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Saturday, June 26, 2021

June 26, 2021

बेजुबां परिंदों की जान बचाने के लिए सभी को रखने चाहिएं दाना-पानी के पात्र : डा. राजेश भोला

सर्वहित युवा संगठन ने सिविल अस्पताल में परिंदों के लिए टांगे दाना-पानी के पात्र
-बेजुबां परिंदों की जान बचाने के लिए सभी को रखने चाहिएं दाना-पानी के पात्र : डा. राजेश भोला
जींद, 26 जून ( संजय कुमार ) परिंदों को भूख और प्यास से दम तोड़ने की नौबत न आए, इसके लिए सर्वहित संगठन ने जींद के सिविल अस्पताल के विभिन्न पार्कों में पेड़ों पर दाना-पानी के पात्र टांगे। इस दौरान सर्वहित युवा संगठन के अध्यक्ष सुधीर के अलावा सिविल अस्पताल के डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला और डा. धर्मपाल मलिक भी विशेष तौर पर मौजूद रहे। 
डा. राजेश भोला ने खुद अपने हाथों से परिंदों के लिए दाना और पानी के 10 पात्र लगाने का काम किया। उन्होंने अस्पताल के स्टाफ को इन दाना-पानी के पात्रों का नियमित रूप से ध्यान रखने और इनमें हर रोज दाना-पानी डालने के निर्देश दिए।
डा. राजेश भोला ने कहा कि गर्मी के मौसम में बेजुबां परिंदों के लिए दाना और पानी का गंभीर संकट पैदा हो जाता है। बड़ी संख्या में परिंदे दाना और पानी के बिना दम तोड़ जाते हैं। ऐसे में परिंदों को भूख और प्यास से बचाने के लिए कुछ लोग आगे आ रहे हैं। इसी में सर्वहित संगठन ने भी परिंदों के लिए दाना-पानी का प्रबंधन करते हुए सिविल अस्पताल में पात्र लगाने का काम किया, जो सराहनीय कार्य है। परिंदों की जान दाना और पानी के अभाव में न जाए, इसके लिए सभी लोगों को अपने घरों की छत्तों पर और खेतों में दाना और पानी के पात्र रखने चाहिएं। डा धर्मपाल मलिक ने कहा कि परिंदों के लिए दाना और पानी का भारी संकट बना हुआ है। उनकी जान बचाना सभी का कर्त्तव्य है। डा. राजेश भोला ने बताया कि सर्व हित संगठन अब तक परिंदों के लिए दाना और पानी के 650 से ज्यादा पात्र शहरों और गांवों में लगा चुका है। इतना ही नहीं, प्रदेश भर के लगभग सभी जिलों से संगठन के पास फोन काल आने लगे हैं और इस मुहिम से जुड़ने की अपील कर रहे हैं। संगठन के प्रधान सुधीर पिंडारा और राहुल वशिष्ठ बबेरवाल ने बताया कि जींद के सिविल अस्पताल से पहले लघु सचिवालय परिसर, सीआरएसयू, नंदीशाला, सेक्टर 9, रेलवे जंक्शन, अपोलो रोड के अलावा दालमवाला, पिंडारा, गोसाईं खेड़ा, किशनपुरा, अशरफगढ़, लख्मीरवाला आदि गांवों में भी परिंदों के लिए उनका संगठन दाना और पानी के पात्र लगवा चुका है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को बचपन से ही प्रकृति के प्रति प्रेम पैदा करना चाहिए। डा. राजेश भोला ने संगठन को आश्वस्त किया कि अस्पताल के पार्कों में लगे सभी दाना-पानी पात्रों में अस्पताल के माली शमशेर और श्याम सुंदर नियमित रूप से दाना-पानी डालने का काम करेंगे। 
इस मौके पर गौरव, विकास, साहिल, कप्तान, आलोक व नछतर मौजूद रहे।

Thursday, June 3, 2021

June 03, 2021

लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करने को नागरिक अस्पताल में भेंट किये चित्र

लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करने को नागरिक अस्पताल में भेंट किये चित्र

जींद : ( संजय कुमार )  संस्कार भारती जींद ईकाई सोल एंड स्पिरिट आर्ट सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में तैयार किए गए चित्रों को वीरवार नागरिक अस्पताल जींद को भेंट किया गया। सीएमओ डा. मनजीत सिंह, एमएस डा. गोपाल गोयल, डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला, डा. रमेश पांचाल, डा. सीमा वशिष्ठ ने इन चित्रों का अवलोकन किया और इसे नागरिक अस्पताल के लिए बेहद कारगर बताते हुए कहा कि यह चित्र कोविड-19 टीकाकरण अभियान को गति प्रदान करेंगे। अभी भी कई लोगों में कोविड वैक्सीनेशन को लेकर कई तरह के संशय हैं, जिन्हें इन चित्रों के माध्यम से दूर किया जा सकता है। इन चित्रों को नागरिक अस्पताल में लगाया जाएगा ताकि यहां आने वाले मरीज व उनके तीमारदार वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक हो सकें। संस्कार भारती के प्रांत चित्रकला प्रमुख दीपक कौशिक व सोल सपिरीट सोसायटी के सचिव नवीन, मोहित बब्बर, सुमित कुमार, नितिन ने बताया कि गत 30 मई को बाल भवन में चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था जिसमें चित्रकारों द्वारा कोविड-19 वैक्सीनेशन केा बढ़ावा देने के लिए चित्र बनाए गए थे। आज ये चित्र नागरिक अस्पताल को सौंपे गए हैं ताकि यहां आने वाले लोग वैक्सीनेशन को लेकर जागरूक हों। 
इस मौके पर ड्राइंग टीचर जोगिंद्र मोर, राजेश पहलवान सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Tuesday, May 25, 2021

May 25, 2021

जहां से 'शुरू' वहीं पर 'ख़त्म' हुई पहलवान सुशील की कहानी, शोहरत की बुलंदियों को पाने के लिए किए थे ये काम

जहां से 'शुरू' वहीं पर 'ख़त्म' हुई पहलवान सुशील की कहानी, शोहरत की बुलंदियों को पाने के लिए किए थे ये काम

