Breaking

Monday, April 13, 2026

स्कूल संचालक बसों में फर्स्ट एड बॉक्स,कैमरे व अग्निशामक यंत्र लगवाना सुनिश्चित करें,अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी:- कुलदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक ,जींद

स्कूल संचालक बसों में फर्स्ट एड बॉक्स,कैमरे व अग्निशामक यंत्र लगवाना सुनिश्चित करें,अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी:- कुलदीप सिंह पुलिस अधीक्षक जींद।* 

 *सभी स्कूल बस चालकों एवं परिचालकों की पुलिस वेरिफिकेशन एवं वाहनों की फिटनेस करवाना अनिवार्य ।* 

 *स्कूली बसों में ड्राइवर के पास 5 वर्षों का अनुभव एवं भारी वाहन ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है ।* 
जींद : जींद पुलिस प्रशासन द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष एडवाजरी जारी कर यातायात थाना प्रभारी सहित जिला के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए है,कि अपने-अपने थानाधिकार क्षेत्रों में स्कूली बसों में फर्स्ट एड बॉक्स,सीसीटीवी कैमरे तथा अग्निशामक यंत्रों की बारीकी से जांच करें । यदि किसी स्कूल बस में अनियमिताएं पाई जाती है तो बस चालक एवं स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए । उन्होंने सभी स्कूल संचालकों को भी निर्देश देते हुए कहा है कि वे अपनी स्कूल बसों में इन आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्य रूप से व्यवस्था सुनिश्चित करें । पुलिस अधीक्षक जींद श्री कुलदीप सिंह भा पु से ने स्पष्ट किया गया कि यदि जांच के दौरान किसी बस में ये उपकरण नहीं पाए गए, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ यातायात नियमों की अवहेलना के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी । इस अवसर पर उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए है कि स्कूल संचालकों एवं बस चालकों को माननीय अदालत के आदेशों तथा यातायात नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दें । सभी चालकों एवं परिचालकों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य है ताकि कोई अपराधिक प्रवृति का व्यक्ति न हो । स्कूली बसों में ड्राइवर के पास कम से कम 5 वर्षों का भारी वाहन चलाने का अनुभव और वैध कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है ।
 पुलिस अधीक्षक जींद श्री कुलदीप सिंह ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी बनती है । किसी भी परिस्थिति में बच्चों की सुरक्षा के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।
पुलिस अधीक्षक जींद श्री कुलदीप सिंह भा पु से ने कहा कि स्कूली बच्चों का आवागमन को पूरी तरह सुरक्षित,व्यवस्थित ढंग से करवाने के लिए जींद पुलिस पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है । स्कूली बस ड्राइवर और हेल्पर (परिचालक) की नियुक्ति करते समय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्त मानकों का पालन करने उपरांत ही उन्हें ड्यूटी पर रखें । स्कूली बस चालक एवं परिचालक को रखने से पहले उनके मानसिक स्वास्थ्य की पूर्ण जांच होनी चाहिए और उनके पास नशा मुक्ति प्रमाण पत्र भी होना जरूरी है ।
 पुलिस अधीक्षक जींद ने कहा कि सभी स्कूल बस ड्राइवर और हेल्पर स्कूल प्रशासन द्वारा निर्धारित की गई वर्दी में रहेंगे और अपने पास पहचान पत्र (आईडी कार्ड) रखना सुनिश्तित करेंगे । इसके अतिरिक्त, स्कूल प्रशासन समय-समय पर उन्हें यातायात नियमों, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने, फर्स्ट एड तथा बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार (जैसे गुड टच-बैड टच) पर प्रशिक्षण देने का जिम्मेवार होंगे । प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरें और जीपीएस सिस्टम अनिवार्य होगा, जिसकी निगरानी स्कूल प्रबंधन स्वयं करेगा । बस के दरवाजे अंदर से सुरक्षित रूप से बंद होने चाहिए तथा खिड़कियों पर किसी प्रकार की फिल्म या पर्दा नहीं लगे होने चाहिए । स्कूली बस का आपातकालीन निकास द्वार पूरी तरह कार्यशील होना चाहिए ताकि किसी अप्रिय घटना पर बच्चों को सुरक्षित हालात में बाहर निकाला जा सके । स्कूल प्रशासन अभिभावकों से समय-समय पर फीडबैक लेकर ड्राइवर एवं हेल्पर के व्यवहार की समीक्षा भी करेगा, ताकि बच्चों की सुरक्षा और बेहतर बनाई जा सके।
पुलिस अधीक्षक जींद श्री कुलदीप सिंह भा पु से ने स्कूली बस चालकों को सख्त हिदायत दी कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन करने से बचें, क्योंकि इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही बस को हमेशा सड़क की बाईं ओर चलाने,निर्धारित स्थान पर ही बच्चों को सुरक्षित ढंग से चढ़ाने-उतारने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए । उन्होंने यह भी कहा कि रेड लाइट पर जैबरा क्रॉसिंग से पहले रुकना, सफेद लाइन के पीछे वाहन खड़ा करना और वाहन मोड़ने से पहले संकेत देना अनिवार्य है । बसों में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठाया जाए। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वालों के कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ।

No comments:

Post a Comment