीज के साथ टाई-अप किए जाएंगे, जिससे आने वाले समय में सैकड़ों युवाओं को इंडस्ट्री ट्रेनिंग, व्यावहारिक अनुभव एवं रोजगारपरक कौशल प्राप्त करने के अवसर मिल सकेंगे।उन्होंने कहा इंडस्ट्री से जुड़ेंगे युवा तो रोजगार के साथ-साथ स्टार्टअप के भी नए अवसर पैदा होंगे। हमारा प्रयास है कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि अपने कौशल और अनुभव के बल पर स्वयं का स्टार्टअप शुरू कर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने में सक्षम बनें। भोला ने कहा कि आज के बदलते दौर में डिग्री के साथ व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप कौशल बेहद आवश्यक हैं। संगठन का प्रयास युवाओं को प्रशिक्षण से आगे बढ़ाकर वास्तविक कार्य वातावरण और इंडस्ट्री एक्सपोजर उपलब्ध करवाना है।
ट्रिपल डैश इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर मनदीप गुप्ता ने कहा कि शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच बेहतर समन्वय युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण से युवा अपनी क्षमताओं को बेहतर तरीके से विकसित कर रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसरों का लाभ उठा सकेंगे। इस एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थाएं डिजिटल शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, इंडस्ट्री स्किल्स, रोजगारपरक प्रशिक्षण एवं उद्यमिता विकास जैसे क्षेत्रों में मिलकर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। शिक्षा से कौशल, कौशल से रोजगार और रोजगार से उद्यमिता की सोच के साथ यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। दोनों संस्थाओं ने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी युवाओं के कौशल को निखारने, उन्हें इंडस्ट्री से जोड़ने तथा रोजगार, स्वरोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी | 


Friday, August 28, 2026

August 28, 2026

अम्बाला रिंग रोड जनता के लिए “ट्रैफिक-फ्री” वरदान, प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होगा : परिवहन मंत्री अनिल विज

अम्बाला रिंग रोड जनता के लिए “ट्रैफिक-फ्री” वरदान, प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होगा : परिवहन मंत्री अनिल विज

रिंग रोड प्रोजेक्ट अम्बाला को महानगर का दर्जा दिलाएगा, तेज होगी शहर की रफ्तार, लाखों वाहन चालकों को फायदा होगा : मंत्री अनिल विज

परिवहन मंत्री अनिल विज ने आज दोपहर अम्बाला रिंग रोड प्रोजेक्ट का जायजा लिया
अम्बाला - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला में निर्माणाधीन रिंग रोड न केवल अम्बाला को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाएगा, बल्कि प्रतिदिन यहां से गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए वरदान साबित होगा। रिंग रोड प्रोजेक्ट रिंग रोड अम्बाला के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा जिससे अम्बाला महानगर बनने की ओर अग्रसर होगा।
मंत्री विज ने आज दोपहर अपनी गाड़ी में रिंग रोड प्रोजेक्ट का स्थल मुआयना किया और निर्माण कार्य की प्रगति को जाना। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य रिंग रोड निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करके इसे जनता को समर्पित करना है। गौरतलब है कि परिवहन मंत्री अनिल विज के अथह प्रयासों से अम्बाला में रिंग रोड परियोजना की शुरूआत की गई थी। अम्बाला जिले के चारों ओर एक माला की तरह रिंग रोड का निर्माण कार्य निर्माण के अंतिम चरणों में है जिसे बहुत जल्द पूरा कर जनता को समर्पित करने की योजना है।

इस अवसर पर भाजपा नेता संजीव सोनी बब्बू, अजय बवेजा, शैलेंद्र खन्ना एवं अन्य मौजूद रहे।
40 किलोमीटर लंबा रिंग रोड

40 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन रिंग रोड का लगभग 691 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण हो रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कुल 30 गांवों की 657 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है, जिसमें हरियाणा के 27 व पंजाब के तीन गांव भी शामिल हैं। इसके साथ ही रिंग रोड के साथ-साथ कुछ सेक्टर भी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण काट रहा है जिससे भविष्य में शहरी क्षेत्र की हद रिंग रोड तक होने की प्रबल संभावना है। 
रिंग रोड का 90 प्रतिशत कार्य पूरा

पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से वाया अम्बाला आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए रिंग रोड प्रोजेक्ट वरदान साबित होगा। वाहन चालकों अम्बाला के अंदरूनी भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में दाखिल हुए बिना आगे आने की सुविधा मिलेगी। इस परियोजना का कार्य नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा लगभग 90 प्रतिशत पूरा कर लिया है। रिंग रोड के जरिए वाहन चालक किसी भी राज्य से आएं उन्हें शहर के यातायात में होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। परियोजना का अम्बाला निवासियों को भरपूर लाभ मिलेगा।
रिंग रोड से 5 नेशनल हाईवे जुड़ेंगे

यह रिंग रोड क्षेत्र के पांच बड़े नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ेगा। यमुनानगर-जगाधरी, सहारनपुर, पांवटा साहिब की ओर से आने वाले वाहन अब शहर के व्यस्त इलाकों में आए बिना सीधे पंजाब, चंडीगढ़ व कैथल-हिसार की ओर निकल सकेंगे। इसी तरह, अगर किसी पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल आदि क्षेत्रों से दिल्ली, यमुनानगर, सहारनपुर, पांवटा साहिब व अन्य क्षेत्रों में जाना है तो उन्हें भी रिंग रोड के जरिए बाहर से होते हुए सीधा गंतव्य तक जाने की सुविधा होगी।


अम्बाला रिंग रोड अम्बाला-शामली- दिल्ली एक्सप्रेस-वे और अम्बाला-कालाअम्ब एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ा है जिससे वाहन चालकों को आने-जाने में सुविधा होगी।
रिंग रोड परियोजना की खास बातें

लंबाई: 40 किलोमीटर सिक्स लेन

पुल: टांगरी नदी पर बनेंगे 2 बड़े और 2 छोटे पुल

ओवरब्रिज व फ्लाईओवर: 2 रेलवे ओवरब्रिज और 3 फ्लाईओवर

कनेक्टिविटी: 5 नेशनल हाईवे आपस में लिंक

सर्विस रोड : स्थानीय यातायात की सुविधा के लिए 29.029 किमी लंबी सर्विस रोड का निर्माण।

पुल और पुलिया: सफर को सुगम बनाने के लिए 3 बड़े पुल, 4 छोटे पुल और पानी की निकासी के लिए 82 पुलिया तैयार।

सुरक्षित आवागमन: वाहनों के लिए 1 इंटरचेंज, 13 आवागमन पॉइंट और पैदल यात्रियों व वाहनों के लिए 7 व्हीकुलर अंडरपास।

लोगों व व्यापारियों को क्या होगा फायदा

आसान सफर: पंजाब और हरियाणा से हिमाचल प्रदेश (विशेषकर औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब) जाना अब बेहद आसान और सुरक्षित होगा।

समय और पैसे की बचत: माल ढुलाई की लागत में कमी आएगी और सफर का समय घटेगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को सीधा फायदा मिलेगा।

पर्यटन को रफ्तार: पहाड़ों की सैर पर जाने वाले पर्यटकों के लिए सफर सुगम होगा और हादसों पर लगाम लगेगी।

Thursday, August 27, 2026

August 27, 2026

*वुडस्टॉक पब्लिक स्कूल में रक्षाबंधन की अनूठी झलक*

*वुडस्टॉक पब्लिक स्कूल में रक्षाबंधन की अनूठी झलक*
*परंपरा, प्रेम, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संगम*
जींद: वुडस्टॉक पब्लिक स्कूल में रक्षाबंधन का पावन पर्व नन्हे विद्यार्थियों की रचनात्मक गतिविधियों और सांस्कृतिक भावनाओं से सराबोर वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में परंपरा और आधुनिक सोच का ऐसा सुंदर समन्वय देखने को मिला, जिसने रक्षाबंधन के पर्व को केवल उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, संस्कार, जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश बना दिया। 