नई दिल्ली :  सागर हत्याकांड में फंसे ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार का नाम पहले भी विवादों में रहा है। वो चाहे रियो ओलंपिक जाने का मामला हो या फिर नरसिंह का डोप टेस्ट या फिर प्रवीण राणा के साथ उनका विवाद। वे किसी ना किसी मामले की वजह से हमेशा सुर्खियों में बने रहे। बताना लाजमी है कि सुशील कुमार ने कहां और कैसे अपने करियर की शुरुआत की थी और आज उनकी कहानी का एक तरह से दी एंड हो गया। दरअसल पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं। अब पता चला है कि दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में पहलवान सुशील कुमार का एक फ्लैट है, जो उसकी पत्नी सावी सेहरावत के नाम बताया जा रहा है। इसी फ्लैट को लेकर सुशील और सागर में विवाद हुआ था। 
मॉडल टाउन के डी 10/6 ब्लॉक का मकान सुशील पहलवान और सागर पहलवान के बीच विवाद का कारण बना, जिसके चलते सागर की हत्या हुई और अब पहलवान सुशील दिल्ली पुलिस की 6 दिन की रिमांड पर है। बताया जा रहा है कि महाबली सतपाल से पहलवानी के गुर सीखने वाले सुशील रोज उनके घर जाते थे। 18 फरवरी 2011 को सुशील की महाबली सतपाल की बेटी सावी सहरावत से शादी हुई है, लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि सुशील ने शादी से पहले अपने गुरु की बेटी को देखा तक नहीं था। 2010 नवंबर में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद दिल्ली में दोनों की सगाई हुई थी। इसके बाद वर्ष 2011 फरवरी में दोनों की शादी हो गई। 

सुशील कुमार की शादी के मौके पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, वर्तमान गृहमंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नाडिस, पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव, पूर्व हॉकी कप्तान जफर इकबाल, पूर्व तैराक खजान सिंह, कुश्ती जगत के कई नामी कोच और सुशील के साथी पहलवानों ने भी शिरकत की थी। सुशील को करीब से जानने वाले लोग बताते हैं कि सुशील काफी शर्मीले मिजाज के हैं। सुशील कुमार, शोहरत के आसमान पर एक चमकता हुआ सितारा था। दौलत, शोहरत और इज्जत उसके कदमों तले थी। विज्ञापनों से उसकी लाखों की कमाई होती थी तो वहीं उसे सरकारी नौकरी भी मिली थी। जमीन-जायदाद के साथ एक बड़ा स्कूल सब कुछ उनके पास है। 
ऐसे में सुशील कुमार के चाहने वालों को हत्याकांड में उनकी संलिप्तता के आरोपों पर हैरानी हो रही है। बेहद साधारण परिवार से सुशील आते हैं. पिता सरकारी विभाग में ड्राइवर थे। अब विवाद के बीच नार्दन रेलवे ने सुशील कुमार को सस्पेंड करने की तैयारी कर ली है। इसके साथ ही सुशील कुमार से सारे मेडल वापस लेने की मांग भी तेज होने लगी है। अब अगर उनके मेडल वापस होते हैं तो सुशील कुमार के लिए सागर मर्डर अर्श से फर्श तक लाने का सफर हो सकता है। 
May 25, 2021

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला फ्री बांटी जायेंगी कोरोनिल किट

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला फ्री बांटी जायेंगी कोरोनिल किट,जानिए किसे मिलेंगी

हरियाणा बुलेटिन न्यूज़, चण्डीगढ़ ; हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। हरियाणा में एक लाख मरीजों को पतंजलि कंपनी की कोरोनिल दवा मुफ्त बांटी जाएगी। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा है कि हरियाणा में कोविड मरीजों के बीच एक लाख पतंजलि की कोरोनिल किट मुफ्त बांटी जाएंगी।

कोरोनिल का आधा खर्च पतंजलि तथा आधा खर्च हरियाणा सरकार के कोविड राहत कोष वहन करेगा। हरियाणा सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब योग गुरू बाबा रामदेव द्वारा ऐलोपैथिक दवाओं को लेकर की गई टिप्पणी पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने नाराजगी जताई थी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो का हवाला देते हुए शनिवार को कहा था कि रामदेव ने दावा किया है कि एलोपैथी बकवास विज्ञान है और भारत के औषधि महानियंत्रक द्वारा कोविड.19 के इलाज के लिए मंजूर की गई रेमडेसिविर, फेवीफ्लू और ऐसी अन्य दवाएं कोरोना मरीजों का इलाज करने में कारगार साबित नहीं हुई हैं।

हालांकि योग गुरु रामदेव ने एलोपैथिक दवाओं पर अपने ब्यान को रविवार को वापस ले लिया। डॉक्टरों के विरोध के बाद उन्होंने ऐसा किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के एक पत्र का जवाब देते हुए रामदेव ने कहा कि वह इस मामले को शांत करना चाहते हैं। उन्होंने अपने निजी ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया कि माननीय श्री हर्षवर्धन जी आपका पत्र प्राप्त हुआ उसके संदर्भ में चिकित्सा पद्धतियों के संघर्ष के इस पूरे विवाद को खेदपूर्वक विराम देते हुए मैं अपना वक्तव्य वापिस लेता हूं और यह पत्र आपको संप्रेषित कर रहा हूं, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने एलोपैथी के बारे में दिये गए योग गुरु रामदेव के ब्यान को रविवार को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उनसे वापस लेने को कहा था।

जिसके बाद योग गुरू बाबा रामदेव ने न केवल अपना ब्यान वापिस ले लिया बल्कि अपनी कोरोना के लिए बनाई गई दवाई कोरोनिल की 1 लाख किट हरियाणा में बांटने की घोषणा की। जिस पर विचार करते हुए हरियाणा सरकार ने भी किट का आधा खर्च उठाने का निर्णय लिया है।

Sunday, May 23, 2021

May 23, 2021

हरियाणा में बुजुर्गों के लिए खुशखबरी, खाते में आई 2500 रुपये पेंशन

हरियाणा में बुजुर्गों के लिए खुशखबरी, खाते में आई 2500 रुपये पेंशन

चंड़ीगढ़ : प्रदेश के बजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को पेंशन वृद्धि का इंतजार खत्म हो गया है। प्रदेश सरकार ने इनकी पेंशन में में 250 रुपए की वृद्धि की हुई पेंशन खातों में पहुंच गई है। अब बुजुर्गों, विधवा, विकलांगों को पेंशन 2500 रुपये मिली है। हालांकि इसकी घोषणा पहले की थी लेकिन एक अप्रैल से यह लागू हुई है।
अब लाभार्थियों को इसी माह से बढ़ी हुई पेंशन मिलेगी। वर्तमान समय में प्रदेश में श्रेणियों के तहत कुल 29 लाख 19 हजार 104 पेंशन भोगी हैं। जिनमें से 29 लाख 624 को बैंक खातों के साथ पेंशन की अदायगी हो रही है। 29 लाख 18 हजार 921 के बैंक खाते आधार कार्ड साथ लिंक हो चुके हैं।
सरकार ने गत वर्ष पेंशन 2250 रुपए की थी। अब हरियाणा के पेंशन भोगियों को मई में मिलने वाली पेंशन 2500 रुपए के हिसाब से मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सवा साल के कार्यकाल में 500 रूपए की वृद्घि यह दर्शाती है कि हमारी गठबंधन सरकार ने चौधरी देवीलाल के विजन पर चलकर बुजुर्गों के सम्मान में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य पंजाब जहां 1500 रूपए तथा दिल्ली 2000 रूपए प्रति माह ही बुजुर्गों को पेंशन दे रहा है वहीं हमारा राज्य अप्रैल से 2500 रूपए प्रतिमाह देने वाला राज्य होगा।
May 23, 2021

