चंडीगढ़- हरियाणा के पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविन्द शर्मा ने कहा कि करनाल जिले के असंध क्षेत्र में स्थित कुषाण काल से संबंधित प्राचीन एवं विशालकाय बौद्ध स्तूप (जरासंध का टीला) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), भारत सरकार के अधीन संरक्षित स्मारक है।
डॉ. अरविन्द शर्मा आज विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में सदन को अवगत करवा रहे थे।
उन्होंने बताया कि यह स्थल प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के अंतर्गत संरक्षित है, इसलिए स्मारक एवं इसके आसपास के क्षेत्र का विकास केवल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा ही किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कुषाण स्तूप के अवशेषों के अतिरिक्त, असंध स्थित जरासंध किले के क्षेत्र में सतही अन्वेषण के दौरान पेंटेड ग्रे वेयर मिट्टी के बर्तन, प्रारंभिक ऐतिहासिक काल के सिक्के तथा मध्यकालीन पुरावशेष भी प्राप्त हुए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ समन्वय स्थापित कर इस स्थल के सौंदर्यीकरण की संभावनाओं पर प्रयास करेगी।
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