जींद : हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रमुख व्यापारी नेता राजकुमार गोयल ने आगामी बजट को लेकर व्यापारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि व्यापार और उद्योग जगत को राहत देने के लिए इन सुझावों पर गंभीरता से अमल किया जाए।
राजकुमार गोयल ने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए इनकम टैक्स की छूट कम से कम 15 लाख रुपये की जानी चाहिए। साथ ही इनकम टैक्स की अधिकतम दर 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में टैक्स छूट में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई है जिससे मध्यम वर्ग और व्यापारी वर्ग पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।
गोयल ने ई-इनवॉइस की अनिवार्य सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने की मांग की। उनका कहना है कि 5 करोड़ की सीमा पर ई-इनवॉइस लागू होने से छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त तकनीकी बोझ पड़ रहा है। सीमा बढ़ने से व्यापारी अपने व्यवसाय के विस्तार पर बेहतर ध्यान दे सकेंगे और जीएसटी प्रणाली में भी सुगमता आएगी। उन्होंने ई-वे बिल की अनिवार्य सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर कम से कम 2 लाख रुपये करने की मांग की। गोयल ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों का अधिकतर समय कागजी और तकनीकी प्रक्रियाओं में ही खर्च हो रहा है। महंगाई के मौजूदा दौर में 50 हजार की सीमा अप्रासंगिक हो चुकी है।
राजकुमार गोयल ने 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यापारियों के लिए 25 हजार रुपये मासिक पेंशन योजना लागू करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि जो व्यापारी लगातार 5 वर्षों तक जीएसटी रिटर्न भर चुके हैं उन्हें इस योजना में शामिल किया जाना चाहिए। गोयल ने दुकानदारों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि दुकान में घुसकर मारपीट, धमकी या बाधा डालने के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए ठीक उसी तरह जैसे डॉक्टरों के साथ हिंसा के मामलों में कानून बना है। उन्होंने आगजनी जैसी घटनाओं से हुए नुकसान की पूरी भरपाई एक माह के भीतर करने की मांग की। साथ ही फायर ब्रिगेड के लिए विशेष बजट, प्रत्येक दुकानदार को निशुल्क फायर सिलेंडर, व्यापारियों का फायर इंश्योरेंस मुफ्त करने और प्रत्येक 5 हजार की आबादी पर एक फायर ब्रिगेड वाहन की व्यवस्था करने की भी मांग की।
गोयल ने कहा कि सेल व परचेज की जीएसटी रिटर्न भरने की अवधि एक महीने की बजाय तीन महीने की जानी चाहिए। इसके अलावा जीएसटी असेसमेंट भी इनकम टैक्स की तर्ज पर सालाना किया जाए। रोड चेकिंग और अंडर बिलिंग के नाम पर व्यापारियों को नाजायज परेशान करने पर सख्त रोक लगाई जाए। उन्होंने लघु उद्योग और ग्राम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज देने तथा एग्रीकल्चर जमीन पर बिना कागजी कार्रवाई के उद्योग लगाने की अनुमति देने की मांग भी की है। गोयल का कहना है कि इससे ग्रामीण स्तर पर उद्योग विकसित होंगे और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
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