अंग्रेजी दवाओं के खिलाफ बोलकर फंसे रामदेव! IMA ने कहा- नफ़रत फैला रहे हैं, इनपर केस दर्ज हो

अंग्रेजी दवाओं के खिलाफ बोलकर फंसे रामदेव! IMA ने कहा- नफ़रत फैला रहे हैं, इनपर केस दर्ज हो

नई दिल्ली : कोरोना महामारी से लड़ने में स्वास्थ्य विभाग हर संभव तरीके से लगा हुआ है। देश के तमाम डॉक्टर, नर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स सीमित संसाधनों और भारी-भरकम मानसिक दबाव के बीच काम कर रहे हैं।
ऐसे में रामदेव ने एलोपैथी के डॉक्टरों, वैज्ञानिकों के मनोबल को तोड़ने वाला बेहद आपत्तिजनक बयान दिया है।
रामदेव इस वीडियो में साफ साफ कहते नजर आ रहे हैं कि,
“लाखों लोगों की मौत एलोपैथी की दवा खाने से हुई है। जितने लोगों की मौत हॉस्पिटल ना जाने की वजह से हुई है, ऑक्सीजन ना मिलने के वजह से हुई है, उससे ज्यादा मौतें एलोपैथी की दवाइयां खाने से हुई हैं।”
बाबा रामदेव के इस बयान के आने के बाद से डॉक्टरों के मन में जायज़ गुस्सा है।
नई दिल्ली के VMMC और सफदरजंग हॉस्पिटल के रेसिडेंट्स डॉक्टर्स एसोसियेशन ने बाबा रामदेव के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए उनके बयानों को मद्देनजर रखते हुए महामारी रोग अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज करने की मांग की है।
रेसिडेंट्स डॉक्टर्स एसोसियेशन के बयान में लिखा गया है कि एलोपैथी चिकित्सा शैली पर इस तरह की टिप्पणी विज्ञान का तिरस्कार है।
बाबा रामदेव जैसे प्रसिद्ध व्यकतित्व से जब इस तरह के बयान सामने आते हैं तो संभव है कि समाज के कुछ हिस्सों में इससे नफरत भड़क उठे।
एक तरफ एलोपैथी के सभी कर्मचारी पूरी जान लगा कर कोविड19 के खिलाफ अपनी परवाह किए बिना दिन रात लड़ रहे हैं, दूसरी तरफ बाबा रामदेव के इस तरह आपत्तिजनक बयान सामने आ रहे।
इससे फ्रंटलाइन पर काम कर रहे लाखों कर्मचारियों के मनोबल औऱ ऊर्जा को हानि पहुंचेगी।
डॉक्टरों के इस संयुक्त ने बाबा रामदेव की टिप्पणी को हेट स्पीच की श्रेणी में रखकर कार्यवाही करने की मांग की गई है। बाबा रामदेव निशचित तौर पर आयुर्वेद के समर्थक हैं और अपने ब्रांड पतंजलि से भी इसका प्रचार करते नहीं थकते हैं।
साथ ही कोरोना महामारी के फैलने के बाद उन्होंने कोरोनिल किट लॉन्च की। कोरोनिल किट कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए कितनी कारगर है इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन फिर भी टीवी पर चलने वाले प्रचारों के वजह से ग्रामीणों में इसे लेकर भ्रम बना हुआ है।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद सरकार की नाकामी किसी से छुपी नहीं है, लेकिन फिर भी रामदेव बाबा ने डॉक्टरों और वैज्ञानिकों पर सवाल खड़ा किया।
बाबा रामदेव का बयान पूरी स्वास्थ्य प्रणाली और लाखों की तादाद में दिन रात काम कर रहे स्वास्थ कर्मियों की नीयत पर सवाल खड़ा करने के समान है।
अब देखना ये है कि क्या इस तरह के लापरवाही भरे और नफरत भड़काने वाले बयान पर उन पर प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी या नहीं।
May 23, 2021

हरियाणा के इस जिले में अपनों की अस्थियां भी लेने नहीं आ रहे परिजन

कोरोना का खौफ ऐसा की हरियाणा के इस जिले में अपनों की अस्थियां भी लेने नहीं आ रहे परिजन

फरीदाबाद : कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को ऐसे तोड़ा की श्मशान घाट में जलने वाली चिताओं के बाद अपनों की अस्थियों को भी ले जाने से लोग कतराने लगे हैं। बल्लभगढ़ के तिगांव रोड स्थित श्मशान घाट में 60 से 70 ऐसी अस्थिया हैं। जिन्हें लोग लेने अभी तक नहीं आए।

बता दें कि हिंदू धर्म के अनुसार चिता जलने के बाद अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया जाता है पर कोरोना महामारी ने लोगों के अंदर ऐसा भय पैदा कर दिया है कि लोग अब अपनों की अस्थियां श्मशान घाट से लेने भी नहीं आ रहे। श्मशान घाट के प्रबंधक दिनेश देशवाल की मानें तो यहां रखी ये अस्थियां उन लोगों की हैं जिनकी कोरोना से मौत हुई है। इनमें कुछ ऐसी भी हैं जो दिल्ली, गुरुग्राम, यूपी के लोग फरीदाबाद के अस्पतालों में कोरोना संक्रमित होने पर भर्ती हुए थे और उनकी अस्पताल में ही मौत हो गई। उनका भी अंतिम संस्कार इस श्मशान घाट में किया गया था। जिनकी अस्थिया यहां रखी हुई हैं।
दिनेश देशवाल ने बताया कि हमारी परंपरा के अनुसार इन अस्तियों को गंगा में प्रवाहित किया जाता है पर पिछले 1 महीने से ये अस्थियां इस श्मशान घाट में ऐसे ही रखी हुई हैं। इन अस्थियों के परिवार वालों को फोन करके इन्हें ले जाने के लिए कहा जाता है तो वे लोग कोरोना, लॉकडाउन और बीमारी का बहाना बनाने लग जाते हैं। इन अस्थियों को लेकर दिनेश देशवाल ने ये भी कहा कि अगर लोग इन अस्थियों को लेने नहीं आते तो वह खुद इन्हें अपने श्मशान घाट के कमेटी के लोगों के साथ मिलकर गंगा में हिंदू धर्म अनुसार प्रवाहित कर देंगे।

