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Friday, July 9, 2021

July 09, 2021

कृषि-किसानों के लिए CM खट्टर का बड़ा ऐलान, देखें क्या फैसला लिया?

कृषि-किसानों के लिए CM खट्टर का बड़ा ऐलान, देखें क्या फैसला लिया?

चंडीगढ़ : इस बार झमाझम मानसूनी बारिश में देरी हो रही है| गर्मी से बेहाल लोग आकाश की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं कि कब बदरा बरसेंगे| वहीं, सबसे ज्यादा दिक्कत ऐसे में किसानों को है धान की बुहाई का समय है और बारिश धोखा दे रही है| बरहाल, इस बीच हरियाणा सरकार ने अपने प्रदेश के किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए उन्हें बड़ी राहत दे दी है| सीएम खट्टर ने ऐलान किया है कि प्रदेश के किसानों को मानसूनी बारिश आने तक बिजली 8 घंटे की जगह 10 घंटे दी जाएगी| यानि अब रोजाना कृषि के लिए किसानों को दो घंटे अतरिक्त बिजली मिलेगी|
*गन्नौर में 550 एकड़ में सबसे बड़ी मंडी…..*
इधर, हरियाणा में गन्नौर में 550 एकड़ में सबसे बड़ी मंडी बनने जा रही है। प्रदेश कृषि मंत्री जे. पी. दलाल ने कहा कि हम हरियाणा के गन्नौर में 550 एकड़ में एशिया की सबसे बड़ी मंडी बनाने जा रहे हैं जिसमें हजारो करोड़ रुपये का पूंजी निवेश होगा। मंडियां समाप्त करने का एक दुष्प्रचार है। सवाल ही नहीं पैदा होता की कोई मंडी बंद हो जाए।

Friday, June 4, 2021

June 04, 2021

सरकार माने या ना माने लेकिन 2024 में किसानों को नहीं करना पड़ेगा आंदोलन-राकेश टिकैत

-सरकार माने या ना माने लेकिन 2024 में किसानों को नहीं करना पड़ेगा आंदोलन-राकेश टिकैत

-भाजपा वालों की आत्मा व जमीर दोनों मर चुके हैं-गुरनाम सिंह चढूनी

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के समझाने पर उझाना गांव के किसान ने समाप्त किया अपना तप



जींद /नरवाना ( संजय कुमार ) भारतीय जनता पार्टी को जो हाल पश्चिम बंगाल में हुआ वहीं हाल उत्तर प्रदेश भी होगा। क्योंकि जब चुनाव होगा तो किसान प्रत्यासियों के पास जाएगें। जो प्रत्यासी सरकार के पक्ष में रहेगा वो किसान व मजदूरों से जाएगा और किसानों के पक्ष में होगा किसान आंदोलन की ताकत उसके साथ होगी। इसलिए जिस भी पार्टी के घोषणा पत्र में तीनों नए कृषि कानूनों को सही ठहराया जाएगा, किसान उसका सुपड़ा साफ करने का काम करेगें। यह चेतावनी संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने उझाना गांव में आयोजित सम्मान समारोह के  दौरान दी। उन्होंने कहा कि जो नेता हमसे डरे हुए हैं। हमें उनके पिछे नहीं भागना है। लेकिन जब वे अपनी राजनीति चमकाने का काम करें तो उसका विरोध भी जरूरी है। टिकैत ने कहा कि यूपी के पंचायतों के चुनाव में जो हाल भाजपा वालों का हुआ है। उससे भी बुरा हाल विधानसभा चुनाव में होगा। इसके लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने रणनीति तैयार कर ली है। उन्होंने कहा कि रहीं आंदोलन की सफलता की बात तो किसान सफल होने तक आंदोलन करेगें और हमें विश्वास है कि 2024 के बाद किसान आंदोलन नहीं करेगें, क्योंकि तब तक तीनों नए कृषि कानून रद्द होगें और एमएसपी पर गांरटी कानून बनकर तैयार हो जाएगा। गौरतलब है कि उझाना गांव में पिछले 6 दिनों से आग के दूनों के बीच बैठकर तप रहा था। जिसे मनाने संयुक्त किसान मार्चा के सदस्य उझाना गांव में पहुंचे थे और किसान नेताओं ने तपस्वी किसान को मना भी लिया। इसके बाद रामभज के हौंसले की मिशाल दी और उन्हे पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इससे पहले तपस्वी किसान को कंधों पर बैठाकर तप स्थल से मंच तक लाया गया। किसान रामभज ने कहा कि हम किसान शांति से आंदोलन चला रहे हैं लेकिन सरकार हमें कदम कदम पर तंग करती है। जिससे तंग आकर उसने तप शुरू किया था। लेकिन किसान आंदोलन के चलते संयुक्त किसान मोर्चा के आदेश का पालन करना मेरे के लिए सर्वोपरी है। इस मौके पर उझाना खाप के पदाधिकारियों सहित आसपास गांवों के लोग उपस्थित रहे। किसान नेता सत्यवान नैन, आजाद पालवां, सिक्किम, राजेश अम्बरसर सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। उझाना गांव के लोगों द्वारा समारोह में पहुंचे सभी नेताओं को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।

