Breaking

Showing posts with label Youth News. Show all posts
Showing posts with label Youth News. Show all posts

Monday, October 10, 2022

October 10, 2022

जींद में किरण चौधरी ने निकाला रोड शो:बोलीं- पार्टी छोड़ने की अफवाह फैलाना शुभचिंतकों का काम, कांग्रेस में ही रहूँगी

जींद में किरण चौधरी ने निकाला रोड शो:बोलीं- पार्टी छोड़ने की अफवाह फैलाना शुभचिंतकों का काम, कांग्रेस में ही रहूँगी

जींद में पत्रकारों से बातचीत करतीं किरण चौधरी।

जींद :  जींद में सोमवार को तोशाम से विधायक किरण चौधरी पहुंची। यहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। वह चौधरी देवी लाल चौंक पर पहुंचकर मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर रोड शो की शुरुआत की। स्थानीय विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पहले प्रत्याशी के चयन को लेकर पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई जाती थी। इस बैठक में वरिष्ठ नेताओं से सलाह मशवरा कर टिकट के लिए प्रत्याशी का नाम फाइनल किया जाता था, लेकिन इस बार आदमपुर उपचुनाव को लेकर ऐसा अभी तक नहीं हुआ है।


उन्हें इस बैठक के लिए अभी तक कोई निमंत्रण भी नहीं मिला है। बावजूद इसके उन्हें आदमपुर उपचुनाव में प्रचार के लिए बुलाया जाता है तो वो कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने जाएंगी। कांग्रेस प्रत्याशी की जीत पर उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें न तो वहां बुलाया गया है और न ही उन्होंने आदमपुर का दौरा किया है। जब वो वहां जाएंगी तब ही वो कांग्रेस प्रत्याशी की जीत को लेकर कुछ कह सकेंगी।
जींद पहुंचे पर किरण चौधरी का स्वागत करते कांग्रेसी कार्यकर्ता।

अभय चौटाला के उनके पार्टी छोड़ने वाले बयान पर कहा कि कुछ शुभ चिंतक व हितैषी ऐसी अफवाहें फैलाने का काम कर रहे हैं। लेकिन वह इन शुभ चिंतकों को बताना चाहती है कि वो कांग्रेस में है और हमेशा कांग्रेस में ही रहेंगी। उन्होंने कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को लेकर कहा कि वो किसी भी तरह की गुटबाजी में विश्वास नहीं करती हैं। आज पार्टी में कुछ कार्यकर्ता अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
ऐसे में कार्यकर्ताओं की आवाज बन कर वह उन्हें फिर से सक्रिय कर करने के लिए कार्यकर्ताओं के द्वार कार्यक्रम कर रही हैं ताकि कांग्रेस पार्टी और मजबूत हो। देश में भाइचारे और सद्भावना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी कश्मीर से कन्या कुमारी तक भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं। पूरे हरियाणा में चौधरी बंसीलाल और चौधरी सुरेंद्र सिंह के पुराने कार्यकर्ता हैं। इसलिए उन सभी कार्यकर्ताओं के द्वार जाकर नए कार्यकर्ताओं को जोड़ कर कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने का काम कर रही हैं।

Friday, October 7, 2022

October 07, 2022

जिन्‍होंने दिए सिक्‍खों के '5 ककार', जानें गुरु गोबिंद सिंह के बारे में 10 महत्‍वपूर्ण बातें

जिन्‍होंने दिए सिक्‍खों के '5 ककार', जानें गुरु गोबिंद सिंह के बारे में 10 महत्‍वपूर्ण बातें 

Guru Gobind Singh: वर्ष 1699 में, गुरु गोबिंद सिंह ने 'खालसा वाणी' की स्थापना की - "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह". उन्होंने अपने सभी अनुयायियों का नाम 'सिंह' रख दिया जिसका अर्थ है शेर । उन्होंने खालसा के '5 ककार'  या सिद्धांतों की भी स्थापना की. ये हैं- केश, कंघा, कच्‍छा, कड़ा, कृपाण। 

