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Thursday, April 30, 2026

April 30, 2026

हरियाणा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की : आरती सिंह राव

हरियाणा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की : आरती सिंह राव

- राज्य में संस्थागत प्रसव 98.8% तक पहुंचा
चंडीगढ़-- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हरियाणा में संस्थागत प्रसव 98.8% तक पहुंच गए हैं, जबकि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर भी निरंतर घट रही है।
स्वास्थ्य मंत्री आज चंडीगढ़ में नेशनल हेल्थ मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग हरियाणा द्वारा  "नवाचार और समावेशन – भारत के स्वास्थ्य-भविष्य को आकार देने वाली सर्वोत्तम प्रथाएँ" विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर सम्बोधित कर रही थी।
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य वभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा व केंद्र सरकार के अलावा विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
आरती सिंह राव ने हरियाणा को एम्स जैसे बड़े अस्पताल उपलब्ध करवाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा में भी मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। पिछले वर्षों में हमारी सरकार ने बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों और आवश्यक दवाओं में निरंतर सुधार के माध्यम से अपने स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत किया है। आज राज्य में जिला अस्पतालों, उप-मंडल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश में भी उल्लेखनीय वृद्धि है, जो वर्ष 2014-15 में ₹2,646 करोड़ से बढ़कर 2026-27 में ₹14,000 करोड़ हो गया है। यह निवेश एक मजबूत और सुदृढ़ स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण के प्रति प्रदेश सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गैर-संचारी रोगों के खिलाफ लड़ाई में राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनके तहत एक करोड़ से अधिक लोगों की जांच की गई है। इनमें 10 लाख से अधिक उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के मरीज और लगभग 6 लाख मधुमेह के मरीज समय पर उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि केयर कंपैनियन प्रोग्राम (CCP) को राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD) के साथ जोड़ा गया है। राज्य में तृतीयक स्तर का कैंसर देखभाल संस्थान ‘अटल कैंसर केयर सेंटर (ACCC)’ अंबाला छावनी के उप-मंडल नागरिक अस्पताल में स्थापित किया गया है। जिला नागरिक अस्पतालों में कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सभी जिलों में डे-केयर कैंसर केंद्र (DCCC) स्थापित किए गए हैं।
आरती सिंह राव ने किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण की शुरुआत करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार भी इस कार्यक्रम पर तेजी से काम कर  रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य में आपातकालीन और गंभीर देखभाल सेवाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। इनमें स्ट्रोक यूनिट, कार्डियक सेंटर और बेहतर आईसीयू सुविधाएं कई जिलों में शुरू की जा चुकी हैं। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत लाखों व्यक्तियों की जांच की गई है और मरीजों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सहायता भी बढ़ाई गई है।
उन्होंने बताया कि ‘निरोगी हरियाणा’ जैसी पहल के माध्यम से लगभग एक करोड़ लाभार्थियों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई है, जिससे समय रहते रोगों का पता लगाकर उपचार संभव हो सका है। सरकार के प्रयासों से वेक्टर जनित रोगों पर नियंत्रण, टीकाकरण कवरेज में सुधार और त्वरित एंबुलेंस सेवाओं के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने में भी सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
आरती सिंह राव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल उपचार तक सीमित नहीं है—यह रोकथाम, जागरूकता और समानता से भी जुड़ी है। राज्य सरकार का उद्देश्य एक ऐसा स्वस्थ हरियाणा बनाना है, जहां हर नागरिक को, चाहे उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।
April 30, 2026

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाने के लिए ‘ओम्निबस बिल’ लाने की तैयारी

हरियाणा में बड़े पैमाने पर विनियमन में ढील

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाने के लिए ‘ओम्निबस बिल’ लाने की तैयारी

एकीकृत विधायी ढांचे में समाहित होंगे नियामकीय बदलाव

इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती के लिए 500 करोड़ का ‘सक्षम’ फंड प्रस्तावित
चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने निवेश के मामले में प्रदेश को अग्रणी गंतव्य बनाने के मकसद से प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विनियमन में ढील (डी-रेगुलेशन) देने का अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में प्रस्तावित सर्वग्राही विधेयक (ओम्निबस बिल) के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा सुधारों को संस्थागत रूप देने की तैयारी है।

कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव श्री के.के. पाठक और हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में यहां हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में अनुपालन में कमी और डी-रेगुलेशन फेज-2 के अन्तर्गत हुए सुधारों की समीक्षा की गई।

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए प्रस्तावित हरियाणा ओमनीबस बिल विभिन्न नियामकीय बदलावों को एकीकृत विधायी ढांचे में समाहित करेगा। इससे विभागों में एकरूपता सुनिश्चित होगी और लालफीताशाही को कम करने तथा शासन को सरल बनाने वाले सुधारों को दीर्घकालिक कानूनी आधार मिलेगा।

बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों ने 28 प्राथमिकता वाले सुधार क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। इन सुधारों का उद्देश्य अनुपालन बोझ को कम करना, स्वीकृति प्रक्रियाओं में तेजी लाना तथा व्यवसायों, संस्थानों और नागरिकों के लिए एक सुगम पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है। अधिकांश सुधार प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा चुके हैं और कई लागू होने की प्रक्रिया में हैं, जो राज्य के सुधार एजेंडे में तेजी को दर्शाता है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को लंबित प्रस्तावों को शीघ्र पूरा करने, एमआईएस पोर्टल पर कार्ययोजनाएं तुरंत अपलोड करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सुधारों का जमीनी स्तर पर स्पष्ट और मापनीय प्रभाव दिखाई दे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों की सफलता जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करेगी।

सुधारों के प्रमुख क्षेत्रों में भूमि और निर्माण नियमों का सरलीकरण शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र में ‘चेंज ऑफ लैंड यूज’ (सीएलयू) की आवश्यकता नहीं है, जिससे निवेशकों और भूमि मालिकों को बड़ी राहत मिली है।

शेष नियंत्रित क्षेत्रों में भी सीएलयू स्वीकृतियों को स्वचालित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह प्रणाली औद्योगिक क्षेत्रों में पहले से लागू है और मार्च 2027 तक इसका अन्य श्रेणियों में भी विस्तार करने की योजना है। मांग आधारित भूमि उपयोग प्रणाली में गतिविधियों की अनुमति होगी जब तक कि वे विशेष रूप से प्रतिबंधित न हों। इससे नियामकीय बाधाओं में और कमी आएगी।

निर्माण क्षेत्र में कब्जा प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक अनुमोदनों को सरल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कई अनावश्यक एनओसी को हटाने का प्रस्ताव है, जिससे समय और लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।

हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र को एक सशक्त सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे सभी व्यावसायिक स्वीकृतियों के लिए एकीकृत प्रणाली उपलब्ध होगी। यह प्लेटफॉर्म विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर तेज निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा। लगभग 30 दिनों में स्वीकृति देने के लक्ष्य के साथ ‘सर्विस लेवल एग्रीमेंट’ लागू किए जा रहे हैं। साथ ही, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्वीकृति की समय-सीमा की निगरानी की जा सकेगी।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्य सरकार के इस सुधार एजेंडे के केंद्र में हैं। नए सुधारों के तहत औद्योगिक प्लॉट के उप-विभाजन, पूर्व स्वीकृति के बिना व्यावसायिक गतिविधियों में बदलाव, संपत्तियों के हस्तांतरण या सब-लीज की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है।

प्रस्तावित ‘हरियाणा राइट टू बिजनेस एक्ट’ के तहत उद्यमों को स्व-घोषणा के आधार पर कार्य शुरू करने की अनुमति होगी और शुरुआती चरण में निरीक्षणों में भी कमी की जाएगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए 500 करोड़ रुपये का ‘सक्षम’ फंड प्रस्तावित है, जिससे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का उन्नयन किया जाएगा। इसके अलावा, अपशिष्ट उपचार और अग्नि सुरक्षा जैसी साझा सुविधाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर भी कार्य किया जा रहा है।

हरियाणा अब पारंपरिक और जटिल प्रावधानों के स्थान पर वैश्विक मानकों के अनुरूप जोखिम-आधारित आधुनिक अग्नि सुरक्षा नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में साझा अग्नि सुरक्षा ढांचा विकसित करने से लागत कम होगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

राज्य ने अनावश्यक लाइसेंस समाप्त करने में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। नगर निगम कानूनों से ट्रेड लाइसेंस पहले ही हटाए जा चुके हैं और प्रस्तावित ओमनीबस बिल के तहत अन्य लाइसेंसों को भी सरल बनाने की योजना है, जिससे विनियामक ढांचे में दोहराव खत्म होगा।

बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डाॅ. अमित कुमार अग्रवाल, अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक श्री शेखर विद्यार्थी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री जे. गणेशन तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
April 30, 2026

नूंह जिला में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा पर है ज़ोर : आरती सिंह राव

नूंह जिला में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा पर है ज़ोर : आरती सिंह राव 
- दादू गांव की पंचायती जमीन पर बनेगा सरकारी नर्सिंग कॉलेज 
चंडीगढ़ - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि नूंह जिला में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा पर प्रदेश सरकार का पूरा ज़ोर है। इस जिला के गांव दादू द्वारा सरकारी नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने के लिए ऑफर की गई पंचायती जमीन प्रशासनिक कमेटी की रिपोर्ट में वाज़िब पाई गई है। 

 उन्होंने कहा कि दादू गांव में सरकारी नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने वाला यह कदम नूंह क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और नर्सिंग शिक्षा को मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकारी कमेटी की सिफारिश के अनुसार, गांव दादू की ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि को इस कॉलेज की स्थापना के लिए उपयुक्त माना गया है। यह स्थान नूंह जिले के तावडू ब्लॉक में स्थित है, जहां वर्तमान में नर्सिंग शिक्षा की भारी कमी है।