-हरियाणा निभा रहा छोटे भाई की भूमिका- दलेवल

आंदोलन में हरियाणा निभा रहा है छोटे भाई की जिम्मेदारी:-किसान नेता जगजीत दलेवाल ने कहा कि किसान आंदोलन जब पंजाब से शुरू हुआ तो हरियाणा के रास्ते दिल्ली की तरफ बढा तो पंजाब व दिल्ली के बीच बसे हरियाणा के किसान मजदूरों ने पंजाब के छोटे भाई जिम्मेदारी निभाते हुए पंजाब के साथ दिल्ली कूच किया और रास्ते में आने वाली हर बाधा को हटाने का काम किया। दलेवाल ने कहा कि हरियाणा के लोग गुस्से में जल्दी आते हैं। इसिलिए नेता जानबूझ हरियाणा के किसानों इलाकों में आकर किसानों को उकसाते हैं। लेकिन हमें धैर्य नहीं खोना है क्योंकि हमारी गुस्से का फायदा सरकार उठा सकती है। इसलिए जिस तरह 6 महिने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चला आगे भी इसी प्रकार चलाते रहें।

-भाजपा का जमीर व आत्मा मर चुकी है- गुरनाम सिंह चढूनी 

 किसान आंदोलन के चलते हमारे 100-100 साल के बुजुर्गों पर सरकार द्वारा लाठियां बरसाकर उन्हे लहुलुहान किया जा रहा है। जिससे साफ हो जाता है कि भाजपा की आत्मा व जमीर दोनों मर चुके हैं। लेकिन हमारे बुजुर्गों का इतना हौंसला है कि वे सरकार को अपने लठ से जवाब दे सकती है। लेकिन आंदोलन के अनुशासन के लिए किसान सरकार की लाठियां खाने के लिए भी तैयार है और सरकार को भी ये पता चल चुका है कि किसान लाठी से डरने वाला नहीं है। इसे किसी दूसरी चाल से तोड़ा जाए। चूढनी ने कहा कि सरकार के हर हथकंडे को हमें समझना पड़ेगा और उसका तोड़ निकालकर उसे तहस नहस करना पडेगा, तभी इस आंदोलन में हमारी जीत होगी।
-बदोवाल टोल प्लाजा पर भी पहुंचे राकेश टिकैत:-बदोवाल टोल प्लाजा पर पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि हमें चुनाव के दौरान अपनी पावर दिखानी होगी। क्योंकि अब यूपी, पंजाब, उतराखंड क ई प्रदेशों में चुनाव होने वाले है। सरकार चुनाव की तैयारी करेगी दूसरी तरफ हम सरकार को सबक सिखाने की तैयारी करेगें। उन्होंने कहा कि पूरे देश के किसानों के हितों की रक्षा करने की जिम्मेवारी हरियाणा, पंजाब व यूपी की है। इसलिए हमें हर मोर्चे पर सरकार को नाकाम साबित करना है। और मौजूदा व भविष्य में आने वाली सरकार को ये बताना है कि जो किसानों का नहीं वो कहीं का भी नहीं। टोल पर पहुंचने पर धरना कमेटी द्वारा उन्हे सम्मानित किया गया और ये आश्वासन दिया गया कि दिल्ली संयुक्त किसान मोर्चा जो भी आदेश जारी करेगा हम किसान आधी रात को ही उसे पूरा करेगें।
June 04, 2021

