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Saturday, January 23, 2021

January 23, 2021

हरियाणा भाजपा मंत्रिमंडल में बदलाव की तैयारी, विधायकों और मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार

हरियाणा भाजपा मंत्रिमंडल में बदलाव की तैयारी, विधायकों और मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार जल्द ही अपने मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकती है। इसकी संभावना किसान आंदोलन के बाद या हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के बाद की है। इसको लेकर भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने गुरुवार को पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों के साथ चंडीगढ़ में मंथन किया। तीन दिनों तक चंडीगढ़ प्रवास के दौरान कुछ विधायकों व जिलाध्यक्षों ने तावड़े के समक्ष मंत्रिमंडल में बदलाव की पटकथा तैयार करने में भी सहयोग दिया है।
सूत्रों का कहना है कि किसान आंदोलन के समाप्त होने या फिर हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है। कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं। सभी विधायकों और मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया गया है। भाजपा प्रभारी को विधायकों व जिलाध्यक्षों ने कुछ मंत्रियों के मंत्रालयों तो कुछ मंत्रियों को बदले जाने के सुझाव भी दिए हैं। विधायकों और मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड बनाया है। इसे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा।

किसान आंदोलन से संबंधित कुछ सुझावों को कलमबद्ध किया गया है। सूत्रों का कहना है कि बजट सत्र के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल तय है। प्रभारी ने बुधवार देर रात सीएम के साथ उनके निवास पर डिनर किया। सूत्रों के अनुसार इस दौरान संगठन की मजबूती को लेकर गहन मंथन हुआ।
इसके साथ ही खबर है कि हरियाणा कांग्रेस भी जिला और प्रदेश कार्यकारिणी का गठन अगले दो माह में कर सकती है। इसके लिए प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल मैदान में उतर चुके हैं। दरअसल प्रदेश में पिछले सात साल में कांग्रेस सिर्फ प्रदेशाध्यक्ष के भरोसे चल रही है। 2014 में अशोक तंवर के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद खुलकर गुटों में बंटी कांग्रेस का संगठन खड़ा नहीं हो सका। प्रभारी कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलकर जिला और प्रदेश कार्यकारिणी के गठन का काम पूरा करने में जुटे हैं।
तीन दिनों में जीटी बेल्ट के तीन जिले पानीपत, करनाल और कुरुक्षेत्र में कार्यकर्ताओं बातचीत के बाद प्रभारी ने अगले एक माह में सभी जिलों के कार्यकर्ताओं से वन-टू वन मिलने का लक्ष्य रखा है। खासकर किसान आंदोलन के बीच पंचायत चुनाव की शुरू हुई सुगबुगाहट के बाद कांग्रेस जिला परिषद के चुनाव सिंबल पर लड़ने का मन भी बना रही है। परंतु इसका फैसला कार्यकर्ताओं से फीडबैक पर निर्भर करेगा।
January 23, 2021

हरियाणा में गरीबों को मिलेंगे सस्ते घर, जानिये क्या है योजना ?

हरियाणा में गरीबों को मिलेंगे सस्ते घर, जानिये क्या है योजना ?

चंडीगढ़ : हरियाणा में अब गरीबों को सस्ते फ्लैट देने की योजना सरकार की तरफ से बनाई जा रही है। इसके लिए अब मुख्यमंत्री खुद जानकारी जुटा रहे हैं। राज्य के शहरी इलाकों में स्लम बस्तियों में रहने वालों को सस्ते फ्लैट्स देने के लिए योजना तैयार की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 तक 'सब के लिए आवास' के विजऩ को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य में शहरी क्षेत्र में स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को सस्ते आवासीय फ्लैट प्रदान करने की एक व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शुरुआत में फरीदाबाद और गुरुग्राम में इस योजना को प्रारंभ करने का प्रस्ताव है।

मुख्यमंत्री आज यहां 'हाउसिंग फॉर ऑल' के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में इस योजना को राज्य के अन्य बड़े शहरों में भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में स्लम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सस्ती आवास सुविधाएँ प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुनर्वास योजना 'हाउसिंग फॉर ऑल' विभाग द्वारा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि फ्लैटों के निर्माण के लिए स्थल शहर के भीतर स्थित हो और झुग्गी-झोपड़ी वालों को उनकी सहमति से आवासीय फ्लैटों में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग हैं, जो निर्मित आवास इकाइयों में रहने के लिए तैयार हैं।

मनोहर लाल ने विभागों, जिनके पास जमीनें हैं, उनको इस योजना के लिए संभावित लाभार्थियों की संख्या और क्षेत्र का आंकलन करने के लिए सर्वे करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत बनाए जाने वाले फ्लैटों को झुग्गीवासियों को सस्ती कीमतों पर दिया जाएगा, जिसका उनके द्वारा किश्तों में भुगतान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बैंकों के माध्यम से भी ऋण की व्यवस्था कर सकती है ताकि लाभार्थियों द्वारा भुगतान को आसान बनाया जा सके।

बैठक में मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डी. एस. ढेसी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, आवास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.सी. गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एस.एन. रॉय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रधान सचिव श्री ए. के. सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री की उप-प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री अनुराग अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
January 23, 2021

HSSC ग्राम सचिव पेपर लीक- स्कूल प्रिंसिपल व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बेचने वाला चढ़ा पुलिस के हत्थे

HSSC ग्राम सचिव पेपर लीक- स्कूल प्रिंसिपल व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बेचने वाला चढ़ा पुलिस के हत्थे

रोहतक : ग्राम सचिव परीक्षा का पेपर लीक कराने के मामले में एसआईटी ने समालखा के पैराडाइज स्कूल के प्रिंसिपल देशबंधु और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस उपलब्ध कराने वाले दीपक कुमार को गिरफ्तार किया है।

दोनों को गुरुवार को समालखा कोर्ट में पेश कर दीपक को 4 व प्रिंसिपल को दो दिन की रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले एसआईटी पैराडाइज के मालिक जगदीप, बेटा अनुज, पत्नी समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तारी कर चुकी है।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी देशबंधु डिकाडला गांव और दीपक नई दिल्ली का रहने वाला है। रिमांड के दौरान आरोपी देशबंधु से एसआईटी परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड, मोबाइल और रुपए की बरामदगी करेगी। पुलिस को अभी इस मामले में और भी आरोपियों के शामिल होने का शक है।

