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Wednesday, October 5, 2022

October 05, 2022

WhatsApp का बड़ा कदम: अब व्हाट्सएप पर नहीं ले पाएंगे स्क्रीनशॉट्स, जारी हुआ नया सुरक्षा फीचर

WhatsApp का बड़ा कदम: अब व्हाट्सएप पर नहीं ले पाएंगे स्क्रीनशॉट्स, जारी हुआ नया सुरक्षा फीचर

इंस्टेंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप (Whatsapp) ने यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक और नए फीचर्स को जारी कर दिया है। व्हाट्सएप में अब व्यू वन्स मैसेज से किए गए मैसेज का स्क्रीनशॉट्स नहीं लिया जा सकेगा। इस फीचर्स के बाद अब यूजर्स की चैट और अधिक सुरक्षित हो जाएगी। बता दें कि पिछली साल अगस्त में व्हाट्सएप ने यूजर्स की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए व्यू वन्स मैसेज फीचर जारी किया था। इसके एक साल बाद यानी अगस्त 2022 में मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने व्यू वन्स मैसेज में स्क्रीनशॉट लेने की सुविधा को बंद करने का एलान किया था।
मार्क जुकरबर्ग ने कई सिक्योरिटी फीचर जारी करते हुए कहा था कि वे WhatsApp की सिक्योरिटी को अब और मजबूत करने जा रहे हैं। इसके लिए हम व्यू वन्स मैसेज (View Once Messages) फीचर में एक और नए फीचर को शामिल कर रहे हैं, इससे व्हाट्सएप यूजर्स की चैट को और अधिक सुरक्षित रखा जा सकता है। इस फीचर में व्यू वन्स मैसेज से किए गए मैसेज का स्क्रीनशॉट्स नहीं लिया जा सकेगा।
व्हाट्सएप का यह स्क्रीनशॉट्स ब्लॉकिंग फीचर्स गूगल-पे और फोन-पे की तरह काम करता है, जो यूजर्स को अपने प्लेटफॉर्म पर स्क्रीनशॉट्स लेने की अनुमति नहीं देता है। ऐसे ही अब व्हाट्सएप पर भी व्यू वन्स मैसेज से किए गए मैसेज का स्क्रीनशॉट्स नहीं लिया जा सकेगा
*ऐसे करता है काम*

इस फीचर की मदद से आप अपनी चैट को सेफ रख सकते हैं। इससे पहले व्यू वन्स मैसेज फीचर को भी यूजर्स की प्रायवेसी को ध्यान में रखकर लाया गया था, इस फीचर से किए गए मैसेज को केवल एक बाद ही देखा जा सकता था। व्हाट्सएप के इस फीचर के बाद यूजर्स की प्रायवेसी को और अधिक सुरक्षित रखा जा सकता है। नए फीचर्स के बाद व्यू वन्स मैसेज (View Once Messages) से किए गए मैसेज को व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट्स के लिए ब्लॉक कर देता है, फिर अन्य यूजर उसको सिर्फ एक बार देख सकता है। अन्य यूजर उस मैसेज को न सेव कर सकता है और न उसका स्क्रीनशॉट्स ले सकता है। साथ ही यूजर्स व्यू वन्स मैसेज से किए गए मैसेज को स्क्रीन रिकॉर्ड के जरिए भी रिकॉर्ड नहीं किया जा पाएगा।

Tuesday, October 4, 2022

October 04, 2022

आदमपुर उपचुनाव: सियासतदानों ने शुरू की सियासत:AAP ने कसा कुलदीप पर तंज, हुड्‌डा बोले- दूसरे नंबर पर आएगी BJP, भाजपा की चुप्पी

आदमपुर उपचुनाव: सियासतदानों ने शुरू की सियासत:AAP ने कसा कुलदीप पर तंज, हुड्‌डा बोले- दूसरे नंबर पर आएगी BJP, भाजपा की चुप्पी