किसानों की रिहाई को लेकर फतेहाबाद में प्रदर्शन

किसानों की रिहाई को लेकर फतेहाबाद में प्रदर्शन, विधायक देवेन्द्र बबली का पुतला फूंका


फतेहाबाद : टोहाना के विधायक देवेन्द्र सिंह बबली के निवास का घेराव करने जा रहे किसानों की गिरफ्तारी से खफा किसानों ने आज फतेहाबाद में लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया और प्रशासन पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी भी की। किसानों ने विधायक देवेन्द्र बबली का पुतला भी फूंका।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता मनदीप सिंह नथवान व कल्याण सिंह धांगड़ ने कहा कि किसान नेताओं ने कहा कि सरकार जानबूझ कर किसानों को उकसाने का काम कर रही है। जब किसानों ने किसी भी कार्यक्रम में भाजपा व जजपा नेताओं का विरोध करने की घोषणा कर रखी है तो इन दलों के नेता जानबूझ किसानों से टकराने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधायक देवेन्द्र बबली ने जिस तरह से किसानों से गाली-गलौच किया गया, यह एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता। देवेन्द्र बबली को किसानों से माफी मांगनी चाहिए।
किसान नेताओं ने बताया कि बढ़ईखेड़ा में गत दिवस विधायक निवास का घेराव करने जा रहे 26 किसानों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था और उन्हें फतेहाबाद के सदर थाने में लाया गया था। इसकी सूचना मिलते ही काफी संख्या में किसान सदर थाने में पहुंच गए और धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी और गिरफ्तार किसानों को रिहा करने की मांग की। इस पर रात को ही एडीसी व डीएसपी थाने में पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उक्त अधिकारियों ने किसानों को रिहा करने का आश्वासन देते हुए उन्हें सदर थाना परिसर को खाली करने को कहा।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान थाने के बाहर आ गए। इसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार 26 में से 23 किसानों को तो रिहा कर दिया जबकि तीन किसानों विकास सीसर, रवि आजाद और प्रदीप समैण को नहीं छोड़ा गया। इस पर सुबह करीब 5 बजे किसानों ने सदर थाने का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी और पुलिस कर्मचारियों न तो बाहर आने दिया और न ही अंदर जाने दिया। जब किसानों को विकास व रवि आजाद को जेल भेजे जाने व तीसरे किसान बारे कोई सूचना न देने पर रोष फैल गया और किसानों ने प्रशासन पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया और विधायक देवेन्द्र बबली का पुतला फूंका। सूचना मिलते ही संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के 9 सदस्यीय मैम्बर अभिमन्यु कोहाड़ भी फतेहाबाद पहुंचे और किसानों की रिहाई की मांग की। किसानों ने कहा कि वे संयुक्त किसान मोर्चा के साथ है। संयुक्त किसान मोर्चा आगे जो भी फैसला लेगा, उसी अनुसार आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में प्रहलाद भारूखेड़ा सिरसा, ओमप्रकाश हसंगा, रविन्द्र हिजरावां, भगवंत पाल अहरवां, संदीप सिवाच, सतीश सिधानी, कर्मजीत सालमखेड़ा सहित काफी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
विधायक निवास घेराव मामले में इन किसानों पर हुई कार्रवाई : गांव बढ़ईखेड़ा में विधायक देवेन्द्र बबली आवास का घेराव करने के मामले में फतेहाबाद पुलिस ने 26 किसानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस मामले में पुलिस ने विकास कुमार सीसर निवासी सिसर जिला हिसार, सतीश कुमार निवासी सिधानी, जाखल, जसपाल सिंह साधनवास, सोमवीर सिंह कन्हड़ी, मोनू गंदली खुर्द, हर्षदीप सिंह मोठ जिला हिसार, साहिल निवासी भगाना, धर्मबीर जांडली खुर्द, दीपू निवासी उमरा हिसार, जगतार तलवाड़ा, नरेश निवासी ब्याना खेड़ा हिसार, पत्रकार पवन गिल समैण, राजेन्द्र निवासी शिमला जिला कैथल, सुनील निवासी रामगढ़ पड़वा जिला कैथल, अमित निवासी श्यामसुख, रवि ब्यानाखेड़ा, दशरथ निवासी धापड़ जिला हिसार, मनदीप मलिक निवासी उमरा जिला हिसार, अमित निवासी जांडली खुर्द, सुधीर निवासी सिगवान खास, काला निवासी कनोह जिला हिसार, कुलदीप निवासी खरड़, प्रदीप निवासी समैण, अमित निवासी खेड़ी जालम, रवि आजाद निवासी बहल जिला भिवानी, दिनेश निवासी खैरमपुर जिला हिसार के खिलाफ 107/151 के तहत कार्रवाई की गई है।

