पुलिस और बदमाशों के बीच चली गोली
पुलिस के अनुसार, सीआईए टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि हत्याकांड में शामिल आरोपी नारनौल-रेवाड़ी रोड स्थित चिंकारा रेस्ट हाउस के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही टीम ने इलाके में छापेमारी की।
बताया जा रहा है कि पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गांव कालबा निवासी संजय उर्फ भोलिया के पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
फरार दो आरोपी भी दबोचे गए
मुठभेड़ के दौरान आरोपी घनश्याम और आदित्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए थे, लेकिन सीआईए टीम ने लगातार दबिश देकर दोनों को भी बाद में गिरफ्तार कर लिया।
घायल आरोपी का इलाज पुलिस निगरानी में अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल परिसर और माइनर ओटी के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
क्या है यादराम हत्याकांड?
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को Nangal Chaudhary के नायन गांव में पूर्व डेलिगेट यादराम की गाड़ियों से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। वह अपनी रिश्तेदारी में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गांव आए थे।
शुरुआत में मामले को हादसा माना गया था, लेकिन परिजनों ने इसे पुरानी रंजिश में की गई सुनियोजित हत्या बताया। शिकायत और जांच में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
नारनौल : हरियाणा के नारनौल में बुधवार देर रात सीआईए टीम और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। Narnaul पुलिस ने नायन गांव के चर्चित यादराम हत्याकांड के मुख्य आरोपी समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।