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Wednesday, September 9, 2026

September 09, 2026

रोडवेज बसों में पास पर सफर करने वाले विद्यार्थियों को अब इलेक्ट्रिक बसों में भी निशुल्क यात्रा की सुविधा

रोडवेज बसों में पास पर सफर करने वाले विद्यार्थियों को अब इलेक्ट्रिक बसों में भी निशुल्क यात्रा की सुविधा

एचसीबीएसएल ने निर्देश जारी किए
पानीपत डिपो से चार इलेक्ट्रिक बस आती हैं
जींद : रोडवेज बसों में पास पर सफर करने वाले विद्यार्थियों को अब इलेक्ट्रिक बसों में भी निशुल्क यात्रा की सुविधा मिल गई है। हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड (एचसीबीएसएल) ने निर्देश जारी कर इस सुविधा को प्रदेश की इलेक्ट्रिक बस सेवाओं में लागू कर दिया है। अभी तक यह सुविधा केवल सामान्य बसों तक सीमित थी। पानीपत डिपो से चार इलेक्ट्रिक बस जींद आती हैं। पिछले दिनों जब मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश के अलग-अलग डिपो में चल रही इलेक्ट्रिक बसों का उद्घाटन किया था तो पानीपत डिपो की एक बस केवल सफीदों तक आती थी। चार इलेक्ट्रिक बस जींद तक आती हैं। वहीं अब विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विद्यार्थियों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी है। पहली इलेक्ट्रिक बस दोपहर बाद तीन बजकर 50 मिनट,  दूसरी बस चार बजकर 50 मिनट, तीसरी बस पांच बजकर 20 मिनट और चौथी बस शाम पांच बजकर 50 मिनट पर जींद से पानीपत के लिए रवाना होती है। इलेक्ट्रिक बसों में जींद से पानीपत का किराया लगभग 110 रुपये है जबकि रोडवेज व परिवहन समिति की बसों में किराया लगभग 80 रुपये है। पानीपत रूट पर परिवहन समिति की 26 बस भी चलती हैं। परिवहन समिति की बसों में विद्यार्थियों के साथ परिचालकों द्वारा बुरा व्यवहार करने की शिकायतें प्राप्त होती हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों में विद्यार्थियों के पास मान्य होने पर सुविधा होगी। जींद डिपो ने भी मुख्यालय के पास पांच इलेक्ट्रिक बसों की डिमांड भेज रखी है, जो अभी तक नहीं मिली है। ऐसे में पानीपत डिपो की इलेक्ट्रिक बस का जींद तक संचालन होने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। इलेक्ट्रिक बसों में सफर आरामदायक रहता है। बस में ज्यादा शोर भी नहीं होता और यात्री खुली सीट पर आराम से सफर कर सकते हैं।
जींद डिपो के महाप्रबंधक राहुल जैन ने बताया कि पानीपत डिपो की चार इलेक्ट्रिक बसें जींद आती हैं। इलेक्ट्रिक बसों में विद्यार्थियों के पास मान्य हैं। डिपो की ओर से भी मुख्यालय के पास इलेक्ट्रिक बसों की डिमांड भेज रखी है। अभी डिपो को इलेक्ट्रिक बस नहीं मिल पाई है। जैसे ही इलेक्ट्रिक बस आएंगी तो यात्रियों को और भी बेहतर परिवहन सुविधा देने का प्रयास रहेगा।
September 09, 2026

इंटरसिटी ट्रेन में महिला के गले से तोड़ी सोने की चेनयात्रियों ने मौके पर पकड़ी दो महिलाएं, सोने की चेन बरामद,रेलवे पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ दर्ज किया मामला।

इंटरसिटी ट्रेन में महिला के गले से तोड़ी सोने की चेन
यात्रियों ने मौके पर पकड़ी दो महिलाएं, सोने की चेन बरामद
रेलवे पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ दर्ज किया मामला।
जींद : टोहाना से जींद की तरफ आ रही 12482 इंटरसिटी एक्सप्रेस में महिला यात्री के गले से सोने की चेन तोडऩे पर यात्रियों ने दो महिलाओं को पकड़ लिया। दोनों महिलाओं को पुलिस के हवाले किया गया। महिलाओं के पास से तोड़ी गई सोने की चैन भी बरामद कर ली है। रेलवे पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 
गांव झरवाई (भिवानी) निवासी दीपांशु ने रेलवे पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी मां मायावती के साथ अपनी बहन पूनम की ससुराल समैण गांव आए हुए थे। सोमवार को उन्हें शकूरबस्ती जाना था। इसलिए उन्होंने टोहाना से शकूरबस्ती के लिए इंटरसिटी ट्रेन में जाने की योजना बनाई। सोमवार वह रेलवे स्टेशन टोहाना पहुंच गए। ट्रेन के आते ही जब वह सामान्य बोगी में सवार होने लगे तो दो महिलाओं ने उसकी मां के गले से 14.2 ग्राम सोने की चेन तोड़ ली। उसने तुरंत शोर मचाया। फिर यात्रियों ने दोनों महिलाओं को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान एक महिला ने बताया कि उसने चेन दूसरी महिला को दी है। इसके बाद दूसरी महिला ने चोरी की चेन अपने पास होने की बात स्वीकार की और उसे वापस कर दिया। इसी दौरान ट्रेन नरवाना रेलवे स्टेशन पहुंच गई। जहां यात्रियों ने दोनों महिलाओं को रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़ी गई महिलाओं की पहचान इंद्रा कालोनी रामबाग लुधियाना (पंजाब) निवासी जसविंद्र कौर और परमजीत कौर के रूप में हुई है। 
रेलवे चौकी जाखल प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि महिला की गले से चेन तोडऩे के मामले में दो महिलाओं को काबू कर उनके कब्जे से तोड़ी गई सोने की चेन बरामद की है। महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