Tuesday, May 18, 2021

May 18, 2021

सीड पेस्टीसाइड व फर्टिलाइजर एसोसिएशन प्रधान पवन डाहौला के कोरोना संक्रमितों की मदद में बढ़े हाथ

सीड पेस्टीसाइड व फर्टिलाइजर एसोसिएशन प्रधान पवन डाहौला के कोरोना संक्रमितों की मदद में बढ़े हाथ 

-अपनी ओर से 400 ऑक्सीजन मास्क व 50 ऑक्सीमिटर किये भेंट

जींद :( संजय तिरँगाधारी ) सीड पेस्टीसाइड एंड फर्टीलाइजर के प्रधान पवन गर्ग ने सोमवार को नागरिक अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. बिमला राठी से मुलाकात कर अपनी ओर से कोरोना संक्रमित मरीजों की सहायता काे लेकर 400 ऑक्सीजन मास्क, 50 ऑक्सीमीटर सहित दूसरा जरूरी सामान दिया। अस्पताल प्रशासन की तरफ से एसएमओ डा. गोपाल गोयल, डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला, डा. संतलाल, डा. चंद्रमोहन, डा. प्रदीप मौजूद रहे। एसएमओ डा. गोपाल गोयल, डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने कहा कि नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सामाजिक संस्थाएं आगे आ रही हैं। उनके द्वारा दिया गया सहयोग मरीजों को उपचार में काफी लाभकारी सिद्ध होगा। इस समय अस्पताल का प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी फ्रंटलाइन पर काम कर रहा है। डा. राजेश भोला ने कहा कि संस्था द्वारा जो सामान उपलब्ध करवाया गया है, वह चिकित्सा में सहायता तो देगा ही साथ ही मरीजों को भी इससे फायदा होगा।
May 18, 2021

बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सिरसा को 50 लाख व फतेहाबाद को 25 लाख रुपये दिए

बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सिरसा को 50 लाख व फतेहाबाद को 25 लाख रुपये दिए 

सिरसा : हरियाणा के बिजली, अक्षय ऊर्जा एवं जेल मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि इस बार कोरोना फैलाव शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी हो रहा है। इसे लेकर सरकार व प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है और ग्रामीण क्षेत्र में कोविड प्रबंधन को लेकर लगातार प्रयास जारी हैं। इसी के तहत मेडिकल किटों की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। जहां भी जरूरत होगी गांव में मेडिकल किटें उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके अलावा, उन्होंने स्वयं 50 लाख रुपये की राशि सिरसा में व 25 लाख रुपये की राशि फतेहाबाद में कोविड इलाज सुविधाओं व अन्य कोविड प्रबंधन कार्यों के लिए दी है। उन्होंने यह बात कोविड प्रबंधन को लेकर सिरसा के सीडीएलयू के सभागार में मेडिकल प्रेक्टिशनर के साथ बैठक उपरांत कही। उन्होंने कहा कि कोरोना बीमारी की रोकथाम को लेकर सरकार व प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कोविड प्रबंधन कार्यों में लगी हुई है। बेहतर प्रबंधन के चलते जहां कोविड मरीजों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, वहीं संक्रमण के फैलाव में भी कमी आई है। लॉकडाउन तथा कोरोना नियमों की पालना से कोरोना मामले घटे हैं। 
 प्रदेश के हालातों पर की विस्तार से चर्चा उन्होंने कहा कि अब पूरा फोक्स ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमण फैलाव के रोकने पर है और इसके लिए प्रभावी योजनाएं बनाकर क्रियान्वित की जा रही है। गांवों में कोविड इलाज के लिए मेडिकल किटों का वितरण इन्हीं योजना में से एक हैं। गांव में कोरोना लक्षण वालों को मेडिकल किट के माध्यम से घर द्वार पर उपचार की सुविधा के सकारात्मक परिणाम आएंगे और शहरी क्षेत्र में अस्पतालों पर दबाव कम होगा। उन्होंने कहा कि अब तक सिरसा जिला में 15 हजार किटों का वितरण किया जा चुका है और 9 हजार किटें तैयार की गई हैं। हमारा लक्ष्य जिला के प्रत्येक गांव में 100 किटों के वितरण का है। बिजली मंत्री ने कहा कि जब से उन्हें सिरसा व फतेहाबाद जिला के कोविड प्रबंधन की जिम्मेवारी सौंपी गई है, तब से लगातार प्रशासनिक अधिकारियों व स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठकें करते हुए संक्रमण फैलाव की रोकथाम व कोविड इलाज संबंधी स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता आदि बारे योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। योजनाबद्ध तरीके से किए जा रहे बेहतर प्रबंधन के चलते कोरोना मामलों में कमी आई है। इसके साथ ही लॉकडाउन व आमजन के कोविड नियमों की पालना से संक्रमण के मामले लगातार घट रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिरसा में कोरोना की स्थिति में पहले से सुधार हुआ है और लगातार कोरोना संक्रमण के मामले घट रहे हैं। 


बिजली मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से देश ही नहीं पूरा विश्व आर्थिक तौर से प्रभावित हुआ है। महामारी की रोकथाम में सभी को आगे आकर सरकार व प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। इस कड़ी सिरसा के समासेवियों, सामाजिक संस्थाओं आदि महामारी की रोकथाम के लिए 25 लाख रुपये की राशि के रूप में दिया गया सहयोग सराहनीय है। उन्होंने स्वयं 50 लाख रुपये की राशि सिरसा में व 25 लाख रुपये की राशि फतेहाबाद में कोविड इलाज सुविधाओं व अन्य कोविड प्रबंधन कार्यों के लिए दी है। कोविड मरीजों के इलाज व स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता में धन की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना बीमारी से घबराने की नहीं बल्कि सावधानी के साथ इसका मुकाबला करने की जरूरत है। संक्रमण से स्वयं का बचाव ही दूसरा की सुरक्षा है। हर कोई मास्क, सोशल डिस्टेसिंग, बार-बार हाथ धोने आदि को अपनी आदत बना ले तो जल्द ही महामारी को खत्म किया जा सकता है। कोरोना से बचाव नियमों का स्वयं भी पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें। खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें। बैठक में उपायुक्त प्रदीप कुमार, सीएमओ डा. मनीष बंसल, डा. एम.एम तलवार, डा. जी.के अग्रवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व मेडिकल पे्रक्टिशनर उपस्थित थे।
May 18, 2021

