यमुनानगर : सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर न पड़े, इसके लिए यमुनानगर के व्यासपुर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। यहां माली के पद पर तैनात तरुण इंदौरा इन दिनों 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को केमिस्ट्री पढ़ा रहे हैं। खास बात यह है कि तरुण खुद दो बार UGC-NET पास कर चुके हैं और उनके पास उच्च शिक्षा से जुड़ी कई शैक्षणिक योग्यताएं हैं।
स्कूल में केमिस्ट्री लेक्चरर के पंचकूला डेपुटेशन पर चले जाने के बाद 36 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका थी। ऐसे में जुलाई 2026 में स्कूल की प्रिंसिपल मीना कुमारी ने उपलब्ध स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता और विषय संबंधी क्षमता का आकलन किया। इसी दौरान तरुण इंदौरा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि सामने आई।
तरुण के पास MA और B.Ed के साथ CTET तथा HTET TGT जैसी योग्यताएं हैं। इसके अलावा वह दो बार UGC-NET भी क्वालिफाई कर चुके हैं। उनकी योग्यता को देखते हुए पहले उन्हें कक्षा में पढ़ाने का ट्रायल दिया गया। विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रहने के बाद उन्हें 11वीं और 12वीं की केमिस्ट्री की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं के मुताबिक तरुण कठिन से कठिन टॉपिक को उदाहरणों के जरिए आसान भाषा में समझाने की कोशिश करते हैं। इससे विद्यार्थियों को विषय समझने में मदद मिल रही है और शिक्षक की कमी के बावजूद पढ़ाई जारी है।
तरुण इंदौरा का कहना है कि उनका उद्देश्य यही है कि स्कूल में शिक्षक की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उपलब्ध संसाधनों और अपनी योग्यता के अनुसार वह विद्यार्थियों की मदद करने का प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि, यह मामला सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और योग्य युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप अवसर मिलने को लेकर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। एक तरफ विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षक की कमी महसूस हो रही है, वहीं दूसरी तरफ उच्च शिक्षित और UGC-NET जैसी परीक्षाएं पास कर चुके व्यक्ति को स्कूल में माली के पद पर काम करना पड़ रहा है।
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