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Sunday, May 24, 2026

May 24, 2026

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के घर पुलिस तैनात

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के घर पुलिस तैनात
नई दिल्ली: एक सोशल मीडिया कैंपेन 'कॉकरोच जनता पार्टी' चलाने की वजह से अभिजीत दीपके चर्चा में हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के घर के बाहर रविवार को महाराष्ट्र पुलिस तैनात कर दी गई है.
बीबीसी मराठी सेवा के मुताबिक़, अभिजीत दीपके के छत्रपति संभाजीनगर स्थित घर के बाहर पुलिस की तैनाती की पुष्टि एक पुलिस अधिकारी ने की.

छत्रपति संभाजीनगर के पुलिस उपायुक्त पंकज अतुलकर ने कहा, "वरिष्ठ अधिकारियों ने अभिजीत दीपके के घर की सुरक्षा के निर्देश दिए थे, जिसके बाद हमने सुरक्षा प्रदान की है."

उन्होंने बताया, "एक पुलिस वैन और एक अधिकारी को भी वहां तैनात किया गया है. हम वहां क़ानून व्यवस्था बनाए रखने पर पूरा ध्यान देंगे."
*अभिजीत दीपके के घर के बाहर तैनात पुलिस*

इमेज कैप्शन,अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिली हैं
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि उन्हें धमकियां मिली हैं. उन्होंने कुछ स्क्रीनशॉट भी साझा किए हैं.
दीपके ने अपने फ़ेसबुक हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें एक युवक उनके और उनके परिवार के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते हुए दिखाई दे रहा है.

अभिजीत दीपके ने एक्स पर जानकारी दी है कि कॉकरोच जनता पार्टी का इंस्टाग्राम हैंडल फिर से रीस्टोर हो गया है.
May 24, 2026

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के घर पुलिस तैनात

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के घर पुलिस तैनात
नई दिल्ली: एक सोशल मीडिया कैंपेन 'कॉकरोच जनता पार्टी' चलाने की वजह से अभिजीत दीपके चर्चा में हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के घर के बाहर रविवार को महाराष्ट्र पुलिस तैनात कर दी गई है.
बीबीसी मराठी सेवा के मुताबिक़, अभिजीत दीपके के छत्रपति संभाजीनगर स्थित घर के बाहर पुलिस की तैनाती की पुष्टि एक पुलिस अधिकारी ने की.

छत्रपति संभाजीनगर के पुलिस उपायुक्त पंकज अतुलकर ने कहा, "वरिष्ठ अधिकारियों ने अभिजीत दीपके के घर की सुरक्षा के निर्देश दिए थे, जिसके बाद हमने सुरक्षा प्रदान की है."

उन्होंने बताया, "एक पुलिस वैन और एक अधिकारी को भी वहां तैनात किया गया है. हम वहां क़ानून व्यवस्था बनाए रखने पर पूरा ध्यान देंगे."
*अभिजीत दीपके के घर के बाहर तैनात पुलिस*

इमेज कैप्शन,अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिली हैं
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि उन्हें धमकियां मिली हैं. उन्होंने कुछ स्क्रीनशॉट भी साझा किए हैं.
दीपके ने अपने फ़ेसबुक हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें एक युवक उनके और उनके परिवार के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते हुए दिखाई दे रहा है.

अभिजीत दीपके ने एक्स पर जानकारी दी है कि कॉकरोच जनता पार्टी का इंस्टाग्राम हैंडल फिर से रीस्टोर हो गया है.
May 24, 2026

