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Saturday, March 14, 2026

March 14, 2026

चरित्र और निर्णय तय करते हैं जीवन की दिशा- सीजेआई सूर्य कांत

चरित्र और निर्णय तय करते हैं जीवन की दिशा- सीजेआई सूर्य कांत

-मुख्य न्यायाधीश ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कहा, शिक्षा का सही उपयोग ही है सच्ची सफलता 

-कुलपति ने दीक्षांत समारोह में मैडल व डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं एवं बधाई दी

-हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह आयोजित, 50 को मिले पदक व 1462 को मिली डिग्रियां
चंडीगढ़- हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के प्रांगण में शनिवार को भव्य 12वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। वहीं पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू व आईआईटी रोपड़ के निदेशक डॉ. राजीव आहूजा समारोह के विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।
इनके साथ साथ न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ, न्यायमूर्ति एन. एस. शेखावत, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल चंद्र शेखर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नारनौल नरेंद्र सूरा, उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार व पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ सहित जिला प्रशासन व विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी दीक्षांत समारोह में उपस्थित रहे। 
सर्वाेच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री केवल उस ज्ञान की पुष्टि करती है जो वर्षों की मेहनत से अर्जित किया गया है, लेकिन किसी भी व्यक्ति के जीवन की असली दिशा और दशा उसके चरित्र और निर्णय लेने की क्षमता तय करती है। उन्होंने कहा कि जब औपचारिक शिक्षा का ढांचा व्यक्ति के आसपास नहीं रहता, तब वही चरित्र और विवेक उसके मार्गदर्शक बनते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपने ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सही निर्णय लेने की क्षमता को भी विकसित करना चाहिए।
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने कहा कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति के लिए नए अवसरों के द्वार खोलती है। इससे उसकी क्षमताओं का विस्तार होता है, उसकी कमाई की संभावनाएँ बढ़ती हैं और जीवन में आगे बढ़ने के कई रास्ते उपलब्ध होते हैं। लेकिन इसके साथ ही यह भी समझना जरूरी है कि उच्च शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता का साधन नहीं है, बल्कि इसके साथ समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की इमारतों का निर्माण, प्रयोगशालाओं का संचालन और शिक्षकों का वेतन उन संसाधनों से संभव होता है जो जनता के कर से जुटाए जाते हैं। देश के लाखों ऐसे नागरिक हैं जो स्वयं विश्वविद्यालय तक नहीं पहुँच पाते, लेकिन उनके द्वारा दिए गए कर से ही उच्च शिक्षा की व्यवस्था संचालित होती है। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि शिक्षित युवा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझें और सार्वजनिक संस्थाओं जैसे न्यायपालिका, सिविल सेवाएँ, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय प्रशासन को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ। यही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है।
न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने हरियाणा के लोकप्रिय खेल कबड्डी का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को जीवन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कबड्डी में एक रेडर एक ही साँस में विरोधी पाले में प्रवेश करता है और लगातार “कबड्डी-कबड्डी” का उच्चारण करता रहता है। यह केवल खेल का नियम नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मनियंत्रण का प्रतीक भी है। इसका अर्थ यह है कि व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकता है, लेकिन उसे हमेशा यह समझ बनाए रखनी चाहिए कि उसकी सीमाएँ क्या हैं और कब उसे वापस लौटना है।
उन्होंने कहा कि महान रेडर वही होते हैं जो बिना अति महत्वाकांक्षा के सही समय पर निर्णय लेते हैं और सुरक्षित लौट आते हैं। वहीं डिफेंडर भी तभी सफल होते हैं जब वे एकजुट होकर टीम के रूप में काम करते हैं। इसी प्रकार जीवन में भी व्यक्ति को बड़े सपने देखने चाहिए, लेकिन साथ ही विनम्रता, अनुशासन और सामूहिकता की भावना को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी सफलता के साथ-साथ समाज और संस्थाओं को मजबूत बनाने का संकल्प भी लें, क्योंकि यही किसी भी शिक्षा की वास्तविक कसौटी है।
 इस अवसर पर आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रोफेसर राजीव आहूजा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जिसे विद्यार्थी जीवन भर याद रखते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी हमेशा अपने संस्थान को याद रखें और एक जिम्मेदार पूर्व छात्र (एलुमनाई) के रूप में संस्थान से जुड़े रहें। उन्होंने बताया कि आईआईटी जैसे संस्थानों की सफलता में उनके एलुमनाई का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

प्रो. आहूजा ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग सही दिशा में करें, शॉर्टकट से बचें और ईमानदारी को हमेशा बनाए रखें। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश के जीवन को मेहनत और ईमानदारी का प्रेरक उदाहरण बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी नई तकनीकों को अपनाकर कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करें और देश के विकास में योगदान दें।

 उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि स्टार्ट-अप शुरू करके रोजगार देने वाले बनना चाहिए। उन्होंने शोध और नवाचार को देश के विकास की कुंजी बताते हुए कहा कि भारत को एक शोध-प्रधान राष्ट्र बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से अपने गुरु-शिष्य परंपरा, माता-पिता और संस्थान के प्रति सम्मान बनाए रखने का आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की रिपोर्ट एवं विद्यार्थियों को अपना आशीर्वाद देते हुए कुलपति प्रोफेसर टंकेशवर कुमार ने कहा कि कुलपति ने कहा कि आज हम सभी के लिए यह गौरव की बात है कि देश के करोड़ों युवाओं की प्रेरणा एवं मार्गदर्शक, भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत जी हमारे बीच में हैं वे देश के उस मध्यम वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने कड़े संघर्ष व मेहनत से जीवन में एक बड़ा मुकाम व कीर्तिमान हासिल किया है। वे  देश की युवा शक्ति के लिए एक प्रेरणा हैं।

कुलपति ने कहा कि 21वीं सदी में हम विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। विकसित देशों की श्रेणी में जाने का रास्ता हमारे महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से होकर ही जाता है। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की और से निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं। कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय एवं अतंरराष्ट्रीय मंचो पर हमारी रैंकिंग में जबरदस्त सुधार हुआ है। हमें वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में राष्ट्रीय स्तर पर 44 वां स्थान हासिल हुआ है व हरियाणा प्रदेश के विश्वविद्यालयों में हमारी रैंकिंग प्रथम स्थान पर रही है। वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैकिंग में  फिजिकल साइंस, लाइफ साइंस व इंजीनियरिंग पाठयक्रम में हमारी रैकिंग अच्छी रही है।

