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Saturday, November 22, 2025

गोपाल विद्या मंदिर : संस्कारों की आधारशिला — राजन चिलाना

गोपाल विद्या मंदिर : संस्कारों की आधारशिला — राजन चिलाना
जींद : गोपाल विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ने अपनी स्थापना के 50 गौरवमयी वर्षों का उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाना प्रारंभ किया। स्वर्ण जयंती समारोह के पहले दिन विद्यालय प्रांगण में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिले सहित प्रदेश के अनेक गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण रहा विद्यालय के 50 वर्ष की उपलब्धियों का स्मरण, जिसमें छात्रों की शैक्षिक, सांस्कृतिक, खेल एवं विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राजन चिलाना ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि “गोपाल विद्या मंदिर की उपलब्धियों की नींव उसके मजबूत संस्कारों पर टिकी है।" उन्होंने आगे कहा कि बीते पांच दशकों में इस विद्यालय ने न केवल शैक्षिक गुणवत्ता में अग्रणी स्थान कायम किया है बल्कि खेल, संगीत, विज्ञान और कला के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त करके एक लंबी श्रृंखला स्थापित की है। यह सफलता विद्यालय की समर्पित शिक्षण टीम, विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं समाज के सहयोग से ही संभव हो पाई है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सीआरएसयू, जींद की कुलसचिव प्रो. लवलीन मोहन ने की। उन्होंने विद्यालय द्वारा आयोजित भव्य चित्रकला प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया तथा छात्रों की कलाकृतियों को अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों में रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने की यह पहल वास्तव में सराहनीय है और इसी प्रकार के आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशिष्ठ अतिथि के रूप में राज्य सूचना आयुक्त कर्मवीर सैनी ने समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कहा कि ऐसी शिक्षण संस्थाएँ समाज को दिशा देने का कार्य करती हैं।
विद्या भारती हरियाणा प्रांत के सह-संगठन मंत्री श्री नीरज नागपाल ने अपने संबोधन में विद्या भारती के उद्देश्यों और शिक्षा के साथ संस्कारों के समन्वय पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य अजय कुमार एवं विद्यालय प्रबंधक समिति के अध्यक्ष श्री जगन्नाथ शर्मा ने सभी आगंतुको का हार्दिक स्वागत किया और पूर्व आचार्यों, पूर्व प्राचार्यों, भूतपूर्व विद्यार्थियों एवं नगर के अन्य गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्रथम प्रबंधक समिति के वरिष्ठ सदस्य संतलाल चुग ने भावुक होते हुए कहा कि “गोपाल विद्या मंदिर सिर्फ एक शिक्षण संस्था भर नहीं, बल्कि हमारी आत्मा का घर है। समाज और व्यवस्थापन के संयुक्त प्रयासों से ही हम आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं और भविष्य में भी राष्ट्र निर्माण के महान उद्देश्य के लिए इसी समर्पण के साथ कार्यरत रहेंगे।”
उत्सव के प्रथम दिन विद्यालय के 50 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा को समर्पित सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रदर्शनी ने सभी का मन मोह लिया। आगे आने वाले दिनों में भी स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत अनेक सांस्कृतिक, साहित्यिक और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

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