सिखों के 10वें और अंतिम गुरु 'गुरु गोबिंद सिंह' का जन्म 22 दिसंबर 1666 को हुआ । उनके बचपन का नाम गोबिंद राय था। उन्होंने संस्कृत, फारसी, पंजाबी और अरबी भाषाएं सीखीं। इसके साथ ही उन्‍होंनें धनुष-बाण, तलवार, भाला चलाने की कला भी सीखी। एक आध्यात्मिक गुरु होने के साथ-साथ वह एक निर्भीक योद्धा, कवि और दार्शनिक भी थे। उनकी शिक्षाओं ने सिख समुदाय और अन्य लोगों को कई पीढ़ियों से प्रेरित किया है। आज ही के दिन वर्ष 1708 में, महाराष्ट्र के नांदेड़ में स्थित श्री हुजूर साहिब में उन्‍होंने अपने प्राणों का त्याग किया था। आइये जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी 10 बड़ी बातें। 
- गोबिंद राय का जन्‍म सिख धर्म के 9वें गुरु, गुरु तेग बहादुर और माता गुजरी के घर तख्त श्री पटना साहिब (अब पटना) में हुआ था। - वह केवल 9 वर्ष की आयु के थे, जब 10वें सिख गुरू बने।  - अपने पिता गुरु तेग बहादुर के मुगल सम्राट औरंगजेब के हाथों शहादत स्वीकार करने के बाद वह कश्मीरी हिंदुओं की रक्षा के लिए आगे आए। - अपने बचपन में ही, बालक गोबिंद ने संस्कृत, उर्दू, हिंदी, ब्रज, गुरुमुखी और फारसी सहित कई भाषाएं सीखीं। उन्होंने युद्ध में निपुण होने के लिए मार्शल आर्ट भी सीखा। - वह दक्षिण सिरमुर, हिमाचल प्रदेश में यमुना नदी के किनारे एक शहर पांवटा गए। यहां उन्होंने पांवटा साहिब गुरुद्वारा की स्थापना की और सिख सिद्धांतों के बारे में प्रचार किया। पांवटा साहिब आज भी सिखों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। यहां उन्‍होंने 3 वर्ष बिताए, जिस दौरान कई ग्रंथ लिखे और अपने अनुयायियों की पर्याप्त संख्या भी एकत्र की। - सितंबर 1688 में, 19 साल की उम्र में, गुरु गोबिंद सिंह ने भीम चंद, गढ़वाल के राजा फतेह खान और शिवालिक पहाड़ियों के अन्य स्थानीय राजाओं की एक संयुक्‍त सेना के खिलाफ भंगानी की लड़ाई लड़ी। लड़ाई एक दिन तक चली और हजारों लोगों की जान चली गई। गुरू गोबिंद सिंह ने संयुक्‍त सेना को हराया। - बिलासपुर की रानी के निमंत्रण पर गुरु गोबिंद नवंबर 1688 में आनंदपुर लौट आए, जो चक नानकी के नाम से जाना जाने लगा है। - 30 मार्च 1699 को, गुरु गोबिंद सिंह ने अपने अनुयायियों को आनंदपुर में अपने घर पर इकट्ठा किया। उन्‍होंने एक स्वयंसेवक से अपने भाइयों के लिए अपना सिर बलिदान करने के लिए कहा। एक अनुयायी दया राम फौरन इसके लिए राजी हो गया। गुरु उन्हें एक तंबू के अंदर ले गए और एक खूनी तलवार के साथ बाहर निकले। उन्होंने फिर से एक स्वयंसेवक को बुलाया और फिर ऐसा ही किया। 5 बार ऐसा करने के बाद, अंत में गुरु पांच स्वयंसेवकों के साथ तम्बू से निकले और तम्बू में पांच सिर कटी बकरियां मिलीं। इन पांच सिख स्वयंसेवकों को गुरु ने 'पंज प्यारे' या 'पांच प्यारे' के रूप में नामित किया. - 1699 की सभा में, गुरु गोबिंद सिंह ने 'खालसा वाणी' की स्थापना की - "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह". उन्होंने अपने सभी अनुयायियों का नाम 'सिंह' रख दिया जिसका अर्थ है शेर। उन्होंने खालसा के '5 ककार'  या सिद्धांतों की भी स्थापना की. ये हैं- केश, कंघा, कच्‍छा, कड़ा, कृपाण. - गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा और सिखों के धार्मिक ग्रंथ 'गुरु ग्रंथ साहिब' को ही सिखों के अगले गुरु के रूप में नामित किया। उन्होंने 07 अक्टूबर 1708 को अपना शरीर छोड़ दिया।