Tuesday, September 8, 2026

September 08, 2026

अमर शहीद लाला जगत नारायण की पुण्यतिथि पर पत्रकार अमनदीप पिलानिया ने 30वीं बार किया रक्तदान

अमर शहीद लाला जगत नारायण की पुण्यतिथि पर पत्रकार अमनदीप पिलानिया ने 30वीं बार किया रक्तदान
जींद : पंजाब केसरी टीवी के जींद प्रतिनिधि पत्रकार अमनदीप पिलानिया ने चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी, जींद में अमर शहीद लाला जगत नारायण की 45वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में 30वीं बार रक्तदान किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से बढ़-चढ़कर रक्तदान करने की अपील की।
अमनदीप पिलानिया ने कहा कि वह पिछले कई वर्षों से लगातार रक्तदान करते आ रहे हैं और समय-समय पर जरूरतमंद लोगों के लिए भी रक्तदान करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने व्यस्त समय में से कुछ समय निकालकर रक्तदान जरूर करना चाहिए, क्योंकि आपकी एक पहल किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकती है।
उन्होंने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। उनका लक्ष्य है कि वह अपने जीवन में 100 बार रक्तदान करें और इसी संकल्प के साथ वह लगातार रक्तदान करते रहेंगे।
गौरतलब है कि अमनदीप पिलानिया पिछले कई वर्षों से पंजाब केसरी ग्रुप के साथ जुड़े हुए हैं और अमर शहीद लाला जगत नारायण की पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर में लगातार रक्तदान करते आ रहे हैं। 
अमनदीप पिलानिया द्वारा 30वीं बार रक्तदान किए जाने पर जींद के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह तथा चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी, जींद के कुलपति डॉ. रामपाल सैनी ने उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया और उनके इस सामाजिक कार्य की सराहना की।
September 08, 2026

11 सितम्बर को पौधारोपण और 12 सितंबर को विशाल रक्तदान शिविर : राजकुमार गोयल

11 सितम्बर को पौधारोपण और 12 सितंबर को विशाल रक्तदान शिविर : राजकुमार गोयल
जींद : आगामी 12 सितंबर को गांधी नगर स्थित सेवा सदन में भोला चैरिटेबल सोसाइटी जींद की ओर से तीसरा विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस रक्तदान शिविर में हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। शिविर से एक दिन पहले 11 सितंबर को पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
यह जानकारी अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी डॉ राजकुमार गोयल ने दी है। इस अवसर पर महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष राजकुमार भोला, शाइनिंग स्टार्स फाउंडेशन के अध्यक्ष मनजीत कुमार प्रमुख तौर से उपस्थित थे। गोयल ने बताया कि डॉ राजेश भोला के सानिध्य में आयोजित इस रक्तदान शिविर की थीम ‘जीते जी रक्तदान, जाते-जाते नेत्रदान’ रखी गई है। शिविर में बीपी, शुगर सहित अन्य स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
गोयल ने कहा कि रक्त का कोई दूसरा विकल्प नहीं है और रक्त की कमी केवल रक्तदान से ही पूरी की जा सकती है। उन्होंने युवाओं और सामाजिक संस्थाओं से इस रक्तदान शिविर में ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करने का आह्वान किया। गोयल ने यह भी बताया की जहां 12 सितम्बर को विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा वही 11 सितंबर को शहीद स्मारक में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस पौधारोपण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा।
September 08, 2026

*वुडस्टॉक पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस समारोह का भव्य आयोजन"*

*वुडस्टॉक पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस समारोह का भव्य आयोजन"*

*शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान से जीवन का मार्ग प्रकाशित करते हैं।*
जींद: वुडस्टॉक पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस के अवसर पर हर्षोल्लास एवं उत्साह से भरपूर विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत विशेष प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें विद्यालय के सभी विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ विद्यालय के *निदेशक डॉ. नरेंद्र नाथ शर्मा जी, उपनिदेशक श्री आशुतोष शर्मा जी एवं प्रधानाचार्या सुकीर्ति गौतम जी* द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन ने ज्ञान, संस्कार और शिक्षा के प्रकाश का सुंदर संदेश दिया।
इस अवसर पर कक्षा *द्वितीय एवं तृतीय* के विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। *धन्यवाद शिक्षक” तथा “गुरु बिन ज्ञान कहाँ” जैसे गीतों पर विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों* ने सभी का मन मोह लिया।समारोह का सबसे मनोरंजक एवं उत्साहपूर्ण हिस्सा रहा शिक्षकों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ। *शिक्षकों ने हरियाणवी नृत्य, पंजाबी गिद्धा, भाषण एवं कविता* प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। उनकी शानदार प्रस्तुतियों पर विद्यार्थियों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए *विभिन्न रोचक एवं मनोरंजक खेल* प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें गोलगप्पे खाने की प्रतियोगिता, कुर्सी खेल, मुखौटा सज्जा, तिनके चिपकाने की गतिविधि तथा माचिस की डिब्बी से जुड़ी गतिविधियाँ प्रमुख रहीं।इन गतिविधियों ने पूरे वातावरण को हँसी-खुशी और उमंग से भर दिया।
समारोह के दौरान विद्यालय प्रबंधन की ओर से शिक्षकों के समर्पण, परिश्रम एवं उत्कृष्ट योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रशंसा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही शिक्षकों को उनकी विशेष खूबियों के आधार पर आकर्षक उपाधियाँ तथा क्राउन पहनाकर सम्मानित किया गया। यह विशेष सम्मान समारोह शिक्षकों के लिए गर्व, प्रसन्नता और उत्साह से भरा रहा। शिक्षकों का सम्मान विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक क्षण रहा। विद्यालय निदेशक *डॉ. नरेंद्र नाथ शर्मा* जी ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा प्रदान करने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं भविष्य को दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों के समर्पण और मेहनत की सराहना की।स्कूल उपनिदेशक *श्री आशुतोष शर्मा* जी ने कहा कि एक शिक्षक का प्रभाव कक्षा की सीमाओं से कहीं आगे तक जाता है। शिक्षक विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास का निर्माण करते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को उनके निरंतर प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ दीं। प्रचार्या श्रीमती *सुकीर्ति गौतम* जी ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय की सफलता में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों के उत्साह, समर्पण एवं रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए उन्हें इसी ऊर्जा के साथ विद्यार्थियों को प्रेरित करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। समारोह का समापन भारत के महान *शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी* की स्मृति को नमन करते हुए केक काटकर किया गया। इस अवसर पर सभी शिक्षकों ने एक-दूसरे को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ दीं और इस विशेष दिन को हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया।इस प्रकार वुडस्टॉक पब्लिक स्कूल में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह सम्मान, आनंद, उत्साह एवं कृतज्ञता से सराबोर रहा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान एवं संस्कार का प्रकाश फैलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं।

Monday, September 7, 2026

September 07, 2026

गांव-गांव प्राकृतिक खेती का संदेश पहुंचाएंगे 43 किसान , 16 जिलों में संभालेंगे मास्टर ट्रेनर की भूमिका