विश्वविद्यालय के शिक्षकों के 3000 से अधिक शोध पत्र  स्कोपस एवं वेब ऑफ साइंस डेटा बेस पर प्रकाशित किए हैं व हमारा एच इंडेक्स 82 है। वर्ष 2025 में ही अकेले हमारे शिक्षकों ने 622 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं जो एक रिकार्ड है।

विश्वविद्यालय सभी विभागों, पाठयक्रमों व संकायों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में सफल रहा है। वर्तमान में हमारे सभी पाठयक्रम एनईपी आधारित हैं। हमने अपने पाठयक्रमों में अंतरविषयक पाठयक्रमए एसडीजी मेपिंग, वेल्यू एडिड, भारतीय ज्ञान परंपरा, स्किल व वोकेशनल एजुकेशन , मल्टीपल एंट्री एवं एक्जिट  की शुरूआत की है। एनईपी के तहत नेशनल क्रेडिट फ्रेमवक  मूक कोर्सिज को लाूग किया है। आज हमारे सभी पाठयक्रम वैश्विक मानको के अनुरूप हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप टीचिंग की गुणवता को सुधारने के लिए ही विभिन्न विभागों में प्रोफेसर ऑफ प्रेक्टिस को नियुक्त किया गया है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के 8 संकाय, 35 विभागों में 90 से अधिक पाठयक्रमों में 5000 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हमने विश्वविद्यालय में अगले अकादमिक सत्र से कुछ नए विभाग व पाठयक्रम शुरू करने की योजना बनाई है। मुझे आशा है कि अगले पांच वर्ष में 10 हजार से अधिक विद्यार्थी इस विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे होंगे।

उन्होंने से विद्यार्थियों से अपने जीवन में विकसित भारत का संकल्प लेने का आहवान किया।  कुलपति ने विद्यार्थियों से आहवान किया कि  सभी हर समय कुछ नया सीखते रहें। बदलती दुनिया के साथ हम कदमताल तभी कर पाएंगे जब हमेशा विद्यार्थी बन कर कर लाइफ लांग लर्नर बनें रहेंगे। इस मौके पर मैडल व डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्र छात्राओं को बधाई दी।

इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ सुनील कुमार ने सभी का धन्यवाद करते हुए दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए आभार जताया। कार्यक्रम का सफल संचालन विश्वविद्यालय की छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. रेनु यादव व उप छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. नीरज कर्ण सिंह ने किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के सम कुलपति प्रोफेसर पवन शर्मा, एडीसी तरुण पावरिया सहित सभी डीन, डायरेक्टर, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं जिला प्रशासन के सभी अधिकारी मौजूद थे।
March 14, 2026

राष्ट्रीय लोक अदालत सस्ते न्याय का सशक्त माध्यम : सीजेएम मोनिका


10939 केसों का निपटारा 48565417 रुपए का सेटलमेंट

राष्ट्रीय लोक अदालत सस्ते न्याय का सशक्त माध्यम : सीजेएम मोनिका
जींद :  जिला मुख्यालय में स्थित न्यायिक परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया । लोक अदालत कार्यक्रम की देखरेख जिला एवं सत्र न्यायाधीश कम चेयरपर्सन श्रीमती पूनम सुनेजा ने की I मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती मोनिका ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में श्रीमती नेहा नोहरिया अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जींद, फैमिली कोर्ट की प्रिंसिपल जज श्रीमती कीर्ति जैन, श्रीमती जसबीर एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्री अमित सिहाग चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्री संदीप कुमार, सब डिविजनल जुडिशल मजिस्ट्रेट नरवाना, श्री अमित uSu प्रथम श्रेणी जुडिशल मजिस्ट्रेट सफीदों के बेंच गठित किए गए l लोक अदालत में कुल 12306 मामले रखे गए इनमें से 10939 मामलों का मौके पर ही निपटा किया गया इसमें 4 करोड़ 85 लाख 67417 रुपए की राशि का सेटलमेंट किया गया लोक अदालत में कई तरह के मामले रखे गए । मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मोनिका ने कहा कि लोक अदालत का लाभ अधिक से अधिक लोगों को उठाना चाहिए क्योंकि लोक अदालत के मामले का निपटारा आपसी सहमति से होता है । जिस समय वह धन की बचत होती है वह आपसी सौहार्द भी बना रहता है उन्होंने सभी पीठासिन अधिकारियों लोक अदालत में कार्यरत सभी कर्मचारी व अधिवक्ताओं को लोक अदालत के सुचारू रूप से संचालन के लिए धन्यवाद किया । इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, बिजली विभाग आदि के कार्य की सरहाना की । मैडम मोनिका ने बताया कि लोक अदालत में मोटर व्हीकल दुर्घटना से संबंधित 27 मामले, हिंदू मैरिज एक्ट से संबंधित 128 मामले, चेक बाउंस से संबंधित 217 मामले, दीवानी मामलों से संबंधित 361 मामले, आपराधिक मामलों से संबंधित 1513 मामले, बैंक लोन से संबंधित 7 मामलों का निपटान किया गया लोक अदालत में आए 12306 मामलों में से 10939 मामलों का निपटान किया गया और सेटलमेंट की राशि 48565417 रुपए रही ।

Friday, March 13, 2026

March 13, 2026

21 मार्च को दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी में आयोजित होगा युवा सम्मेलन

21 मार्च को दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी में आयोजित होगा युवा सम्मेलन

विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने की तैयारियों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
चंडीगढ़- हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण की अध्यक्षता में शुक्रवार को दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मुरथल (सोनीपत) में 21 मार्च को आयोजित होने वाले युवा सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उच्चतर शिक्षा विभाग, सोनीपत प्रशासन, विश्वविद्यालय के अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया और कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान श्री हरविंद्र कल्याण ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवा सम्मेलन से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जाएं ताकि कार्यक्रम का आयोजन व्यवस्थित, भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है।

उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में विशेष रूप से युवाओं को संवैधानिक संस्थाओं के अधिकारों, कार्यों व कर्तव्यों के बारे में जागरूक किया जाएगा। ताकि युवा उनमे शिक्षा प्राप्त कर समाज के प्रति अपना योगदान दे सकें। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।

बैठक में जानकारी दी गई कि इस युवा सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों से लगभग 1400 विद्यार्थी भाग लेंगे। श्री कल्याण ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के आने-जाने के लिए सुचारु और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक सुविधाओं जैसे बैठने की व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को भी समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि समारोह को गरिमापूर्ण और भव्य बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कार्यक्रम के दौरान मंच व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की रूपरेखा तथा अन्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की जाए।

इसके अतिरिक्त उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए जाएं ताकि सम्मेलन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और अनुशासित वातावरण में संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन आपसी सहयोग से सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

 उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री एस. नारायणन, कुलपति प्रोफेसर श्री प्रकाश सिंह, सोनीपत के उपायुक्त श्री सुशील सारवान, सूचना जन  संपर्क एवं भाषा  विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
March 13, 2026

हरियाणा में हर महीने 10 तारीख को जारी होंगी सब्सिडी और पेंशन

हरियाणा में हर महीने 10 तारीख को जारी होंगी सब्सिडी और पेंशन

मुख्य सचिव ने पात्र लाभार्थियों तक समय पर लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश
चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत दी जाने वाली सब्सिडी, पेंशन तथा अन्य वित्तीय सहायता के वितरण को सुचारू बनाने के मकसद से बड़ा निर्णय लिया है।

अब ये सभी लाभ हर महीने की 10 तारीख को डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जारी किए जाएंगे। इसके लिए हर महीने हरियाणा निवास, चंडीगढ़ में एक औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान सक्षम प्राधिकारी द्वारा एक ही कमांड या बटन दबाकर लाभार्थियों के खातों में राशि जारी की जाएगी।

इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों व मुख्य प्रशासकों, मंडलायुक्तों तथा उपायुक्तों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

 पत्र में कहा गया है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत दी जाने वाली सभी सब्सिडी, पेंशन और वित्तीय सहायता, जिनमें बोर्ड और निगमों द्वारा संचालित योजनाएं भी शामिल हैं, अब हर महीने एक निर्धारित तिथि को सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएंगी। इस कदम का उद्देश्य कल्याणकारी लाभों का समयबद्ध और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है।

संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवश्यक डेटा समय पर उपलब्ध कराएं और सभी औपचारिकताएं निर्धारित समय में पूरी करें, ताकि धनराशि के हस्तांतरण में किसी प्रकार की देरी न हो। साथ ही सरकार ने सभी कार्यान्वयन एजेंसियों और अधिकारियों से इन निर्देशों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर इनका सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।

सरकार के इस निर्णय से पारदर्शिता बढ़ेगी, भुगतान में होने वाली देरी कम होगी और यह सुनिश्चित होगा कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक नियमित और प्रभावी रूप से पहुंच सके।
March 13, 2026

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा

बोले, निर्धारित राशि व तय अवधि में पूरे होने चाहिएं सभी काम
चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिंचाई विभाग के कार्यों में बिना उचित कारण के निर्धारित कार्यों के खर्च में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी भी उपस्थित थी।

मुख्यमंत्री ने हमीदा हेड से पिचोलिया हेड तक संवर्धन नहर के पुनर्निर्माण कार्य की समीक्षा की और निर्धारित अवधि में कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार, वेस्टर्न यमुना कैनाल पर रेलवे ब्रिज के निर्माण कार्य को लेकर भी निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य निर्धारित राशि में निर्धारित अवधि में पूरा हो जाना चाहिए। अगर किसी कार्य में ठेकेदार की गलती से कार्य की कीमत में एनहांसमेंट आती है तो उसको ब्लैक लिस्ट करें। अगर किसी अधिकारी की गलती से प्रोजेक्ट की कीमत में वृद्धि होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे की बर्बादी किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, इंजीनियर-इन-चीफ डॉ. सतबीर कादियान समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
March 13, 2026

गलत बिजली बिलिंग पर हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन का कड़ा संज्ञान, उपभोक्ताओं को मुआवजा देने के निर्देश

गलत बिजली बिलिंग पर हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन का कड़ा संज्ञान, उपभोक्ताओं को मुआवजा देने के निर्देश
चंडीगढ़ – हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने बिजली बिलिंग से जुड़े दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए बिजली वितरण निगमों की कार्यप्रणाली पर कड़ा संज्ञान लिया है और उपभोक्ताओं को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।

अंबाला जिले से प्राप्त एक शिकायत की सुनवाई करते हुए आयोग ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) की बिलिंग प्रणाली में गंभीर खामी पाए जाने पर चिंता जताई। आयोग ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि बिलिंग सॉफ्टवेयर में मल्टीप्लाइंग फैक्टर 1 से कम होने के बावजूद 0.1 दर्ज कर लिया गया, जबकि विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह फैक्टर एक से कम नहीं हो सकता।

आयोग ने माना कि यदि सॉफ्टवेयर में मल्टीप्लाइंग फैक्टर की सीमा तय की गई होती तो सिस्टम 0.1 को स्वीकार ही नहीं करता। इस संबंध में आयोग ने चीफ इंजीनियर (आईटी), उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को निर्देश दिए हैं कि वे यह स्पष्ट करें कि सिस्टम ने 1 के स्थान पर 0.1 को क्यों स्वीकार किया और इस त्रुटि को दूर करने के लिए क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं या प्रस्तावित हैं।

आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि पूरे सिस्टम में एक ही क्वेरी के माध्यम से उन सभी बिलों की पहचान की जाए जिनमें मल्टीप्लाइंग फैक्टर एक से कम दर्ज हुआ है और ऐसे सभी मामलों में उपभोक्ताओं से किसी आवेदन की प्रतीक्षा किए बिना स्वतः सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट 25 मार्च 2026 तक आयोग की ई-मेल rtsc-hry@gov.in पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