प्रदेश का औसतन लिंगानुपात रहा 898, जिले का रहा 872

प्रदेश का औसतन लिंगानुपात रहा 898, जिले का रहा 872
चंडीगढ़ : अप्रैल 2026 में जहां प्रदेश का लिंगानुपात 898 रहा, वहीं जिले का लिंगानुपात 872 रहा। जिले में छह गांव ऐसे हैं, जहां अप्रैल महीने में एक भी लड़की ने जन्म नहीं लिया। 147 गांवों का लिंगानुपात 900 से कम आने पर उन प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को नोटिस जारी किए हैं, जिनके अंतर्गत यह गांव आते हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों से इस बारे में जवाब मांगा गया है। 
लिंगानुपात के मामले में जींद जिला 2022 से लेकर 2023 तक पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा था। 2023 में जिले का लिंगानुपात 986 था, जो हरियाणा के 916 औसतन अनुपात से बहुत ज्यादा था। इसके बाद जिले में लिंगानुपात कम होता गया। अप्रैल 2026 में जिले का लिंगानुपात कम होकर 872 तक आ गया। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिले के सभी ऐसे लोगों जो विवाह करवाते हैं, उनको पत्र लिखकर वर-वधु को कन्या भ्रूणहत्या रोकने व लिंग जांच नहीं करवाने की शपथ दिलाने को कहा है। इसके अलावा सभी सरपंचों को भी गांव में नजर बनाए रखने व सभी गर्भवती महिलाओं का रिकार्ड रखने के निर्देश दिए हैं।  
जिले में 306 गांव हैं। इनमें से 147 गांव ऐसे हैं, जिनका लिंगानुपात 900 से कम है। ऐसे में इन सभी गांवों के सरपंचों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा जिन सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के तहत यह गांव आते हैं, उनके सीनियर मेडिकल आफिसर को भी नोटिस जारी किए गए हैं। इस पत्र में साफ कहा गया है कि जनवरी से अप्रैल तक आपके अधीन आने वाले गांवों का लिंगानुपात 900 से कम है। नोटिस में लिंगानुपात कम होने का कारण बताने, एएनएम व आशा वर्कर से इसका जवाब लेकर टिप्पणी सहित सिविल सर्जन कार्यालय को भिजवाया जाए। इसके अलावा इन गांवों में लिंगानुपात सुधार के लिए लोगों को जागरूक करें। इसके तहत मीटिंग व अन्य गतिविधियां करवाई जा सकती हैं।
छह गांवों में एक भी लड़की ने नहीं लिया जन्म
जिले के रामपुरा, कारखाना, रामराय खेड़ा, खेड़ी जाजवान, तेली खेड़ा व रजाना खुर्द में अप्रैल महीने में एक भी लड़की ने जन्म नहीं लिया। इन छह गांवों में रामपुरा में चार, कारखाना में एक, रामराय खेड़ा में एक, खेड़ी जाजवान में एक, तेली खेड़ा में दो व रजाना खुर्द में एक लड़के ने जन्म लिया है। यह गांव मुआना, खरकरामजी, अलेवा व कालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत आते हैं। ऐसे में इन स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को विशेष रूप से इस पर अधिक ध्यान देने को कहा गया है।
35 गांव ऐसे जिनका 500 से भी कम लिंगानुपात
जिले के 35 गांव ऐसे हैं, जिनका लिंगानुपात 500 से भी कम है। इससे साफ है कि इन गांवों में लड़कियों के मुकाबले जन्म लेने वाले लड़कों की संख्या दोगुने से भी ज्यादा रही। इनमें बागडू खुर्द गांव में नौ लड़कों पर एक लड़की ने जन्म लिया। ईंटल खुर्द में सात पर एक, कर्मगढ़ में चार पर एक, पालवां व सिवाहा में 11 लड़कों पर तीन लड़कियों ने जन्म लिया है। ऐसे में 35 गांव हैं, जहां पर लड़कों की संख्या लड़कियों के दोगुने से भी ज्यादा रही है।
May 24, 2026

“मेरी डेड बॉडी घरवालों को मत देना…” VIDEO भेज युवक लापता, पत्नी पर लगाए गंभीर आरोप

“मेरी डेड बॉडी घरवालों को मत देना…” VIDEO भेज युवक लापता, पत्नी पर लगाए गंभीर आरोप
कुरुक्षेत्र : देर रात भेजा गया एक वीडियो अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में एक युवक बेहद भावुक हालत में नजर आता है। बाइक पर बैठा युवक कुछ ऐसी बातें कहता है, जिसने देखने वालों को भी बेचैन कर दिया। इसके कुछ घंटे बाद ही वह अचानक लापता हो गया और अब उसकी तलाश जारी है।
वीडियो में युवक हाथ जोड़कर विनती करता दिखाई देता है। वह अपनी पत्नी पर परेशान करने के आरोप लगाता है और ऐसी बात कह जाता है, जिसने परिवार से लेकर प्रशासन तक को चिंता में डाल दिया। सुबह जब यह वीडियो देखा गया तो तुरंत खोजबीन शुरू की गई, लेकिन युवक का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।
मामला Pehowa का बताया जा रहा है, जहां युवक ने देर रात करीब ढाई बजे गोताखोर Pragat Singh को करीब 33 सेकेंड का वीडियो भेजा। वीडियो में युवक पंजाबी भाषा में बोलते हुए कथित तौर पर अपनी पत्नी पर परेशान करने के आरोप लगाता है और कहता है, “हाथ जोड़कर विनती है कि मेरी डेड बॉडी घरवालों को मत देना…”। युवक ने वीडियो में ज्योतिसर नहर की तरफ जाने की बात भी कही थी।
सुबह मैसेज देखने के बाद गोताखोर टीम तुरंत ज्योतिसर नहर और आसपास के इलाकों में तलाश में जुट गई। मिर्जापुर और किरमिच पुल के पास भी खोजबीन की जा रही है, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। युवक का मोबाइल नंबर भी बंद बताया जा रहा है।
उधर, मामले की जानकारी मिलने के बाद Pehowa City Police Station पुलिस भी जांच में जुट गई है। SHO Sunil Vats के अनुसार मामला संज्ञान में है, हालांकि अभी तक परिवार की ओर से औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। फिलहाल पुलिस और गोताखोर टीम युवक की तलाश में जुटी हुई है।
May 24, 2026