Friday, September 2, 2022

September 02, 2022

WhatsApp पर 24 लाख अकाउंट हुए बंद: कंपनी की बड़ी कार्रवाई, इस लिस्ट में कहीं आप तो नहीं? देख लीजिए

WhatsApp पर 24 लाख अकाउंट हुए बंद: कंपनी की बड़ी कार्रवाई, इस लिस्ट में कहीं आप तो नहीं? देख लीजिए

सोशल मीडिया के एक बेहद पॉपुलर प्लेटफार्म WhatsApp की बड़ी कार्रवाई सामने आई है| बताया जाता है कि, व्हाट्सएप ने सिर्फ एक महीने के अंदर-अंदर भारत में लगभग 24 लाख अकाउंट्स को बैन कर दिया है। यानि ये अकॉउंटस सिरे से बंद कर दिए गए हैं| इस बात की जानकारी कंपनी ने अपनी मंथली कंप्लायंस रिपोर्ट में दी है।

*इन अकाउंट्स पर गतिविधि सही नहीं थी*

WhatsApp द्वारा बताया गया है कि, इन अकाउंट्स पर गतिविधि सही नहीं थी| इन अकाउंट्स की प्रोफाइल, इनका कंटेंट सही नहीं पाया गया| इसलिए इन्हें प्रोएक्टिवली प्रतिबंधित करना पड़ा| मसलन, इन अकाउंट्स को बैन करने के लिए यूजर्स से कोई रिपोर्ट भी नहीं ली गई है। इन्हें सीधा बंद ही कर दिया गया।
*23,87,000 से ज्यादा अकाउंट्स पर बैन*

दरअसल, WhatsApp की लेटेस्ट रिपोर्ट 'इंडिया मंथली रिपोर्ट अंडर द इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021' के मुताबिक, WhatsApp ने जुलाई महीनें में भारत में 23,87,000 से ज्यादा अकाउंट्स पर बैन लगाया है|
यह पढ़ें - WhatsApp पर खास सावधानी बरतें: अगर बना रखे हैं Groups और खुद हैं Admin तो ये 5 गलतियां आपको सीधा पहुंचाएंगी जेल

फिलहाल, कंपनी द्वारा लगभग 24 लाख अकाउंट्स पर बैन लगाना एक बड़ा नंबर है। बतादें कि, इससे पहले मार्च में 18 लाख अकाउंट्स पर, अप्रैल में 16 लाख अकाउंट्स पर और मई में 19 लाख अकाउंट्स पर और जून में 22 लाख अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया गया था|
*फेसबुक और इंस्टाग्राम की भी कार्रवाई*

इधर, सिर्फ WhatsApp ने ही कार्रवाई नहीं की है| इसकी साझा कम्पनी मेटा ने भी खुलासा किया है कि उसने जुलाई में फेसबुक और इंस्टाग्राम से 2.7 करोड़ से ज्यादा पोस्ट्स हटा दिए हैं। कंपनी ने हिंसक कंटेंट हटाया है| कपंनी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सरकार के नियमों का पालन कर रहा है।
September 02, 2022