करनाल के करण विहार से गिरफ्तार हुए रोहतक के पुष्पेंद्र ने ग्राम सचिव की परीक्षा पास करवाने के लिए पूरी तैयारी की थी। उसने दीपक से एक वॉकी-टॉकी सेट, दो स्पाई एयर पीस और 2 जैमर फ्री डिवाइस खरीदी थी। स्पाई एयर पीस परीक्षार्थियों को दिए जाने थे औैर वॉकी-टॉकी सॉल्वरों के पास थे। परीक्षार्थियों को प्रश्न पढ़ना था और बाहर बैठे सॉल्वरों को वॉकी-टॉकी से उत्तर बताना था।
January 23, 2021

जींद में निजी अस्पताल में किया जा रहा था अवैध गर्भपात, छापे में पकडे गए रंगे हाथ

जींद में निजी अस्पताल में किया जा रहा था अवैध गर्भपात, छापे में पकडे गए रंगे हाथ 

जींद: स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी की टीम ने सुबह एक निजी अस्पताल पर छापा मारा। टीम को एक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में कुछ खामी मिली। स्वास्थ्य विभाग अब इस रिपोर्ट को कमेटी के सामने रखेगा। इसके बाद आगामी कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग को सूचनाएं मिल रही थी कि बस स्टैंड के पास स्कीम नंबर छह के एक निजी अस्पताल में गर्भपात किया जा रहा है। सूचना के आधार पर विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और जांच शुरू की। टीम को यहां एक महिला की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट मिली। 

इसमें भ्रूण को काफी कम समय का दिखा गया था जबकि असलियत में भ्रूण 12 सप्ताह से ज्यादा का था। जिस महिला की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट थी, उस महिला को पहले से ही दो लड़कियां हैं। इस कारण टीम को गड़बड़ी की आशंका है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच कर रही है। इसके बाद जांच रिपोर्ट को पीएनडीटी की बैठक में रखा जाएगा। कमेटी जो निर्णय लेगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 

जींद के सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह ने कहा कि एक निजी अस्पताल में गर्भपात की सूचना मिली थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जांच की। इसमें एक महिला के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी मिली है। टीम जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट को पीएनडीटी कमेटी के सामने रखा जाएगा।
January 23, 2021

11वें दौर की बैठक भी बेनतीजा, कानून रद्द नहीं हो सकते, प्रस्ताव मंजूर है तो बताओ

11वें दौर की बैठक भी बेनतीजा, कानून रद्द नहीं हो सकते, प्रस्ताव मंजूर है तो बताओ

नई दिल्ली : नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आज सरकार और आंदोलनरत किसानों के बीच 11वें दौर की बैठक हुई जो कि पहले की 10 बैठकों जैसी बेनतीजा रही । कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कानून रद्द नहीं किये जा सकते यह बात साफ है। हाँ ये जरूर है कि कानूनों के लागू होने पर एक निश्चित समय के लिए हम रोक लगा सकते हैं जैसा कि हमने पहले प्रस्ताव रखा है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो प्रस्ताव दिया गया है वह किसानों के हित के लिए है । इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। इससे बेहतर प्रस्ताव सरकार नहीं दे सकती। अगर आप (आंदोलनरत किसानों) का विचार बने तो एक बार इसपर सोच लीजिए। नरेंद्र तोमर ने किसानों से कहा कि अगर उनकी इस बारे में सलाह बन जाये तो यह बातचीत दोबारा फिर हो सकती है। बतादें कि बैठक की अगली तारीख तय नहीं की गई है। कृषि मंत्री ने आज की बातचीत के लिए किसानों का धन्यवाद किया है।
January 23, 2021

खुदाई के दौरान मिले अंग्रेजों के जमाने के चांदी के सिक्के -जिसके हाथ जितने लगे लेकर चलता बना

खुदाई के दौरान मिले अंग्रेजों के जमाने के चांदी के सिक्के-जिसके हाथ जितने लगे लेकर चलता बना-

कैथल, 22 जनवरी कैथल में शुक्रवार को पता चला है कि यहां एक पुरानी हवेली में खुदाई के दौरान दो बड़े मटके दबे मिले हैं, जिनमें चांदी के सिक्के भरे हुए थे। अनुमान है कि यहां लगभग 30 किलो चांदी मिली है। इनमें कुछ सिक्के 1918 के हैं तो काफी सारे इससे भी पुराने है। जैसे ही मिट्‌टी में पुरानी मुद्रा निकलना शुरू हुई, लोगों की भीड़ टूट पड़ी। जिसके जितना हाथ लगा, लेकर चलता बना। हालांकि, इस संबंध में पुलिस के पास कोई सूचना नहीं है। घटना कैथल जिले के गांव से सामने आई है। यहां नाथू राम सेठ की एक पुरानी हवेली है। इसे कुछ ही वक्त पहले पाल नाम के एक व्यक्ति ने खरीद लिया था। अब इस हवेली को गिराकर नए सिरे से मकान बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। शुक्रवार को खुदाई के दौरान जेसीबी चालक मनजीत को अचानक सामने चांदी के सिक्के दिखाई पड़े। देखते ही देखते हवेली की जमीन से चांदी के बहुत सारे पुराने सिक्के निकलने लगे। इसके बाद पहले खुदाई कर रहे मजदूरों ने अपनी जेब में सिक्के भरे। जैसे ही ग्रामीणों को सिक्कों की सूचना मिली तो ग्रामीणों का हुजूम हवेली की ओर दौड़ पड़ा। ग्रामीणों ने दीवारों के साथ-साथ मिट्टी भी कई बार कुरेदी। ऐसे में जिसके हाथ जो भी लगा, वो लेकर चलता बना। हालांकि गांव में चर्चा है कि यहां दो मटके भी मिले हैं, जिनमें 30 किलो के करीब चांदी के सिक्के थे। उधर, इस बारे में तितरम थाने के प्रभारी सब इंस्पेक्टर महावीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने इस बारे में सूचना मिलने की पुष्टि की। टीम वहां पहुंची तो वहां पुरानी हवेली थी और ग्रामीण वहां से जा चुके थे। अभी तक पुलिस को किसी भी प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है, जिस पर कोई कानूनी कार्रवाई की जा सके।
January 23, 2021

