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Tuesday, March 17, 2026

March 17, 2026

असंध के किसानों को बड़ी राहत! 10 नहरों का होगा पुनर्निर्माण, विश्व बैंक से फंडिंग की तैयारी : श्रुति चौधरी

असंध के किसानों को बड़ी राहत! 10 नहरों का होगा पुनर्निर्माण, विश्व बैंक से फंडिंग की तैयारी : श्रुति चौधरी 
चंडीगढ़- सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने सदन में बताया कि असंध विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बनाई है। असंध विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जयसिंह पुरा, मलिकपुर, दुपेड़ी, फफड़ाना, सालवन, कुडलन, उपलाना, गंगाटेहड़ी, पोपड़ा, दनोली और अरड़ाना के आसपास स्थित उक्त नहरों/रजवाहों के पुनर्निर्माण करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है।

श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि परियोजना के लिए विश्व बैंक से वित्तीय वर्ष 2026–27 में फंड मिलने की संभावना है। इसके बाद 10 नहरों के पुनर्निर्माण व मरम्मत का काम शुरू होगा। यह काम अगले 3 वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ किसानों की जल संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगा।
March 17, 2026

यदि किसी ग्राम पंचायत की जनसंख्या 10,000 से अधिक हो जाती है, तो उसे ‘महाग्राम’ घोषित किया जा सकता है : कृष्ण लाल पंवार

यदि किसी ग्राम पंचायत की जनसंख्या 10,000 से अधिक हो जाती है, तो उसे ‘महाग्राम’ घोषित किया जा सकता है : कृष्ण लाल पंवार 
चंडीगढ़– हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया  कि रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत अकेड़ा और घातल महनियावास में लिक्विड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट प्लांट के निर्माण के मुद्दे पर विचार करने और समाधान तलाशने के लिए एक अंतर-विभागीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद रेवाड़ी कर रहे हैं।

हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने यह जानकारी आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी।

उन्होंने बताया कि गांव अकेड़ा की जनसंख्या 5,814 तथा गांव घातल महनियावास की जनसंख्या 4,629 है। दोनों गांव आपस में सटे हुए हैं और विकास कार्यों के लिए आसपास पर्याप्त ग्राम पंचायत भूमि उपलब्ध नहीं है। नियमों के अनुसार यदि किसी ग्राम पंचायत की जनसंख्या 10,000 से अधिक हो जाती है, तो उसे ‘महाग्राम’ घोषित किया जा सकता है, जिससे वहां सीवरेज प्रणाली स्थापित करने की पात्रता मिलती है। इसी के मद्देनजर दोनों गांवों को मिलाकर महाग्राम श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने आगे बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद रेवाड़ी की अध्यक्षता में गठित समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति की बैठक सोमवार को आयोजित की गई, जिसमें उपायुक्त (डीसी) को भी समिति में शामिल करने की सिफारिश की गई।

पाइपलाइन से संबंधित मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
March 17, 2026

विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च एवं गरिमामयी मंच: रणबीर गंगवा

विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च एवं गरिमामयी मंच: रणबीर गंगवा

बरवाला विधानसभा क्षेत्र से आए पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बजट सत्र की कार्यवाही को देखा

विधानसभा भवन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसकी वास्तुकला और निर्माण से जुड़े पहलुओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की
चंडीगढ  - हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च एवं गरिमामयी मंच है, जहां प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता, अनुशासन और मर्यादा के साथ विस्तृत चर्चा की जाती है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी सत्र में प्रदेश की आर्थिक दिशा, विकास योजनाएं और नीतिगत फैसले तय किए जाते हैं, जो आमजन के जीवन पर सीधा प्रभाव डालते हैं।

श्री गंगवा मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर बरवाला विधानसभा क्षेत्र से आए पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मंत्री रणबीर गंगवा स्वयं भी बरवाला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इस अवसर पर पत्रकारों ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को नजदीक से देखा। उन्होंने प्रश्नकाल, शून्यकाल तथा विभिन्न विभागों से जुड़े विषयों पर होने वाली चर्चाओं का अवलोकन किया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझा। इसके साथ ही पत्रकारों ने चंडीगढ़ स्थित विधानसभा भवन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसकी वास्तुकला और निर्माण से जुड़े पहलुओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जाना कि यह भवन न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि देश की आधुनिक वास्तुकला और लोकतांत्रिक परंपराओं का भी प्रतीक है।

पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विधानसभा की कार्यवाही को करीब से देखना उनके लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा। इससे उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि किस प्रकार जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को सदन में उठाते हैं और उनके समाधान के लिए नीतियां बनाई जाती हैं।

बाद में पत्रकारों ने मंत्री रणबीर गंगवा से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की, जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया तथा जलपान की व्यवस्था की गई। इस दौरान क्षेत्र के विकास कार्यों, चल रही परियोजनाओं एवं विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति (सेंशन) को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने आश्वस्त किया कि बरवाला विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और आवश्यक परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुलाकात के दौरान पत्रकारों को मंत्री रणबीर गंगवा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ।

इस मौके पर पूर्व चेयरमैन श्री सतबीर वर्मा, पूर्व आईजी श्री दलबीर भारती, श्री संजीव गंगवा, मार्केटिंग कमेटी के पूर्व चेयरमैन श्री  रणधीर सिंह धीरू सहित कई गणमान्य तथा पत्रकार मौजूद थे।
March 17, 2026

जिन किसानों के बाजरा की एमएसपी पर बिक्री नहीं हुई, ऐसे 1,57,455 किसानों को उनकी निर्धारित राशि वितरित कर दी गई है : श्याम सिंह राणा

जिन किसानों के बाजरा की एमएसपी पर बिक्री नहीं हुई, ऐसे 1,57,455 किसानों को उनकी निर्धारित राशि वितरित कर दी गई है : श्याम सिंह राणा 
चंडीगढ़ - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि जिन किसानों के बाजरा की एमएसपी पर बिक्री नहीं हुई, ऐसे 1,57,455 किसानों को उनकी निर्धारित राशि वितरित कर दी गई है।

श्री राणा आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने बताया कि राज्य के जिन किसानों को बाजरा की बिक्री में एमएसपी से कम बाजार मूल्य मिला है ऐसे किसानों को भरपाई के तौर पर इनको 575 रुपये प्रति क्विंटल की दर से राशि का भुगतान किया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि किसानों द्वारा पंजीकरण के समय गलत बैंक खाता विवरण प्रस्तुत किए जाने के कारण अभी तक 601 किसानों की राशि का भुगतान लंबित है। किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपने बैंक खाता विवरण सही करने के लिए लगातार संदेश भेजे जा रहे हैं। बैंक खाता विवरण सही होने पर बकाया किसानों को भी भुगतान जारी कर दिया जाएगा।

श्री राणा ने आगे जानकारी दी कि बाजरा खरीद के लिए 1,58,056 किसानों के 2,24,354 जे-फॉर्म भरे गए।
March 17, 2026

विपक्ष के आरोप तथ्यहीन, हरियाणा की वित्तीय स्थिति मजबूत: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

विपक्ष के आरोप तथ्यहीन, हरियाणा की वित्तीय स्थिति मजबूत: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

कर्ज और बजट वृद्धि पर मुख्यमंत्री का जवाब, विपक्ष के आंकड़ों को बताया भ्रामक

हरियाणा सरकार ने 2014 के बाद कोई नया कर नहीं लगाया
चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बजट 2026-27 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास कार्यों को गति दे रही है।

