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Wednesday, September 13, 2023

September 13, 2023

सरकार का लक्ष्य पारदर्शी तरीके से भू-मालिकों की सहमति से जमीन की खरीद करना- मनोहर लाल

सरकार का लक्ष्य पारदर्शी तरीके से भू-मालिकों की सहमति से जमीन की खरीद करना- मनोहर लाल
चंडीगढ़, 13 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने भू-मालिकों की सहमति से सरकारी परियोजनाओं के विकास के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया को और आसान बनाने हेतु आज नए ई-भूमि पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी तरीके से भू-मालिकों की सहमति से जमीन की खरीद करना है।मुख्यमंत्री आज यहां प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खनन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता उपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि अब किसानों के अलावा एग्रीगेटर्स भी इस पोर्टल पर जमीन देने की पेशकश कर सकेंगे। एग्रीगेटर आयकर दाता होना चाहिए और उसके पास पी.पी.पी. आईडी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले प्रॉपर्टी डीलर्स एंड कंसल्टेंट्स एक्ट, 2008 के प्रावधान के तहत एक एग्रीगेटर को प्रॉपर्टी डीलर के रूप में पंजीकृत किया होना चाहिए। अब हमने इस शर्त की अनिवार्यता को भी हटा दिया है।
उन्होंने कहा कि नये पोर्टल पर जमीन की पेशकश 6 माह तक मान्य रहेगी। उन्होंने कहा कि किसान स्वतंत्र रूप से या सूचीबद्ध एग्रीगेटर्स के माध्यम से अपनी जमीन की पेशकश कर सकते हैं। एग्रीगेटर्स द्वारा किए गए स्वैच्छिक प्रस्तावों के लिए न्यूनतम 10 एकड़ की पेशकश को अनिवार्य किया गया है। किसी एक भूमि मालिक द्वारा ई-भूमि पोर्टल पर की गई पेशकश आंशिक या पूर्ण हिस्सेदारी की हो सकती है। हालाँकि, यदि कोई एग्रीगेटर एक या अधिक भूमि मालिकों की सहमति या पेशकश अपलोड करता है, तो वह पेशकश प्रत्येक भूमि मालिक की भूमि के पूरे हिस्से की होनी चाहिए।
एग्रीगेटर्स को 1,000 से 3,000 रुपये प्रति एकड़ तक प्रोत्साहन दिया जाएगा

श्री मनोहर लाल ने कहा कि परियोजनाओं के लिए भूमि की खरीद के मामले में एग्रीगेटर्स को 1 प्रतिशत की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा, भले ही खरीद न हो, तो भी एग्रीगेटर्स को उनके प्रयासों के लिए 1,000 से 3,000 रुपये प्रति एकड़ तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।  शर्त यह है कि वे कुल इंडेंटेड भूमि के कम से कम 70 प्रतिशत की सहमति लाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने और समन्वय करने के लिए प्रत्येक विभाग में और जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की पहचान की गई है। प्रक्रिया के तहत यदि कोई भी (व्यक्ति या एग्रीगेटर) एक बार पोर्टल पर ऑफर अपलोड करता है, तो उसे नामित एजेंसी को सूचित किया जाएगा जो प्रस्तावित परियोजना के लिए संबंधित सरकारी इकाई को सूचित करेगी। इसके बाद, व्यक्ति या एग्रीगेटर द्वारा पेश की जा रही दरों पर विचार करते हुए प्रक्रिया स्वचालित मोड पर शुरू हो जाएगी। यदि दरें कलेक्टर दर की सीमा के भीतर हैं तो विभाग के प्रशासनिक सचिव व्यवहार्यता और तर्कसंगतता की जांच करने और मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद तुरंत इसे मंजूरी दे देंगे।
इसके अलावा, यदि दरें कलेक्टर दरों (50 प्रतिशत तक) से अधिक हैं, तो इसे मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिवों की समिति के समक्ष विचार के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। 

