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Sunday, September 20, 2020

लापरवाही:अधूरी तैयारियों में कल से खोले जा रहे स्कूल, ज्यादातर शिक्षकों का विभाग ने अब तक नहीं कराया काेराेना टेस्ट

लापरवाही:अधूरी तैयारियों में कल से खोले जा रहे स्कूल, ज्यादातर शिक्षकों का विभाग ने अब तक नहीं कराया काेराेना टेस्ट


रोहतक : जिले में सोमवार से शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल खोलने की तैयारियां की जा रही है। वहीं स्कूल में उन्हीं शिक्षकों को प्रवेश दिया जाएगा जिसकी रिपोर्ट कोरोना नेगिटिव होगी। इसके लिए विभाग की ओर से 4 दिन पहले ही शिक्षकों के टेस्ट कराने के आदेश दिए थे। लेकिन अभी तक ज्यादातर स्कूलों में शिक्षकों के कोरोना टेस्ट नहीं कराए गए है। वहीं टेस्ट के लिए शिक्षा विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से कोई संपर्क नहीं किया है।
दूसरी तरह स्कूल में आने वाले विद्यार्थियों व गैर-शिक्षक कर्मचारी के लिए कोरोना को देखते हुए खास इस्तेमाल नहीं किए गए हैं। अब इनके भी कोरोना टेस्ट की मांग की जा रही है। वहीं विभागीय अधिकारियों ने कोरोना टेस्ट कराने का जिम्मा स्कूल मुखियाओं व शिक्षकों पर छोड़ दिया है। जिले में सरकारी व निजी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा तक करीब 4 हजार से ज्यादा शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी है।
शिक्षक भी कोरोना टेस्ट के लिए शेड्यूल का इंतजार कर रहे हैं। जिन ग्रामीण क्षेत्रों में पीएचसी या सीएचसी है, वहां पर कुछ सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने कोरोना टेस्ट कराया है लेकिन अभी काफी बाकी है। चार दिन पहले ही शिक्षा निदेशालय ने सभी शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि एसओपी के तहत निजी व सरकारी स्कूलों के शिक्षकों-स्टाफ का कोरोना टेस्ट कराएं और मोबाइल में आरोग्य सेतू एप अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराएं। इसके लिए डीईओ को डीसी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी की सहायता से व्यवस्था करानी है।
शेड्यूल का है इंतजार
भिवानी रोड स्थित रावमावि की प्राचार्या ओंकार ने बताया कि अभी शिक्षकों का कोरोना टेस्ट नहीं हुआ है। इस संबद्ध में दिशा-निर्देश मिले हैं, पर यह टेस्ट विभागीय रूपरेखा के तहत ही होगा। बैंसी स्कूल के प्राचार्य जय भगवान ने बताया कि अभी सभी शिक्षकों का टेस्ट नहीं हुआ है, शेड्यूल का इंतजार है। अभी स्कूलों में स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं आई है। जींद और भिवानी में स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों में जाकर शिक्षकों का कोरोना टेस्ट कर रही है।
होमवर्क किए बिना ही आदेश पारित किए
9वीं से 12वीं तक के करीब 120 सरकारी स्कूलों में 1000 शिक्षक और बाकी स्टाफ है। सोमवार से विद्यार्थी स्कूलों में परामर्श के लिए आएंगे। इस बीच चार दिन पहले शिक्षा निदेशालय ने आदेश दिए कि सभी शिक्षकों का कोरोना टेस्ट होना जरूरी है। सिर्फ एक दिन बाकी है और टेस्ट की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। कुछ शिक्षकों ने अपने स्तर पर कराए हैं। निदेशालय ने होमवर्क किए बिना ही यह आदेश पारित कर दिए हैं। शिक्षा अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग से बात कर स्कूल स्तर पर टीमों का गठन करना चाहिए। शिक्षक टेस्ट कराने के लिए कहां-कहां भटकेंगे। - दयानंद श्योराण, प्रदेशाध्यक्ष, हसला।