कक्षा दूसरी के विद्यार्थियों ने *श्रीकृष्ण-द्रौपदी प्रसंग* पर आधारित मनमोहक नाटिका प्रस्तुत कर प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के पवित्र बंधन का संदेश दिया।
कक्षा प्रथम के विद्यार्थियों ने *राखी की थाली में प्रयुक्त विभिन्न वस्तुओं का महत्व* और प्रतीकात्मक अर्थ को रोचक ढंग से प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कक्षा तृतीय के विद्यार्थियों ने प्राकृतिक सामग्री से *पर्यावरण-अनुकूल राखियाँ* बनाकर रचनात्मकता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
*रिश्तों की डोर मजबूत हो और प्रकृति से हमारा रिश्ता भी सुरक्षित रहे।*

विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को राखी बाँधकर प्रेम, अपनत्व और भाईचारे की भावना को जीवंत किया। बच्चों की मुस्कान और उत्साह ने विद्यालय परिसर को उत्सवमय बना दिया। विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए विद्यालय निदेशक *डॉ. नरेंद्र नाथ शर्मा* जी ने विद्यार्थियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल एक धागे का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, संस्कार और जिम्मेदारी के अटूट बंधन का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने रिश्तों में प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
उपनिदेशक *श्री आशुतोष शर्मा* जी ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी भारतीय परंपराओं, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने बच्चों की रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें इसी उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानाचार्या *श्रीमती सुकीर्ति गौतम* जी ने कहा कि रक्षाबंधन हमें आपसी स्नेह, सहयोग, सम्मान और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की सीख देता है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई पर्यावरण-अनुकूल राखियों की सराहना करते हुए कहा कि त्योहारों की खुशियों के साथ प्रकृति की रक्षा करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल में आयोजित रक्षाबंधन समारोह ने बच्चों को न केवल रक्षाबंधन का महत्व समझाया, बल्कि यह भी सिखाया कि रिश्तों की रक्षा के साथ प्रकृति की रक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है।
यही रहा इस रक्षाबंधन का सबसे सुंदर संदेश—
*प्रेम की डोर से रिश्ते जोड़ें, संस्कारों से उन्हें मजबूत करें और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएँ*

Wednesday, August 26, 2026

August 26, 2026

शक्ति प्रोजेक्ट से कौशल, नेतृत्व और उद्यमिता से सशक्त होंगी बेटियां :- राजकुमार भोला

‘शक्ति प्रोजेक्ट’ से 30 बेटियों को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण

एआई, ब्लॉकचेन, वेब 3.0, डिजिटल कौशल, महिला उद्यमिता एवं नेतृत्व का दिया जाएगा प्रशिक्षण

शक्ति प्रोजेक्ट से कौशल, नेतृत्व और उद्यमिता से सशक्त होंगी बेटियां :- राजकुमार भोला 
जींद : रक्षाबंधन के पावन अवसर पर महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन, जींद द्वारा महिलाओं एवं बेटियों को कौशल, आधुनिक तकनीक, उद्यमिता एवं नेतृत्व के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में ‘शक्ति प्रोजेक्ट’ की नई पहल शुरू की जा रही है।

इस पहल के अंतर्गत 30 बेटियों को 60 घंटे का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण में एआई, ब्लॉकचेन, वेब 3.0, डिजिटल कौशल, महिला उद्यमिता, वैश्विक अवसरों की जानकारी, नवाचार एवं नेतृत्व सहित भविष्य के लिए उपयोगी आधुनिक कौशल सिखाए जाएंगे।
आईटी कंपनी ट्रिपल डैश इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से बेटियों को व्यावहारिक एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन द्वारा प्रदान किया जाएगा। इस सहयोग के माध्यम से महिलाओं को उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकी ज्ञान एवं रोजगारपरक कौशल प्रदान किए जाएंगे।

महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन के अध्यक्ष राजकुमार भोला ने कहा कि,शक्ति प्रोजेक्ट केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाने की एक सार्थक पहल है। आज तकनीक तेजी से बदल रही है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लॉकचेन तथा वेब 3.0 जैसे क्षेत्र युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आ रहे हैं। हमारा प्रयास है कि बेटियां इन तकनीकों को केवल समझें ही नहीं, बल्कि इनका उपयोग करके अपने लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए रास्ते भी तैयार करें। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य “हुनर से आत्मविश्वास और आत्मविश्वास से सफलता” की सोच को धरातल पर उतारना है। बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान, उद्योग जगत का अनुभव, उद्यमिता की समझ और नेतृत्व क्षमता प्रदान करना समय की आवश्यकता है। शक्ति प्रोजेक्ट के माध्यम से बेटियों को सीखने, अपनी प्रतिभा को निखारने और भविष्य में स्वयं के अवसर पैदा करने के लिए एक मजबूत मंच उपलब्ध करवाया जाएगा।