यह प्रक्रिया भी समयबद्ध है और मंजूरी का निर्णय सचिवों की समिति के स्तर पर किया जाएगा। यदि दरें कलेक्टर दरों के 50 प्रतिशत से अधिक हैं, तो प्रस्ताव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त भूमि खरीद समिति को भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि सामान्य मामलों में ऐसी उम्मीद है कि पूरी प्रक्रिया 3 से 6 महीने की समय सीमा के भीतर पूरी हो जाएगी। इस प्रक्रिया से पारदर्शिता के साथ-साथ भूमि मालिकों और एग्रीगेटर्स द्वारा भुगतान में देरी की शिकायतों में भी कमी आएगी।इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वितायुक्त, राजस्व श्री टीवीएसएन प्रसाद, हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, खनन एवं भू विज्ञान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरूण गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जन संपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक डॉ अमित अग्रवाल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री अजीत बालाजी जोशी, चकबंदी एवं भू- रिकॉर्ड विभाग की निदेशक आमना तसनीम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
September 13, 2023

एचएमजाआईएस पोर्टल का किया शुभारंभ, नये वर्जन से आएगी अधिक पारदर्शिता, अवैध खनन पर लगेगी रोक

एचएमजाआईएस पोर्टल का किया शुभारंभ, नये वर्जन से आएगी अधिक पारदर्शिता, अवैध खनन पर लगेगी रोक
चंडीगढ़, 13 सितंबर- हरियाणा सरकार ने वर्ष 2011 में जिला गुरुग्राम की तहसील मानेसर के गांव कासन, कुकरोला और सहरावन में आई. एम. टी. मानेसर के विस्तार के लिए अधिग्रहित जमीन के मामले के समाधान हेतु नो-लिटिगेशन पॉलिसी–2023 बनाई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज नो-लिटिगेशन पॉलिसी-2023 पोर्टल का शुभारंभ किया है। इसका उद्देश्य उन भूमि मालिकों को लाभ प्रदान करना है जिनका नाम जिला गुरुग्राम की तहसील मानेसर के गांव कासन, कुकरोला और सहरावन की राजस्व संपदा में है तथा अवार्ड संख्या 1, 2 और 3 दिनांक 16 अगस्त, 2022 द्वारा घोषित अवार्ड की तिथि पर उनकी भूमि रिकॉर्ड में दर्ज है।

मुख्यमंत्री आज यहां प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खनन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि उपरोक्त भू म‌ालिक इस पोर्टल पर आवेदन करके इस नीति का लाभ उठा सकते हैं। इस नीति में शर्त यह है कि भूस्वामी 16 अगस्त, 2022 को घोषित अवार्ड के अनुसार मुआवजा स्वीकार करने के बाद अपनी भूमि के अधिग्रहण को चुनौती नहीं देंगे, और इन अवार्ड्स में घोषित मुआवजा राशि में वृद्धि की मांग नहीं करेंगे। वे किसी भी अदालत में चल रहे इस भूमि से सम्बन्धित सभी मामले वापस ले लेंगे। उन्होंने बताया कि इस भूमि के अधिग्रहण की अधिसूचना भूमि अधिनियम 1894 की धारा 4 के तहत 10 जनवरी, 2011 को अधिसूचित की गई थी।
मुआवजा राशि के अतिरिक्त भूमि मालिकों के लिए लाभ

