व्यासपुर/यमुनानगर- हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड द्वारा बसंत पंचमी के आगमन के अवसर पर आदिबद्री स्थित मां सरस्वती उद्गम स्थल पर हवन यज्ञ और मंत्रोच्चारण के बीच अन्तर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव-2026 का पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ आगाज किया। इस सरस्वती महोत्सव में हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविन्द शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर हवन यज्ञ में आहुति दी। सरस्वती महोत्सव में शंख नाद के साथ सरस्वती जी की आरती भी की गई। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर की गई।
कैबिनेट मंत्री अरन्विद शर्मा ने सरस्वती महोत्सव में उपस्थित होकर कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का भारत की संस्कृति, सभ्यता और संस्कारों से गहरा नाता है। ये पवित्र नदियां आज भी भारत की पहचान हैं। भारतीय संस्कृति में सभी नदियों को पूजनीय माना जाता रहा है। इसी श्रृंखला में सरस्वती नदी प्राचीन भारतीय सभ्यता की जननी और पालक मानी जाती है। उन्होंने कहा कि वैदिक संस्कृति सरस्वती नदी के किनारे पनपी थी। इस नदी के किनारे ऋषि-मुनियों ने अपने आश्रम बनाकर वैदिक साहित्य की रचना की, जिसके ज्ञान के कारण हमें पूरे विश्व में विश्वगुरु के रूप में जाना गया। महाभारत में वर्णन के अनुसार सरस्वती शिवालिक पहाडिय़ों से थोड़ा नीचे आदिबद्री से निकलती थी।
उन्होंने कहा कि यह नदी हरियाणा, राजस्थान तथा गुजरात में लगभग 1600 किलोमीटर तक प्रवाहित होते हुए अंत में अरब सागर में मिलती थी। यह वह महान नदी है जिसके पावन तटों पर वेदों की ऋचाएँ और कुरुक्षेत्र में श्रीमद्भगवद्गीता का जन्म हुआ। सिंधु सरस्वती सभ्यता का प्राचीन और महानगर राखीगढ़ी इसी महान सरस्वती नदी के किनारे पर था, जहां 7 हजार साल पुरानी हमारी सभ्यता के जीवंत उदाहरण उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि गर्व की बात है कि आज हरियाणा को विश्वभर में वैदिक संस्कृति के उद्गम स्थल के प्रदेश के नाम से जाना जाता है। इसका श्रेय भी यहाँ बहने वाली माँ सरस्वती को ही जाता है। सरस्वती के पावन तट पर हमारे ऋषि-मुनियों ने वेदों और अन्य जगत-प्रसिद्ध धार्मिक ग्रंथों की रचना की थी।
हरियाणा के पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल ने कहा कि अगर हम इतिहास की बात करें तो सबसे पहले वेदों की बात आती है और इन वेदों की रचना मां सरस्वती के तट पर हुई थी। ईसरो व विद्वानों के मतानुसार आज भी सरस्वती धरती के नीचे विराजमान है। दुनियां की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में हमारी सभ्यता सबसे पुरानी है। प्रदेश सरकार ने माँ सरस्वती को फिर से धरातल पर लाने का बीड़ा उठाया है। यह काम हरियाणा की गौरवशाली संस्कृति और भारतीय धरोहर से जुड़ा है। यह परियोजना हमारी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पुरातात्विक विरासत को नई पीढिय़ों तक ले जाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि हमारे जीवन में प्राणवायु व जल बहुत ही जरूरी है। दुनियां की जितनी राजधानियां विकसित हुई वे सभी नदियां के किनारे बसी हुई है। हमारे संत महात्माओं ने सरस्वती नदी के किनारें पर ही ज्ञान की प्राप्ति हुई है। हम सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले हैं।
सरस्वती महोत्सव में मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में मां सरस्वती का उल्लेख मिलता है। ऋग्वेद में सरस्वती नदी का वर्णन किया गया है। देश व प्रदेश की जनता ने वर्ष 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी का देश का प्रधानमंत्री बनाकर एक ओर देश का परचम दुनिया में चमकाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। मां सरस्वती के इस पावन कार्य में श्री दर्शन लाल जैन का बहुत ही योगदान रहा है। सरस्वती हैरिटेज डेवलपमेंट बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमिच ने कहा कि सरस्वती नदी की पवित्रता की रक्षा करने के लिए यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और कैथल में गंदे पानी के उपचार के लिए 25 तरल अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। सरकार सरस्वती नदी को धरातल पर लाने के लिए संकल्पबद्ध है। यह केवल हरियाणा या भारत का सपना नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता के लिए एक उपहार होगा। उन्होंने कहा कि इसी सांस्कृतिक और धार्मिक ऊर्जा के साथ, आज का यह सरस मेला भी हमारी कला, संस्कृति और आत्मीयता का प्रतीक है। माँ सरस्वती के किनारे स्थित अन्य तीर्थ स्थलों पर भी अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। यहाँ शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। इस अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और इसके अलावा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। विजेता बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुख्यातिथि ने सरस्वती महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग ले रहे सभी स्कूलों के बच्चों को 11-11 हजार रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर जिला परिषद के चेयरमैन रमेश चंद ठसका, नगर निगम की मेयर सुमन बहमनी, पूर्व विधायक बलवंत सिंह, इसरो के वैज्ञानिक एके गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश सपरा, एसडीएम जसपाल सिंह गिल, पूर्व चेयरमैन राम निवास गर्ग, नगरपालिका की चेयरपर्सन शालिनी शर्मा, सरस्वती बोर्ड के अधीक्षक अभियंता अरविंद कौशिक व कार्यकारी अभियंता सुरेन्द्र कुमार, भाजपा जिला महामंत्री सुरेन्द्र बनकट, डीएसपी हरविन्द्र, सरपंच एसोसिएशन के प्रधान ठाठ सिंह, भाजपा मण्डल अध्यक्ष चंद्रमोहन कटारिया, सरस्वती बोर्ड के पदाधिकारी एवं सदस्यगण सहित विभिन्न गांवों के सरपंच और महानुभावों एवं बच्चों ने हवन यज्ञ में पूर्ण आहूति डाली।
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