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Monday, October 18, 2021

लोक कला संस्कृति को जिंदा रखने की दिशा में हुआ सांझी उत्सव का आयोजन : डॉ. राजेश भोला

लोक कला संस्कृति को जिंदा रखने की दिशा में हुआ सांझी उत्सव का आयोजन : डॉ. राजेश भोला
जींद- ( संजय कुमार ) ÷जींद के गांव ढिगाना में हरियाणा कला परिषद रोहतक मंडल एवं सत्यराज लोक कला सदन  ढिगाना के संयुक्त तत्वाधान में नौ दिवसीय मनोहरी सांझी उत्सव का आज समापन हो गया इस मौके पर जींद नागरिक हस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉक्टर राजेश ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की तथा प्रसिद्ध लोक कलाकार रविशंकर शर्मा ने समारोह की अध्यक्षता की इसके साथ साथ शिक्षाविद जोगिंदर मोर और हिसार से आई सांझी बनाओ विशेषज्ञ संगीता भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रही 9 दिन तक चले इस सांझी उत्सव में गांव की महिलाओं और लड़कियों ने अपनी अपनी सांझी भी बनाई गई सांझी भी प्रदर्शनी में लगाई गई 20 साँझीयो में से सांझी प्रतियोगिता भी आयोजित करवाई गई। जिसमें प्रथम पुरस्कार इशिका, द्वितीय पुरस्कार शीतल, तृतीय पुरस्कार कुमारी प्रिया ने जीता और हरीश कुमार ने सांत्वना पुरस्कार जीता हरियाणा कला परिषद रोहतक मंडल की ओर से सांझी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले प्रतिभागी इशिका को 31 सौ रुपए द्वितीय पुरस्कार जीतने वाली शीतल को 21 सौ तथा तृतीय पुरस्कार विजेता कुमारी प्रिया को 15सौ रुपए तथा सांत्वना पुरस्कार जीतने वाले हरीश कुमार को 11सौ रुपए की नकद राशि वह समृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया इस सांझी प्रतियोगिता में गांव की जिस महिलाओं ने भाग लिया था प्रथम द्वितीय व तृतीय पुरस्कार के साथ-साथ बाकी की 21 महिलाओं को कला परिषद की ओर से 500,500 रुपए की नगद राशि देकर सम्मानित भी किया गया। डॉ राजेश भोला ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा सरकार हरियाणा की लोक कला संस्कृति जो पराई होती जा रही है को जिंदा रखने की दिशा में जो सांझी उत्सव का आयोजन किया है वह अपने आप में एक मिसाल है और युवा पीढ़ी जबकि विरासत को भूल चुकी है। उनको संस्कृति से अवगत कराने की यह पहल सरकार का अहम प्रयास है वही कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रसिद्ध लोक कलाकार रवि शंकर शर्मा ने बताया कि हरियाणा कला परिषद व हरियाणा सरकार की ओर से समय-समय पर हरियाणा की लोक कला संस्कृति और विरासत को नई युवा पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में समय-समय पर इस तरह के आयोजन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करवाए जा रहे हैं, ताकि हरियाणा के लोक कला संस्कृति जो आज लुप्त होती जा रही है को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार हरियाणा की विरासत को जिंदा रखने वाले वरिष्ठ कलाकारों के लिए अनेकों कल्याणकारी योजनाएं बनाने के साथ-साथ लोक विधाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर कर रही है इस मौके पर गांव के बच्चों ने हरियाणवी लोक नृत्य एवं सांझी माता के गीत गाकर उत्सव को मनमोहक बना दिया 10 दिन तक चले इस सांझी उत्सव लोगों के आकर्षण का केंद्र भी बना रहा। आए दिन पास पास के गांव से महिलाएं एवं लोगों की भारी भीड़ इस सांझी उत्सव को देखने पहुंचती रही है। सरकार द्वारा किए गए इस प्रयास को ग्रामीणों ने युवा पीढ़ी तक पुरानी विरासत को जिंदा रखने की दिशा में एक अहम कदम बताया है।

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