मनरेगा में बदलाव श्रमिकों के संवैधानिक अधिकार पर सीधा हमला: ऋषिपाल हैबतपुर
-कांग्रेस के नवनियुक्त पदाधिकारियों से किया गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान तेज करने का आह्वान
जींद : कांग्रेस पार्टी द्वारा देशभर में शुरू किए गए 'मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान के तहत बुधवार को जींद में कांग्रेस जिला अध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर की अध्यक्षता में नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा में किए जा रहे बदलावों को गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत के खिलाफ बताया गया तथा इन्हें श्रमिकों के काम के संवैधानिक अधिकार पर सीधा हमला करार दिया गया। इस मौके पर ऋषिपाल हैबतपुर ने कांग्रेस पदाधिकारियों से गांव-गांव जाकर विशेष जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना का न केवल नाम बदला है, बल्कि उसका पूरा स्वरूप ही बदल दिया गया है। इससे मजदूरों को मिलने वाला काम और मजदूरी दोनों असुरक्षित हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा के मूल उद्देश्य को खत्म कर इसे ठेकेदार-प्रधान व्यवस्था में बदलना चाहती है, जिससे ग्राम पंचायतों के अधिकार छीने जा रहे हैं और ठेकेदारों को सौंपे जा रहे हैं। यह बदलाव सीधे तौर पर ग्रामीण मजदूरों के शोषण को बढ़ावा देगा।
ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी का कानून है, जिसे संविधान में निहित सामाजिक न्याय की भावना के तहत लागू किया गया था। लेकिन वर्तमान सरकार इसके अधिकार-आधारित स्वरूप को खत्म कर इसे एक सीमित और नियंत्रित योजना में बदल रही है। इससे देश में बेरोजगारी बढ़ेगी और लाखों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों, सरपंचों और मनरेगा मजदूरों से सीधा संपर्क करें तथा उन्हें मनरेगा में किए जा रहे बदलावों के दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दें। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन बनना चाहिए, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। इसके साथ पदाधिकारियों द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा हस्ताक्षरित पत्र ग्राम सरपंचों को सौंपे जाएंगे, ताकि पंचायत स्तर पर भी मनरेगा बचाने की लड़ाई को मजबूती मिले।
इसी क्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष ऋषिपाल हैबपुर अपनी कार्यकारिणी के साथ हैबतपुर गांव में पहुंचे, जहां उन्होंने मनरेगा मजदूरों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मजदूरों को मनरेगा में बदलाव के बाद लागू किए जा रहे तथाकथित वीबीजी रामजी कानून की जानकारी दी और इसे गरीब विरोधी कदम बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां मजदूरों को अधिकार देने की बजाय उनसे अधिकार छीनने का काम कर रही हैं। ऋषिपाल हैबतपुर ने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस मजदूरों और गरीबों के हितों की रक्षा के लिए सडक़ से संसद तक संघर्ष करेगी। उन्होंने मजदूरों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ें और मनरेगा जैसे ऐतिहासिक कानून को कमजोर न होने दें। इस दौरान सभी ने एक स्वर में मनरेगा बचाने के संकल्प को दोहराया और इस आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।
इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता जगबीर डिगाना, राजू लखिना जिला उपाध्यक्ष, राजा कंडेला जिला उपाध्यक्ष, राममेहर निढ़ाना जिला उपाध्यक्ष, पवन दुहन संगठन महासचिव, इशाक भट्टी कोषाध्यक्ष, नवीन सांगवान जिला महासचिव, राजकुमार बाल्मीकि जिला महासचिव,संदीप सिंगला जिला महासचिव, सुरेश शर्मा जिला महासचिव,कुलवंत लाठर जिला सचिव,मंजीत दहिया जिला सचिव, बंसीलाल गोहिया जिला सचिव,सरदार निरवैरी जिला सचिव, जेपी सिंह रूहील सोशल मिडिया जिला इंचार्ज,नरेंद्र सांगवान, धर्मपाल कंडेला, राणा धारीवाल सफीदो, रामप्रसाद सरपंच,शिवा चौहान आजाद चौहान,भतेरी देवी मनरेगा मेट, माया देवी, सरोज रानी,छल्लो देवी, शांकुतला देवी, कमलेश, कैलाश रानी, बिरमी देवी आदि मौजूद रहे।
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