पायलटों की हड़ताल से लुफ्थांसा की 800 फ्लाइट्स रद्द:दिल्ली एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों का हंगामा, कहा- किराया वापस दो या फिर जाने का इंतजाम करो

पायलटों की हड़ताल से लुफ्थांसा की 800 फ्लाइट्स रद्द:दिल्ली एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों का हंगामा, कहा- किराया वापस दो या फिर जाने का इंतजाम करो

नई दिल्ली : जर्मनी की लुफ्थांसा एयरलाइंस के पायलट वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को एक दिन की हड़ताल पर हैं। इसके चलते एयरलाइंस का पूरा सिस्टम हिल गया है। दुनियाभर में आज लुफ्थांसा की 800 उड़ानों को रद्द किया गया है। इससे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी 700 से ज्यादा यात्री फंसे हैं। फ्लाइट्स रद्द होने से यात्रियों ने एयरपोर्ट पर हंगामा किया, उनका कहना है कि हमारा किराया वापस करो या फिर जाने का इंतजाम करो।
*दिल्ली से उड़ान भरने वाली दो फ्लाइट्स रद्द*

फ्लाइट रद्द होने से गुस्साए यात्री हंगामा कर रहे हैं। इसके चलते एयरपोर्ट के अंदर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। दिल्ली एयरपोर्ट से लुफ्थांसा एयरलाइंस की 2 फ्लाइट्स थीं, जिनमें करीब 400 यात्रियों को म्यूनिख और फ्रैकफर्ट जाना था। पैसेजंर्स का कहना है कि जब वे एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि फ्लाइट्स ही रद्द हो गई है।
*200 यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजा गया*

लुफ्थांसा एयरलाइंस से यात्रा करने वाले यात्रियों में से कुछ छात्र भी हैं, जिन्हें एग्जाम देने के लिए विदेश जाना था। छात्रों का कहना है कि फ्लाइट्स रद्द होने से हमारा भविष्य खतरे में है। वे एयरपोर्ट पर नारेबाजी कर रहे हैं। हंगामा बढ़ने पर एयरलाइन ने करीब 200 यात्रियों को दूसरी एयरलाइन के जरिए उनके डेस्टिनेशन पर भेजा है। अभी 500 यात्री दिल्ली एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं।
*वेतन बढ़ाने और महंगाई भत्ते की मांग कर रहे पायलट*

पायलटों के यूनियन ने इस साल 5,000 से अधिक पायलटों के वेतन में 5.5% की वृद्धि और महंगाई भत्ते की मांग की है। जब उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो पायलटों ने एक दिन की हड़ताल कर दी। इससे पहले लुफ्थांसा को इस साल वेतन बढ़ाने के लिए सिक्योरिटी वर्कर्स और ग्राउंड स्टाफ की ओर से कई बार हड़ताल का सामना करना पड़ा है।
जुलाई में एयरलाइन को जर्मनी की शक्तिशाली वर्डी यूनियन की ओर से बुलाए गए एक दिन के वाकआउट का सामना करना पड़ा था, जिससे फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख में घरेलू केंद्रों पर इसकी उड़ानें प्रभावित हुईं थी।
September 02, 2022