फर्जी बिलों की आड़ में चल रहा था खेल, जयसिंहपुर चौकी ने खोली पोल

फर्जी बिलों की आड़ में चल रहा था खेल, जयसिंहपुर चौकी ने खोली पोल
नूंह : नूंह पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब कारोबारियों के मंसूबों पर करारा प्रहार किया है। चौकी जयसिंहपुर प्रभारी सूबे सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास एक कंटेनर से करीब 30 लाख रुपये कीमत की 653 पेटी अवैध बीयर बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है और पुलिस की मुस्तैदी की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक बंद बॉडी कंटेनर में भारी मात्रा में बीयर भरकर राजस्थान की ओर भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी सूबे सिंह ने अपनी टीम के साथ नूंह-होडल रोड स्थित पैप्सी प्लांट के पास घेराबंदी कर नाकाबंदी शुरू कर दी। कुछ ही देर बाद संदिग्ध कंटेनर मौके पर पहुंचा। पुलिस को देखकर चालक घबरा गया और वाहन छोड़कर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे कुछ ही दूरी पर दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आसिफ पुत्र आस मोहम्मद निवासी गांव कोटला, जिला नूंह के रूप में हुई है। कंटेनर की तलाशी लेने पर अंदर से 513 पेटी टुबर्ग बीयर और 140 पेटी थंडर बोल्ट बीयर बरामद हुई। कुल 15,672 बीयर कैन जब्त की गई हैं।
पूछताछ में आरोपी कोई वैध परमिट या लाइसेंस पेश नहीं कर सका। उसने दवाइयों की सप्लाई से जुड़े कुछ बिल दिखाए, लेकिन पुलिस को दस्तावेजों पर भी संदेह है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम व भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चौकी जयसिंहपुर की इस कार्रवाई को अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
नूंह पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि जिले में अवैध शराब तस्करी, नशा कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, किसी भी कीमत पर अवैध कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जयसिंहपुर चौकी की टीम ने बेहद सराहनीय कार्य किया है। पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं और ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही।

Saturday, May 23, 2026

May 23, 2026

गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ में तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड, जानिए कितने सेकंड में पूरी की दौड़

गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ में तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड, जानिए कितने सेकंड में पूरी की दौड़
नई दिल्ली : भारतीय एथलीट गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ में नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है
रांची में हुए नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फ़ेडरेशन कॉम्पिटिशन 2026 के फ़ाइनल में गुरिंदरवीर सिंह ने एक ऐतिहासिक दौड़ लगाते हुए 100 मीटर दौड़ का भारतीय नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.

बिरसा मुंडा स्टेडियम में दौड़ते हुए गुरिंदर ने 10.09 सेकंड में यह दौड़ पूरी कर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया.

इसके साथ ही वह पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में 10.10 सेकंड की बाधा तोड़ने वाले भारत के पहले धावक बन गए.

ओलंपिक डॉट कॉम वेबसाइट के अनुसार, "गुरिंदर ने इस जीत के साथ न केवल राष्ट्रीय रिकॉर्ड को अपने नाम किया है, बल्कि एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया की ओर से कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए निर्धारित 10.16 सेकंड के क्वालिफ़िकेशन मार्क को भी पार किया है."

रिकॉर्ड तोड़ने के बाद समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए गुरिंदर ने कहा, "मेरे कोच ने मेरे साथ बहुत कड़ी मेहनत की है. उन्होंने मुझ पर बहुत भरोसा दिखाया है और उन्होंने मुझसे बहुत मेहनत करवाई है."

उन्होंने कहा, “मुझसे लोग कहते थे कि 100 मीटर में भारत में कोई भविष्य नहीं है, तुम 200 या 400 मीटर की दौड़ चुन लो. मुझे उन सबको ग़लत साबित करना है."
May 23, 2026

समस्याओं का शीघ्र समाधान से,लोगों का सरकार व प्रशासन पर बढ़ता है विश्वास: डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा

-मिड्ढा निवास पर उपाध्यक्ष ने जन संवाद कार्यक्रम के तहत की जन सुनवाई 

-समस्याओं का शीघ्र समाधान से,लोगों का सरकार व प्रशासन पर बढ़ता है विश्वास: डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा 
जींद :( संजय कुमार ) हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार आमजन के कल्याण की सरकार है। सरकार द्वारा लागू की जा रही सभी योजनाओं में सर्व कल्याण का मुख्य विजन है और जनसाधारण को इनका सीधा फायदा मिल रहा है। डिप्टी स्पीकर शनिवार को अपने आवास पर जन संवाद कार्यक्रम के तहत लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि मौजूदा सरकार अंत्योदय की भावना से कार्य कर रही है, जिससे गरीब कल्याण की परिकल्पना साकार होगी और वर्तमान में वह दौर आ भी चुका है। उन्होंने  कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी, दुकानदार, युवा, महिला, शोषित, पीड़ित और वंचित सहित समाज के तमाम वर्गों तक बराबर विकास पहुंचना है। सरकार इसके लिए निरंतर प्रयासरत है। डॉ कृष्ष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में लगातार जनकल्याण का  काम हो रहा है। सरकार ने महिलाओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए लाडो लक्ष्मी योजना, उज्जवला योजना, घर घर शौचालय और प्रत्येक घर में नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाया, बिना पर्ची- बिना खर्ची की पारदर्शी योजना से गरीब परिवार के शिक्षित युवाओं में फिर से सरकारी नौकरी की उम्मीद जगाई। प्रदेश में 24 घंटे बिजली, बेहतर सड़कें, शिक्षा, चिकित्सा और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश की जनता ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को समर्थन देकर 2047 में विकसित भारत के सपने को साकार करने पर मोहर लगाई है। 
        मिड्ढा निवास पर आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने पेयजल, बिजली, सड़क, सफाई व्यवस्था, पेंशन, राजस्व मामलों सहित विभिन्न जनहित से जुड़े मुद्दे डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा के समक्ष रखे। उन्होंने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता राजकुमार नैन, बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता विकास कुमार के अलावा नगर निकाय तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक प्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
May 23, 2026

विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में भाग लेने की मिली अनुमति

विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में भाग लेने की मिली अनुमति
नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के सेलेक्शन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दे दी है.

