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Saturday, April 17, 2021

April 17, 2021

गेहूं सीजन पर मौसम की आफत:प्रदेश का आधा गेहूं मंडियों में पड़ा, 7 जिलों में बारिश से भीगा, खरीद- 41.35 लाख टन उठान- सिर्फ 25 लाख टन

गेहूं सीजन पर मौसम की आफत:प्रदेश का आधा गेहूं मंडियों में पड़ा, 7 जिलों में बारिश से भीगा, खरीद- 41.35 लाख टन उठान- सिर्फ 25 लाख टन

चंडीगढ़ : प्रदेश की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक 50 लाख टन को पार कर गई है। इसमें से सरकार ने 41.35 लाख टन गेहूं की खरीद की है, लेकिन उठान महज 25 लाख टन का हुआ है। इसके चलते शुक्रवार को बारिश से पानीपत, इसराना, सिरसा, डबवाली, महेंद्रगढ़, हिसार, फतेहाबाद, दादरी, भिवानी समेत कई अनाज मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीग गया।
शुक्रवार को विभिन्न मंडियों में करीब 2 लाख टन गेहूं की खरीद की गई। प्रदेश में अब तक 1,60,270 किसानों के 4,33,262 जे फार्म बनाए जा चुके हैं। अनाज मंडियों में अब तक कुल गेहूं खरीद की करीब 60 फीसदी आवक हो चुकी है। *शनिवार व रविवार को प्रदेशभर में गेहूं की खरीद बंद रहेगी।*
गेहूं खरीद के मामले में सीएम मनोहर लाल ने कहा कि 16 अप्रैल तक किसानों को 873.27 करोड़ रुपए की राशि सीधे खातों में भेजी जा चुकी है। गेहूं खरीद का कार्य चल रहा है। बारदाने की कोई कमी नहीं है। अब तक आए करीब 50 लाख टन गेहूं में से 41 लाख टन से अधिक गेहूं की खरीद कर ली गई है। गेहूं के मंडियों से उठान के लिए सभी डीसी को आदेश दिए गए हैं।
किसानों व आढ़तियों की परेशानी बढ़ी }बारिश से कई जिलों में कटाई पर ब्रेक, 2 दिन खरीद भी बंद रहेगी
*भिवानी*: जिले में 9 खरीद केंद्रों पर खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। अब तक खरीदी गई 97 हजार टन में से उठान 36 हजार मीट्रिक टन गेहूं का ही हुआ है। 60 हजार से ज्यादा मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पड़ा है। इसमें से 35 हजार टन गेहूं खुले में ढेरियों में ही पड़ा हुआ है। बारिश से गेहूं की कटाई भी रुक गई है।
*दादरी*: जिले में 4 लाख 37 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। 2.8 लाख क्विंटल गेहूं खरीद केंद्र व मंडियों में खुले आसमान में पड़ा है, जो बारिश से भीग गया।
*हिसार*: बूंदाबांदी के चलते जिले की मंडियाें में खुले में पड़ी गेहूं की ढेरियां और बाेरियां भीग गईं। मंडियों में तिरपाल आदि के पूरे प्रबंध नजर नहीं आए। अब गीला गेहूं बेचने में किसानों को दिक्कत आएगी। गेहूं सुखाने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी।
*इसराना*: अनाज मंडी में लिफ्टिंग की रफ्तार ढीली होने से करीब 4 लाख गेहूं के बैग शुक्रवार शाम को आई बारिश में भीग गए। पानीपत अनाज में पड़ा हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया।
सिरसा: सिरसा, रानियां, ऐलनाबाद, कालांवाली की मंडियों व खरीद केंद्रों पर 29 लाख क्विंटल से ज्यादा गेहूं की आवक हुई है। 7 लाख क्विंटल से ज्यादा गेहूं बिना खरीद के पड़ा है। वहीं, 20 लाख क्विंटल का उठान पेंडिंग है। 17 लाख क्विंटल गेहूं शुक्रवार को 3 से 8 एमएम तक हुई बारिश में भीग गया।
उठान में लापरवाही: खरीद एजेंसियों की लापरवाही से सभी मंडियों में उठान धीमा है, जिससे आढ़तियों व किसानों की समस्या बढ़ी हुई है। जबकि उठान में तेजी लाने के लिए सरकार ने दूसरी बार खरीद रोकी है।
April 17, 2021

कुरुक्षेत्र में भाजपा नेता का विरोध:हरियाणा प्रदेशाध्‍यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान, पुलिस के साथ की धक्का मुक्की

