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Wednesday, July 15, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई के दौरे को लेकर राजकुमार गोयल ने रखी 17 बड़ी मांगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई के दौरे को लेकर राजकुमार गोयल ने रखी 17 बड़ी मांगे, बोले देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के साथ जींद को राष्ट्रीय विकास का नया इंजन बनाने का समय, रेलवे, ग्रीन एनर्जी, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और खेल में बड़े निवेश से जींद को मिल सकती है राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान
जींद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित जींद दौरे से पहले जींद के प्रमुख समाजसेवी एवं अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार गोयल ने जिले के सर्वांगीण विकास के लिए 17 महत्वाकांक्षी मांगें प्रधानमंत्री के समक्ष रखी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि जींद दौरे के दौरान इनमें से प्रमुख मांगों को स्वीकृति देकर जिले को विकास की ऐतिहासिक सौगात दी जाए। प्रधानमंत्री 17 जुलाई को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने वाले हैं जिसे हरियाणा और देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

राजकुमार गोयल ने कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से जींद को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने जा रही है। यदि इसी अवसर पर जिले के लिए दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं की घोषणा होती है तो जींद रेलवे तकनीक, ग्रीन एनर्जी, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और खेल के क्षेत्र में देश के अग्रणी जिलों में शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन तकनीक, औद्योगिक निवेश, आधुनिक रेलवे अनुसंधान और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी परियोजनाएं भविष्य में जींद को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

राजकुमार गोयल द्वारा प्रधानमंत्री के समक्ष रखी गई 17 मुख्य मांगों में जींद के ऐतिहासिक रानी तालाब को अमृतसर की तर्ज पर विश्व स्तरीय धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर इसके पुनर्विकास के लिए विशेष केंद्रीय बजट दिया जाए। ढूंढूं तीर्थ सहित महाभारतकालीन दर्जनों धार्मिक स्थलों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास के लिए विशेष केंद्रीय पैकेज दिया जाए। देशभर में प्रस्तावित नए हवाई अड्डों की योजना के अंतर्गत जींद में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित किया जाए। जींद को नेशनल हाइड्रोजन रेल टेक्नोलॉजी एंड मैन्युफैक्चरिंग हब घोषित किया जाए। जींद को रुद्रपुर की तर्ज पर टैक्स फ्री इंडस्ट्रियल जोन का दर्जा देकर विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन दिए जाएं। जींद में ग्रीन हाइड्रोजन इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित किया जाए।

जींद में रेलवे रिसर्च, टेस्टिंग एवं इनोवेशन सेंटर बनाया जाए। जींद में रेलवे कोच एवं हाइड्रोजन ट्रेन कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाए। जींद में एम्स की स्थापना की जाए। जींद में आईआईटी या एनआईटी स्थापित किया जाए। जींद में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाया जाए। जींद को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स एवं ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाए। जींद में मल्टी मॉडल फ्रेट टर्मिनल स्थापित किया जाए। जींद को स्मार्ट रेलवे सिटी के रूप में विकसित किया जाए। जींद में राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान एवं एग्रीटेक सेंटर स्थापित किया जाए। जींद में स्किल यूनिवर्सिटी एवं रेलवे टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण संस्थान खोला जाए। जींद में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क स्थापित किया जाए। जींद में अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर बनाया जाए।

राजकुमार गोयल ने कहा कि यदि इन परियोजनाओं में से प्रमुख मांगों को मंजूरी मिलती है तो जींद में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा, हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे, आधुनिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि रेलवे अनुसंधान, हाइड्रोजन तकनीक, औद्योगिक उत्पादन, धार्मिक पर्यटन और आधुनिक आधारभूत ढांचे के विकास से जींद न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश में एक नई पहचान बनाएगा तथा भविष्य में वैश्विक निवेश और पर्यटन के मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट जगह स्थापित कर सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जींद दौरा केवल देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह जींद के विकास की नई दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक अवसर भी साबित होगा।

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