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Wednesday, February 25, 2026

अग्रवाल समाज महिला इकाई द्वारा आयोजित ब्रज रसामृत व होली महोत्सव भक्ति भाव के साथ संपन्न

अग्रवाल समाज महिला इकाई द्वारा आयोजित ब्रज रसामृत व होली महोत्सव भक्ति भाव के साथ संपन्न
जींद : गांधी नगर स्थित सेवा सदन में अखिल भारतीय अग्रवाल समाज जींद की महिला विंग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ब्रज रसामृत एवं होली महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और रंगों के उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में तीनों दिन सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन अवसर पर आम आदमी पार्टी की महिला प्रधान डा. रजनीश जैन, अग्रवाल समाज के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजकुमार गोयल, प्रमुख समाजसेवी डा. मीना शर्मा, महिला विंग की प्रधान पुष्पा अग्रवाल, युवा नेता मयंक गर्ग, अशोक जैन, पूर्व प्रधान डेजी जैन, मोनिका, मंजू सिंगला, शीतल, रेनू गर्ग, मीनाक्षी, मोनिका, कमलेश, संतोष, कोकिला, ममता, शीतल, रेणु तायल, मीरा, रेणु, सुनीता गर्ग, अंजू सिंगला, रजनी, नीलम, कविता, मोनिका गर्ग, बिन्दू, शीतल इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस महोत्सव में मथुरा से पधारे प्रसिद्ध कथा व्याख्याता अक्षित लाडली शरण ने ब्रज रसामृत पर भावपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया।

इस महोत्सव के दौरान मंच पर सुसज्जित राधा-कृष्ण की झांकी के समक्ष कथा वाचन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। समापन अवसर पर भव्य होली महोत्सव मनाया गया जिसमें रंग, गुलाल और फूलों की होली खेली गई। महिलाओं और बच्चों ने उत्साह के साथ एक-दूसरे को रंग लगाकर प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. रजनीश जैन ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आपसी भाईचारे को सुदृढ़ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रेम, सौहार्द और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। होली महोत्सव जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने अखिल भारतीय अग्रवाल समाज महिला विंग की इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताया और कहा कि हमें जीवन के सभी भेदभाव, द्वेष और नकारात्मकता को त्यागकर प्रेम और अपनत्व के रंगों से जीवन को रंगना चाहिए।

महोत्सव के समापन अवसर पर अपने संबोधन में अग्रवाल समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार गोयल ने कहा कि अग्रवाल समाज की महिला विंग, प्रधान पुष्पा अग्रवाल के नेतृत्व में लंबे समय से सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन करती आ रही है। उन्होंने कहा कि ब्रज रसामृत एवं होली महोत्सव का आयोजन वास्तव में सराहनीय है। इस महोत्सव में तीनों दिन सैकड़ों महिलाओं और पुरूषों ने इस रसामृत महोत्सव का आनंद लिया। गोयल ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का सुनहरा अवसर मिलता है। इससे समाज में एकता, प्रेम और सहयोग की भावना मजबूत होती है। इस अवसर पर महिला विंग की प्रधान पुष्पा अग्रवाल ने कहा कि उनकी पूरी टीम पिछले एक महीने से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में लगी थी। सभी के प्रयासों से यह महोत्सव कामयाब रहा जिसमें सैकडों महिलाओं, पुरूषों और बच्चों ने भाग लिया। उन्होने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से अवगत कराते हैं।

“ब्रज रसामृत” पर व्याख्यान देते हुए मथुरा से पधारे प्रसिद्ध कथा व्याख्याता अक्षित लाडली शरण ने कहा कि ब्रज की भक्ति, प्रेम और माधुर्य ही सच्चे आनंद का मार्ग है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में नई पीढ़ी कहीं न कहीं अपनी जड़ों से दूर होती जा रही है, ऐसे में ब्रज रसामृत एवं होली महोत्सव जैसे आयोजन उन्हें अपनी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे कार्यक्रम समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और आपसी सद्भाव को सुदृढ़ करते हैं। इस प्रकार ब्रज रसामृत एवं होली महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का भी संदेश देने में सफल रहा।

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