गांव-गांव प्राकृतिक खेती का संदेश पहुंचाएंगे 43 किसान
16 जिलों में संभालेंगे मास्टर ट्रेनर की भूमिका
हमेटी जींद में पांच दिवसीय सीआरपी प्रशिक्षण संपन्न
किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों के साथ दूसरे किसानों को प्रशिक्षित करने का दिया गया प्रशिक्षण
जींद : खेतों में रसायनों का इस्तेमाल कम करने और प्राकृतिक खेती को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए अब किसान ही किसानों के प्रशिक्षक बनेंगे। हरियाणा के 16 जिलों से चयनित 43 किसानों को कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) के रूप में तैयार किया गया है। ये किसान अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग और रसायन मुक्त खेती के तौर तरीकों की जानकारी देकर उन्हें इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (हमेटी) जींद में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के साथ इन किसानों को प्राकृतिक खेती के विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रशिक्षण कार्यस्र5म का आयोजन हमेटी के निदेशक डा. सुरेंद्र सिंह यादव के दिशा-निर्देशन में किया गया। 
गत वर्ष बनाए थे प्राकृतिक खेती करने वाले 125-125 किसानों के 150 क्लस्टर 
पिछले वर्ष हरियाणा के विभिन्न खंडों में प्राकृतिक खेती करने वाले 125-125 किसानों के 150 क्लस्टर बनाए गए थे। इस वर्ष प्राकृतिक खेती के विस्तार के लिए 38 नए क्लस्टर बनाने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक क्लस्टर से दो किसानों का चयन कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन के रूप में किया गया है। इन किसानों को प्रशिक्षण देकर इस तरह सक्षम बनाया गया है कि वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्र में किसानों को 
प्राकृतिक खेती की सही और वैज्ञानिक जानकारी दे सकें। 
प्रशिक्षण में खेत पर सिखाई गई तकनीक
प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक एवं प्राकृतिक खेती ट्रेनर डा. सुभाष चंद्र ने बताया कि पांच दिनों के दौरान किसानों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई बल्कि प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। किसानों को जीवामृत और घन जीवामृत तैयार करने एवं उनके प्रयोग, मल्चिंग से खरपतवार नियंत्रण व जल संरक्षण, बहुफसलीय खेती के फायदे तथा नीम, ऑक और धतूरा जैसी वनस्पतियों से प्राकृतिक कीट नियंत्रक तैयार करने की विधि सिखाई गई। इसके अलावा बिना जहरीले रासायनिक कीटनाशकों के फसल सुरक्षा के विभिन्न उपायों की जानकारी भी दी गई है ताकि सीआरपी किसान आगे अपने क्षेत्र के किसानों को इन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दे सकें।
फार्म विजिट में देखा प्राकृतिक खेती का मॉडल
प्रशिक्षणार्थी किसानों को गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राकृतिक खेती फार्म तथा गांव करोड़ा के प्राकृतिक खेती करने वाले सीआरपी किसान मनोज कुमार के फार्म का शैक्षणिक भ्रमण भी करवाया गया। यहां किसानों ने प्राकृतिक तरीके से बहुफसलीय प्रणाली में उगाई जा रही विभिन्न फसलों का अवलोकन किया। मनोज कुमार के फार्म पर एक एकड़ में मल्टीलेयर खेती के माध्यम से एक साथ चार फसलें उगाने का मॉडल दिखाया गया। किसानों ने इस मॉडल को उपयोगी बताते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती के साथ फसल विविधीकरण और बेहतर प्रबंधन अपनाकर किसान अपनी आमदनी के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।
उत्पादन के साथ बाजार पर भी ध्यान जरूरी : राजकुमार

महेंद्रगढ़ के किसान राजकुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें प्राकृतिक खेती से जुड़ी कई नई और व्यावहारिक जानकारियां मिली। इससे उनका क्षमता निर्माण हुआ है और अब वे अपने क्षेत्र के किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित एवं प्रशिक्षित करने में अधिक सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के विस्तार में सीआरपी मॉडल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वहीं पुंडरी के किसान विशाल वालिया ने गांव करोड़ा में लगाए गए बिक्री स्टाल पर प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों की पैकेजिंग, लेबलिंग और ब्रांडिंग का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य हासिल करने के लिए केवल उत्पादन पर ही ध्यान नहीं देना चाहिए बल्कि मूल्य संवर्धनए आकर्षक पैकेजिंगए लेबलिंगए ब्रांडिंग और बाजार में बिक्री की रणनीति पर भी काम करना होगा।
गांव-गांव प्राकृतिक खेती पहुंचाने का लिया संकल्प

प्रशिक्षण के समापन पर सीआरपी किसानों ने प्राकृतिक खेती को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक किसानों को रसायन मुक्त और टिकाऊ खेती के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के बाद अब ये किसान अपने-अपने क्लस्टरों में किसानों और कृषि विभाग के बीच कड़ी का काम करेंगे। विभाग को उम्मीद है कि किसानों के बीच से तैयार किए गए ये प्रशिक्षित किसान प्राकृतिक खेती के संदेश को अधिक प्रभावी ढंग से खेतों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
प्राकृतिक खेती आज समय की आवश्यकता : डा. सुरेंद्र यादव

हमेटी के निदेशक डा. सुरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती आज समय की आवश्यकता है। भूमि की घटती उर्वरा शक्ति को बनाए रखनेए खाद्यान्न में रसायनों के दुष्प्रभाव को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर बढऩा चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को निशुल्क प्रशिक्षण के साथ देशी गाय खरीदने के लिए 30 हजार रुपये की सहायता और एक एकड़ प्राकृतिक खेती करने पर चार हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है।
September 07, 2026

जींद शहर में सफाई कार्य से अनुपस्थित रहने व सरकारी कार्य में बाधा डालने पर तीन नियमित सफाई कर्मी निलंबित

जींद शहर में सफाई कार्य से अनुपस्थित रहने व सरकारी कार्य में बाधा डालने पर तीन नियमित सफाई कर्मी निलंबित

