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Saturday, January 31, 2026

8 मार्च को पंचकूला में होगा वैवाहिक परिचय सम्मेलन, रजिस्ट्रेशन करवाने की अंतिम तिथि 15 फरवरी

8 मार्च को पंचकूला में होगा वैवाहिक परिचय सम्मेलन, रजिस्ट्रेशन करवाने की अंतिम तिथि 15 फरवरी
जींद : अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी डा. राजकुमार गोयल ने बताया कि विवाह योग्य अग्रवाल युवक युवतियों के लिए वैवाहिक रिश्तों का सशक्त मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 8 मार्च को अग्रवाल भवन, सेक्टर 16 पंचकूला में वैवाहिक परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। गोयल आज यहां अग्रवाल समाज के पदाधिकारियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सावर गर्ग, रामधन जैन, पवन बंसल, सोनू जैन, रजत सिंगला, गोपाल जिंदल, सुनिल गोयल इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन अग्रवाल विकास संगठन पंचकूला द्वारा किया जा रहा है।
गोयल ने कहा कि आज के समय में जब रिश्ते तय करने की प्रक्रिया जटिल होती जा रही है ऐसे में वैवाहिक परिचय सम्मेलन समाज के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। यहां परिवार एक ही स्थान पर बच्चों की शिक्षा, योग्यता, संस्कार और पारिवारिक पृष्ठभूमि की सही जानकारी प्राप्त कर पाते हैं जिससे रिश्ते सोच समझकर तय किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल विवाह योग्य युवक युवतियों का परिचय भर नहीं है बल्कि समाज को जोड़ने, पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने और नई पीढ़ी को सही दिशा देने का एक सार्थक प्रयास है। इससे समय, धन और अनावश्यक दिखावे की प्रवृत्ति से भी बचा जा सकता है।
इस अवसर पर सावर गर्ग व रामधन जैन ने बताया कि इस सम्मेलन में देशभर से काफी संख्या में विवाह योग्य अग्रवाल युवक-युवती भाग लेंगे। इस परिचय सम्मेलन में रजिस्ट्रेशन करवाने की अंतिम तिथि 15 फरवरी है। उन्होंने विवाह योग्य प्रत्याशियों के परिजनों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में परिचय सम्मेलन में भाग लें और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। इन्होने कहा कि आज के आधुनिक और व्यस्त जीवन में उपयुक्त जीवनसाथी का चयन एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे समय में वैवाहिक परिचय सम्मेलन समाज के लिए एक अत्यंत उपयोगी और सार्थक पहल साबित हो रहे हैं।
इस मौके पर पवन बंसल, सोनू जैन व मनीष गर्ग ने कहा कि परिचय सम्मेलन न केवल विवाह योग्य युवक युवतियों को एक मंच प्रदान करते हैं बल्कि सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को भी सुदृढ़ करते हैं। वैवाहिक परिचय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य योग्य रिश्तों को सम्मानजनक और पारदर्शी वातावरण में मिलवाना होता है। इन सम्मेलनों में विभिन्न परिवार एकत्रित होकर अपने बच्चों का परिचय देते हैं जिससे आपसी संवाद और समझ को बढ़ावा मिलता है। यह प्रक्रिया पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ साथ आधुनिक सोच का भी संतुलित रूप प्रस्तुत करती है। ऐसे सम्मेलनों से समय, धन और मानसिक तनाव की भी बचत होती है। साथ ही समाज के प्रतिष्ठित और जिम्मेदार लोगों की उपस्थिति से सम्मेलन की गरिमा और विश्वासनीयता और अधिक बढ़ जाती है।

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