कर्ज को लेकर श्वेत पत्र की जरूरत नहीं, सभी आंकड़े सार्वजनिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के कुछ विधायकों द्वारा यह कहा गया कि प्रदेश कर्ज में डूबा हुआ है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय वर्ष 2014-15 में राज्य पर 96 हजार 875 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो उस समय की 4 लाख 37 हजार 145 करोड़ रुपये की जीएसडीपी का 22.16 प्रतिशत था। उस समय वित्त आयोग द्वारा ऋण लेने की अधिकतम सीमा 22.9 प्रतिशत निर्धारित की गई थी, जबकि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस सीमा से ऊपर कर्ज ले रखा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ कांग्रेस विधायकों ने राज्य की ऋण देनदारी को लेकर भ्रामक आंकड़े प्रस्तुत किए हैं और कर्ज को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के सभी ऋण संबंधी आंकड़े सीएजी और आरबीआई की रिपोर्ट तथा राज्य के वार्षिक बजट दस्तावेजों में उपलब्ध हैं, जो सार्वजनिक रूप से देखे जा सकते हैं। इसलिए कर्ज को लेकर अलग से श्वेत पत्र जारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

बजट में वास्तविक वृद्धि 8 से 9.24 प्रतिशत

श्री नायब सिंह सैनी ने बजट में वृद्धि को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यह कहना कि महंगाई दर को हटाने के बाद बजट में केवल 4 प्रतिशत वृद्धि हुई है, सही नहीं है। यदि वर्ष 2022-23 की कीमतों के आधार पर तुलना की जाए तो वर्ष 2025-26 का बजट अनुमान 1 लाख 93 हजार 294 करोड़ रुपये और संशोधित बजट 1 लाख 91 हजार 156 करोड़ रुपये बनता है। इसी प्रकार वर्ष 2026-27 का बजट अनुमान 2 लाख 8 हजार 831 करोड़ रुपये है। इस प्रकार वास्तविक रूप से वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान में वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान की तुलना में 8 प्रतिशत तथा संशोधित बजट की तुलना में 9.24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के कुछ विधायकों ने आय बढ़ाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं और आबकारी से संबंधित वसूली पर भी टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा आबकारी नीति के तहत खुदरा जोनों का आवंटन ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है, जिससे निविदा प्रक्रिया में भाग लेने वाले लाइसेंस धारकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-27 की आबकारी नीति के तहत 1 हजार 194 खुदरा जोनों के लिए 1 हजार 957 ई-बिड प्राप्त हुईं और 25 जुलाई 2025 को निर्धारित समय सीमा के भीतर बोली प्रक्रिया पूरी हो गई। इस प्रक्रिया के माध्यम से सरकार को खुदरा लाइसेंस शुल्क के रूप में 14 हजार 342 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.25 प्रतिशत अधिक है।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि 21 महीनों की अवधि वाली आबकारी नीति 2025-27 के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 14 हजार 64 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2026-27 में 13 हजार 152 करोड़ रुपये का राजस्व अनुमानित है। इस नीति अवधि में कुल राजस्व का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा लाइसेंस शुल्क से प्राप्त होता है। इसमें से लगभग 56 प्रतिशत राशि वित्त वर्ष 2025-26 में प्राप्त हो चुकी है तथा शेष 44 प्रतिशत राशि वित्त वर्ष 2026-27 में प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वर्ष 2014-15 से अब तक राज्य सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि सरकार ने कोई नया कर लगाया और उसकी वसूली नहीं हुई, तो वे स्वयं सदन के अगले सत्र में इस विषय पर आधे दिन की विशेष चर्चा कराने का अनुरोध करेंगे।
March 17, 2026

*विपक्ष कर्ज के गलत आंकड़े देकर जनता को कर रहा गुमराह — मुख्यमंत्री*

*विपक्ष कर्ज के गलत आंकड़े देकर जनता को कर रहा गुमराह — मुख्यमंत्री*

हरियाणा की वित्तीय स्थिति पंजाब से अधिक मजबूत और संतुलित: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष ने आशंका व्यक्त की है कि यदि कर्ज बढ़ता रहा तो हरियाणा भी पंजाब की तरह आर्थिक संकट में फंस सकता है और आने वाली पीढ़ियों को इसका 'डिफर्ड बर्डन' झेलना पड़ेगा। विपक्ष की यह आशंका वास्तविकता से बहुत परे है। विपक्ष कर्ज के गलत आंकड़े देकर जनता को केवल गुमराह करने का काम कर रहा है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति का आकलन केवल भावनात्मक टिप्पणियों से नहीं, बल्कि ठोस तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर किया जाना चाहिए। हरियाणा की वित्तीय स्थिति को यदि पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ तुलनात्मक रूप से देखा जाए, तो यह साफ दिखाई देता है कि हरियाणा आज भी आर्थिक प्रबंधन और विकास के मामले में कहीं अधिक संतुलित और मजबूत स्थिति में है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में बजट पर चर्चा के उपरांत जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2004-05 में जब हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार थीं, उस समय हरियाणा का कुल बजट 15 हजार 526 करोड़ रुपये था। जबकि, पंजाब का बजट 25 हजार 627 करोड़ रुपये था अर्थात उस समय पंजाब का बजट हरियाणा की तुलना में अधिक था। यदि उस समय के सरकारी ऋण की बात करें तो हरियाणा का कुल ऋण 17 हजार 347 करोड़ रुपये था, जो बजट का लगभग 112 प्रतिशत था। जबकि, पंजाब का कुल ऋण 37 हजार 796 करोड़ रुपये था, जो उनके बजट का लगभग 147 प्रतिशत था। इसका अर्थ यह है कि उस समय भी पंजाब की वित्तीय स्थिति हरियाणा की तुलना में अधिक दबाव में थी। वर्ष 2005-06 और 2006-07 में भी यही स्थिति बनी रही, जब हरियाणा में कांग्रेस सरकार का बजट पंजाब की कांग्रेस सरकार से कम था परंतु पंजाब के बजट का ऋण प्रतिशत हरियाणा से ज्यादा था।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यदि हम हाल के वर्षों की स्थिति देखें तो वर्ष 2021-22 में जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी और हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी, उस समय हरियाणा का बजट 1 लाख 35 हजार 910 करोड़ रुपये था और कुल ऋण बजट का लगभग 167 प्रतिशत था। वहीं, पंजाब का बजट हरियाणा से कम होकर 1 लाख 25 हजार 501 करोड़ रुपये था, लेकिन उसका कुल ऋण बजट का लगभग 186 प्रतिशत था अर्थात उस समय भी पंजाब पर कर्ज का बोझ हरियाणा की तुलना में अधिक था जबकि हरियाणा का बजट पंजाब से ज्यादा हो गया था।

उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान स्थिति देखें तो यह अंतर और स्पष्ट दिखाई देता है। वर्ष 2026-27 के बजट में हरियाणा का कुल बजट 2 लाख 23 हजार 658 करोड़ रुपये है और कुल ऋण बजट का लगभग 175 प्रतिशत है। वहीं, दूसरी ओर पंजाब का कुल बजट केवल 1 लाख 80 हजार 437 करोड़ रुपये है। लेकिन, उसका कुल ऋण उसके बजट का लगभग 248 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास की गति को भी तेज किया है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और कृषि जैसे सभी क्षेत्रों में लगातार निवेश किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक परिणाम प्रदेश की तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था में दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने हरियाणा प्रदेश पर भी कर्ज के बारे में अलग—अलग आंकड़े देकर सदन और प्रदेश की जनता को गुमराह किया है। उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा कि वर्ष 2014-15 का लोन 96 हजार 875 करोड़ (70,925+25,950), जो 2014-15 की जी.एस.डी.पी. 4 लाख 37 हजार 145 करोड रुपये का 22.16 प्रतिशत बनता है। उस समय वित्त आयोग की ऋण लेने की सीमा थी 22.9 प्रतिशत।

*इंडस्ट्रियल सेक्टर का कर्ज*

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री बतरा ने उद्योगों के बारे में सवाल उठाया है कि हरियाणा में बड़ी-बड़ी इंडस्ट्रीज हैं जैसे ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि। इन उद्योगों पर भी लगभग 1 लाख 85 हजार 767 करोड़ रुपये का कर्ज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के सदस्य बताएं कि क्या बड़े-बड़े उद्योगों का कर्ज सरकार ने चुकाना होता है? क्या इनके पास किसी बैंक अथवा वाणिज्यिक संस्थान का अनुरोध आया है कि उनके द्वारा किसी उद्योग को दिया गया कर्ज सरकार से दिलवाया जाए ? अब की बात तो छोड़ो, ये अपने कार्यकाल का भी कोई उदाहरण बताएं, जिसमें उद्योगों का कर्ज सरकार द्वारा चुकाये जाने की बात हुई हो।
March 17, 2026

