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Tuesday, February 17, 2026

108 कुण्डीय शिव-शक्ति जनकल्याण महायज्ञ की तैयारियां पूर्ण, भव्य कलश यात्रा कल

108 कुण्डीय शिव-शक्ति जनकल्याण महायज्ञ की तैयारियां पूर्ण, भव्य कलश यात्रा कल 

-सज गए हैं 108 कुंड, वैदिक यज्ञशाला और पंडाल 
जींद : जींद की सुख, शांति व समृद्धि के लिए 18 से 27 फरवरी तक जींद के हुडा ग्राउंड एकलव्य स्टेडियन में नौ दिवसीय 108 कुण्डीय शिव-शक्ति जनकल्याण महायज्ञ व दिव्य महाआरती कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। कार्यक्रम का शुभारम्भ कल 18 फरवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ होगा जिसमें हजारों माताएँ-बहनें कलश उठाने का काम करेंगी। कलश यात्रा कल सुबह 11 बजे अग्रसेन भवन अर्बन इस्टेट से चल कर आयोजन स्थल एकलव्य स्टेडियम हुडा ग्राउंड पर संपन्न होगी। यह बात महायज्ञ जींद की धरती का अब तक का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन साबित होगा। यह बात पूज्य जगतगुरु त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्रीश्री 1008 श्री हरिओम जी महाराज के परम शिष्य सतपाल जी महाराज ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कही।
नगर परिषद वाइस चेयरमैन प्रतिनिधि हरीश शर्मा, ज्योति प्रकाश कौशिक घोघड़िया, सरदार अभिषेक सिंह, महेश सिंगला, समाजसेवी बंटी दालमवाला, सागर बात्ता, भाजपा नेता भीम सैनी, अनूप गौड़, बलवान कश्यप, हरीश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि परम पूज्य जगतगुरु त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्रीश्री 1008 श्री हरिओम जी महाराज के पावन सानिध्य में 18 से 27 फरवरी तक पूरा जींद अध्यात्मिक रंग में रंग जाएगा। इस भव्य आयोजन के मुख्य यजमान कर्ण प्रताप सिंह होंगे। महायज्ञ के नौ दिनों को महिला, किसान, खाप, विद्यार्थी, अध्यापक, वकील, डॉक्टर, सफाई कर्मी, खिलाड़ी, लोक कलाकार, जनप्रतिनिधि, धार्मिक, सामाजिक संस्था सहित अन्य अलग-अलग वर्गों को समर्पित किए गए हैं। नौ के नौ दिन जन साधारण की आहुतियां निरंतर चलती रहेंगी।
ज्योति प्रकाश कौशिक घोघड़ियां ने बताया कि 108 कुंडों पर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक महायज्ञ में 108 जोड़े यजमान के रूप में बैठेंगे। प्रतिदिन सांय 7 बजे होने वाली दिव्य महाआरती भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगी। गंगा आरती कि तरह ही दिव्य महाआरती में भी ब्राह्मणों द्वारा बड़े-बड़े जागृत दीपकों के साथ आरती कि जाएगी। आयोजकों ने जींद के लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस दिव्य आयोजन में शामिल होकर माँ भगवती व संत दोनों के आशीर्वाद और धर्म का लाभ जरूर प्राप्त करें।

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