उन्होंने बताया कि इस समय नूंह जिले में केवल एक नर्सिंग स्कूल संचालित है, जिसमें एएनएम (Auxiliary Nurse Midwife) की मात्र 13 सीटें हैं। इस सीमित क्षमता को देखते हुए इस क्षेत्र में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की भारी आवश्यकता है और इसके लिए नर्सिंग शिक्षा के विस्तार की जरूरत है।
आरती सिंह राव ने बताया कि इस कॉलेज के बनने से नूंह की बड़ी आबादी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों से सीधे लाभान्वित होगी। नूंह हरियाणा के सबसे पिछड़े जिलों में से एक है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ की उपलब्धता में कई चुनौतियां हैं। ऐसे में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना इन समस्याओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने बताया कि इस जिले में पहले से ही स्थित शहीद हसन खान मेवाती गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज है , ऐसे में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज को इस मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जा सकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की इस पहल से नूंह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होने की उम्मीद है।
April 30, 2026

विद्यार्थी से अधिष्ठाता तक का प्रेरक सफर: एमडीयू ने प्रो. सुरेश चंद्र मलिक को दी भावभीनी विदाई

विद्यार्थी से अधिष्ठाता तक का प्रेरक सफर: एमडीयू ने प्रो. सुरेश चंद्र मलिक को दी भावभीनी विदाई
रोहतक :  महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक में अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले एवं सांख्यिकी विभाग के प्रोफेसर एवं अध्यक्ष प्रो. सुरेश चंद्र मलिक को उनकी सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई। कुलपति समिति कक्ष में आयोजित इस समारोह में कुलपति प्रो. मिलाप पुनिया, कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल, डीन, कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. विनीता हुड्डा, डीन एवं अध्यक्ष संकाय तथा निदेशक, सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन प्रो. राजेश धनखड़ तथा निदेशक जनसंपर्क प्रो. आशीष दहिया सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. मिलाप पुनिया ने प्रो. मलिक के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और प्रशासनिक सुदृढ़ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने भी उनके कार्यों को विश्वविद्यालय के विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया। प्रो. विनीता हुड्डा और प्रो. राजेश धनखड़ ने प्रो. मलिक के साथ अपने कार्य अनुभव साझा करते हुए उनके सरल, सहयोगी और प्रेरणादायी व्यक्तित्व को रेखांकित किया।
इस अवसर पर प्रो. सुरेश चंद्र मलिक के पारिवारिक सदस्य—उनकी धर्मपत्नी, बच्चे और पोते-पोतियां भी उपस्थित रहे। साथ ही उनके कई पूर्व छात्र, जो आज प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं, विशेष रूप से मौजूद रहे। इनमें प्रो. मुकेन्द्र कादयान, प्रो जितेंद्र खटकड़ (कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय) और प्रो. महावीर बड़क (इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, रेवाड़ी) सहित अन्य शामिल रहे। उन्होंने प्रो. मलिक के मार्गदर्शन और स्नेहपूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व और शिक्षण ने उनके करियर को दिशा दी।
इसके अतिरिक्त, देश-विदेश में उच्च पदों पर कार्यरत उनके अनेक विद्यार्थियों ने भी संदेश, पत्र और ईमेल के माध्यम से प्रो. मलिक को सम्मान व्यक्त किया।
अपने संबोधन में प्रो. सुरेश चंद्र मलिक ने विश्वविद्यालय प्रशासन, सहकर्मियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एमडीयू में विद्यार्थी से लेकर अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले तक की उनकी यात्रा अत्यंत गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय रही।
April 30, 2026

डिजिटल साक्षरता के लिए जींद में निकली आईटी रथ यात्रा, युवा भाजपा नेता रुद्राक्ष मिड्ढा ने दिखाई हरी झंडी

