Wednesday, March 18, 2026
पॉलीक्लिनिक भवन, सैक्टर-2, फरीदाबाद के निर्माण का कार्य लगभग 80 प्रतिशत किया जा चुका है : कृष्ण बेदी
सैकेण्डरी की 25 मार्च एवं सीनियर सैकेण्डरी की 30 व 31 मार्च को संचालित होगी रद्द हुए विषयों की पुन: परीक्षा -बोर्ड अध्यक्ष
2500 से अधिक ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों पर सर्वे का कार्य जारी, जल्द मिलेंगे पात्र लाभार्थियों को प्लॉट — कृष्ण लाल पंवार
नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को पढऩा होगा एक अतिरिक्त अनिवार्य विषय
अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने प्राकृतिक खेती को समय की मांग बताया
डीआईजी वीरेंद्र विज, आईपीएस (RTC भोंडसी, गुरुग्राम) की अध्यक्षता में फतेहाबाद में उच्चस्तरीय अपराध गोष्ठी आयोजित
फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के मामले में हथियार सहित दो आरोपी गिरफ्तार
ईआरएसएस-112 संचार अधिकारियों हेतु मानसिक स्वास्थ्य संकट प्रबंधन पर प्रशिक्षण आयोजित
विद्यार्थी सकारात्मक सोच, संतुलित दिनचर्या और स्वस्थ संवाद अपनाएं : प्रो दीप्ति हुड्डा
होडल निर्वाचन क्षेत्र के कुछ गांवों में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए गए हैं : श्रुति चौधरी
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प्राकृतिक खेती मानव कल्याण का विषय, दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपनाने की आवश्यकता : आचार्य देवव्रत
प्रदेश की जनता चाहती थी इनेलो को इस चुनाव से दूरी बनानी चाहिए, इसलिए हमने जनता के हित में लिया ये ऐतिहासिक फैसला: चौधरी अभय सिंह चौटाला
एमएसएमई पोर्टल की कार्यप्रणाली पर सुधार के निर्देश, दो वर्ष की देरी पर 10 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश
एमएसएमई पोर्टल की कार्यप्रणाली पर सुधार के निर्देश, दो वर्ष की देरी पर 10 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश
चंडीगढ़ — हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने एमएसएमई निदेशालय द्वारा संचालित ऑनलाइन पोर्टल की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता जताते हुए विभाग को सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए थे, जिन पर निरंतर सुधार की अपेक्षा की गई थी।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि वर्ष 2025 में पारित आदेशों में भी यह उल्लेख किया गया था कि हरियाणा सरकार का एक प्रमुख विभाग उद्योगपतियों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए सही सॉफ्टवेयर तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। बताया गया कि निजी कंपनी के माध्यम से तैयार किए गए इस पोर्टल पर लाखों रुपये खर्च किए गए, इसके बावजूद स्वीकृत मामलों की जानकारी संबंधित अधिकारियों के लॉगिन में दिखाई नहीं देती, जिससे भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होती है और आवेदकों को विभिन्न कार्यालयों और आयोग के पास जाना पड़ता है।
आयोग ने कहा कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। शिकायतकर्ता को सितंबर 2023 में पुनः खोले गए आवेदनों का लाभ अंततः वर्ष 2026 में प्राप्त हुआ। जबकि अधिसूचित सेवा के तहत इस प्रकार के मामलों का निपटारा 45 दिनों की निर्धारित समय-सीमा में किया जाना चाहिए। दो वर्ष से अधिक की देरी सेवा अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत है।
आयोग ने यह भी कहा कि पोर्टल की तकनीकी समस्याओं, नए पोर्टल में माइग्रेशन तथा डैशबोर्ड पर मामलों के दिखाई न देने जैसी दलीलों को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया जा सकता। विभाग पर यह जिम्मेदारी है कि वह प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि किसी भी वास्तविक आवेदक को वर्षों तक प्रतीक्षा न करनी पड़े। ऐसी घटनाएं न केवल आवेदकों को कठिनाई में डालती हैं, बल्कि सेवा वितरण प्रणाली और राज्य के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ वातावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।
मामले में सेवा वितरण में हुई देरी को पूरी तरह अनुचित मानते हुए आयोग ने अधिनियम की धारा 17(1)(ह) के तहत महानिदेशक, एमएसएमई को निर्देश दिए हैं कि शिकायतकर्ता को दोनों मामलों में 5,000-5,000 रुपये, कुल 10,000 रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि महानिदेशक इस राशि की वसूली उस अधिकारी या संबंधित इकाई से कर सकते हैं जिसे सेवा में देरी के लिए जिम्मेदार पाया जाए।
