जींद : धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी जींद में होली पर्व के पावन अवसर पर अखिल भारतीय अग्रवाल समाज जींद की महिला इकाई द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ब्रज रसामृत एवं भव्य होली महोत्सव का आज विधिवत शुभारंभ हो गया। यह भव्य आयोजन सेवा सदन गांधी नगर जींद में आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा परिसर राधा-कृष्ण भक्ति के रंग में रंग गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रमुख समाजसेवी राजन चिल्लाना व अग्रवाल समाज के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजकुमार गोयल ने शिरकत की। दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। महिला इकाई की प्रधान पुष्पा अग्रवाल व अन्य पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। इस अवसर पर प्रधान पुष्पा अग्रवाल, पूर्व प्रधान डेजी जैन, सावर गर्ग, रामधन जैन, पवन बंसल, सोनू जैन, मनजीत सिंह, मोनिका, मंजू सिंगला, शीतल, रेनू गर्ग, मीनाक्षी, मोनिका, कमलेश, संतोष, कविता, कोकिला, ममता, शीतल, रेणु तायल, मीरा, मोनिका, रेणु, सुनीता गर्ग, अंजू सिंगला इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राजन चिल्लाना व राजकुमार गोयल ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। इन्होने कहा कि तीन दिवसीय होली महोत्सव का आयोजन कर महिला इकाई ने सराहनीय पहल की है, जिसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समय-समय पर होते रहने चाहिए ताकि समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे की भावना सुदृढ़ हो। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डा. राजकुमार गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि अग्रवाल समाज की महिला विंग पिछले कई वर्षों से समाज सेवा, धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रही है।
मथुरा से पधारे सुप्रसिद्ध कथा व्याख्याता अक्षित लाडली शरण ने ब्रज रसामृत पर अमृतमयी वाणी से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने ब्रज की पावन भूमि, राधा-कृष्ण की दिव्य लीलाओं और भक्ति रस की महिमा का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ब्रज की होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, समर्पण और भक्ति का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की लीलाएं हमें जीवन में प्रेम, आनंद और सकारात्मकता का संदेश देती हैं। होली पर बोलते हुए अक्षित लाडली शरण ने कहा कि होली का पर्व आपसी मतभेदों को मिटाकर एक-दूसरे को गले लगाने और प्रेम बांटने का अवसर है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि जीवन में रंग तभी आते हैं जब हृदय में भक्ति और प्रेम का भाव हो। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को आह्वान किया कि वे इस पर्व को मर्यादा, संस्कृति और आध्यात्मिक भाव से मनाएं।
अग्रवाल समाज महिला इकाई की प्रधान पुष्पा अग्रवाल ने कहा कि महिला विंग का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना के साथ-साथ सेवा भाव को भी प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय महोत्सव में प्रतिदिन भजन, संकीर्तन और विशेष होली उत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहेगा। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस महोत्सव का लाभ उठाएं। पूर्व प्रधान डेजी जैन एवं अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। इस प्रकार के आयोजनों से महिलाओं को भी समाज सेवा में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलता है और सामाजिक एकता मजबूत होती है। पहले दिन भजनों और संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालु राधा-कृष्ण के जयकारों के साथ झूमते नजर आए। तीन दिनों तक चलने वाले इस भव्य ब्रज रसामृत एवं होली महोत्सव को लेकर शहरवासियों में उत्साह का माहौल है। आयोजकों को विश्वास है कि यह आयोजन जींद की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में एक नई कड़ी जोड़ते हुए समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव का संदेश देगा।
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