नगर प्रशासन ने जारी की टोमैटो फ्लू पर एडवाइजरी

नगर प्रशासन ने जारी की टोमैटो फ्लू पर एडवाइजरी

चंडीगढ़ : टोमैटो फ्लू एक वायरल बीमारी है। टोमैटो फ्लू नाम इस रोग के मुख्य लक्षण से आया है। शरीर के कई हिस्सों पर  लाल रंग के छोटे फफोले के रूप में शुरू होते हैं और बड़े होने पर टमाटर की भांति होते हैं। टोमैटो फ्लू एक स्व-सीमित संक्रामक रोग है क्योंकि लक्षण और लक्षण कुछ दिनों के बाद दूर हो जाते हैं। टोमैटो फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। टोमैटो फ्लू के प्राथमिक लक्षण बच्चों में देखे गए हैं, जोकि वायरल संक्रमणों के समान हैं। इनमें बुखार, चकते पडऩा और जोड़ों में दर्द शामिल है। इस रोग में थकान, मितली, उल्टी, दस्त, बुखार, निर्जलीकरण, जोड़ों की सूजन, शरीर में दर्द और आम इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। बुखार शुरू होने के एक या दो दिनों के बाद छोटे लाल धब्बे दिखाई देते हैं, जो छाले और फिर अल्सर में बदल जाते हैं। शरीर के कई भागों में टमाटर की तरह छाले पड़ जाते हैं।
शिशुओं और छोटे बच्चों को भी नैपिज, अशुद्ध सतहों को छूने और चीजों को सीधे मुंह में डालने से इस संक्रमण का खतरा होता है। यह बीमारी मुख्य रूप से 10 साल से कम उम्र के बच्चों में होती है। यह वयस्कों में भी हो सकती है। बाहरी राज्य से काफी लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे में यह बीमारी उनके साथ आ सकती है। लोगों को स्वयं इसको लेकर जागरूक रहना होगा।  इस रोग से संबंधित अगर किसी को कोई भी लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
इन लक्षणों वाले बच्चों में डेंगू, चिकनगुनिया, जीका के निदान के लिए आणविक और सीरोलॉजिकल परीक्षण किए जाते हैं। अन्य वायरल संक्रमणों के समान है अर्थात किसी भी लक्षण की शुरुआत से 5-7 दिनों के लिए अलगाव अन्य बच्चों या वयस्कों में संक्रमण का प्रसार, आराम, बहुत सारे तरल पदार्थ और जलन से राहत के लिए गर्म पानी का स्पंज और चकत्ते बुखार और शरीर में दर्द के लिए पैरासिटामोल की सहायक चिकित्सा और अन्यरोगसूचक उपचार की आवश्यकता होती है। टोमैटो फ्लू एक स्व-सीमित बीमारी है और इसके इलाज के लिए कोई विशिष्ट दवा मौजूद नहीं है।
*ऐसे करें रोकथाम:*

रोकथाम के लिए सबसे अच्छा उपाय उचित स्वच्छता है। आसपास की जरूरी वस्तुओं और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के साथ संक्रमित बच्चे के खिलौने, कपड़े, भोजन और अन्य सामान को गैर-संक्रमित बच्चों से साझा करने से रोकना चाहिए। इसके अलावा बुखार या दाने के लक्षण वाले बच्चों को गले न लगाएं और न ही उन्हें छुएं।संक्रमित बच्चे निम्नलिखित कुछ निवारक उपाय हैं जिन्हें हमें ध्यान में रखना चाहिए।
संक्रमित व्यक्ति के तुरंत संपर्क में आने से बचें, अपने बच्चे को संकेतों और लक्षणों और इसके दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित करें, अपने बच्चे को बताएं कि बुखार या दाने के लक्षण वाले बच्चों को गले न लगाएं या न छुएं, बच्चों को स्वच्छता बनाए रखने और अंगूठा या उंगली चूसने से रोकें। नाक बहने या खांसने की स्थिति में बच्चे को रूमाल का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि इसके प्रसार से बचा जा सके। छाले को खरोंचें या रगड़ें नहीं और जब भी आप इन छालों को छुएं तो  हाथों को धो लें।
अपने बच्चों को खूब  पानी, दूध, या जूस पीने के लिए प्रेरित करके हाइड्रेटेड रखने की कोशिश करें, चाहे वे कुछ भी करें। यदि आपके बच्चे में टोमैटो बुखार के लक्षण विकसित होते हैं, तो उसे रोकने के लिए तुरंत उन्हें अन्य बच्चों से अलग कर दें ताकि बीमारी न फैल पाए।सभी बर्तन, कपड़े, और अन्य उपयोगी वस्तुओं (जैसे बिस्तर) को अलग किया जाना चाहिए और नियमित रूप से साफ किया जाना चाहिए।त्वचा को साफ करने या बच्चे को नहलाने के लिए हमेशा गर्म पानी का इस्तेमाल करें।
इम्युनिटी बढ़ाने के लिए संतुलित आहार लें। उपचार को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त आराम और नींद लेना आवश्यक है। अभी तक टोमैटो फ्लू के उपचार या रोकथाम के लिए कोई एंटीवायरल दवा या टीका उपलब्ध नहीं है।  चंडीगढ़ में टोमैटो फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है।