मामले में राहत देते हुए आयोग ने कहा कि संबंधित उपभोक्ता आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से है। उपभोक्ता के परिवार का एक सदस्य गुजरात में प्रशिक्षु के रूप में कार्यरत है और लगभग 14 हजार रुपये प्रतिमाह कमाता है, इसलिए पूरा बकाया एकमुश्त देना संभव नहीं है।

आयोग ने अपने पूर्व आदेशों का उल्लेख करते हुए गलत या औसत बिलिंग के मामलों में निर्धारित मुआवजा नीति के अनुसार निर्णय सुनाया। आयोग के अनुसार 6 माह तक की गलत बिलिंग के मामलों में आवश्यकता अनुसार मुआवजा दिया जाएगा, जबकि 6 माह से अधिक की अवधि के लिए मुआवजा इस प्रकार निर्धारित है। 1 वर्ष तक की अवधि के लिए प्रति गलत बिलिंग 200 रुपये, 2 वर्ष तक की अवधि के लिए प्रति गलत बिलिंग 300 रुपये तथा 2 वर्ष से अधिक की अवधि के लिए प्रति गलत बिलिंग 500 रुपये मुआवजा दिया जाएगा।

इसी आधार पर आयोग ने सितंबर 2022 से जनवरी 2026 तक लगभग 20 बिलिंग चक्रों के लिए उपभोक्ता को प्रति बिलिंग चक्र 500 रुपये के हिसाब से मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। यह राशि उपभोक्ता के बिजली बिल में क्रेडिट की जाएगी। शेष बकाया राशि उपभोक्ता दो समान किस्तों में जमा कर सकेगा, जिसकी अनुमति संबंधित एसडीओ द्वारा दी जाएगी।

आयोग ने यह भी कहा कि गलत मल्टीप्लाइंग फैक्टर दर्ज करने के लिए संबंधित जूनियर इंजीनियर जिम्मेदार था, जिसका अब निधन हो चुका है। उपभोक्ता क्लर्क और कंज्यूमर असिस्टेंट द्वारा भी लंबे समय तक इस त्रुटि का पता नहीं लगाया जा सका। हालांकि कार्यभार को देखते हुए आयोग ने उन पर दंड लगाने से परहेज किया है और उपभोक्ता को मुआवजा दिए जाने के बाद मामले को समाप्त करने का निर्णय लिया है।

इसी प्रकार हिसार जिले से जुड़े एक अन्य मामले में आयोग ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के अधिकारियों द्वारा सोलर मीटर की रीडिंग सिस्टम में गलत दर्ज किए जाने के कारण उपभोक्ता को हुई असुविधा और उत्पीड़न पर संज्ञान लिया। आयोग ने कहा कि मामले में आवश्यक राहत तो प्रदान कर दी गई थी, लेकिन निगम के अधिकारी द्वारा सोलर मीटर की रीडिंग दर्ज करते समय हुई गलती के कारण उपभोक्ता को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा।

सुनवाई के दौरान बताया गया कि यह प्रविष्टि संबंधित जूनियर इंजीनियर द्वारा की गई थी, जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। हालांकि यह गलती निगम की ओर से हुई थी, इसलिए आयोग ने हरियाणा राइट टू सर्विस अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(ह) के तहत उपभोक्ता को 1,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
March 13, 2026

सरकार की प्रदेश की जनता को ज्यादा से ज्यादा सुविधा देना है, प्राथमिकता, संसाधनों के बेहतर उपयोग पर है जोर- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

सरकार की प्रदेश की जनता को ज्यादा से ज्यादा सुविधा देना है, प्राथमिकता, संसाधनों के बेहतर उपयोग पर है जोर- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने बिजली के पोलों की सड़क से उचित दूरी सुनिश्चित करने और खराब पोल हटाने के दिए निर्देश

सड़क सुरक्षा को पुख्ता करना सरकार का ध्येय

मुख्यमंत्री ने विभागों को आपसी तालमेल से योजनाएं शीघ्र लागू करने के दिए दिशा-निर्देश
चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रमुख प्राथमिकता आमजन को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर व प्रभावी ढंग से उपयोग सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश कि वे जनहित को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को तेजी से लागू करें।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिविल सचिवालय में अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने पीडब्यूडी व बिजली निगम में बिजली की तारों व पोलों से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के किनारे लगाए जाने वाले बिजली के पोलों की उचित दूरी सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वाहनों की आवाजाही सुचारु रूप से बनी रहे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली निगम पक्की सड़कों से कम से कम तीन फीट की दूरी पर ही पोल लगाए, जिससे सड़क पर चलने वाले वाहनों को पर्याप्त जगह मिल सके और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के किनारे लगे खराब, जर्जर या अनुपयोगी बिजली के पोलों को तुरंत हटाया जाए। इसके साथ ही ऐसे पोलों का पूरा स्टॉक रिकॉर्ड तैयार किया जाए, ताकि संसाधनों का सही प्रबंधन हो सके।

उन्होंने कहा कि जो पोल किसी कारणवश स्थानांतरित किए गए हैं, उन्हें बेकार न छोड़ते हुए दोबारा उपयोग में लाया जाए। इससे एक ओर जहां सरकारी संसाधनों की बचत होगी, वहीं कार्यों में भी तेजी आएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जनता की भलाई के लिए अनेक योजनाएं और परियोजनाएं शुरू की जाती हैं, लेकिन उनका वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। इसलिए सभी विभागों को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जा सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आमजन के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाना है। इसलिए प्रत्येक विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही के साथ हो, जिससे प्रदेश के नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें और राज्य के समग्र विकास को नई गति मिले।

बैठक में पीडब्ल्यूडी मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण गुप्ता, लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
March 13, 2026

हरियाणा ने टीबी उन्मूलन में तेजी लाने के लिए अपनाई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक : डॉ. सुमिता मिश्रा