श्री मनोहर लाल ने भू मालिकों को मुआवजा राशि के अतिरिक्त दिये जाने वाले लाभों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अधिग्रहीत प्रत्येक एक एकड़ भूमि के लिए 1,000 वर्ग मीटर के आनुपातिक आधार पर विकसित आवासीय या विकसित औद्योगिक भूखंड आवंटित किया जाएगा। आवंटन की दर पहली फ्लोटेशन के समय निर्धारित आरक्षित मूल्य के बराबर होगी। साथ ही, आवंटित किये जाने वाले विकसित आवासीय प्लॉट का मानक आकार 100 और 150 वर्गमीटर है। इसी प्रकार विकसित औद्योगिक भूखंडों का मानक आकार 450 वर्गमीटर है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भूमि पात्रता प्रमाण पत्र योजना बंद होने से तीन महीने की अवधि के भीतर जारी किया जाएगा। भूमि मालिकों या भूमि पात्रता प्रमाण पत्र धारकों को भूमि पात्रता प्रमाण पत्र को खरीदने या बेचने की स्वतंत्रता होगी। उन्होंने बताया कि भूस्वामी 33 वर्ष की अवधि के लिए 21,000 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष के वार्षिक भुगतान के भी हकदार होंगे। उन्होंने बताया कि भूमि पात्रता प्रमाण पत्र धारक के अनुरोध पर नोडल एजेंसी बाय-बैंक दर पर वैध भूमि पात्रता प्रमाण पत्र वापस खरीदेगी।
एचएमजाआईएस पोर्टल का किया शुभारंभ, नये वर्जन से आएगी अधिक पारदर्शिता, अवैध खनन पर लगेगी रोक

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए चलाई जा रहे ई-रवाना पोर्टल के स्थान पर एचएमजाआईएस पोर्टल का शुभारंभ किया। इस नये वर्जन में और अधिक पारदर्शिता आएगी तथा खनन संबंधी शिकायतों पर रोक लगेगी। 
उन्होंने बताया कि पहले धर्मकांटा की मैनुअल एंट्री होती थी, जोकि अब स्वतः ही हो जाएगी। इससे गलत कांटे की एंट्री होने के कारण गलत ई-रवाना कटने पर अंकुश लगेगा। साथ ही, इस नये पोर्टल को राजस्व के साथ भी जोड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप राजस्व में वृद्धि होगी और अवैध खनन पर भी रोक लगेगी।इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वित्तायुक्त, राजस्व श्री टीवीएसएन प्रसाद, हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, खनन एवं भूविज्ञान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरूण गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जन संपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक डॉ अमित अग्रवाल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री अजीत बालाजी जोशी, चकबंदी एवं भू- रिकॉर्ड विभाग की निदेशक आमना तसनीम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
September 13, 2023

हरियाणा में 1 अक्टूबर से शुरू होगी खरीफ दलहन और तिलहन की खरीद

हरियाणा में 1 अक्टूबर से शुरू होगी खरीफ दलहन और तिलहन की खरीद
चंडीगढ़, 13 सितंबर- हरियाणा में 1 अक्टूबर, 2023 से मूंग, मूंगफली, अरहर, उड़द और तिल की खरीद 100 से अधिक मंडियों में शुरू की जाएगी । मूंग की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होगी और 15 नवंबर 2023 तक जारी रहेगी। जबकि मूंगफली की खरीद 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक , अरहर, उड़द और तिल की खरीद 1 से 31 दिसंबर तक की जाएगी।हरियाणा के मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल की अध्यक्षता में आज  विपणन सत्र 2023-24 में इन फसलों की खरीद की तैयारियों को लेकर एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया और अधिकारियों को किसानों के लिए सुचारू और परेशानी मुक्त खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ।श्री कौशल ने समय पर फसलों की खरीद करने और मंडियों में भंडारण और बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
 
बैठक में बताया गया कि हरियाणा में इस वर्ष 30,412 मीट्रिक टन मूंग, 2,784 मीट्रिक टन अरहर, 90 मीट्रिक टन उड़द, 126 मीट्रिक टन तिल और 7,711 मीट्रिक टन मूंगफली का उत्पादन होने का अनुमान है।  प्रदेश में इन फसलों की खरीद भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी और खरीद प्रक्रिया में हैफेड भी भाग लेगा।
बैठक में बताया गया कि इन फसलों की खरीद के लिए विशेष रूप से 100 से अधिक मंडियां बनाई गई हैं।  मूंग के लिए 16 जिलों में 38 मंडियां, अरहर के लिए 18 जिलों में 22 मंडियां, उड़द के लिए 7 जिलों में 10 मंडियां, मूंगफली के लिए 3 जिलों में 7 मंडियां और तिल खरीद के लिए 21 जिलों में 27 मंडियां स्थापित की गई हैं।
बैठक में सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री विजयेंद्र कुमार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
September 13, 2023