Thursday, June 3, 2021

June 03, 2021

केंद्र सरकार की दिल्ली से हरियाणा में आंदोलन को शिफ्ट करवाने की चाल: राकेश टिकैत

केंद्र सरकार की दिल्ली से हरियाणा में आंदोलन को शिफ्ट करवाने की चाल: राकेश टिकैत

कहा : जब तक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं होते जारी रहेगा आंदोलन
जींद / उचाना : संयुक्त किसान मोर्चा सदस्य एवं किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली के बॉर्डरों पर चल रहे किसान आंदोलन को जींद के आस-पास शिफ्ट करवाना चाहती है। दिल्ली के बॉर्डरों पर चल रहा किसानों का धरना वहीं पर जारी रहेगा। जो केंद्र सरकार की चाल है उसको कामयाब नहीं होने देंगे। हम दिल्ली को किसी सूरत में नहीं छोड़ेंगे। हरियाणा में आंदोलन चल रहा है। टोलों के पास आंदोलन किसान धरना देकर चला रहे है जो जारी रहेगा लेकिन दिल्ली के बॉर्डरों पर जो धरने किसान आंदोलन के चल रहे है वो यहां शिफ्ट नहीं होने देंगे।
किसानों पर दर्ज मामलों पर टिकैत ने कहा कि ये ही चाल है। ये 10 हजार किसानों पर भी मामले दर्ज कर सकते है। हम आंदोलन का मूवमेंट यहां शिफ्ट नहीं करेंगे। आंदोलन यहां पर भी चलेगा और आंदोलन वहां पर भी चलेगा। आंदोलन दिल्ली से उठ कर यहां नहीं आएगा जो केंद्र सरकार की मंशा है। प्रदेश के सीएम मनोहर लाल कम से कम एक काम तो कर सकते है कि केंद्र सरकार को एक चिट्ठी तो भेज ही सकते कि हरियाणा की जनता की आवाज है जो तीनों कृषि कानून रद्द करवाना चाहती है।  
टोहाना पुलिस द्वारा पकड़े गए किसानों को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि जो पकड़े गए वो हमारे ही बच्चे है वो विधायक के आवास का घेराव करने चले गए होंगे। सब आंदोलन का ही हिस्सा है वो हमारे है हम उन्हें समझाएंगे। 2022 में होने वाले यूपी के चुनाव पर टिकैत ने कहा कि कुछ माह पहले यूपी में चुनाव पंचायत के 3050 सीट पर थे इसमें से 642 सीटों पर बीजेपी जीती। जब इन्होंने कोई काम किया ही नहीं हारेंगे तो ही। गन्ने की उत्तर प्रदेश में मुख्य फसल है आज भी 23 हजार करोड़ रुपए बकाया है। 5 जून को पूरे देश में तीनों कृषि कानूनों को बने एक साल होने पर भाजपा एवं उनके सहयोगी दलों के सांसदों, विधायकों, मंत्रियों के आवास के बाहर प्रतियां तीनों कानूनों की किसान जला कर रोष प्रकट करेंगे। इस मौके पर सतबीर पहलवान, बिजेंद्र सिंधु, जयप्रकाश, हरिकेश मौजूद रहे।

