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Monday, January 19, 2026

January 19, 2026

किसी भी संवेदनशील स्थिति से निपटने के लिए सभी डिवीजनों पर बनेगी एक-एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम : डॉ. सुमिता मिश्रा

एचएसडीआरएफ की स्थापना को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

किसी भी संवेदनशील स्थिति से निपटने के लिए सभी डिवीजनों पर बनेगी एक-एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम : डॉ. सुमिता मिश्रा
चंडीगढ़-- आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025 का पूरी तरह से अनुपालन करते हुए हरियाणा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एचएसडीआरएफ) की स्थापना की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वित्तायुक्त राजस्व और अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग, डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आज एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें बल की स्थापना से जुड़ी प्रगति की समीक्षा करते हुए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया।
बैठक में अधिकारियों ने मौजूदा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की विस्तृत समीक्षा की और पूरी तरह से सुसज्जित एचएसडीआरएफ की स्थापना की दिशा में रणनीतिक बदलाव पर चर्चा की गई। समीक्षा में प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, जनशक्ति की तैनाती, विशेष प्रशिक्षण प्रोटोकॉल और परिचालन तत्परता पर ध्यान केंद्रित किया गया।
डॉ. मिश्रा ने बैठक के दौरान बताया कि सरकार ने फैसला किया है कि एक नई एसडीआरएफ बटालियन का गठन किया जाएगा जिसमें अधिकतम संख्या अग्नि वीरों की होगी। उन्होंने बताया कि किसी भी संवेदनशील स्थिति से निपटने के लिए राज्यभर के सभी डिवीजनों पर एक-एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) बनाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि 29 मार्च, 2025 को अधिसूचित आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025, राज्यों को विशेष आपदा प्रतिक्रिया अभियानों के लिए समर्पित राज्य आपदा प्रतिक्रिया बलों का गठन करने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने व्यापक अंतर-विभागीय समन्वय शुरू किया है, जिसमें पुलिस और गृह विभाग को फोर्स को चालू करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने एसडीआरएफ की स्थापना, संगठन, प्रशिक्षण और तैनाती को कवर करने वाले विस्तृत दिशा निर्देश तैयार किए हैं, जो राष्ट्रीय मानकों के अनुसार एक पेशेवर आपदा प्रतिक्रिया बल के निर्माण के लिए एक मजबूत ढांचा प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के पास प्रशिक्षित आपदा प्रतिक्रिया कर्मियों का एक मजबूत बेस है। आईआरबी, भोंडसी की पहली बटालियन नोडल आपदा प्रतिक्रिया इकाई के रूप में कार्य करती है, जिसमें 594 पुलिसकर्मी कोलैप्स स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू, फ्लड रेस्क्यू और केमिकल बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (सीबीआरएन) प्रतिक्रिया में प्रशिक्षित हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करते हुए यह सुनिश्चित करता है कि कर्मी आपदा प्रतिक्रिया तकनीकों में सबसे आगे रहें।
बैठक में भारत सरकार द्वारा एक डेडिकेटेड एसडीआरएफ स्थापित करने के लिए रखी गई शर्तों की जांच की गई, जिसमें आपदा प्रबंधन के लिए विशेष स्वीकृत पद, डेडिकेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेष वर्दी और उपकरण तथा वरिष्ठ स्तर का नेतृत्व शामिल हैं। गृह विभाग ने 1,149 पदों वाली एक पूरी बटालियन को मंजूरी दे दी है, जिससे हरियाणा को एक मजबूत आधार मिलेगा और वह तेजी से परिचालन करने के लिए तैयार हो जाएगा।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे समय-सीमा, संसाधनों की ज़रूरतें, बुनियादी ढ़ांचा विकास योजना, प्रशिक्षण कार्यक्रम और चरणबद्ध कार्यान्वयन नीति का विवरण देते हुए एक समग्र व्यापक प्रस्ताव प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि एक समर्पित एवं पेशेवर रूप से प्रशिक्षित राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की स्थापना से हरियाणा की आपदाओं और आपात स्थितियों में त्वरित व प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा, आपदा लचीलापन और नागरिक कल्याण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ होगी।
January 19, 2026

भारत निर्वाचन आयोग 21 से 23 जनवरी तक आईआईसीडीईएम-2026 की मेजबानी करेगा

भारत निर्वाचन आयोग 21 से 23 जनवरी तक आईआईसीडीईएम-2026 की मेजबानी करेगा

-इस सम्‍मेलन में 70 से अधिक देशों के लगभग 100 प्रतिनिधि भाग लेंगे

-3 दिनों में 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें और 36 सत्र आयोजित किए जाएंगे
चंडीगढ़ - भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) प्रथम भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन सम्मेलन (आईआईसीडीईएम) 2026 के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित यह तीन-दिवसीय सम्मेलन 21 जनवरी से नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू होगा।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आईआईडीईएम-2026 लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अपनी तरह का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन बनने जा रहा है। विश्व भर के 70 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 100 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, भारत में विदेशी मिशनों के प्रतिनिधि और चुनावी क्षेत्र के अकादमिक और व्यावहारिक विशेषज्ञ भी इसमें भाग लेने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी 21 जनवरी, 2026 को उद्घाटन सत्र में प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे और कार्यवाही को हरी झंडी दिखाएंगे।
तीन-दिवसीय कार्यक्रम में चुनाव प्रबंधन निकाय (ईएमबी) के सामान्य और पूर्ण सत्र शामिल हैं, जिनमें उद्घाटन सत्र, चुनाव प्रबंधन निकाय के नेताओं का पूर्ण सत्र, चुनाव प्रबंधन निकाय के कार्य समूह की बैठकें, साथ ही वैश्विक चुनावी मुद्दों, आदर्श अंतरराष्ट्रीय चुनावी मानकों और चुनावी प्रक्रियाओं में नवाचारों और सर्वोत्तम प्रणालियों पर केंद्रित विषयगत सत्र शामिल हैं।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ के नेतृत्व में और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक विशेषज्ञों के सहयोग से गठित कुल 36 विषयगत समूह सम्मेलन के दौरान गहन विचार-विमर्श में योगदान देंगे। इन चर्चाओं में 4 आईआईटी, 6 आईआईएम, 12 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) और आईआईएमसी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी भी होगी।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग विश्वभर में चुनाव प्रबंधन निकाय के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग के साथ 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें आयोजित करेगा। आयोग, भारत निर्वाचन आयोग के सभी चुनाव संबंधी सूचनाओं और सेवाओं के लिए एक ही स्थान पर उपलब्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म ईसीआईएनईटी का औपचारिक रूप से शुभारंभ भी करेगा।
इन आयोजनों के साथ-साथ एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी जिसमें भारत में चुनाव कराने की व्यापकता और जटिलता के साथ-साथ चुनाव आयोग द्वारा चुनाव के दो स्तंभों - मतदाता सूची तैयार करना और चुनाव कराना - को मजबूत करने के लिए हाल ही में की गई पहलों को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रवक्ता के अनुसार विश्व के सबसे बड़े चुनाव, लोकसभा 2024 चुनावों के आयोजन पर प्रकाश डालने वाली वृत्तचित्र श्रृंखला "इंडिया डिसाइड्स" को भी आईआईसीडीईएम-2026 के पहले दिन प्रदर्शित किया जाएगा।
January 19, 2026

जे.सी. बोस विश्वविद्यालय द्वारा स्पेक्ट्रोस्कोपिक तकनीकों पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

जे.सी. बोस विश्वविद्यालय द्वारा स्पेक्ट्रोस्कोपिक तकनीकों पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

- प्रमाणित कैलिब्रेशन सेवाओं के माध्यम से विश्वविद्यालय उद्योगों को सशक्त बनाने में सहयोग देगा: कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार
फरीदाबाद – जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद की केंद्रीय उपकरण प्रयोगशाला (सीआईएल) द्वारा स्पेक्ट्रोस्कोपिक एवं विश्लेषणात्मक तकनीकों पर आयोजित एक-सप्ताह की राष्ट्रीय कार्यशाला एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण का आज शुभारंभ हो गया। यह कार्यशाला 19 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार द्वारा किया गया तथा डॉ. मोहना कृष्णा रेड्डी मुदियाम, निदेशक, इंस्टीट्यूट ऑफ पेस्टीसाइड फॉर्मुलेशन टेक्नोलॉजी (आईपीएफटी), गुरुग्राम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र में बोलते हुए प्रो. राजीव कुमार, कुलपति ने कहा कि परीक्षण एवं कैलिब्रेशन में प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) उद्योगों में गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों तथा तकनीकी योग्यता स्थापित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में केंद्रीय उपकरण प्रयोगशाला (सीआईएल) उच्च स्तरीय उपकरणों से सुसज्जित एक अत्याधुनिक सुविधा है, जो उद्योगों तथा शैक्षणिक समुदाय को उन्नत विशेषता निर्धारण तकनीकें, परीक्षण एवं विश्लेषणात्मक अनुसंधान सहायता प्रदान करने के लिए सक्षम है।
प्रयोगशाला अब उद्योगों के उपकरणों एवं परीक्षण एवं गुणवत्ता आश्वासन से संबंधित उपकरणों के लिए न्यूनतम (सस्ती) दरों पर कैलिब्रेशन सेवाएं प्रदान करने के लिए पूर्णतः तैयार है, जिससे उद्योगों को कठोर गुणवत्ता आश्वासन मानकों को बनाए रखने में सहायता मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी कार्यशालाएं फैकल्टी सदस्यों के लिए अत्यंत मूल्यवान हैं क्योंकि ये विश्वविद्यालय की उन्नत अनुसंधान, कौशल विकास तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग की पहलों को मजबूत करती हैं।
मुख्य अतिथि डॉ. मोहना कृष्णा रेड्डी मुदियाम, निदेशक, आईपीएफटी, गुरुग्राम ने ऐसी कार्यशालाओं की उच्च प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उन्नत स्पेक्ट्रोस्कोपिक एवं विश्लेषणात्मक तकनीकों में व्यावहारिक विशेषज्ञता की विशेष रूप से कीटनाशक फॉर्मुलेशन, पर्यावरण मॉनिटरिंग, गुणवत्ता नियंत्रण तथा नियामक अनुपालन जैसे क्षेत्रों में बढ़ती आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. मुदियाम ने इस पहल की सराहना की कि यह शैक्षणिक प्रशिक्षण एवं वास्तविक औद्योगिक अनुप्रयोगों के बीच प्रभावी सेतु का कार्य करती है, जो नवाचार को बढ़ावा देने तथा विश्लेषणात्मक विज्ञानों में सटीकता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
प्रो. मनीषा गर्ग, निदेशक (सीआईएल) ने सुविधा के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीआईएल एक सामान्य, केंद्रीकृत सुविधा है जो विभिन्न विभागों में शिक्षण, अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को सहयोग देने के लिए उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों का संग्रह करती है। यह उन परिष्कृत विश्लेषणात्मक, विशेषता निर्धारण एवं परीक्षण उपकरणों तक पहुंच प्रदान करती है जो व्यक्तिगत स्तर पर उपलब्ध नहीं हो सकते।
प्रो. गर्ग ने आगे कहा कि पांच दिवसीय कार्यशाला प्रतिभागियों को संबंधित क्षेत्रों में गहन ज्ञान तथा कौशल विकास प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई है। कार्यशाला में विशेषज्ञ व्याख्यान, तकनीकी प्रस्तुतियां तथा समूह-वार हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्रों का गहन कार्यक्रम शामिल है। सत्र जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के प्रख्यात वक्ताओं, आईपीएफटी गुरुग्राम के विशेषज्ञों तथा होरिबा इंडिया, ज़ीस, सेमीलैब, शिमाद्ज़ू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं आई.आर. टेक्नोलॉजी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जैसे प्रमुख उद्योग भागीदारों के प्रशिक्षकों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
कार्यशाला का संचालन कार्यशाला संयोजक डॉ. विनोद कुमार द्वारा किया गया। सत्र का समापन उप निदेशक (अनुसंधान एवं विकास) डॉ. दीपांश शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
January 19, 2026

एमडीयू कुलपति प्रो.राजबीर सिंह ने क्रिकेटर अदिति श्योराण को स्पोर्ट्स एक्सीलेंस अवार्ड से नवाजा

एमडीयू कुलपति प्रो.राजबीर सिंह ने क्रिकेटर अदिति श्योराण को स्पोर्ट्स एक्सीलेंस अवार्ड से नवाजा
रोहतक : हरियाणा की उभरती युवा क्रिकेटर अदिति श्योराण को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) की ओर से खेल क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए स्पोर्ट्स एक्सीलेंस अवार्ड से नवाजा गया है। एमडीयू खेल विभाग की ओर से यह प्रतिष्ठित सम्मान नार्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी महिला क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में दिया गया। इस मौके पर एमडीयू कुलपति प्रो.राजबीर सिंह ने अदिति श्योराण को सम्मानित करते हुए कहा कि हरियाणा की इस बेटी ने अपनी प्रतिभा ही नहीं, जज्बे से बहुत ही कम उम्र में कई उपलब्धियां हासिल कर राज्य की अनेक बेटियों के लिए मिसाल पेश की है। 
कुलपति प्रो.राजबीर ने कहा कि एमडीयू ऐसी होनहार खिलाड़ियों की कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर पढ़ाई और हास्टल निशुल्क करने को लेकर लगातार काम कर रहा है। सम्मान समारोह की मुख्य अतिथि डाॅ.शरणजीत कौर ने इस मौके पर कहा कि जब अदिति जैसी बेटियां खेल ही नहीं किसी भी फिल्ड में बेहतर करती हैं, तो समाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों से जुड़े किसी भी कार्यक्रम में आकर उन्हें नई ऊर्जा मिलती है। डाॅ.शरणजीत ने कहा कि अदिति का खेल के प्रति समर्पण काबिले तारीफ है। खेल विभाग निदेशक डा.शकुंतला बेनीवाल ने कहा कि एमडीयू ऐसी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की ऐसी बेटियों पर सभी को नाज होता है।
अदिति श्योराण मूल रुप से सोनीपत के दुभेटा गांव की निवासी है। अदिति ने स्कूल स्तर की शुरुआती पढ़ाई खानपुर स्थित ग्लोबल पब्लिक स्कूल से की है। वह इस समय चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित कार्मल कान्वेंट स्कूल में दसवीं की छात्रा है। साथ ही चंडीगढ़ प्रशासन की प्रतिष्ठित सेक्टर-16 स्थित क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग ले रही हैं। इस एकेडमी में दाखिला पाने वाली अदिति श्योराण पहली महिला क्रिकेटर भी है। स्टेट,नेशनल और बीसीसीआइ अंडर-15 और अंडर-19 स्तर पर बीते चार वर्षों से खेल रही हैं । नेशनल स्कूल लेवल पर अदिति अंडर-19 चंडीगढ़ गर्ल्स क्रिकेट टीम की सबसे युवा कप्तान भी रही हैं। यूटीसीए जोनल टूर्नामेंट के अलावा चंडीगढ़ में इंटर स्कूल स्टेट लेवल पर गर्ल्स टीम की कप्तान रही हैं। अदिति की खेल उपलब्धियों के लइए चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से 15 अगस्त 2025 को स्टेट अवार्ड से नवाजा जा चुका है। खेल प्रतिभा को देखते हुए हरियाणा सरकार ने भी 26 जनवरी 2025 को सोनीपत में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में कैबिनेट मंत्री कृष्ण पाल बेदी के हाथों सम्मान मिल चुका है। इंटर स्कूल स्टेट लेवल 2025 चैंपियनशिप में अदिति ने सबसे अधिक रन और विकेट लिए हैं। 2024 में यूटीसीए और चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से आयोजित गली क्रिकेट टूर्नामेंट में 46 गर्ल्स टीमों के बीच हुए मुकाबले में अपनी टीम को चैंपियन बनाने में अहम योगदान रहा। आलराउंडर अदिति को उनके शानदार प्रदर्शन पर सभी मैचों में प्लेयर आफ द मैच चुनी गई थी। यह टूर्नामेंट एशिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज है। यह खिलाड़ी स्टेट और नेशनल स्तर पर अन्य खेलों में भी चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करती है। सम्मान समारोह में एआईयू पर्यवेक्षक डाॅ.नफीस अहमद,सहायक निदेशक खेल डा.तेजपाल,डा.परम भूषण आर्य क्रिकेट कोच मुकेश गोयल सहित महिला क्रिकेट टूर्नामेंट की विजेता टीम की खिलाड़ी मौजूद थी।
January 19, 2026

रेडक्रॉस कार्यालय में हुआ पॉश जागरूकता प्रोग्राम

रेडक्रॉस कार्यालय में हुआ पॉश जागरूकता प्रोग्राम
फरीदाबाद : जिला रेडक्रॉस सोसायटी फरीदाबाद व विजयश्री एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में पॉश अवेयरनेस सेशन का आयोजन किया गया। जिसमें कार्यालय में महिलाओं को किसी भी प्रकार की हैरेसमेंट से बचने के लिए जो कानून बनाया गया है उसके बारे में लड़कियों को जागरूक किया गया कार्यक्रम का "आरंभ एक नई शुरुआत" व "संभार्य सोशल फाउंडेशन" के साथ मिलकर किया गया जिसमें 50 लड़कियों ने हिस्सा लिया, कार्यक्रम का संचालन "आरंभ एक नई शुरुआत" व "विजयश्री एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट" की अध्यक्ष विजयश्री अत्रि ने किया। कार्यक्रम के दौरान कार्यालय में महिलाओं के दायित्व और हक के बारे में बताया गया कार्यक्रम की शुरुआत जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव बिजेंद्र सौरोत ने की उन्होंने इस तरह के जागरूकता अभियान हेतु सभी संस्थाओं का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जज्बा फाउंडेशन से हिमांशु भट्ट संभार्य फाउंडेशन से नीरज, सचिन कुमार तेवतिया, साहिल देशवाल मौजूद रहे।

Sunday, January 18, 2026

January 18, 2026

वीबी जी राम जी हर श्रमिक को काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका के अधिकार की गारंटी-मुख्यमंत्री

वीबी जी राम जी हर श्रमिक को काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका के अधिकार की गारंटी-मुख्यमंत्री
चंडीगढ़--हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) को मेहनतकश श्रमिकों के जीवन स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए एक मजबूत नींव बताते हुए कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की देश के हर श्रमिक को काम के साथ-साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका के अधिकार की गारंटी है।

श्री नायब सिंह सैनी रविवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण ( वीबी जी राम जी ) राज्य स्तरीय सम्मेलन में उपस्थित श्रमिकों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री ने लिया है, उसे गांवों और श्रमिकों के विकास के बिना पूरा नहीं किया सकता। उनका मानना है कि विकसित भारत का रास्ता गांवों की गलियों से होकर गुजरता है। वीबी जी राम जी केवल रोजगार देने की योजना नहीं है बल्कि मेहनतकश लोगों के जीवन को ऊंचा उठाने, उनको सम्मान देने और उनका स्वाभिमान बनाए रखने की योजना है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मनरेगा की विसंगतियों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ’विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025’ को देश के सामने रखा। इसे विकसित भारत- जी राम जी कानून कहा जा रहा है। यह केवल मनरेगा का नाम बदलना नहीं है, बल्कि ग्रामीण रोजगार व्यवस्था का संपूर्ण आधुनिकीकरण है।
उन्होंने कहा कि इस नए कानून के तहत रोजगार की वैधानिक गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। यही नहीं, नए कानून में राज्यों को फसल बुवाई और कटाई के समय 60 दिन के लिए काम रोकने का अधिकार भी दिया गया है। इससे श्रमिकों को इन 60 दिनों का काम तो मिलेगा ही, विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत भी 125 दिन का काम मिलेगा। इससे पूरे भारत वर्ष में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन 7 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। हरियाणा में हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे। हरियाणा में प्रतिदिन देश में सर्वाधिक 400 रुपये की दर से न्यूनतम मजदूरी दी जाती है। इससे हर श्रमिक की वार्षिक आय कम से कम 50 हजार रुपये हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वी.बी. जी-राम-जी योजना में अब 15 दिन की जगह साप्ताहिक वेतन भुगतान की व्यवस्था की गई है, ताकि मजदूर को समय पर उसका पैसा मिल सके। ये सभी प्रावधान यह सुनिश्चित करते हैं कि अब न तो फर्जी मजदूर होंगे, न फर्जी काम होगा और न ही फर्जी भुगतान होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून में कार्यों की प्रकृति को भी बदला गया है और इसमें पहले से काफी अधिक कामों को जोड़ा गया है। इससे श्रमिकों को अधिक काम मिलेगा और गांवों के विकास के अधिक काम होंगे। पहले मनरेगा के तहत सीमित रोजगार दिया जाता था।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मनरेगा जब शुरू हुई थी, तब हालात अलग थे। मनरेगा योजना में समय के साथ कई कमियां आ गई थीं। इनका खामियाजा सीधे श्रमिक भाइयों को भुगतना पड़ता था। श्रमिक इससे भली भांति परिचित हैं कि कहीं मशीनों ने उनका काम छीन लिया, कहीं फर्जी नामों से भुगतान हुआ और अनेकों बार मजदूरी मिलने में महीनों लग गए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के नाम पर देश के कई हिस्सों में भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड, ठेकेदारों का वर्चस्व और मजदूरों के हक की लूट हुई। सी.ए.जी. की रिपोर्टों से लेकर सामाजिक ऑडिट तक में, बार-बार यह सामने आया कि असली मजदूर काम करता रहा और जेबें औरों की भरती रहीं।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के अब तक के कार्यकाल और कांग्रेस के 10 वर्षों के कार्यकाल के दौरान मनरेगा के तहत किए गए भुगतान की तुलना करते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि अक्तूबर 2014 से अक्तूबर 2025 तक श्रमिकों को पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है, जबकि कांग्रेस के दस वर्षों में यह आंकड़ा दो हजार करोड़ रुपये से भी कम था। यह स्पष्ट दर्शाता है कि वर्तमान सरकार ने ज्यादा लोगों को काम दिया, ज्यादा पारदर्शिता के साथ पैसा दिया और मजदूर के सम्मान को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी राम जी योजना से श्रमिकों के अधिकार पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी मुद्दा विहीन हो चुकी है और जी राम जी योजना पर लोगों को भ्रमित करने के लिए अलग अलग हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने मनरेगा योजना को श्रमिकों की बजाय अपनी आजीविका का साधन बना रखा था। उनके कार्यकाल में समय समय पर इस योजना का नाम बदला गया परंतु भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ। कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण ही देश और प्रदेश की जनता ने उसे नकार दिया है। मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे कांग्रेस के दुष्प्रचार से भ्रमित ना हो। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा ही गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। इसके विपरीत
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी श्रमिकों, गरीबों और कमजोर वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

श्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आप सरकार को घेरते हुए कहा कि पंजाब सरकार केवल वोट की राजनीति के लिए जी राम जी योजना का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में मनरेगा के तहत श्रमिकों के भुगतान में भ्रष्टाचार साबित होने के बावजूद भी पंजाब सरकार दोषियों पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों का सम्मान करते हुए जी राम जी योजना लागू की है ताकि उनके खून पसीने की कमाई को कोई और ना ले सके।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए योजना के श्रमिकों से संवाद किया और जी राम जी योजना के संबंध में उनके अनुभव भी लिए। श्रमिकों ने विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण योजना लागू करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से उन्हें अब 100 दिनों की बजाय 125 दिन का काम मिलेगा, जिससे अतिरिक्त रोजगार मिलने से उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी और जीवन स्तर उंचा होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें हर्ष है कि अब 7 दिनों में उन्हें भुगतान प्राप्त होगा। इसके अलावा बायोमेट्रिक और जीओ टैगिंग प्रणाली से कार्य में और अधिक सुगमता और पारदर्शिता आएगी।
 
इस अवसर पर संबोधित करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र तभी बन सकता है जब देश का युवा, किसान, महिला और गरीब सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आंचल को मजबूत किए बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि श्रमिक मेहनतकश लोग हैं और हमारे राष्ट्र निर्माण के सहभागी हैं, खेतों में हल चलाते हैं, सड़कों और इमारतों को आकार देते हैं और उद्योगों को गति देते हैं। उनके श्रम के बिना विकास संभव नहीं है। श्रमिकों के पसीने की हर बूंद में भारत के निर्माण की कहानी छिपी है, जिसे लंबे समय तक अनदेखा किया गया। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी श्रमिकों को जी राम जी योजना को लेकर भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में श्रमिकों के हित पूरी तरह से सुरक्षित है।
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ साकेत कुमार ने मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि जी राम जी से श्रमिकों को न केवल रोजगार मिलेगा बल्कि हर स्तर पर पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी ।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा और श्रीमती रेखा शर्मा, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त और डीआरडीए पंचकूला की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती निशा यादव, बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया, जिलाध्यक्ष श्री अजय मित्तल, हरियाणा मनरेगा मेट मजदूर संघ के अध्यक्ष श्री नवीन कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे ।
January 18, 2026

देश व प्रदेश की प्रगति के लिए युवा सबसे बड़ी ताकत - श्याम सिंह राणा

देश व प्रदेश की प्रगति के लिए युवा सबसे बड़ी ताकत - श्याम सिंह राणा

सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर, शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कर रही कार्य
चण्डीगढ़ - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने हमारा देश युवाओं का देश है, देश व प्रदेश की प्रगति के लिए युवा सबसे बड़ी ताकत हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में हरियाणा सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर, शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने आज यह बात सढौरा (यमुनानगर) में आयोजित युवा महासम्मेलन में सम्बोधित करते हुए कही।इस अवसर पर पूर्व विधायक बलवंत सिंह भी मौजूद रहे।

उन्होंने कहा कि युवाओं को भारत सरकार की योजना जी राम जी योजना के बारे सम्पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने जी राम जी योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना भारत सरकार की एक नई ग्रामीण रोजगार योजना है, जिसका पूरा नाम विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) है। जिसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। हरियाणा सरकार युवाओं के सुझावों और ऊर्जा के साथ विकसित हरियाणा के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जो 24 फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद रहा है। किसानों के हित में भावांतर भरपाई योजना, किसान सम्मान निधि योजना, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी जैसी अन्य योजनाएं किसानों के हितों में चलाई जा रही हैं।
January 18, 2026

आने वाला बजट होगा मजबूत और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेगा- ऊर्जा मंत्री अनिल विज

आने वाला बजट होगा मजबूत और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेगा- ऊर्जा मंत्री अनिल विज

बिजली व्यवस्था सुधारना सरकार की प्राथमिकता, निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे

ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से हुई चर्चा
चंडीगढ़ - हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि आने वाला बजट लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा क्योंकि बहुत ही मजबूत बजट पेश किया जाएगा। अभी बजट बन रहा है और सभी हितधारकों की राय ली जा रही है। इस बारे में मुख्यमंत्री स्वयं सभी विभागों की बैठके ले रहे है और बहुत ही मजबूत बजट पेश किया जाएगा।

श्री अनिल विज ने यह बात आज दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि

 *बिजली प्रणाली को सुधारना हमारी प्राथमिकता*

श्री विज ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में विकास को लेकर आज केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल से बातचीत हुई है ताकि केंद्र के साथ-साथ राज्य के लोगों तक ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने बताया कि बिजली प्रणाली को सुधारना हमारी प्राथमिकता है ताकि उपभोक्ताओं तक निर्बाध गुणवत्तापरक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

*ट्रांसफार्मरों और कंडक्टरों का अपग्रेडेशन उच्च पैमाने पर किया जा रहा*

उन्होंने बताया कि गर्मियों के मौसम के दौरान ही बिजली आपूर्ति को सुनिश्चित किया जा चुका है इसलिए सर्दियों में अभी फिलहाल किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है तथा मांग और आपूर्ति में भी कोई समस्या नहीं है। राज्य में बिजली के ट्रांसफार्मरों और कंडक्टरों को आवश्यकतानुसार अपग्रेड किया जा रहा है। इस प्रकार का अपग्रेडेशन गुरुग्राम और फरीदाबाद में उच्च पैमाने पर किया जा रहा है।

केंद्र सरकार ने हिसार की खेदड़ यूनिट के लिए कोल लिंकेज आवंटित किया

श्री विज ने कहा कि जब भी नया थर्मल प्लांट या यूनिट लगाई जाती है तो कोल ब्लॉक लेना जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि पानीपत और हिसार के खेदड़ में 800-800 मेगावाट की यूनिट लगाई जानी है इसलिए अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने हिसार की खेदड़ यूनिट के लिए कोल लिंकेज आवंटित किया है। इस आवंटन से हिसार के खेदड़ की नई यूनिट के कार्य में प्रगति आएगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यमुनानगर में 800 मेगावाट की नई यूनिट का भी शिलान्यास किया है जिसका कार्य प्रगति पर है।
January 18, 2026

पलवल को मिलेगी मेट्रो की सौगात, वर्ष-2026 में होगा काम शुरू- श्री कृष्ण पाल गुर्जर

नरेंद्र मोदी का नया भारत व नायब सैनी का नया हरियाणा लिख रहा विकास के नये आयाम- केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर

पलवल को मिलेगी मेट्रो की सौगात, वर्ष-2026 में होगा काम शुरू- श्री कृष्ण पाल गुर्जर
चंडीगढ़- केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में देश व हरियाणा प्रदेश विकास के नए आयाम कायम कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि पलवल को जल्द ही मेट्रो की सौगात दी जाएगी, जिसका काम वर्ष-2026 में ही शुरू करवाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री आज पलवल की अनाज मंडी में आयोजित नव मिलन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता के अटूट विश्वास के बूते ही केंद्र व प्रदेश में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनी है। सरकार का एक ही लक्ष्य है कि अंतिम पायदान में खड़े व्यक्ति का कल्याण किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का नया भारत संकट में जीवन का अहसास कराता है। कोरोना काल व यूक्रेन युद्ध तथा हर संकट के समय में मोदी के नेतृत्व में देश के नागरिकों की रक्षा की गई है।
उन्होंने कहा कि मोदी के नये भारत में कोई व्यक्ति बिना उपचार व दवाई के नहीं रहता। करीब दस करोड़ बहनों के लिए शौचालय बनवाये गये हैं। कोई बिना मकान नहीं, कोई बिना एलपीजी गैस के नहीं है। घर-घर में नल से जल पहुंचाते हुए सडक़ों का जाल बिछाया गया है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में बिना सिफारिश के योग्य युवाओं को नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से गुरुग्राम-फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक रैपिड ट्रेन की सौगात मिलेगी। आने वाले समय में इतना विकास किया जाएगा कि किसानों को खूब लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं बल्लभगढ़ के विधायक श्री मूलचंद शर्मा, होडल के विधायक श्री हरेंद्र सिंह, एनआईटी फरीदाबाद के विधायक श्री सतीश फागना, बडखल के विधायक श्री धनेश अदलखा व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
January 18, 2026

19 से 23 जनवरी तक मनाया जाएगा सरस्वती महोत्सव

19 से 23 जनवरी तक मनाया जाएगा सरस्वती महोत्सव
चंडीगढ़ - हरियाणा सरकार द्वारा बसंत पंचमी के पावन पर्व को समर्पित ‘‘सरस्वती महोत्सव’’ 19 से 23 जनवरी,2026 तक मनाने का निर्णय लिया है। सरस्वती महोत्सव न केवल हमारी धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह हमारी प्राचीन सभ्यता और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। इसी कड़ी में प्रदेष के कई जिलों में कला और संस्कृति का अनोखा संगम और रंग देखने को मिलेगा। 
हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 19 जनवरी को यमुनानगर के आदिबद्री से सरस्वती महोत्सव का उद्घाटन किया जाएगा। इसी प्रकार, 20 से 21 जनवरी तक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में सरस्वती नदी पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड तथा पुरातत्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान द्वारा 22 जनवरी को राखी गढ़ी और कुनाल में सरस्वती पर प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि 23 जनवरी को पिहोवा तीर्थ, सरस्वती नगर (धाम), यमुनागनर व पोलड़ एवं पिसोल तीर्थ, कैथल, हंस डहर तीर्थ जींद में सरस्वती महोत्सव समापन समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार, बंसत पंचमी के उपलक्ष्य में सरस्वती नदी के किनारे घाटों पर स्थित दीप दान व भण्डारे का आयोजन भी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस महोत्सव को विशेष पहचान दिलाने के लिए 19 जनवरी से 25 जनवरी, 2026 तक पिहोवा में सरस मेला भी आयोजित किया जाएगा।