हरियाणा में पुलिस कर्मियों की छुट्टियां रदद्, किसान आंदोलन के चलते लिया फैसला

 हरियाणा में पुलिस कर्मियों की छुट्टियां रदद्, किसान आंदोलन के चलते लिया फैसला

 चंडीगढ़– हरियाणा में पुलिस कर्मियों की छुट्टियां रदद्, किसान आंदोलन के चलते लिया फैसला
January 23, 2021

52 साल पहले दादा की हत्या...28 साल के पोते ने अब लिया बदला, दिल दहला देगी वारदात

52 साल पहले दादा की हत्या...28 साल के पोते ने अब लिया बदला, दिल दहला देगी वारदात

रोहतक : हरियाणा के रोहतक के गांव मकड़ौली कलां में 52 साल पहले हुई दादा की हत्या का बदला लेने के लिए 28 साल के पोते ने 76 वर्षीय पड़ोसी रिटायर्ड फौजी की पेट में तलवार घोंपकर हत्या कर दी। इस बीच घर में खाना बना रही पूर्व फौजी की पुत्रवधू बचाने दौड़ी तो उस पर भी हमले की कोशिश कर आरोपी मौके से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने एसपी राहुल शर्मा के दिशा निर्देश में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में वीरेंद्र की पत्नी मीना ने बताया कि वह मकड़ौली कलां गांव की रहने वाली है।
मीना ने बताया कि गुरुवार सुबह साढ़े 10 बजे वह घर पर खाना बना रही थी। उसका ससुर पूर्व फौजी नवल सिंह (76) घर के आंगन में बैठकर खाना खा रहा था। पति वीरेंद्र किसी काम से  बाहर गया था। उसी समय घर में पड़ोसी संदीप उर्फ गोला आया और वीरेंद्र के बारे में पूछने लगा। जिस पर मीना ने पति के बाहर जाने की बात कही। यह सुनकर संदीप चला गया।  कुछ देर बाद घर के अंदर तलवार लेकर आया। मीना रसोई के पास खड़ी थी। मीना के देखते देखते संदीप ने अपने हाथ में ली तलवार से ससुर नवल सिंह पर हमला कर दिया। संदीप ने नवल सिंह के पेट में तलवार घोंप दी। इसके बाद फिर से संदीप ने तलवार से और वार करने की कोशिश की जिस पर मीना चिल्ला उठी और संदीप को पकड़ने की कोशिश की।

इस दौरान संदीप ने मीना पर भी तलवार से जानलेवा हमला करने की कोशिश की। इस बीच मीना ने तलवार पकड़ ली, जिससे तलवार मौके पर ही गिर गई। आरोपी मीना, उसके पति और बेटे को जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया। खून से लथपथ हालत में नवल सिंह को पड़ोसी राजबीर और रविंद्र की सहायता से इलाज के लिए पीजीआई लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार 52 साल पहले आरोपी संदीप के दादा श्रीलाल की हत्या किसी विवाद के चलते मृतक नवल सिंह व उसके परिवार के सदस्यों ने की थी जिस मामले में सभी जेल भी गए थे।
मगर बाद में गांव में पंचायती तौर पर फैसला होने के बाद आरोपी कोर्ट से बरी हो गए थे। श्रीलाल की हत्या होने के ढाई माह बाद संदीप के पिता पैदा हुए थे। बाद में कुछ समय बाद दोनों परिवारों के बीच आना-जाना भी शुरू हो गया था। डीएसपी सदर सज्जन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी संदीप ने बताया कि वह शादीशुदा है व एक बेटी का पिता है। वह पेशे से किसान है।

Friday, January 22, 2021

January 22, 2021

किसानों की ट्रैक्टर परेड के मद्देनजर अलर्ट -टकराव मोल नहीं लेगी हरियाणा पुलिस -ड्रोन कैमरों की नजर में रहेगी ट्रेक्टर यात्रा

किसानों की ट्रैक्टर परेड के मद्देनजर अलर्ट
-टकराव मोल नहीं लेगी हरियाणा पुलिस
-ड्रोन कैमरों की नजर में रहेगी ट्रेक्टर यात्रा

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर परेड निकालने के ऐलान के साथ ही हरियाणा पुलिस सतर्क हो गई है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली से सटे जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। ड्रोन कैमरों की मदद से मुख्य मार्गों से निकलने वाले ट्रैक्टरों पर नजर रखी जाएगी। हरियाणा के गृह सचिव राजीव अरोड़ा तथा डीजीपी मनोज यादव ने इस संबंध में सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। हरियाणा व दिल्ली की सीमा पर धरने पर बैठे किसानों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड निकालने का ऐलान कर रखा है। पुलिस को इनपुट मिला है कि इस परेड में हरियाणा के रास्ते से पंजाब के किसान जहां दिल्ली पहुंच रहे हैं, वहीं हरियाणा के विभिन्न जिलों में भी दिल्ली कूच की तैयारियां चल रही हैं। हरियाणा के किसान संगठनों ने हर गांव से ट्रैक्टर इस परेड में शामिल होने का आह्वान किया हुआ है। इसी के चलते किसान जत्थेबंदियां गांव-गांव घूम रही हैं। ट्रैक्टर परेड के दौरान किसी तरह का कोई हादसा या टकराव न हो, इसके लिए पुलिस द्वारा पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं। 'ट्रैक्टर परेड' से निपटने को लेकर हरियाणा पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सीएम मनोहर लाल तथा गृह मंत्री अनिल विज ने बृहस्पतिवार को इस बारे में अधिकारियों से फीडबैक लिया। सीआइडी चीफ आलोक मित्तल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को तमाम जानकारियां उपलब्ध कराई। प्रदेश के सभी 22 जिलों विशेष तौर पर दिल्ली बार्डर से सटे जिलों में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। हर छोटी-बड़ी घटना की जानकारी बिना किसी देरी के मुख्यालय तक पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं।

सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम व 

झज्जर जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल रहेगा
पंजाब के विभिन्न जिलों, शहरों एवं गांवों से भी किसान ट्रैक्टर लेकर हरियाणा के रास्ते ही दिल्ली बार्डर पर पहुंचेंगे। इसके चलते सभी सीमाओं पर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। डीजीपी मनोज यादव भी ट्रैक्टर परेड को लेकर सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों व रेंज आईजी के साथ संपर्क साधे हुए हैं। डीजीपी ने बृहस्पतिवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक हिदायतें दी। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा भी पुलिस के आला अफसरों के साथ बैठक कर परेड को लेकर मंथन किया। दिल्ली पुलिस किसानों को इस बात के लिए मनाने की कोशिश में है कि वे रिंग रोड की जगह केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर अपनी ट्रैक्टर परेड निकालें। दिल्ली बार्डर से सटे सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद व पलवल में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा। बार्डर पर नाकेबंदी भी रहेगी और पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रहेगी। हरियाणा पुलिस ने सभी इंटर स्टेट बार्डर पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। किसानों की ट्रैक्टर परेड को देखते हुए एडीजीपी स्तर के अधिकारियों की भी जिलों में ड्यूटी लगाई जाएगी। सरकार की तरफ से पुलिस को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए जाने वाले किसानों के साथ किसी तरह के टकराव की स्थिति पैदा न होने दे। ऐसे में किसानों के ट्रैक्टरों को रोका नहीं जाएगा।
January 22, 2021

हाई कोर्ट में याचिका दायर कर लगाया आरोप कहा- गुरमीत राम रहीम हुआ साजिश का शिकार

हाई कोर्ट में याचिका दायर कर लगाया आरोप  कहा- गुरमीत राम रहीम हुआ साजिश का शिकार


चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक साजिश के तहत हत्या व दुष्कर्म के केस में फंसाकर जेल में बंद किया गया है। जिन संतों ने धार्मिक प्रचार से मानव को ईश्वर से जोडऩे का काम किया है, वह साजिश का शिकार होकर सत्ता द्वारा प्रताडि़त किए जाते रहे हैं। गुरमीत राम रहीम के साथ भी ऐसा हुआ है। इस याचिका में डेरा सच्चा सौदा सिरसा के मैनेजमेंट, वकीलों व सीबीआइ के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। यानी याचिका में डेरा प्रबंधन, वकील और सीबीआइ पर आपस में मिलीभगत कर डेरा प्रमुख के खिलाफ साजिश रचने के आरोप जड़े गए हैं। राम रहीम के अनुयायी पंजाब के रूपनगर निवासी बलविंद्र सिंह व अन्य ने हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दुष्कर्म और हत्या के मामलों में जेल में रखने के पीछे साजिश है, जिसकी गहरी जड़ें हैं। हाई कोर्ट को बताया गया कि इस साजिश में हरियाणा सरकार, सीबीआइ के कुछ अधिकारी, राम रहीम के वकील व डेरा प्रबंधन के लोग शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर फर्जी गवाह व गलत तथ्य कोर्ट के सामने पेश कर राम रहीम को जेल में बंद करवाया व अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ किया। याचिका में केंद्र सरकार से अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई व बार काउंसिल आफ इंडिया से आरोपित वकीलों के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर हाई कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है और जल्द ही यह याचिका सूचीबद्ध हो सकती है। इस याचिका के कोर्ट में आने से अब नए तरह का विवाद खड़ा हो सकता है।

Thursday, January 21, 2021

January 21, 2021

झुकी केंद्र सरकार,डेढ़ साल तक कृषि कानून लागू नहीं करने को तैयार, किसान देंगे 22 जनवरी को जवाब

झुकी केंद्र सरकार,डेढ़ साल तक कृषि कानून लागू नहीं करने को तैयार, किसान देंगे 22 जनवरी को जवाब 

नई दिल्ली : किसानों के साथ 11वें राउंड की बातचीत में सरकार कुछ झुकती हुई नजर आई। केंद्र ने बुधवार को किसान नेताओं को दो प्रपोजल दिए। केंद्र ने किसानों के सामने प्रस्ताव रखा कि डेढ़ साल तक कृषि कानून लागू नहीं किए जाएंगे और वो इस संबंध में एक हलफनामा कोर्ट में पेश करने को तैयार है। इसके अलावा MSP पर बातचीत के लिए नई कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी जो राय देगी, उसके बाद MSP और कानूनों पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, किसान नेता कानूनों की वापसी पर ही अड़े हुए हैं। किसानों और सरकार के बीच अगली बैठक 22 जनवरी को होगी और किसान इसी बैठक में प्रस्ताव पर अपना जवाब देंगे। किसानों ने साफ कर दिया है कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली होगी।

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'बातचीत के कई नरम-गरम दौर हुए। हमारे प्रस्ताव को किसानों ने गंभीरता से लिया है। मुझे लगता है 22 तारीख को समाधान की संभावना है। हमने किसानों को प्रस्ताव इसलिए दिया है, क्योंकि आंदोलन खत्म हो और जो किसान कष्ट में हैं, वो अपने घर जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है, वो अपना काम कर रही है। किसानों और किसान आंदोलन से बनी स्थितियों के लिए सरकार की भी सीधी जिम्मेदारी है और इसी के तहत हम प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं। आंदोलन जब खत्म होगा और किसान अपने घर लौटेंगे, तब भारत के लोकतंत्र की जीत होगी।'

गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा ट्रैक्टर रैली निकालने वाले को लेकर बुधवार को फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस विवाद में दखल देने से इंकार किया और कहा कि दिल्ली पुलिस ही इस पर इजाजत दे सकती है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के द्वारा लगातार कमेटी पर उठ रहे सवालों पर नाराजगी व्यक्त की गई। 

