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Wednesday, July 1, 2026

32 साल की सेवा के बाद डा. रमेश पांचाल हुए सेवानिवृत्त

32 साल की सेवा के बाद डा. रमेश पांचाल हुए सेवानिवृत्त

कोराना काल में सबसे पहला सैंपल व सबसे अधिक सैंपल लेने का बनाया रिकार्ड

पांच लाख लोगों की ओपीडी, कोविड काल में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने किया था सम्मनित
जींद : जींद जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में डिप्टी सिविल सर्जन के रूप में कार्यरत डा. रमेश पांचाल 32 साल की सेवा के बाद मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए। कोरोना काल में जींद में पहला सैंपल डा. रमेश पांचाल ने लिया था। उन्होंने पूरे प्रदेश में पांच लाख ओपीडी करके भी रिकार्ड बनाया है। कोरोना काल में 35 हजार सैंपल का भी उनका रिकार्ड है। प्रदेश के पहले दंतक विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन डा. रमेश पांचाल ही बने थे।
गांव घिमाना के रहने वाले डा. रमेश पांचाल का 1968 में जन्म हुआ था। इनके पिताजी एक साधारण से मिस्त्री थे। उन्होंने अपनी मेहनत से डा. रमेश पांचाल को पढ़ाया। 1994 में रमेश पांचाल ने नागरिक अस्पताल जींद में एक दंतक सर्जन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। अपनी सेवा के 30 साल उन्होंने जींद के ही नागरिक अस्पताल में बिताए। बीच में वह एमडीए करने के लिए गए थे।
*पांच लाख मरीजों की ओपीडी*

डा. रमेश पांचाल के नाम प्रदेश में सबसे अधिक ओपीडी का रिकार्ड भी है। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान पांच लाख मरीज देखे। डिप्टी सिविल सर्जन बनने के बाद भी वह ओपीडी करते थे। मंगलवार व वीरवार को दो दिन तक मरीज उनका ओपीडी के लिए इंतजार करते थे। वहीं 2020 में जब कोरोना महामारी की शुरुआत हुई तो डा. रमेश पांचाल ने ही पहला सैंपल लिया था। हालांकि यह काम डेंटल सर्जन का नहीं थाए उसके बाद भी वह आगे आए सैंपल लेने शुरू किए। डा. रमेश पांचाल ने कोरोना काल के दौरा 35 हजार लोगों के सैंपल लिए। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उनको इसके लिए सम्मानित भी किया था। डा. रमेश पांचाल जब कैंसर के डिप्टी सिविल सर्जन थेए उन्होंने चंडीगढ़ में हुई स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक में कैंसर मरीजों को पेंशन देने की योजना शुरू करने की मांग उठाई थी। हालांकि इसके बाद कई जगह से यह मांग उठी। दो साल बाद सरकार ने बजट में कैंसर मरीजों के लिए पेंशन की घोषणा की।
*100 के आसपास बच्चों के करवाए दिल के आपरेशन*

डा. रमेश पांचाल मेंटल हेल्थ के जब डिप्टी सिविल सर्जन थे तो सरकार की योजना के अनुसार छोटे बच्चों के दिल के आपरेशन करवाए। जिन बच्चों के बचपन से दिल में छेद था, उनको यह सुविधा मिलती थी। कई बच्चों के अभिभावकों के साथ डा. रमेश पांचाल खुद मोहाली के फोर्टिज अस्पताल गए और वहां आपरेशन करवाकर लाए। जो बच्चे आंगनबाड़ी जाते हैं, उनके लिए इस प्रकार की योजना सरकार ने लागू की है। वहीं डा. रमेश पांचाल ने तंबाकू कंट्रोल के डिप्टी सिविल सर्जन रहते हुए अनेक लोगों को तंबाकू छोडऩे के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा डा. रमेश पांचाल ने एक हजार से अधिक लोगों के सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान करते हुए चालान भी काटे हैं।

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