तीन दशक पुराने हरियाणा टेलीकॉम लिमिटेड से संबंधित विषय का कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया समाधान — मुख्यमंत्री

तीन दशक पुराने हरियाणा टेलीकॉम लिमिटेड से संबंधित विषय का कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया समाधान — मुख्यमंत्री
चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में बजट 2026-27 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा उठाया गया हरियाणा टेलीकॉम लिमिटेड से संबंधित विषय लगभग तीन दशकों से लंबित एक औद्योगिक इकाई और उससे जुड़े वित्तीय दायित्वों का मामला है। सरकार ने इस पूरे प्रकरण में पारदर्शिता, कानूनी प्रक्रिया और राज्य के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वर्तमान राज्य सरकार ने किसी भी स्तर पर न तो नियमों से समझौता किया है और न ही राज्य के हितों की अनदेखी की है। लगभग तीन दशक पुराने इस विवाद को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया गया और राज्य के हित में वर्ष 2000 से बकाया चली आ रही राशि को राज्य कोष में जमा करवाया।

श्री नायब सिंह सैनी ने सदन को बताया कि वर्ष 1994 और 1995 के दौरान रोहतक स्थित मैसर्स हरियाणा टेलिकॉम लिमिटेड को राज्य के उद्योग विभाग द्वारा 18 करोड़ 68 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया था। इस ऋण को औद्योगिक इकाई द्वारा पांच वर्ष की अवधि के बाद वापस करना था। कंपनी द्वारा केवल 39 लाख रुपये की राशि वापस की गई थी। शेष 18 करोड़ 29 लाख रुपये की राशि वर्ष 2000 में वापस की जानी थी। लेकिन जून, 1999 में यह कंपनी दिवालिया घोषित हो गई और इसके बाद इसने सरकार को एक रुपये का ऋण भी वापिस नहीं किया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में दिवालिया हुई कंपनी का एक और वित्तीय दायित्व जुड़ा हुआ था। मैसर्स परिवर्तन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी नामक एक अन्य कंपनी को भी मैसर्स हरियाणा टेलिकॉम लिमिटेड से 7 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि वसूल करनी थी। वर्ष 1998 में मैसर्स हरियाणा टेलिकॉम लिमिटेड ने अपनी 136 कनाल 8 मरला भूमि के संबंध में उद्योग विभाग, हरियाणा के साथ मॉर्गेज डीड निष्पादित की थी। इस मॉर्गेज में पहला चार्ज मैसर्स परिवर्तन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी के पास था। जबकि, दूसरा चार्ज हरियाणा के उद्योग विभाग के पास था। जमीन गिरवी रखी प्राइवेट कंपनी को, सरकार ने दिया 18 करोड़ 68 लाख रुपये का ब्याज मुक्त लोन, पांच साल में सरकार को वापिस दिए सिर्फ 39 लाख रुपये। 1994 में तब कांग्रेस की सरकार थी। अपने 7 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि की वसूली के लिए मैसर्स परिवर्तन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी ने फरवरी 2020 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), चंडीगढ़ बेंच का दरवाजा खटखटाया। कोविड के दौरान एन.सी.एल.टी. चंडीगढ़ बेंच द्वारा समाधान आवेदकों से बोलियां आमंत्रित की गई। अप्रैल 2023 में श्री अभिमन्यु मेहलावत नामक बोलीदाता की 25 करोड़ 14 लाख रुपये की सर्वोच्च बोली को NCLT, चंडीगढ़ बेंच द्वारा स्वीकृत किया गया। हरियाणा के उद्योग विभाग ने भी इस प्रक्रिया में लगभग 77 करोड़ रुपये का दावा NCLT के समक्ष रखा गया था। इसमें 18 करोड़ 29 लाख रुपये मूलधन तथा 58 करोड़ 71 लाख रुपये पीनल इंटरेस्ट शामिल था।

उन्होंने कहा कि अप्रैल 2023 में पारित अपने आदेश में NCLT, चंडीगढ़ बेंच ने हरियाणा के उद्योग विभाग को वित्तीय लेनदार के रूप में स्वीकार नहीं किया। इसी कारण, विभाग द्वारा मांगे गए पीनल इंटरेस्ट को स्वीकार नहीं किया। परिणामस्वरूप, स्वीकृत बोली राशि 25 करोड़ 14 लाख में से उद्योग विभाग, हरियाणा को 18 करोड़ 56 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। हमने इस आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, जिसे अप्रैल 2025 में सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। इससे अधिक वर्तमान सरकार क्या कर सकती थी। कांग्रेस सरकार द्वारा पैदा की गई इस समस्या से जूझने के लिए। इसके बाद हमने कानूनी प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हुए आगे की कार्रवाई की। इसके पश्चात सितंबर 2025 में हरियाणा के एडवोकेट जनरल से कानूनी राय प्राप्त की गई।  विभाग को 18 करोड़ 56 लाख रुपये की डिमांड ड्राफ्ट राशि स्वीकार करनी चाहिए और सफल बोलीदाता के पक्ष में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी कर देना चाहिए। इस कानूनी सलाह के आधार पर वित्त विभाग, हरियाणा तथा राज्य सरकार की स्वीकृति प्राप्त करने के बाद 18 करोड़ 56 लाख रुपये की राशि राज्य कोष में जमा कर दी गई। इस प्रकार लंबे समय से लंबित इस प्रकरण का समाधान किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 में सफल बोलीदाता के पक्ष में नो डयूज सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया ताकि, इस मामले को विधिवत रूप से समाप्त किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट है कि वर्तमान राज्य सरकार ने किसी भी स्तर पर न तो नियमों से समझौता किया है और न ही राज्य के हितों की अनदेखी की है। लगभग तीन दशक पुराने इस विवाद को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया गया और राज्य के हित में वर्ष 2000 से बकाया चली आ रही राशि को राज्य कोष में जमा करवाया।
March 17, 2026

राज्य सरकार ने बजट 2026—27 के प्रस्तावों में एस.वाई.एल. नहर के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है : नायब सिंह सैनी

राज्य सरकार ने बजट 2026—27 के प्रस्तावों में एस.वाई.एल. नहर के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है : नायब सिंह सैनी 
चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट 2026—27 के प्रस्तावों में एस.वाई.एल. नहर के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, इसलिए विपक्ष का यह आरोप कि बजट में एस.वाई.एल. नहर का कहीं जिक्र नहीं है, पूरी तरह से निराधार है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बजट अनुमान 2026—27 पर चर्चा के उपरांत जवाब दे रहे थे।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के साथियों ने यह कहा कि वे तीन दिन से बजट भाषण पढ़ रहे हैं और उसमें एस.वाई.एल. नहर का कहीं जिक्र नहीं है। इन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के गठन के लगभग 60 वर्षों के इतिहास में ऐसा कोई बजट नहीं रहा, जिसमें एस.वाई.एल. का उल्लेख न किया गया हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बजट 2026-27 के दस्तावेज खण्ड-III, जो कि पूंजीगत व्ययों का ब्यौरेवार अनुमान प्रस्तुत करता है, उसके पृष्ठ संख्या 204 पर स्पष्ट रूप से एस.वाई.एल. नहर का निर्माण के सब—हेड में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वर्ष 2005 से 2014 तक के दस वर्षों के कार्यकाल के बजट भाषणों के रिकॉर्ड के अनुसार केवल दो वर्षों 2005-06 और 2006-07 के बजट भाषण में ही एस.वाई.एल. नहर का उल्लेख किया था। बाकी 8 बजट भाषणों में एस.वाई.एल. शब्द का कहीं भी प्रयोग नहीं हुआ था। इतना ही नहीं, 10 में से केवल 2 वर्षों अर्थात् 2013-14 और 2014-15 के बजट में एस.वाई.एल. के निर्माण के लिए मात्र 10 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया था। बाकी आठ वर्षों में एक रुपये का भी प्रावधान इस सब—हेड के लिए नहीं किया था।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने तो वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक हर साल 100 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है। राज्यपाल द्वारा 20 फरवरी, 2026 को दिए गए अभिभाषण के पैरा नंबर-36 में भी एस.वाई.एल. के बारे में कहा गया है कि "मेरी सरकार के लिए हरियाणा के जल के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्रतिबद्धता है। हम सतलुज-यमुना लिंक नहर बनाने के लिए पूर्णतः वचनबद्ध हैं।
March 17, 2026

