समाज के कुछ राजनीतिक भांड़ जातिवाद का रंग देकर समाज के लोगों में करना चाहते हैं मतभेद
रोहतक : जयहिंद सेना प्रमुख नवीन जयहिंद ने प्रेसवार्ता करते हुए सोशल मीडिया को समाज के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि समाज के कुछ लोग जो सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। ऐसे लोग समाज के भाईचारे को तोड़ना चाहते हैं और समाज को आपस में लड़ाना चाहते हैं।
जयहिंद ने विधायक दादा रामकुमार गौतम के चल रहे विवाद पर बोलते हुए कहा कि विधायक रामकुमार गौतम की वो वीडियो जिसके कारण विभिन्न समाज की अलग-अलग जगह पर पंचायतें हो रही हैं। मैंने उस वीडियो को कई बार सुना लेकिन उसमें विधायक दादा रामकुमार गौतम ने किसी भी जाति या बिरादरी के लिए कहीं भी कोई गाली जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया है।
उनका कहना था कि समाज के बुद्धिजीवी लोग भी उस वीडियो को पूरी सुने लेकिन कुछ जातिवादी राजनीतिक कीड़े इस विवाद को जातिवाद का रंग दे रहे हैं जबकि विधायक रामकुमार गौतम ने जो कुछ ऐसे शब्द कहे थे, उनके लिए खेद भी प्रकट कर चुके हैं। फिर भी समाज के कुछ लोग जिनकी घर में नहीं चलती, वे पंचायत में आकर चौधरी बन जाते हैं और समाज के युवा इन राजनीतिक गिद्धों से सावधान रहें क्योंकि ये राजनीतिक गिद्ध समाज को आपस में लड़वा कर अपना राजनीतिक स्वार्थ पूरा करना चाहते हैं।जयहिंद ने कहा कि विधायक राम कुमार गौतम ने अपने बयान में उन राजनीतिक लोगों के लिए कहा है, जो चुनाव हार चुके हैं और जिनका अब राज नहीं रहा। अगर देखे तो सबसे पहले हरियाणा में ब्राह्मण मुख्यमंत्री रहा है, जिनका अब राज नहीं है। फिर राव समाज का भी अब राज नहीं है लेकिन समाज के कुछ राजनीतिक भांड़ इसे जातिवाद का रंग देकर समाज के लोगों में मतभेद करना चाहते हैं जबकि गांव में एक दूसरे के बिना काम नहीं चलता।उन्होंने ब्राह्मण समाज ओर जाट समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि समाज के लोग इन नेताओं के चक्कर में आपसी भाईचारा खराब ना करें क्योंकि ब्राह्मण समाज के बुजुर्ग विधायक को गोबर खाना ब्राह्मण समाज के ही मंत्री ने कहा था। वही जाट समाज को भी सोचना चाहिए कि जब भूपेंद्र हुड्डा मुख्यमंत्री नहीं बने थे तो जाट समाज के बुजुर्ग हुड्डा को पंजाबी कहते थे।जयहिंद ने युवाओं से भी अपील करते हुए कहा कि इन नेताओं के आपसी विवाद को सामाजिक विवाद ना बनाएं क्योंकि ये राजनीतिक लोग विधानसभा सदन में लड़कर फिर साथ में बैठकर चाय पानी नाश्ता करते हैं। यहां तक कि इकट्ठे बैठ कर शराब तक पीते हैं लेकिन आम जनता इन बातों को नहीं समझती और समाज में आपस में एक दूसरे की जाति बिरादरी पर आरोप प्रत्यारोप लगा कर आपस में लड़ने यहां तक मारने को तैयार रहते हैं।
उन्होंने युवाओं से कहा कि अगर आपको कुछ हो जाता है, ये राजनीतिक लोग आपको और आपके परिवार को संभालने तक भी आपके पास नहीं आते। ये राजनीतिक लोग आए दिन अपने फायदे के लिए पार्टियां बदल लेते हैं और समाज के लोगों को आपस में एक दूसरे से लड़वा देते हैं। हर बिरादरी चाहती है कि उनकी बिरादरी का मुख्यमंत्री हो लेकिन इसके लिए समाज की दूसरी बिरादरी से लड़ना समाज के लिए घातक है।
जयहिंद ने बताया कि मीडिया के कुछ भांड एक दूसरे की पूरी जाति को टारगेट ना करें। अगर आपको किसी ने कुछ कहा है तो आप उस व्यक्ति विशेष को ही कह लें क्योंकि एक व्यक्ति विशेष पूरा समाज नहीं होता। समाज की हर बिरादरी के पूर्वजों का समाज के लिए एक विशेष योगदान रहा है, जिन्होंने देश ओर समाज के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। देश को आजाद कराने में 36 बिरादरी का योगदान रहा है।
उन्होंने उन राजनीतिक नेताओं पर भी तंज कसा, जो समाज के लोगों में जहर भरकर अपने स्वार्थ के लिए आपस में लड़वाना चाहते हैं। जनता के मुद्दों पर वे नेता लोग गायब हो जाते हैं और फिर चुनाव से 5 महीने पहले चुनावी मैदान में आ जाते हैं।
जयहिंद ने लोकसभा, राज्यसभा ओर हरियाणा विधानसभा के सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि सदन में एक ऐसा प्रस्ताव लाना चाहिए, जो सोशल मीडिया फेसबुक या दूसरे अन्य प्लेटफार्म पर फर्जी आईडी बनाकर एक दूसरे के खिलाफ जहर उगलते है। उन पर लगाम लगाने के लिए कोई कानून बनाया जाना चाहिए, वहीं बिना तथ्य की खबरें चलाने वाले सोशल मीडिया पर भी बैन होना चाहिए।
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