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Saturday, January 10, 2026

मनरेगा खत्म करना मजदूरों की मेहनत और सम्मान पर हमला: ऋषिपाल हैबतपुर

मनरेगा खत्म करना मजदूरों की मेहनत और सम्मान पर हमला: ऋषिपाल हैबतपुर

कांग्रेस ने शुरू किया ‘मनरेगा बचाओ अभियान’, वीबीजी रामजी कानून को बताया छलावा
जींद : कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह फैसला देश के करोड़ों मेहनतकश मजदूरों की मेहनत और सम्मान पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा रही है, जिसे समाप्त कर भाजपा सरकार ने आम जनता के साथ अन्याय किया है। शनिवार को कांग्रेस के जिला कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन कांग्रेस नीत यूपीए सरकार द्वारा मनरेगा कानून लागू किया गया था। इस कानून के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के किसी भी बेरोजगार व्यक्ति को वर्ष में 100 दिन का रोजगार मांगने का कानूनी अधिकार था। इससे हर साल पांच से छह करोड़ ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिलता रहा, जिससे वे अपने परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी कर पाते थे। कांग्रेस जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने बताया कि भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत रोजगार आजीविका मिशन अधिनियम (वीबीजी रामजी)’ कर दिया है, जो देश के लोगों की सामाजिक और धार्मिक भावनाओं के साथ खुला खिलवाड़ है। कांग्रेस पार्टी इस नाम परिवर्तन और नए कानून को न तो स्वीकार करेगी और न ही देश की मेहनतकश जनता इसे मानेगी। इसके खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वीबीजी रामजी कानून में मजदूरों के लिए रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। सरकार द्वारा वर्ष में 125 दिन रोजगार देने का दावा पूरी तरह से छलावा है, क्योंकि इसमें यह स्पष्ट नहीं है कि मजदूर जब चाहे तब काम मांग सकेगा। सरकार अपनी सुविधा के अनुसार रोजगार देगी, जिससे मजदूर फिर से असुरक्षा की स्थिति में पहुंच जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कानून में ग्राम पंचायत और ग्राम सभा जैसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के अधिकारों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
इस दौरान पूर्व मंत्री रामभज लोधर, पूर्व विधायक सुभाष गांगोली, ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. रमेश सैनी और पूर्व प्रत्याशी महावीर गुप्ता ने भी सरकार के इस निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि नए कानून के तहत 40 प्रतिशत वित्तीय बोझ प्रदेश सरकारों पर डालकर केंद्र सरकार इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश कर रही है। क्योंकि देशभर में अधिकतर राज्य सरकारों के पास पर्याप्त बजट ही नहीं है, कई राज्य सरकारों को तो अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी केंद्र सरकार से कर्ज लेना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही है और उसे किसान, मजदूर, गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों के हितों से कोई सरोकार नहीं है। कांग्रेस ने ऐलान किया कि ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत गांव-गांव और घर-घर जाकर सरकार की नीतियों को बेनकाब किया जाएगा। पूर्व मंत्री रामभज लोधर ने कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा को खत्म करके देश के गरीब तबके के लोगों के मुंह का निवाला छीना जा रहा है। क्योंकि मनरेगा के तहत 90 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी दलित एवं पिछड़े वर्ग से आते हैं, जिन्हें  वीबीजी रामजी कानून बनाकर सामाजिक न्याय से वंचित रखने की साजिश भाजपा सरकार द्वारा रची गई है।
इस मौके पर पूर्व युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष दिनेश डाहोला, पूर्व चेयरमैन पवन दूहन, रघुबीर भारद्वाज, डॉ. बलबीर आर्य, कुलवंत लाठर सरपंच, वेदपाल लाठर, संजय जागलान, कमल चौहान, धर्मपाल प्रधान, मदन धनवाल,सुभाष अहलावत, इशाक भट्टी, शिवा चौहान सहित काफी संख्या कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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बाबा साहब की प्रतिमा के पास उपवास आज
‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत कांग्रेस पार्टी द्वारा 11 जनवरी को जींद शहर में रानी तालाब पर स्थित बाबा साहब डा. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा के पास एक दिवसीय उपवास रखा जाएगा। कांग्रेस जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने बताया कि इसमें पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता शामिल होंगे।

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