फरार ओलंपियन सुशील कुमार पर 1 लाख का इनाम घोषित, गैरजमानती वारंट जारी

फरार ओलंपियन सुशील कुमार पर 1 लाख का इनाम घोषित, गैरजमानती वारंट जारी

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड मामले में ओलंपियन सुशील कुमार और उसके पीए अजय पर ही इनाम घोषित किया है। हत्याकांड मामले में फरार ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये इनाम का घोषित किया है। इसके अलावा सुशील के खास सहयोगी अजय पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है। इस मामले में पुलिस सुशील और उनके सहयोगियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट पहले ही जारी कर चुकी है।

हत्याकांड मामले में पहलवान सुशील की पुलिस को तलाश है। पुलिस रोहिणी कोर्ट से सुशील और 6 अन्य आरोपितों के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी हासिल कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अजय सुशील की गाड़ी चलाने के अलावा छत्रसाल स्टेडियम में एडहॉक पीटीआई भी है। जांच में सामने आया है कि पहलवान सागर धनखड़ की हत्या में सुशील के अलावा अजय ने प्रमुख भूमिका निभाई थी। दूसरी तरफ सुशील पहलवान की कई गैंगस्टरों से सांठगांठ सामने आई है। दिल्ली पुलिस की जांच में पता चला है कि गैंगस्टरों के गुर्गे छत्रसाल स्टेडियम में आते थे। उधर, दिल्ली पुलिस की कई टीमों ने रविवार को भी सोनीपत, पानीपत, झज्जर व गुरुग्राम समेत कई जगहों पर दबिश दी, मगर सुशील के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। सागर की पिटाई के दौरान बीच-बचाव करने वाले तीन पहलवान भक्तू, सोनू और अमित का भी पुलिस ने बयान दर्ज किया है।
May 18, 2021

पानीपत में मदद को बढ़े हाथ, आंधे घंटे की बची थी ऑक्सीजन, 15 मिनट में पहुंचाया सिलेंडर

पानीपत में मदद को बढ़े हाथ, आंधे घंटे की बची थी ऑक्सीजन, 15 मिनट में पहुंचाया सिलेंडर

पानीपत में समाजसेवी संस्‍थाएं मदद के लिए आगे आईं।

कोरोना महामारी में कोरोना संक्रमितों की मदद के लिए समाजसेवी संस्‍थाएं लगातार काम कर रहीं। हरियाणा टेक्निकल एसोसिएशन बैकेंड के तौर पर कर रही कार्य। अब सैकड़ों लोगों की कर चुके हैं मदद। छह सदस्यों की टीम ऑनलाइन काम कर रही है।


पानीपत : हरियाणा टेक्निकल एसोसिएशन पानीपत जिले में बैकेंड के तौर पर कार्य कर रहे है। सरकार द्वारा जारी ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए होने वाले रजिस्ट्रेशन से लोगों तक पहुंचकर उन्हें संस्थाओं से निशुल्क सिलेंडर दिलवा रहे है। यह एसोसिएशन बैकेंड के तौर पर प्रशासन के साथ मिलकर कार्य कर रही है। जिसके अधीन सभी शहर की संस्थाएं आती है। प्रशासन ने भी एसोसिएशन का हेल्पलाइन नंबर 98133-63001 जारी किया है। जिसमें तीमारदार सीधे इनसे भी संपर्क साध रहे है। ताकि जरूरतमंदों को जल्द से जल्द सिलेंडर मिल सके। 


हरियाणा टेक्निकल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष हितेश हिंदुस्तानी ने बताया कि हमारी छह सदस्यों की टीम ऑनलाइन काम कर रही है। जैसे ही कोई ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाता है तो उससे संपर्क किया जाता है और फिर बताए गए पते पर वहां की संस्था या रेडक्रॉस के अधिकारियों को सूचित किया जाता है। फिर जरूरतमंद को 15 मिनट में ही सिलेंडर पहुंचा दिया जाता है। इसके लिए इसके बाद उसकी रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को दे दी जाती है। संस्थाओं से भी ऑक्सीजन सिलेंडर का डाटा एकत्रित किया जाता है। कहां कितने सिलेंडर भेजे गए है। 

*24 घंटे काम करती हैं एसोसिएशन*

जरूरतमंदों को ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने के लिए 24 घंटे ऑनलाइन काम करती है। इसके लिए छह सदस्य टीम लगी हुई हैै। जो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का डाटा व फोन कॉल का डाटा को एकत्रित करते है। तीमारदार के पास सिलेंडर पहुंचा या नहीं। इसकी भी फोनकर जानकारी ली जा रही है। ताकि कोई परेशान न हो सके। 

*जानिए....ऐसे आ रहे एसोसिएशन के पास फोन*

*केस नंबर 1* : प्रदेशाध्यक्ष हितेश हिंदुस्तानी ने ऑनलाइन साइट पर चेक किया कि रात 2 बजकर 50 मिनट पर एकता विहार कॉलोनी उजा रोड से एक महिला ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया गया और फिर फोन किया तो महिला बोली सर, जल्दी कीजिए आधे घंटे की ऑक्सीजन बची और जल्दी से भिजवा दीजिए। पता नोट करवाते ही 15 मिनट में रेडक्रॉस सोसायटी की सहायता से सिलेंडर भिजवा दिया गया। 
*केस नंबर 2* : प्रवासी लाल बहादुर ने सुबह 4 बजे फोन किया और बोले साहब, जल्द से ऑक्सीजन सिलेंडर भिजवा दीजिए आधे घंटे की ऑक्सीजन बची है। इसके बाद तुरंत 15 मिनट में रेडक्रॉस के अधिकारियों को सूचित कर सिलेंडर भिजवाया गया।

