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Monday, September 27, 2021

September 27, 2021

अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस के दिन सम्मानित हुई फरीदाबाद की सृष्टि

अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस के दिन सम्मानित हुई फरीदाबाद की सृष्टि

फरीदाबाद : ए.आर.के फाउंडेशन ओर एनी एडवरटाइजिंग द्वारा इंस्पिरिंग स्टोरीज ऑफ इंडिया के छठे ह्यूमैनिटी एचीवर अवार्ड 2021 का आयोजन दिल्ली में किया गया। दिल्ली में हुए के सम्मान समारोह में फरीदाबाद की सृष्टि गुलाटी को  सम्मानित किया गया। वाई.डब्ल्यू.सी.ए ऑटोटेरिम दिल्ली में आयोजित हुए एक समारोह में फरीदाबाद की सृष्टि गुलाटी को ह्यूमैनिटी एचीवर अवार्ड से सम्मानित किया गया। सृष्टि इस समारोह में यह सम्मान प्राप्त करने वाली सबसे छोटी उम्र की प्रतिभागी बनी। यह अवार्ड समारोह एक चैरिटी इवेंट था जो कोविड परिवार की सहायता के लिए किया गया था।(इंस्पिरिंग स्टोरीज ऑफ इंडिया) जिन लोगो के नेक कार्यो से समाज को एक नई दिशा, कुछ नया सीखने को मिले ओर समाज मे एक अच्छा संदेश मिले ऐसे कलाकरों को इस मंच पर सम्मानित किया गया। इस समारोह में उदित, नीलिमा, विकास, हन्नी, वरुण रस्तोगी, जस्वन्दिर, कंवल आदि अनेक गणमान्य अतिथियो को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सृष्टि गुलाटी को उसकी विशेष उपलब्धि समाज मे उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सृष्टि गुलाटी वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर होंने के साथ ही साथ एक बेहतरीन आर्टिस्ट, डांसर, ओर छोटी समाज सेविका भी हैं। सृष्टि गुलाटी अपने माता-पिता के सहयोग से समाज मे अलग-अलग प्रकार के जागरूकता के कार्यक्रम भी करती है। सृष्टि गुलाटी द्वारा मास्क वितरण, सेनेटरी पैड, लेखन सामग्री आदि फरीदाबाद के स्लम एरिया में वितरित किए गए हैं। नीलिमा का कहना है कि समाज मे सभी को मिलकर इस तरह से नेक कार्य करते रहना चाहिए। अपने बच्चो में छोटी उम्र में ही नेक कार्यों को करने के शिक्षा देनी चाहिए। सृष्टि गुलाटी इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। माता-पिता का कहना है कि बेटी की सफलता ही हमको एक नई प्रेणना देती हैं।

Friday, June 4, 2021

June 04, 2021

पंजाब में सनी देओल की गुमशुदगी के लगे पोस्टर, लिखा- जो ढूंढकर लाएगा उसे ईनाम दिया जाएगा

पंजाब में सनी देओल की गुमशुदगी के लगे पोस्टर, लिखा- जो ढूंढकर लाएगा उसे ईनाम दिया जाएगा

