- डाटा साइंस और एआई के युग में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप पर फोकस ज़रूरी : डॉ ध्रुव चौधरी
रोहतक : महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय की रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के तत्वावधान में एफडीसी सेमिनार हॉल में महान वैज्ञानिक सी. वी. रमन की जयंती को समर्पित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप : कॉम्पिटिटिव एडवांटेज इन द एरा ऑफ डाटा साइंस एंड एआई रही, जिसमें शोध, नवाचार और उद्यमिता के महत्व पर विशेष चर्चा की गई।
समारोह में पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रोहतक के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. ध्रुव चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि डाटा साइंस और एआई के युग में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप पर फोकस वर्तमान समय की आवश्यकता है।
डॉ. ध्रुव चौधरी ने विद्यार्थियों को नवाचार और उद्यमिता को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक नौकरी की सोच से आगे बढ़कर समस्याओं के समाधान खोजने वाले जॉब क्रिएटर बनें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए, जहां नवाचार को प्रोत्साहन मिले, नए विचारों को संरक्षण मिले और युवा अपने स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि एआई आधारित नवाचारों ने न केवल उपचार प्रणाली को बेहतर बनाया है, बल्कि हेल्थ-टेक स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर भी पैदा किए हैं।
मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. गुलशन सिंह रंधावा ने कहा कि इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को शिक्षा प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने डेटा-संचालित अनुसंधान, बहु-विषयक सहयोग और वैश्विक साझेदारियों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इंडिया-इजरायल ज्वाइंट वेंचर सीवीड लैब का उदाहरण देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से अनुसंधान को उद्यमिता में बदला जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से साइंस को एन्जॉय करने की प्रेरणा दी।
डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. सी. मलिक ने अध्यक्षीय संबोधन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को जीवन में अपनाने और शोध संस्कृति को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। डीन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. हरीश दुरेजा ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह दिवस युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। एसोसिएट डीन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल प्रो. के. के. शर्मा ने कार्यक्रम की थीम पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. महक डांगी ने किया।
इस अवसर पर डीन, लाइफ़ साइंसेज प्रो मीनाक्षी वशिष्ठ, डीन, इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज प्रो. राजीव कुमार, एफडीसी निदेशक प्रो. मुनीष गर्ग, प्रो. अनीता सहरावत, प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ, प्रो मिनाक्षी शर्मा, प्रो. संतोष तिवारी, प्रो. समुद्र कौशिक, प्रो. सुनील कुमार, प्रो. सुरेन्द्र यादव, प्रो. दीप्ति हुड्डा, डॉ. एसएस गिल, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. पूजा सुनेजा, डॉ. राजीव कुमार कपूर, डॉ. हरि ओम, डॉ. अमिता डंग, डॉ रश्मि भरद्वाज, डॉ अनिल कुमार, डॉ. दीपक छाबड़ा समेत शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में रिसर्च एंड डेवलेपमेंट सेल द्वारा विज्ञान प्रश्नोत्तरी, रंगोली बनाओ, पोस्टर मेकिंग, आइडिया हैकथॉन और प्रस्ताव लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनके विजेताओं को कार्यक्रम में पुरस्कृत किया गया। रंगोली बनाओ प्रतियोगिता में सीबीटी की मेघा ने प्रथम, केमिस्ट्री की हर्षिता ने दूसरा और शिक्षा विभाग की ज्योति ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
प्रस्ताव लेखन में यूआईईटी की इशिता ने प्रथम, सीबीटी की रितु ने दूसरा और फार्मेसी की रिया ने तीसरा स्थान पाया। विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सुमेश और विनीता की टीम ने पहला, मोनिका और प्रीति की टीम ने दूसरा तथा कपिल और अजय कुमार की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
आइडिया हैकथॉन में लक्की और भावेश, एज्रियल राणा और अभिषेक सैनी तथा आदर्श तिवारी, अनन्या और रोहिल ने क्रमशः प्रथम, दूसरा और तीसरा स्थान पाया। पोस्टर मेकिंग में फार्मेसी की अमीषा यादव ने प्रथम, माइक्रोबायोलॉजी की अंजली ने दूसरा और माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी की अनु ने तीसरा स्थान हासिल किया।
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