डिजिटल साक्षरता के लिए जींद में निकली आईटी रथ यात्रा, युवा भाजपा नेता रुद्राक्ष मिड्ढा ने दिखाई हरी झंडी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे कोर्स युवाओं के लिए नए रोजगार व स्वरोजगार के अवसर: रुद्राक्ष मिड्ढा
जींद : डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन के सहयोग से हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड पंचकूला द्वारा जींद में भव्य आईटी रथ यात्रा का आयोजन किया गया। इस अभियान के माध्यम से आमजन को डिजिटल लिटरेसी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा कंप्यूटर कौशल के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। यह रथ यात्रा अर्बन एस्टेट स्थित महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन से प्रारंभ हुई, जिसे डिप्टी स्पीकर हरियाणा विधानसभा डॉ कृष्ण मिड्ढा के प्रतिनिधि एवं युवा भाजपा नेता रुद्राक्ष मिड्ढा एवं संस्था अध्यक्ष राजकुमार भोला ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अंकिता खटकड़, अजय वर्मा, सावर गर्ग, पवन बंसल, मीना, सुशीला सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
रथ यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों—अर्बन एस्टेट, डिफेंस कॉलोनी, पुराना बस स्टैंड, स्कीम 5-6, रानी तालाब, पालिका बाजार, बैक रोड, रामराय गेट, झांझ गेट, रूपया चौक होते हुए पटियाला चौक तक निकाली गई। इस दौरान जगह-जगह लोगों को डिजिटल साक्षरता के महत्व से अवगत कराया गया। इस अभियान के तहत युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ई-लर्निंग, एमएस ऑफिस, इंटरनेट, ईमेल, ऑनलाइन सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर रुद्राक्ष मिड्ढा ने कहा कि आज के डिजिटल युग में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के अभाव में लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं, इसलिए सभी को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में युवाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ना समय की मांग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे उन्नत कोर्स युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर खोल रहे हैं। संस्था द्वारा युवाओं को इन कोर्सों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है।
संस्था अध्यक्ष राजकुमार भोला ने कहा कि यह आईटी रथ अभियान समाज को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि अर्बन एस्टेट, जाट धर्मशाला के निकट स्थित एचकेसीएल कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र में विभिन्न जॉब-ओरिएंटेड कंप्यूटर कोर्स संचालित किए जा रहे हैं, जो युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान कर रहे हैं। संस्था का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। ऐसे जागरूकता अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राजकुमार भोला ने युवाओं से आह्वान किया कि वे डिजिटल शिक्षा को अपनाकर अपने भविष्य को सशक्त बनाएं और देश के डिजिटल विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
April 30, 2026

सिरसा की बेटी ने ऑस्ट्रेलिया में चमकाया हरियाणा का नाम, नेहा बनीं रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयरफोर्स में लॉजिस्टिक्स ऑफिसर

सिरसा की बेटी ने ऑस्ट्रेलिया में चमकाया हरियाणा का नाम, नेहा बनीं रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयरफोर्स में लॉजिस्टिक्स ऑफिसर
सिरसा : डिंग मंडी निवासी राजमल पचार की बेटी नेहा ने ऑस्ट्रेलिया में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयरफोर्स में लॉजिस्टिक्स ऑफिसर के रूप में जॉइन किया है। उनकी इस सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। नेहा के पिता राजमल पचार ने बताया कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से ऑस्ट्रेलिया में रह रही हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षिका के रूप में की थी और लगभग 10 वर्षों तक प्राइमरी स्कूल में पढ़ाया। इसके बाद उन्होंने अपने लक्ष्य को नया आयाम देते हुए एयरफोर्स में जाने का सपना पूरा किया। उनकी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। खास बात यह है कि उनके पति अभिनव साहू भी पिछले 14 वर्षों से रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयरफोर्स में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में यह परिवार देश-विदेश में सेवा और समर्पण का उदाहरण बन गया है। नेहा की इस उपलब्धि को लेकर उनके पिता राजमल पचार ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। बेटी ने परिवार का नाम रोशन कर दिया। उसकी मेहनत आज रंग लाई है। राजमल पचार, माता चंदा पचार व भाई अंकित पचार को बधाई देने के लिए लोग हुडा सेक्टर-20 स्थित पहुंच रहे हैं। वहीं डिंग मंडी निवासियों का कहना है कि नेहा की सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि यदि इरादे मजबूत हों और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। नेहा साहू की यह उपलब्धि उन सभी लड़कियों के लिए मिसाल है जो बड़े सपने देखती हैं। यह साबित करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी हौसले बुलंद हों तो सफलता जरूर मिलती है।
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Wednesday, April 29, 2026

April 29, 2026

गुड़गांव के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलने के बाद मची अफरा-तफरी