चण्डीगढ़ : कांग्रेस शासित पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जिससे पहले राज्य में सियासी सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। एक तरफ कांग्रेस खेमे के दिग्गज नेताओं में तनातनी का माहौल बना हुआ है। तो दूसरी तरफ अब भाजपा नेता सनी देओल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है।
खबर के मुताबिक, अमृतसर में कैप्टन सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए थे।
इसके बाद अब गुरदासपुर से सांसद और भाजपा नेता सनी देओल की गुमशुदगी के पोस्टर लगने लगे हैं।
बताया जाता है कि पठानकोट के बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भाजपा नेता सनी देओल की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए हैं।
जिसमें लिखा गया है कि “गुमशुदा की तलाश। जिस किसी को भी सनी देओल मिले। वो यूथ कांग्रेस पठानकोट से संपर्क करें और उचित इनाम हासिल करें।”
बताया जा रहा है कि भाजपा नेता सनी देओल की गुमशुदगी के पोस्टर यूथ कांग्रेस द्वारा लगवाए गए हैं। इस मामले में यूथ कांग्रेस महासचिव वरुण कोहली ने पोस्टर जारी किए थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सनी देओल का संसदीय क्षेत्र गुरदासपुर कोरोना महामारी से जूझ रहा है। लेकिन वह अपने मायानगरी मुंबई में बिजी चल रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि ऐसे वक्त में जहां उन्हें जनता की मदद करने के लिए उनकी जान बचाने के लिए अपने संसदीय क्षेत्र में होना चाहिए था। वह अपने घर में दुबके हुए हैं।
इसके साथ ही यूथ कांग्रेस महासचिव ने भाजपा नेता सनी देओल पर उनके संसदीय क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
चुनाव प्रचार के दौरान सनी देओल ने गुरदासपुर की जनता के साथ बड़े-बड़े वादे किए थे। लेकिन चुनाव जीतने के बाद अब वह जनता के बीच बहुत कम नजर आते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा नेता सनी देओल ने कृषि कानून का भी समर्थन किया था। जिसे लेकर पंजाब के लोगों में उनके खिलाफ गुस्सा साफ तौर पर देखा गया था।

Friday, May 28, 2021

May 28, 2021

रामदेव के बयान पर बोलीं महुआ- किसी का बाप आपको गिरफ्तार नहीं कर सकता, वो तो विपक्षियों के पीछे पड़े हैं

रामदेव के बयान पर बोलीं महुआ- किसी का बाप आपको गिरफ्तार नहीं कर सकता, वो तो विपक्षियों के पीछे पड़े हैं

 नई दिल्ली : योगगुरु के नाम से चर्चित रामकिशन यादव उर्फ रामदेव अक्सर अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। रामदेव एक बार फिर से एलोपैथ मेडिकल साइंस को लेकर दिए अपने बयान को लेकर विवाद में हैं।
अभी रामदेव के इस बयान का विवाद चल ही रहा था कि रामदेव ने कैमरे पर ही कह दिया कि गिरफ्तार तो मुझे उनका बाप भी नहीं कर सकता!
अब रामदेव के इस नए बयान से देश भर में सवाल खड़ा हो गया कि वो उनका आखिर है कौन, जिसका बाप भी रामदेव को गिरफ्तार नहीं कर सकता !
रामदेव के इस बयान के बाद टीएमसी नेता और सांसद महुआ मोइत्रा ने मोरचा संभाला और रामदेव के बहाने सरकार पर भी हमला बोल दिया।


महुआ ने कहा कि रामदेव कह रहे हैं कि “किसी का बाप भी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकता. सच कहा आपने रामकिशन यादव ! आपको किसी का बाप भी गिरफ्तार नहीं कर सकता क्योंकि भाई और बाप तो विपक्ष को गिरफ्तार करने में व्यस्त है !”

हालांकि महुआ मोइत्रा ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया लेकिन माना जा रहा है कि उन्होंने पिछले दिनों नारदा केस में कुछ टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी हुई थी, उसी संदर्भ में उन्होंने केंद्र सरकार को भी घेर लिया है।
मालूम हो कि पिछले दिनों रामदेव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एक्शन में आ गई और उन्होंने रामदेव को मानहानि का नोटिस भेज दिया। इसके थोड़ी देर बाद ही सोशल मीडिया पर अरेस्ट रामदेव ट्रेंड करने लगा।
अब इस ट्रेंड के बाद रामदेव का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर चलने लगा जिसमें वो यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें बदनाम करने के लिए काफी दिनों से सोशल मीडिया पर तरह तरह के ट्रेंड चलाए जाते हैं।
अब तो हमारे लोगों को इसकी आदत हो गई है लेकिन इस तरह की चीजों से हम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।अरेस्ट रामदेव ट्रेंड करने से क्या हो जाएगा ! किसी के बाप में दम नहीं है जो रामदेव को गिरफ्तार कर सके।
दरअसल रामदेव का इस तरह का बयान कोई नया बयान नहीं है। उटपटांग बयान देने में रामदेव कभी कभी नेताओं को अक्सर पीछे छोड़ते रहते हैं।
रामदेव के बयानों का कोई आधार नहीं होता। ये या इनके लोग जब खुद बीमार पड़ते हैं तो एलोपैथी का ही सहारा लेते हैं लेकिन अपना धंधा चमकाने के लिए अब एलोपैथी को निशाना बना रहे हैं।
May 28, 2021

फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा के खिलाफ हिसार में केस दर्ज करने की मांग

फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा के खिलाफ हिसार में केस दर्ज करने की मांग, जानें क्या है पूरा मामला ?