Saturday, August 27, 2022

August 27, 2022

बस किराए पर ले हक लेने चंडीगढ़ पहुंची छात्राएं, अधिकारी दफ्तर छोड़ भाग गए

बस किराए पर ले हक लेने चंडीगढ़ पहुंची छात्राएं, अधिकारी दफ्तर छोड़ भाग गए

पंचकूला / चंडीगढ़ : सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे को लेकर भले ही संजीदा हो लेकिन कुछ विभाग कुछ अधिकारी बेटियों को लेकर कितना संजीदा है इसकी बानगी आज देखने को मिली पंचकूला सेक्टर 22 के डायरेक्टरेट आफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च हरियाणा विभाग में जहा पर सफीदों गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज की 45 छात्राएं 200 किलोमीटर दूर से बस लेकर अपनी मांग पत्र लेकर पहुंची। विडंबना रही सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक कोई भी अधिकारी उनसे नहीं मिला।

 इस मौके पर छात्राओं ने बताया कि पिछले 4 साल से वह सफीदों कॉलेज में पढ़ रहे हैं फाइनल ईयर में 6 महीने की ट्रेनिंग होती है उनके कोर्स के सिर्फ 2 महीने बचे हैं लेकिन उन्हें ट्रेनिंग नहीं कराई गई है जबकि कोर्स पूरा होने को है। इसके अलावा 4 साल का स्टायफंड अभी तक छात्राओं को नहीं मिला है फार्म भरा लिए जाते हैं डिटेल ले ली जाते लेकिन कोई पैसा खाते नहीं आ रहा। छात्राओं को अपने हॉस्टल से कॉलेज में जाने के लिए 6 से 7 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है सरकार ने पास तो बना दिए लेकिन ना तो प्राइवेट बसें वहां रुकती और अलग से बस लगाना तो दूर की बात है जबकि एडमिशन के वक्त कहा गया था कि आप लोगों को ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा दी जाएगी इसके अलावा छात्राओं ने बताया कि उनका हॉस्टल भी प्राइवेट है उसके लिए भी कहा गया था अभी जेब से पैसा भरो आपको बाद में पैसा दिलवा दिया जाएगा लेकिन अब विभाग इस से भी मुंह मोड़ रहा है। इसकी वजह से छात्राएं अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है। 
छात्रों की समस्याएं यहीं खत्म नहीं हुई उन्होंने डायरेक्टर से मिलने का समय मांगने के लिए फोन किया फोन नहीं उठाया गया बाद में जब वे 16000 में बस भाड़े पर लेकर पंचकूला 11 बजे ऑफिस में पहुंचे तो उन्हें मीटिंग हॉल में बैठा दिया गया और शाम के 5 बजे तक चाय पानी कुछ नहीं दिया गया ना ही किसी भी अधिकारी ने उनसे मिलने की जहमत उठाई ना ही मौके पर मौजूद किसी भी स्तर के अधिकारी ने उनको कोई संतुष्ट सा आश्वासन दिया। 5 बजे दफ्तर बंद करते वक्त उनको दफ्तर से बाहर निकाल दिया गया जबकि छात्राएं लिखित में आश्वासन चाहती थी। उनका कहना था कि वे सब गरीब घरों की बच्चियां है ₹16000 खर्च करके यहा पर पहुंची हैं दोबारा से आना उनके लिए असंभव है। लेकिन किसी ने उनकी सुनवाई नहीं कहीं वह कहा जाए किसको अपना दुखड़ा सुना। 
लोग चंडीगढ़ बड़ी आशाएं लेकर आते हैं उस उम्मीद से आते हैं के यहा तो उनकी सुनवाई होगी उनकी समस्या का समाधान होगा लेकिन आज जो तस्वीर सामने आई उसमें मानवता को झकझोर कर रख दिया है इन बेटियों के साथ जो हुआ उसकी गुहार उन्होंने स्वास्थ्य और गृहमंत्री अनिल विज से लगाई हैं उन्होंने कहा है उन्हें इंसाफ दिलाया जाए और उनकी पढ़ाई को सुचारू रूप से चलाने सरकार मदद करे।