Monday, May 17, 2021

May 17, 2021

भाजपा जिला अध्यक्ष राजू मोर ने सरकारी अस्पताल में मरीजों को फल वितरित किये

भाजपा जिला अध्यक्ष राजू मोर ने सरकारी अस्पताल में मरीजों को फल वितरित किये

जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) भाजपा के जिला अध्यक्ष राजू मोर ने सोमवार को जींद के नागरिक हस्पताल में मरीजों को फल वितरित किए।
जिला अध्यक्ष मोर ने बताया की भाजपा का भाव सेवा ही संगठन है। उन्होंने बताया की कोरोना महामारी के दौरान भाजपा कार्यकर्ता लगातार समर्पण भाव से कोरोना पीड़ित लोगों की सहायता में लगे हुए हैं। भाजपा कार्यकर्ता कई दिनों से कोरोना मरीजों के भोजन की व्यवस्था के लिए अपनी रसोई की शुरुआत भी कर चुके है। इसके साथ साथ मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने, अस्पतालों में दाखिल करवाने के अलावा मास्क व सैनिटाइजर वितरण के काम में भी लगे हुए हैं। विदित है कि कल भी जिला अध्यक्ष राजू के मोर के नेतृव में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हॉस्पिटल में मरीजों को करीब 250 दूध की थैली भी बांटी थी और कल भी खाने के अलावा फलों का भी वितरण किया जाएगा।
इस अवसर पर अध्यक्ष राजू मोर ने कल हिसार के घटनाक्रम पर बोलते हुए कहा कि कल हिसार में जो भी हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ लोगों की मंशा हिसार में बने कोविड अस्पताल में घुसकर वहां तोड़फोड़ करने की थी। कुछ लोग किसानों की आड़ में राजनीति कर रहे हैं और किसानों को बदनाम कर रहे हैं। कल हिसार में जो हुआ वह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। किसान तो बहुत शांत कौम है क्योंकि किसान कभी भी हिंसा को नहीं अपना सकता। ये तो कुछ राजनीतिक व शरारती तत्व आंदोलन की आड़ में उपद्रव करके किसानों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। इन शरारती तत्वों की मंशा यह है कि इनके उपद्रव को दबाने के लिए सरकार मजबूरी में कोई कड़ा फैसला ले और ये लोग उसकी आड़ में हिंसा करवा कर लोगों को मरवाना चाहते हैं। किसानों से भी निवेदन है कि अपने बीच में छिपे शरारती तत्वों में राजनीतिक तत्वों को पहचान कर उनको आंदोलन से दूर करें।
इस अवसर उनके साथ जिला उपाध्यक्ष सियाराम गोयल, जिला सह मीडिया प्रभारी मनीष बबलू गोयल, एससी मोर्चा अध्यक्ष बलवंत सिंहमार, जिला कार्यालय सचिव नरेन्द्र शर्मा, जिला सचिव नरेन्द्र पहल, अनिल शर्मा कोत्स, मुकेश लूदाना, केशव तिवारी, शिवचरण, संदीप सिंधु आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

Sunday, May 16, 2021

May 16, 2021

चौधरी देवीलाल संजीवनी अस्पताल में आज से शुरू होगा इलाज, कोरोना मरीजों को मिलेंगी ये खास सुविधाएं

चौधरी देवीलाल संजीवनी अस्पताल में आज से शुरू होगा इलाज, कोरोना मरीजों को मिलेंगी ये खास सुविधाएं

हिसार : कोरोना महामारी के दौरान लगातार स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर रही हरियाणा सरकार द्वारा रविवार को हिसार में स्थापित किए गए 500 बेड के चौधरी देवीलाल संजीवनी अस्पताल का लोकापर्ण किया जाएगा।

अस्पताल का संचालन आरंभ होने से न केवल हिसार बल्कि आसपास के जिलो के नागरिकों को रविवार से ही स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी आरंभ हो जाएंगी। शनिवार को उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी व डीआईजी बलवान सिंह राणा ने स्वास्थ्य तथा अन्य सभी संबंधित विभागों के मुखियाओं के साथ अस्पताल का दौरा किया और सभी प्रबन्धों का जायजा लिया।
विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं वाले इस अस्पताल सभी ऑक्सिजन बेड होंगे। ऑक्सीजन की आपूर्ति 7.1 लीटर प्रति बेड प्रति मिनट फ्लो के हिसाब से रहेगी, जिसकी आपूर्ति जिंदल स्टैनलेस लिमिटेड के ऑक्सीजन प्लांट से होगी। अस्पताल को प्रतिदिन 8 एमटी ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। जिंदल मॉडर्न स्कूल में स्थापित किये गए अस्पताल को चार ब्लॉक में बांटा गया है।
सभी बेड पर ऑक्सीजन पॉइंट जोड़ा गया है। चिकित्सकों के अलावा पैरामेडिकल स्टाफ के साथ ही मेडिकल इंटर्न की भी यहां ड्यूटी लगाई गई है। अस्पताल में पांच एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। मेडिकल स्टाफ के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं से जुड़े सभी विभागों का एक-एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है ताकि अस्पताल के सुचारू संचालन में कोई बाधा न आए।

मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ ने अस्पताल में अपनी ड्यूटी जॉइन कर ली है। सभी ब्लॉकों का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने प्रबन्धों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में स्टाफ प्रबंधन, एम्बुलेंस, मेडिकल उपकरणों, बायो-मेडिकल वेस्ट, ओपीडी, किचन संचालन, स्टोर, वेयर हाउस, टेली कंसल्टेंसी, मेडिकल स्टाफ के रहने व खाने सहित अन्य प्रबन्धों की समीक्षा की और इनके सम्बंध में अधिकारियों को विस्तार से दिशा निर्देश दिए।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अनीश यादव, प्रशिक्षु आईएएस पंकज, सीटीएम मोहित, जोनल एडमिनिस्ट्रेटर अश्वीर नैन, स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय से आए डॉ. डीएन बागड़ी, सीएमओ डॉ. रत्ना भारती, डीआईओ एमपी कुलश्रेष्ठ, एडीआईओ अखिलेश, एक्सईएन विशाल सहित अन्य अधिकारी उपस्तिथ थे।
May 16, 2021

हरियाणा में घटने लगे मरीज, 24 दिनों बाद नए केस 10 हजार से कम मिले

हरियाणा में घटने लगे मरीज, 24 दिनों बाद नए केस 10 हजार से कम मिले

रेवाड़ी :9 मई को अधिकतम 1,18,630 सक्रिय मरीज थे, 6 दिन में ही कम होकर 93,699 रह गए, नए मरीजों की ग्रोथ भी घटी
इंतजार- पीक गुजरा है या नहीं इस नतीजे पर पहुंचने के लिए ग्रामीण क्षेत्र की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा, अगले 7 दिन अहम