चंडीगढ़ : हरियाणा में आदमपुर उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। सियासतदानों ने अपनी अपनी जीत के दावे शुरू कर दिए हैं। AAP ने कुलदीप बिश्नोई पर तंज कसते हुए ट्वीट किया है कि परमानेंट पूर्व विधायक बनने का समय आ गया है। वहीं पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने आदमपुर को कांग्रेस का गढ़ बताया है। साथ ही कहा है कि चुनाव में BJP दूसरे नंबर पर आएगी। BJP का अभी तक उपचुनाव को लेकर कोई बयान नहीं आया है।
पूर्व CM ने उपचुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आदमपुर कांग्रेस पार्टी का हमेशा से गढ़ रहा है। कुलदीप बिश्नोई हमेशा से ही पार्टी टिकट पर ही चुनाव जीते हैं। इस बार के चुनाव में भी कांग्रेस ही जीत दर्ज करेगी। भाजपा सरकार की कुनीतियों के कारण किसान से लेकर आम जनत परेशान है। इसलिए आदमपुर की जनता उसे इस उपचुनाव में नकार देगी।
*BJP ने साधी चुप्पी*

आदमपुर उपचुनाव की घोषणा के बाद हरियाणा BJP की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ त्रिपुरा में हैं। CM मनोहर लाल भी दुबई यात्रा पर गए हैं। हालांकि पार्टी आदमपुर उपचुनाव को लेकर भाजपा की पूरी तैयारी है और चुनाव में जीत दर्ज करेगी।
*लोगों से जुड़े हैं बिश्नोई: भव्य*

आदमपुर उपचुनाव पर कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई ने प्रतिक्रिया दी है। भव्य का कहना है कि वह चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। बिश्नोई आदमपुर की जनता से सीधे जुड़े हुए हैं। व्यक्तिगत रूप से मैं लोगों के बीच हमेशा रहता हूं। इस चुनाव में हम सभी दलों को हराकर जीत दर्ज करेंगे।
*कुलदीप ने पूर्व CM को किया चैलेंज*

BJP नेता कुलदीप बिश्नोई ने उपचुनाव की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने भूपेंद्र हुड्डा को चैलेंज देते हुए कहा कि यदि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आदमपुर में विकास करवाने का काम किया है तो वो स्वयं या अपने बेटे दीपेंद्र को उपचुनाव लड़कर दिखाएं।

Wednesday, September 14, 2022

September 14, 2022

दिल्ली में अब फ्री बिजली नहीं मिलेगी, अगर नहीं किया यह काम, आएगा मोटा बिल

दिल्ली में अब फ्री बिजली नहीं मिलेगी, अगर नहीं किया यह काम, आएगा मोटा बिल

नई दिल्ली : दिल्ली वासियों के लिए उनकी आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक बड़ा फैसला लागू कर दिया है। दरअसल, यह फैसला फ्री बिजली को लेकर है। सीएम अरविन्द केजरीवाल ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए जानकारी दी है कि 1 अक्टूबर 2022 से दिल्ली में सबको बिजली पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी। यानि फ्री बिजली नहीं मिलेगी। 
केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में अब सिर्फ उन्हीं लोगों को फ्री बिजली मिलेगी। जो इसके लिए अप्लाई करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि 30 सितंबर से पहले दिल्ली वालों को फ्री बिजली के लिए अप्लाई करना होगा। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो फिर उन्हें 1 अक्टूबर से बिजली का पूरा बिल देना पड़ेगा। बतादें कि, दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली फ्री है। जबकि 201 से 400 यूनिट पर 50 फीसद बिजली बिल वसूला जाता है। दिल्ली में टोटल 58 घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। जिनमें से 30 लाख लोगों का जीरो बिल आ रहा है। 
*बिजली सब्सिडी के लिए हर माह भी कर सकते हैं अप्लाई*

