जुलाना क्षेत्र में फल एवं सब्जी की खेती नहीं होने के कारण सब्जी मंडी हुई फ्लॉप
सब्जी मंडी में करोड़ों रुपये की दुकान बनी सफेद हाथी
आढ़ती भूखे मरने की कगार पर
जींद : जुलाना क्षेत्र में फल एवं सब्जी की खेती नहीं होने के कारण जुलाना की फल एवं सब्जी मंडी फ्लॉप हो गई है। मंडी में फल एवं सब्जी का काम नही चलने के कारण मंडी में फल एवं सब्जी मंडी की दुकाने सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। करोड़ों रुपये दुकान में लगाने के बाद एवं फल एवं सब्जी का काम नहीं चलने के कारण आढ़ती भूखे मरने की कगार पर आ गए हैं। दुकानदारों ने कृषि मंत्री श्यामसिंह राणा से इन दुक ानों पर जब तक फल एवं सब्जी मंडी कामयाब नहीं होती अनाज मंडी के लाइसेंस बनवाने की मांग की है ताकि आढ़ती अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें।
जुलाना की नई अनाज मंडी में स्थित फल एवं सब्जी मंडी में आढ़त का काम करने के लिए खुली बोली पर वर्ष 2021 में प्लाट आढ़तियों ने लिए थे और उन प्लाटों पर दुकानों का निर्माण करके मार्केट कमेटी से लाइसेंस लेकर सब्जी व फल का काम शुरू आढ़तियों ने किया था। लाइसेंस लिए हुए आढ़तियों ने तीन वर्ष से ज्यादा हो चुके हैं लेकिन सब्जी व फल के कार्य में कोई कामयाबी नहीं मिली। दो वर्ष तक फल एवं सब्जी का कार्य भी किया। मगर जींद, रोहतक, गोहाना, महम की मंडी नजदीक होने व जुलाना क्षेत्र में सब्जी एवं फल की खेती नही होने के कारण इस व्यापार में आढ़तियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जिसके कारण मंडी नहीं चल सकी। आढ़ती अरुण, सतीश कुमार, संदीप कुमार, तेजा, राजपाल, साहिल, राकेश कुमार व सुरेंद्र ने बताया कि फल एवं सब्जी मंडी के नहीं चलने का कारण जुलाना के क्षेत्र में सब्जी व फल की लोक बिजाई नही होना है। जुलाना एवं इसके आसपास के क्षेत्र में धान व गेहूं की फसल किसान उगाते हैं। फल एवं सब्जी की खेती होती नही, जिसके कारण आढ़तियों का कारोबार नहीं चलने के कारण आढ़ती भूखमरी की कगार पर आ गए हैं। क्योंकि आढ़तियों ने अपनी जमा पूंजी दुकान तथा कारोबार में लगा दी है। आढ़तियों ने कृषि मंत्री से मिलकर मांग की है कि जब तक सब्जी एवं फल मंडी कामयाब नहीं होती एवं सब्जी की की दुकानों पर अनाज मंडी के लाइसेंस बनाए जाएं ताकि आढ़ती अपना रोजगार चला सकें। *वर्ष 2012 में शुरू हुई थी जुलाना की फल एवं सब्जी मंडी*
जुलाना की अनाज मंडी में स्थित फल एवं सब्जी मंडी अनाज मंडी के साथ ही वर्ष 2012 में शुरू हुई थी। जुलाना में नई अनाज मंडी में स्थित सब्जी एंव फल मंडी में टोटल 54 दुकानें एवं बूथ हैं कई बार खुली बोली दुकानों की आई मगर अभी तक केवल सात दुकानें ही बिकी है। अगर इन दुकानों पर अनाज मंडी की लाइसेंस कुछ समय के लिए जारी कर दिया जाए तो बाकी बची दुकानों मार्केट रेट से करीब 20 लाख रुपये ज्यादा बिक जाएंगे क्योंकि जुलाना क्षेत्र में चौव्वा ऊपर होने के कारण गेहूं एवं धान की फसल ही किसान उगाते हैं। फल एवं सब्जी मंडी के सभी सात दुकानदार फल एवं सब्जी मंडी के दुकानों पर अनाज मंडी के लाइसेंस जारी करवाने के लिए सहमत हैं।
जुलाना क्षेत्र में पिछले पांच वर्ष का फल एवं सब्जी मंडी का क्षेत्र
जुलाना क्षेत्र में फल एवं सब्जी का एरिया काफी कम है। जिसके कारण फल एवं सब्जी मंडी फ्लॉप हो गई और आढ़तियों ने अपनी जमा पूंजी दुकान खरीदने व सब्जी का काम करने में लगा दी। जिसके कारण आढ़ती भूखे मरने की कगार पर पहुंच गए हैं।
बागवानी विभाग के एचडीओ नवीन राणा से लिया गया फल एवं सब्जी का जुलाना क्षेत्र का एरिया। वर्ष 2021 से 2025 तक
वर्ष सब्जी बाग फल (एकड़)
2021-22 250 23
2022-23 240 16
2023-24 260 19
2024-25 270 09
जुलाना मंडी एसोसिएशन प्रधान पवन ने बताया कि जुलाना क्षेत्र एवं इसके आसपास के एरिया में धान एवं गेहूं की फसल ज्यादा होती है। फल एवं सब्जी का एरिया नहीं के बराबर है। जुलाना की फल एवं सब्जी मंडी में कुछ आढ़तियों ने दुकान बना कर काम शुरू किया था। एरिया में फल एवं सब्जी का एरिया कम होने के कारण मंडी नही चल सकी। आढ़तियों को लाखों रुपये का नुकासन हो गया। ज्यादातर एरिया में धान एवं गेहूं की फसल किसान उगाते हैं। मंडी में करीब 50 लाख बोरियां धान की एवं 20 लाख बैग गेहूं के आते हैं। फल एवं सब्जी मंडी की दुकानों पर अनाज मंडी का लाइसेंस बना जाए तो जो मार्केट कमेटी के दुकानों के लिए खाली प्लाट पड़े हैं, वो भी बिक सकते हैं। जिससे सरकार की आमदनी भी बढ़ेगी और फल एवं सब्जी मंडी के आढ़तियों को भी रोजगार मिल सकेगा।
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