Tuesday, January 19, 2021

January 19, 2021

आर्थिक संकट के कारण 17 शिक्षक नौकरी से हटाए -जींद के एसडी स्कूल का है मामला

आर्थिक संकट के कारण 17 शिक्षक नौकरी से हटाए -जींद के एसडी स्कूल का है मामला

जींद, 18 जनवरी : शहर की शिक्षण संस्था एसडी स्कूल ने आर्थिक संकट के चलते 17 शिक्षकों को बिना नोटिस दिए नौकरी से हटा दिया गया है। नौकरी से हटाए शिक्षक सोमवार को एसडीएम राजेश कुमार और जिला शिक्षा अधिकारी मदन चोपड़ा से मिले और उन्हें बगैर नोटिस दिए रिलीव करने के आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी है।
जिला शिक्षा अधिकारी से मिलने पहुंचे पीजीटी गणित अध्यापक प्रदीप कुमार, टीजीटी नीलम, पीजीटी हिंदी पूजा शर्मा, टीजीटी ज्योति शर्मा, पीजीटी हिंदी रानी देवी, संतोष रानी, किरण देवी, सोमवती देवी, रानी देवी, संतोष रानी, किरण देवी, शीलवंती, क्लर्क सीमा ने बताया कि वे पिछले पांच सालों से लगातार अध्यापन का कार्य बेहतर तरीके से कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अब रिलीव किया जा रहा है। इस दौरान उनका कार्य पूरी तरह से संतोषजनक रहा है। मैनेजमेंट और बच्चों को शिक्षण कार्य को लेकर कोई परेशानी नहीं आने दी गई है। नीलम ने बताया कि सभी शिक्षकों को मैनेजमेंट द्वारा प्रस्ताव पारित करके एक जनवरी 2019 को नियमित कर दिया था। इस दौरान अध्यापकों ने बार-बार मैनेजमेंट से ज्वाइनिंग लेटर की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें बहाना बना कर टाला जाता रहा। अब उन्हें बिना नोटिस और बिना कुछ कारण ही रिलीव कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2020 में कोरोना के कारण नियमित कक्षाएं बंद हो गई थी। परंतु सरकार के निर्देशानुसार उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई को सुचारू रखा। इस अवधि में उन्हें आधी सेलरी दी गई। अब प्रबंधन समिति के प्रधान लक्ष्मीनारायण बंसल की मौत के बाद बेवजह नौकरी से निकाल दिया है। अब तक उनका पीएफ भी नहीं काटा गया है।
क्लर्क सीमा ने बताया कि वह एसडी स्कूल जींद में शिक्षक व गैर शिक्षक पद पर 5 साल से काम कर रहे हैं। इस दौरान उनका काम संतोषजनक रहा है। उन्होंने मैनेजमेंट और बच्चों को शिकायत का कोई मौका नहीं दिया है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करते हुए उन्हें नौकरी पर बहाल करवाने और बकाया वेतन भी दिलवाने की मांग की। जिला शिक्षा अधिकारी मदन चौपड़ा ने शिक्षकों को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी सुशील जैन को सौंपी है। अधिकारी सुशील जैन स्कूल प्रबंधक सीमिति पदाधिकारियों को बुलाकर मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे।
-आधी रह गई छात्र संख्या, घाटे में है संस्था : कार्यकारी प्रधान प्रबंधन समिति के प्रधान लक्ष्मीनारायण बंसल की हाल ही में हुई मौत के बाद कार्यकारी प्रधान बने श्यामलाल बंसल ने बताया कि स्कूल में छात्र संख्या चार हजार से घटकर दो हजार रह गई है। कोरोना की वजह से काफी विद्यार्थियों की फीस भी नहीं आई। संस्था घाटे में है। स्टाफ का महीने का वेतन 12 लाख रुपये बनता है। जबकि फीस दो लाख रुपये जमा होती है। एेसे में जितने स्टाफ की जरूरत है, उतना ही रखा जाएगा। संस्था कोई नई भर्ती नहीं कर रही है। अगर नई भर्ती होगी, तो हटाए गए कर्मचारियों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

फ़ोटो-एसडीएम राजेश कुमार से मिलती बर्खास्त टीचर  

-बीईओ को सौंपी जांच : मदन चोपड़ा-
एसडी स्कूल के स्टाफ सदस्य उनसे मिलने आए थे। उन्हें हटाया गया है। इस मामले में संस्था के सदस्यों से बात की तो वह आए बाहर थे। इस मामले में बीईओ सुशील जैन को जांच दी गई है। संस्था सदस्यों व हटाए गए स्टाफ को बैठाकर मामला सुलझाया जाएगा।


January 19, 2021

जींद शहर में फाटक नंबर ए 2 बी कई माह के लिए हुई बंद

जींद शहर में फाटक नंबर ए 2 बी कई माह के लिए हुई बंद

-वाहन चालकों, राहगिरों की बढ़ी परेशानी, आरओबी निर्माण बना कारण  


जींद, 18 जनवरी : शहर में पुराने रोहतक बाइपास पर जेल के पीछे पानीपत रेलवे लाइन पर स्थित फाटक नंबर ए 2 बी को रेलवे द्वारा आगामी आदेशों तक कई माह के लिए स्थाई तौर पर बंद कर दिया है। इस कारण लोगों एवं वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है।  फाटक बंद करने का कारण यहां हो रहे आरओबी निर्माण को बताया गया गया। इस आरओबी का निर्माण कार्य पूरा होने में कई माह का समय लगेगा।
 फाटक पर तैनात गेट मैन सुशील कुमार ने बताया कि दिल्ली से सीआरएस का लेटर आया हुआ है। यहां आरओबी का कार्य चल रहा है। रलवे के अधिकारियों के आदेश पर यह फाटक बंद किया गया। आगामी आदेशों तक यह फाटक बंद रहेगा। फाटक बंद होने के बाद अब इस मार्ग से जींद शहर में प्रवेश करने के लिए कोर्ट के पीछे न्यू कृष्णा कालोनी व एंपलाईज कालोनी से होकर गुजरने वाली सडक़ पर वाहनों की संख्यां बढ़ गई है। वहीं, फाटक बंद होने के कारण खासकर उन वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है, जो जिले से बाहर से इस रास्ते आ रहे हैं। 
फोटो कैप्शन : जींद शहर में बंद की रेलवे फाटक नंबर ए 2बी