Wednesday, June 2, 2021

June 02, 2021

JJP विधायक के काफिले पर किसानों ने बोला हमला

JJP विधायक के काफिले पर किसानों ने बोला हमला, निजी सचिव घायल; नेता ने पहले गाालियां निकाली फिर सफाई दी

फतेहाबाद : कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों के बीच में ही अब कुछ हिंसक लोग भी सामने आ रहे हैं। टोहाना इलाके में शाहरी चौक के पास प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों में से किसी ने विधायक देवेंद्र बबली पर जानलेवा हमला कर दिया। जिससे गाड़ी का शीशा टूट गया और विधायक के निजी सचिव राधे बिश्नोई को चोट आई। मामला बढ़ने के बाद विधायक को गाड़ी से नीचे उतरना पड़ा और आपसी बहस भी हुई। इसी बीच आंदोलनकारी आक्रोशित हो गए और विधायक की तरफ बढ़ने लगे।
इसी दौरान पुलिस व आंदोलनकारियों में बीच आपसी झड़प भी भी हो गई। जिसमें प्रदर्शन कर रहे तीन लोग घायल हो गए। घायलों को भी नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर मामले काे शांत करवाया। वहीं घायल को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बताया जा रहा है कि शीशा टूटने के कारण विधायक के निजी सचिव को सिर में चोट लगी है। इस घटना के बाद सैकड़ों की संख्या में आंदोलनकारी टोहाना रोड पर इकट्ठा हो गए और जमा लगा दिया।
जानकारी के अनुसार जिले में मंगलवार को दिव्यांगों को वैक्सीन लगाने का कार्यक्रम शुरू किया गया। टोहाना के नागरिक अस्पताल में मुख्यातिथि के रूप में विधायक देवेंद्र बबली को पहुंचना था। इसकी खबर आंदोलनकारियों को लग गई। किसान अस्पताल के बाहर खड़े हो गए। जब विधायक आए तो किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। वहीं बताया जा रहा है कि जब विधायक अपनी गाड़ी से वापस आ रहे थे तो एक जिप्सी ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। इस दौरान किसी ने विधायक पर जानलेवा हमला कर दिया और गाड़ी पर कोई चीज दे मारी। जिससे गाड़ी का शीशा टूट गया।

विधायक की अगली सीट पर बैठे निजी सचिव राधे बिश्नोई को चोट लगी जिससे विधायक भड़क गए और गाड़ी से नीचे उतरकर किसानों के साथ आपसी कहासुनी भी हुई। इसी दौरान प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए और विधायक की तरफ बढ़े। जिस पर पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। जिससे तीन लोग घायल हो गए। घायलों को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मामला बढ़ता देख डीएसपी बिरम सिंह व पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को अलग किया।