हिसार : युवराज सिंह, मुनमुन दत्ता के बाद अब फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा के खिलाफ हरियाणा के जिला हिसार के पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत दी गई। मामला बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष बहन मायावती के बारे में एक टॉक शो के दौरान अश्लील ,नस्लवादी व आपत्तिजनक जोक सुनाने का है।

शिकायतकर्ता अधिवक्ता मलकीत सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि रणदीप हुड्डा ने एक टॉक शो के दौरान अनुसूचित जाति की सर्वमान्य नेता व बसपा प्रमुख मायावती के बारे में अश्लील, आपत्तिजनक, जातिवादी ,महिला विरोधी व नस्लवादी टिप्पणी करते हुए एक जोक सुनाया जो बेहद अश्लील था।

इस जोक में उक्त अभिनेता ने अनुसूचित जाति नेता मायावती का नाम लेकर अंग्रेजी भाषा में जोक सुनाया, जिसे सोशल मीडिया व टीवी पर पूरी दुनिया में देखा गया तथा पूरी दुनिया में मौजूद करोड़ों अनुसूचित जाति के समाज के लोगों की भावनाएं इससे आहत हुई हैं।

इस अभिनेता ने जानबूझकर पूरे अनुसूचित जाति समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। शिकायतकर्ता ने एसपी से उक्त अभिनेता के खिलाफ अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार करने की मांग की है तथा अपनी शिकायत के साथ उक्त वीडियो की सीडी भी एसपी को प्रस्तुत की है।

Wednesday, May 26, 2021

May 26, 2021

सुशील कुमार के बाद नीरज बवाना गैंग के इतने बदमाश गिरफ्तार

सागर हत्याकांड में पहलवान सुशील कुमार के बाद नीरज बवाना गैंग के इतने बदमाश गिरफ्तार

नई दिल्ली : पहलवान सागर धनकड़ की हत्या के मामले में ओलंपियन सुशील कुमार व उसके साथी अजय उर्फ सुनील बक्करवाला को रविवार सुबह  गिरफ्तार किए गए थे। जिसके बाद  अदालत ने उन्हें 6 दिन की रिमांड पर दिल्ली पुलिस को सौंप दिया था।

दिल्ली पुलिस की पुछताछ के दौरान सुशील कुमार ने कबूला की सागर के साथ मारपीट में वह शामिल था। तो वहीं अब वारदात  शामिल कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि  दिल्ली के रोहिणी जिले के ऑपरेशन सेल ने कल कंझावला इलाके से कला असौदा-नीरज बवाना गैंग के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया।

आपको बता दें कि पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि छत्रसाल स्टेडियम में वारदात वाले दिन नीरज बवाना गैंग के भी कई गुर्गे मौजूद थे जिनकी मदद सुशील कुमार ने ली थी। गौरतलब यह है कि काला जठेड़ी से अनबन होने के बाद सुशील ने जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवानिया और उसके साथी नवीन बाली से नजदीकियां बढ़ाई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि सुशील इन गैंगस्टरों के पारिवारिक कार्यक्रमों में भी शामिल होता रहा है।

वहीं मामले की जांच पड़ताल कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चार मई की रात को सागर धनकड़ हत्याकांड में सुशील ने नीरज बवानिया के करीबियों को मॉडल टाउन बुलाया था। प्रिंस दलाल के मोबाइल से मिली वीडियो फुटेज में इसकी पुष्टि हुई है।