प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर का पीक गुजरने के संकेत दिख रहे हैं। नए मरीजों की वृद्धि दर और सक्रिय मरीजों में करीब एक हफ्ते से कमी का ट्रेंड है। 4 मई को सर्वाधिक 16,246 नए मरीज थे। इसके बाद चार दिन तक यह आंकड़ा 14-15 हजार पर स्थिर रहा। एक सप्ताह से नए मरीज लगातार घट रहे हैं।

सक्रिय मरीजों की संख्या भी 9 मई को अधिकतम 1,18,630 थी। अब यह घटकर 93,699 रह गई है। सरकार ने भी 15 मई तक ही प्रदेश में पीक की उम्मीद जताई थी। हालांकि, अभी नए केस गुड़गांव, फरीदाबाद, पंचकूला जैसे शहरी क्षेत्रों में ही घटे हैं। अगले हफ्ते गांवों में भी नए मरीज कम रहे तो ही पीक माना जाएगा। प्रदेश में शनिवार को 9,955 नए मरीज मिले। नए मरीज 24 दिन बाद 10 हजार से कम रहे हैं। 12,593 लोग ठीक भी हुए।

 स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी तो सक्रिय मरीजों की दर में देश और पंजाब से हुए बेहतर

*4 मई को मिले थे अधिकतम*
अप्रैल माह में नए मरीज निरंतर बढ़ रहे थे। 4 मई को अधिकतम 16,246 हो गए, जो अब कम होकर 9,955 तक आ गए हैं।
अप्रैल माह में नए मरीज निरंतर बढ़ रहे थे। 4 मई को अधिकतम 16,246 हो गए, जो अब कम होकर 9,955 तक आ गए हैं।
 10 दिन में 14 हजार औसत
अप्रैल के मध्य तक प्रतिदिन औसतन 2500 मरीज स्वस्थ हो रहे थे, यह औसत पिछले 10 दिनों में 14 हजार तक है।
अप्रैल के मध्य तक प्रतिदिन औसतन 2500 मरीज स्वस्थ हो रहे थे, यह औसत पिछले 10 दिनों में 14 हजार तक है।
*1 लाख से नीचे आए*
अप्रैल में सक्रिय मरीज तेजी से बढ़े। 9 मई को अधिकतम 1,18,630 थे जो अब फिर से 1 लाख से कम रह गए हैं।
अप्रैल में सक्रिय मरीज तेजी से बढ़े। 9 मई को अधिकतम 1,18,630 थे जो अब फिर से 1 लाख से कम रह गए हैं।

 *पंजाब से जल्दी सुधार*

सक्रिय दर मई की शुरुआत में देश और पंजाब से हमारी काफी तेज थी, जिसमें हमने तेजी से सुधार किया, अब दोनों से कम है।
सक्रिय दर मई की शुरुआत में देश और पंजाब से हमारी काफी तेज थी, जिसमें हमने तेजी से सुधार किया, अब दोनों से कम है।
 *मौतें और गंभीर मरीज*
मौतों का आंकड़ा अभी भी चिंताजनक है। 24 घंटे में 164 मरीजों ने दम तोड़ा है। इन आंकड़ों में स्थिरता बनी हुई है और लगातार 150 से अधिक मौतें हो रही हैं। अब तक 6,935 लोगों की कोरोना से जान जा चुकी है।
प्रदेश में गंभीर मरीज भी चिंता का विषय बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल के अनुसार, सीरियस मरीजों की संख्या भी अभी 13,679 बनी हुई है। हालांकि, सरकारी बुलेटिन में इनका आंकड़ा 1759 दिखाया जा रहा है।

* ग्रामीण जांच का इंतजार*

विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में पीक चला गया, यह कहना अभी जल्दबाजी होगा। यह सही है कि एनसीआर समेत कुछ शहरी इलाकों में हम कह सकते हैं कि नए मरीजों की संख्या कम हुई है या अभी स्थिर है।
परंतु ग्रामीण क्षेत्र वाले जिलों में केसों की संख्या नहीं घटी है। अभी गांवों में जांच होनी बाकी है। उसके सात दिनों के परिणामों में यदि केस कम होते हैं तो हम कह सकेंगे कि पीक जा चुका है। केस घट रहे हैं तो यह अच्छे संकेत जरूर हैं।
May 16, 2021

हरियाणा में 23 हजार नंबरदारों को सौगात, सरकार ने दी ये बड़ी सुविधा

हरियाणा में 23 हजार नंबरदारों को सौगात, सरकार ने दी ये बड़ी सुविधा

चण्डीगढ़ : हरियाणा सरकार ने नंबरदारों को भी ‘आयुष्मान भारत योजना’ के अंतर्गत कवर करने का निर्णय लिया है ताकि गंभीर बीमारियां होने पर उन्हें  ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त नंबरदारों को स्मार्ट मोबाइल फोन भी दिए जाएंगे।

यह जानकारी आज यहां हरियाणा के वित्तायुक्त और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने राज्य के उपायुक्तों के साथ स्वामित्व तथा अन्य योजनाओं के संबंध में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक के दौरान दी।
The Haryana government has also decided to cover the numberdars under the ‘Ayushman Bharat Yojana’ so that they can get benefits under the ‘Ayushman Bharat Yojana’ in case of serious illnesses. Apart from this, smart mobile phones will also be provided to the number holders.
कौशल ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 23375 नंबरदारों के स्वीकृत पद हैं। इस  योजना के अंतर्गत भारत में सार्वजनिक व निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य उपचार के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की धन राशि लाभार्थियों को मुहैया करवाती है।
यह योजना सेवा संस्थान अर्थात ‘अस्पतालों’ में लाभार्थी को स्वास्थ्य सेवाएँ निशुल्क प्रदान करती है। यह योजना चिकित्सा उपचार से उत्पन्न अत्यधिक खर्चे को कम करने में मदद करती है। इस योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले और 15 दिन बाद तक का नैदानिक उपचार, स्वास्थ्य इलाज व दवाइयाँ मुफ्त उपलब्ध होती हैं।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट फोन के लिए टेंडर कॉल कर लिए गए हैं और अगले महीने तक ये उन्हें उपलब्ध करवा दिए जायेंगे।
उन्होंने सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारियों से कहा हैं कि वे जल्द से जल्द यमुनानगर से लेकर पलवल तक मसावी अर्थात राजस्व नक्शे में सीमांकन (डीमारकेशन) का कार्य पूरा करें ताकि दोनों राज्यों में सीमा का विवाद न हो।
करनाल जिले के साथ लगती उत्तर प्रदेश की सीमा पर सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार 39 पिलर लगाए जाएंगे। राज्य के फरीदाबाद, पलवल, पानीपत, सोनीपत जैसे जिलों में सीमावर्ती क्षेत्र में सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा दी गई रिपोर्ट उपरांत ऐसे ही पिल्लर लगाए जाएंगे।  कौशल ने बताया कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत अब तक राज्य के 8 जिलों में ड्रोन मैपिंग का कार्य पूरा हो चुका है।
वहीं दूसरी ओर राज्य में कोविड-19 पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि कोविड की इस परिस्थिति में राज्य सरकार के अधिकारी व कर्मचारी अच्छा, बेहतरीन और तालमेल के साथ कार्य कर रहे हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि आने वाले एक या दो सप्ताह में कोविड-19 का प्रकोप प्रदेश में कम होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गांवों में आइसोलेशन वार्ड अलग से बनाने के लिए अधिकारियों की टीमों का गठन किया गया है और आइसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं ताकि कोविड-19 की रोकथाम की जा सके।