*किसान संगठनों ने दिया धरना*
विधायक व किसानों के बीच आपसी कहासूनी की सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में किसान टोहाना रोड पर पहुंच गए। उन्होंने जाम लगा दिया। विधायक के खिलाफ रोष जताया। किसानों ने कहा कि जब तक विधायक उनसे माफी नहीं मांगते तो उनके उनका धरना जारी रहेगा। वहीं प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस ने बिना किसी कारण के ही डंडे मारे है। किसानों ने कहा कि जब तक विधायक माफी नहीं मांगते और जिन्होंने डंडे मारे है उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं होगा जब तक वो धरना देंगे।

*विधायक पहले ले चुके हैं किसानों का पक्ष*
पिछले दिनों जब आंदोलनकारी धरने पर बैठे थे तो विधानसभा में विधायक देवेंद्र बबली किसानों का समर्थन कर चुके है। किसानों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि अगर कानून रद नहीं होता है तो भाजपा व जजपा के विधायकों का गांवों व शहर में जाना मुश्किल हो जाएगा। लेकिन अब आंदोलनकारियों में से किसी ने उन पर हमला बोल दिया।

*ये कहना है विधायक का*
विधायक देवेंद्र बबली ने कहा कि वो कार्यक्रम में गए थे। जब वो वापस आ रहे थे जो एक जिप्सी उसके आगे लगा दी और उनकी गाड़ी को टक्कर मारी। टक्कर मारने वाले किसान नहीं हो सकते बल्कि इन किसानों को बरगलाने वाले है जिन्होंने मेरी गाड़ी को टक्कर मारी है। जिसकी शिकायत पुलिस को दी है। जिप्सी में कौन थे उन्हें कुछ पता नहीं है। वहीं किसी ने गाड़ी पर कोई चीज मारी है जिससे उसका निजी सचिव घायल हो गया।

Saturday, May 29, 2021

May 29, 2021

गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने बनाया किसान-मजदूर फेडरेशन

गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने बनाया किसान-मजदूर फेडरेशन

BKU के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने बनाया किसान-मजदूर फेडरेशन, कहा- SKM की मदद करेगा नया संगठन

सोनीपत : भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाया है। आज सोनीपत में बैठक के बाद किसान नेता ने संयुक्त किसान मोर्चा से इतर किसान-मजदूर फेडरेशन बनाया है। इस फेडरेशन में पंजाब, बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि के 38 संगठनों के शामिल होने का दावा किया गया है। चढ़ूनी ने कहा कि किसान-मजदूर फेडरेशन के जरिए देशभर के सभी किसानों व संगठनों को आंदोलन से जोड़ने की कवायद की जा रही है।
बता दें कि देश में तीन नए खेती कानूनों के विरोध में दिल्ली-NCR के तीनों बॉर्डर टीकरी, सिंघु और गाजीपुर पर 28 नवंबर से लगातार धरना-प्रदर्शन जारी है। बुधवार को ही किसान आंदोनल को 6 महीने पूरे हुए हैं, वहीं गुरुवार दोपहर में भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी सोनीपत के राई में स्थित GT रोड के किनारे गोल्डन हट ढाबे में हुई बैठक में शामिल हुए। उन्होंने लंबे समय से चल रहे संयुक्त किसान मोर्चा से हटकर किसान-मजदूर फेडरेशन बनाने का फैसला लिया है।
*संचालन के लिए बनेगी 5 सदस्यीय कमेटी*
उन्होंने कहा कि इस फेडरेशन के जरिये देशभर के सभी किसानों व संगठनों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा। संचालन के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाएंगे, वहीं फेडरेशन में पंजाब, बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि के 38 संगठन शामिल होंगे। गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने यह भी दावा किया है कि किसान-मजदूर फेडरेशन असल में संयुक्त किसान मोर्चे का सहयोगी होगा। किसान-मजदूर फेडरेशन का काम स्थायी होगा। इस आंदोलन के अलावा भी किसी राज्य में कोई संगठन आंदोलन करता है तो उसका भी सहयोग किया जाएगा।
उधर, गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन के सही तरीके से नहीं चलने की बात उठाई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की तर्ज पर वहां भी आंदोलन तेज करने की अपील जाएगी। बैठक में भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल ने भी इस बैठक में शिरकत की। गुरनाम सिंह चढूनी के फैसलों पर सहमति भी जताई। दूसरी ओर यह बात भी ध्यान देने वाली है कि उत्तर प्रदेश के किसान नेता राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चढ़ूनी के बीच कई बार खटपट हो चुकी है।