हालांकि, ऐसा नहीं है कि आप सितंबर में फ्री बिजली के लिए अप्लाई नहीं कर पाए तो आगे नहीं कर पायेंगे। दरअसल, आप सितंबर के बाद भी फ्री बिजली के लिए अप्लाई कर सकते हैं लेकिन यहां एक घाटा आपको यह होगा कि आपसे मौजूदा या पिछले महीने का पूरा बिल वसूला जाएगा। अप्लाई करने वाले महीने के अगले महीने से ही आपकी बिजली फ्री होगी। 
*फ्री बिजली पाने के लिए जान लें तरीका*

बतादें कि, दिल्ली की केजरीवाल सरकार से फ्री बिजली जारी रखने के लिए आपको कुछ इस प्रकार से अप्लाई करना होगा। आप फ्री बिजली के लिए केजरीवाल सरकार द्वारा जारी मोबाइल नंबर 7011311111 पर एक मिस्ड कॉल कर सकते हैं। जिसके बाद आपके मैसेज बॉक्स में लिंक आ जाएगा। उस लिंक जैसे ही आप क्लिक करेंगे। आपको एक फार्म मिलेगा। जिसे आपको भर देना है। 
इसके आलावा आप इस नंबर के जरिये व्हाट्सअप पर Hi लिखकर भेज सकते हैं। जिसके बाद आपके पास व्हाट्सअप पर फार्म भेज दिया जाएगा। इसे भरकर आपको व्हाट्सअप पर ही दोबारा सेंड कर देना है। 
*फ्री बिजली के लिए ऑफलाइन भी हो जाएगा अप्लाई*

बतादें कि, आप फ्री बिजली के लिए ऑफलाइन भी अप्लाई कर सकते हैं। केजरीवाल सरकार आपको बिजली बिल के साथ एक फार्म भेजेगी। जिसे भरकर आपको अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में जमा कराना होगा  ।
September 14, 2022

भारत के समुद्री इलाके से पाकिस्तानी नाव जब्त, 200 करोड़ की ड्रग्स बरामद

भारत के समुद्री इलाके से पाकिस्तानी नाव जब्त, 200 करोड़ की ड्रग्स बरामद

भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने भारतीय समुद्री सीमा से एक पाकिस्तानी नाव जब्त की है। नाव से 40 किलोग्राम ड्रग्स (हेरोइन) बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 200 करोड़ रुपए बताई जा रही है। नाव के साथ चालक दल के 6 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। 

ये कार्रवाई गुजरात ATS के खुफिया इनपुट के आधार पर कई गई है। जानकारी के मुताबिक ICG को 13 सितंबर की रात को भारतीय समुद्री सीमा में पाकिस्तान नाव के होने की खुफिया जानकारी मिली। सूचना मिलते ही 2 जहाजों को फोरन गश्त के लिए भेजा गया। 
देर रात अचानक एक पाकिस्तानी नाव भारतीय जल समुद्री क्षेत्र में नजर आई. गश्ती कर रहे भारतीय जहाजों ने उन्हें रुकने का अलर्ट जारी किया। आरोपियों की थोड़ी टालमटोली के बाद नाव को जब्त कर लिया गया। 

नाव की तलाशी लेने पर उसमें 40 किलोग्राम ड्रग्स मिली। जांच एजेंसियों के द्वाच जांच लिए जाने के लिए नाव को जखाउ लाया जा रहा है। पिछले एक साल में भारतीय तटरक्षक बल और एटीएस गुजरात का इस तरह का यह पांचवां संयुक्त अभियान है। 
*पहले भी हुई ड्रग्स की बरामदगी*