6 पे रोल के सफाई कर्मचारियों को शो कोज नोटिस जारी किया 

3 पालिका रोल पर लगे सफाई कर्मियों की सेवाएं समाप्त 
जींद : जींद शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने तथा कर्मचारियों में कार्य के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जींद नगर परिषद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। सफाई कार्य से अनुपस्थित रहने, सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा गंभीर लापरवाही बरतने के मामले में नगर परिषद के तीन नियमित सफाई कर्मियों को निलम्बित कर दिया गया है। वहीं 3 पालिका रोल पर लगे सफाई कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और 6 पे रोल के सफाई कर्मचारियों को शो कोज नोटिस जारी किया गया है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि संबंधित कर्मचारियों को उनके कार्य में लापरवाही और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के संबंध में पहले भी नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद उनके कार्य व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। सफाई कार्य प्रभावित होने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि सोहनलाल, कमला तथा भगवती तीनों नियमित सफाई कर्मियों को नगर पालिका अधिनियम की विभिन्न धाराओं एवं म्यूनिसिपल सफाई मजदूर सेवा नियम के तहत निलम्बित किया गया है। इनके विरुद्ध विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। कनिष्ठ अभियंता ऊषा को विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। 
कार्यकारी अधिकारी सुशील ने बताया कि पालिका रोल पर लगे सुनील कुमार, सुमित, अजय, रणदीप, सोनू, संजय, संगीत, पूनम तथा पवन सभी छह सफाई कर्मियों को भी ड्यूटी में लापरवाही तथा सम्बंधित अधिकारियों का अवगत करवाए बिना अनुपस्थिति को लेकर नोटिस जारी किए गए थे। चेतावनी एवं नोटिस दिए जाने के बावजूद कार्य में सुधार नहीं होने पर उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था नगर परिषद की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनधिकृत अनुपस्थिति अथवा सरकारी कार्य में बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कर्मचारियों को निर्धारित ड्यूटी पर समय से उपस्थित होकर पूरी जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद द्वारा नियमित रूप से कर्मचारियों की उपस्थिति एवं कार्यों की निगरानी की जा रही है। भविष्य में भी यदि कोई कर्मचारी अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने आमजन से भी शहर को स्वच्छ एवं साफ.-सुथरा बनाए रखने में नगर परिषद का सहयोग करने की अपील की।

Sunday, September 6, 2026

September 06, 2026

माता-पिता की याद में लगाए जा रहे रक्तदान शिविर को लेकर डिप्टी स्पीकर को दिया निमंत्रण, 12 सितंबर को सेवा सदन में आयोजित किया जाएगा रक्तदान शिविर : डा. भोला

माता-पिता की याद में लगाए जा रहे रक्तदान शिविर को लेकर डिप्टी स्पीकर को दिया निमंत्रण

12 सितंबर को सेवा सदन में आयोजित किया जाएगा रक्तदान शिविर : डा. भोला
जींद : अपने माता-पिता की याद में नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला द्वारा हिंदू कन्या महाविद्यालय के निकट सेवा सदन में 12 सितंबर शनिवार को रक्तदान शिविर का आयोजन करने जा रहा है। शिविर के को लेकर डा. राजेश भोला, पत्नी सीमा भोला व मामा रिद्धि-सिद्धि क्लब के प्रधान सुभाष अनेजा ने डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा से मुलाकात की और निमंत्रण दिया। डिप्टी स्पीकर ने भी निमंत्रण को स्वीकार किया। नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने बताया कि हर वर्ष की भांति वह इस वर्ष भी अपने माता-पिता की याद में तीसरा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर शनिवार 12 सितंबर को होगा। शिविर से पहले शुक्रवार को पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण को बचाने का संदेश दिया जाएगा। शिविर में मुख्यअतिथि के तौर पर हरियाणा विधानसभा डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा को निमंत्रण दे दिया गया है। डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला, पत्नी सीमा भोला व सुभाष अनेजा ने बताया कि उन्होंने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नही होता है। रक्तदान करने वालों के साथ उन असहाय और जरूरतमंद लोगों की दुआएं हमेशा साथ रहती हैं, जिनके लिए उनका दिया हुआ खून काम आता है।

Saturday, September 5, 2026

September 05, 2026

शिक्षक दिवस पर नफे सिंह शास्त्री का सम्मान, सरपंच व प्राचार्य ने किया सम्मानित

शिक्षक दिवस पर नफे सिंह शास्त्री का सम्मान, सरपंच व प्राचार्य ने किया सम्मानितहिसार/चौधरीवास : शिक्षक दिवस के अवसर पर रा०व०मा० विद्यालय चौधरीवास में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले नफे सिंह शास्त्री को सरपंच एवं विद्यालय के प्राचार्य द्वारा सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ एवं अन्य गणमान्य लोगों ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों के योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने, अनुशासन और अच्छे संस्कारों की सीख भी देते हैं।इस अवसर पर सरपंच एवं प्राचार्य ने नफे सिंह शास्त्री को सम्मान स्वरूप सम्मानित किया और उनके कार्यों की सराहना की। सम्मान मिलने पर नफे सिंह शास्त्री ने विद्यालय प्रबंधन एवं उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के दौरान शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा गया कि समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं और देश के विकास में योगदान कर सकते हैं।

