विद्यार्थी से अधिष्ठाता तक का प्रेरक सफर: एमडीयू ने प्रो. सुरेश चंद्र मलिक को दी भावभीनी विदाई
रोहतक : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक में अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले एवं सांख्यिकी विभाग के प्रोफेसर एवं अध्यक्ष प्रो. सुरेश चंद्र मलिक को उनकी सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई। कुलपति समिति कक्ष में आयोजित इस समारोह में कुलपति प्रो. मिलाप पुनिया, कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल, डीन, कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. विनीता हुड्डा, डीन एवं अध्यक्ष संकाय तथा निदेशक, सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन प्रो. राजेश धनखड़ तथा निदेशक जनसंपर्क प्रो. आशीष दहिया सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. मिलाप पुनिया ने प्रो. मलिक के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और प्रशासनिक सुदृढ़ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने भी उनके कार्यों को विश्वविद्यालय के विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया। प्रो. विनीता हुड्डा और प्रो. राजेश धनखड़ ने प्रो. मलिक के साथ अपने कार्य अनुभव साझा करते हुए उनके सरल, सहयोगी और प्रेरणादायी व्यक्तित्व को रेखांकित किया।
इस अवसर पर प्रो. सुरेश चंद्र मलिक के पारिवारिक सदस्य—उनकी धर्मपत्नी, बच्चे और पोते-पोतियां भी उपस्थित रहे। साथ ही उनके कई पूर्व छात्र, जो आज प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं, विशेष रूप से मौजूद रहे। इनमें प्रो. मुकेन्द्र कादयान, प्रो जितेंद्र खटकड़ (कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय) और प्रो. महावीर बड़क (इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, रेवाड़ी) सहित अन्य शामिल रहे। उन्होंने प्रो. मलिक के मार्गदर्शन और स्नेहपूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व और शिक्षण ने उनके करियर को दिशा दी।
इसके अतिरिक्त, देश-विदेश में उच्च पदों पर कार्यरत उनके अनेक विद्यार्थियों ने भी संदेश, पत्र और ईमेल के माध्यम से प्रो. मलिक को सम्मान व्यक्त किया।
अपने संबोधन में प्रो. सुरेश चंद्र मलिक ने विश्वविद्यालय प्रशासन, सहकर्मियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एमडीयू में विद्यार्थी से लेकर अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले तक की उनकी यात्रा अत्यंत गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय रही।
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