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Tuesday, February 24, 2026

विज्ञान ज्योति पहल के अंतर्गत छात्राओं ने सीएमबीटी की विजिट की

विज्ञान ज्योति पहल के अंतर्गत छात्राओं ने सीएमबीटी की विजिट की
रोहतक :  महर्षि दयानन्द यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी में भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की प्रतिष्ठित विज्ञान ज्योति पहल के अंतर्गत 50 वरिष्ठ माध्यमिक विज्ञान छात्राओं ने शैक्षणिक विजिट की। इस योजना का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियंत्रण एवं गणित के क्षेत्र में उच्च अध्ययन और अनुसंधान हेतु प्रेरित करना तथा उन्नत वैज्ञानिक शिक्षा में लैंगिक असंतुलन को दूर करना है।
केंद्रीय विद्यालय संगठन, रोहतक की 27 तथा जवाहर नवोदय विद्यालय, रोहतक की 23 छात्राओं ने अपने अध्यापकों-डॉ. ओ. एस. शेखर सिंह, अनुपमा सेठ और लक्ष्मी राय के साथ केंद्र का भ्रमण किया। सीएमबीटी निदेशक डॉ हरि मोहन ने छात्राओं के इस दल का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि युवावस्था में वैज्ञानिक जिज्ञासा को दिशा देना राष्ट्र के भविष्य को सशक्त बनाने की आधारशिला है। उन्होंने अनुवादात्मक अनुसंधान, ज्ञान-विस्तार और शैक्षणिक-संशोधन सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने विभिन्न विशिष्ट प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। डॉ. अमिता सुनेजा डंग के मार्गदर्शन में छात्राओं ने निदान एवं जैव रासायनिक परीक्षण प्रयोगशाला का निरीक्षण किया, जहाँ रोग पहचान, जैवरासायनिक परीक्षण विधियों तथा आधुनिक विश्लेषण उपकरणों की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।
विषाणु अनुसंधान प्रयोगशाला में डॉ. हरि मोहन ने विषाणु जनित रोगों की संरचना, आणविक पहचान प्रणाली, प्रतिरक्षण विकास तथा नैनो प्रौद्योगिकी और जैव संवेदक आधारित परीक्षण प्रणालियों की जानकारी दी। कोशिका संवर्धन प्रयोगशाला में डॉ. रश्मि भारद्वाज ने स्तनधारी कोशिकाओं के संवर्धन, संरक्षण और जैव चिकित्सा अनुसंधान में उनके अनुप्रयोगों को सरल शब्दों में समझाया।
आनुवंशिकी एवं पर्यावरणीय महामारी विज्ञान प्रयोगशाला में डॉ. अनिल कुमार ने जीन संरचना, जीन अभिव्यक्ति अध्ययन तथा पर्यावरणीय जैव अनुश्रवण की मूल अवधारणाओं से छात्राओं को परिचित कराया और मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण संरक्षण में इनके महत्व को रेखांकित किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण ने छात्राओं को अत्याधुनिक अनुसंधान संरचना, वैज्ञानिक पद्धति और बहुविषयक दृष्टिकोण का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया।

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