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Sunday, November 23, 2025

अर्धशताब्दी सेवा यात्रा : गोपाल विद्या मंदिर की स्वर्ण गाथाएं

अर्धशताब्दी सेवा यात्रा : गोपाल विद्या मंदिर की स्वर्ण गाथाएं

स्वर्ण जयंती वार्षिकोत्सव में छात्रों ने बिखेरे संस्कृति और सृजन के रंग
जींद : गोपाल विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जींद ने अपने गौरवशाली स्वर्ण जयंती वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन किया। विद्यालय प्रांगण इस अवसर पर राष्ट्रीय रंगों, सांस्कृतिक उत्साह और बाल-सृजनशीलता से सराबोर रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और भारत माता वंदना के साथ हुआ।मुख्य अतिथि पद पर हिंदू शिक्षा समिति, हरियाणा के महामंत्री श्री संपूर्ण सिंह जी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि विद्या भारती का ध्येय केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि ऐसी शिक्षा प्रदान करना है जो विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में संस्कारित, सक्षम और समाजोपयोगी बनाए। उन्होंने कहा, “शिक्षा तभी सार्थक है जब विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपना योगदान दें और जीवन में मातृभूमि तथा संस्कृति के प्रति प्रेम बनाए रखें।”विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर विराजमान श्री देवेंद्र अत्री ने विद्यालय की पचास वर्षीय गौरवपूर्ण यात्रा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील और समर्पित नागरिक तैयार करने की प्रक्रिया है। विद्यालय ने पांच दशकों में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय घीसा संत महामंडल के अध्यक्ष, परम श्रद्धेय स्वामी राघवानंद जी महाराज ने की। स्वामी जी ने अपने मंगल आशीर्वचनों में कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जिसमें बौद्धिक, नैतिक और आध्यात्मिक विकास समाहित हो। उन्होंने कहा, “जीवन जीने की कला और समाज सेवा की भावना विद्या के मंदिरों से ही उत्पन्न होती है।”नगर परिषद जींद की चेयरपर्सन श्रीमती अनुराधा सैनी जी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। सभी ने विद्यालय के सांस्कृतिक, सामाजिक और नैतिक योगदान की सराहना की।प्रमुख आकर्षणकार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत, योगाभ्यास, लोकनृत्य, नाट्य प्रस्तुति और भारतीय संस्कृति पर आधारित रचनाएँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। हर प्रस्तुति ने दर्शकों के भीतर गौरव, संवेदना और उत्साह की भावना जगाई।विद्यालय परिसर में स्थापित थीम आधारित “गाँव की बात – हरियाणा की सौगात” सेल्फी प्वाइंट पूरे आयोजन की प्रमुख झलक रहा। इस कला-स्थल पर हरियाणवी ग्रामीण जीवन की झलक झोपड़ी, मिट्टी के बर्तनों, पारंपरिक वेशभूषा और रंगोली के माध्यम से साकार की गई। विद्यालय के कला अध्यापक श्री दीपक जी द्वारा तैयार की गई इस हस्तनिर्मित झांकी ने दो दिनों में दो हजार से अधिक आगंतुकों को आकर्षित किया। इस विशेष अवसर पर केशव किरण पत्रिका जो कि स्वर्ण जयंती वार्षिकोत्सव पर आधारित है की टाइटल पेज का अनावरण भी किया गया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री जगन्नाथ शर्मा और प्राचार्य श्री अजय कुमार जी ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल विद्यालय के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बना है।समापन और संदेशसमारोह का समापन राष्ट्रगान और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। स्वामी राघवानंद जी ने अंत में कहा कि “भौतिक उन्नति और डिग्रियों से परे, शिक्षा का सच्चा उद्देश्य प्रेम, सेवा, अनुशासन और संस्कृति के प्रति निष्ठा विकसित करना है।”पचास वर्षों की यह अर्धशताब्दी सेवा यात्रा गोपाल विद्या मंदिर की शिक्षा, संस्कार और समाज-सेवा की समर्पित परंपरा को उजागर करती है। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र में शिक्षा और संस्कृति के प्रति नई प्रेरणा और सकारात्मकता का संदेश प्रसारित किया।

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