न्यूज़ वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक हाई कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ की नीति को 'भेदभादपूर्ण' बताया है.
कोर्ट ने कहा, "भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफ़आई) की सेलेक्शन पॉलिसी साफ़ तौर पर भेदभावपूर्ण है और यह डब्ल्यूएफ़आई को फोगाट जैसी मशहूर खिलाड़ियों पर विचार करने का कोई अधिकार नहीं देती, खासकर तब जब उन्होंने मैटरनिटी लीव की वजह से खेल से ब्रेक लिया हो."

कोर्ट ने कहा कि 'किसी महिला के साथ मैटरनिटी लीव लेने की वजह से भेदभाव नहीं किया जा सकता.'
दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने आदेश में कहा कि विनेश फोगाट ने साल 2025 में सबएडिकल के लिए आवेदन किया था और इसलिए वह उस साल किसी भी चैंपियनशिप या प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं, क्योंकि उन्होंने ने जुलाई 2025 में अपने पहले बच्चे को जन्म दिया था.

2026 एशियन गेम्स के लिए 30 और 31 मई को ट्रायल्स होने हैं.

इससे पहले 11 मई को विनेश फोगाट उत्तर प्रदेश के गोंडा पहुंचीं थी और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफ़आई) के अधिकारियों से वहां होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति मांगी थी.
May 23, 2026

दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणी: “राजनीतिक आलोचना और मानहानि के बीच बहुत पतली रेखा” — राघव चड्ढा मामले में बड़ा बयान

दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणी: “राजनीतिक आलोचना और मानहानि के बीच बहुत पतली रेखा” — राघव चड्ढा मामले में बड़ा बयान
नई दिल्ली : Raghav Chadha द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित आपत्तिजनक पोस्टों को हटाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए Delhi High Court ने महत्वपूर्ण मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि “राजनीतिक आलोचना और मानहानि (Defamation) के बीच एक बहुत पतली रेखा होती है।” 
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति Justice Subramonium Prasad की पीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियां और पोस्ट संभवतः किसी राजनीतिक निर्णय की आलोचना प्रतीत होती हैं, न कि सीधे तौर पर “Personality Rights” के उल्लंघन का मामला। 
दरअसल, राघव चड्ढा ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके विरुद्ध AI-generated deepfake, morphed photographs और कथित रूप से “पैसों के लिए बिक जाने” संबंधी पोस्ट प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने ऐसे कंटेंट को हटाने तथा उनकी छवि और व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग की थी। 
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को राजनीतिक आलोचना का सामना करना पड़ता है और लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी एक महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है। अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि “यह केवल राजनीतिक निर्णय पर की गई आलोचना भी हो सकती है।”
राघव चड्ढा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने तर्क दिया कि उन्हें “पैसों के लिए खुद को बेच देने” जैसा दिखाना केवल आलोचना नहीं बल्कि गंभीर मानहानि है। हालांकि अदालत ने कहा कि यह विषय बहस का विषय है और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामला अंतरिम रोक (interim injunction) देने योग्य है या नहीं। 
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि “व्यक्तित्व अधिकारों के व्यावसायिक दुरुपयोग” और “राजनीतिक आलोचना” में अंतर होता है। न्यायालय ने पूर्व में सांसद Shashi Tharoor से जुड़े Personality Rights मामले का भी उल्लेख किया। 
उल्लेखनीय है कि हाल ही में Raghav Chadha ने Aam Aadmi Party छोड़कर Bharatiya Janata Party जॉइन की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और आलोचनाओं का दौर तेज हो गया।
फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में अंतरिम राहत पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। यह मामला भविष्य में “डिजिटल युग में राजनीतिक आलोचना बनाम व्यक्तित्व अधिकार” की बहस को नई दिशा दे सकता है।
May 23, 2026

ऋषिकेश में कैथल के युवकों को नग्न कर पीटने का मामला: पुलिस ने 2 आरोपियों को दबोचा, एसपी बोलीं- कानून हाथ में लेना बर्दाश्त नहीं

ऋषिकेश में कैथल के युवकों को नग्न कर पीटने का मामला: पुलिस ने 2 आरोपियों को दबोचा, एसपी बोलीं- कानून हाथ में लेना बर्दाश्त नहीं
ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में हरियाणा के कैथल निवासी दो पर्यटकों के साथ हुई बर्बरता के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मारपीट और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में दो स्थानीय युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान ऋषिकेश निवासी अशोक थापा और नरेश कश्यप के रूप में हुई है। बाकी हमलावरों की तलाश जारी है। इस सनसनीखेज मामले को लेकर एसपी देहात (SP Rural Rishikesh) जया बलूनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सख्त लहजे में कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने का हक नहीं है।

