*कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में चित्रकला शिविर, 'विकसित भारत' की संकल्पना को मिला कैनवास पर आकार*
दीपक कौशिक की रचना रही आकर्षण का केंद्र, विभागाध्यक्ष ने किया सम्मानित
कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग और उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NZCC), पटियाला के संयुक्त तत्वावधान में एकदिवसीय चित्रकला शिविर का आयोजन हुआ। इसका उद्देश्य "विकसित भारत" की कल्पना को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त करना था।
हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और तकनीकी पहलुओं को अपनी कला में उकेरा। जींद के युवा चित्रकार दीपक कौशिक की कृति ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। उन्होंने 'अध्यात्म और पर्यटन' को केंद्र में रखकर यह संदेश दिया कि भारत की आध्यात्मिक विरासत पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा दे रही है।
ललित कला विभागाध्यक्ष डॉ. गुरुचरण सिंह ने दीपक कौशिक को सम्मानित करते हुए कहा, "चित्रकला समाज और राष्ट्र की उन्नति की कल्पनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।"
शिविर में कलाकारों की रचनाओं की प्रदर्शनी भी लगी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह शिविर न केवल रचनात्मकता का मंच बना, बल्कि 'विकसित भारत' में कला की भूमिका को भी रेखांकित करने में सफल रहा।
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