January 19, 2021

अब मिस्ड कॉल देकर पाएं बिजली निगम की सुविधा

अब मिस्ड कॉल देकर पाएं बिजली निगम की सुविधा

चंडीगढ़ -उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 70870-19636 नंबर तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपभोक्ता 70821-02200 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अपने बिजली बिल से संबंधित सूचना प्राप्त कर ऑनलाइन माध्यम से सीधे बिजली बिल का भुगतान होगा

चंडीगढ़, 18 जनवरी : हरियाणा बिजली वितरण निगमों द्वारा उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए मिस्ड कॉल अलर्ट सर्विस शुरू की गई है। जिसके तहत उपभोक्ता को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से मिस्ड कॉल करने पर मैसेज के माध्यम से एक लिंक प्राप्त होगा, जिस पर क्लिक करके उपभोक्ता अपना बिजली बिल डाउनलोड व उसका भुगतान कर सकते हैं।
बिजली निगम के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 70870-19636 नंबर पर तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपभोक्ता 70821-02200 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अपने बिजली बिल से संबंधित सूचना प्राप्त कर ऑनलाइन माध्यम से सीधे बिजली बिल का भुगतान कर सकते हैं। मिस्ड कॉल की सुविधा का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर बिजली मीटर एकाउंट से जुड़ा होना चाहिए। इसके अलावा उपभोक्ता अपना मोबाइल नंबर व आधार नंबर भी अपडेट कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि बिजली निगम की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी और मिस्ड कॉल अलर्ट सुविधा प्राप्त करने से पहले बिजली उपभोक्ता को आधार अपडेट करवाना होगा तभी उपभोक्ता को सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इस सुविधा से उपभोक्ताओं को अब बिजली बिल के लिए मीटर रीडर और बिल डिलिवरी का इंतजार नहीं करना होगा।
उन्होंने बताया कि हरियाणा बिजली वितरण निगमों द्वारा करनाल, गुरुग्राम, पंचकूला, पानीपत और फरीदाबाद आदि शहरों के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए 26 नवम्बर, 2020 से प्रीपेड बिलिंग की सुविधा भी शुरू की गई है। प्री-पेड कनैक्शन लेने के लिए उपभोक्ता को किसी भी प्रकार की सिक्योरिटी जमा नहीं करवानी पड़ेगी।  उपभोक्ताओं को महीने के मौजूदा बिजली बिल पर नियमानुसार 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी तथा मीटर रीडिंग का झंझट भी खत्म होगा। उपभोक्ता मोबाईल ऐप के माध्यम से अपने अकाउंट बैलेंस को चैक कर सकते हैं जिसके लिए प्ले स्टोर/ऐप स्टोर से यूएचबीवीएन स्मार्ट मीटर और डीएचबीवीएन स्मार्ट मीटर मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।  
हरियाणा के बिजली वितरण निगम वैश्विक कोरोना महामारी के काल में उपभोक्ताओं को घर बैठे बिजली बिल से संबंधित सूचना उपलब्ध करवाने तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
January 19, 2021

हरियाणा में शिक्षक ने छात्राओं से की गंदी हरकतें, व्हाट्सएप पर भेजे मैसेज

हरियाणा में शिक्षक ने छात्राओं से की गंदी हरकतें, व्हाट्सएप पर भेजे मैसेज

अंबाला : हरियाणा में गुरु शिष्या के रिश्ते को फिर से एक शिक्षक ने शर्मसार किया है। जिला अंबाला के एक पीजी कॉलेज में एक ही क्लास की तीन छात्राओं ने शिक्षक पर गलत ढंग से छूने और व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर दिल की बात कहने और अतिरिक्त कक्षा लगाने के बहाने बुलाने के आरोप लगाए हैं। पांच दिन पहले छात्राओं ने इसकी शिकायत की थी। कॉलेज प्रिंसिपल ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय आंतरिक जांच कमेटी का गठन कर दिया है।  

अभी इस समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी भी नहीं थी कि आरोपी शिक्षक ने कॉलेज की जांच कमेटी के खिलाफ ही थाने में शिकायत दे दी। आरोप लगाए कि जांच कमेटी के एक सदस्य ने मेरा गला पकड़ा, गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्द भी कहे। इस तरह यह मामला छावनी के सदर थाने पहुंच गया। शिकायत के बाद कॉलेज जांच कमेटी के चारों सदस्यों को थाने बुलाया। यहां तीन घंटे पूछताछ चली। पूछताछ में जांच कमेटी के सदस्यों ने बताया कि आरोप लगाने वाले शिक्षक के खिलाफ हम छेड़खानी मामले में जांच कर रहे हैं। साथ ही जांच कमेटी ने छात्राओं की शिकायत भी थाने में सौंप दी है।

इस मामले में कॉलेज प्रिंसिपल का पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं, आरोपी शिक्षक ने भी न फोन उठाया न ही कॉलेज पहुंचा है। मामले की जांच के लिए प्रिंसिपल ने कॉलेज की आंतरिक जांच कमेटी का गठन किया। इसमें इंचार्ज अंजू जगपाल, डॉ. अतुल यादव, बलजिंद्र कौर और मनीष कुमार शामिल हैं। इसके अलावा मास कम्यूनिकेशन विभाग के अध्यक्ष राकेश शर्मा को विशेष तौर पर बुलाया गया।

कैंट थाना के  इंस्पेक्टर विजय कुमार का कहना है कि हमने सभी को थाने बुलाया था। जांच कमेटी ने बताया कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ छात्राओं ने छेड़खानी की शिकायत दी थी, हम उसकी जांच कर रहे हैं। तफ्तीश के बाद ही इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।  वहीं कॉलेज की आंतरिक जांच कमेटी की इंचर्ज अंजू जगपाल ने कहा कि यह कॉलेज का आंतरिक मामला है। इसमें प्रिंसिपल ही सही जानकारी दे पाएंगे। हमें जांच करने की जिम्मेदारी दी थी। हमने उनको अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
January 19, 2021

चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फ़ैसला

चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फ़ैसला

-चंडीगढ़-पंजाब बॉर्डर सील,बैरीकेड लगाकर बॉर्डर को किया गया सील
-किसानों के ट्रेक्टर मार्च को लेकर उठाया क़दम
January 19, 2021

हरियाणा पुलिस की ’नो योर केस‘ में 1.66 लाख ने जाना केस स्टेटस

हरियाणा पुलिस की 'नो योर केस' में 1.66 लाख ने जाना केस स्टेटस

चंडीगढ़, 18 जनवरी - पुलिस कार्याें में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता का समावेश करने के उद्देश्य से हरियाणा पुलिस द्वारा चलाई जा रही "नो योर केस" योजना के तहत वर्ष 2020 में 1.66 लाख से अधिक नागरिकों ने संबंधित पुलिस थानों व चैकियों में जाकर अपने केस की मौजूदा स्थिति की जानकारी हासिल की।  
           अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), श्री नवदीप सिंह विर्क ने आज इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस  योजना के तहत गत वर्ष जनवरी से दिसंबर के बीच 89353 लोगों ने पुलिस थानों में अपनी शिकायतों की प्रगति बारे रिर्पोट हासिल की जबकि 76864 लोगों ने उनके द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक मामलों की जानकारी प्राप्त की।
           कोविड महामारी के बावजूद, ये आंकड़े सीधे तौर पर हरियाणा पुलिस की पारदर्शी और सार्वजनिक-उन्मुख पुलिसिंग पहल के प्रति जनता की सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि "नो योर केस" योजना से मामलों एवं शिकायतों के समयबद्ध निपटान के साथ-साथ पुलिस-पब्लिक इंटरेक्शन को और बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है।

फरीदाबाद में सर्वाधिक लोगों ने ली सटीक जानकारी

           योजना के तहत जानकारी प्राप्त करने वालों को ब्योरा साझा करते हुए श्री विर्क ने बताया कि जिला फरीदाबाद में सर्वाधिक 30,135 नागरिकों ने सीधे जांच अधिकारियों या वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर शिकायतों और आपराधिक मामलों की प्रगति बारे जानकारी ली। इसी प्रकार, गुरुग्राम और पलवल जिलों में केस संबंधी जानकारी प्राप्त करने वालों का आंकडा क्रमशः 20,527 और 18,502 दर्ज किया गया। 

अंतिम शनिवार/रविवार को जान सकते है केस स्टेटस

          एडीजीपी ने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा पुलिस कार्यप्रणाली में और अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। इसके तहत, सभी पर्यवेक्षी अधिकारी, स्टेशन हाउस अधिकारी, जांच अधिकारी और एमएचसी अपने संबंधित पुलिस स्टेशनों/इकाइयों में आगंतुकों/शिकायतकर्ताओं को नवीनतम स्थिति की जानकारी देने के लिए मौजूद रहते हैं। प्रत्येक माह अंतिम शनिवार और रविवार को सुबह 9 से 11 बजे तक "नो योर केस" दिवस के रूप में तय किया गया है। पूरी कवायद संबंधित पुलिस उपाधीक्षक की मौजूदगी में की जाती है और साथ ही पुलिस मुख्यालय सहित संबंधित अधिकारियों द्वारा योजना की मासिक प्रगति की उच्च स्तर पर निगरानी भी की जाती है।
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Monday, January 18, 2021

January 18, 2021

सरपंच एसोसिएशन ने धरने को दिया दान

सरपंच एसोसिएशन ने धरने को दिया दान

नरवाना (जींद), 18 जनवरी : बदोवाल टोल प्लाजा पर धरने के दौरान नरवाना सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव सैंथली तथा ब्लॉक उझाना सरपंच एसोसिएशन के प्रधान देवेंद्र मंटा के साथ विभिन्न गांवों के सरपंच पहुंचे। उन्होंने किसान आंदोलन को समर्थन दिया। 
गांव रसीदां के सरपंच देवेंद्र मंटा ने कहा कि उनका किसान आंदोलन के लिए चल रहे धरने को समर्थन हैं। जिसके लिए दोनों ब्लॉकों के सरपंच धरने को निजी कोष से चंदा देते हैं। उन्होंने कहा कि किसान की बदौलत ही देशवासी का पेट भरता है, इसलिए सरकार को तीनों कृषि कानून वापिस लेने चाहिए।
January 18, 2021

किसान आंदोलन को लेकर महिलाओं की हुंकार -खटकड़ व बद्दोवाल टोल पर महिलाओं ने निकाला