गुड़गांव के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलने के बाद मची अफरा-तफरी
गुड़गांव : गुड़गांव में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के कई प्रमुख स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिले। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8.33 बजे श्री राम स्कूल, एमिटी और एचडीएफसी स्कूल के प्रशासन को ये धमकी भरे मेल प्राप्त हुए। जिस समय ये मेल मिले, उस समय तक स्कूलों में कक्षाएं शुरू हो चुकी थीं और बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल परिसर में मौजूद थे।
धमकी मिलने के तुरंत बाद स्कूल प्रबंधकों ने इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू करते हुए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। कई स्कूलों ने आनन-फानन में छुट्टी घोषित कर दी और अभिभावकों को मैसेज भेजकर अपने बच्चों को घर ले जाने के लिए कहा। स्कूल के बाहर भारी संख्या में डरे-सहमे अभिभावकों की भीड़ जमा हो गई, जो अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।
पुलिस और बम निरोधक दस्ते की कार्रवाई
सूचना मिलते ही गुड़गांव पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बुधवार को करीब 10 स्कूलों ने पुलिस से संपर्क कर धमकी भरे मेल मिलने की सूचना दी है। फिलहाल पुलिस की अलग-अलग टीमें सभी स्कूल परिसरों में सघन चेकिंग अभियान चला रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
       उल्लेखनीय है कि इस साल की शुरुआत में भी गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर के कई स्कूलों को इसी तरह के फर्जी धमकी भरे मेल मिले थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन मेल के पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ होने की आशंका है। साइबर सेल की टीमें ई-मेल के आईपी एड्रेस को ट्रैक करने की कोशिश कर रही हैं।)
        पुलिस प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। फिलहाल किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली-एनसीआर में पहले भी कई बार दी गई स्कूलों को उड़ाने की धमकी
गुरुग्राम के स्कूलों को बुधवार को मिली धमकी कोई पहली घटना नहीं है। पिछले दो वर्षों में दिल्ली-एनसीआर के शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाकर इस तरह के फर्जी ई-मेल भेजने का एक सिलसिला सा चल पड़ा है। इन घटनाओं ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ाई है, बल्कि अभिभावकों और बच्चों में भी गहरा डर पैदा किया है।
अभी पिछले महीने यानी 11 मार्च, 2026 को गुरुग्राम के कई स्कूलों को 'जियांग डो' नामक ई-मेल आईडी से धमकी मिली थी। उस समय मेल में खालिस्तान के समर्थन में बातें लिखी गई थीं और दोपहर 1.11 बजे धमाके करने का दावा किया गया था। जांच के बाद इन सभी मेल को फर्जी पाया गया था। इसी दौरान चंडीगढ़ और ट्राई सिटी के कुछ स्कूलों को भी इसी तरह के मेल मिले थे।
फरवरी 2026: एक ही महीने में कई बार धमकी
फरवरी 2026 में दिल्ली-एनसीआर की सुरक्षा व्यवस्था को बार-बार चुनौती दी गई।
9 और 10 फरवरी: दिल्ली के करीब 15 सरकारी और निजी स्कूलों को ई-मेल भेजकर दहशत फैलाई गई। इसमें 'दिल्ली बनेगा खालिस्तान' जैसे संदेश लिखे गए थे।
23 फरवरी: दिल्ली सचिवालय के साथ-साथ धौला कुआं स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल और लोधी रोड स्थित एयर फोर्स बाल भारती स्कूल को बम की धमकी मिली थी।
जनवरी 2026: साल की शुरुआत ही रही चुनौतीपूर्ण
29 जनवरी, 2026 को दिल्ली के पांच प्रमुख स्कूलों (लॉरेंटो कॉन्वेंट, डॉन बॉस्को और कार्मल कॉन्वेंट सहित) को सुबह 8.30 बजे मेल मिले थे। पूरी जांच के बाद पुलिस ने इसे 'होक्स' (अफवाह) करार दिया था।
मई 2024: अब तक की सबसे बड़ी घटना
दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों के इतिहास में 1 मई, 2024 का दिन सबसे भयावह रहा था। उस दिन सुबह के वक्त एक साथ 100 से अधिक स्कूलों को बम की धमकी दी गई थी। जांच में पता चला था कि ये मेल रूसी डोमेन (sawariim@mail.ru) से भेजे गए थे। इस घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा था और जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भी शामिल होना पड़ा था।

Tuesday, April 28, 2026

April 28, 2026

महिलाओं का यौन शोषण करने के सबसे ज्यादा केस बीजेपी नेताओं के ऊपर हैं: सुनैना चौटाला

महिला आरक्षण बिल पर इनेलो नेत्री सुनैना चौटाला की प्रतिक्रिया

महिलाओं का यौन शोषण करने के सबसे ज्यादा केस बीजेपी नेताओं के ऊपर हैं: सुनैना चौटाला

बीजेपी सरकार में पीएचडी, एमफिल और एमएससी करके भी महिलाओं को चपड़ासी, बुल गार्ड और बेलदार जैसी ग्रुप डी की नौकरी करनी पड़ रही है

जहां कांग्रेस को सदन में बीजेपी को घेरना था वहीं कांग्रेस सदन से भाग खड़ी हुई और बीजेपी को वॉकओवर दे दिया