सदन से कांग्रेस के वॉकआउट पर मुख्यमंत्री का तंज, बोले— विपक्ष गैर जिम्मेदार

सदन से कांग्रेस के वॉकआउट पर मुख्यमंत्री का तंज, बोले— विपक्ष गैर जिम्मेदार

कांग्रेस की यही फितरत कि आरोप लगाओ और भाग जाओ

विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं, रचनात्मक सुझाव देने की बजाय वॉकआउट की राजनीति कर रही कांग्रेस        
चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज प्रदेश की जनता देख रही है जिस प्रकार कांग्रेस के विधायक सदन में झूठ बोलकर सदन से वॉक आउट कर जाते हैं। कांग्रेस की फितरत रही है कि आरोप लगाओ और भाग जाओ। उन्होंने शायराना अंदाज में कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो अपने आप को नहीं संभाल सकते वो घर को क्या संभालेंगे। हम पर झूठे आरोप लगाकर वह भाग जाते हैं। विपक्ष का यह रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बजट अनुमान 2026—27 पर चर्चा के उपरांत जवाब दे रहे थे।

कांग्रेस विधायकों द्वारा सदन से वॉकआउट करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी सदस्य पता नहीं किस चश्मे से बजट को देख रहे हैं। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। केवल अखबारों की सुर्खियों में बने रहने के लिए बजट पर निराधार टिप्पणियां कर रहे हैं। विपक्ष ने बजट को गंभीरता से नहीं पढ़ा उन्हें यही नहीं पता कि बजट में विकास के लिए क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं तो वे प्रदेश की समस्याओं पर कैसे चर्चा कर सकते थे। जो सड़क पर आरोप लगाते हैं, उन्हीं आरोपों को सदन में बोल देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के 2 करोड़ 80 लाख लोग इस महान सदन की तरफ आशा भरी नजर से देखते हैं, परंतु विपक्ष का यह गैरजिम्मेदाराना रवैया हरियाणा प्रदेश के लोग देख रहे हैं। विपक्ष को रचनात्मक सुझाव नहीं देने है, बल्कि झूठ बोलकर के सदन से भाग जाना है, यही विपक्ष की सोच है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कांग्रेस की भूमिका चिंताजनक है। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, केवल हाजिरी लगवानी है, विरोध करना है और झूठ फैलाना है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि— जो खुद चल नहीं पाते रास्तों पर, अक्सर वही मंजिलों पर सवाल करते हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष की मजबूरी है, क्योंकि विपक्ष को खुद सरकार के खिलाफ खड़ा हुआ दिखाई देना पड़ता है। पर काश, वे जनहित में कोई रचनात्मक सुझाव भी देते, कम से कम उनके हलके के लोग तो उन्हें हल्के में न लेते।

5 हजार सुझावों से बना जनहितकारी बजट, विपक्ष कर रहा निराधार आलोचना

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रघुबीर कादियान को बजट भाषण बहुत लंबा लगा, इन्होंने कहा कि बजट स्पीच 3 घंटे 9 मिनट की थी, यह विधानसभा का एक रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रघुबीर कादियान सबसे सीनियर सदस्य हैं। इस सदन के अध्यक्ष भी रहे हैं। वे बताएं कि क्या बजट अभिभाषण को समय सीमा तय करने के लिए कोई फार्मूला है या क्या कांग्रेस के कार्यकाल में इसकी कोई समय सीमा तय की गई थी। इसे घंटों व मिनटों में तोलकर ऐसे अपमानित न करें। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मेरा यह दूसरा बजट प्रदेश के सभी हितधारकों के सुझावों को मिलाकर बनाया गया था।

राज्यसभा चुनाव पर मुख्यमंत्री ने कहा — निर्दलीय उम्मीदवार ने हमसे समर्थन मांगा तो विपक्ष को इसमें क्या आपत्ति?

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायकों द्वारा राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने के संबंध में कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने एक प्रत्याशी श्री संजय भाटिया को जीता कर दिल्ली भेजने का काम किया है। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है। हमने निर्दलीय उम्मीदवार को स्पोर्ट किया। विपक्ष भी अपना उम्मीदवार खड़ा कर लेते, क्यों नहीं खड़ा किया। निर्दलीय उम्मीदवार हमारे पास वोट मांगने के लिए आया तो हमने उसे स्पोर्ट किया, इसमें विपक्ष को आपत्ति क्या है। डॉ रघुबीर कादियान ने आज भी चुनाव जीत कर भी चुनावी प्रक्रिया को कांड बताया, वोट चोरी की बात की। जबकि सच्चाई यह है कि न वोट चोरी होती है, न ईवीएम में मोरी होती है, लोकतंत्र की यही तो खूबी है जनाब, जगा देती है अंतरआत्मा, अगर वो सो रही होती है। इस प्रकार के आरोप लगाना यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

प्री-बजट बैठकों में किसानों की भागीदारी पर विपक्ष के आरोप गलत, किसान से लेकर उद्योग तक हर वर्ग की भागीदारी से तैयार हुआ बजट

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रघुबीर कादियान द्वारा आरोप लगाया गया कि प्री-बजट परामर्श बैठक केवल बड़े उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ ही कीं। जबकि किसानों और किसान संगठनों से कोई संवाद नहीं किया गया। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह आरोप सरासर गलत है। गत 15 जनवरी को हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में प्री-बजट परामर्श बैठक मैंने की थी। इसमें 362 किसान, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों, एफपीओ, प्रगतिशील किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि शोधकर्ताओं ने भाग लेकर अपने सुझाव दिए। इसके अतिरिक्त, गत 22 जनवरी को कुरुक्षेत्र में आयोजित प्री-बजट परामर्श बैठक में भी भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और किसानों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इसलिए यह कहना कि सरकार केवल उद्योगपतियों से मिलकर बजट बना रही है, न केवल तथ्यहीन है बल्कि उन हजारों किसानों, किसान संगठनों और विशेषज्ञों के योगदान का भी अपमान है, जिन्होंने अपनी मेहनत और अनुभव से बहुमूल्य सुझाव दिए। यह बजट किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि किसान, मजदूर, युवा, महिला, उद्योग और समाज के हर वर्ग की भागीदारी से तैयार किया गया है।
March 17, 2026

पानीपत में स्थापित की जा रही देश की पहली मेगा ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना

हरियाणा की ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी जल्द

पानीपत में स्थापित की जा रही देश की पहली मेगा ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना

मुख्य सचिव ने की परियोजना की समीक्षा
चंडीगढ़- हरियाणा सरकार प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल्द ही ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी लाने जा रही है। इसके अलावा, आईओसी द्वारा पानीपत में पीपीपी मॉडल पर 10,000 टन प्रति वर्ष क्षमता की देश की पहली मेगा ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना स्थापित की जा रही है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में इस सम्बन्ध में आज यहां एक उच्च स्तरीय बैठक हुई।

बैठक में बताया गया कि इस परियोजना के माध्यम से भारतीय तेल निगम लिमिटेड की पानीपत रिफाइनरी को ग्रीन हाइड्रोजन की आपूर्ति की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पंचामृत संकल्पों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में परियोजना को बिजली देने सम्बन्धी विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक मंे ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक श्री जे. गणेशन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की निदेशक डॉ. संगीत तेतरवाल भी मौजूद रहे।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि राज्य की नई उद्योग नीति बनाई जा रही है, जिसमें ग्रीन हाइड्रोजन को थर्स्ट सेक्टर में रखा गया है।