*क्या है पूरा मामला?*
 (Rishikesh Tourist Violence Case)
कैथल के सतबीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 20 मई को अपने दोस्तों के साथ ऋषिकेश घूमने आए थे। वेन्यू गाड़ी से जब वे काली के ढाल के पास पहुंचे, तो वहां एक महिला ने अपनी 8 साल की बच्ची के साथ उनकी गाड़ी रुकवाई। महिला का आरोप था कि युवकों ने बच्ची की तरफ गलत इशारे किए। इसी बात पर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ (Mob Violence) जमा हो गई।

*कपड़े उतरवाकर सड़क पर घुमाया, गाड़ी भी तोड़ी*

बहसबाजी के बीच उग्र भीड़ ने कैथल के युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पर्यटकों को गाड़ी से बाहर घसीटा, उनके कपड़े उतरवाए और निर्वस्त्र करके सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। उपद्रवियों ने पर्यटकों की HR नंबर की गाड़ी पर पथराव कर उसके शीशे भी तोड़ दिए। हंगामा बढ़ता देख खुद शिकायतकर्ता महिला ने ‘112’ पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। आईडीपीएल चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवकों को भीड़ से बचाया और अस्पताल पहुंचाया।

*HR नंबर देखकर बनाया निशाना?*

पीड़ित सतीश कुमार ने बताया, हमारी गाड़ी का हरियाणा नंबर (HR Number) देखकर हमें जानबूझकर टारगेट किया गया। हमने बच्ची के साथ कोई गलत हरकत नहीं की थी। उत्तराखंड में अब हरियाणा के टूरिस्टों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

*एसपी जया बलूनी का सख्त रुख*

ऋषिकेश पुलिस (Rishikesh Police Action) अब इस मामले में अन्य आरोपियों की वीडियो फुटेज के जरिए पहचान कर रही है। एसपी जया बलूनी ने साफ कहा कि अगर युवकों ने कोई गड़बड़ की थी, तो भीड़ को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। इस तरह सरेआम कानून अपने हाथ में लेना और किसी को नंगा कर पीटना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है।
May 23, 2026

विनेश फोगाट के समर्थन में आईं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पर्ल चौधरी, Delhi High Court के फैसले का किया स्वागत

विनेश फोगाट के समर्थन में आईं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पर्ल चौधरी, Delhi High Court के फैसले का किया स्वागत
चंडीगढ़ : अंतरराष्ट्रीय पहलवान और जुलाना से कांग्रेस विधायक Vinesh Phogat के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा WFI (Wrestling Federation of India) को लगाई गई फटकार के बाद हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष Pearl Chaudhary खुलकर उनके समर्थन में सामने आई हैं। पर्ल चौधरी ने अदालत की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा कि यह मामला केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि देश की बेटियों के सम्मान, समान अवसर और न्याय से जुड़ा विषय है।
पर्ल चौधरी ने कहा कि हाईकोर्ट ने बिल्कुल उचित सवाल उठाया है कि जब देश के कई नामी खिलाड़ियों को नियमों में राहत और विशेष अवसर दिए जाते रहे हैं, तो फिर विनेश फोगाट के साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया।
उन्होंने कहा कि इससे खेल संस्थाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उनके मुताबिक, देश का नाम रोशन करने वाली हरियाणा की बेटी के साथ किसी भी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि विनेश फोगाट केवल विश्वस्तरीय पहलवान ही नहीं, बल्कि जुलाना विधानसभा से जनप्रतिनिधि भी हैं। घर-परिवार, मातृत्व और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने कुश्ती के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया है। अपने संघर्ष और उपलब्धियों से उन्होंने न केवल हरियाणा और भारत, बल्कि पूरी दुनिया में नारी शक्ति की मिसाल कायम की है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिस खिलाड़ी ने देश के लिए पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाया और लाखों बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, उसी खिलाड़ी को प्रशासनिक अड़चियों और कथित भेदभाव का सामना करना पड़े, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में महिला खिलाड़ियों के सम्मान और अधिकारों की लगातार अनदेखी हुई है।
पर्ल चौधरी ने मांग की कि WFI निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करे तथा विनेश फोगाट को बिना किसी भेदभाव के प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का पूरा अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा, “देश की बेटियाँ किसी की कृपा नहीं, अपना हक मांग रही हैं।”
May 23, 2026

पेट्रोल-डीज़ल महंगा होने पर विपक्षी पार्टियों की तीखी प्रतिक्रिया

पेट्रोल-डीज़ल महंगा होने पर विपक्षी पार्टियों की तीखी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: भारत में एक बार फिर पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में इज़ाफ़ा हुआ है. इसके बाद कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार की आलोचना की है.

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "महंगाई मैन मोदी ने पेट्रोल-डीज़ल पर नौ दिन में पांच रुपए बढ़ा दिए. आज फिर पेट्रोल और डीज़ल महंगा कर दिया गया."

कांग्रेस ने लिखा, "मोदी को बस तेल कंपनियों के फ़ायदे की चिंता है. एक तरफ जहाँ दुनियाभर की सरकारें अपनी जनता को राहत दे रही हैं, मोदी सरकार जनता को ही लूटने में लगी है. कभी तो जनता के भले के बारे में सोच लो, कब तक पूंजीपतियों का फ़ायदा कराते रहोगे?"

