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Tuesday, April 21, 2026

** डबल ओटीपी/ ड्यूल ऑथेंटिकेशन पहल पर पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक, डिजिटल अरेस्ट पर लगेगा प्रभावी अंकुश**

** डबल ओटीपी/ ड्यूल ऑथेंटिकेशन पहल पर पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक, डिजिटल अरेस्ट पर लगेगा प्रभावी अंकुश**
*चंडीगढ़ :  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए शुरू की गई अभिनव डबल ओटीपी (Double OTP) / ड्यूल ऑथेंटिकेशन प्रणाली को लेकर पुलिस मुख्यालय में एक विस्तृत एवं उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान इस महत्वाकांक्षी पहल की अब तक की प्रगति की समीक्षा की गई और इसे राज्यभर में विस्तारित करने की रणनीति पर गहन चर्चा की गई। एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों, विशेषकर “डिजिटल अरेस्ट”, फर्जी निवेश योजनाओं और प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) जैसे मामलों से निपटने के लिए एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरी है। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर एडीजीपी साइबर शिबास कबिराज ने की, जिसमें एसपी साइबर मयंक गुप्ता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
**गुरुग्राम और पंचकूला में सफल पायलट प्रोजेक्ट**

बैठक में जानकारी दी गई कि डबल ओटीपी प्रणाली को पायलट आधार पर गुरुग्राम और पंचकूला में लागू किया गया, जहां इसे व्यापक सफलता मिली है। इस पहल की शुरुआत एचडीएफसी बैंक के सहयोग से की गई थी, जिसने इसे तकनीकी रूप में लागू करने में हरियाणा पुलिस का पूरा साथ दिया।
**देश के प्रमुख बैंकों की भागीदारी**

इस बैठक में देश के 9 प्रमुख बैंकों—Axis Bank, ICICI Bank, State Bank of India, Canara Bank, IndusInd Bank, Kotak Mahindra Bank, Bank of Baroda, Union Bank of India और Yes Bank—के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान HDFC बैंक के अधिकारियों द्वारा एक विस्तृत प्रेजेंटेशन (PPT) प्रस्तुत की गई, जिसमें डबल ओटीपी प्रणाली के तकनीकी पहलुओं, कार्यप्रणाली और इसके क्रियान्वयन के मॉडल को विस्तार से समझाया गया।
**कैसे काम करती है डबल ओटीपी प्रणाली**

प्रेजेंटेशन में बताया गया कि वर्तमान में अधिकांश साइबर ठगी के मामलों में अपराधी तकनीकी रूप से खाते को हैक नहीं करते, बल्कि पीड़ित विशेषकर 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों पर मानसिक दबाव, भय और झांसे में लेकर स्वयं उससे ओटीपी साझा करवाते हैं। ऐसे में पारंपरिक ओटीपी प्रणाली अप्रभावी साबित होती है। डबल ओटीपी प्रणाली इस कमी को दूर करती है। इसके तहत पहले चरण में सामान्य ओटीपी वरिष्ठ नागरिक के मोबाइल नंबर पर आता है। दूसरे चरण में एक अतिरिक्त ओटीपी या पुष्टि कॉल उस व्यक्ति के पास जाती है, जिसे वरिष्ठ नागरिक ने अपने विश्वसनीय संपर्क (परिजन/मित्र) के रूप में नामित किया होता है। लेन-देन तभी पूरा होता है जब दोनों स्तर पर सत्यापन हो जाता है। इस प्रकार यह प्रणाली लेन-देन के दौरान एक “सुरक्षा विराम” (Protective Pause) प्रदान करती है, जिससे संदिग्ध परिस्थितियों में धोखाधड़ी को रोका जा सकता है। यह पहल 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगो के लिए शुरू की गई है जिसका धीरे धीरे विस्तार किए जाने की योजना है ।
**वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुरक्षा कवच**

यह पहल विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनधारकों और अकेले रहने वाले व्यक्तियों के लिए अत्यंत उपयोगी है, जिन्हें साइबर अपराधी अक्सर आसान निशाना बनाते हैं। इस प्रणाली के माध्यम से उनके खातों में बड़ी राशि के लेन-देन पर अतिरिक्त निगरानी सुनिश्चित की जाती है।

 **डबल ओटीपी पहल से साइबर ठगी पर लगेगा प्रभावी अंकुश : डीजीपी अजय सिंघल**
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि डबल ओटीपी (Double OTP) प्रणाली साइबर अपराधों की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम है, जो विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों एवं संवेदनशील वर्ग के लोगों को आर्थिक ठगी से सुरक्षित रखने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी लोगों को मानसिक दबाव एवं भय में डालकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, ऐसे में यह अतिरिक्त सुरक्षा परत धोखाधड़ी को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने आगे कहा कि यह पहल हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की दूरदर्शी सोच एवं मार्गदर्शन का परिणाम है, जिसके माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। डीजीपी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल को अन्य बैंकों के सहयोग से पूरे राज्य में लागू कर साइबर ठगी के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।
**हरियाणा पुलिस की दूरदर्शी पहल**

बैठक के दौरान एडीजीपी साइबर शिवास कबिराज ने कहा कि यह पहल हरियाणा पुलिस की एक दूरदर्शी और जनहितैषी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य तकनीक और मानवीय हस्तक्षेप के संयोजन से साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। उन्होंने सभी बैंकों से इस प्रणाली को अपनाने और राज्यभर में लागू करने के लिए सहयोग का आह्वान किया।
 **जनता से अपील**

श्री सिंघल ने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों में डबल ओटीपी सुविधा को सक्रिय करवाएं और किसी विश्वसनीय परिजन या परिचित को अपने खाते से जोड़ें। साथ ही, किसी भी प्रकार के दबाव, डर या संदिग्ध कॉल की स्थिति में तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। यह पहल न केवल साइबर ठगी के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करती है, बल्कि समाज के सबसे संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में हरियाणा पुलिस की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

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