1. 6 सितंबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नार्को-टेरर पर बड़ी कार्रवाई की थी ।
पुलिस ने 1200 करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्त की थी। इस ड्रग्स को बेचकर आने वाली रकम का इस्तेमाल हिंदुस्तान के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में किया जाना था। 
2. 16 अगस्त को ACB के साथ मिलकर मुंबई पुलिस ने करीब 513 किलोग्राम एमडी (मेपेहड्रोन) दवा जब्त की थी। जब्त की गई दवाओं की कीमत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करीब 1,026 करोड़ रुपए थी। एंटी नारकोटिक्स सेल की वर्ली यूनिट ने गुजरात के भरूच में इस ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। यह फैक्ट्री अंकलेश्वर इलाके से चलाई जा रही थी। 
3. गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर भारी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी गई थी। 3000 किलो पकड़े गए ड्रग्स के तार गुजरात से लेकर दिल्ली और अफगानिस्तान से लेकर दुबई तक से जुड़ते दिख रहे हैं। वहीं इस मामले में NIA की रडार पर दिल्ली का एक बड़ा बिजनेसमैन कबीर तलवार भी है, जो सम्राट होटल में Playboy नाम से एक प्राइवेट क्लब का मालिक है. उसे जल्द ही गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

Tuesday, September 13, 2022

September 13, 2022

मक्का मस्जिद में शख्स ने किया ऐसा काम, Video देख भड़के मुस्लिम, हुई गिरफ्तारी

मक्का मस्जिद में शख्स ने किया ऐसा काम, Video देख भड़के मुस्लिम, हुई गिरफ्तारी

सऊदी अरब के मक्का शहर में यमन के एक नागरिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि यह शख्स क्वीन एलिजाबेथ के नाम का उमराह कर रहा था, जबकि किसी गैर मुसलमान के लिए ऐसा करना बिल्कुल मना है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया। 
फोटो- गिरफ्तार हुआ यमन का नागरिक

सऊदी अरब पुलिस ने धार्मिक नगरी मक्का से यमन के एक नागरिक को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार हुआ यह शख्स ब्रिटेन की क्वीन एलिजाबेथ के निधन के बाद उनके नाम पर उमराह करने पहुंचा था। मक्का की बड़ी मस्जिद में बैनर हाथ में लिए इस शख्स का वीडियो क्लिप वायरल हो गया, जिसके ऊपर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं मिलने लगीं। लोगों ने सोशल मीडिया पर शख्स को गिरफ्तार करने की मांग की। जिसके बाद यमन के शख्स को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
दरअसल, इस्लाम में उमराह 15 दिनों का एक धार्मिक तरीका है, जिस दौरान इंसान सिर्फ नमाज और अल्लाह की बातों पर ध्यान देता है। उमराह के दौरान मर चुके लोगों की आत्मा की शांति के लिए दुआ भी की जाती है। लेकिन मृतक सिर्फ मुस्लिम ही होने चाहिए। 
*क्या लिखा था बैनर में ?*

यमन के शख्स ने जिस बैनर को हाथ में लिया हुआ है, उसमें लिखा है कि, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की आत्मा के लिए उमरा. हम खुदा से कहते हैं कि क्वीन को जन्नत में जगह मिले.  
यमन के इस शख्स ने वीडियो क्लिप बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर की। जिसके बाद वीडियो जमकर वायरल हो गई। ट्विटर लोगों का वीडियो को देखते ही गुस्सा भड़क गया, जिसके बाद शख्स की गिरफ्तारी की मांग की जाने लगी। 
*जो मुसलमान नहीं, उसके नाम का उमराह भी नहीं*

यूं तो सऊदी अरब के मक्का शहर में श्रद्धालुओं को किसी भी तरह का बैनर या नारे लगाने के लिए मना किया जाता है। लेकिन अगर किसी का कोई अपना दुनिया में नहीं रहा है तो उसकी आत्मा की शांति के लिए उमराह किया जा सकता है। 

हालांकि,  सिर्फ मुस्लिम मृतक के लिए ही उमराह किए जाने की अनुमति मिलती है। अगर कोई दूसरे धर्म के व्यक्ति के नाम पर उमराह करना चाहेगा तो उसे अनुमति नहीं दी जाएगी। 
*वीडियो वायरल होते ही पुलिस का तुरंत एक्शन*