ट्रिपल डैश इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मनदीप गुप्ता ने कहा कि,आज के बदलते तकनीकी दौर में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल से जोड़ना आवश्यक है। हमें खुशी है कि ट्रिपल डैश इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन के साथ मिलकर बेटियों को एआई, ब्लॉकचेन, वेब 3.0, डिजिटल तकनीक एवं उद्यमिता जैसे उभरते क्षेत्रों की जानकारी प्रदान करने में सहयोग कर रहा है।

*इन क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण*
1 एआई एवं ब्लॉकचेन कौशल
2  वेब 3.0 एवं डिजिटल अवसर
3  डिजिटल कौशल एवं आधुनिक तकनीक
4  महिला उद्यमिता एवं स्वरोजगार
5  वैश्विक अवसरों एवं बाजार की जानकारी
6  नवाचार एवं नेतृत्व क्षमता
7  उद्योग आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण

Sunday, August 23, 2026

August 23, 2026

*विरोध का जवाब संवाद होना चाहिए, FIR और गिरफ्तारी नहीं : ऋषिपाल हैबतपुर*


*विरोध का जवाब संवाद होना चाहिए, FIR और गिरफ्तारी नहीं : ऋषिपाल हैबतपुर*

*गुरुग्राम में पंकज डावर और वर्धन यादव पर FIR, अब रेवाड़ी में सुभाष छाबड़ी हिरासत में - ये तानाशाही नहीं तो क्या है?*
जींद : कांग्रेस जिला अध्यक्ष *ऋषिपाल हैबतपुर* ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का जवाब संवाद होना चाहिए, FIR और गिरफ्तारी नहीं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी जी जब गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे, तो गुरुग्राम कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भाई *पंकज डावर*, *वर्धन यादव* और *NSUI जिलाध्यक्ष* ने अपने साथियों के साथ छात्रों के हक में शांतिपूर्ण तरीके से काले झंडे दिखाकर विरोध जताया।
*छात्रों की मांग बहुत जायज है कि जब तक दूसरी बिल्डिंग पूरी तरह से तैयार नहीं होती, तब तक यूनिवर्सिटी इसी बिल्डिंग से चलनी चाहिए।* परन्तु भाजपा सरकार अपनी मनमानी पर अड़ी हुई है। इसी मुद्दे को लेकर हमारे नेताओं ने काले झंडे दिखाए, तो सरकार ने झूठी FIR दर्ज कर कई साथियों को गिरफ्तार कर लिया।उन्होंने कहा - *एक दौर वो भी था जब 2005 में डॉ. मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री थे। JNU में छात्रों द्वारा विरोध स्वरूप काले झंडे दिखाए गए, जब प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को नोटिस जारी किया तो मनमोहन सिंह जी ने उसे रुकवा दिया और कहा था - "मैं आपकी बात से भले ही सहमत ना हूँ, लेकिन आपकी अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा मैं हमेशा करूंगा।"* *ये फर्क है कांग्रेस की सोच और भाजपा की तानाशाही में। जहां कांग्रेस अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा करती है, वहीं भाजपा सरकार FIR और जेल से आवाज दबाती है।* जिला अध्यक्ष ने कहा कि *युवाओं की आवाज़ दबाने के बाद अब जिला कांग्रेस अध्यक्षों को भी हिरासत में लेने लगी है नायब सैनी सरकार!* लोकतांत्रिक विरोध की आवाज़ सुनने के बजाय, आज रेवाड़ी ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष *श्री सुभाष छाबड़ी जी* को उस समय पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया, जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी बावल में एक कार्यक्रम में मौजूद थे। *क्या अब हर उस कांग्रेस नेता को हिरासत में लिया जाएगा जो सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाएगा? मुख्यमंत्री जी, लोकतंत्र में सवाल पूछना हमारा अधिकार है, और हम यह अधिकार पूरी मजबूती से निभाएंगे।* कांग्रेस पार्टी इस गुंडागर्दी को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। सभी साथियों पर दर्ज झूठे मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए, वरना कांग्रेस पूरे हरियाणा में जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।
*साथ ही महंगाई पर हमला बोलते हुए* जिला अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार आम आदमी की रसोई पर सीधा हमला कर रही है। कुछ दिन पहले 45 रुपये वाली चीनी अब 60 से 66 रुपये किलो और 60 रुपये वाला गुड़ 90 रुपये किलो हो गया है। बादाम 900 से बढ़कर 1100 रुपये किलो हो गया है। उन्होंने कहा कि चीनी-गुड़ महंगा होने से मिठाई, चॉकलेट, खीर, दूध, जूस सब महंगे हो गए हैं। बाजार से मिल रही जानकारी के अनुसार इस साल चीनी का उत्पादन कम रहा है। *साथ ही सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर चीनी को इथेनॉल बनाने में डायवर्ट करने और चीनी के निर्यात को लेकर लिए गए फैसलों से भी बाजार में चीनी की कमी हुई है, जिसका सीधा असर दामों पर पड़ा है।* 1 अगस्त से स्टॉक लिमिट के बावजूद दाम काबू में नहीं हैं।



