अधिक सुगम और समावेशी होंगे सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम
श्रवण बाधित तथा संचार संबंधी दिव्यांगताओं से ग्रस्त व्यक्तियों को होगी सहूलियत
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सांकेतिक भाषा (साइन लैंग्वेज) व्याख्या सहायता उपलब्ध कराने की पहल की है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन को भेजते हुए दिव्यांगजनों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान सांकेतिक भाषा व्याख्या सहायता उपलब्ध कराने संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
जारी पत्र के अनुसार, केंद्र सरकार ने श्रवण बाधित तथा संचार संबंधी अन्य दिव्यांगताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक सुगम और समावेशी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है।
कार्यालय ज्ञापन में दिव्यांगजन अधिकारों के मुख्य आयुक्त (सीसीपीडी) द्वारा की गई सिफारिशों का उल्लेख करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उपयुक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा दिव्यांगजनों की समावेशी भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
सभी सरकारी विभागों और प्रशिक्षण संस्थानों को दिव्यांगजनों की भागीदारी वाले प्रशिक्षण सत्रों में सांकेतिक भाषा दुभाषियों तथा अन्य सुगम्यता सहायता सेवाओं की आवश्यकता का आकलन करने और आवश्यकता अनुसार उनकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में कहा गया है कि श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए प्रभावी संवाद और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु सांकेतिक भाषा व्याख्या एक अत्यंत महत्वपूर्ण सहायता तंत्र है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी एजेंसियों द्वारा संचालित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, कौशल विकास पहलों तथा आधिकारिक प्रशिक्षण गतिविधियों तक दिव्यांगजनों की समान पहुंच सुनिश्चित करना है।
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