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने कहा है कि महंगाई आसमान छू रही है और ये बीजेपी सरकार की 'ग़लत आर्थिक और विदेश नीतियों' का नतीजा है.

समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल ने एक्स पर लिखा, "15 दिन में तीसरी बार पेट्रोल डीज़ल के दाम इस भाजपा सरकार ने बढ़ा दिए. सीएनजी की क़ीमतें भी बढ़ा दी गईं."

आगे लिखा, "महंगाई आसमान छू रही है, भाजपा सरकार की ग़लत आर्थिक और विदेश नीतियों का ये दुष्परिणाम है, पहले से मंदी की मार झेल रही जनता पर ये दोहरा तिहरा भाजपाई प्रहार है. महंगाई और बढ़ने वाली है, अराजकता अपराध और बर्बादी का दौर आने वाला है और इसकी ज़िम्मेदार ये भाजपा की सरकार होगी."

भारत में शनिवार यानी 23 मई को ही पेट्रोल और डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी हुई है. पेट्रोल 87 पैसे और डीज़ल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है. यह 10 दिन के भीतर तीसरी बढ़ोतरी है.
May 23, 2026

पहलवान विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट बड़ी राहत, अदालत ने कहा बदले की भावना रखना ठीक नहीं है

पहलवान विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट बड़ी राहत, अदालत ने कहा बदले की भावना रखना ठीक नहीं है
Vinesh Phogat : एशियन गेम्स में भाग लेने के लिए प्रयास कर रही भारतीय महिला पहलवान और हरियाणा के जुलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ यानी (WFI) को फटकार लगाई है। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में विनेश फोगाट के मां बनने के दौरान मैटरनिटी लीव को लेकर कहा कि मां की ममता को हम पूजते हैं।
गौरतलब है कि पछले दिनों गोंडा में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप को लेकर महिला पहलवान विनेश फोगाट के भाग लेने पर काफी विवाद हुआ था। इसके बाद विनेश फोगाट ने एशियन खेलों के लिए अपने ट्रायल के लिए अदालत में याचिका लगाते हुए अनुमति की मांग की थी। इस पर अदालत ने कुश्ती महासंघ से पूछा कि जब पहले खिलाडियों को छूट मिल रही है तो अब ऐसा व्यवहार क्यों। एशियाई खेलों के लिए ट्रायल 30 और 31 मई को होने जा रही है। अदालत ने अपनी टप्पणी में यह भी कहा कि बदले की भावना रखना ठीक नहीं है।

*विशेषज्ञों की टीम बनाने का आदेश*

इस मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने विनेश फोगाट की फिटनेस को परखने के लिए कहा है। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार इसके लिए अदालत ने केंद्र सरकार से कहा है कि विशेषज्ञों का एक पैनल बने। अदालत ने यह भी कहा कि खिलाड़ी को कुछ मामलों में पात्रता नियमों में छूट दी जा सकती है। ऐसे में अदालत ने केंद्र को आदेश दिया कि इस मामले में विशेषज्ञों की एक टीम बनाई जाए। साथ ही कहा कि पहलवान को ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए अवसर मिलना चाहिए।

*कोर्ट ने कहा मां बनना गुनाह नहीं*

पहलवान विनेश फोगाट की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि हमारे देश में मां बनने को सेलिब्रेट किया जाता है। यह कोई गुनाह नहीं है और कुश्ती संघ को बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए। गौरतलब है कि डोपिंग नियमों के उल्लंघन और अनुशासनहीनता के आरोप लगाते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ ने विनेश फोगाट पर 26 जून तक बैन लगाया हुआ है। इसी बीच 30 और 31 मई को एशियाई खेलों के लिए ट्रायल होना है।

*नियमों में किया बदलाव*

गौरतलब है कि पहलवान विनेश फोगाट ने अदालत में याचिका दायर करते हुए कहा था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैटरनिटी लीव पर जाने वाली महिला खिलाड़ियों की रैंकिंग को सुरक्षित रखा जाता है। जबकि भारतीय कुश्ती महासंघ यानी WFI के नए नियम में इसकी व्यवस्था नहीं की। ऐसे में अदालत ने विनेश फोगाट की याचिका स्वीकार करते हुए WFI को जवाब देने के लिए कहा था। ऐसे में शुक्रवार यानी 22 मई 2026 को जब अदालत में सुनवाई हुई तो कोर्ट ने कहा कि
भारत में मां की ममता को हम पूजते हैं। उन्होंने विनेश फोगाट ने देश के लिए जितने मेडल्स जीते हैं उसके बदले में खिलाड़ी से बदले की भावना रखना सही नहीं है।
May 23, 2026

भारत में फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, 10 दिनों में तीसरी बार बढ़ोतरी

भारत में फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, 10 दिनों में तीसरी बार बढ़ोतरी
नई दिल्ली : भारत में शनिवार यानी 23 मई को पेट्रोल और डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी हुई है. पेट्रोल 87 पैसे और डीज़ल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा गया है.