तो वहीं घटनास्थल पर उस रात मिली पांच गाड़ियों में एक स्कोर्पियो गाड़ी नीरज के करीबी बल्लभगढ़ निवासी मोहित की है। पुलिस को घटनास्थल से दो डबल बैरल गन व सात कारतूस भी बरामद हुए थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हमले के दौरान दो दर्जन से अधिक लड़के वहां मौजूद थे। जिसमें से सात से आठ लोगों की पुलिस ने पहचान कर ली है।
May 26, 2021

किसान नेता राकेश टिकैत ने दी खुलेआम धमकी, कहा- रिपब्लिक भारत और जी न्यूज़ का इलाज करेंगे

किसान नेता राकेश टिकैत ने दी खुलेआम धमकी, कहा- रिपब्लिक भारत और जी न्यूज़ का इलाज करेंगे
हिसार : वर्ष 2013 से ही भारतीय मीडिया का जो चरित्र देखने को मिल रहा है, उससे देश की बहुसंख्यक जनता ने न्यूज चैनलों से किनारा कर लिया है। अब अच्छे घरों में न्यूज चैनल नहीं देखे जाते हैं क्योंकि उनमें भडकाउ और फर्जी खबरों को ज्यादा तवज्जो दी जाती है। डिबेट्स के दौरान गाली गलौज, सफेद झूठ, उटपटांग शब्दों का प्रयोग आम बात हो गई है। और तो और अब खबरें कम, न्यूज चैनल्स मोदी चालीसा गाते हुए ज्यादा नजर आ जाते हैं।
किसान नेता राकेश टिकैत ने तो खुल्लम खुल्ला कह दिया है कि अब बहुत हो गया। जी न्यूज और रिपब्लिक भारत जैसे इन दोनों चैनलों का इलाज बहुत जरुरी हो गया है और ये इलाज किसान करेंगे।
मालूम हो कि जी न्यूज और रिपब्लिक चैनल लगातार किसान आंदोलन को देश विरोधी आंदोलन बताने में जुटे हैं।
आंदोलन से जुड़ी खबरें चलाते हैं। चूंकि इस आंदोलन में सबसे ज्यादा सिख समुदाय के लोग पगड़ी बांधे और कृपाण के साथ नजर आते हैं, तो ये दोनों चैनल इस आंदोलन को सिखों को खालिस्तानी बताते रहते हैं।
जी न्यूज और रिपब्लिक भारत जैसे चैनलों ने तो मोदी, भाजपा और आरएसएस की चापलूसी में सारी हदें पार कर दी है। इन दोनों चैनलों ने एक तरह से मोदी को भगवान का भाई घोषित कर दिया है और इनकी नजरों में देश की हर समस्या के लिए पंडित नेहरु और कांग्रेस जिम्मेवार है।
यही नहीं केंद्र सरकार के विरोध में कोई भी आंदोलन होता है तो ये दोनों चैनल उसको या तो पाकिस्तान से जोड़ देते हैं या मुसलमानों के साथ।
यही नहीं ये दोनों चैनल किसी भी आंदोलन के पीछे गलत तरीके से फंडिंग की खबर सबसे पहले चलाना शुरु कर देते हैं। ये अलग बात है कि बाद में इन्हें थूक कर चाटना पड़ता है क्योंकि इनकी खबरें फर्जी होती हैं।
पिछले कई महीनों से चल रहे किसान आंदोलन को बदनाम करने में इन दोनों चैनलों में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी।
किसान आंदोलन को धार देने के मकसद से राकेश टिकैत हिसार पहुंचे थें और किसानों के साथ बैठक और पदयात्रा कर रहे थे।
इस पर रिपब्लिक भारत सुबह से ही खबर चला रहा था कि राकेश टिकैत कोरोना फैलाने हिसार पहुंचे हैं। किसानों में इस तरह की खबरों को लेकर काफी आक्रोश था।
आर भारत के हिसार संवाददाता ने जब राकेश टिकैत से सवाल पूछा तो टिकैत ने दो टूक अंदाज में कहा कि दो चैनलों का भी इलाज होगा। आर भारत का और जी न्यूज का। अगला टारगेट तुम्हारा ही है। इन दो का इलाज कर लो, सबका इलाज हो जाएगा।