Thursday, August 25, 2022

August 25, 2022

भाजपा गठबंधन सरकारी स्कूलों को बंद कर शिक्षा को प्राइवेट हाथों में देने की रच रहा है साजिश: अभय चौटाला

भाजपा गठबंधन सरकारी स्कूलों को बंद कर शिक्षा को प्राइवेट हाथों में देने की रच रहा है साजिश: अभय चौटाला

चंडीगढ़ : इनेलो के प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने भाजपा गठबंधन सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों को बंद कर शिक्षा को प्राइवेट हाथों में देने की साजिश रच रही है। इसकी शुरूआत कांग्रेस ने की थी, उन्होंने भी स्कूलों को बंद किया था और शिक्षा प्रणाली का बेड़ा गर्क किया।
भाजपा गठबंधन सरकार हवाला दे रही है कि स्कूलों में बच्चों की संख्या कम है इसलिए मर्ज कर रहे हैं लेकिन गंभीर सवाल यह है कि सरकार इस बात का जवाब दे कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या कम कैसे हुई? भाजपा सरकार ने आज तक अध्यापकों की भर्ती नहीं की है। स्कूलों का सैशन शुरू हुए पांच महीने बीत जाने के बाद भी बच्चों के लिए किताबें उपलब्ध नहीं करवाई। चिराग योजना को लागू किया गया क्योंकि सरकार नहीं चाहती कि बच्चे सरकारी स्कूलों में दाखिला लें। दाखिलों को फैमिली आईडी से जोड़ दिया गया जिस कारण से लगभग ढाई हजार स्कूलों में बच्चों का दाखिला ही नहीं हुआ।
कक्षा 6 से कक्षा 12 तक हिंदी, इंग्लिश, मैथ, साइन्स और सामाजिक विषयों के लिए प्रति विषय पर एक अध्यापक होना चाहिये लेकिन सच्चाई यह है कि ज्यादातर स्कूलों में कई विषयों के अध्यापक ही उपलब्ध नहीं हैं। अध्यापकों का तबादला करके उस पद को कैप्ट किया जा रहा है और खाली पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की जा रही है, मतलब है कि पोस्ट को कैप्ट करके बहुत सारे विषयों के पद को जड़ से खत्म किया जा रहा है। भाजपा सरकार के मंत्री यह कह कर गुमराह कर रहे हैं कि स्कूलों को बंद नहीं मर्ज किया जा रहा है। जब तीन स्कूलों को मर्ज करके एक स्कूल बना दिया जाएगा तो दो स्कूल तो बंद हो जाएंगे। इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा सरकार यह बताए कि जो स्कूल खाली हो जाएंगे तो उनका क्या करेगी? साफ है कि सरकार ने सोची-समझी साजिश के तहत प्रयास किए कि जितना हो सके सरकारी स्कूलों में बच्चे कम से कम दाखिला लें। 
इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा गठबंधन सरकार का पूरा ध्यान नशे को बढ़ाने में लगा है, हर जगह शराब के ठेके खोले जा रहे हैं और सरकार के संरक्षण में चिट्टा जैसा जानलेवा नशा गांव-गांव बेचा जा रहा है जिससे युवा पढ़ने के बजाय नशे से अपनी जान गंवा रहा है।