बालंद क्लस्टर में शिक्षकों ने कराए टेस्ट
शिक्षकों के कोरोना टेस्ट कराने के लिए आदेश शनिवार को ही मिले हैं, सोमवार को इसकी रूपरेखा को लेकर बात होगी। बालंद क्लस्टर में पीएचसी पर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने जाकर कोरोना टेस्ट कराया है। जिन स्कूलों में 10-15 का स्टाफ है, वहां पर टीम ने खुद आकर जांच की है। - आशा दहिया, बीईओ, रोहतक।
कोविड-19 जांच की जिम्मेदारी सरकार लें
सरकारी व निजी स्कूलों के शिक्षकों का कोरोना टेस्ट जरूरी है, लेकिन विद्यार्थियों का टेस्ट कौन कराएगा। दोनों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार को चाहिए कि वह शिक्षकों व विद्यार्थियों के कोविड-19 जांच की जिम्मेदारी लें। सरकार अपने स्तर पर टीमें गठित कर प्रत्येक स्कूल में यह जांच कराएं। एचबीएसई के करीब 400 मान्यता और गैर मान्यता प्राप्त स्कूल है, जो अभी कोरोना के हालात को देखते हुए विद्यार्थियों को परामर्श लेने के लिए स्कूल बुलाने के पक्ष में नहीं है। - रवींद्र नांदल, प्रदेशाध्यक्ष, ऑल हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ।
डीईओ से सैंपलिंग किए जाने की डिमांड नहीं मिली
दो दिन बाद स्कूल खुलने हैं। अभी तक डीईओ से लिखित में सैंपलिंग कराने के लिए कोई डिमांड नहीं भेजी गई है। डीईओ से सैंपलिंग कराने के लिए डिमांड आएगी तो निर्धारित लोकेशन पर टीम भेजकर टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ मेंबर्स के कोरोना टेस्ट करा दिए जाएंगे।-डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन, रोहतक
सीधी बात (डॉ. विजय लक्ष्मी नांदल, डीईओ, रोहतक)
Q. शिक्षा विभाग 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोलने की तैयारी कर रहा है। उसके लिए जिला स्तर पर क्या प्रबंध किए गए हैं? A. स्कूलों को सेनिटाइज कराने का बजट दे दिया है। थर्मल स्कैनर, हैंड वॉश, मास्क सभी सुविधा दी है। कोविड-19 के नियमों का पूरा पालन कराया जाएगा। Q. कोरोना टेस्ट के लिए क्या व्यवस्था की गई है। अब तक प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया है? A. कोरोना टेस्ट को लेकर बीईओ को आदेश दे दिए हैं। अगर किसी को दिक्कत आती है तो वह सीएचसी, पीएचसी या सिविल अस्पताल में जाकर कोरोना टेस्ट करा सकता है। वैसे थर्मल स्कैनर से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का पता लग ही जाता है। अगर किसी का टेस्ट नहीं हो रहा है तो हम दिशा-निर्देश दे देंगे। अभी प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग से संपर्क नहीं किया है। Q. सोमवार से स्कूल खुलने जा रहे हैं। विद्यार्थी परामर्श के लिए आएंगे तो क्या इससे पहले शिक्षकों का कोरोना टेस्ट जरूरी नहीं है? A. अभी स्कूल नहीं खुल रहे है। विद्यार्थी एक या दो परामर्श लेने के लिए स्कूल में आएंगे। अगर किसी स्कूल मुखिया को शिक्षक में कोई परेशानी लगती है, तो उसे दूर बिठा देंगे। Q. गाइडलाइन आई है कि डीईओ को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर शिक्षकों का कोरोना टेस्ट कराना है। A. अभी स्कूल खोले जाने यानि कक्षाएं लगाने को लेकर काफी समय है, तब तक पीएचसी, सीएचसी या सिविल अस्पताल में जाकर कोरोना टेस्ट करा लेंगे।

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