Tuesday, May 25, 2021

May 25, 2021

किसान बोले- इनके समर्थकों से भी नहीं करेंगे शादी-ब्याह, सब रिश्ते खत्म

BJP और JJP का अब घर-घर बहिष्कार! किसान बोले- इनके समर्थकों से भी नहीं करेंगे शादी-ब्याह, सब रिश्ते खत्म

जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) कोई ये नहीं समझे कि किसान आंदोलन अब समाप्त हो चुका है। केंद्र की मोदी सरकार के तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन अब भी जारी है और मोदी सरकार के खिलाफ किसानों का गुस्सा भी अभी तक जारी है।
किसान संगठन अब भी अपने पूरे स्टैंड पर कायम हैं। जब तक मोदी सरकार तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं करती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ये अलग बात है कि कोरोना की दूसरी लहर में मीडिया के कैमरे अभी किसान आंदोलन से दूर है।
इसी आंदोलन के क्रम में हरियाणा के किसानों ने एक अनोखा फैसला ले लिया है। किसानों का स्पष्ट रुप से कहना है कि अब वो किसी भी घर में अपने बेटे या बेटी की शादी नहीं करेंगे जिनका संबंध भाजपा या जजपा से होगा।
हरियाणा के जींद के खटकड़ टोल प्लाजा पर किसानों ने यह ऐलान किया कि अब हम जब भी किसी भी घर में अपने बेटे या बेटी के रिश्ते की बात चलाएंगे, वहां सबसे पहले ये सवाल पूछेंग कि आपका परिवार कहीं भाजपा या दुष्यंत चैटाला की पार्टी जजपा का समर्थक तो नहीं!
अगर ऐसा होगा तो हम अपने बच्चों की शादी वैसे घर में नहीं करेंगे या और नहीं किसी भी प्रकार का कोई भी रिश्ता रखेंगे।
यह फैसला रविवार को हुआ। इस दौरान खटकड़ टोल प्लाजा पर खेड़ा खाप के प्रधान एवं संयुक्म किसान मोरचा के सदस्य सतबीर सिंह पहलवान ने लोगों कें बीच अपनी बात रखते हुए यह प्रस्ताव दिया और वहां मौजूद सभी लोगों से उनकी राय मांगी।
वहां लोगों ने सर्वसम्मति से सतबीर पहलवान के प्रस्ताव का समर्थन किया और किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाए गए।
वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य आजाद पालवां ने बताया कि पहले हम लोगों ने ही निर्णय लिया था कि किसी भी हाल में भाजपा और जजपा के नेताओं को अपने गांव में घुसने नहीं देंगे।
इस निर्णय पर आज भी हम सब अडिग हैं। हमारे गांवों में भाजपा और जजपा के नेता नहीं घुस सकते। इसके अलावा जहां भी भाजपा और जजपा के नेता जाएंगे, उनका विरोध होगा।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द करो और एमएसपी की गारंटी देनी होगी अन्यथा भाजपा जजपा के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा।
जिस प्रकार जिस व्यक्ति का हुक्का पानी बंद हो जाता है, उससे गांव का कोई भी व्यक्ति रिश्ता नहीं रखता, ठीक वैसे ही भाजपा और जजपा समर्थकों के साथ भी कोई भी रिश्ता नहीं रखा जाएगा।