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Friday, December 19, 2025

डॉक्टर और आबादी का अनुपात बढ़ाने के लिए सरकार पब्लिक और प्राइवेट दोनों सेक्टर में नए मेडिकल कॉलेज बनाकर एमबीबीएस सीटें बढ़ाने पर काम कर रही है : आरती सिंह राव

डॉक्टर और आबादी का अनुपात बढ़ाने के लिए सरकार पब्लिक और प्राइवेट दोनों सेक्टर में नए मेडिकल कॉलेज बनाकर एमबीबीएस सीटें बढ़ाने पर काम कर रही है : आरती सिंह राव 
चंडीगढ़ - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य में डॉक्टर और आबादी का अनुपात बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार पब्लिक और प्राइवेट दोनों सेक्टरों में नए मेडिकल कॉलेज बनाकर एमबीबीएस सीटें बढ़ाने पर काम कर रही है। वर्ष 2014 में जहां हरियाणा में 700 एमबीबीएस की सीटें थीं, जो अब बढ़कर 2710 सीटें हो गई हैं।

स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी।

उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2018 में लोकसभा में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के जवाब के अनुसार, डॉक्टर और आबादी का अनुपात 1000 की आबादी पर एक डॉक्टर है। उन्होंने बताया कि एलोपैथिक डॉक्टरों को ध्यान में रखें तो हरियाणा मेडिकल काउंसिल के 16 दिसंबर 2025 के डेटा के आधार पर 1225 लोगों की आबादी पर एक डॉक्टर है। हरियाणा की संबंधित काउंसिल में रजिस्टर्ड आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी (AUH) डॉक्टरों को शामिल करने के बाद, अभी का अनुपात 819 आबादी पर एक डॉक्टर है।

आरती सिंह राव ने बताया कि डॉक्टर और आबादी का अनुपात बढ़ाने के लिए सरकार पब्लिक और प्राइवेट दोनों सेक्टर में नए मेडिकल कॉलेज बनाकर एमबीबीएस सीटें बढ़ाने पर काम कर रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि नेशनल हेल्थ पॉलिसी 2017 और इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स के अनुसार, सरकारी सेक्टर यानी हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन मिलाकर हर 1000 आबादी पर एक हॉस्पिटल बेड होना चाहिए और ईएसआईसी और प्राइवेट हॉस्पिटल समेत सरकारी हेल्थ सुविधाओं में हर 1000 आबादी पर 2 बेड होने चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्री ने पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि वर्ष 2014 में जिला नागरिक अस्पताल तथा उपमंडल अस्पताल केवल 56 थे जबकि अब बढ़कर 74 हो चुके हैं इसी प्रकार सीएचसी की संख्या वर्ष 2014 में 109 थी जो कि अब बढ़ कर 122 हो चुकी हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा फ्री कर दी गई है , गरीब लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के इलाज की फ्री सुविधा दी जा रही है। वर्तमान सरकार यह मानती है कि स्वास्थ्य सेवाएं सुविधा नहीं है बल्कि लोगों का अधिकार है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए राज्य के लोगों को उनके आस-पास सस्ती एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।

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