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Friday, January 23, 2026

बिना दहेज की शादी हरियाणा और राजस्थान में बनी चर्चा का विषय, एक रूपया नारियल लेकर समाज को दिया सकारात्मक संदेश

इनेलो महिला अध्यक्ष फतेहाबाद सुशीला पिलानियां के भाई की शादी बिना दहेज की शादी हरियाणा और राजस्थान में बनी चर्चा का विषय, एक रूपया नारियल लेकर समाज को दिया सकारात्मक संदेश
ऐलनाबाद चोपटा/ सिरसा : शगुन के रूप में । रुपया और नारियल लेकर शादी की मिसाल दहेज प्रथा के खिलाफ एक सामाजिक संदेश देती हैं। जहां दूल्हे और उनके परिवार दहेज के रूप में लाखों रुपये लेने से इनकार कर देते हैं और केवल शगुन के तौर पर एक रुपया और नारियल स्वीकार करते हैं, जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है। इसी कड़ी में गांव जोगीवाला निवासी राजपाल पुत्र माडूराम जांदू ने न केवल दहेज में मिलने वाली नगद राशि के साथ-साथ कोई भी सामान न लेकर इस मिसाल को और बल दिया है। इस शादी की समाज में चहुंओर चर्चा है। 
 जानकारी अनुसार जोगीवाला निवासी ऐलनाबाद राजपाल की शादी गांव पदमपुरा राजस्थान निवासी रवीना पुत्री भगवाना राम डूडी के साथ तय की गई। राजपाल जहां राजस्थान में पीटीआई टीचर है, वहीं रवीना भी राजनीतिक विज्ञान से एमए पास है। अक्सर देखा गया है कि वधु पक्ष को दहेज को लेकर चिंता रहती है, लेकिन राजपाल के परिवार ने वधु पक्ष की सभी समस्याओं का निवारण करते हुए न केवल थाली में रखी दहेज की नगद राशि को अस्वीकार किया, बल्कि कोई भी सामान वधु पक्ष से नहीं लिया, जोकि अपने आप में अनुकरणीय है। राजपाल के पिता माडूराम जांदू ने कहा कि लडक़ी से बड़ा कोई दहेज नहीं है। भगवान की कृपा से उनके घर वो सबकुछ है, जोकि जीवन में जरूरी है। दोनों बच्चे पढ़े-लिखे हैं और रूढ़ीवादी समाज के लिए इससे बड़ा कोई उदाहरण नहीं हो सकता। वधु पक्ष व रिश्तेदारों ने वर पक्ष की इस शानदार पहल की तारीफ की और समाज को इससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

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