September 05, 2026

शक्ति प्रोजेक्ट बेटियों को कौशल, आत्मविश्वास और उद्यमिता से बनाएगा आत्मनिर्भर :- राजकुमार भोला

शक्ति प्रोजेक्ट’ के लिए बेटियों के साक्षात्कार आयोजित, दर्जनों प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

उद्यमिता के लिए प्रतिभागियों के विजन और आत्मविश्वास को परखा गया, सोमवार को भी जारी रहेंगे साक्षात्कार

शक्ति प्रोजेक्ट बेटियों को कौशल, आत्मविश्वास और उद्यमिता से बनाएगा आत्मनिर्भर :-  राजकुमार भोला
जींद : महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन, जींद द्वारा महिलाओं एवं बेटियों को आधुनिक तकनीकी कौशल, उद्यमिता एवं नेतृत्व के क्षेत्र में सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए शक्ति प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रशिक्षण के लिए आज साक्षात्कार आयोजित किए गए। अर्बन एस्टेट स्थित महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन के कार्यालय में आयोजित साक्षात्कार में जींद क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं एवं लड़कियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।साक्षात्कार प्रक्रिया के दौरान प्रतिभागियों की उद्यमिता के प्रति रुचि, भविष्य की सोच, आत्मविश्वास, सीखने की इच्छा एवं अपने लिए नए अवसर तैयार करने के विजन को समझने का प्रयास किया गया। प्रतिभागियों से उनके भविष्य के लक्ष्यों, तकनीकी कौशल सीखने की रुचि तथा स्वयं का रोजगार या उद्यम शुरू करने से संबंधित विचारों पर भी चर्चा की गई। साक्षात्कार समिति में ट्रिपल डैश इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मनदीप गुप्ता एवं महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन के अध्यक्ष राजकुमार भोला , आईटी हैड अंकिता खटकड़ शामिल रहे। समिति द्वारा प्रत्येक प्रतिभागी से संवाद करते हुए उनकी प्रतिभा, रुचि एवं उद्यमिता संबंधी विजन को जानने का प्रयास किया गया।
इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष राजकुमार भोला ने कहा कि शक्ति प्रोजेक्ट का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि बेटियों के भीतर छिपी प्रतिभा और उद्यमिता की क्षमता को पहचानकर उसे सही दिशा देना है। उन्होंने कहा कि आज की बेटियां तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई पहचान बना सकती हैं। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिले तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि रोजगार देने वाली उद्यमी भी बन सकती हैं।
ट्रिपल डैश इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मनदीप गुप्ता ने कहा कि साक्षात्कार के दौरान प्रतिभागियों में सीखने की उत्सुकता और आगे बढ़ने की इच्छा देखने को मिली। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीकी युग में एआई, ब्लॉकचेन, वेब 3.0, डिजिटल कौशल एवं उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में युवतियों के लिए अनेक नए अवसर उपलब्ध हैं। शक्ति प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रतिभागियों को इन अवसरों से जोड़ने और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चयनित प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक तकनीक के साथ-साथ महिला उद्यमिता, नवाचार, नेतृत्व क्षमता, डिजिटल अवसरों एवं उद्योग आधारित व्यावहारिक कौशल की जानकारी प्रदान की जाएगी।
*सोमवार को भी जारी रहेंगे साक्षात्कार*

शक्ति प्रोजेक्ट के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया सोमवार को भी जारी रहेगी। चयन प्रक्रिया के माध्यम से योग्य एवं इच्छुक प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें परियोजना के अंतर्गत निर्धारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह पहल बेटियों को तकनीकी रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर, उद्यमी एवं भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Friday, September 4, 2026

September 04, 2026

35 साल बाद मिले दो बिछड़े भाई, फूट-फूट कर रोत हुए लगाया एक-दूसरे को गले, एसआईआर सत्यापन बना मिलन का माध्यम