भारी बारिश व बाढ़ के कारण धान की दोबारा बिजाई करने वाले किसानों को सरकार देगी 7000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा- मुख्यमंत्री

भारी बारिश व बाढ़ के कारण धान की दोबारा बिजाई करने वाले किसानों को सरकार देगी 7000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा- मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 13 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि जुलाई, 2023 के दौरान भारी बारिश व बाढ़ के कारण धान की दोबारा बिजाई करने वाले किसानों को राज्य सरकार 7000 रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देगी।

मुख्यमंत्री आज यहां प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खनन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि बारिश व बाढ़ तथा दंगों में संपत्ति, पशुधन या मानव हानि के नुकसान की भरपाई हेतु सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर लॉन्च किया। नुकसान का ब्यौरा के लिए लोगों से आवेदन मांगे गए हैं। राजस्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन होने के बाद निर्धारित मानदंडों के अनुसार, डी.बी.टी. के माध्यम से मुआवजे का भुगतान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने मेरा पानी – मेरी विरासत योजना भी चला रखी है, जिसके तहत धान के स्थान पर अन्य फसलें उगाने वाले किसानों को 7000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसलिए बारिश व बाढ़ के कारण जिन किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई है और उन्होंने धान के स्थान पर दोबारा किसी अन्य फसल की बिजाई की है, उन्हें इस योजना के तहत राशि दी जाएगी।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार ने मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत किसानों से अपील की है कि वे धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती करें, ताकि जल संरक्षण हो सके। यह योजना स्वैच्छिक है और सरकार ने हर साल 1 लाख एकड़ क्षेत्र का लक्ष्य रखा हुआ है।

केंद्र सरकार ने 2.5 लाख मीट्रिक टन बाजरे की एमएसपी पर खरीद की दी अनुमति
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि बाजरे के भाव पर सरकार स्थिति पर नज़र बनाए हुए, उसके अनुसार प्रदेश सरकार भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को पैसा देगी। पहले भी सरकार ने किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत 600 रुपये तथा 450 रुपये भावांतर दिया है। हालांकि, अब केंद्र सरकार ने 2.5 लाख मीट्रिक टन बाजरे की एमएसपी पर खरीद की अनुमति प्रदान कर दी है।इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वित्तायुक्त, राजस्व श्री टीवीएसएन प्रसाद, हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, खनन एवं भूविज्ञान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरूण गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जन संपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक डॉ अमित अग्रवाल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री अजीत बालाजी जोशी, चकबंदी एवं भू- रिकॉर्ड विभाग की निदेशक आमना तसनीम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
September 13, 2023

गरीब कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हरियाणा सरकार, प्रदेश में गरीब परिवारों को मिलेंगे 1 लाख आवास या प्लॉट

गरीब कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हरियाणा सरकार, प्रदेश में गरीब परिवारों को मिलेंगे 1 लाख आवास या प्लॉट
चण्डीगढ़, 13 सितंबर - गरीब व जरूरतमंदों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के दृष्टिगत हरियाणा सरकार ने प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सिर पर छत उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना बनाई है। इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को एक लाख मकान या प्लाट दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज इस योजना के पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल पर वे सभी गरीब परिवार घर के लिए आवेदन कर सकेंगे जिनके पास घर नहीं है और वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है।मुख्यमंत्री आज यहां प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खनन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता उपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभाव को देखते हुए हमने प्रेरणा ली है और यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि हर परिवार के पास अपना घर हो। इसी संकल्प के तहत मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना पोर्टल शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस योजना में पंचकूला, गुरुग्राम, सोनीपत और फरीदाबाद में फ्लैट बनाए जाएंगे। जबकि अन्य शहरों में प्लॉट व फ्लैट दोनों विकल्प उपलब्ध होंगे। इस योजना में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा आवास कॉलोनियां बनाई जाएंगी, जिनमें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इतना ही नहीं, आवास निर्माण में अति आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वित्तायुक्त, राजस्व श्री टीवीएसएन प्रसाद, हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, खनन एवं भूविज्ञान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरूण गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जन संपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक डॉ अमित अग्रवाल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री अजीत बालाजी जोशी, चकबंदी एवं भू- रिकॉर्ड विभाग की निदेशक आमना तसनीम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
September 13, 2023

