पशु डिस्पेंसरियों एवं अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों व मशीनें लगाएं : श्याम सिंह राणा
चंडीगढ़– हरियाणा के पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के जिन पशु अस्पतालों एवं पशु डिस्पेंसरियों में चिकित्सा उपकरणों व आधुनिक मशीनों की आवश्यकता है, उन्हें शीघ्र अपग्रेड कर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए, ताकि पशुओं का समय पर और प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पुराने और जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवनों का निर्माण किया जाए, जिससे पशुपालन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो।
श्री राणा आज यहां अपने कार्यालय में पशुपालन विभाग के अधिकारियों की बजट-पूर्व परामर्श बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान पशुपालन मंत्री ने पिछले वर्ष वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत आम बजट में विभाग को आवंटित बजट की अब तक की खर्च स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष बजट का निर्धारित समय-सीमा के भीतर पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि पशुपालकों को अधिकतम लाभ मिल सके।
बैठक में मंत्री को अवगत कराया गया कि वर्ष 2020–21 से अक्टूबर 2025 तक राज्य की गोशालाओं को लगभग 390.31 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई है। वहीं, बेसहारा पशुओं के पुनर्वास एवं बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 69.74 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 80.56 लाख रुपये पुनर्वासित बेसहारा पशुओं के लिए चारा अनुदान के रूप में वितरित किए जा चुके हैं।
अनुसूचित जाति वर्ग के पशुपालकों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। इस योजना के अंतर्गत अब तक 20,032 लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। इसी प्रकार भेड़-बकरी पालन योजना के तहत 15 मादा व 1 नर इकाई की स्थापना पर 90 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे 3,891 लाभार्थियों को लाभ मिला है।
महिला लाभार्थियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 20 से 50 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने हेतु लिए गए बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 2, 4 और 10 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने पर 25 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अब तक 14,168 डेयरी इकाइयाँ स्थापित की जा चुकी हैं।
राज्य में हरियाणा, साहीवाल और बेलाही जैसी देशी नस्लों के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए अधिक दूध देने वाली गायों के पालकों को 5,000 रुपये से 20,000 रुपये प्रति पशु तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
पशुपालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए तथा पशुपालन ढांचे को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
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