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Tuesday, January 27, 2026

बड़ी खबर: नेशनल हाईवे अधिकारियों पर एफआईआर, पत्रकार की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

बड़ी खबर: नेशनल हाईवे अधिकारियों पर एफआईआर, पत्रकार की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
दिनांक : नेशनल हाईवे से जुड़े गंभीर लापरवाही के मामलों को लेकर आखिरकार पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। पत्रकार प्रवीण बंसल की शिकायत पर नेशनल हाईवे के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले आम नागरिकों को हो रही लगातार परेशानियों, संपत्ति के नुकसान और जान के जोखिम से जुड़ा हुआ है।
पत्रकार प्रवीण बंसल ने बताया कि वह बीते लगातार चार वर्षों से नेशनल हाईवे पर मौजूद खामियों, अव्यवस्थाओं और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराते आ रहे थे। उन्होंने यह मुद्दा NH PD हिसार और NH RO सहित अन्य संबंधित विभागों के संज्ञान में कई बार लिखित और मौखिक रूप से दिया, लेकिन इसके बावजूद किसी भी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उनका कहना है कि हाईवे पर गड्ढे, अधूरे निर्माण कार्य, अव्यवस्थित डायवर्जन, खराब ड्रेनेज सिस्टम और संकेतकों की कमी के कारण न केवल लोगों को भारी असुविधा हो रही थी, बल्कि कई मामलों में वाहन क्षतिग्रस्त हुए और दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहा। इसके चलते आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जान-माल का जोखिम भी उठाना पड़ रहा था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, लगातार अनदेखी के बाद उन्होंने इस गंभीर विषय को कई वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष भी उठाया। संबंधित विभागों से बातचीत और पत्राचार भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद नेशनल हाईवे अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन और लीपापोती ही देखने को मिली।
यह मामला उचाना विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा विधायक के संज्ञान में भी कई बार लाया गया, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी समाधान नहीं किया गया। नतीजतन, हाईवे पर स्थिति जस की तस बनी रही और आम लोगों का नुकसान लगातार बढ़ता गया।
लगातार प्रयासों और सबूतों के आधार पर अब पुलिस प्रशासन ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित नेशनल हाईवे अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकार प्रवीण बंसल ने आम जनता और दर्शकों से अपील की है कि इस खबर को अधिक से अधिक साझा किया जाए, ताकि यह मामला देश के शीर्ष स्तर तक पहुंचे और प्रधानमंत्री कार्यालय तक इसकी जानकारी जा सके। उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती।
यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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