वीडियो वायरल होने पर सऊदी पुलिस ने इस मामले में तेजी से एक्शन लेते हुए बड़ी मस्जिद की क्लिप में दिखने वाले यमन के नागरिक को गिरफ्तार कर लिया। 
सऊदी अरब सरकार की ओर से बताया गया है कि मस्जिद के अंदर किसी गैर मुसलमान के नाम उमराह करना नियमों के खिलाफ है, जिसकी वजह से यमन के नागरिक की गिरफ्तारी की गई है।

Monday, September 12, 2022

September 12, 2022

आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद ऑपरेशन न करने पर बिफरे, डॉक्टर के आश्वासन पर माने

आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद ऑपरेशन न करने पर बिफरे, डॉक्टर के आश्वासन पर माने

अस्पताल में धरने पर बैठे गांव जलालपुर कलां के ग्रामीण। 

जींद : हरियाणा में जींद के नागरिक अस्पताल में आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद जब डॉक्टरों ने ऑपरेशन नहीं किया तो मरीज के परिजन बिफर गए और गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। गांव जलालपुर कलां निवासी राजेश ने बताया कि उसके भतीजे साहिल का 31 को रेलवे रोड के मोड पर बाइक से गिरकर पैर में फ्रैक्चर हो गया था। उसी दिन से साहिल नागरिक अस्पताल में एडमिट है।
साहिल के पिछले 10 दिनों से तमाम जरूरी टेस्ट तथा X-RAY करवाए जा चुके हैं। बाएं पैर में कुछ सामान डलना है और उसके लिए ऑपरेशन करना है। इनका आयुष्मान कार्ड भी बना हुआ है। 3 सितंबर को नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर 112 में ओरिजिनल आयुष्मान कार्ड तथा आधार कार्ड जमा करवाए थे और इन्होंने कहा था कि एक-दो दिन में सामान की अप्रूवल मिल जाएगी।
एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई अप्रूवल अभी तक नहीं मिली। डॉ. संतलाल ने उन्हें मेट्रो अस्पताल जाने की बात कही, जिस पर उन्होंने यहीं ऑपरेशन करने को कहा। नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन के लिए सीएमओ तथा पीएमओ से मिले, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। डॉ. संतलाल ने पहले कहा था कि जो डीलर आयुष्मान का सामान देता है वो सामान नहीं देगा क्योंकि उसकी पहले ही पेमेंट अटकी हुई है। जिसके बाद डॉ.संतलाल धरने पर पहुंचे और आश्वासन दिया कि मंगलवार या बुधवार तक साहिल का ऑपरेशन कर दिया जाएगा।
September 12, 2022

ज्ञानवापी पर वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं ने जश्न मनाया, बाबा भोले की उतारी आरती

ज्ञानवापी पर वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं ने जश्न मनाया, बाबा भोले की उतारी आरती

वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन पूजन और अन्य विग्रहों के संरक्षण मामले में जिला अदालत ने सोमवार को हिंदू पक्ष के हक में अपनी स्वीकृति दी है। अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में मौजूद मां श्रृंगार गौरी मंदिर में पूजा की अनुमति देने वाली याचिका को सुनवाई योग्य माना है। जिला जज डॉ. एके विश्वेश ने फैसला सुनाते हुए मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज कर दी। अब अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की गई है। इस फैसले के बाद हिंदू पक्ष में खुशी का माहौल है। वहीं, मुस्लिम पक्ष अब आगे की रणनीति बनाने में जुट गया है।

