हरियाणा आबकारी एवं कराधान विभाग ने राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी के साथ किया समझौता*
चंडीगढ़– हरियाणा के आबकारी एवं कराधान विभाग ने आज चंडीगढ़ में राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, लखनऊ के साथ अपने अधिकारियों की क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इस संबंध में विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि समझौता ज्ञापन पर हरियाणा की ओर से आबकारी एवं कर आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने और राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, लखनऊ की ओर ले अतिरिक्त प्रधान महानिदेशक नील जैन ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आबकारी एवं कराधान विभाग की प्रशासनिक सचिव श्रीमती अशिमा बराड़ भी उपस्थित रहीं।
प्रवक्ता ने बताया कि यह समझौता मुख्य रूप से डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर और एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर के प्रशिक्षण के लिए है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, लखनऊ डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर और एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिसमें मुख्य रूप से लाभ - हानि विवरण और बैलेंस शीट के विश्लेषण के माध्यम से जी.एस.टी चोरी का पता लगाने के उपाय और आयकर कानून से क्रॉस-लर्निंग शामिल होगा। इन-कैम्पस आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम नवंबर माह से शुरू होंगे, और विभाग का लक्ष्य इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सभी श्रेणियों के अधिकारियों को शामिल करना है।
हरियाणा सरकार की क्षमता निर्माण पहलों के अंतर्गत, आबकारी-कराधान विभाग अपने कर अधिकारियों की दक्षता और ज्ञान को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहा है, विशेषकर विकसित हो रहे जी.एस.टी कानून के संदर्भ में। विभाग ने पिछले वर्ष राष्ट्रीय कस्टम और अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी के साथ भी एक MOU किया था, ताकि कर अधिकारियों जैसे टैक्सेशन इंस्पेक्टर और एक्साइज एवं कर अधिकारी के लिए इंडक्शन, मध्य करियर प्रशिक्षण और रिफ्रेशर कोर्स आयोजित किए जा सकें।
इस तहत, नए भर्ती किए गए चार बैचों के टैक्सेशन इंस्पेक्टर्स को NACIN, फरीदाबाद में 4 सप्ताह का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जी.एस.टी कानून का अध्ययन, पंजीकरण प्रक्रिया, शो कॉज नोटिस तैयार करना और जांच संचालन जैसी जी.एस.टी की अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण शामिल है।
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