बीजेपी सरकार मौजूदा लोकसभा और विधानसभा सीटों पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करे
चंडीगढ :  इंडियन नेशनल लोकदल की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला ने बीजेपी सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल पर बुलाए गए विशेष विधानसभा सत्र पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल पर बीजेपी पूरे देश के लोगों को मूर्ख बनाने की कौशिश कर रही है। सभी को पता है कि यह महिला आरक्षण बिल सितंबर 2023 को पास हो चुका है। लेकिन बड़ी चालाकी दिखाते हुए महिला आरक्षण बिल की आड़ में परिसीमन बिल पास करने की कौशिश की। परिसीमन बिल को पास न करवा कर विपक्ष ने बीजेपी की इस साजिश को फेल कर दिया। बीजेपी का महिलाओं के बारे में चाल चरित्र और चेहरा पूरे देश को पता है। बीजेपी एक तरफ तो महिला सुरक्षा की बात करती है दूसरी तरफ महिलाओं का यौन शोषण करने के सबसे ज्यादा केस बीजेपी नेताओं के ऊपर ही हैं। आए दिन महिला उत्पीड़न करने का किसी न किसी प्रदेश से बीजेपी नेता का नाम आता है। बीजेपी महिलाओं का कितना सम्मान करती है उसका पता इस बात से चलता है कि पीएचडी, एमफिल और एमएससी करके भी महिलाओं को चपड़ासी, बुल गार्ड और बेलदार जैसी ग्रुप डी की नौकरी करनी पड़ रही है। अगर बीजेपी सच में महिलाओं की हितैषी है तो इन पढ़ी लिखी महिलाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से नौकरी दे।
सुनैना चौटाला ने इस विधानसभा सत्र में कांग्रेस द्वारा बीजेपी की मदद करने के आरोप जड़ते हुए कहा कि जहां कांग्रेस को सदन में बीजेपी को घेरना था वहीं कांग्रेस सदन से भाग खड़ी हुई और बीजेपी को वॉकओवर दे दिया। इनेलो के दोनों विधायकों ने बीजेपी को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखे सवाल पूछे जिसके बीजेपी के पास कोई जवाब नहीं थे।
सुनैना ने कहा कि इनेलो हमेशा से ही महिलाओं को आरक्षण देने की पक्षधर रही है। बीजेपी सरकार मौजूदा लोकसभा और विधानसभा सीटों पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करे।

Monday, April 27, 2026

April 27, 2026

आज का दिन इतिहास का काला दिन, जब विपक्ष ने सदन का अपमान करके सदन के बाहर डुप्लीकेट सेशन चलाया

आज का दिन इतिहास का काला दिन, जब विपक्ष ने सदन का अपमान करके सदन के बाहर डुप्लीकेट सेशन चलाया

सबने देखा कि कांग्रेस लोकतंत्र की लड़ाई, विधानमंडल में नहीं, वाहन मंडल में लड़ रही है

 मुख्यमंत्री का शयराना अंदाज, बोले - जनता ने जिन्हें बहस के लिए भेजा था यहां, वो पार्किंग में खड़े होकर परछाईयों से लड़ रहे हैं

न कायदा, न कार्रवाई, न अध्यक्ष का सम्मान, गाड़ियों में चल रहा है कांग्रेस का संविधान
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा विधानसभा के विशेष  सत्र के  दौरान  कांग्रेस के सदन में ना आने पर तीखा प्रहार करते हुए कहा आज का दिन हरियाणा के इतिहास का काला दिन है, क्योंकि विपक्ष ने सदन की गरिमा का अपमान करते हुए सदन के बहार डुप्लीकेट सेशन चलाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की जनता आज सोच रही है कि ऐसा पहली बार देखा कि लोकतंत्र की लड़ाई, विधानमंडल में नहीं, वाहन मंडल में लड़ रही है कांग्रेस। उन्होंने शयराना अंदाज में कहा कि बड़े दुख की बात है कि जनता ने जिन्हें बहस के लिए भेजा था यहां, वो पार्किंग में खड़े होकर परछाईयों से लड़ रहे हैं। यह विधानसभा का, हरियाणा की हर महिला का, लोकतंत्र का और संविधान का अपमान है। उन्होंने कहा कि न कायदा, न कार्रवाई, न अध्यक्ष का सम्मान, गाड़ियों में चल रहा है कांग्रेस का संविधान। हरियाणा की जनता इस कु—कृत्य के लिए कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा लाया गया प्रस्ताव किसी प्रकार का राजनीतिक प्रस्ताव नहीं है और इसमें निंदा शब्द का उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव केवल माताओं और बहनों के मान-सम्मान, उनके अधिकारों तथा सशक्तिकरण को समर्पित है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा विधानसभा की पार्किंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डुप्लीकेट सेशन चलाया गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायक सरदार जरनैल सिंह ने अपने वक्तव्य में स्वयं स्वीकार किया है कि उनकी पार्टी की सोच में बदलाव की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के  इस  कू -कृत्य  के विरोध में सदन में निंदा प्रस्ताव लाने की भी बात कही।
मुख्यमंत्री ने विधायक श्री अर्जुन चौटाला द्वारा उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि यदि सरकार जनगणना और परिसीमन का इंतजार करती, तो वर्ष 2029 के आम चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समय पर अधिकार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक  लोकसभा में लाया गया।
उन्होंने जानकारी दी कि दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 6 किस्तें लाभार्थी बहनों के खातों में भेजी जा चुकी हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह  भी कहा कि इस योजना के किसी भी लाभार्थी परिवार का बीपीएल कार्ड रद्द नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विधानसभा का यह विशेष सत्र नारी शक्ति को समर्पित है। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार द्वारा तीन महत्वपूर्ण विधेयक संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि मूल रूप से 2026 की जनगणना और परिसीमन के बाद आरक्षण लागू करने का लक्ष्य था, लेकिन इसे जनगणना की शर्त से अलग करने का प्रयास किया गया, ताकि वर्ष 2029 के आम चुनाव में महिला शक्ति संसद में प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा सके।
मुख्यमंत्री ने सदन के माध्यम से उन विपक्षी दलों की घोर निंदा की, जिन्होंने इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की राजनीति का दोहरा चरित्र देश के सामने उजागर हुआ है। विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर झूठ और भ्रम फैलाया तथा यह कहा कि इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने तथ्यों के साथ स्पष्ट किया है कि किसी भी राज्य के प्रतिनिधित्व में कमी नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का प्रस्ताव केवल विपक्ष की आलोचना के लिए नहीं है, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश है कि जो भी महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे जनता के न्याय का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस प्रस्ताव का समर्थन करें और महिलाओं के सशक्तिकरण के इस महत्वपूर्ण प्रयास में सहभागी बनें।
April 27, 2026