वहीं लमही स्थित सुभाष भवन में मुस्लिम महिलाओं ने भगवान शिव की आरती उतारकर बैंड-बाजे के साथ जश्न मनाया। महिलाओं ने कहा कि वह ज्ञानवापी मामले में शुरू से ही सच के साथ हैं और औरंगजेब के कलंक से काशी विश्वनाथ मंदिर को मुक्त कराना चाहती हैं। बार-बार मुसलमानों से अपील कर रही हैं कि जिसका जो हक है उसे वो खुद सौंप दें, तभी इस्लाम की इज्जत बढ़ेगी। नीचे की स्लाइड्स में देखें...
*मुस्लिम महिलाओं ने भगवान शिव की उतारी आरती*

मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी के नेतृत्व में मुस्लिम महिलाओं ने ओम नम: शिवाय... के साथ आरती कर संदेश दिया कि वह किसी कीमत पर नफरत नहीं फैलने देंगी। काशी की गंगा जमुनी तहजीब को बर्बाद नहीं होने देंगी।  
*मुस्लिम महिलाओं ने भगवान शिव की उतारी आरती*

नाजनीन अंसारी ने कहा कि जब हमारे पूर्वज हिंदू थे तो वो तो आदि विश्वेश्वर की पूजा करते ही थे। हम सभी अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। इतिहासकार एवं विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि मासिर-ए-आलमगीरी में स्पष्ट रूप से साकी मुस्तईद खान ने औरंगजेब के मंदिर तोड़ने की बात लिखी है। 1710 ई0 में लिखी गयी पुस्तक सबसे बड़ा प्रमाण है। मुस्लिम पक्ष को अपना दावा छोड़ देना चाहिए। 
*भगवान शिव की आरती उतारकर बैंड-बाजे के साथ जश्न मनाया*

उन्होंने कहा कि भारत के किसी मुसलमान को मंगोलों का पक्ष नहीं लेना चाहिए, क्योंकि इन्हीं मंगोलों ने अंतिम खलीफा की हत्या की थी। आज का फैसला वर्षों पहले हुए अन्याय और अत्याचार के खिलाफ जीत की पहली सीढ़ी है। इस दौरान नजमा परवीन, नाजिया बेगम, नगीना अंजुम, मुन्नी बेगम, नाजमा, अहसीन आदि मुस्लिम महिलाओं के साथ अर्चना भरतवंशी, डॉ. मृदुला जायसवाल, खुशी भारतवंशी, इली भारतवंशी, उजाला भारतवंशी शामिल रहीं।
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*अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के अधिवक्ता मेराजुद्दीन सिद्दीकी*

इधर, कोर्ट के फैसले पर  मुस्लिम पक्ष के वकील मेराजुद्दीन सिद्दीकी ने अदालत पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि यह न्यायोचित नहीं है। उन्होंने कहा, हम इस खिलाफ ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। जज साहब ने सुनवाई को स्वीकृति 1991 के संसद के कानून को दरकिनार कर दी है। ऊपरी अदालत के दरवाजे हमारे लिए खुले हैं। न्यायपालिका आपकी है। आप संसद के नियम को नहीं मानेंगे।
*वाराणसी कोर्ट परिसर के बाहर वादी महिलाएं*

ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी विवाद में पोषणीयता के मामले में वाराणसी के जिला जज एके विश्वेश की अदालत में बीते 24 अगस्त को सुनवाई पूरी हुई थी। सिविल के अभी तक के मामलों में पोषणीयता के मुकदमे में सबसे लंबी सुनवाई हुई है। इस मामले में रूल 7/11 लागू होगा या रूल 6/11 लागू होगा, इसी बात की मुख्य बहस पर 21 दिन की सुनवाई हुई।
*हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन*

जिला जज की स्वीकृति के बाद हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने इसे सत्य की जीत करार दिया। उन्होंने कहा, अब हम आर्कियोलॉजिकल सर्वे की मांग करेंगे। कमीशन की कार्रवाई में काफी हद तक स्थिति साफ हो चुकी है। हम ज्ञानवापी की सच्चाई सामने लाने के लिए सभी तथ्यों को अदालत में रखेंगे। आगे भी हमारी जीत निश्चित है।