-मनरेगा खत्म करने के विरोध में बाबा साहब की प्रतिमा के पास रखा एक दिवसीय उपवास
जींद : कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बचाने के लिए जिले में आंदोलन तेज कर दिया है। ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जींद जिला मुख्यालय पर ऐतिहासिक रानी तालाब के समीप भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास एक दिवसीय उपवास रखकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान उन्होंंने मनरेगा बहाली की मांग को पुरजोर तरीक से उठाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से मेहनतकश, गरीब और ग्रामीण श्रमिकों की आवाज उठाती रही है। मनरेगा कांग्रेस सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि रही है, जिसके तहत देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों को हर वर्ष 100 दिन का रोजगार पाने का कानूनी अधिकार मिला। यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना और पलायन रोकने में भी सहायक सिद्ध हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान मोदी सरकार ने मनरेगा को कमजोर करते हुए इसे समाप्त कर ‘विकसित भारत रोजगार आजीविका मिशन अधिनियम (वीबीजी रामजी)’ जैसा नया कानून लागू किया है, जिससे मजदूर वर्ग के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि मनरेगा खत्म होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सिमट गए हैं और लाखों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी नहीं मिल रही, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रही है और आगे भी मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सडक़ से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डा. बीआर अंबेडकर और महात्मा गांधी ने सामाजिक न्याय और समानता का जो सपना देखा था, मनरेगा उसी दिशा में एक मजबूत कदम था। इसे खत्म करना संविधान की भावना के खिलाफ है। कांग्रेस पार्टी इस अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उपवास कार्यक्रम में शामिल हुए सोनीपत लोकसभा के कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने भी मनरेगा को पुन: प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग करते हुए केंद्र सरकार से मजदूर विरोधी नीतियां वापस लेने का आह्वान किया। इस मौके पर पूर्व प्रदेश प्रवक्ता जगबीर डिगाना, पूर्व चेयरमैन पवन दूहन, दिनेश डहोला, रामप्रसाद सरपंच, संदीप सरपंच, जयदीप लाठर, सुभाष अहलावत, सुमेर नायक, राजकुमार बाल्मीकि, धर्मपाल कटारिया, राजू लखीना,कुलवंत लाठर सरपंच, सुरेश शर्मा,पवन गर्ग, जगदीश मास्टर,ईशाक भट्टी, राजपाल लाठर, जगदीश बीबीपुर, धर्मपाल प्रधान,बंसीलाल गोहियाँ,मदनलाल धनवाल, सुलतान सिंह, जयदीप लाठर, विजय मोर, सुरेंद्र तलोडा, राज रानी श्योरान, मंजीत आसन, धर्मेंद्र दिलोड, जीतेन्द्र लाठर, बिमला सिवाच, नारायण जांगड़ा,तिलक राज मिगलानी सहित काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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