आयोग ने महानिदेशक, एमएसएमई को निर्देश दिए हैं कि निजी कंपनी एम/एस वी-एक्सेल द्वारा विकसित पोर्टल की कार्यप्रणाली में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं तथा ऐसी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए जिससे किसी भी आवेदन के पोर्टल पर दिखाई न देने या तकनीकी कारणों से लंबित रहने की स्थिति उत्पन्न न हो। इस संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 15 अप्रैल 2026 तक आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग के इन आदेशों की प्रतिलिपि उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा के आयुक्त एवं सचिव को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। आयोग ने आदेश के साथ ही इस शिकायत का निपटारा कर दिया है।
एमडीयू के सेंटर फॉर मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी में विशेषज्ञ व्याख्यान, तनाव की निरंतर निगरानी पर नई तकनीक पर चर्चा
राज्य में घरेलू गैस की कोई किल्लत नहीं, नागरिक आश्वस्त रहें : राजेश नागर
राज्य में घरेलू गैस की कोई किल्लत नहीं, नागरिक आश्वस्त रहें : राजेश नागर
सरकार का ध्येय: उपभोक्ताओं को निर्विघ्न रूप से प्राप्त हो गैस सिलेंडर सप्लाई
चंडीगढ़ - हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है।
श्री नागर ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य भर में आयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा पिछले पांच दिनों में 14.2 किलो के कुल 226162 घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई की गई है। इस समय राज्य भर में बॉटलिंग प्लांट्स पर एलपीजी गैस सिलेंडर की कुल भंडार संख्या 1139787 है।
उन्होंने बताया कि राज्य भर में पिछले तीस दिनों में 19 किलो के कुल 1422 कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई की गई है। इस समय राज्य भर में बॉटलिंग प्लांट्स पर कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कुल भंडार संख्या 190088 है।
राज्यमंत्री श्री नागर ने कहा कि भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा 9 मार्च, 2026 को जारी एक महत्वपूर्ण पत्र में प्राथमिक क्षेत्रों के लिए घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति, उसके समुचित एवं समान वितरण तथा उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इन दिशा-निर्देशों के अनुपालन में हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।
वर्तमान में हरियाणा राज्य में पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है। प्रमुख तेल कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) एवं हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को सुनिश्चित की जा रही है। शेष वितरण को सामान्य करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, और शीघ्र ही स्थिति पूरी तरह नियंत्रित हो जाएगी।
राज्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्राथमिक उद्देश्य हर घर में रसोई गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाना और सुनिश्चित करना है कि वाहनों के इंजन सुचारू रूप से चलते रहें। केंद्र सरकार के सहयोग से हमने राज्य स्तर पर मजबूत वितरण नेटवर्क विकसित किया है, जिसमें 5,000 से अधिक वितरक शामिल हैं। इनके माध्यम से प्रतिदिन लाखों सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।
हरियाणा के विकास को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा
हरियाणा के विकास को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा
राष्ट्रीय आईआरसी सेमिनार के उद्घाटन के लिए दिया निमंत्रण, हरियाणा को प्रोजेक्ट्स देने पर भी हुई बात
चंडीगढ़- हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य में सड़क एवं आधारभूत ढांचे के विकास को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की।मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने केंद्रीय मंत्री को हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय आई.आर.सी (इंडियन रोड्स कांग्रेस) सेमिनार के उद्घाटन के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया। यह सेमिनार 27 व 28 मार्च, 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से सड़क सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ भाग लेंगे।
मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, सड़क नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण तथा आधुनिक परिवहन सुविधाओं के विकास के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे शहरीकरण और औद्योगिक विकास को देखते हुए आधारभूत ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकारात्मक बातचीत हुई, जिसमें हरियाणा की सड़कों एवं विभिन्न हाईवे परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा।
उन्होंने राज्य में चल रही एवं प्रस्तावित परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्र सरकार से विशेष अनुदान (स्पेशल ग्रांट) उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया, ताकि विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