प्रमुख समाचार एजेंसी के मुताबिक़,दिल्ली में पेट्रोल के दाम 87 पैसे बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं. डीज़ल के दाम 91 पैसे बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं.

15 मई से अब तक यह तीसरी बार दाम बढ़े हैं. लगातार होती इस बढ़ोतरी के पीछे मध्य-पूर्व में चल रहा तनाव भी है, जिसके कारण तेल सप्लाई बाधित हुई है.

गौरतलब है कि इस महीने सबसे पहले 15 मई को पेट्रोल-डीज़ल के दाम तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे. इसके बाद 19 मई को क़रीब 90 पैसे की दूसरी बढ़ोतरी हुई.
May 23, 2026

पति की मौत के 29 साल बाद विधवा को मिलेगा ₹10 करोड़ का क्लेम, इंश्योरेंस कंपनियों की मनमानी पर कोर्ट का चाबुक!

पति की मौत के 29 साल बाद विधवा को मिलेगा ₹10 करोड़ का क्लेम, इंश्योरेंस कंपनियों की मनमानी पर कोर्ट का चाबुक!
Insurance : अक्सर आपने देखा होगा कि इंश्योरेंस कंपनियां पॉलिसी बेचते समय बड़े-बड़े वादे करती हैं, लेकिन जब क्लेम देने की बारी आती है, तो चक्कर कटवाने शुरू कर देती हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे ऐतिहासिक मामले के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां एक बेबस परिवार ने बीमा कंपनी की मनमानी के खिलाफ पूरे 29 साल (लगभग 3 दशक) तक कानूनी लड़ाई लड़ी और आखिरकार जीत हासिल की.
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह जयपुर के एक दिवंगत व्यापारी की विधवा पत्नी आशा गर्ग और उनके परिवार को 10 करोड़ रुपये का क्लेम और उस पर 9 फीसदी की दर से ब्याज तुरंत चुकाए.

*सड़क हादसा और ₹15 करोड़ का पूरा विवाद*

यह मामला साल 1997 का है. जयपुर के एक बड़े कारोबारी किशोरी लाल शरण गर्ग 27 मार्च 1997 को जयपुर से दिल्ली जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी कार की एक ट्रक से आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई और इस हादसे में उनकी मौत हो गई. किशोरी लाल ने अपने पीछे परिवार की सुरक्षा के लिए दो बड़ी पर्सनल एक्सीडेंट पॉलिसियां ले रखी थीं:

यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस: ₹10 करोड़ का कवर
 (पॉलिसी अवधि: फरवरी 1997 से फरवरी 1998)
नेशनल इंश्योरेंस: ₹5 करोड़ का कवर (पॉलिसी अवधि: जनवरी 1997 से जनवरी 1998)

पति की मौत के बाद जब परिवार ने क्लेम किया, तो दोनों बीमा कंपनियों ने सर्वेक्षकों, जांचकर्ताओं और जासूसी एजेंसियों को पीछे लगा दिया. कंपनियों ने आरोप लगाया कि किशोरी लाल ने अपनी वित्तीय पृष्ठभूमि और पुरानी पॉलिसियों से जुड़ी ‘महत्वपूर्ण जानकारी’ छिपाई है. इस बहाने का इस्तेमाल कर साल 2000 में दोनों कंपनियों ने क्लेम रिजेक्ट (खारिज) कर दिया.

*पत्नी का 3 दशक का संघर्ष और सुप्रीम कोर्ट का मोड़*

बीमा कंपनियों के इस रवैये से हार न मानते हुए मृतक की पत्नी आशा गर्ग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया. साल 2005 में आयोग ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के खिलाफ फैसला सुनाते हुए 10 करोड़ रुपये और 1 जुलाई 1997 से इस पर 9% ब्याज देने का आदेश दिया, लेकिन नेशनल इंश्योरेंस की 5 करोड़ वाली पॉलिसी के क्लेम को खारिज कर दिया. इसके बाद दोनों पक्ष इस फैसले को चुनौती देने के लिए देश की सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए.

जनवरी 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने उपभोक्ता आयोग के पुराने फैसले को रद्द किया और कहा कि इस हाई-प्रोफाइल मामले का फैसला सिर्फ कागजी हलफनामों पर नहीं होना चाहिए, बल्कि सबूतों और गवाहों के आधार पर नए सिरे से होना चाहिए. कोर्ट ने आयोग को आदेश दिया कि वह दोनों बीमा कंपनियों के सभी दफ्तरों से असली पॉलिसी प्रपोजल फॉर्म और अंदरूनी बातचीत के सारे रिकॉर्ड्स मंगवाए.

*जब खुद बीमा कंपनी ही खो बैठी अपने सबूत!*

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में दोबारा सुनवाई शुरू हुई, तो मामला पूरी तरह पलट गया. पीड़ित परिवार के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि बीमा कंपनी जिस ‘गलत जानकारी छिपाने’ का आरोप लगा रही है, वह असली प्रपोजल फॉर्म (कागज) तो दिखाए. चौंकाने वाली बात यह रही कि कोर्ट के बार-बार निर्देश देने के बावजूद यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी वह प्रपोजल फॉर्म या डिस्पैच रजिस्टर ढूंढने में पूरी तरह नाकाम रही.