कुरुक्षेत्र में भाजपा नेता का विरोध:हरियाणा प्रदेशाध्‍यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान, पुलिस के साथ की धक्का मुक्की

कुरुक्षेत्र : हरियाणा में कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को कुरुक्षेत्र जिले में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ का विरोध हुआ। इस दौरान किसानों और पुलिस वालों के बीच धक्का मुक्की भी हुई। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने किसानों को हिरासत में भी लिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धनखड़ शुक्रवार को अंबेडकर भवन में शाहाबाद मंडल के कार्यकर्ताओं के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। लेकिन उनके आने की खबर मिलते ही किसान अंबेडकर भवन के बाहर जुट गए। जैसे ही प्रदेशाध्यक्ष आए, किसानों ने गेट को घेर लिया।
किसानों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की। यह देखते हुए धनखड़ को पिछले दरवाजे से अंदर ले जाया गया, जहां वे कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए। इससे पहले धनखड़ ने मीडिया से बातचीत करते हुए किसान आंदोलन पर बातचीत की। वहीं भवन के बाहर जुटे किसान विरोधी नारेबाजी करते रहे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। कृषि कानून भी किसानों के हित में हैं। लेकिन इनके खिलाफ उन्हें भड़काया जा रहा है। हरियाणा की मंडियों में पुराने सिस्टम से ही गेहूं की खरीद होती रहेगी।
धनखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार कई बार किसानों से इस मुद्दे पर बात कर चुकी है, लेकिन वे मानने के तैयार नहीं हैं। उन्हें कांग्रेसियों ने इस तरह भड़का दिया है कि किसान कृषि कानूनों के फायदे देखना ही नहीं चाहते। वैसे केंद्र सरकार की ओर से किसानों के साथ बातचीत के दरवाजे आगे भी खुले हैं।
बता दें कि किसानों के अंबेडकर भवन में पहुंचने की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। ASP रविंद्र तोमर ने किसानों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन किसान अड़े रहे। उन्होंने मुख्य गेट खाली नहीं किया। इस दौरान पुलिस व किसानों के बीच धक्का मुक्की हो गई।

Tuesday, April 13, 2021

April 13, 2021

किसान आंदोलन पर कोरोना का साया, लाॅकडाउन की आहट से वापस जा रहे किसान

किसान आंदोलन पर कोरोना का साया, लाॅकडाउन की आहट से वापस जा रहे किसान


सोनीपत : केएमपी पर 24 घंटे के जाम के बाद आंदोलनरत किसान कोरोना के बढ़ते प्रकोप और लॉकडाउन की आहट से परेशान हैं। उन्होंने पंजाब जाने का सिलसिला तेज कर दिया है। इस समय बहादुरगढ़ में मौजूद ट्राॅलियों में जहां 8 से 10 लोग होते थे, वहां दो से तीन रह गए हैं। इस तरह से बहादुरगढ़ में एवरेज 25 हजार किसानों की थी, जिनमें से 15 हजार किसान बहादुरगढ़ में मौजूद हैं पर धीरे-धीरे किसानों के वापस जाने व पंजाब से कम किसानों के आने का सिलसिला तेज हो गया है। कोरोना का डर किसानों को नहीं है, लेकिन किसानों को लगता है कि कभी भी लॉकडाउन होने पर पंजाब से आने वाली सभी रेलगाड़ियों का आवागमन बंद हो जाएगा। इससे गर्मियों के मौसम में यहां एक से दो माह तक पंजाब जाने का कोई साधन नहीं होगा। इस डर से किसानों ने वापस घर जाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। अब किसान 15-15 दिनाें के रोटेशन पर आ रहे हैं।


रेलवे स्टेशन अधीक्षक यशपाल सिंह का कहना है क्या फर्क पड़ता है किसान वापस अधिक जा रहे हैं या फिर आ रहे हैं, क्योंकि टिकट यह पहले भी नहीं लेते थे, अब भी नहीं ले रहे। पर किसानों का वापस जाने का सिलसिला बढ़ा है। इधर, सोनीपत जिला क्षेत्र में केजीपी, केएमपी व टोल क्षेत्र में सुरक्षा, नुकसान व जाम से बचाव के लिए धारा 144 लागू कर दी है। जिलाधीश श्यामलाल पूनिया ने यह आदेश जारी किए हैं। 