पानीपत में स्थापित की जा रही इस परियोजना से हरियाणा के औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव आएगा। खास तौर पर रिफाइनिंग और इस्पात जैसे उच्च उत्सर्जन वाले क्षेत्रों के डीकार्बाेनाइजेशन में सहायता मिलेगी। इससे हरियाणा को लो-कार्बन रिफाइनिंग और ग्रीन स्टील उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की साइट योजना के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों के कारण इस परियोजना से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होने की संभावना है। साथ ही, पानीपत और आसपास स्थित उर्वरक तथा अमोनिया इकाइयों को भी ग्रीन अमोनिया अपनाने से लाभ मिलेगा, जिससे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी।

इस परियोजना से व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत अनुमान है कि हरियाणा में 250 केटीपीए ग्रीन हाइड्रोजन क्षमता प्राप्त होने पर विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्रों में लगभग 40,000 प्रत्यक्ष और 1.2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

इसके साथ ही, इस पहल से राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मजबूत ग्रीन हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के निर्माण के विजन को बल मिलेगा।
March 17, 2026

फ़िरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, तावडू में एक नशा मुक्ति केन्द्र स्थापित किया जाएगा : आरती सिंह राव

फ़िरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, तावडू में एक नशा मुक्ति केन्द्र स्थापित किया जाएगा : आरती सिंह राव 
चंडीगढ़ - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि फ़िरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, तावडू में एक नशा मुक्ति केन्द्र स्थापित किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी।

उन्होंने बताया कि जिला नूंह में दो सरकारी नशा मुक्ति केन्द्र कार्यरत हैं, जिनमें शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज , नल्हड़ में 10 तथा जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में 17 बेड नशा मुक्ति हेतु मरीजों के लिए आरक्षित हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक जिला नूंह में नशे के कारण किसी भी व्यक्ति की मृत्यु की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में नशा मुक्ति के लिए उठाए गए क़दमों की जानकारी देते हुए बताया कि "मानस" मादक पदार्थ निषेध सूचना सहायता (राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933) एक जन-रिपोर्टिंग मंच के रूप में कार्य करता है, जिसके माध्यम से नागरिक नशीले पदार्थों से संबंधित गतिविधियों की सूचना दे सकते हैं। प्राप्त सूचनाओं की समीक्षा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा की जाती है। इस मंच को वर्ष 2025 में राज्य भर से 564 कॉल प्राप्त हुई तथा वर्ष 2026 में अब तक 163 कॉल प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें जिला नूंह से वर्ष 2025 में 23 कॉल और वर्ष 2026 में अब तक 8 कॉल प्राप्त हुई हैं।
आरती सिंह राव ने बताया कि गत 24 अप्रैल 2025 को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा "मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार योजना" का शुभारम्भ किया गया। इस योजना का उद्देश्य आदर्श गांवों को बढ़ावा देना तथा ग्राम पंचायतों की भूमिका को सुदृढ़ करना है। इस योजना के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, कृषि, डिजिटल कनेक्टिविटी और सतत अवसंरचना के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही, नशा रोकथाम, पराली जलाने पर रोक, स्वच्छता और जल संरक्षण को बढ़ावा देने वाले गांवों को विशेष मान्यता दी जाएगी। जनसंख्या श्रेणियों के आधार पर प्रथम पुरस्कार 51 लाख, द्वितीय पुरस्कार 31 लाख तथा तृतीय पुरस्कार  21 लाख रुपए रखा गया है। यह राशि गांवों के विकास कार्यों पर व्यय की जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि गत 5 अप्रैल 2025 को  मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से "ड्रग-फ्री हरियाणा साइक्लोथॉन 2.0" का शुभारम्भ किया गया। यह राज्यव्यापी नशा विरोधी जागरूकता अभियान था, जिसमें लगभग 4.5 लाख नागरिकों ने भाग लिया और यह अभियान हरियाणा के सभी जिलों से होकर गुजरा। इसके बाद 9 अप्रैल 2025 को यह रैली नूंह पहुंची, जहां लगभग 2,000 नागरिकों ने भाग लिया। आगे 11 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद के सेक्टर-12 खेल परिसर से इसके अगले चरण को रवाना किया, जो शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए उसी दिन गुरुग्राम में सम्पन्न हुआ और नशा मुक्त राज्य का संदेश दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि हरियाणा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा केमिस्ट दुकानों तथा औषधि वितरण प्रणाली की निगरानी को सुदृढ़ किया जा रहा है।खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत जनस्वास्थ्य के हित में 5 सितम्बर 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए फ्लेवर्ड तंबाकू उत्पादों (गुटखा, पान मसाला, खैरा आदि) के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य भर में 20,788 निरीक्षण किए गए, जिनके परिणामस्वरूप 81 लाइसेंस पूर्ण रद्द, 18 आंशिक रद्द तथा 1,989 लाइसेंस निलंबित किए गए। इसके अतिरिक्त 438 छापे मारे गए, जिनसे 297 दवा जब्ती की गई। साथ ही नियामक उपायों के तहत 37,083 केमिस्ट दुकानों में से 35,754 दुकानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे 96.4% सीसीटीवी कवरेज दिसंबर 2025 तक सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि जिला नूंह में 674 में से 644 केमिस्ट दुकानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 के दौरान नियामक कार्रवाई के तहत 3 छापे, 25 निरीक्षण तथा 24 लाइसेंस निलंबन किए गए।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने सदन के सभी सदस्यों से राज्य को नशा मुक्त करने में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सदन में प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा जिन गांवों में नशा बिक्री की बात कही है उन गाँवों में विशेष जांच करवाई जाएगी।
March 17, 2026

रेवाड़ी में बनेगा बड़ा प्लान! 2 गांव मिलाकर बनेगा ‘महाग्राम’, मिलेगा सीवरेज और वेस्ट मैनेजमेंट का समाधान : कृष्ण लाल पंवार

रेवाड़ी में बनेगा बड़ा प्लान! 2 गांव मिलाकर बनेगा ‘महाग्राम’, मिलेगा सीवरेज और वेस्ट मैनेजमेंट का समाधान  : कृष्ण लाल पंवार 
चंडीगढ़ – हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया  कि रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत अकेड़ा और घातल महनियावास में लिक्विड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट प्लांट के निर्माण के मुद्दे पर विचार करने और समाधान तलाशने के लिए एक अंतर-विभागीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद रेवाड़ी कर रहे हैं।
हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने यह जानकारी आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी।

उन्होंने बताया कि गांव अकेड़ा की जनसंख्या 5,814 तथा गांव घातल महनियावास की जनसंख्या 4,629 है। दोनों गांव आपस में सटे हुए हैं और विकास कार्यों के लिए आसपास पर्याप्त ग्राम पंचायत भूमि उपलब्ध नहीं है। नियमों के अनुसार यदि किसी ग्राम पंचायत की जनसंख्या 10,000 से अधिक हो जाती है, तो उसे ‘महाग्राम’ घोषित किया जा सकता है, जिससे वहां सीवरेज प्रणाली स्थापित करने की पात्रता मिलती है। इसी के मद्देनजर दोनों गांवों को मिलाकर महाग्राम श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने आगे बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद रेवाड़ी की अध्यक्षता में गठित समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति की बैठक सोमवार को आयोजित की गई, जिसमें उपायुक्त (डीसी) को भी समिति में शामिल करने की सिफारिश की गई।

पाइपलाइन से संबंधित मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
March 17, 2026

कांग्रेस उम्मीदवार की जीत निश्चित देखकर इनेलो सतीश नांदल से पीछे हटी : ऋषिपाल हैबतपुर


कर्मबीर बौद्ध की जीत पर कांग्रेसियों ने बांटे लड्डू
दगा करने वाले विधायको पर सख्त कार्रवाई मांगी