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का है प्रयास : आरती सिंह -दो नए पीएचसी निर्माण को मिली मंजूरी

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का है प्रयास : आरती सिंह 
-दो नए पीएचसी निर्माण को मिली मंजूरी 
चंडीगढ़ - हरियाणा सरकार ने दो नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोलने की मंजूरी दी है। इनमें एक पीएचसी भिवानी जिला के गांव सूई तथा दूसरी, पलवल जिला के गांव अमरपुर में खोली जाएगी। 

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि भिवानी जिला के गांव सूई में खुलने वाली पीएचसी के निर्माण पर 466.35 लाख रुपए तथा पलवल जिला के गांव अमरपुर में खुलने वाली पीएचसी के निर्माण पर 439.33 लाख रुपए खर्च होंगे। 

आरती सिंह राव ने बताया कि उक्त स्वास्थ्य संस्थानों के शुरू होने से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि बड़े अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा। इससे लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने, नई सुविधाएं जोड़ने और हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
April 27, 2026

हरियाणा विधानसभा में महिलाओं के अधिकारों पर केंद्रित प्रस्ताव पारित

हरियाणा विधानसभा में महिलाओं के अधिकारों पर केंद्रित प्रस्ताव पारित

महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस ने फिर दिखाया अपना असली चेहरा – मुख्यमंत्री

बाहर बयानबाजी, अंदर वॉकआउट — कांग्रेस का दोहरा रवैया उजागर – मुख्यमंत्री
चंडीगढ़– हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में सरकारी प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हुआ। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि कोई भी क्षेत्र या समाज तब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं माना जा सकता, जब तक उसकी आधी आबादी माताओं और बहनों को सम्मान, समान अवसर और अधिकार नहीं मिलते। इसलिए ‘नारी सम्मान’ भारत की चिर-नूतन सभ्यता और संस्कृति की अटूट पहचान भी है तथा विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प का मूल आधार भी है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके चार प्रमुख स्तंभों में महिलाओं को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु ठोस कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2023 में संसद द्वारा पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह कानून संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि इस कानून के क्रियान्वयन की समयसीमा वर्ष 2034 निर्धारित की गई थी, तथापि इसे वर्ष 2029 तक लागू करने के उद्देश्य से 16 व 17 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें संबंधित संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती ने भी अनेक प्रेरणादायक महिलाएं दी हैं। महारानी किशोरी, शिक्षाविद् बहन सुभाषिनी जी और अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला सहित प्रदेश की बेटियों ने खेलों में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान से देशभर में सामाजिक चेतना का विस्तार हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हरियाणा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य का लिंगानुपात 871 से बढ़कर 923 हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सुकन्या समृद्धि योजना’, ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’, ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’, ‘मुद्रा योजना’ तथा ‘स्टैंड-अप इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन प्रदान किया गया है, सैनिक स्कूलों में बेटियों के प्रवेश को स्वीकृति दी गई है तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में भी महिलाओं के लिए मार्ग प्रशस्त किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया है। ‘लखपति दीदी’ एवं ‘ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है, जबकि ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ से आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। ‘हर घर-हर गृहिणी योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिला सुरक्षा के दृष्टिगत राज्य में 33 महिला पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं तथा ‘दुर्गा शक्ति ऐप’ एवं हेल्पलाइन-1091 जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना आवश्यक है और संसद एवं राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

 प्रस्ताव सुधार का अवसर था – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस ने एक बार फिर अपना असली चेहरा उजागर किया है। उन्होंने कहा कि जब भी महिलाओं के अधिकारों की बात आती है, कांग्रेस महत्वपूर्ण समय पर पीछे हट जाती है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में जो रवैया देखने को मिला, वही विधानसभा में भी दोहराया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज का यह प्रस्ताव सुधार का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लाया गया था, ताकि यदि शीर्ष स्तर पर कोई चूक हुई है, तो उसे सुधारा जा सके।