उधर संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि किसान किसी जिद पर नहीं अड़े हैं बल्कि सरकार से बातचीत के लिए हर समय तैयार हैं, बशर्ते कि सरकार बातचीत का न्यौता भेजे। किसान नेताओं ने सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाया और कहा कि सरकार की ऐसी नीयत दिख नहीं रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर पर तंज कसा कि उपदेश देने की बजाय समाधान करें तो किसानों की भलाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर किसानों को डराने की जरूरत नहीं है। 

किसान संयुक्त मोर्चा के सदस्य योगेंद्र यादव, डा. दर्शनपाल, राकेश टिकैत और अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि सरकार लोगों की वाहवाही लेने के लिए ऐसी सलाह किसानों को दे रही है। दरअसल सरकार की मंशा अब कोरोना संक्रमण के नाम पर किसानों का धरना तोडऩे की है लेकिन किसान ऐसा कतई नहीं होने देंगे। किसान नेता राकेश टिकैत ने चुटकी लेते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के चुनाव खत्म होते ही भाजपा नेताओं के दिल्ली आगमन के साथ कोरोना भी दिल्ली में आ रहा है इसलिए हर किसी को कोरोना के डर से सरकार डरा रही है। लेकिन केंद्र की सरकार यह भूल रही है कि किसान का कोरोना भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता है इसलिए हमारी चिंता करने की बजाय नेताओं को चाहिए कि वे किसान के हित में समाधान सोचें। केवल बातों से किसान की समस्या का हल नहीं होगा।
April 13, 2021

किसान आंदोलन में निहंग ने तलवार से युवक का हाथ काटा, रोहतक पीजीआई रेफर

किसान आंदोलन में निहंग ने तलवार से युवक का हाथ काटा, रोहतक पीजीआई रेफर



सोनीपत : सोनीपत कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए जारी आंदोलन में शामिल निहंग ने कुंडली गांव के युवक पर तलवार से हमला कर हाथ काट दिया। युवक के हाथ पर तलवार से गहरा घाव बन गया। उसके कंधे और पीठ पर भी चोट लगी है। घायल को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। कुंडली थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। 

कुंडली के धर्मेश कुमार ने पुलिस को  बताया कि उसका भाई शेखर टीडीआई माल में नौकरी करता है। वह सोमवार दोपहर को खाना खाने के लिए बाइक से प्याउ मनियारी के कट से एचएसआईआईडीसी की तरफ जा रहा था। उसके साथ में गांव का ही सन्नी भी था। जब वह धरने वाले कैंप के पास से होकर निकल रहे थे तो वहां पर कुछ निहंग सिखों की पुलिसकर्मियों से बहस चल रही थी। इससे रास्ता बंद था। शेखर एक किनारे से होकर बाइक निकालने का प्रयास करने लगा तो उसका एक निहंग युवक के साथ रास्ते को लेकर विवाद हो गया। निहंग सिख ने रास्ता रोक लिया। विवाद होने पर निहंग सिख ने सन्नी पर तलवार से वार कर दिया। उसके साथी शेखर ने बाजू ऊपर कर वार को रोकने का प्रयास किया। इससे शेखर की बाजू कट गई। निहंग ने दूसरा वार करने के लिए तलवार उठाई तो शेखर ने उसको पकड़ लिया। छीना-झपटी में तलवार से उसके कंधे और पीठ पर चोट लग गई।
शेखर और सन्नी बाइक लेकर वहां से भाग निकले। सन्नी घायल शेखर को लेकर कुंडली के निजी अस्पताल में पहुंचा। सूचना पाकर कुंडली थाना पुलिस भी अस्पताल में पहुंच गई। पुलिस घायल शेखर को लेकर सामान्य अस्पताल पहुंची, जहां से उसको पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। कृषि बिलों के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान लोगों की निहंग सिखों से कई बार झड़प हो चुकी हैं। पुलिस ने आरोपी निहंग को हिरासत में ले लिया है। उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में हुई है।   शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घायल शेखर की हालत खतरे से बाहर है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना की जानकारी संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को दे दी है।  
कुंडली थाना प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घायल शेखर की हालत खतरे से बाहर है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना की जानकारी संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को दे दी है।

Sunday, March 21, 2021

March 21, 2021

खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर बरसोला अपने कुबने के साथ बैठे सांकेतिक भूख हड़ताल पर

खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर बरसोला अपने कुबने के साथ बैठे सांकेतिक भूख हड़ताल पर 

-तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ खटकड़ टोल के पास किसान दे रहे है 85 दिनों से धरना
-अब हर रोज एक गांव से बैठेगे ग्रामीण सांकेतिक भूख हड़ताल पर
जींद : 20 मार्च : ( सजंय तिरंगाधारी ) तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ खटकड़ टोल के पास किसानों का धरना 85वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता वेदप्रकाश अलीपुरा ने की। सर्व जातीय खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान बरसोला अपने कुनबे के साथ सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठे। डेढ़ साल के बच्चे से लेकर 80 साल के प्रताप सिंह भी भूख हड़ताल पर रहे। परिवार के 40 सदस्य धरने पर बैठे। धरने पर घासो कलां, घासो खुर्द, सफा खेड़ी, खरकभूरा, पालवां, तारखां, सुदकैन कलां, सुदकैन खुर्द, लोधर, काब्रच्छा, अलीपुरा, गुरूकुल खेड़ा, करसिंधु सहित अन्य गांवों से किसान, युवा, महिलाओं ने हिस्सा लिया। अब हर रोज जब तक धरना चलेगा एक गांव के ग्रामीण सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
सतबीर बरसोला ने कहा कि उनके कुनबे का बच्चा से लेकर बुजुर्ग तक सांकेतिक भूख हड़ताल पर शनिवार को किसानों के धरने पर बैठा। धरने के माध्यम से संदेश केंद्र, प्रदेश सरकार को दिया गया कि जो हठ सरकार कर रही है उस हठ को छोड़ते हुए तीनों कृषि कानूनों को रद्द करें, एमएसपी पर कानून बनाने का काम करें। सरकार लोगों की भावनाओं के साथ खेलना बंद करें। सरकार की सोच थी कि आंदोलन जितना लंबा चलेगा आंदोलन कमजोर होगा लेकिन आंदोलन जितना लंबा चला उतना लंबा फैला चुका है। आज पूरे देश के अलावा विदेशों तक में किसानों के पक्ष में प्रदर्शन किए जा रहे है। आंदोलन को तोडऩे के लिए हर तरह की कोशिश की गई लेकिन कोई भी कोशिश कामयाब नहीं हुई। कभी छोटा किसान, बड़ा किसान तो कभी एक जाति विशेष का आंदोलन किसान आंदोलन को बनाने की कोशिश हुई लेकिन हर कोशिश फेल साबित हुई।
भाकियू जिलाध्यक्ष आजाद पालवां ने कहा कि किसान व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं कर रहे है बल्कि जेजेपी, भाजपा पार्टी के नेताओं, विधायकों, मंत्रियों का विरोध कर रहे है। सोशल मीडिया पर एक पार्टी विशेष के लोग प्रचार कर रहे है किसान व्यक्ति विशेष का विरोध कर रहे है जो आंदोलन को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। कभी अपने कार्यकर्ताओं तो कभी महिलाओं को आगे करके इस तरह का प्रचार करवाया जा रहा है। दोनों पार्टियों का विरोध किसान कर रहे है क्योंकि दोनों किसानों के साथ नहीं है। किसी भी तरह के बहकावे में किसान अब नहीं आएंगे। जो नेताओं के पास हाजिरी लगाते है उनको चेतावनी मंच के माध्यम से दी गई है वो किसान धरने पर न आए। नेता, किसान में से एक को चुने। इस मौके पर पूर्व कर्नल डीके भारद्वाज, सूबेदार अमरनाथ, कैप्टन भूपेंद्र जागलान, वेदप्रकाश, सुदेश गोयत, सिक्किम सफा खेड़ी, कविता, कमला, शीला, पनमेश्वरी, प्रियंका, ओमप्रकाश घासो, हरिकेश काब्रच्छा, धर्मबीर सुदकैन, मेवा करसिंधु मौजूद रहे।
 

Saturday, March 6, 2021

March 06, 2021

8 मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा महिला किसान दिवस के रूप में मनाएगा

100 वाँ दिन, 2 मार्च 2021 संयुक्त किसान मोर्चा ने आज सिंघू बॉर्डर पर एक आम बैठक आयोजित की।  आगामी दिनों की कार्रवाई के कार्यक्रम के रूप में निम्नलिखित निर्णय लिए गए:

 नई दिल्ली - 6 मार्च 2021 को, दिल्ली बोर्डर्स पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के 100 दिन हो जाएंगे।  उस दिन दिल्ली व दिल्ली बोर्डर्स के विभिन्न विरोध स्थलों को जोड़ने वाले केएमपी एक्सप्रेसवे पर 5 घंटे की नाकाबंदी होगी।  यह सुबह 11 से शाम 4 बजे के बीच जाम किया जाएगा।  यहां टोल प्लाजा को टोल फीस जमा करने से भी मुक्त किया जाएगा।  शेष भारत में, आंदोलन को समर्थन के लिए, और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए, घरों और कार्यालयों पर काले झंडे लहराए जाएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदर्शनकारियों को उस दिन काली पट्टी बांधने के लिए भी आह्वान किया है।
- 8 मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा महिला किसान दिवस के रूप में मनाएगा।  देश भर के सभी सयुंक्त किसान मोर्चे के धरना स्थल पर 8 मार्च को महिलाओ द्वारा संचालित होंगे। इस दिन महिलाएं ही मंच प्रबंधन करेंगी और वक्ता होंगी।  एसकेएम ने उस दिन महिला संगठनों और अन्य लोगों को आमंत्रित किया कि वे किसान आंदोलन के समर्थन में इस तरह के कार्यक्रम करें और देश में महिला किसानों के योगदान को उजागर करें।

 - केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 15 मार्च 2021 को 'निजीकरण विरोधी दिवस' का समर्थन करते हुए सयुंक्त किसान मोर्चा द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। एसकेएम इस दिन को 'कॉरपोरेट विरोधी' दिवस के रूप में देखते हुए ट्रेड यूनियनों के इस आह्वान का समर्थन करेगा, और एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
- जिन राज्यों में अभी चुनाव होने वाले है, उन राज्यो में SKM भारतीय जनता पार्टी (BJP) की किसान-विरोधी, गरीब-विरोधी नीतियों को दंडित करने के लिए जनता को एक अपील करेगा।  एसकेएम के प्रतिनिधि भी इस उद्देश्य के लिए इन राज्यों का दौरा करेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

- SKM पूरे भारत में एक "MSP दिलाओ अभियान" शुरू करेगा।  अभियान के तहत, विभिन्न बाजारों में किसानों की फसलों की कीमत की वास्तविकता को दिखाया जाएगा, जो मोदी सरकार व एमएसपी के झूठे दावों और वादों को उजागर करेगा।  यह अभियान दक्षिण भारतीय राज्यों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शुरू किया जाएगा।  पूरे देश में किसानों भी इस अभियान में शामिल किए जाएंगे
- डॉ दर्शन पाल
*सयुंक्त किसान मोर्चा*

Friday, March 5, 2021

March 05, 2021

सिवाहा खून खराबे पर किसानों का जजपा विधायक पर निकाला गुस्सा-खटकड़ टोल प्लाजा पर पुतला फूंककर सरकार को चेताया

सिवाहा खून खराबे पर किसानों का जजपा विधायक पर निकाला गुस्सा


-खटकड़ टोल प्लाजा पर पुतला फूंककर सरकार को चेताया 
                                    -मुख्यमंत्री अपने मंत्री और विधायकों को रोकने का करें काम 
जींद /उचाना : कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की राह पकड़े हुए अन्नदाताओं ने सत्ता पक्ष के विधायकों के खिलाफ पूरी गंभीरता से मोर्चा संभाल लिया हैं। गांव सिवाहा में जजपा विधायक के एक कार्यक्रम में शामिल होने के कारण उपजे विवाद के चलते खटकड़ टोल प्लाजा पर गुरूवार को अन्नदाताओं ने भारी रोष दिखाया। किसानों ने जुलाना के जजपा विधायक अमरजीत ढांडा का पुतला फूंकते हुए सरकार को चेतावनी दी कि अन्नदाताओं के आंदोलन को औच्छे तरीकों से दबाने और कुचलने की मंशा किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने देंगे। अखिल भारतीय जाट महासभा के जिला अध्यक्ष विकास सफाखेड़ी और खेड़ाखाप के प्रधान सतबीर पहलवान ने कहा कि अगर जुलाना विधायक गांव सिवाहा में नहीं जाते तो वहां खून-खराबा कतई नहीं होता। कृषि कानूनों के खिलाफ अन्नदाताओं में इस कद्र रोष भरा पड़ा है कि जब मुख्यमंत्री का कार्यक्रम ही नहीं होने दिया तो विधायक कुछ भी। किसान नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल इस बात को समझे कि वोटों से इंसान नहीं बनता, जमीर से इंसान बनता हैं। इसलिए मुख्यमंत्री, हरियाणा के सांसदों, मंत्रियों और विधायकों को साफ निर्देश दें कि किसी गांव में जाने की कुचेष्ठा ना करें। अगर सत्ता पक्ष के मंत्री और विधायक गांव में जाते है तो इससे भाजपा सरकार की मंशा साफ हो जाएगी कि वह जानबूझकर खून-खराबा करा रही हैं।