श्री गंगवा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में देश में सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और सड़क सुरक्षा को लेकर भी कई प्रभावी पहल की गई हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से हरियाणा में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और प्रदेश को इसका व्यापक लाभ प्राप्त होगा।
लोकतंत्र का गला घोंटने का काम स्वयं कांग्रेस पार्टी कर रही — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
लोकतंत्र का गला घोंटने का काम स्वयं कांग्रेस पार्टी कर रही — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
कांग्रेस द्वारा लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाना उनकी कुंठा का परिचायक, जबकि लोकतंत्र की हत्या कांग्रेस के बयानों से हुई, इसके लिए माफी मांगनी चाहिएचंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटने का काम स्वयं कांग्रेस पार्टी कर रही है। कांग्रेस द्वारा लोकतंत्र की हत्या के आरोप लगाना उनकी कुंठा का परिचायक है, जबकि वास्तविकता यह है कि लोकतंत्र की हत्या उनके बयानों से हुई है और कांग्रेस को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में राज्यसभा चुनाव के संबंध में बोल रहे थे।
श्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि यह विषय सदन की चर्चा का हिस्सा नहीं है, लेकिन डॉ रघुबीर सिंह कादियान, जो सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं और वे विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, उन्होंने ये कहा कि तीसरे उम्मीदवार की क्या आवश्यकता थी। विधायक श्रीमती गीता भुक्कल ने मीडिया में यह बयान दिया कि सरकार के मंत्रियों ने हमारे विधायकों को खरीदा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरा उम्मीदवार हमारा नहीं था, वो तो आजाद उम्मीदवार थे और निर्दलीय सदस्यों द्वारा उन्हें चुनाव में खड़ा किया गया था। लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का अधिकार सभी को है। तीसरे आजाद उम्मीदवार हमारे पास वोट मांगने आए, वो तो कांग्रेस के पास भी गए वोट मांगने। जिनकी अंतरआत्मा जाग गई, उन्होंने उन्हें वोट किया। फिर इसमें किसी को क्या दिक्कत है।
किसी व्यापारी या दुकानदार को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है, दिक्कत किसी को है तो वो कांग्रेस को है — नायब सिंह सैनी
डिजिटल भुगतान से छोटे व्यापारियों को मिल रही नई मजबूती — मुख्यमंत्री
किसी व्यापारी या दुकानदार को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है, दिक्कत किसी को है तो वो कांग्रेस को है — नायब सिंह सैनी
प्रश्नकाल से गायब विपक्ष पर मुख्यमंत्री का कटाक्ष — अपने ही प्रश्नों के उत्तर सुनने सदन में नहीं आते विधायक
चंडीगढ़,— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष द्वारा ऑनलाइन खरीदारी की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण राज्य के छोटे दुकानदारों के व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के सवालों पर जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत विश्व में वह शक्ति बनकर उभरा है, जहां रेहड़ी—फड़ी वाले भी यूपीआई डिजिटल पेमेंट का उपयोग कर रहे हैं। किसी व्यापारी या दुकानदार को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। यदि दिक्कत किसी को है तो वो कांग्रेस को है।
मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्री बलवान सिंह दौलतपुरिया द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
विधायक द्वारा छोटे खुदरा व्यापारियों को समर्थन देने के लिए ऑनलाइन खरीदारी पर भारी कर लगाने के प्रस्ताव के सवाल पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष को तथ्यों की जानकारी ही नहीं है और वे जानकारी के अभाव में ऐसी बाते करते हैं।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कोरोना काल में भी किसी रेहड़ी—फड़ी वालों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने रेहड़ी—फड़ी वालों को बिना ब्याज के 10 हजार रुपये तक का लोन दिया था। व्यापारियों को कहीं किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो रही है, दिक्कत केवल कांग्रेस को हो रही है कि पैसा ऑनलाइन क्यों जा रहा है, सीधा आना चाहिए था।
प्रश्नकाल से गायब विपक्ष पर मुख्यमंत्री का कटाक्ष — अपने ही प्रश्नों के उत्तर सुनने सदन में नहीं आते विधायक
कांग्रेस के अधिकतर विधायकों द्वारा प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में उपस्थित न होने पर मुख्यमंत्री ने निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष इतना हताश और निराश हो गया है कि वे प्रश्न काल के दौरान अपने प्रश्न का जवाब सुनने के लिए भी सदन में नहीं आए हैं, तो वे प्रदेश की जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन में कैसे उठा पाएंगे।