बाहर बयानबाजी, अंदर वॉकआउट

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिलाओं के सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए सदन बुलाया गया, तब विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। वे सदन के बाहर महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन अंदर चर्चा से बचते हैं, जो उनके दोहरे रवैये को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का यह आचरण दर्शाता है कि वे महिलाओं के अधिकारों के प्रति गंभीर नहीं हैं। उनका यह रवैया केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विपक्ष के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था कि वे इस प्रस्ताव का समर्थन कर अपने शीर्ष नेतृत्व को सकारात्मक संदेश देते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि जो लोग महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, उन्हें अपने आचरण से भी इसे सिद्ध करना चाहिए। बाहर कुछ और कहना और अंदर चर्चा से बचना उनके दोहरे चरित्र को उजागर करता है।

विपक्ष के आचरण की निंदा की जानी चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को सदन में रहकर अपनी बात रखनी चाहिए थी और उसके बाद विरोध दर्ज कराना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उनका इस प्रकार वॉकआउट करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसे आचरण की निंदा की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक महिलाओं ने कांग्रेस का समर्थन किया, लेकिन जब उनके अधिकार सुनिश्चित करने का समय आया, तो कांग्रेस ने उनका साथ नहीं दिया, जो उनके विश्वास के साथ विश्वासघात है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रस्ताव महिलाओं के सम्मान, अधिकार और भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस प्रस्ताव का समर्थन करें। यह प्रस्ताव केवल एक राजनीतिक पहल नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और उत्थान के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है और इसे सर्वसम्मति से पारित किया जाना चाहिए।

Sunday, April 26, 2026

April 26, 2026

घरेलू क्लेश के चलते रिटायर्ड सेना के हवलदार ने लाइसेंसी रिवाल्वर से किया सुसाइड

घरेलू क्लेश के चलते रिटायर्ड सेना के हवलदार ने लाइसेंसी रिवाल्वर से किया सुसाइड
झज्जर :  गांव मातनहेल में 46 वर्षीय सीआरपीएफ से रिटायर्ड पूर्व हवलदार नरेंद्र सिंह पुत्र रायसिंह पुत्र मुलिया द्वारा अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से बेटे के सामने खुद को गोली मारकर सुसाइड करने का मामला सामने आया है। यह घटना सुबह 7 बजे की बताई जा रही है। बताया जाता है कि घरेलू क्लेश के चलते नरेन्द्र ने आत्महत्या की है। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल झज्जर में भेजा।
पुलिस इस मामले में मृतक के बेटे चिंटू के बयान पर कार्रवाई कर रही है। पूर्व सैनिक द्वारा खुद को गोली मारने के मामले का कारण घरेलू क्लेश बताया जा रहा है। नरेंद्र सिंह घर के आंगन में बैठा हुआ था। जबकि उसका बेटा खाना खा रहा था। इसी दौरान नरेंद्र सिंह ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाल कर खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनते ही बेटा भागा लेकिन तब तक नरेंद्र की मौत हो चुकी थी।
 नरेंद्र आर्मी से दस वर्ष पूर्व रिटायर्ड होकर अपने घर में ही रह रहा था। नरेंद्र सिंह का एक बेटा चिंटू है, जिसकी शादी हो चुकी है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि उन्हें एक व्यक्ति द्वारा सुसाइड करने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल झज्जर में भेजा है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।

Wednesday, April 22, 2026

April 22, 2026

*वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया गया पृथ्वी दिवस*

*वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया गया पृथ्वी दिवस*
जींद : वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल में पृथ्वी दिवस बड़े ही उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत नन्हे-मुन्ने बच्चों (नर्सरी से यूकेजी) की प्रिंटिंग एक्टिविटी से हुई। बच्चों ने पेड़ों, पत्तियों और प्रकृति से जुड़ी सुंदर आकृतियाँ बनाकर अपने रचनात्मक कौशल का परिचय दिया। इसके बाद कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने पृथ्वी, पेड़, जल संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों के संदेशों ने सभी को प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाई।
आगे कक्षा पांचवीं से दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें पर्यावरण, पृथ्वी संरक्षण और विज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए। इस प्रतियोगिता में *कक्षा 10 की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया।* इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉक्टर *नरेंद्र नाथ शर्मा जी* ने अपने संदेश में कहा कि “पृथ्वी हमारी सबसे बड़ी धरोहर है, और इसकी सुरक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को अभी से पर्यावरण के प्रति सजग रहना चाहिए।”
उपनिदेशक *श्रीआशुतोष शर्मा जी* ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “छोटे-छोटे प्रयास, जैसे पेड़ लगाना और जल की बचत करना, भविष्य को सुरक्षित बना सकते हैं।”
विद्यालय की *प्राचार्या श्रीमती सुकीर्ति गौतम* ने अपने संबोधन में कहा कि “ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में जागरूकता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का विकास भी करती हैं, जिससे वे एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें।”सम्पूर्ण कार्यक्रम उत्साह, ज्ञान और प्रेरणा से भरपूर रहा। विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पृथ्वी को बचाने का संकल्प लिया। यह आयोजन सभी के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ।