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Sunday, September 20, 2020

सुविधा:फैमिली आईडी के लिए सरकार ने तीसरा चरण शुरू किया, 24 सितंबर से होगी शुरुआत

सुविधा:फैमिली आईडी के लिए सरकार ने तीसरा चरण शुरू किया, 24 सितंबर से होगी शुरुआत

प्राइवेट स्कूलों में भी बनाई जाएगी फैमिली आईडी

सिरसा : सरकारी स्कूलों के बाद अब प्राइवेट स्कूलों में विद्यार्थियों के परिवारों के परिवार पहचान पत्र बनाए जाएंगे। पहचान पत्र बनाने का कार्य पहले सरकारी स्कूलों में था। अब प्राइवेट स्कूलों को भी यह कार्य सौंपा गया है। फैमिली आईडी 21 सितंबर से लेकर 23 सितंबर तक बनाए जाएंगे, जिसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, जींद व पंचकुला शामिल है। इसके बाद 24 से 26 सितंबर तक हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, कैथल, भिवानी, चरखी दादरी जिले शामिल हैं। पहले चरण में 2.37 लाख परिवारों के पहचान पत्र बनाए गए थे। अब कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से यह कार्य प्राइवेट स्कूल संचालकों को सौंपा गया है।

पहले चरण में फैमिली आईडी बनाने के लिए साइट न चलने के कारण शिक्षकों के साथ-साथ कंप्यूटर टीचरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। लेकिन दूसरे चरण में भी यही हाल रहा था। अब तीसरे चरण में फिर से विभाग ने फैमिली आईडी बनाने के लिए सरकारी स्कूलों के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों को यह जिम्मा सौंपा है। फैमिली आईडी बनाने के लिए सरकार की ओर से तीसरा चरण शुरू किया गया है। परिवार पहचान पत्र बनाने व उनको अपडेट करने के लिए विशेष शिविर लगाए गए हैं। प्रदेश सरकार ने इस कार्य को तेज गति से करवाने के लिए सभी जिलों के लिए दिन भी निर्धारित किए हैं। इसके तहत 24 से 26 सितंबर के सप्ताह में सिरसा में परिवार पहचान पत्र बनाने व अपडेशन का कार्य किया जाएगा।

50 से ज्यादा स्कूल में नहीं आएंगे अभिभावक

फैमिली आईडी बनाने के लिए कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। वहीं प्राइवेट स्कूलों में 50 से ज्यादा अभिभावक नहीं आएंगे। सोशल डिस्टेसिंग को ध्यान में रखते हुए व बिना मास्क पहने किसी भी अभिभावक की फैमिली आईडी नहीं बनाई जाएगी। शिक्षकों को हिदायत दी गई है कि फैमिली आईडी बनाने का कार्य स्टॉफ द्वारा किया जाएगा। जबकि पोर्टल पर डाटा एंट्री के लिए समूचित स्टॉफ जिला प्रशासन की ओर से दिया जाएगा। स्कूल में बैठने की व्यवस्था भी स्कूल मुखिया को अपने स्तर पर करनी होगी।

स्कूल उपलब्ध करवाएगा कंप्यूटर व इंटरनेट

परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से समूचित स्टॉफ दिया जाएगा। जबकि प्राइवेट स्कूल उन्हें कंप्यूटर व व इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करवाएंगे। पहले व दूसरे चरण में इंटरनेट धीमा होने के चलते परिवारों के पहचान पत्र का कार्य ठीक ढंग से नहीं हो पाया था। लेकिन इस बार प्राइवेट स्कूल संचालकों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। अभिभावकों को फैमिली आईडी बनाने के लिए पहले से ही समय-सारिणी बनाकर उन्हें दी जाएगी। ताकि वे उसी दिन ही अपना पहचान पत्र बनाने के लिए स्कूलों में आ सकें।

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