कांग्रेस उम्मीदवार की जीत निश्चित देखकर इनेलो सतीश नांदल से पीछे हटी : ऋषिपाल हैबतपुर
जींद : हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों में से एक पर कांग्रेस उम्मीदवार कर्मबीर सिंह बौद्ध की जीत को लोकतंत्र की जीत करार देकर कांग्रेसियों ने मंगलवार को लड्डू बांटकर खुशी मनाई। इस दौरान कांग्रेसियों ने जहां खुशी जताई वहीं पार्टी से दगा कर क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायको पर सख्त कार्रवाई की मांग बुलंद की। कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने पार्टी उम्मीदवार कर्मबीर बौद्ध की जीत को लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने इस चुनाव को हैक करने का भरपूर प्रयास किया। किंतु जनता को जवाबदेही देने से बचने के लिए भाजपा को बैकफुट पर आना पड़ा। भाजपा सरकार यह समझ चुकी थी कि धक्काशाही करने पर हरियाणा से लेकर दिल्ली की सडक़ो पर विरोध की लहरे उठने लगेगी। जिला प्रधान ने कहा कि पार्टी आला के नेतृत्व में जनता हितो के लिए आवाज बुलंद होती रहेगी। कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि जिन विधायको ने दगा की है उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि उन विधायको ने ना केवल पार्टी अपितु साथ में वोट देने वाली जनता की भावनाओं पर भी कुठाराघात किया है। जिला प्रधान ने कहा कि इनेलो, भाजपा की बी टीम है। इनेलो ने भाजपा समर्थित निर्दलीय विधायक सतीश नांदल को पहले ही समर्थन दे दिया था। सतीश नांदल को समर्थन देने की बात इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता विजेंद्र रेढू ने भी सार्वजनिक मंच पर कही थी। मगर इनेलो नेता इस बात को पहले समझ चुके थे की कांग्रेस उम्मीदवार की जीत निश्चित है। इसलिए जनता की नजरों में घिरने से बचने के लिए इनेलो के दो विधायको ने वोट नहीं किया। वोट ना करने के पीछे इनेलो नेता जो ड्रामेबाजी कर रहे है उसको जनता खुब भांपती है। कांग्रेस के संगठन जिला महासचिव पवन दुहन के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने इक_े होकर पार्टी आला कमान खासकर हरियाणा के प्रभारी बीके हरिप्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री एंव नेता प्रतिपक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन की जमकर सराहना की। इस मौके पर ईशाक खान, जेपी रूहिल, दलबीर फोजी, रामकेश, जशवंत गील, नारायण दत जांगड़ा, विनय मोर, प्रतीक कालीरमन आदि कांग्रेस मौजूद थे। जिला महासचिव पवन दुहन, वरिष्ठ नेता विजय मोर लुदाना ने इस अवसर पर कहा कि भाजपा सरकार ने लोकतंत्र का गला घोटने के पूरे प्रबंध किये हुए थे। किंतु कहते है कि सांच को आंच नहीं आती और इसके चलते पार्टी के उम्मीदवार कर्मबीर सिंह बौद्ध राज्यसभा में पहुंच गये। भाजपा ने लोभन, प्रलोभन और दबाव की नीति पर चलते हुए राज्यसभा की दूसरी सीट को जीतने के लिए एडी-चोटी का जोर लगा दिया था। इसी कारण उन्होंने जय चंद किस्म के चंद विधायको को वोट क्रॉस के लिए तैयार भी कर लिया। किंतु जनता के वोटो से विधायक बनकर पार्टी के प्रति समर्पित रहने वाले कर्मबीर सिंह बौद्ध के साथ खड़े रहे। इसी के चलते पार्टी उम्मीदवार अब राज्यसभा में पहुंचकर हरियाणा की जनता के हितो के लिए भाजपा सरकार को आईना दिखायेंगे।


March 17, 2026

जुलाना नगर पालिका भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर दर्ज, जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई— मुख्यमंत्री

जुलाना नगर पालिका भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर दर्ज, जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई— मुख्यमंत्री
चंडीगढ़ — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नगर पालिका, जुलाना के प्रधान एवं संबंधित कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज है और मामले की जांच प्रगति पर है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक श्रीमती विनेश फौगाट द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।

इसके अलावा, विधायक श्री घनश्याम दास द्वारा यमुनानगर में शहर से बाहर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने बारे पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनानगर में ट्रांसपोर्ट नगर सेक्टर क्षेत्र के भीतर आ गया है, जहां आबादी का घनत्व काफी अधिक है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है कि ट्रांसपोर्ट नगर को ऐसी उपयुक्त जगह पर विकसित किया जाए, जहां सड़क संपर्क सहित सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं व्यापारियों को सुगमता से उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्थानीय विधायक का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है और जहां भी सर्वसम्मति एवं उपयुक्त स्थान मिलेगा, वहां नए ट्रांसपोर्ट नगर को विकसित किया जाएगा।
March 17, 2026

साइबर क्राइम पर सख्ती, मामलों में आई कमी — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

साइबर क्राइम पर सख्ती, मामलों में आई कमी — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

वर्ष 2024 में 6054 मामले थे, वर्ष 2025 में घटकर 5000 रह गए, लगभग 17 प्रतिशत की गिरावट, ठगी के 9804 मामले भी घटकर हुए 6324

वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तीन नए साइबर पुलिस स्टेशन खोलने की घोषणा

साइबर क्राइम व डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए ड्यूल ओटीपी के प्रावधान पर विचार
चंडीगढ़ -- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में साइबर क्राइम के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में जहां 6054 मामले सामने आए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 5000 रह गई, जो लगभग 17 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। इसी प्रकार ठगी के मामलों में भी बड़ी कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में 9804 मामलों की तुलना में वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 6324 रह गई, जो करीब 36 प्रतिशत की कमी है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक श्री आफताब अहमद द्वारा साइबर क्राइम से संबंधित पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए अलग से साइबर क्राइम विभाग का गठन किया है, जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय ऐसा कोई समर्पित विभाग नहीं था। मुख्यमंत्री ने बताया कि साइबर अपराध में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024 में 5156 गिरफ्तारियां की गई थीं, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 8093 हो गया, जो लगभग 57 प्रतिशत की वृद्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध के तौर-तरीकों में लगातार बदलाव आ रहा है और अपराधी नई-नई तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें डिजिटल अरेस्ट जैसे मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में ठगी गई राशि को कई खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस, बैंकों के सहयोग से संबंधित राशि को तुरंत होल्ड कर देती है। वर्ष 2024 में होल्ड की गई राशि का प्रतिशत 27 था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 40 प्रतिशत हो गया है, अर्थात इसमें 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने जीरो एफआईआर की व्यवस्था भी लागू की है, जिसके तहत साइबर अपराध के मामलों में पीड़ित व्यक्ति 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। यह एफआईआर स्वतः संबंधित थाने को स्थानांतरित कर दी जाती है, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होती है।

वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तीन नए साइबर पुलिस स्टेशन खोलने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि साइबर क्राइम कंट्रोल रूम में विभिन्न बैंकों के 16 नोडल अधिकारी तैनात हैं, जो पुलिस के साथ समन्वय कर ठगी गई राशि को होल्ड कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। जांच पूरी होने तक इस राशि को निकाला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में साइबर अपराध पर और प्रभावी नियंत्रण के लिए गोहाना, बहादुरगढ़ और सोनीपत में तीन नए साइबर पुलिस स्टेशन खोलने की घोषणा की गई है, जिससे इस दिशा में कार्यों को और गति मिलेगी।

साइबर क्राइम व डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए ड्यूल ओटीपी के प्रावधान पर विचार

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट के मामलों में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हमने निर्णय किया है कि ड्यूल ओटीपी का प्रावधान किया जाएगा। क्योंकि जब कोई डिजिटल अरेस्ट होता है और ठगी के लिए बैंक से जुड़े खाते के लिए ओटीपी मांगा जाता है तो उसका ओटीपी बुजुर्ग के साथ—साथ उसके बच्चे को भी जाएगा। जब दोनों ओटीपी दिए जाएंगे तब जाकर वह ट्रांजैक्शन पूरी होगी। इस ड्यूल ओटीपी के प्रावधान से साइबर क्राइम व डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में बहुत बड़ा अंकुश लगेगा।
March 17, 2026

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में चौंकाने वाला उलटफेर, मामूली अंतर से तय हुई बाजी

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में चौंकाने वाला उलटफेर, मामूली अंतर से तय हुई बाजी
चंडीगढ़ : हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प और हाई-वोल्टेज ड्रामे से भरपूर रहे। आंकड़ों का खेल, क्रॉस वोटिंग, रद्द हुए वोट और निर्दलीय उम्मीदवार की रणनीति के फेल होने ने इस चुनाव को खास बना दिया। नतीजों ने साफ कर दिया कि राजनीति में एक-एक वोट कितना अहम होता है और छोटी सी चूक भी पूरा खेल पलट सकती है।
इस चुनाव में कुल 90 विधायकों को मतदान करना था, लेकिन मतदान के दिन इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के दो विधायकों ने वोट नहीं डाला। इससे कुल मतदान 88 वोटों तक सीमित रह गया। जब मतगणना हुई तो 5 वोट रद्द पाए गए, जिनमें कांग्रेस के 4 और भाजपा का 1 वोट शामिल था। इसके बाद कुल 83 वोट ही वैध माने गए।
राज्यसभा चुनाव में जीत का फार्मूला सामान्य चुनावों से अलग होता है। इसमें कुल वैध वोटों को सीटों की संख्या में एक जोड़कर भाग दिया जाता है और फिर उसमें एक जोड़ा जाता है। इस बार 83 वैध वोट और 2 सीटें थीं। ऐसे में जीत का कोटा लगभग 27.66 वोट बन गया।
भाजपा के पास कुल 48 विधायक थे, लेकिन एक वोट रद्द होने के कारण उनके 47 वोट ही वैध रहे। पहली प्राथमिकता के आधार पर भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया को 39 वोट मिले, जिससे उन्होंने जीत का कोटा पार कर लिया। वहीं भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को 8 वोट मिले। दूसरी तरफ कांग्रेस के पास 37 विधायक थे, लेकिन 4 वोट रद्द हो गए और 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी। इसके बावजूद कांग्रेस के पास 28 वैध वोट बचे, जो जीत के कोटा 27.66 से थोड़ा अधिक थे। इसी आधार पर कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध ने जीत दर्ज कर ली।
निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को कुल 16 पहली प्राथमिकता के वोट मिले थे। इनमें भाजपा के 8, कांग्रेस के 5 और 3 निर्दलीय विधायकों के वोट शामिल थे। हालांकि भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया ने पहले ही जीत का कोटा पार कर लिया था। उनके अतिरिक्त बचे वोटों का एक हिस्सा दूसरी प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफर होकर नांदल को मिला। इसके बाद नांदल का कुल वोट वैल्यू 27.34 तक पहुंच गया। लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध के पास 28 वोट थे, जो नांदल से 0.66 वोट ज्यादा थे। यह अंतर बेहद छोटा था, लेकिन इसी मामूली अंतर ने नतीजा तय कर दिया।
इस चुनाव में INLD के दो विधायकों का मतदान से दूर रहना भी बड़ा फैक्टर रहा। अगर दोनों विधायक वोट डालते और वे नांदल के पक्ष में जाते, तो चुनाव का परिणाम पूरी तरह बदल सकता था। भाजपा का एक वोट रद्द होना भी अहम साबित हुआ। अगर यह वोट वैध होता, तो सतीश नांदल के पक्ष में वोट वैल्यू बढ़ सकती थी और परिणाम अलग हो सकता था। कांग्रेस को चार वोट रद्द होने और पांच विधायकों की क्रॉस वोटिंग के बावजूद जीत मिली। यह इस बात का उदाहरण है कि चुनावी गणित और परिस्थितियां कई बार अप्रत्याशित परिणाम भी दे देती हैं।
कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल के वोट को लेकर भी विवाद हुआ था। शिकायत के बाद जांच की गई, लेकिन उनका वोट वैध पाया गया। यदि यह वोट रद्द हो जाता तो कांग्रेस के लिए स्थिति मुश्किल हो सकती थी।

Monday, March 16, 2026

March 16, 2026

हरियाणा में अनुबंध कर्मचारियों के पंजीकरण, सत्यापन की समय-सीमा बढ़ी

हरियाणा में अनुबंध कर्मचारियों के पंजीकरण, सत्यापन की समय-सीमा बढ़ी

एक महीने के लिए बड़ी समय-सीमा
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 तथा नियम, 2025 के तहत www.securedemployees.haryana.gov.in पोर्टल पर अनुबंध कर्मचारियों के पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय-सीमा एक माह के लिए बढ़ा दी है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में जारी पत्र के अनुसार, जिन अनुबंध कर्मचारियों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे 15 अप्रैल, 2026 तक पोर्टल पर पंजीकरण कर सभी संबंधित दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे।
संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) 25 अप्रैल, 2026 तक, कर्मचारियों द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए गए विवरण को सत्यापित करेंगे और विभागीय सेवा रिकॉर्ड की जांच करेंगे।

सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वित्त विभाग द्वारा पात्र अनुबंध कर्मचारियों के लिए सुपरन्यूमैरेरी पद सृजित किए जाएंगे। यह प्रक्रिया 15 मई, 2026 तक पूरी की जाएगी।

इसके बाद संबंधित विभागाध्यक्ष अंतिम स्वीकृति प्रदान करते हुए पात्र अनुबंध कर्मचारियों को 15 जून, 2026 तक सेवा सुरक्षा के लिए ऑफर लेटर जारी करेंगे।

March 16, 2026

करनाल में आयोजित राज्य स्तरीय अग्रवाल वैवाहिक परिचय सम्मेलन में देश-विदेश से पहुंचे प्रत्याशी

करनाल में आयोजित राज्य स्तरीय अग्रवाल वैवाहिक परिचय सम्मेलन में देश-विदेश से पहुंचे प्रत्याशी
अग्रवाल समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार गोयल ने की मुख्य तौर पर शिरकत
जींद : अग्रवाल समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए करनाल के सेक्टर-8 स्थित अग्रसेन भवन में राज्य स्तरीय अग्रवाल वैवाहिक परिचय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में हरियाणा सहित पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी विवाह योग्य प्रत्याशियो ने भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवक-युवतियों और उनके अभिभावकों ने एक-दूसरे से परिचय स्थापित कर अपने बच्चों के लिए योग्य जीवनसाथी की तलाश की।
इस राज्य स्तरीय सम्मेलन में अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. राजकुमार गोयल ने भी मुख्य तौर पर शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने मंच से विवाह योग्य प्रत्याशियों का परिचय करवाया। परिचय के दौरान विवाह योग्य प्रत्याशियों की जरूरी जानकारी दी गई। इस अवसर पर करनाल की मेयर रेणु बाला, कार्यक्रम के आयोजक रमेश जिंदल के साथ साथ जीन्द से रामधन जैन, सावर गर्ग, पवन बंसल, सोनू जैन, रजत सिंगला, मनीष गर्ग, राजेश गोयल इत्यादि पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
राजकुमार गोयल ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज के युवाओं को एक सशक्त और विश्वसनीय मंच उपलब्ध करवाना रहा ताकि विवाह योग्य प्रत्याशियों के परिवार आपस में मिलकर रिश्तों के लिए संवाद स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन समाज में आपसी संपर्क बढ़ाने के साथ-साथ पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को भी मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि अग्रवाल युवा संगठन करनाल द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया और कई परिवारों ने आपसी सहमति से रिश्तों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
उन्होने कहा कि ऐसे आयोजनों से परिवारों को एक ही स्थान पर कई योग्य रिश्तों से मिलने का अवसर मिलता है जिससे समय और संसाधनों की भी बचत होती है। गोयल ने कहा कि अग्रवाल वैवाहिक परिचय सम्मेलन की परंपरा पिछले कई वर्षों से समाज को एक मजबूत मंच प्रदान कर रही है। इन सम्मेलनों के माध्यम से अब तक सैकड़ों परिवारों के रिश्ते तय होकर सफल वैवाहिक जीवन की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि गत सितम्बर माह में जीन्द में ऐतिहासिक उतर भारत स्तरीय परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया था। अब करनाल में यह सम्मेलन आयोजित किया गया। भविष्य में भी इसी प्रकार समाज के हित में इस प्रकार के आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे।
March 16, 2026

