एमडीयू के दृश्य कला विभाग ने रचा इतिहास, 500 वर्ग फीट की विशाल भारत माता पेंटिंग का निर्माण
रोहतक : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग के विद्यार्थियों ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर कला के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। विभाग के विद्यार्थियों द्वारा लगभग 500 वर्ग फीट आकार की विशाल भारत माता की पेंटिंग का निर्माण किया गया, जो अपने भव्य आकार, कलात्मक प्रस्तुति और भावनात्मक प्रभाव के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
दृश्य कला विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने बताया कि यह विशाल कलाकृति कैनवास पर तैयार की गई है, जिसे अब तक निर्मित भारत माता की पेंटिंग्स में दुर्लभ और विशिष्ट माना जा रहा है। पेंटिंग में भारतीय पारंपरिक रंगों के साथ-साथ यूरोपीय रंग शैली का सुंदर और संतुलित समन्वय देखने को मिलता है, जो इस कृति को राष्ट्रीय भावना के साथ वैश्विक कला दृष्टिकोण से भी जोड़ता है।
विद्यार्थियों ने भारत माता के स्वरूप को सशक्त, गरिमामय और सांस्कृतिक चेतना से परिपूर्ण रूप में प्रस्तुत किया है। रचना में रंगों का संयोजन, संरचना की सुदृढ़ता और भावों की अभिव्यक्ति दर्शकों को गहराई से प्रभावित करती है। यह पेंटिंग विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता, समर्पण और कलात्मक समझ का उत्कृष्ट उदाहरण है।
26 जनवरी को इस विशाल भारत माता पेंटिंग को एमडीयू के टैगोर सभागार के बाहर प्रदर्शित किया गया, जहां विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा आगंतुकों ने इसे अत्यंत सराहा। अनेक दर्शकों ने इसे देशप्रेम, कला और सांस्कृतिक गौरव का प्रभावशाली प्रतीक बताया। दृश्य कला विभाग के अध्यक्ष डॉ संजय कुमार ने इस पेंटिंग बारे जानकारी दी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि दृश्य कला विभाग द्वारा किया गया यह प्रयास युवा प्रतिभा, रचनात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना का सुंदर संगम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कलात्मक गतिविधियां न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारती हैं, बल्कि उनमें देश के प्रति गौरव, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती हैं। कुलपति ने विद्यार्थियों और विभाग के शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर भारतीय पुनर्वास परिषद की पूर्व चेयरमैन डॉ. शरणजीत कौर, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. सी. मलिक, कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी तथा अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। दृश्य कला विभाग द्वारा किया गया यह सराहनीय प्रयास विद्यार्थियों की मेहनत, सामूहिक सहयोग और समकालीन कला दृष्टि को उजागर करता है। यह उपलब्धि न केवल विभाग बल्कि पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है और भविष्य में ऐसे और रचनात्मक प्रयासों के लिए प्रेरणा प्रदान करती है।
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