Friday, May 14, 2021

May 14, 2021

हरियाणा मे होम आइसोलेशन में रह रहे 2346 जरूरतमंद मरीजों को घर पर मिली ऑक्सीजन - स्पेशल रिपोर्ट

 हरियाणा मे होम आइसोलेशन में रह रहे 2346 जरूरतमंद मरीजों को घर पर मिली ऑक्सीजन - स्पेशल रिपोर्ट 

जी हाँ, अब हरियाणा मे जरूरतमंद मरीजों को डोर टू डोर आक्सीजन सिलेंडर रिफिल करने की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। जो व्यक्ति कोरोना संक्रमण के चलते होम आइसोलेशन में है और उन्हें डॉक्टर द्वारा ऑक्सीजन लेने की सिफारिश की जाती है। ऐसे व्यक्ति ऑनलाइन व्यवस्था से आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें घर बैठे ही ऑक्सीजन मुहैया करवाई जाएगी।

अभी तक प्रदेश मे 2346 जरूरतमंद व्यक्तियों को घर बैठे ही ऑक्सीजन पहुंचाई गई है। ऑक्सीजन लेने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल  http://www.oxygenhry.in/  पर अपना पंजीकरण करवाना होता है। इस पोर्टल पर पंजीकृत होने के बाद आवेदन समाज सेवी संस्था और रेडक्रास सोसायटी के पास रिफलेक्ट हो जाएगा। इस पंजीकरण के बाद जरूरतमंद मरीज के पास रेडक्रॉस सोसायटी के वॉलिटियर्स और समाज सेवी संस्थाओं के सहयोग से आक्सीजन पहुंच जाति है। इस प्रणाली के लिए प्रशासन ने हर जिले मे नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं।

आवेदन प्रक्रिया -

इस प्रक्रिया में आवेदक को आवेदन करने के दौरान आधार नम्बर, ऑक्सीजन लेवल के लिए आक्सीमीटर की फोटो भी अपलोड करनी होगी। इतना ही नहीं आवेदक के पास खाली सिलेंडर होना भी अनिवार्य है।  विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं इस कार्य को करने के लिए प्रशासन का सहयोग कर रही है। संबंधित व्यक्ति द्वारा आवेदन करने के बाद टीम उसके घर जाएगी और जांच करेगी कि इस व्यक्ति को सिलेंडर की जरूरत है या नहीं। आक्सीजन की कालाबाजारी किसी सूरत में सहन नहीं की जाएगी। अगर कोई व्यक्ति आक्सीजन की कालाबाजारी करते हुए मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी

8 जिले आवेदन स्वीकृत करने मे अव्वल

हरियाणा बुलेटिन न्यूज़ को मिले ताजा आकडों के अनुसार प्रदेश मे हिसार,करनाल,पंचकुला, पानीपत, रेवाड़ी,रोहतक , सोनीपत, यमुनानगर  होम आइसोलेशन में  जरूरतमंद मरीजों को घर पर ऑक्सीजन देने मे रूचि दिखा रहे है जहा ऑक्सीजन लेने वाले आवेदनों  को स्वीकृत  ज्यादा किया गया है | आकडों के अनुसार  पानीपत प्रदेश मे अव्वल है जहा अब तक 380 लोग घरो मे ऑक्सीजन ले चुके है व 3 लोगो को ऑक्सीजन देने की  प्रक्रिया जारी है व एक व्यक्ति का आवेदन विचाराधीन है व 58 लोगो के आवेदन अस्वीकृत कर दिए गये है | 

14 जिले आवेदन अस्वीकृत करने मे अव्वल

प्रदेश के कुछ जिले ऑक्सीजन घरों तक पहुचाने मे अव्वल है तो कुछ ऐसे भी जिले है जहा जरूरतमंद लोगो द्वारा  किये गये आवेदन स्वीकृत  कम ,अस्वीकृत ज्यादा हुए है  ऐसे जिलों मे अम्बाला, भिवानी, चरखी दादरी , फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम,झज्जर, जींद,कैथल,कुरुक्षेत्र,महेंद्रगढ़, नुह, पलवल, सिरसा का नुम्बर आता है जहा आकडे दिखाते है कि जिला प्रसाशन ऑक्सीजन घरो तक पहुचाने के बजाय उनके आवेदनो को अस्वीकृत करने पर ज्यादा काम कर रहा है | सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन जिलों  मे जिन लोगो को ऑक्सीजन मिली है वो रसूखदार लोग है आम लोगो के आवेदन बिना बात कि कमी निकाल कर अस्वीकृत कर दिए जाते है |

जरूरतमंद को ऑक्सीजन न मिले तो हमे करे शिकायत 

कोरोना काल के कठिन दौर मे हरियाणा बुलेटिन न्यूज़ अपनी जिम्मेदारी समझते हुए आम जनता से अपील करता है यदि आपके किसी जरूरतमंद को घर पर ऑक्सीजन मिलने मे समस्या आ रही है तो हमसे 9802110050 पर साँझा  करे  या ईमेल करे haryanabulletinnews@gmail.com  हमारा जनहित मे प्रयास रहेगा की आपके जिलाधिकारीओ से सम्पर्क कर हर जरूरतमंद को समय पर मिले ऑक्सीजन |