यानी कंपनी के पास अपने ही आरोपों को साबित करने का कोई लिखित सबूत नहीं था. सबूतों के अभाव और कंपनी की लापरवाही को देखते हुए एनसीडीआरसी के जस्टिस एपी शाही और प्रेसीडेंट भारत कुमार पाण्ड्या ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस को आदेश दिया कि वे पीड़ित परिवार को 10 करोड़ रुपये का क्लेम और पिछले 29 सालों का 9% ब्याज जल्द से जल्द दें. हालांकि, दूसरे पक्ष यानी नेशनल इंश्योरेंस का 5 करोड़ का क्लेम खारिज ही रहा.
May 23, 2026

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार आठ अरब डॉलर कम हुआ

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार आठ अरब डॉलर कम हुआ
मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फ़ॉरेक्स रिज़र्व) कम हुआ है. देश का फ़ॉरेक्स रिज़र्व 8.094 अरब अमेरिकी डॉलर घटकर 688.894 अरब अमेरिकी डॉलर पर आ गया है.

एक प्रमुख समाचार न्यूज एजेंसी ने भारतीय रिज़र्व बैंक के हवाले से बताया कि यह गिरावट 15 मई को ख़त्म हुए सप्ताह में हुई है.

हालांकि, इससे ठीक पहले 8 मई को ख़त्म हुए सप्ताह में फ़ॉरेक्स रिज़र्व 6.295 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 696.988 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया था.

दरअसल, इस साल फ़ॉरेक्स रिज़र्व 27 फ़रवरी को सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच गया था, यह 728.494 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया था.

लेकिन इसके बाद मध्य-पूर्व में संघर्ष शुरू होने से कई हफ़्तों तक इसमें गिरावट आई. इस दौरान रुपये पर दबाव बढ़ा और आरबीआई को डॉलर बेचकर विदेशी मुद्रा बाज़ार में दख़ल देना पड़ा.
May 23, 2026

पॉलिसी के 25 दिन बाद मौत, हाई कोर्ट का आदेश- पत्नी को मिलेगा 14 लाख का क्लेम

पॉलिसी के 25 दिन बाद मौत, हाई कोर्ट का आदेश- पत्नी को मिलेगा 14 लाख का क्लेम
चंडीगढ़ : बीमा पॉलिसी लेने के मात्र 25 दिन बाद व्यक्ति की मौत होने और बीमा कंपनी द्वारा कैंसर की बीमारी छिपाने का आरोप लगाकर क्लेम खारिज किए जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मृतक की पत्नी को बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट ने परमानेंट लोक अदालत के उस पुराने आदेश को पूरी तरह बरकरार रखा है, जिसमें बीमा कंपनी को 14.22 लाख रुपये का डेथ बेनिफिट देने के निर्देश दिए गए थे। न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि बीमा कंपनी अपने दावों को साबित करने में पूरी तरह नाकाम रही है।
*कंपनी नहीं दे सकी बीमारी के पुख्ता सबूत*

मामले के अनुसार, समुंदर सिंह ने 23 मार्च 2018 को भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से एक जीवन बीमा पॉलिसी ली थी। इस पॉलिसी की मूल बीमित राशि 7.11 लाख रुपये थी, जबकि मृत्यु की स्थिति में डेथ बेनिफिट 14.22 लाख रुपये तय किया गया था। उन्होंने पहली प्रीमियम राशि के रूप में 63 हजार 172 रुपये जमा करवाए थे, लेकिन इसके ठीक 25 दिन बाद 25 अप्रैल 2018 को उनकी अचानक हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। इसके बाद बीमा कंपनी ने गंभीर बीमारी छिपाने का आरोप लगाकर क्लेम देने से मना कर दिया था।
*फर्जी और अधूरे दस्तावेजों पर कोर्ट की फटकार*

बीमा कंपनी ने 31 मार्च 2019 को दावा खारिज करते हुए दलील दी थी कि समुंदर सिंह साल 2017 से कैंसर से पीड़ित थे। दावा खारिज होने पर मृतक की पत्नी ने परमानेंट लोक अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसने 2 अप्रैल 2025 को महिला के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके खिलाफ कंपनी हाई कोर्ट पहुंची, जहां अदालत ने पाया कि कंपनी जिन मेडिकल रिपोर्टों की फोटोकॉपी पर भरोसा कर रही थी, उन पर न तो किसी डॉक्टर के हस्ताक्षर थे और न ही वे अस्पताल से सत्यापित थीं। अलग-अलग सीआर नंबर होने से दस्तावेज पूरी तरह संदिग्ध पाए गए।
*मौत की वजह और बीमारी में कोई संबंध नहीं*

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि बीमा कंपनी यह साबित करने में पूरी तरह विफल रही है कि कथित बीमारी का संबंध व्यक्ति की मृत्यु के वास्तविक कारण से था। रिकॉर्ड के मुताबिक समुंदर सिंह की मौत का मुख्य कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ना था। सभी विधिक पहलुओं और साक्ष्यों पर बारीकी से विचार करने के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने परमानेंट लोक अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए बीमा कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया, जिससे अब पीड़ित महिला को न्याय मिल सकेगा।