चंडीगढ़- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य में कपास उत्पादन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत देशी कपास उगाने वाले किसानों को 3000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।
श्री श्याम सिंह राणा आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि खरीफ 2025 के दौरान कपास फसल के अंतर्गत 8 लाख 90 हजार एकड़ क्षेत्र का सत्यापन किया गया, जबकि "मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल" पर देशी कपास के अंतर्गत 16,801 एकड़ क्षेत्र का सत्यापन किया गया।
कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि हरियाणा में पंजीकृत एवं सत्यापित किसानों से "मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल" के माध्यम से निर्धारित उचित औसत गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होने की शर्त पर भारतीय कपास निगम द्वारा देशी कपास तथा बीटी कपास की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाती है। उन्होंने बताया कि अधिकांश समय देशी कपास के बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक रहते है, जिसके फलस्वरूप किसान अपनी उपज निजी व्यापारियों को बेचना अधिक उपयुक्त समझते हैं।श्री राणा ने बताया कि राज्य सरकार फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है, ताकि अत्यधिक धान की खेती को कम किया जा सके। इस उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं एवं प्रोत्साहनों के माध्यम से कपास, मक्का, दलहन एवं अन्य कम जल-आवश्यक फसलों के लिए किसानों को 8000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, कपास उत्पादन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत देशी कपास उगाने वाले किसानों को 3000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है।
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