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Tuesday, September 30, 2025

मोतीलाल स्कूल प्राथमिक विभाग में नन्हे-मुन्नों के लिए हुआ शैक्षिक पपेट शो का आयोजन

मोतीलाल स्कूल प्राथमिक विभाग में नन्हे-मुन्नों के लिए हुआ शैक्षिक पपेट शो का आयोजन

पपेट शो का उद्देश्य बच्चों को पारंपरिक लोक कला से अवगत करवाना : पूजा
जींद : मोतीलाल नेहरू पब्लिक विद्यालय की प्राथमिक विभाग में नन्हे-मुन्ने बच्चों के समग्र विकास एवं मनोरंजनात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष पपेट शो का आयोजन किया गया। इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को पारंपरिक लोक कला, नाट्य और कहानी कहने की विधा से परिचित कराना था। जिससे वे मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान भी अर्जित कर सकें। पपेट शो एक ऐसी पारंपरिक और आधुनिक कला है, जिसमें कलाकार कठपुतलियों या गुड्डे, गुडिय़ों के माध्यम से कहानी सुनाते हैं और दृश्य प्रस्तुत करते हैं। पपेट शो केवल मनोरंजन का माध्यम नही है बल्कि यह नैतिक शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों को भी सहजता से प्रस्तुत करता है। गतिविधि के दौरान नन्हे-मुन्ने छात्र व छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ पपेट शो देखा। उन्होंने रंग बिरंगी कठपुतलियों, उनके हाव, भाव, आवाज और कहानी की प्रस्तुति को गहरी रुचि से अनुभव किया। शो के बाद बच्चों से सवाल-जवाब के माध्यम से यह भी जाना गया कि उन्होंने इस गतिविधि से क्या सीखा। विद्यालय समिति अध्यक्ष संदीप दहिया एवं प्राचार्य रविंद्र कुमार ने बताया कि नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए शिक्षा का अर्थ केवल किताबों तक सीमित नही होना चाहिए। उन्हें वास्तविक जीवन के अनुभवों और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलना चाहिए। पपेट शो जैसी गतिविधियां बच्चों के भीतर रचनात्मक सोच, संवेदनशीलता और सामूहिक भावना विकसित करती हैं। इससे उनकी भाषा कौशल, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता में भी वृद्धि होती है। यह हमारी कोशिश है कि हम बच्चों को नई-नई शिक्षण विधाओं से जोड़ें और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करें।
विद्यालय हमेशा से नवाचारपूर्ण गतिविधियों के लिए अग्रसर रहता है और बच्चों को पारंपरिक कला संस्कृति से जोडऩे के लिए इस प्रकार की गतिविधि नियमित रूप से आयोजित होती रहती है। पपेट शो जैसी पहल से बच्चों के बौद्धिक, मानसिक और भावनात्मक विकास को गति मिलती है। विद्यालय मानता है कि ऐसी गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समूह में काम करना सीखते हैं। इस गतिविधि का आयोजन प्राथमिक विभाग की कोऑर्डिनेटर पूजा पसरीजा की देखरेख में हुआ और बच्चों को पपेट शो के दौरान समझाया कि यह कला क्यों महत्वपूर्ण है और कैसे यह उनकी कल्पनाशीलता को बढ़ावा देती है। विद्यालय प्रशासक वीपी शर्मा और हेड कोऑर्डिनेटर सुरेंद्र कुमार ने कहा कि पपेट शो नन्हे-मुन्नों के लिए ज्ञान, मनोरंजन और नैतिक मूल्यों का अद्भुत संगम रहा है। इस प्रकार की गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामाजिक मूल्यों की समझ बढ़ती है, जो भविष्य में उन्हें एक संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करेगी।

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