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Monday, June 7, 2021

किसानों व प्रशासन के बीच नहीं बनी बात, प्रदेशभर में थानों का घेराव करेंगे किसान

किसानों व प्रशासन के बीच नहीं बनी बात, प्रदेशभर में थानों का घेराव करेंगे किसान

फतेहाबाद : टोहाना जजपा विधायक देवेंद्र बबली के साथ शनिवार को किसानों का समझौता होने के बाद अब किसानों व प्रशासन के बीच तनातनी लगातार बनी हुई है। गिरफ्तार दो किसानों की रिहाई और मुकदमें वापस लेने की मांग को लेकर किसानों ने शनिवार रातभर सदर थाने का घेराव जारी रखा। किसान रातभर थाने में भजन-कीर्तन और रागनियों गाते रहे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकेत सहित प्रदेश के किसान नेता व क्षेत्र के किसान रात को थाना परिसर में ही जमीन पर सोये। रविवार को सुबह भयंकर गर्मी के चलते किसानों द्वारा सदर थाना में टेंट लगा दिया गया। टोहाना हलके के किसानों ने थाने के बाहर भोजन का लंगर सहित चाय, पानी, शर्बत तथा तरबूज की स्टाले लगाकर प्रदर्शनकारियों के लिए व्यवस्थाएं की। प्रशासन द्वारा रात को ही सदर थाना के पास अस्थाई शौचालय, पानी के टैंक तथा सुबह सफाई की व्यवस्था का कार्य नप कार्यकारी अभियंता सतीश गर्ग के निर्देश पर किया गया। उधर किसानों ने ऐलान कर दिया है कि अगर पुलिस प्रशासन किसानों पर दर्ज मामले वापस नहीं लेता तो तब तक उनका यह धरना जारी रहेगा। प्रशासन के साथ रविवार को भी किसान नेताओं युद्धवीर सिंह व योगेंद्र यादव की 4 घंटे हुई वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके बाद किसानों ने आंदोलन तेज करने की घोषणा कर दी है। किसान नेताओं ने कहा कि 7 जून को चार जिलों फतेहाबाद, हिसार, सिरसा व जींद के भारी संख्या में किसान टोहाना पहुंचकर पड़ाव डालेंगे वहीं प्रदेशभर के अन्य जिलों में भी किसान थानों का घेराव करेंगे।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को देर सांय जजपा विधायक देवेंद्र बबली व किसानों के बीच बलियाला विश्राम गृह परिसर में हुई एक घंटे की बैठक में विधायक द्वारा खेद व्यक्त करने पर विवाद खत्म हो गया था। विधायक के निजी सचिव व कार चालक की तरफ से किसानों पर दो मामले दर्ज करवाए गए थे। विधायक द्वारा उन मामला को वापस लेने पर सहमति बन गई थी, जबकि एक मामला 2 जून को प्रशासन द्वारा विधायक बबली का घेराव करने जा रहे लोगों पर बनाया गया था। इस मामले में 27 किसानों ने गिरफ्तारी दी थी, जिसमें 25 को रिहा कर दिया था, जबकि 2 लोगों जिसमें रवि आजाद व विकास सीसर को जेल भेज दिया गया है। इनकी रिहाई और केस वापस लेने की मांग को लेकर किसान आंदोलन जारी रखे हुए हैं।
 बातचीत के बेनतीजा रहने पर किसानों ने प्रशासन व सरकार पर जिद्द पर अड़ने का आरोप लगाया।राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि सरकार उन्हें हल्के में ले रही है, इसलिए किसानों को अपना दूसरा रूप दिखाना पड़ेगा। उन्होंने का कि टोहाना प्रशासन चिकनी-चुपड़ी बातें करके टाईम पास कर रहा है। उन्होंने किसानों को आह्वान किया कि अब तैयार हो जाए, अब आर-पार की लड़ाई होगी। अब वे टोहाना को जीत कर ही दिल्ली की ओर कूच करेंगे। किसान नेता योगेंद्र यादव ने बताया कि वह बातचीत के रास्ते से ही समाधान का प्रयास करते आ रहे है। पहला मामला विधायक बबली से निपट गया था, लेकिन दूसरा मामला सरकार है, जिसे रात 11 बजे से लेकर अढाई बजे तक की गई बातचीत में भी प्रयास किया गया था। रविवार को भी बातचीत जारी रही। उन्होंने कहा कि प्रशासन गलत फहमी है कि किसान एक-दो दिन में स्वयं ही यहां से उठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम यहां से बिना मामला निपटाये जाने वाले नहीं है। उन्होंने एक फिल्म का गीत सुनाते हुए कहा कि तेरी जुल्फों से जुदाई तो नहीं मांगी थी, कैद मांगी थी, रिहाई तो नहीं मांगी थी।

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