35 साल बाद मिले दो बिछड़े भाई, फूट-फूट कर रोत हुए लगाया एक-दूसरे को गले
एसआईआर सत्यापन बना मिलन का माध्यम
जींद : एसआईआर के दौरान राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मनोहरपुर में एक ऐसा भावुक प्रसंग सामने आया। जिसने वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर दी। करीब 35 वर्षों से बिछड़े दो भाइयों का पुनर्मिलन एक सामान्य सत्यापन प्रक्रिया के दौरान हुआ। जानकारी के अनुसारए सीता राम अपने एसएलसी लेने के लिए विद्यालय पहुंचे थे। बातचीत के दौरान मौके पर मौजूद बीएलओ ने उनसे उनके गांव, पिता और भाई का नाम पूछा। भाई का नाम सामने आने पर बीएलओ ने सत्यापन के लिए फोन के माध्यम से संपर्क किया। फोन पर भाई ने सीता राम की पहचान करते हुए कहा कि हां, वह मेरा ही भाई है। मैं उसे पिछले 35 साल से ढूंढ रहा हूं। यह जानकारी मिलते ही उनका भाई तत्काल विद्यालय पहुंचा। दोनों भाइयों ने जैसे ही एक-दूसरे को देखा, वे भावुक होकर गले मिल गए और फूट-फूट रो पड़े। वर्षों का बिछोह कुछ ही पलों में खत्म हो गया और विद्यालय परिसर में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मौके पर मौजूद एडिशनल एईआरओ डा. रमेश कुमार ने इस भावुक मिलन को अपने लिए एक यादगार अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक प्रशासनिक सत्यापन तक सीमित नहीं रही बल्कि मानवीय रिश्तों को जोडऩे का माध्यम बन गई। उन्होंने कहा कि बीएलओ की सजगता और एक छोटे से सत्यापन ने वर्षों से बिछड़े दोनों भाइयों को फिर से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसआईआर के दौरान सामने आई यह घटना इस बात का प्रमाण है कि प्रशासनिक कार्यों के पीछे भी मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों से जुड़ी कई अनकही कहानियां छिपी होती हैं।
September 04, 2026

शाबाश....जींद की बेटी रेनू ...आपने कर दिखायाजींद की रेनू रेढू ने 6,593 मीटर ऊंची माउंट मनीरंग की फतह

शाबाश....जींद की बेटी रेनू ...आपने कर दिखाया
जींद की रेनू रेढू ने 6,593 मीटर ऊंची माउंट मनीरंग की फतह
जींद : जींद की मूल निवासी 38 वर्षीय रेनू रेढू ने हिमाचल प्रदेश की 6,593 मीटर ऊंची माउंट मनीरंग चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है। तीन सदस्यीय टीम के साथ की गई यह चढ़ाई अल्पाइन शैली में पूरी की गई। जींद में उनके पिता डा. राज सिंह रेढू ने बताया कि रेनू और उनकी टीम ने 29 अगस्त को सुबह सात बजे मनीरंग के शिखर पर पहुंच कर तिरंगा फहराया। टीम ने रात एक बजे समिट कैंप से अंतिम चढ़ाई शुरू की और करीब छह घंटे की कठिन चढ़ाई के बाद सुबह सात बजे शिखर पर पहुंची। माउंट मनीरंग हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण ऊंची चोटियों में शामिल है और यह किन्नौर और स्पीति के बीच स्थित है। चोटी ऐतिहासिक मनीरंग दर्रे के आसपास के क्षेत्र में स्थित हैए जो पारंपरिक रूप से किन्नौर और स्पीति को जोडऩे वाले मार्गों में से एक रहा है। 
मनीरंग की चढ़ाई केवल ऊंचाई के कारण चुनौतीपूर्ण नहीं है। इसके रास्ते में मोरेन, ढलानदार मलबा और चट्टानी भूभाग के साथ बर्फ व बर्फीली ढलानें और खुले, संकरे रिज जैसे हिस्से मिलते हैं। अलग-अलग मार्गों पर चढ़ाई की कठिनाई परिस्थितियों के अनुसार बदलती रहती है। ऊंचाई पर मौसम में अचानक बदलाव, कम तापमान, ऑक्सीजन की कमी, रास्ते की पहचान और बर्फ की स्थिति जैसी बातें चढ़ाई को चुनौतीपूर्ण बनाती हैं।
रेनू ने अपने दो साथियों के साथ इस चढ़ाई को छोटे दल के रूप में पूरा किया। अल्पाइन शैली में की जाने वाली पर्वतारोहण में बड़े अभियान दल और व्यापक सहायक ढांचे के बजाय छोटा दल अपने उपकरणों और आवश्यक सामान के साथ चढ़ाई करता है। ऐसे अभियानों में मौसम,  मार्ग, गति और सुरक्षा से जुड़े फैसले टीम को स्वयं लेने होते हैं। रेनू का पर्वतारोहण से जुड़ाव केवल व्यक्तिगत चढ़ाइयों तक सीमित नहीं है। उन्होंने एमएससी और एमबीए की पढ़ाई मुंबई के प्रतिष्ठित संस्थान से की है। इसके साथ ही उन्होंने बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स, एडवांस्ड माउंटेनियरिंग कोर्स, मेथड ऑफ  इंस्ट्रक्शन जैसे पर्वतारोहण प्रशिक्षण हासिल किए हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड अलाइड स्पोट्र्स और नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग जैसे संस्थानों में प्रशिक्षण लिया है। अपने रूष्ट प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु चुना गया था। फिलहाल रेनू हिमाचल प्रदेश के मनाली में रहती हैं और अपनी आउटडोर कंपनी पहाड़ी भेड़ू चलाती हैं। उनका काम पर्वतीय और आउटडोर गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। जिसके कारण वह पेशेवर रूप से भी हिमालयी क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। माउंट मनीरंग की पहली दर्ज चढ़ाई सितंबर 1952 में दक्षिण-पश्चिमी रिज से मनीरंग दर्रे की ओर से की गई थी। इसके बाद पर्वतारोहण दलों ने किन्नौर और स्पीति, दोनों ओर से अलग-अलग मार्गों के जरिये इस चोटी पर चढ़ाई की है। 
रेनू के लिए मनीरंग का यह अभियान किसी रिकॉर्ड की दौड़ से अधिक पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनके निरंतर अनुभव का हिस्सा है। जींद से निकल कर मनाली को अपना आधार बनाना और हिमालय की ऊंची चोटियों पर चढ़ाई के सा-.साथ आउटडोर क्षेत्र में काम करना उनके अब तक के सफर को दर्शाता है। जींद की धरती से हिमालय की 6,593 मीटर ऊंची चोटी तक पहुंचने वाली रेनू की यह यात्रा यह भी दिखाती है कि पर्वतारोहण में उपलब्धियां अक्सर एक दिन में नहीं बनती। इसके पीछे प्रशिक्षण, तैयारी, अनुभव और लगातार पहाड़ों में सीखने की प्रक्रिया होती है।