हरियाणा ने टीबी उन्मूलन में तेजी लाने के लिए अपनाई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक : डॉ. सुमिता मिश्रा
चंडीगढ़--  हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने पूरे राज्य में टीबी की पहचान, इलाज और भौगोलिक योजना को मज़बूत करने के लिए राष्ट्रीय प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित तीन टूल लागू किए हैं।
उन्होंने टीबी उन्मूलन में राज्य की तकनीकी पहलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में टीबी उन्मूलन के लिए एक सुव्यवस्थित तीन-स्तरीय एआई रणनीति लागू की गई है, जिसके तहत स्क्रीनिंग, मरीजों की निगरानी तथा भौगोलिक प्राथमिकता निर्धारण को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य ने फरवरी 2025 में तीन में से दो टूल Cough Against TB (CATB) और Vulnerability Mapping for Tuberculosis (VM-TB) — को चालू किया, जबकि तीसरा टूल, Prediction of Adverse TB Outcomes (PATO), अप्रैल 2023 से कार्यरत है। ये तीनों समाधान राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत केंद्रीय टीबी प्रभाग के सहयोग से विकसित और लागू किए गए हैं।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि CATB एक मोबाइल आधारित एप्लीकेशन है, जो खांसी की आवाज़ और लक्षणों का विश्लेषण कर संभावित पल्मोनरी टीबी के मामलों की स्क्रीनिंग करता है। यह एप्लीकेशन इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना भी काम कर सकता है और सामुदायिक स्तर तथा स्वास्थ्य संस्थानों दोनों में उपयोगी है। इससे फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को त्वरित, विश्वसनीय और सुसंगत निर्णय लेने में सहायता मिलती है। इससे उन लोगों की भी जल्द पहचान हो पाती है, जिनमें टीबी के स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते।
उन्होंने बताया कि इस एप्लीकेशन के शुरू होने के बाद अब तक 711 व्यक्तियों को इसमें शामिल किया गया है, 2,654 फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है, 1,119 स्वास्थ्य कर्मी प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हुए हैं, जबकि 609 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में 140 संभावित टीबी मामलों की पहचान कर उन्हें आगे की जांच के लिए चिह्नित किया गया है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि PATO टूल  यह राष्ट्रीय 'निक्षय' (Ni-kshay) पोर्टल से नियमित रूप से एकत्र किए गए मरीज़ों के डेटा का उपयोग करता है। इसके ज़रिए, इलाज शुरू करते समय ही उन मरीज़ों की पहचान की जाती है, जिनके इलाज बीच में छोड़ने या मृत्यु होने का जोखिम अधिक होता है। ऐसे लोगों को पहले से ही चिह्नित करके, यह टूल स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को उन पर कड़ी निगरानी रखने, उन्हें लक्षित सहायता देने और समय पर हस्तक्षेप करने में सक्षम बनाता है। इससे इलाज का पालन सुनिश्चित होता है और दवा-प्रतिरोधी टीबी (Drug-resistant TB) का जोखिम कम होता है। अप्रैल 2023 से अब तक हरियाणा में इस टूल के माध्यम से 18,591 उच्च जोखिम वाले मरीजों की पहचान की जा चुकी है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि VM-TB एक एडवांस्ड AI-आधारित जियोस्पेशियल एनालिटिक्स टूल है। यह नोटिफाइड TB मामलों के साथ-साथ 20 से ज़्यादा जियोस्पेशियल और स्वास्थ्य-निर्धारक संकेतकों का विश्लेषण करता है, ताकि उन गाँवों और शहरी वार्डों की पहचान की जा सके जहाँ TB का खतरा ज़्यादा है। राष्ट्रीय Ni-kshay पोर्टल से जुड़ा यह टूल वल्नरेबिलिटी स्कोर जेनरेट करता है, जो जगहों को हाई, मीडियम और लो रिस्क ज़ोन में बाँटता है।
इससे जिला और राज्य स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट रूप से यह देखने में मदद मिलती है कि किन क्षेत्रों में जोखिम अधिक है और वहां लक्षित स्क्रीनिंग तथा जागरूकता गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा सकती है। इस टूल का इस्तेमाल करके, पूरे राज्य में 2,111 हाई-रिस्क वाले गाँवों की पहचान की गई है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों को लक्षित 'एक्टिव केस फाइंडिंग' के प्रयासों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने में मदद मिली है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि  मौजूदा कार्यक्रम ढाँचों में एडवांस्ड एनालिटिक्स को शामिल करके, राज्य अपनी कार्यक्षमता बढ़ा रहा है, फ्रंटलाइन पर फ़ैसले लेने की प्रक्रिया को मज़बूत कर रहा है, और 'TB-मुक्त हरियाणा' की दिशा में प्रगति को तेज़ कर रहा है। उन्होंने बताया कि हरियाणा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि TB की देखभाल समय पर, लक्षित और सभी के लिए सुलभ हो।
March 13, 2026

ट्रैक्टर सब्सिडी योजना की तिथि बढ़ाई गई, अब 17 मार्च तक पूरी करनी होगी ऑनलाइन प्रक्रिया

ट्रैक्टर सब्सिडी योजना की तिथि बढ़ाई गई, अब 17 मार्च तक पूरी करनी होगी ऑनलाइन प्रक्रिया

 चंडीगढ़ — हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने राज्य योजना (SB-89) के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को 45 एचपी या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर पर दी जाने वाली सब्सिडी योजना के लिए निर्धारित समय-सारिणी को संशोधित करते हुए तिथियों में बढ़ोतरी कर दी है।

 विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के क्रियान्वयन के दौरान किसानों की ओर से पोर्टल पर परमिट डाउनलोड करने, ट्रैक्टर खरीद के बाद बिल अपलोड करने, निर्माताओं द्वारा बिलों की स्वीकृति तथा निर्माताओं से डीलरों को इन्वेंटरी ट्रांसफर से संबंधित कुछ तकनीकी समस्याओं के बारे में अनेक अनुरोध प्राप्त हुए थे। इन समस्याओं के कारण पात्र किसानों के योजना के लाभ से वंचित रहने की संभावना को देखते हुए विभाग ने समय-सारिणी में संशोधन करते हुए तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है।