किसान आंदोलन को लेकर महिलाओं की हुंकार 

-खटकड़ व बद्दोवाल टोल पर महिलाओं ने निकाला मार्च

- महिलाओं ने गीतों व भजनों से जमकर निकाली भड़ास

-स्वयं ट्रैक्टर चलाकर धरने पर पहुंचने वाली महिलाओं को किया सम्मानित

खटकड़ व बद्दोवाल टोल प्लाजा पर सोमवार को महिला किसान दिवस मनाया गया। महिलाओं ने दोनों टोल पर मार्च निकाला। दोनों स्थानों पर 26 दिसंबर से तीन कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर धरना दिया जा रहा है। 
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को खटकड़ टोल पर आयोजित किसान दिवस पर महिलाओं ने धरने की अध्यक्षता की तो मंच संचालन भी महिलाओं ने ही किया। अध्यक्षता परमेश्वरी देवी ने की तो मंच संचालन किसान एकता महिला सेल की जिलाध्यक्ष सिक्किम सफा खेड़ी ने की। 
सुबह से ही आस-पास के गांवों से सैंकड़ों महिलाएं ने रंग बिरंगी ड्रैसे पहनकर और ट्रैक्टर चला चलाकर टोल टैक्स पर पहुंचनी शुरू हो गई थी। यहां महिलाओं ने रंग बिरंगी ड्रैसों में लोक गीतों पर डांस भी किया। तिरंगे के साथ सैंकड़ों महिलाओं ने मार्च निकालने के साथ-साथ महिलाओं ने पीटी शो भी किया। 
सिक्किम सफा खेड़ी ने कहा कि अपने हकों की इस लड़ाई को किसान संयम, अनुशासन से लड़ की जीतेंगे। आज दिल्ली बॉर्डर पर 50 दिन से ज्यादा किसानों को अपने हकों के लिए धरना देते हुए है। अनुशासन से धरना चल रहा है। जो भी किसान मोर्चा के नेता आदेश करेंगे। उन आदेशों को किसान वर्ग मनेगा।  किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि हजारों की संख्या में महिलाओ ने महिला दिवस मनाया। लाखों की संख्या में महिलाएं 26 जनवरी को दिल्ली पहुंचेगी और काले कानून वापिस करवा कर लौटेगी। महिला पुरूषों के कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रही है। 
इसी कड़ी में बदोवाल टोल प्लाजा पर चल रहे 25वें धरने पर महिलाओं का भारी जनसमूह उमड़ा। धरने पर पहुंचने वाली महिलाओं मेें जबरदस्त जोश देखने को मिला। धरने पर शामिल होने के लिए विभिन्न गांवों से महिलाएं खुद ट्रैक्टर चलाकर पहुंची। मंच संचालन गांव दनौदा की डिंपल ने बड़े ही बढिय़ा ढंग से किया। महिलाएं गांव बदोवाल, सच्चाखेड़ा, बेलरखां, गुरूसर, भीखेवाला, ईस्माइलपुर, दनौदा, बडनपुर, डिंडोली, फरैण खुर्द, फरैण कलां, सिंहमार पत्ति नरवाना, मोरपत्ति नरवाना आदि से 1500 की संख्या में पहुंची। गांवों से आई महिलाएं दामन-कुर्ता के देशी पहनावे में आई और उनके द्वारा भजनों व गीतों से नाच-गाकर सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। गांव बेलरखां से आई महिला सन्नी ने अपने जोशीले भाषण से धरने पर शामिल महिलाओं व पुरूषों को झझकोर कर दिया। धरने पर गायक कलाकार नरेश श्योराण ने रागनियों के माध्यम से किसानों की दुर्दशा को बयां किया। गांव बदोवाल की बेटी मंजू ने भारत माता पर गीत गाकर तालियां बटोरी, वहीं गुरूसर से प्रीति, ईस्माइलपुर से कंकन मोर ने भाषण दिया। महिलाओं ने कहा कि ये तीन कृषि कानून को वे किसी भी तरह से लागू नहीं होने देंगे, चाहे इसके लिए उनको कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। महिलाओं ने प्रधानमंत्री को भी खुलकर चुनौती दी, जिस पर लोगों ने समर्थन दिया। महिलाओं ने कहा कि यह आंदोलन कितना भी लंबा क्यों न चले, वे पीछे हटने वाली नहीं हैं। 

-ट्रैक्टर चलाकर आने वाली महिलाएं सम्मानित-

किसान महिला दिवस पर गांवो से ट्रैक्टर चलाकर बद्दोवाल टोल पर आने वाली महिलाओं को बदोवाल टोल संघर्ष समिति द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इनमें गांव गुरूसर से प्रीति, दबलैन से कविता, कमलजीत, माया, ईस्मालपुर से निर्मला, भीखेवाला से भतेरी, सुनीता, चांदनी, बेलरखां से अंगूरी, डूमरखां कलां से मानसी तथा दनौदा से रेखा शामिल रही।
January 18, 2021

किसानों की ट्रैक्टर रैली पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- - प्रवेश कैसे-कौन करेगा या नहीं करेगा, ये पुलिस तय करे

किसानों की ट्रैक्टर रैली पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा-- प्रवेश कैसे-कौन करेगा या नहीं करेगा, ये पुलिस तय करे

नई दिल्ली, 18 जनवरी। नए कृषि कानूनों पर किसानों का आंदोलन विस्तार रूप लेता जा रहा है। जहां इन कानूनों पर किसानों की सरकार से बातचीत चल रही है, वहीं यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा हुआ है| इधर अब किसान आंदोलन के जत्थे ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में विशाल ट्रैक्टर रैली निकालने की घोषणा की हुई है। जिस पर दिल्ली पुलिस ने ऐतराज जताया है और वह ट्रैक्टर रैली पर अवरोध लगवाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दर पर पहुंच गई है। दरअसल, दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में किसानों के 26 जनवरी को होने वाले ट्रैक्टर मार्च पर रोक लगाने की मांग की है। दिल्ली पुलिस ने इसके लिए कानून-व्यवस्था का हवाला दिया है।
वहीँ, सुप्रीम कोर्ट ने आज सोमवार को इस मामले पर थोड़ी देर की सुनवाई की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस सुनवाई के दौरान कहा कि दिल्ली में प्रवेश का सवाल कानून-व्यवस्था का विषय है और दिल्ली में कौन आएगा या नहीं, कौन मार्च करेगा या धरना देगा। इसे दिल्ली पुलिस को तय करना है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को क्या करना है और क्या नहीं करना है, यह कोर्ट नहीं तय करेगा। इधर केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने इस दौरान कहा कि किसानों की ट्रैक्टर रैली अवैध होगी और इस दौरान दिल्ली में 5000 लोगों के प्रवेश की संभावना है।फिलहाल किसानों के ट्रैक्टर मार्च को लेकर सुप्रीम कोर्ट 20 जनवरी को अगली सुनवाई करेगा।

किसान ट्रैक्टर मार्च निकालने पर अड़े…

आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि ट्रैक्टर मार्च निकलेगा और जरूर निकलेगा। यह अब रुक नहीं सकता। 26 जनवरी को हम दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च करेंगे। ज्ञात रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने 4 सदस्यों की एक कमेटी भी बनाई हुई है जो कि आंदोलनकारी किसानों से मसले के हल को लेकर बातचीत करेगी, लेकिन किसान इस कमेटी के विरोध में हैं और वह कमेटी से बातचीत नहीं करना चाहते। वहीं, कमेटी के सदस्य भूपिंदर सिंह मान ने खुद को कमेटी से अलग कर लिया है।