Thursday, September 3, 2026

September 03, 2026

घरेलू विवाद में बेटे ने मां की ह*त्या की, वारदात के बाद फरार

घरेलू विवाद में बेटे ने मां की ह*त्या की, वारदात के बाद फरार:

लखमीरवाला पाथरी में 65 वर्षीय रोशनी देवी की मौ*त, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
जींद : लखमीरवाला पाथरी गांव में बुधवार रात घरेलू विवाद के दौरान एक युवक द्वारा अपनी 65 वर्षीय मां की तेजधार हथियार से हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। वारदात के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को कराया जाएगा।
*कहासुनी के बाद मां पर किया हमला*

पुलिस के अनुसार लखमीरवाला पाथरी निवासी बसाऊ का बुधवार रात अपनी मां रोशनी देवी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बताया जा रहा है कि कहासुनी बढ़ने के बाद बसाऊ ने कथित तौर पर तेजधार हथियार से अपनी मां पर हमला कर दिया। हमले में रोशनी देवी की मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी घर से फरार हो गया। पड़ोसियों को वारदात का पता वीरवार सुबह चला, जब उन्होंने घर में रोशनी देवी को मृत अवस्था में देखा। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
*नशे को लेकर अक्सर होता था विवाद*

परिजनों के अनुसार आरोपी बसाऊ नशे का आदी बताया जा रहा है। नशे की बात को लेकर उसका अपनी मां के साथ अक्सर विवाद होता था। बुधवार रात भी इसी कारण कहासुनी होने की बात सामने आई है। हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

बताया जा रहा है कि आरोपी शादीशुदा है और उसका एक बेटा है। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।
*आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस*

वारदात की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम शुक्रवार को कराया जाएगा।
सदर थाना पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी वारदात के बाद से फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
September 03, 2026

*कराटे में हार्दिक यादव की शानदार स्वर्णिम जीत से बढ़ा वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल का मान*

*कराटे में हार्दिक यादव की शानदार स्वर्णिम जीत से बढ़ा वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल का मान*
जींद : वुडस्टॉक पब्लिक स्कूल के प्रतिभाशाली छात्र *हार्दिक यादव* पुत्र श्री नवीन यादव, ने कराटे की *राज्य स्तरीय प्रतियोगिता* में शानदार प्रदर्शन करते हुए 82 किलोग्राम (U/19) वर्ग में *स्वर्ण पदक* जीतकर विद्यालय एवं अपने परिवार का नाम गौरवान्वित किया।
कराटे प्रतियोगिता में हार्दिक ने अपने शानदार खेल कौशल, आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिचय देते हुए प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।हार्दिक की इस शानदार कराटे उपलब्धि पर पूरे वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल में खुशी और गर्व का माहौल है। उनकी सफलता से विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी खेलों में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने की प्रेरणा मिली है।
विद्यालय के निदेशक *डॉ. नरेंद्र नाथ शर्मा* जी ने हार्दिक की कराटे में स्वर्णिम सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने हार्दिक के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। उपनिदेशक *श्री आशुतोष शर्मा* जी ने हार्दिक के शानदार कराटे प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प से विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने हार्दिक को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएँ दीं।
स्कूल प्रधानाचार्या श्रीमती *सुकीर्ति गौतम* जी ने भी हार्दिक को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय को अपने प्रतिभाशाली खिलाड़ी पर गर्व है। उन्होंने हार्दिक के निरंतर सफलता की कामना की। हार्दिक की यह स्वर्णिम सफलता विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है और यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और लगन से सफलता निश्चित रूप से हासिल की जा सकती है।