 प्रवक्ता ने बताया कि संशोधित समय-सारिणी के अनुसार किसान और निर्माता अब 17 मार्च 2026 तक पोर्टल पर सभी ऑनलाइन प्रक्रियाएं पूरी कर सकेंगे। इनमें परमिट डाउनलोड करना, ट्रैक्टर खरीदना, बिल अपलोड करना तथा निर्माताओं द्वारा इन्वेंटरी ट्रांसफर और बिलों की स्वीकृति शामिल है।

उन्होंने बताया कि मौके पर सत्यापन के लिए एक दिवसीय कार्यक्रम 20 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा, जबकि उपनिदेशक कृषि द्वारा सब्सिडी से संबंधित सत्यापन और पोर्टल पर अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया 24 मार्च 2026 तक पूरी की जाएगी।

प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में किसानों, ट्रैक्टर निर्माताओं और डीलरों को योजना की जानकारी देने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र किसान योजना का अधिक से अधिक लाभ उठा सकें।
March 13, 2026

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह ने पंचकूला में तीन दिवसीय 38वें वसंत उत्सव का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह ने पंचकूला में तीन दिवसीय 38वें वसंत उत्सव का किया शुभारंभ

37 वर्षों में पहली बार वसंत उत्सव का आयोजन सूरजकुंड मेले की तर्ज पर किया जा रहा है

वसंत उत्सव हमारी संस्कृति, प्रकृति प्रेम व सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव-मुख्यमंत्री

हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए कर रही है निरंतर कार्य
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार सेक्टर-5 स्थित टाउन पार्क में तीन दिवसीय 38वें वसंत उत्सव का शुभारंभ किया। 37 वर्षों में पहली बार इस उत्सव का आयोजन सूरजकुंड मेले की तर्ज पर किया जा रहा है। इसके साथ ही, रखरखाव के लिए साल भर से बंद एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन भी जनता के लिए खोला गया है।

इससे पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का कार्यक्रम में पंहुचने पर परंपरागत पगड़ी बांध कर व ढोल नगाड़ो और वाद्ययंत्रों से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने वसंत उत्सव में फूलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कट फ्लावर, ड्राई फ्लावर और फ्रेस फ्लावर सैक्शन में फूलों की विभिन्न किस्मों में गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों के स्टॉलों का भी अवलोकन किया।
इस आयोजन ने पंचकूला की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है

कार्यक्रम को मुख्यतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वसंत उत्सव हमारी संस्कृति, प्रकृति प्रेम व सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है। यह उत्सव पूरे प्रदेश के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंचकूला हरियाणा का एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर है। यह नगर प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और सुव्यवस्थित विकास का अद्भुत उदाहरण है। यहां आधुनिकता और परंपरा का सुंदर संगम दिखाई देता है और आज के इस आयोजन ने इस शहर की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है।
वसंत उत्सव में विभिन्न प्रतियोगिताओं से बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता विकसित होगी

उन्होंने कहा कि इस उत्सव को आकर्षक बनाने के लिए पुष्प सज्जा, कट फ्लावर, रंगोली प्रतियोगिता, चित्रकला, पॉट पेंटिंग, फेस पेंटिंग और टैटू प्रतियोगिता, पर्यावरण क्विज, मेहंदी प्रतियोगिता एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इन सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी बधाई दी और कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से न केवल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा बल्कि बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता भी विकसित होगी।
वसंत उत्सव हमें जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का ऐसा देश है, जहां प्रकृति ने हमें अनेक ऋतुओं का वरदान दिया है। हर ऋतु अपने साथ एक नई अनुभूति और नई ऊर्जा लेकर आती है। हमारे देश की संस्कृति भी ऋतुओं के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। इसलिए हर ऋतु के आगमन पर कोई न कोई पर्व या उत्सव मनाया जाता है। वसंत उत्सव हमें जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है। यह उत्सव हमें सिखाता है कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है और सकारात्मक परिवर्तन ही प्रगति की ओर ले जाता है।
प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन का प्रावधान

पर्यावरण से जुड़े विषयों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल प्रकृति के संरक्षण से ही संभव है। हरियाणा सरकार भी पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन देने का प्रावधान किया हुआ है। अब तक 3,819 पेड़ों की पहचान करके उनके अभिरक्षकों को 2 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि पेंशन के रूप में दी गई है। इनके अलावा 1,541 अतिरिक्त पेड़ों की पहचान की गई है।
प्रदेश में 20 ऑक्सीवन स्थापित किए गये हैं

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में ’ऑक्सीवन’ विकसित करने की पहल भी शुरू की है। अब तक प्रदेश में 20 ऑक्सीवन स्थापित किए गये हैं। इसके तहत 5 से 100 एकड़ भूमि पर पेड़ लगाए जाते हैं। पंचकूला के बीड़ घग्गर तथा करनाल में पुरानी बादशाही नहर पर ऑक्सीवन का कार्य प्रगति पर है। इसमें अनेक दुर्लभ और औषधीय गुणों वाले पेड़ लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा।
हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से जोड़ रही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से भी जोड़ रही है। इसी दिशा में गुरुग्राम के अरावली क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। यह परियोजना न केवल वन्य जीवों के संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी।

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में शामिल किए गए अनेक प्रावधान
वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में शामिल किए गए अनेक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वृक्ष आवरण बढ़ाने और प्लाईवुड उद्योगों को और समर्थन देने के लिए हरियाणा राज्य एग्रो फोरेस्ट्री पॉलिसी लागू की जाएगी। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पंचायत भूमि और सार्वजनिक भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधा रोपण अभियान चलाया जाएगा और पवित्र उपवन संरक्षण के लिए सभी पवित्र उपवन को अधिसूचित किया जाएगा। इसके अलावा गांव हसनपुर, करनाल में वन विभाग की 100 एकड़ भूमि में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से एक डियर पार्क बनाया जाएगा।
वसंत उत्सव आने वाले वर्षों में अपनी अलग पहचान बनाएगा

 इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने लोगों से आह्वान किया कि सब मिलकर इस उत्सव को जीवन के एक नए  दृष्टिकोण के रूप में अपनाएं और यह संकल्प लें कि हम अपने पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंचकूला का यह वसंत उत्सव आने वाले वर्षों में और अधिक भव्य रूप लेगा और पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
वसंत उत्सव जैसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्पों को मंच मिलता है और पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है- श्री के. मकरंद पांडुरंग