Tuesday, May 25, 2021

May 25, 2021

फेसबुक व वॉट्सऐप ने मानी भारत सरकार की गाइडलाइन

फेसबुक व वॉट्सऐप ने मानी भारत सरकार की गाइडलाइन, ट्विटर व इंस्टाग्राम का क्या होगा, आप भी जान लिजिए


नई दिल्ली : टूलकिट पर ट्विटर को केंद्र की सख्त हिदायतों के बीच अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सामने नई मुसीबत आ गई है। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए इसी साल 25 फरवरी को गाइडलाइन जारी की थी और इन्हें लागू करने के लिए 3 महीने का समय दिया था। डेडलाइन मंगलवार यानी 25 मई को खत्म हो रही है। ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स ने अब तक नहीं बताया है कि गाइडलाइंस को लागू किया गया या नहीं। ऐसे में सरकार इन पर एक्शन ले सकती है।

इस बीच फेसबुक का जवाब आया है। कंपनी की तरफ से कहा गया है कि वह आईटी के नियमों का पालन करेगी। साथ ही कुछ मुद्दों पर सरकार से बातचीत जारी रखेगी। फेसबुक ने यह भी कहा है कि आईटी के नियमों के मुताबिक ऑपरेशनल प्रोसेस लागू करने और एफिशिएंसी बढ़ाने पर काम जारी है। कंपनी इस बात का ध्यान रखेगी कि लोग आजादी से और सुरक्षित तरीके से अपनी बात हमारे प्लेटफॉर्म के जरिए कह सकें।
50 लाख या इससे ऊपर यूजर बेस वाले मुख्य सोशल मीडिया प्लेटफ ॉर्म को ये नियम लागू करने के लिए 3 महीने का वक्त दिया गया था। ये मियाद 25 मई को खत्म हो रही है। सिर्फ इंडियन सोशल मीडिया कंपनी कू ने गाइडलाइंस का पालन किया है। वहीं हाल ही में फेसबुक ने भी भारत सरकार की गाईडलाइंस को अपनाने की स्वीकृति दे दी है। जबकि ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी कंपनियों ने अब तक ऐसे किसी कदम की जानकारी नहीं दी है।
ये प्लेटफॉर्म भारत में काम करते हैं, अच्छा मुनाफा कमाते हैं और गाइडलाइंस पर इन्हें अमेरिका से आदेश मिलने का इंतजार रहता है। ट्विटर जैसे कुछ प्लेटफॉर्म अपने खुद के फैक्ट चेकर रखते हैं, हालांकि इनका नाम कभी सार्वजनिक नहीं किया जाता और न इस बात में पारदर्शिता है कि ये किस आधार पर कंटेंट हटाते हैं।
अगर डेडलाइन खत्म होने तक किसी भी सोशल मीडिया का जवाब नहीं आता है तो सरकार इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगी। सूत्रों के मुताबिक नियमों का पालन नहीं होता है तो सरकार इन सोशल मीडिया प्लेटफाम्र्स को दी हुई इम्युनिटी वापस ले सकती है। इस इम्युनिटी के तहत सोशल मीडिया प्लेटफाम्र्स का रोल भारत में बिचौलिए के तौर पर दर्ज है।
इसके मायने यह हैं कि अगर कोई यूजर किसी पोस्ट को लेकर कोर्ट जाता है तो इन प्लेटफॉम्र्स को अदालत में पार्टी नहीं बनाया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि अगर सरकार इम्युनिटी हटा लेगी तो इन सोशल मीडया प्लेटफार्म को भी कोर्ट में पार्टी बनाया जा सकता है। सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर सकती है।
वहीं वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर भी सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने इसे वापस लेने के लिए कहा है। इसके लिए 18 मई को 7 दिन का नोटिस दिया गया था। वॉट्सऐप ने सोमवार को कहा कि उसने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से मिले नोटिस का जवाब भेज दिया है। अब कुलमिलाकर भारत में वॉट्सऐप तथा फेसबुक जारी रह सकता जबकि ट्विटर और इंस्टाग्राम को बंद किया जा सकता है या कोई अन्य कार्रवाई भारत सरकार कर सकती है।