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Thursday, July 2, 2026

"हिसार में एयरपोर्ट, लेकिन जींद में पासपोर्ट तक नहीं!" अग्रवाल समाज ने डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा को लिखी खुली चिट्ठी, जिले में पासपोर्ट सेवा केंद्र की उठाई मांग

"हिसार में एयरपोर्ट, लेकिन जींद में पासपोर्ट तक नहीं!" अग्रवाल समाज ने डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा को लिखी खुली चिट्ठी, जिले में पासपोर्ट सेवा केंद्र की उठाई मांग
जींद : अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी डॉ. राजकुमार गोयल ने हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के नाम एक खुली चिट्ठी जारी कर जींद जिले में जल्द से जल्द पासपोर्ट सेवा केंद्र (Passport Seva Kendra) स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्षों से जींद के लाखों नागरिक इस मूलभूत सुविधा से वंचित हैं, जबकि हरियाणा के अधिकांश जिलों में पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित हैं।
अग्रवाल समाज की बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. गोयल ने कहा कि "हिसार जैसे जिलों में एयरपोर्ट तक बन गए, लेकिन जींद में आज तक पासपोर्ट बनाने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो सकी।" उन्होंने कहा कि यह स्थिति जिले के लोगों के साथ अन्याय है और अब इस समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए।
बैठक का मुख्य विषय जींद में शीघ्र पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू करवाने को लेकर रणनीति बनाना था। इस दौरान सावर गर्ग, रामधन जैन, पवन बंसल, सोनू जैन, मनीष गर्ग, गोपाल जिंदल, रजत सिंगला, राजेश गोयल, सुशील सिंगला, बजरंग लाल सिंगला, जय भगवान सिंगला, सुनील गोयल, सतीश गोयल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस जनहित के मुद्दे को प्रशासन और सरकार के समक्ष लगातार उठाया जाएगा तथा डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा से भी व्यक्तिगत रूप से मिलकर मांग रखी जाएगी।
डॉ. राजकुमार गोयल ने कहा कि वर्तमान में जींद जिले के लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए हिसार, करनाल, रोहतक, पानीपत सहित अन्य जिलों में जाना पड़ता है। इससे आम नागरिकों का समय और धन दोनों व्यर्थ होता है। सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों, विदेश में पढ़ाई या नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं, व्यापारियों तथा विदेश यात्रा करने वाले लोगों को उठानी पड़ती है।
उन्होंने अपनी खुली चिट्ठी में डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा से आग्रह किया कि वे इस जनहित के मुद्दे को मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाकर जींद में जल्द पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करवाने की पहल करें।
डॉ. गोयल ने सुझाव दिया कि यदि सरकार इच्छाशक्ति दिखाए तो जींद के मुख्य डाकघर (हेड पोस्ट ऑफिस) में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र आसानी से शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जींद हरियाणा का एक महत्वपूर्ण जिला है, लेकिन आज भी कई आवश्यक सरकारी सुविधाओं के लिए यहां के लोगों को दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्हें विश्वास है कि डिप्टी स्पीकर जनता की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक कदम उठाएंगे।
जब तक स्थायी केंद्र नहीं, तब तक लगें पासपोर्ट मेले
बैठक में सावर गर्ग और रामधन जैन ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि पूरे जींद जिले के लाखों नागरिकों की मांग है। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक स्थायी पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित नहीं होता, तब तक जिले में नियमित रूप से पासपोर्ट मेलों का आयोजन कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और उन्हें दूसरे जिलों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अधिकांश जिलों में सुविधा, फिर जींद क्यों वंचित?
पवन बंसल और सोनू जैन ने कहा कि हरियाणा के गुरुग्राम, अंबाला, फरीदाबाद, हिसार, करनाल, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, भिवानी, कैथल, सिरसा, रेवाड़ी, नारनौल, पलवल, यमुनानगर और नूंह सहित अधिकांश जिलों में पासपोर्ट सेवा केंद्र या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में जींद को अब तक इस सुविधा से वंचित रखना समझ से परे है।
1966 में जिला बना, लेकिन 60 साल बाद भी नहीं मिली सुविधा

मनीष गर्ग और सुशील सिंगला ने कहा कि 1 नवंबर 1966 को हरियाणा के गठन के साथ ही जींद जिला अस्तित्व में आया था। इसके बावजूद करीब छह दशक बीत जाने के बाद भी यहां स्थायी पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बाद में बने कैथल जैसे जिलों में भी यह सुविधा उपलब्ध है, जबकि जींद आज भी इंतजार कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जींद के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
उन्होंने सरकार से मांग की कि जींद जिले के लाखों नागरिकों की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए जल्द से जल्द पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधा के लिए दूसरे जिलों में भटकना न पड़े।

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