इससे पूर्व अपने स्वागतीय भाषण में पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री के. मकरंद पांडुरंग ने उपस्थित सभी को वसंत उत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह वसंत में पुरानी पत्तियां गिरती है और नए अंकुर फूटते है उसी तरह मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा आधुनिकता और प्रगति की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज का यह वातावरण हमें याद दिलाता है कि विकास तभी सार्थक है जब उसमें हमारी संस्कृति और आपसी भाईचारे के रंग घुले हो। ऐसे आयोजनों से जहां एक ओर हमारे स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्पों को मंच मिलता है वहीं दूसरी ओर यह पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करता है।

कार्यक्रम के दौरान जाने माने शहनाई वादक पंडित लोकश आनंद के निर्देशन में संगीतमयी प्रस्तुति दी गई। इसके अलावा एक भारत श्रेष्ठ भारत थीम पर विभिन्न प्रदेशों के सांस्कृतिक नृत्यों के संगम का बेहतरीन प्रदर्शन किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। मुख्यमंत्री ने भी कलाकारों के साथ समूह चित्र देकर कलाकारों का हौंसला बढ़ाया।
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया, युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश देवी नगर, उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त श्रीमती सृष्टि गुप्ता, अन्य गणमान्य व्यक्ति सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
March 13, 2026

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य

अफवाहों से बचने की अपील, कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रही युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण घरेलू एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित होने की जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और लगातार रूप से जारी है।

मुख्यमंत्री ने इस संबंध में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रदेश में ईंधन और गैस की उपलब्धता की समीक्षा की। बैठक में तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा गैस की आपूर्ति लगातार प्राप्त हो रही है।

 उन्होंने बताया कि कामर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों तथा अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्था की गई है। इसके अलावा तेल कंपनियां शेष आपूर्ति को भी पूरी तरह सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की चोरी, कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिलने पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और अनावश्यक घबराहट या ईंधन तथा गैस का अतिरिक्त भंडारण करने से बचें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और हर घर तक घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Thursday, March 12, 2026

March 12, 2026

पलवल अनाज मंडी में स्वच्छता अभियान को मिली नई गति, खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने 250 कूड़ेदान किए वितरित

स्वच्छता सरकार की जिम्मेदारी के साथ-साथ समाज के हर नागरिक का भी है नैतिक कर्तव्य-खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम

पलवल अनाज मंडी में स्वच्छता अभियान को मिली नई गति, खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने 250 कूड़ेदान किए वितरित
चंडीगढ़ - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रदेश के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने आज पलवल स्थित अनाज मंडी में आयोजित स्वच्छता अभियान के अंतर्गत कूड़ेदान वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर लगभग 250 कूड़ेदान वितरित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य बाजार क्षेत्र को स्वच्छ, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।

खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने अनाज मंडी के दुकानदारों और आढ़तियों को कूड़ेदान वितरित करते हुए उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सरकार की जिम्मेदारी के साथ-साथ समाज के हर नागरिक का भी नैतिक कर्तव्य है। यदि सभी लोग मिलकर अपने आसपास सफाई बनाए रखने का संकल्प लें, तो शहरों और बाजारों को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अनाज मंडी और सब्जी मंडी किसी भी शहर की आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र होती हैं। यहां रोजाना हजारों लोग खरीदारी के लिए आते हैं, इसलिए इन स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय कूड़ेदान में डालें और अपने ग्राहकों को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित करें।

खेल राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार प्रदेश में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नगर निकायों के माध्यम से बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और आवासीय क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। स्वच्छता अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्वच्छ वातावरण न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है, बल्कि इससे शहर की छवि भी बेहतर बनती है। स्वच्छ और व्यवस्थित बाजारों में लोगों का विश्वास बढ़ता है और व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है। 

उन्होंने कहा कि यदि मंडी के सभी व्यापारी और कर्मचारी मिलकर सफाई का ध्यान रखें, तो यह स्थान पूरे जिले के लिए एक आदर्श उदाहरण बन सकता है।

उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने घर, बाजार और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि पलवल को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाया जा सके।

इस मौके पर एसडीएम ज्योति, डीएमसी मनीषा शर्मा व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
March 12, 2026

एचसीएस अधिकारियों की एपीआर अब ऑनलाइन दर्ज होगी

एचसीएस अधिकारियों की एपीआर अब ऑनलाइन दर्ज होगी

https://intrahry.gov.in/?fbclid=IwdGRjcAQfrFhjbGNrBB-sOGV4dG4DYWVtAjExAHNydGMGYXBwX2lkDDM1MDY4NTUzMTcyOAABHmeaa8hjEfYLcurT102EyB3AQ4KhmvnH0gogb1SnACefO9o2zbs-x52ezlTM_aem_Egj62_uVobAquXhpOvX9-w

चंडीगढ़ - हरियाणा सरकार ने सभी विभागों को हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के अधिकारियों की वर्ष 2025–26 की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (पीएआर) राज्य के इंट्रानेट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में जारी एक पत्र के अनुसार एचसीएस अधिकारियों की पीएआर वेबसाइट http://intrahry.gov.in पर ऑनलाइन दर्ज की जाएगी और इसे 31 दिसंबर, 2026 तक अंतिम रूप देना अनिवार्य होगा।

सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों तथा बोर्डों और निगमों के प्रमुखों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

पत्र के अनुसार, अधिकारी एचआरएमएस पोर्टल पर उपलब्ध अपने पेयी कोड और पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन कर सकेंगे। सत्यापन के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) अथवा स्कैन किए गए हस्ताक्षर अपलोड कर भी प्रमाणीकरण किया जा सकेगा।

अधिकारियों को 31 मई तक अपना स्व-मूल्यांकन प्रस्तुत करना होगा। रिपोर्टिंग प्राधिकारी को 31 जुलाई तक मूल्यांकन पूरा करना होगा। रिव्यूइंग प्राधिकारी को 30 सितंबर तक समीक्षा करनी होगी, जबकि स्वीकार करने वाले प्राधिकारी द्वारा 31 दिसंबर, 2026 तक रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।

40 वर्ष से अधिक आयु के एचसीएस अधिकारियों के लिए स्वास्थ्य जांच अनिवार्य की गई है और स्व-मूल्यांकन के साथ मेडिकल रिपोर्ट का सारांश भी अपलोड करना होगा।

पत्र के अनुसार कार्य निष्पादन का मूल्यांकन 1 से 10 के पैमाने पर संख्यात्मक ग्रेडिंग प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इसमें कार्य निष्पादन, व्यक्तिगत गुणों तथा कार्यात्मक दक्षताओं को शामिल किया जाएगा।

ऑनलाइन प्रणाली में यह व्यवस्था भी की गई है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित प्राधिकारी द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है तो रिपोर्ट स्वतः अगले स्तर पर अग्रेषित हो जाएगी, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
March 12, 2026

डॉ० पवन कुमार ने संभाला तीसरी बार बोर्ड अध्यक्ष का कार्यभार

डॉ० पवन कुमार ने संभाला तीसरी बार बोर्ड अध्यक्ष का कार्यभार

- अध्यक्ष नियुक्त करने पर माननीय मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का जताया हार्दिक आभार

- नई शिक्षा नीति पर सक्रिय रूप से कार्य कर शिक्षा प्रणाली को आधुनिक,लचीला और समावेशी बनाया जाएगा
भिवानी : डॉ० पवन कुमार ने तीसरी बार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष के पद पर कार्य ग्रहण कर लिया है। अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए डॉ० पवन कुमार ने माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी एवं माननीय शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन पर जो विश्वास जताया है वह उसे सार्थक सिद्ध करेंगे तथा बोर्ड उपाध्यक्ष, बोर्ड सचिव व अधिकारियों के साथ मिलकर बोर्ड को और उच्च मुकाम पर ले जाएंगे। इस अवसर पर बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों, शिक्षा जगत से जुडे विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व शिक्षाविदों ने बोर्ड अध्यक्ष डॉ० पवन कुमार का फूल-मालाओं से स्वागत किया। बोर्ड अध्यक्ष डॉ० पवन कुमार ने बोर्ड की लॉबी में स्थापित माँ सरस्वती की पूजा अर्चना करने उपरांत कार्यग्रहण किया।
उन्होंने आज यहाँ शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष पद पर पुन: कार्यभार ग्रहण करने उपरांत कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोको अभियान व बोर्ड की कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय सुधार लाने के अथक प्रयास किए जाएंगे। शैक्षिक क्षेत्र में अभूतपूर्व दीर्घकालीन अनुभवों के चलते हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ० पवन कुमार ने कहा कि प्रदेश की शैक्षिक क्षेत्र में बहुआयामी व सार्थक सुधार लाकर इसका स्तर और ऊँचा उठाएंगें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा-परीक्षा में गुणात्मक सुधार, परीक्षाओं में नकल पर पूर्ण अंकुश लगाने तथा शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली को ओर अधिक उत्तरदायी, त्वरित, पारदर्शी व विद्यार्थियों/शिक्षकों के लिए संतुष्टिपूर्ण बनाने के लिए सतत व सार्थक प्रयास जारी रहेंगे।
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में बोर्ड की परीक्षाएं सुचारू रूप से चल रही है और जो भी नकल से संबंधित मामले हमारे सामने आ रहे हैं उन पर बोर्ड तुरन्त प्रभाव से कड़ी कार्रवाई कर रहा है। वर्तमान में चल रही परीक्षाओंं में कुछ जगहों पर जहां भी नकल के मामले सामने आ रहे हैं, आरोपी लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करवाई जा रही है, इसके अलावा संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए लिखा जा रहा है। शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं को पूर्णतया नकल रहित संचालित करवाना है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार की नई शिक्षा नीति पर सक्रिय रूप से कार्य करते हुए शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, लचीला और समावेशी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिक्षार्थियों के भविष्य को सशक्त बनाने के लिए तकनीकी कौशल शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा।
March 12, 2026

प्रदेश में 100 स्वास्थ्य संस्थान बने फर्स्ट रेफरल यूनिट : आरती सिंह राव

प्रदेश में 100 स्वास्थ्य संस्थान बने फर्स्ट रेफरल यूनिट : आरती सिंह राव

-एफआरयू के सुदृढ़ होने से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा

- पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार होगा।
चंडीगढ़ - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार ने नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत प्रदेश में द्वितीयक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 100 स्वास्थ्य संस्थानों को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में नामित किया है। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर मामलों में मरीजों को त्वरित उपचार मिल सके।

उन्होंने बताया कि इन एफआरयू को 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने के लिए विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों पर प्रसूति सेवाएं, नवजात शिशु देखभाल तथा रक्त भंडारण जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे माताओं और नवजात शिशुओं से जुड़ी आपात स्थितियों में तुरंत और प्रभावी चिकित्सा सहायता मिल सकेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये फर्स्ट रेफरल यूनिट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और तृतीयक अस्पतालों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करेंगी। सरकार द्वारा इन केंद्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विशेषज्ञ चिकित्सा स्टाफ की तैनाती करने और रेफरल व्यवस्था को तेज व प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

उन्होंने आगे कहा कि इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य हरियाणा में मातृ और नवजात मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाना है। इन एफआरयू के सुदृढ़ होने से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा, जिससे पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार होगा।

प्रदेश में जिन 100 स्वास्थ्य संस्थानों को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में नामित किया है उनमें अंबाला जिला के 5 संस्थान हैं। इनके अलावा, भिवानी के 4, चरखी दादरी के 2, फरीदाबाद के 5, फतेहाबाद के भी 5, गुरुग्राम के 4, हिसार के 5, झज्जर के 6, जींद के 6, कैथल के 4, करनाल के 6, कुरुक्षेत्र के 5, महेंद्रगढ़ के 4, नूंह के 5, पलवल के 4, पंचकूला के 4, पानीपत के 4, रेवाड़ी के 4, रोहतक के 4, सिरसा के 5, सोनीपत के 5 तथा यमुनानगर जिला के 4 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को एफआरयू के तौर पर नामित किया गया है।
March 12, 2026

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