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Friday, May 8, 2026

निपुण वाटिका के माध्यम से लर्निंग को रूचिकर व आसान बनाया गया है- शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

निपुण वाटिका के माध्यम से लर्निंग को रूचिकर व आसान बनाया गया है- शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

निपुण वाटिका में खेल-खेल में रूचि लेकर सीख रहे हैं विद्यार्थी

 शिक्षा मंत्री ने रोहतक के गांव खरावड़ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में निपुण वाटिका का किया उद्घाटन
 चंडीगढ़- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चें मेधावी एवं प्रतिभाशाली हैं। अध्यापक वर्ग इन बच्चों को अपनी मेहनत से सही दिशा देने का कार्य कर रहा है। जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने निपुण वाटिका के माध्यम से लर्निंग कार्य को रूचिकर व आसान बना दिया है। विद्यार्थी खेल-खेल में रूचि लेकर सीख रहे हैं।

 मंत्री रोहतक जिला के गांव खरावड़ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में स्थापित की गई निपुण वाटिका का विधिवत उद्घाटन करने के उपरांत विद्यार्थियों के साथ संवाद कर रहे थे।

 शिक्षा मंत्री ने जिला में शुरू की गई निपुण वाटिका व सुपर-40 की पहलों के लिए उपायुक्त सचिन गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अधिकारियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है।

 शिक्षा ने निपुण वाटिका का निरीक्षण करते हुए लर्निंग को रूचिकर और आसान बनाने के लिए किए गए प्रबंधों का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उनकी पढ़ाई, गतिविधियों और रुचियों के बारे में जानकारी ली। निपुण वाटिका में समूह बनाना, पहाड़े, त्रिभुज, वर्ग, आयत, बढ़ता व घटता क्रम, ऊंचाई मापना, आकृतियां बनाना, सम व विषम संख्या को पहचानना, मात्राओं का ज्ञान, देश का मानचित्र, स्वर, व्यंजन, अक्षर ज्ञान आदि को डिजिटल रूप से पढ़ाया जा रहा है। इससे बच्चें रूचि लेकर इन गतिविधियों को सीख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। निपुण भारत मिशन के माध्यम से बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाया जा रहा है ताकि प्रारंभिक स्तर से ही विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने और समझने की क्षमता विकसित हो सके।

उन्होंने अध्यापकों से भी आह्वान किया कि वे बच्चों को रचनात्मक एवं व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करें ताकि विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी आत्मसात कर सकें।

इस अवसर पर उपायुक्त सचिन गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दिलजीत सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 निपुण वाटिका और सुपर-40 जैसी प्रशासन की पहलें बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की है मजबूत नींव

इस दौरान शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश के प्रतिभाशाली बच्चों की क्षमता को बचपन से ही सही दिशा और उचित वातावरण देकर निखारा जाए। इसी उद्देश्य के तहत प्रदेश में निपुण वाटिका और सुपर-40 जैसी अभिनव पहलें बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाना, लिखना सिखाना और उनकी झिझक को दूर करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।

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