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Wednesday, April 28, 2021

निजी अस्पताल में महिला को तड़पता छोड़कर फरार हुए डॉक्टर

निजी अस्पताल में महिला को तड़पता छोड़कर फरार हुए डॉक्टर


फतेहाबाद : (भट्टूकलां) मॉडल टाउन स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में बड़ी लापवारही का मामला सामने आया है। वेंटीलेटर आदि की सुविधा ना होने के बावजूद अस्पताल के बाहर तमाम सुविधाओं का बोर्ड लगाकर लोगों को गुमराह किया गया, जिस कारण आज कोरोना से पीड़ित एक मरीज की जान चली गई। सूचना पाकर डिप्टी सीएमओ डॉ. हनुमानए भट्टूकलां से एसएमओ डॉ. सुजाता बंसल व मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें देखकर इस अस्पताल के डॉक्टर यहां से फरार हो गए। महिला को गंभीर हालत में फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया, जहां महिला की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार फतेहाबाद की अग्रवाल कॉलोनी निवासी एक 69 वर्षीय महिला कोविड के चलते निजी अस्पताल फतेहाबाद में भर्ती थी, लेकिन आजकल चल रही ऑक्सीजन की कमी के चलते परिजनों ने भट्टू में पता करवाया तो जनता अस्पताल में वेंटीलेटर का बोर्ड लगा होने पर अस्पताल में पता किया गया। परिजनों के अनुसार यहां मौजूद कंपाऊडर ने हां भरी, जिस पर मरीज को आज सुबह फतेहाबाद से यहां ले आए, लेकिन यहां आकर पता चला कि यहां वेंटीलेटर की कोई सुविधा नहीं है। इस पर परिजनों ने सवाल जवाब किए। इतने में महिला की तबीयत बिगड़ गई। सूचना पाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि महिला का ऑक्सीजन लेवल बहुत कम हो चुका है और यहां कोई वेंटिलेटर की भी सुविधा नहीं है। मौके की नजाकत देखते हुए इस अस्पताल के डॉक्टर यहां से रफू चक्कर हो गए। मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला को बचाने के लिए भरसक प्रयास किया और तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से फतेहाबाद के लिए रेफर किया लेकिन उक्त महिला ने फतेहाबाद अस्पताल में पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। अस्पताल की नर्स मेज के पीछे छुपी हुई मिली स्वास्थ्य विभाग की टीम में डिप्टी सीएमओ डॉ. हनुमान सिंह, भट्टूकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सुजाता बंसल ने आते ही देखा कि महिला की हालत काफी नाजुक है और इस अस्पताल में कार्य करने वाले कंपाउंडर व नर्सें भी गायब है। उक्त महिला को स्ट्रेचर के माध्यम से एंबुलेंस में चढ़ाने के लिए जब अस्पताल के स्टाफ को आवाज लगाई तो मौके पर वहां कोई भी मौजूद नहीं मिला। सबसे दिलचस्प बात यह थी कि जब इस अस्पताल के डॉक्टर के कमरे को खोलकर देखा तो इस अस्पताल की तीन नर्सें डॉक्टर के ऑफिस में मेज के पीछे छुपी हुई मिली, जिन्हें डॉ. सुजाता बंसल ने बाहर निकाल कर उन्हें ग्लाउज आदि पहना कर उक्त महिला को स्ट्रेचर के माध्यम से एंबुलेंस में रखवाया और फतेहाबाद के लिए रवाना की लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। परिजनों ने कहा कि डाक्टर ने रुपये के लालच में यह काम किया है जो गलत है और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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