August 23, 2026

पानीपत डिपो की चार इलेक्ट्रिक बस अब जींद तक आ रही

जींद से पानीपत रूट पर यात्रियों की सुविधा में इजाफा
पानीपत डिपो की चार इलेक्ट्रिक बस अब जींद तक आ रही
पानीपत जाने के लिए जींद के यात्रियों को मिल रही अतिरिक्त बसें
जींद: जींद से पानीपत रूट पर यात्रियों की सुविधा में इजाफा हुआ है। पानीपत डिपो की चार इलेक्ट्रिक बस अब जींद तक आती हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल रही है। पिछले दिनों जब मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश के अलग-अलग डिपो में चल रही इलेक्ट्रिक बसों का उद्घाटन किया था तो पानीपत डिपो की एक बस केवल सफीदों तक आती थी। अब चार इलेक्ट्रिक बस जींद तक आती हैं। इसमें से एक बस दोपहर बाद तीन बजकर 50 मिनट, दूसरी बस चार बजकर 50 मिनट, तीसरी बस पांच बजकर 20 मिनट और चौथी बस शाम पांच बजकर 50 मिनट पर जींद से पानीपत के लिए रवाना होती है। इलेक्ट्रिक बसों में जींद से पानीपत का किराया लगभग 110 रुपये है, जबकि रोडवेज व परिवहन समिति की बसों में किराया लगभग 80 रुपये है। हालांकि जींद से पानीपत रूट पर दिनभर में जींद, हिसार व सिरसा सहित अन्य डिपो की 12 से अधिक बस चलती हैं। इसके अलावा पानीपत रूट पर परिवहन समिति की 26 बस चलती हैं। जींद डिपो ने भी मुख्यालय के पास पांच इलेक्ट्रिक बसों की डिमांड भेज रखी है, जो अभी तक नहीं मिली है। ऐसे में पानीपत डिपो की इलेक्ट्रिक बस का जींद तक संचालन होने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। इलेक्ट्रिक बसों में सफर आरामदायक रहता है। बस में ज्यादा शोर भी नहीं होता और यात्री खुली सीट पर आराम से सफर कर सकते हैं।
जींद बस अड्डा के डीआई विजय कुंडू ने कहा कि पानीपत डिपो की चार इलेक्ट्रिक बस जींद आती है। डिपो की ओर से भी मुख्यालय के पास इलेक्ट्रिक बसों की डिमांड भेज रखी है। अभी डिपो को इलेक्ट्रिक बस नहीं मिल पाई है। जैसे ही इलेक्ट्रिक बस आएंगी तो यात्रियों को और भी बेहतर परिवहन सुविधा देने का प्रयास रहेगा। जिस रूट पर यात्रियों की संख्या ज्यादा होती हैए उस हिसाब से रूट पर बसों का संचालन किया जा रहा है।