मुख्यमंत्री ने की पीपीपी के माध्यम से प्रो-एक्टिव ओबीसी प्रमाण पत्र की शुरुआत

मुख्यमंत्री ने की पीपीपी के माध्यम से प्रो-एक्टिव ओबीसी प्रमाण पत्र की शुरुआत

नागरिक पीपीपी डेटा के आधार पर घर बैठे ही डाउनलोड कर सकेंगे ओबीसी प्रमाण पत्र
चंडीगढ़, 13 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में राज्य सरकार नागरिकों को पेपरलेस, पारदर्शी व सुगम तरीके से सुविधाओं का लाभ ऑनलाइन माध्यम से उनके घर द्वार पर पहुंचा रही है। इसी कड़ी में एक कदम ओर आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने परिवार पहचान पत्र के माध्यम से प्रो-एक्टिव ओबीसी प्रमाण पत्र की शुरुआत की है। अब नागरिक सरल पोर्टल पर जाकर, पी.पी.पी. में मौजूद अपने डेटा के आधार पर पात्र पाए जाने पर, अपना ओबीसी प्रमाण पत्र ऑनलाइन घर बैठे डाउनलोड कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री आज यहां प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खनन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि एक बार जब किसी नागरिक की जाति व जाति की श्रेणी पी.पी. पी. में सत्यापित हो जाती है, तो वह बिना किसी मानव हस्तक्षेप के सरल पोर्टल पर अपनी पारिवारिक आई.डी. प्रदान करके अपेक्षित जाति प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकता है।
उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र के पीछे हमारा उद्देश्य लोगों को फेसलेस और पेपरलेस सेवाएं प्रदान करना है। इसी उद्देश्य से पी.पी.पी. में नागरिकों की सत्यापित जाति और जाति की श्रेणी के आधार पर सरल पोर्टल के माध्यम से प्रमाण पत्र पहले से ही जारी किए जा रहे हैं। इनमें 7.4 लाख से अधिक अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र और 4.76 लाख से अधिक पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र शामिल हैं। वर्तमान में 34 लाख से अधिक परिवारों के जाति विवरण को पी.पी.पी. में सत्यापित किया गया है।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को भी परिवार पहचान पत्र से जोड़कर लाभार्थियों को घर बैठे पेंशन देने का काम किया है। अब तक लगभग 1.7 लाख वृद्धों, 13 हजार दिव्यांगों को घर बैठे पेंशन दी जा चुकी है। हमने वृद्धावस्था पेंशन की पात्रता के लिए वार्षिक आय की सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये की है।
उन्होंने कहा कि पीपीपी की सहायता से एक क्लिक से हम प्रदेश में साढ़े 12 लाख नए राशन कार्ड बनाए और कुल 35 लाख बी.पी.एल. राशन कार्ड बनाने में सफल हुए हैं। इसके अलावा, प्रदेश में 56 लाख 46 हजार चिरायु कार्ड बनाए जा चुके हैं। इन्हें मिलाकर आयुष्मान-चिरायु कार्डों की संख्या 86 लाख गई है। साथ ही, निरोगी हरियाणा योजना में प्रदेश के 27 लाख से अधिक गरीबों के 1 करोड़ 50 लाख मुफ्त टेस्ट भी पी.पी.पी. के डेटा की मदद से किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक परिवार पहचान पत्र से 397 योजनाओं व सेवाओं को जोड़ा जा चुका है और इनका लाभ पात्र लोगों को घर बैठे ही मिल रहा है।इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वित्तायुक्त, राजस्व श्री टीवीएसएन प्रसाद, हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, खनन एवं भूविज्ञान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरूण गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जन संपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक डॉ अमित अग्रवाल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री अजीत बालाजी जोशी, चकबंदी एवं भू- रिकॉर्ड विभाग की निदेशक आमना तसनीम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
September 13, 2023

563 लाभार्थियों के खातों में सीधे पहुंची 21 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि

563 लाभार्थियों के खातों में सीधे पहुंची 21 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि
चंडीगढ़, 13 सितंबर - हरियाणा सरकार द्वारा अंत्योदय परिवारों को सामाजिक-वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु), ऐसे परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज इस योजना के तहत अंत्योदय परिवारों के सदस्यों की मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता होने की स्थिति में ऐसे परिवारों को सांत्वना राशि प्रदान करते हुए 563 लाभार्थियों को 12.38 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई।

मुख्यमंत्री आज यहां प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खनन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 1 लाख 80 हजार रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवार के सदस्य की मृत्यु या 70 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांग होने पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती। इस योजना का क्रियान्वयन हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास द्वारा किया जा रहा है। इससे पहले 223 लाभार्थियों के खातों में 6 करोड़ रुपये की राशि डाली गई थी।
उन्होंने बताया कि दयालु योजना के तहत विभिन्न आयु वर्ग के अनुसार लाभ दिया गया है। 6 से 12 वर्ष आयु तक के लिए  1 लाख रुपये, 12 से अधिक व 18 वर्ष तक 2 लाख रुपये, 18 से अधिक व 25 वर्ष तक 3 लाख रुपये, 25 से अधिक व 45 वर्ष तक 5 लाख रुपये, 45 से अधिक व 60 वर्ष तक 3 लाख रुपये की राशि दी जाती है। इस लाभ में 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) या विभिन्न विभागों द्वारा संबंधित वर्ग के लिए चलाई जा रही योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि भी शामिल है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वित्तायुक्त, राजस्व श्री टीवीएसएन प्रसाद, हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, खनन एवं भूविज्ञान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरूण गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जन संपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक डॉ अमित अग्रवाल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री अजीत बालाजी जोशी, चकबंदी एवं भू- रिकॉर्ड विभाग की निदेशक आमना तसनीम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
September 13, 2023

मुख्यमंत्री ने सरकारी खरीद प्रक्रिया को बनाया पूर्ण रूप से पारदर्शी

मुख्यमंत्री ने सरकारी खरीद प्रक्रिया को बनाया पूर्ण रूप से पारदर्शी
 चंडीगढ़, 13 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जो वित्त मंत्री भी हैं ने उच्च अधिकार प्राप्त खरीद कमेटी के समक्ष ठेकेदारों के साथ विभागों के प्रभारी मंत्री व प्रशासनिक सचिवों की उपस्थिति में मोलभाव कर आज 14 परियोजनाओं की खरीद व कार्य आवंटन में लगभग 12 करोड़ रुपये की बचत करवाई।

 उल्लेखनीय है कि पिछले 4 वर्षों से जब से मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग का प्रभार संभाला है तबसे वे एल-1 व एल-2 ठेकेदारों को  उच्च अधिकार प्राप्त खरीद कमेटी  के समक्ष बुलाते हैं और निविदा में दिए गए एल-1 रेट पर मोलभाव कर कम करवाते हैं।
आज जिन परियोजनाओं के निविदाओं को कमेटी ने अंतिम रूप दिया है उनमें भिवानी में चरखी दादरी रोड पर लगाए गए मल-जल शोधन सयंत्र के उपचारित पानी को हालुवास, पहलादगढ़, निमड़ीवाली, ढाणा नरसान, अजीतपुरा, गौरीपुर, ढाणा लाडनपुर गांव में सिंचाई उद्देश्यों के लिए उपयोग की 69.91 करोड़ रूपये की परियोजना, पुलिस लाइन करनाल में तीन मंजिली मकानों के निर्माण के 29.91 करोड़ रुपये की, फरीदाबाद व गुरुग्राम में  बिजली संप्रेषण लाइन बिछाने की 31.04 करोड़ रुपये की, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 33 केवी के सात सब-स्टेशन के निर्माण की 55.8 करोड़ रुपये की परियोजना तथा 110.52 करोड़ रुपये की सब-स्टेशनों के क्षमता बढ़ाने की रतिया में नहरी पानी आधारित जल घर के निर्माण की 48.02 करोड़ रुपये की, महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डा हिसार चरण-2 के टैक्सी-ट्रैक के साथ पानी निकासी व अन्य सिविल कार्यों के लोक निर्माण विभाग की 53.25 करोड़ रुपये की तथा अंबाला छावनी में वॉर मेमोरियल में लोक निर्माण विभाग की 147.33 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं।
इसी प्रकार बैठक में विभागीय अधिकार प्राप्त खरीद कमेटी की जिन परियोजनाओं के लिए निविदाओं को अंतिम रूप दिया गया उनमें सूचना, जन सम्पर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग की 15 लाख वर्ग फुट की वाल पेंटिंग व वाल राइटिंग की परियोजना, महिला व बाल विकास की आंगनबाड़ियों में स्मार्ट फोन देने की तथा पुलिस स्वास्थ्य अध्यापक परिवहन व अन्य विभागों के तीन लाख से अधिक कर्मचारियों को नैतिक शिक्षा की हिपा की कर्मयोगी  परियोजना शामिल है।बैठक में परिवहन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जेपी दलाल, ऊर्जा मंत्री चौधरी रणजीत सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा, श्रम राज्य मंत्री श्री अनूप धानक, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टीवीएसएन प्रसाद, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी उमाशंकर, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनंद मोहन शरण, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक श्री मोहम्मद शाइन, सूचना, जन सम्पर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
September 13, 2023

पटौदी शहर के उत्तरी बाईपास के निर्माण से शहर में यातायात का दबाव कम होगा- श्री मनोहर लाल

पटौदी शहर के उत्तरी बाईपास के निर्माण से शहर में यातायात का दबाव कम होगा- श्री मनोहर लाल
चंडीगढ़, 13 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से भारतमाला परियोजना के तहत पटौदी शहर के चारों ओर रिंग रोड को पूरा करने के लिए शहर के उत्तरी बाईपास के निर्माण के लिए आग्रह किया है।

अर्ध सरकारी पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि चूंकि होडल-नूंह-पटौदी-पटौदा मार्ग पर कोई प्रस्तावित बाईपास नहीं है, इसलिए पटौदा कस्बे में यातायात बाधित रहता है। होडल-नूंह-पटौदी-पटौदा के महत्व को ध्यान में रखते हुए, जो दिल्ली-आगरा (NH-2), दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम-जयपुर (NH-48), गुरुग्राम-रेवाड़ी (NH-352W) और रोहतक-रेवाड़ी (एनएच-352), जैसे कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ता है इसलिए उत्तरी दिशा में पटौदी शहर के बाईपास का निर्माण समय की मांग है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बड़े आर्थिक लाभ और यातायात में कमी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने भूमि अधिग्रहण और उपयोगिता स्थानांतरण की 50% लागत वहन करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि एनएचएआई द्वारा गुरुग्राम-पटौदी-पटौदा रोड (एनएच-352डब्ल्यू) की 4-लेनिंग परियोजना के हिस्से के रूप में दक्षिणी बाईपास का निर्माण पहले ही किया जा चुका है, जिससे शहर से दूर राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात की आवाजाही में काफी सुविधा हुई है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण भारतमाला परियोजना समग्र विकास सुनिश्चित करते हुए यात्रा के समय और दूरी को कम करेगी और राज्य के विकास में तेजी लाएगी।
September 13, 2023

हरियाणा सरकार राज्य की 11 जेलों में इंडियन ऑयल रिटेल आउटलेट ईंधन स्टेशन पंप लगाएगी

हरियाणा सरकार राज्य की 11 जेलों में इंडियन ऑयल रिटेल आउटलेट ईंधन स्टेशन पंप लगाएगी
चंडीगढ़, 13 सितंबर- हरियाणा सरकार ने जिला जेल कुरूक्षेत्र में आईओसी पेट्रोल पंप स्थापित करने के पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद राज्य की 11 जेलों में आईओसी रिटेल आउटलेट, फ्यूल स्टेशन पंप लगाने करने का निर्णय लिया है। इन रिटेल आउटलेट को लगाने का मुख्य उद्देश्य कैदियों के सामाजिक पुनर्वास में सहायता प्रदान करना है। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने नूंह, फरीदाबाद, भिवानी, सिरसा, हिसार-1, जींद, नारनौल, करनाल, यमुनानगर, सोनीपत और अंबाला की जेलों में इंडियन ऑयल पंप लगाने की मंजूरी प्रदान की है।
सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले हरियाणा सरकार ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सहयोग से जेल फिलिंग स्टेशन कुरूक्षेत्र में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट को बड़ी सफलता मिली है और यह अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि 31 मई 2022 से 31 मई 2023 तक जेल फिलिंग स्टेशन कुरूक्षेत्र को लगभग 1.18 करोड रुपए की आय हुई है। जेल विभाग ने फिलिंग स्टेशनों के संचालन व प्रबंधन के लिए लगभग 200 कैदियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। इस पायलट प्रोजेक्ट से बड़ी संख्या में जेल कैदियों ने विपणन, बैंकिंग और प्रबंधकीय पहलू सहित वितरण इकाई का संचालन, डिजिटल भुगतान प्राप्त करना, लेखांकन प्रक्रियाएं, ग्राहकों से निपटना, नकदी प्रबंधन, फिलिंग स्टेशन की सुरक्षा आदि सुनिश्चित करना और फिलिंग स्टेशन को चलाने की बारीकियां सीख ली हैं।  
उन्होंने कहा कि सरकार की इस अनूठी पहल से जेल के कैदियों के व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव आया है। कैदियों का मानसिक तनाव कम हुआ है और उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल कैदियों को सभ्य नागरिक बनने में मददगार साबित होगी और वे जेल से रिहा होने के बाद जीवन में किसी प्रकार से असुरक्षित महसूस नहीं करेंगे।
September 13, 2023

इग्नू में दाखिले की अंतिम तिथि 20 सितंबर तक बढ़ाई

इग्नू में दाखिले की अंतिम तिथि 20 सितंबर तक बढ़ाई
चण्डीगढ़, 13 सितंबर - इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) द्वारा नौकरी या अपना कार्य करते हुए उच्च शिक्षा हासिल करने वालों के लिए इग्नू की दूरस्थ शिक्षा प्रणाली एक  अवसर की तरह है। इग्नू में जुलाई 2023 सेशन के लिए दाखिले अभी चल रहे हंै। इग्नू के विभिन्न सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में 300 से अधिक पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकते हैं।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आज का युवा अपने पैरों पर खड़ा होकर आत्मनिर्भर बनना चाहता और इग्नू ऐसे सभी युवाओं को मौका देती है कि नौकरी या अपना कार्य करते हुए इग्नू से उच्च शिक्षा भी ले सकते हैं। आज अनेकों ऐसे विद्यार्थी है जो इग्नू के माध्यम से उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं और साथ में अपना कामकाज या कॉम्पिटिशन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। 
उन्होंने बताया कि ऐसे एससी-एसटी विद्यार्थी जिन्होंने अभी 12वीं की परीक्षा पास की है वे सभी इग्नू के तीन ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों बीए, बीएससी और बीकॉम कोर्स में नि:शुल्क  दाखिला ले सकते हैं। निशुल्क दाखिले के लिए विद्यार्थी के माता-पिता की आय ढाई लाख रुपये सालाना से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऐसे विद्यार्थियों को 300 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस और 500 रुपये डेवलपमेंट फीस देनी होगी। इग्नू में दाखिला के लिए रजिस्ट्रेशन ऑफिशियल वेबसाइट पर कर सकते हैं।