जींद निवासी सतीश गर्ग बने चीफ इंजीनियर, हरियाणा सरकार ने स्थानीय निकाय विभाग में दी पदोन्नति

जींद निवासी सतीश गर्ग बने चीफ इंजीनियर, हरियाणा सरकार ने स्थानीय निकाय विभाग में दी पदोन्नति
जींद :  हरियाणा सरकार ने स्थानीय निकाय विभाग में कार्यरत जींद निवासी सतीश गर्ग को चीफ इंजीनियर के पद पर पदोन्नत किया है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है और उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।
अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार गोयल ने खुशी जताते हुए कहा कि सतीश गर्ग एक कुशल, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान हरियाणा की जिन-जिन नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों में सेवाएं दी हैं वहां वहां विकास कार्यों को नई गति मिली है।

डॉ. गोयल ने कहा कि सतीश गर्ग की कार्यशैली और मृदुभाषी स्वभाव के कारण वे लोगों के बीच हमेशा लोकप्रिय रहे हैं। उनकी पदोन्नति से न केवल जींद बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन हुआ है। उन्होंने सतीश गर्ग को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है।
March 16, 2026

जींद के चर्चित श्याम सुंदर हत्याकांड मामले में 11 दोषियों को आजीवन कठोर कारावास व प्रत्येक पर 75/75 हजार रुपये जुर्माना कि सजा सुनाई ।*

जींद के चर्चित श्याम सुंदर हत्याकांड मामले में  11 दोषियों को आजीवन कठोर कारावास व प्रत्येक पर 75/75 हजार रुपये जुर्माना कि सजा सुनाई ।*
 
*जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास कि सजा सुनाई ।* 
जींद : जींद पुलिस कि प्रभावी पैरवी व ठोस साक्ष्यों के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यालय जींद जयबीर सिंह कि अदालत ने वर्ष 2021 के बहुचर्चित श्याम सुंदर हत्याकांड में कड़ा फैसला सुनाते हुए सभी 11 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास व प्रत्येक पर 75/75 हजार रुपये जुर्माना कि की सजा सुनाई है । 
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि   शिकायतकर्ता हन्नी बंसल के बयान के अनुसार, जब वह अपने ताऊ श्याम सुंदर और भाई अंकुश के साथ अपने कार्यालय के बाहर खड़े थे, तब तीन नकाबपोश हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं । इस हमले में श्याम सुंदर की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि हन्नी बंसल के पैर में गोली लगने से वे घायल हो गए थे । जिसकी शिकायत के आधार पर थाना शहर जींद में मु. न. 592 दिनांक 23नंवबर  2021 धारा 302,307.120बी 34 भा.द.स. तथा 25 शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था ।  
जींद पुलिस कि प्रभावी पैरवी व ठोस साक्ष्यो के आधार पर व डी.डी.ए( उप जिला न्याय वादी) श्री सुरेन्द्र खटखड कि ठोस पैरवी के आधार पर अतिरिक्त सैशन न्यायालय जींद श्री जयवीर सिंह कि अदालत ने 11 आरोपियों नरेश, धर्मेंद्र, बलजीत, रोशन, जगदीश वासियान जींद, प्रदीप उर्फ गाठा, मंजीत उर्फ बंट्टू, पवन, सचिन उर्फ गांधी वासियान हिसार, राजेश उर्फ लिला वासी सिसाय, कुलदीप वासी खंदराई(सोनीपत) को दोषी ठहराते हुए -
302 IPC  के तहत आजीवन कारावास व जुर्माना  ₹25,000
120B IPC के तहत  आजीवन कारावास व जुर्माना ₹25,000
307 IPC  के तहत  10 वर्ष का कठोर कारावास व जुर्माना ₹15,000
Arms Act (हथियार अधिनियम) के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना कि सजा सुनाई जुर्माना  अदा न करने पर अतिरिक्त 2 वर्ष के कारावास कि सजा सुनाई ।
March 16, 2026

रसोई गैस किल्लत,बीपीएल कार्ड, पेंशन कटौती व पहचान पत्र की गड़बडिय़ों से जनता परेशान : ऋषिपाल हैबतपुर


कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उचाना में किया प्रदर्शन, महंगाई व जनसमस्याओं को लेकर भाजपा सरकार को घेरा
-रसोई गैस किल्लत,बीपीएल कार्ड, पेंशन कटौती व पहचान पत्र की गड़बडिय़ों से जनता परेशान : ऋषिपाल हैबतपुर
उचाना/जींद : उचाना कलां स्थित पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हलका स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने की। बैठक में संगठन को मजबूत करने तथा कांग्रेस की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई। जिसमें जिला उपाध्यक्ष वजीर पान्नू, जिला महासचिव जितेंद्र लाठर, सचिव सरदार निरवैल सिंह तथा सुखविंदर कौर को उचाना विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई और रसोई गैस की किल्लत को लेकर सरकार के खिलाफ उपमंडल कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए रोष जताया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में कांग्रेस जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार पूरी तरह से जनविरोधी नीतियों पर चल रही है, जिसके कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और रसोई गैस की किल्लत ने आम परिवारों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा है। प्रदेश में गरीबों के बीपीएल राशन कार्ड काटे जा रहे हैं, पात्र लोगों की पेंशन बंद की जा रही है और परिवार पहचान पत्र तथा प्रॉपर्टी आईडी में भारी गड़बडय़िां हैं। इन समस्याओं को ठीक करवाने के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आम आदमी लगातार परेशान हो रहा है। ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि हरियाणा प्रदेश की जनता आज पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में रहे कांग्रेस शासन को याद कर रही है। उस समय समाज का हर वर्ग खुशहाल था और हरियाणा विकास के कई क्षेत्रों में देश में अग्रणी स्थान पर था। किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और व्यापारियों सहित हर वर्ग को राहत और सुविधाएं मिल रही थीं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार की नीतियों ने प्रदेश के हर वर्ग को खून के आंसू रोने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है कि वे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें और उन्हें पार्टी के माध्यम से उठाएं।
ऋषिपाल हैबतपुर कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव और वार्ड स्तर पर अभियान चलाकर कांग्रेस की नीतियों और कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाएं तथा लोगों की समस्याओं को पार्टी मंच के माध्यम से मजबूती से उठाएं। पार्टी संगठन की मजबूती के लिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी है। इस मौके पर कांग्रेस पूर्व जिला प्रधान बलराम कटवाल, जिला महासचिव(संगठन) पवन दुहन, जगबीर डिगाना पूर्व प्रदेश प्रवक्ता,



जिला उपाध्यक्ष राजबीर कंडेला,जिला कोषाध्यक्ष ईशाक खान भट्टी , पूर्व युकां जिलाध्यक्ष दिनेश डाहोला, जिला महासचिव सुरेश शर्मा,दलबीर भैरव खेड़ा, सोशल मिडिया इंचार्ज जेपी रूहील, विकास खटकड़, शुभम दलाल, संदीप वर्मा, भूपेंद्र वर्मा, दलबीर खरकबूरा, राममेहर श्योकंद, दलबीर श्योकंद,मास्टर दलबीर, बंसीलाल गोइयां,बजरंग शर्मा, राजेंद्र श्योकंद, सुनील रेढू, दलबीर खरक भूरा,  रमेश जोगी, सुमेर नायक, विनोद सुरबुरा, साहिल खान, मंजीत सरपंच धर्मबीर सुदकन आदि मौजूद थे।